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एक कचौड़ी, दो समोसा...': नारों का तीखापन किसी व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि सत्ता और व्यवस्था के प्रति आक्रोश है
दिल्ली यूनिवर्सिटी में महिला सुरक्षा और एक 17 वर्षीय लड़की के साथ हुए यौन उत्पीड़न के खिलाफ हुए हालिया विरोध प्रदर्शनों के दौरान कई नए और तीखे नारे सामने आए। जिनमें मुख्य हैं:
1. एक कचौड़ी, दो समोसा... इन मर्दों का क्या भरोसा!
2. एक सुट्टा, दो चाय... मर्द जात हाय-हाय!
3. शर्म नहीं है मर्दों में, औरत क्यों है पर्दों में।
4. नहीं किसी के बाप की, नारी अपने आप की।
5. मुन्ना करे कुछ भी कांड, हर बार होगी मुन्नी बदनाम।
ये नारे पहली बार सुनने में थोड़े मजाकिया या हल्के लग सकते हैं, लेकिन इनके भीतर महिलाओं का सालों से जमा गुस्सा और असुरक्षा छिपी है।
सोशल मीडिया पर जो बहस चल रही है, उसमें बहुत से लोग नारे के शब्दों (एक कचौड़ी, दो समोसा...) को पकड़कर बैठ गए हैं, और इस तर्क पर विरोध कर रहे है कि सभी मर्द एक जैसे नहीं होते, लेकिन उस नारे के पीछे की गहरी हताशा, डर और उस पुरुषवादी सोच को नहीं देख पा रहे हैं जिससे तंग आकर लड़कियों ने यह बात कही।
▪️लोग इस बात पर तो गुस्सा ज़ाहिर कर रहे हैं कि मर्दों का भरोसा क्यों नहीं?, लेकिन वे इस बात पर आत्मचिंतन नहीं कर रहे कि आख़िर ऐसा क्या हुआ कि देश की सबसे प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी की छात्राओं को सड़कों पर उतरकर ऐसा नारा लगाना पड़ा।
▪️जब समाज के किसी विशेषाधिकार प्राप्त वर्ग पर उंगली उठाई जाती है, तो वे अपनी कमियों को सुधारने के बजाय तुरंत रक्षात्मक हो जाते हैं और खुद को पीड़ित दिखाने की कोशिश करने लगते हैं।
लड़कियों का यह गुस्सा अचानक नहीं फूटा है। इसके पीछे सदियों की वह पुरुषवादी मानसिकता है जो आज भी महिलाओं को एक स्वतंत्र इंसान नहीं, बल्कि एक वस्तु या कमतर समझती है:
▪️सड़क से लेकर घर तक असुरक्षा: महिलाओं को घर से बाहर निकलने पर हर मोड़ पर घूरती नजरों, फब्तियों और अनचाहे स्पर्श का सामना करना पड़ता है।
▪️बराबरी का दिखावा: समाज ऊपर से भले ही आधुनिक दिख रहा हो, लेकिन आज भी कई पुरुषों की मानसिकता यही है कि लड़कियों को अपनी हद में रहना चाहिए। जब महिलाएं इस मानसिकता को चुनौती देती हैं, तो उसे सोशल मीडिया पर बकवास या मीम्स बनाकर दबाने का प्रयास किया जाता है।
जब भी महिलाएं अपनी सुरक्षा और पुरुषों के हिंसक व्यवहार पर बात करती हैं, तो तुरंत जवाब आता है - सब मर्द एक जैसे नहीं होते।
▪️यह बात सच है कि सब एक जैसे नहीं होते, लेकिन समस्या यह है कि इस तर्क का इस्तेमाल अक्सर अपराधियों को बचाने या असल समस्या से पल्ला झाड़ने के लिए किया जाता है।
▪️जब तक समाज के अच्छे पुरुष अपने आस-पास के बुरे पुरुषों की घटिया हरकतों और सोच का विरोध नहीं करेंगे, तब तक महिलाओं का यह अविश्वास और गुस्सा कम नहीं हो सकता।
सोशल मीडिया की ट्रोलिंग इस मुद्दे की गंभीरता को कम कर रही है। यह नारा कोई पुरुषों से नफ़रत का घोषणापत्र नहीं है, बल्कि यह उस सिस्टम और मानसिकता के खिलाफ एक करारा तंज है जो महिलाओं को एक सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल देने में लगातार नाकाम रहा है।
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#current_affairs
कैप्टन स्मित मच्छार (जिन्हें मीडिया में सुमित/स्मित मच्छर भी लिखा जा रहा है) अक्टूबर 2026 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तब सुर्खियों में आए, जब उन्होंने फ्लाईदुबई विमान FZ1073 को एक बड़ी आतंकी त्रासदी से सुरक्षित बचा लिया। मध्य हवा में उनके सह-पायलट द्वारा किए गए जानलेवा हमले के बावजूद उन्होंने सूझबूझ दिखाई और विमान में सवार 174 यात्रियों की जान बचाई।
