Rollwise_Marks_ST_ADA_24_07_2026.pdf
2.2 MB
Hariyana ADA marks
▪️122 छात्रों ने रोल न. नहीं भरे या गलत भरे
▪️26 छात्रों ने OMR बुकलेट न. नहीं भरा
▪️254 छात्रों ने 10% से अधिक गोले नहीं भरे
▪️122 छात्रों ने रोल न. नहीं भरे या गलत भरे
▪️26 छात्रों ने OMR बुकलेट न. नहीं भरा
▪️254 छात्रों ने 10% से अधिक गोले नहीं भरे
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Jagran
धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से दिया इस्तीफा, पोस्ट में लिखा- युवाओं की भावनाओं का सम्मान - education minister dharmendra…
नीट छात्रों के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच बड़ी खबर आई है। छात्रों की मांग पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है।
उत्तर प्रदेश सिविल जज प्रारंभिक परीक्षा हेतु विषयवार नया बैच प्रारंभ : -
▪️यह बैच ऑनलाइन और केवल हिंदी माध्यम के लिए होगा ।
▪️यह विषयवार होगा, अर्थात प्रत्येक विषय की फीस अलग अलग होगी ।
▪️इसमें केवल उपरोक्त विषय ही कवर कराए जाएंगे । जोकि अन्य राज्यों के लिए भी उपयोगी होंगे ।
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नोट:- सामान्य ज्ञान के सभी 9 माइनर एक्ट की फीस अलग अलग नहीं है । बल्कि सभी विषयों की संयुक्त फीस 500 ₹ होगी ।
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जिस किसी को पढ़ाना है वह -
संपर्क करें -
📞 9808498409
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▪️यह बैच ऑनलाइन और केवल हिंदी माध्यम के लिए होगा ।
▪️यह विषयवार होगा, अर्थात प्रत्येक विषय की फीस अलग अलग होगी ।
▪️इसमें केवल उपरोक्त विषय ही कवर कराए जाएंगे । जोकि अन्य राज्यों के लिए भी उपयोगी होंगे ।
बैच 01 अगस्त 2026 से शुरू होगा :-
▪️विधिशास्त्र : 200 ₹ (सुबह 7 बजे)
▪️भारतीय संविधान : 500 ₹ (रात 8 बजे)
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नोट:- सामान्य ज्ञान के सभी 9 माइनर एक्ट की फीस अलग अलग नहीं है । बल्कि सभी विषयों की संयुक्त फीस 500 ₹ होगी ।
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Bihar excise act, 2022.pdf
272.3 KB
Bihar APO Mains Miner Act (Bare Act)
▪️बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016
▪️संशोधन - 2018, 2020 और 2022
▪️परीक्षा मे केवल अध्याय 6 और 8 से ही प्रश्न आयेंगे।
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▪️बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016
▪️संशोधन - 2018, 2020 और 2022
▪️परीक्षा मे केवल अध्याय 6 और 8 से ही प्रश्न आयेंगे।
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Bihar excise rule, 2022.pdf
878.6 KB
Bihar APO Mains Miner Act (Bare Act)
▪️बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद नियमावली, 2021
▪️बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद नियमावली, 2022
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▪️बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद नियमावली, 2021
▪️बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद नियमावली, 2022
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एक अधिकारी एक सरकारी गाड़ी
केंद्र सरकार ने एक अधिकारी, एक सरकारी गाड़ी (One Officer, One Official Car) नीति लागू की है, जिसके तहत किसी भी अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार मिलने पर दूसरी गाड़ी नहीं मिलेगी, और वाहनों के दुरुपयोग को रोका जाएगा।
▪️अतिरिक्त प्रभार: यदि किसी अधिकारी के पास किसी अन्य मंत्रालय, विभाग, पीएसयू या स्वायत्त संस्था का अतिरिक्त चार्ज है, तब भी उन्हें केवल एक ही सरकारी वाहन मिलेगा।
▪️उद्देश्य: इस नीति का मुख्य लक्ष्य सरकारी खर्च में कटौती करना, वित्तीय अनुशासन बढ़ाना और वाहनों के निजी या अनधिकृत उपयोग पर रोक लगाना है।
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भदोही जिले नाम पुन: होगा संत कबीर नगर
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जुलाई 2026 में संत रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर भदोही जिले का नाम बदलकर पुनः संत रविदास नगर करने की घोषणा की है। राजनीतिक बदलावों के कारण इस जिले का नाम इतिहास में कई बार बदला जा चुका है।
नाम बदलने का इतिहास
▪️30 जून 1994: मुलायम सिंह यादव सरकार द्वारा भदोही को नया 65वां जिला बनाया गया।
▪️4 दिसंबर 1997: मायावती सरकार ने इसका नाम बदलकर पहली बार संत रविदास नगर कर दिया।
▪️12 नवंबर 1999: रामप्रकाश गुप्ता सरकार ने इसका नाम संत रविदास नगर भदोही कर दिया।
▪️6 दिसंबर 2014: अखिलेश यादव सरकार ने नाम बदलकर फिर से केवल भदोही कर दिया।
