सुना है UPPSC RO/ARO 2023
Migration संबंधी Writ खारिज कर दी गयी ?
अगर ऐसा है तो UP APO की Writ भी खारिज कर दी जायेगी और जल्द ही, एक हफ्ते के अंदर परिणाम आ जायेगा।
Migration संबंधी Writ खारिज कर दी गयी ?
अगर ऐसा है तो UP APO की Writ भी खारिज कर दी जायेगी और जल्द ही, एक हफ्ते के अंदर परिणाम आ जायेगा।
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पढ़ने और रहने के खर्च के लिए खून बेच रहे UP के छात्र
दैनिक भास्कर की एक विशेष खोजी रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश के कई शहरों (जैसे लखनऊ और प्रयागराज) में प्रतियोगी परीक्षाओं (NEET और SSC) की तैयारी कर रहे कुछ छात्र कोचिंग, हॉस्टल और मेस की फीस भरने के लिए अपना खून बेचने को मजबूर हैं। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद शिक्षा व्यवस्था, छात्रों की आर्थिक तंगी और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
▪️गरीब और किसान परिवारों से आने वाले इन छात्रों पर महंगी कोचिंग फीस, रूम रेंट और मेस के खर्च का भारी दबाव है।
▪️छात्रों का तर्क: अंडरकवर रिपोर्टर के कैमरे पर छात्रों ने अपनी मजबूरी जाहिर करते हुए कहा, खून तो फिर बन जाएगा, लेकिन पढ़ाई का मौका दोबारा नहीं मिलेगा। अगर अभी पढ़ाई नहीं की, तो जिंदगी भर बेरोजगार रह जाऊंगा।
▪️खून बेचने की आवृत्ति: कुछ छात्र अपने खर्च पूरे करने के लिए महीने में 2 से 4 बार तक अवैध रूप से खून बेच रहे हैं, जो उनके स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है।
प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई
▪️रैकेट का भंडाफोड़: इस मामले के समानांतर, लखनऊ के संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान के बाहर अवैध रूप से खून बेचने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है।
▪️आरोपियों की गिरफ्तारी: पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों (जिनमें बीबीडी यूनिवर्सिटी के इंजीनियरिंग छात्र पवन, अमन, भावेश और अन्य शामिल हैं) के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। ये लोग तीमारदारों से एक यूनिट खून के ₹8,000 तक वसूलते थे।
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𝐀 𝐨𝐧𝐞 𝐉𝐮𝐝𝐢𝐜𝐢𝐚𝐥 𝐀𝐜𝐚𝐝𝐞𝐦𝐲 (करें अपनी तैयारी बेहतर)
बिहार APO प्रारंभिक परीक्षा की मार्कशीट जारी
आयोग ने 3 नवंबर तक का समय दिया है आपत्ति करने का । अगर कोई आपत्ति आती भी है तो मुझे लगता है अधिकतम एक हफ्ते में उसका निस्तारण हो जाएगा । अत: 10 नवंबर तक प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट आपके समक्ष होगा । यह आयोग पहले से ही देरी किया हुआ है ।
कॉलेजियम सिस्टम सरकार द्वारा जजों की नियुक्ति करने की तरह काम करता है: जस्टिस रेखा शर्मा
https://hindi.livelaw.in/category/news-updates/collegium-system-works-just-like-government-appointing-judges-justice-rekha-sharma-556263
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कॉलेजियम सिस्टम सरकार द्वारा जजों की नियुक्ति करने की तरह काम करता है: जस्टिस रेखा शर्मा
दिल्ली हाईकोर्ट की रिटायर्ड जज जस्टिस रेखा शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की आलोचना करते हुए कहा कि यह उस पुरानी व्यवस्था से बेहतर नहीं है, जिसमें सरकार जजों की नियुक्ति करती थी। उन्होंने कहा कि...
इलाहाबाद हाईकोर्ट में आज क्या बवाल हो गया ?
सुना है वकीलों ने जज साहब को कूट दिया ...तोड़ फोड़ कर दिया उनकी कोर्ट में
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🚨 BIG BREAKING | उत्तर प्रदेश
यूपी में सरकारी नौकरी के लिए नए नियम! हिंसक तरीके से सत्ता परिवर्तन की साजिश में शामिल लोगों पर नौकरी का संकट!
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सरकारी नौकरियों में चरित्र सत्यापन के नियम सख्त कर दिए हैं।
नए निर्देशों के मुताबिक, हिंसा के जरिए सरकार बदलने या सत्ता परिवर्तन कराने की गतिविधियों में शामिल अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य ठहराया जा सकता है।
नियुक्ति विभाग के प्रमुख सचिव एम. देवराज की ओर से जारी निर्देश सरकारी विभागों, निगमों, परिषदों और स्थानीय निकायों की सीधी भर्ती पर लागू होंगे।
हालांकि, केवल राजनीतिक विचारधारा, एफआईआर दर्ज होने या जांच लंबित रहने के आधार पर किसी अभ्यर्थी को स्वतः अयोग्य नहीं माना जाएगा।
पुलिस को चरित्र सत्यापन की रिपोर्ट 30 दिनों के भीतर देनी होगी। पहले से सरकारी सेवा में कार्यरत कर्मचारियों के लिए नए सिरे से चरित्र सत्यापन अनिवार्य नहीं होगा।
बड़ा सवाल हिंसक गतिविधियों में संलिप्तता का निर्धारण कैसे होगा और अभ्यर्थियों के अधिकारों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी?