▪️यह घटना 30 सितंबर 2026 को हुई। फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 ने दुबई से तेल अवीव (इजराइल) के लिए उड़ान भरी थी।
▪️विमान जब 34,000 फीट की ऊंचाई पर था, तब ओमानी मूल के को-पायलट (सह-पायलट) ने विमान को क्रैश करने या हाईजैक करने के इरादे से कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
▪️गंभीर रूप से घायल और लहूलुहान होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने इमरजेंसी सिग्नल (7700 और 7500 कोड) भेजे और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे यात्रियों और केबिन क्रू को हमलावर को काबू करने में मदद मिली।
▪️इसके बाद विमान को सऊदी अरब के ताबुक हवाई अड्डे पर आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित लैंड कराया गया।
वैश्विक स्तर पर प्रशंसा
कैप्टन स्मित की इस बहादुरी को दुनिया भर में 9/11 जैसी त्रासदी को टालने वाला कदम बताया गया:
▪️भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनसे बात की और उन्हें सच्चा हीरो कहा।
▪️इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने खुद उनसे अस्पताल में मुलाकात की और इजराइल उन्हें विशेष रूप से सम्मानित कर रहा है।
▪️अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी ओवल ऑफिस से उनकी वीरता की सराहना करते हुए उन्हें नायक बताया।
▪️गुजरात सरकार ने उन्हें विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार देने की घोषणा की है ।
कैप्टन स्मित मच्छार के बारे में
▪️मूल निवासी: वह मूल रूप से भारत के मुंबई (महाराष्ट्र)/गुजरात से संबंध रखते हैं।
▪️ करियर: उनके पास लगभग 13 साल और 9,750 से अधिक उड़ान घंटों का लंबा एविएशन अनुभव है। फ्लाईदुबई में वर्ष 2022 में शामिल होने से पहले उन्होंने लगभग 11 साल तक भारतीय विमानन कंपनी स्पाइसजेट में काम किया था।
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चर्चित व्यक्ति कैप्टन स्मित मच्छार
कैप्टन स्मित मच्छार (जिन्हें मीडिया में सुमित/स्मित मच्छर भी लिखा जा रहा है) अक्टूबर 2026 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तब सुर्खियों में आए, जब उन्होंने फ्लाईदुबई विमान FZ1073 को एक बड़ी आतंकी त्रासदी से सुरक्षित बचा लिया। मध्य हवा में उनके सह-पायलट द्वारा किए गए जानलेवा हमले के बावजूद उन्होंने सूझबूझ दिखाई और विमान में सवार 174 यात्रियों की जान बचाई।
▪️यह घटना 30 सितंबर 2026 को हुई। फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 ने दुबई से तेल अवीव (इजराइल) के लिए उड़ान भरी थी।
▪️विमान जब 34,000 फीट की ऊंचाई पर था, तब ओमानी मूल के को-पायलट (सह-पायलट) ने विमान को क्रैश करने या हाईजैक करने के इरादे से कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
▪️गंभीर रूप से घायल और लहूलुहान होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने इमरजेंसी सिग्नल (7700 और 7500 कोड) भेजे और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे यात्रियों और केबिन क्रू को हमलावर को काबू करने में मदद मिली।
▪️इसके बाद विमान को सऊदी अरब के ताबुक हवाई अड्डे पर आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित लैंड कराया गया।
वैश्विक स्तर पर प्रशंसा
कैप्टन स्मित की इस बहादुरी को दुनिया भर में 9/11 जैसी त्रासदी को टालने वाला कदम बताया गया:
▪️भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनसे बात की और उन्हें सच्चा हीरो कहा।
▪️इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने खुद उनसे अस्पताल में मुलाकात की और इजराइल उन्हें विशेष रूप से सम्मानित कर रहा है।