▪️जुलाई 2026: योगी आदित्यनाथ सरकार ने इसे दोबारा संत रविदास नगर करने का ऐलान किया।
पड़ोसी जिलों की दिशाएं
▪️उत्तर: जौनपुर जिला
▪️पूर्व: वाराणसी जिला
▪️दक्षिण: मिर्जापुर जिला
▪️पश्चिम: प्रयागराज (इलाहाबाद) जिला
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जुलाई 2026 में संत रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर भदोही जिले का नाम बदलकर पुनः संत रविदास नगर करने की घोषणा की है। राजनीतिक बदलावों के कारण इस जिले का नाम इतिहास में कई बार बदला जा चुका है।
नाम बदलने का इतिहास
▪️30 जून 1994: मुलायम सिंह यादव सरकार द्वारा भदोही को नया 65वां जिला बनाया गया।
▪️4 दिसंबर 1997: मायावती सरकार ने इसका नाम बदलकर पहली बार संत रविदास नगर कर दिया।
▪️12 नवंबर 1999: रामप्रकाश गुप्ता सरकार ने इसका नाम संत रविदास नगर भदोही कर दिया।
▪️6 दिसंबर 2014: अखिलेश यादव सरकार ने नाम बदलकर फिर से केवल भदोही कर दिया।
▪️जुलाई 2026: योगी आदित्यनाथ सरकार ने इसे दोबारा संत रविदास नगर करने का ऐलान किया।
पड़ोसी जिलों की दिशाएं
▪️उत्तर: जौनपुर जिला
▪️पूर्व: वाराणसी जिला
▪️दक्षिण: मिर्जापुर जिला
▪️पश्चिम: प्रयागराज (इलाहाबाद) जिला
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मध्य प्रदेश बना UCC बिल पास करने वाला चौथा राज्य
मध्य प्रदेश विधानसभा ने जुलाई 2026 में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पारित कर दिया है, जिससे यह उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद ऐसा कानून लाने वाला चौथा राज्य बन गया है। यह कानून बहुविवाह पर रोक, अनिवार्य विवाह पंजीकरण और लिव-इन रिलेशनशिप की एक महीने के भीतर घोषणा जैसे प्रावधान तय करता है।
प्रमुख प्रावधान
▪️बहुविवाह पर पूर्ण प्रतिबंध और विवाह की न्यूनतम आयु लड़कों के लिए 21 तथा लड़कियों के लिए 18 वर्ष तय की गई है। इसके लिए ग्रामीण स्तर तक शादी का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है।
▪️लिव-इन में रहने वाले जोड़ों को एक महीने के भीतर रजिस्ट्रार के पास अपनी घोषणा (रजिस्ट्रेशन) देनी होगी।
▪️माता-पिता की पैतृक संपत्ति में बेटियों और बेटों को समान अधिकार दिए गए हैं।
▪️आदिवासी समुदायों को इस कानून के दायरे से बाहर रखा गया है।
▪️तीन तलाक और निकाह हलाला जैसी प्रथाओं को प्रतिबंधित और अपराध की श्रेणी में शामिल किया गया है।
▪️विधानसभा से पास होने के बाद बिल को राज्यपाल के माध्यम से आगे की मंजूरी के लिए भेजा गया है।
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राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 (वंदे मातरम् बिल) पारित
जुलाई 2026 के मानसून सत्र में संसद ने राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी है। इसे वंदे मातरम् बिल के नाम से भी जाना जाता है । इसका उद्देश्य राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को राष्ट्रगान के समान कानूनी संरक्षण देना है।
राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 (वंदे मातरम् बिल) पारित
जुलाई 2026 के मानसून सत्र में संसद ने राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी है। इसे वंदे मातरम् बिल के नाम से भी जाना जाता है । इसका उद्देश्य राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को राष्ट्रगान के समान कानूनी संरक्षण देना है।
विधेयक के प्रमुख प्रावधानJoin https://t.me/AoneJa
▪️मूल अधिनियम में संशोधन: यह विधेयक राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, 1971 (Prevention of Insults to National Honour Act, 1971) में संशोधन करता है।
▪️दंड का प्रावधान: राष्ट्रीय गीत का अपमान करने या इसके गायन में जानबूझकर बाधा डालने पर 3 साल तक की जेल, जुर्माना, या दोनों सजायें हो सकती हैं।
▪️अपराध की प्रकृति: गीत का अनादर करना अब एक वैधानिक अपराध की श्रेणी में आएगा।
वंदे मातरम् से जुड़े महत्वपूर्ण ऐतिहासिक तथ्य
▪️रचयिता: बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय।
▪️मूल स्रोत: यह प्रसिद्ध बंगाली उपन्यास आनंदमठ (1882) से लिया गया है।
▪️प्रथम राजनीतिक गायन: 1896 के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा पहली बार गाया गया।
▪️आधिकारिक स्वीकृति: संविधान सभा द्वारा 24 जनवरी 1950 को इसे राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाया गया था।
संबंधित संवैधानिक प्रावधान
▪️अनुच्छेद 51A (a): यह नागरिकों का मौलिक कर्तव्य है कि वे संविधान, राष्ट्रध्वज और राष्ट्रगान का आदर करें।
▪️वैधानिक विस्तार: इस नए संशोधन विधेयक के माध्यम से अब राष्ट्रीय गीत को भी इस सुरक्षा के दायरे में विधिवत शामिल कर लिया गया है।
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