~ Copied
यूपी में सरकारी नौकरी के लिए नए नियम! हिंसक तरीके से सत्ता परिवर्तन की साजिश में शामिल लोगों पर नौकरी का संकट!
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सरकारी नौकरियों में चरित्र सत्यापन के नियम सख्त कर दिए हैं।
नए निर्देशों के मुताबिक, हिंसा के जरिए सरकार बदलने या सत्ता परिवर्तन कराने की गतिविधियों में शामिल अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य ठहराया जा सकता है।
नियुक्ति विभाग के प्रमुख सचिव एम. देवराज की ओर से जारी निर्देश सरकारी विभागों, निगमों, परिषदों और स्थानीय निकायों की सीधी भर्ती पर लागू होंगे।
हालांकि, केवल राजनीतिक विचारधारा, एफआईआर दर्ज होने या जांच लंबित रहने के आधार पर किसी अभ्यर्थी को स्वतः अयोग्य नहीं माना जाएगा।
पुलिस को चरित्र सत्यापन की रिपोर्ट 30 दिनों के भीतर देनी होगी। पहले से सरकारी सेवा में कार्यरत कर्मचारियों के लिए नए सिरे से चरित्र सत्यापन अनिवार्य नहीं होगा।
बड़ा सवाल हिंसक गतिविधियों में संलिप्तता का निर्धारण कैसे होगा और अभ्यर्थियों के अधिकारों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी?
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क्या होता है MLC और उसका चुनाव ?
MLC का मतलब होता है Member of Legislative Council (विधान परिषद सदस्य)। जैसे देश में संसद के दो सदन होते हैं (लोकसभा और राज्यसभा), वैसे ही भारत के 6 राज्यों (उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना) में दो सदन होते हैं - विधानसभा और विधान परिषद।
विधानसभा के सदस्य को MLA (विधायक) कहते हैं और विधान परिषद के सदस्य को MLC (विधान पार्षद) कहते हैं।
सरल शब्दों में कहें तो, MLA सीधे जनता के वोटों से चुना जाता है, जबकि MLC का चुनाव अप्रत्यक्ष होता है। इसके चुनाव और वोटों की गिनती का तरीका आम चुनावों से बिल्कुल अलग होता है ।
MLC का चुनाव कैसे होता है? (कौन वोट देता है?)
MLC के चुनाव में आम जनता सीधे पोलिंग बूथ पर जाकर वोट नहीं देती। इसकी सीटें 5 अलग-अलग हिस्सों में बंटी होती हैं:
▪️ 1/3 सदस्य (विधायकों द्वारा): इन्हें राज्य के वर्तमान विधायक (MLAs) वोट डालकर चुनते हैं।
▪️1/3 सदस्य (स्थानीय निकायों द्वारा): इन्हें आपके क्षेत्र के नगर पालिका, नगर निगम, जिला पंचायत और वार्ड कमिश्नर जैसे चुने हुए प्रतिनिधि वोट देकर चुनते हैं।
▪️ 1/12 सदस्य (स्नातक द्वारा): उस राज्य के वो युवा वोट देते हैं जिन्होंने कम से कम 3 साल पहले अपनी ग्रेजुएशन (डिग्री) पूरी कर ली है और वोटर के तौर पर रजिस्ट्रेशन कराया है।
▪️1/12 सदस्य (शिक्षकों द्वारा): इन्हें वो शिक्षक चुनते हैं जो कम से कम 3 साल से माध्यमिक स्कूल या उससे ऊपर की कक्षाओं में पढ़ा रहे हैं।
▪️1/6 सदस्य (राज्यपाल द्वारा मनोनीत): इनके लिए कोई चुनाव नहीं होता। राज्यपाल कला, विज्ञान, साहित्य और समाज सेवा से जुड़े दिग्गजों को सीधे सदस्य बना देते हैं।
मतदान का तरीका (EVM नहीं, बैलेट पेपर)
आम चुनाव में आप EVM का बटन दबाकर किसी एक उम्मीदवार को चुनते हैं, लेकिन MLC चुनाव में बैलेट पेपर (मतपत्र) का इस्तेमाल होता है।Join 👉 https://t.me/AoneJa
इसे वरीयता मतदान कहते हैं। इसमें वोटर को किसी एक को नहीं, बल्कि सभी उम्मीदवारों को अपनी पसंद के अनुसार रैंक देनी होती है (जैसे- पेन से उम्मीदवार के नाम के आगे 1, 2, 3 लिखना होता है)।
▪️ '1' का मतलब है आपकी पहली पसंद (First Preference)।
▪️ '2' का मतलब दूसरी पसंद, इत्यादि।
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