▪️अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी ओवल ऑफिस से उनकी वीरता की सराहना करते हुए उन्हें नायक बताया।
▪️गुजरात सरकार ने उन्हें विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार देने की घोषणा की है ।
कैप्टन स्मित मच्छार के बारे में
▪️मूल निवासी: वह मूल रूप से भारत के मुंबई (महाराष्ट्र)/गुजरात से संबंध रखते हैं।
▪️ करियर: उनके पास लगभग 13 साल और 9,750 से अधिक उड़ान घंटों का लंबा एविएशन अनुभव है। फ्लाईदुबई में वर्ष 2022 में शामिल होने से पहले उन्होंने लगभग 11 साल तक भारतीय विमानन कंपनी स्पाइसजेट में काम किया था।
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Rajasthan APO 2026
प्रारंभिक परीक्षा के अपने मार्क्स देखे
Link
https://rpsc.rajasthan.gov.in/resultsearch?Frm=TYPE1B&Pie=APO_PRE_2026_05102026
प्रारंभिक परीक्षा के अपने मार्क्स देखे
Link
https://rpsc.rajasthan.gov.in/resultsearch?Frm=TYPE1B&Pie=APO_PRE_2026_05102026
एशियन गेम्स 2026
▪️जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारत कुल 85 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा।
▪️एशियाई खेलों का यह 20वां संस्करण 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया गया था।
▪️आयोजन स्थल: आइची और नागोया, जापान
▪️ शुभंकर / मोटो: इमेजिन वन एशिया (Imagine One Asia)
▪️उद्घाटन समारोह में भारतीय दल की अगुवाई दो स्टार खिलाड़ियों ने संयुक्त रूप से की:
1. मनु भाकर : भारत की प्रसिद्ध निशानेबाज ।
2. पवन सहरावत : भारत के स्टार कबड्डी खिलाड़ी
▪️नीरू ढांडा : भारत की स्टार ट्रैप शूटर । गेम्स में दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीतने के शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें समापन समारोह में तिरंगा थामने का गौरव प्राप्त हुआ।
▪️अगला संस्करण (2030): दोहा, कतर
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अब देश में पांच यूनिवर्सिटी 'क्लासिकल लैंग्वेज' पढ़ाएंगी:शिक्षा मंत्रालय ने असमिया, बंगाली, मराठी, पाली और प्राकृत भाषा को मंजूरी दीशिक्षा मंत्रालय 3 अक्टूबर को शास्त्रीय भाषाओं यानी क्लासकिल लैंग्वेज के लिए पांच हायर एजुकेशन सेंटर स्थापित करने की मंजूरी दी। हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट के मुताबिक, ये सेंटर क्लासिकल असमिया, क्लासिकल बंगाली, क्लासिकल मराठी, क्लासिकल पाली और क्लासिकल प्राकृत के अध्ययन के लिए बनाए जाएंगे।
विधिशास्त्र समझये सरल भाषा मे
https://youtube.com/playlist?list=PL-P6yjw35mGUj7W35IZ8W2_bh4QxOvKnC&si=62d3LRw1IHA5tkEB
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📌 RO/ARO का विज्ञापन तैयार, उम्मीद है अगले 10 दिन में आ जाए |
📌 RO/ARO कुल पद 500+ ( जिसमें RO- 120+, ARO- 325+, सचिवालय- 80+ )
📌 PRE परीक्षा जनवरी से फ़रवरी तक संभावित |
📌 UPPSC RO ARO परीक्षा पाठ्यक्रम 📙
*PRE : 200 प्रश्न*
1- 140 प्रश्न GS
2- 60 प्रश्न हिंदी
👉 *Mains* :
1- GS ( 2 पेपर होगे - पेपर 1 और पेपर 2 )
2- निबंध
📌 RO/ARO कुल पद 500+ ( जिसमें RO- 120+, ARO- 325+, सचिवालय- 80+ )
📌 PRE परीक्षा जनवरी से फ़रवरी तक संभावित |
📌 UPPSC RO ARO परीक्षा पाठ्यक्रम 📙
*PRE : 200 प्रश्न*
1- 140 प्रश्न GS
2- 60 प्रश्न हिंदी
👉 *Mains* :
1- GS ( 2 पेपर होगे - पेपर 1 और पेपर 2 )
2- निबंध
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अब CJI ने बोला मक्खी मारने के लिए हथौड़े का प्रयोग नहीं : संभवतः उनका इशारा आज के CJP प्रदर्शन को रोकने के लिए तीखा तंज है ।
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