भारतीय नौसेना के पहले स्वदेशी कैडेट प्रशिक्षण जहाज ‘कृष्णा’ का जलावतरण
भारतीय नौसेना के लिए मेसर्स एल एंड टी शिपयार्ड द्वारा बनाए जा रहे तीन स्वदेशी कैडेट प्रशिक्षण जहाजों में से पहले जहाज का चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान की उपस्थिति में चेन्नई के कट्टुपल्ली स्थित एल एंड टी शिपयार्ड में जलावतरण किया गया।
समुद्री परंपराओं के अनुरूप, जहाज का शुभारंभ डीडब्ल्यूडब्ल्यूए की अध्यक्ष अनुपमा ने किया।
देश की तीसरी सबसे लंबी नदी कृष्णा नदी के सम्मान में इस पोत का नाम ‘कृष्णा’ रखा गया है।
भारतीय नौसेना के लिए मेसर्स एल एंड टी शिपयार्ड द्वारा बनाए जा रहे तीन स्वदेशी कैडेट प्रशिक्षण जहाजों में से पहले जहाज का चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान की उपस्थिति में चेन्नई के कट्टुपल्ली स्थित एल एंड टी शिपयार्ड में जलावतरण किया गया।
समुद्री परंपराओं के अनुरूप, जहाज का शुभारंभ डीडब्ल्यूडब्ल्यूए की अध्यक्ष अनुपमा ने किया।
देश की तीसरी सबसे लंबी नदी कृष्णा नदी के सम्मान में इस पोत का नाम ‘कृष्णा’ रखा गया है।
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एनएचएआई ने राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे मधुमक्खी गलियारे विकसित करने की घोषणा की
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण -एनएचएआई ने राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे मधुमक्खी गलियारे विकसित करने की घोषणा की है। यह पहल सतत और पर्यावरण के अनुकूल अवसंरचना विकास के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने कहा है कि इस पहल के साथ, एनएचएआई मधुमक्खी-अनुकूल वनस्पतियों का निर्माण करके पारिस्थितिक पौधरोपण की ओर अग्रसर होगा।
यह कदम परागणकों पर बढ़ते पारिस्थितिक तनाव के बीच उठाया गया है, जिसने परागण सेवाओं, कृषि और बागवानी उत्पादकता और समग्र पारिस्थितिक संतुलन पर प्रतिकूल असल डाला है।
कृषि-जलवायु परिस्थितियों और स्थानीय उपयुक्तता के आधार पर, ऐसे गलियारे राष्ट्रीय राजमार्गों और एनएचएआई की भूमि पर विकसित किए जाएँगे।
एनएचएआई ने 2026-27 में राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे लगभग 40 लाख पौधे रोपने की योजना बनाई है, जिनमें से लगभग 60 प्रतिशत मधुमक्खी गलियारा पहल के अंतर्गत होंगे
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण -एनएचएआई ने राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे मधुमक्खी गलियारे विकसित करने की घोषणा की है। यह पहल सतत और पर्यावरण के अनुकूल अवसंरचना विकास के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने कहा है कि इस पहल के साथ, एनएचएआई मधुमक्खी-अनुकूल वनस्पतियों का निर्माण करके पारिस्थितिक पौधरोपण की ओर अग्रसर होगा।
यह कदम परागणकों पर बढ़ते पारिस्थितिक तनाव के बीच उठाया गया है, जिसने परागण सेवाओं, कृषि और बागवानी उत्पादकता और समग्र पारिस्थितिक संतुलन पर प्रतिकूल असल डाला है।
कृषि-जलवायु परिस्थितियों और स्थानीय उपयुक्तता के आधार पर, ऐसे गलियारे राष्ट्रीय राजमार्गों और एनएचएआई की भूमि पर विकसित किए जाएँगे।
एनएचएआई ने 2026-27 में राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे लगभग 40 लाख पौधे रोपने की योजना बनाई है, जिनमें से लगभग 60 प्रतिशत मधुमक्खी गलियारा पहल के अंतर्गत होंगे
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आईएनएस सुमेधा से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किया इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू का निरीक्षण
सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु विशाखपट्टणम तट पर इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू -आईएफआर 2026 में शामिल हुई।
यह अभ्यास भारत की बढ़ती समुद्री क्षमता और वैश्विक नौसैनिक सहयोग के प्रति देश की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। राष्ट्रपति ने आईएनएस सुमेधा पर सवार होकर 71 भारतीय और विदेशी जहाजों के विशाल समूह का निरीक्षण किया।
इस बेड़े में समुद्री भागीदारी के पैमाने और विविधता को दर्शाते हुए भारतीय नौसेना के 45 जहाज, 19 अतिथि युद्धपोत और तटरक्षक बल, व्यापारिक नौसेना और अनुसंधान संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाले अन्य जहाज शामिल हैं। विशाखापट्टणम वर्ष 2016 के बाद दूसरी बार अंतर्राष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा की मेजबानी कर रहा है।
इससे पहले 2001 में मुंबई और 2016 में विशाखापत्तनम में फ्लीट रीव्यू का आयोजन हुआ था।
विशाखापत्तनम में भारतीय नौसेना के प्रमुख बहुपक्षीय अभ्यास ‘मिलन 26’ का 13वां संस्करण भी आयोजित हो रहा है।
सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु विशाखपट्टणम तट पर इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू -आईएफआर 2026 में शामिल हुई।
यह अभ्यास भारत की बढ़ती समुद्री क्षमता और वैश्विक नौसैनिक सहयोग के प्रति देश की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। राष्ट्रपति ने आईएनएस सुमेधा पर सवार होकर 71 भारतीय और विदेशी जहाजों के विशाल समूह का निरीक्षण किया।
इस बेड़े में समुद्री भागीदारी के पैमाने और विविधता को दर्शाते हुए भारतीय नौसेना के 45 जहाज, 19 अतिथि युद्धपोत और तटरक्षक बल, व्यापारिक नौसेना और अनुसंधान संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाले अन्य जहाज शामिल हैं। विशाखापट्टणम वर्ष 2016 के बाद दूसरी बार अंतर्राष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा की मेजबानी कर रहा है।
इससे पहले 2001 में मुंबई और 2016 में विशाखापत्तनम में फ्लीट रीव्यू का आयोजन हुआ था।
विशाखापत्तनम में भारतीय नौसेना के प्रमुख बहुपक्षीय अभ्यास ‘मिलन 26’ का 13वां संस्करण भी आयोजित हो रहा है।
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rajkaj_1771058332615 (2).pdf
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rajkaj_1771058332615 (2).pdf4th Grade चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती परीक्षा 2025 : दस्तावेज सत्यापन Schedule जारी
दस्तावेज सत्यापन 09 मार्च 2026 से शुरू होंगे
👉 शिक्षा विभाग के 9 मंडल पर होगी डीवी
जयपुर, जोधपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर, भरतपुर, चूरू, बीकानेर, पाली
दस्तावेज सत्यापन 09 मार्च 2026 से शुरू होंगे
👉 शिक्षा विभाग के 9 मंडल पर होगी डीवी
जयपुर, जोधपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर, भरतपुर, चूरू, बीकानेर, पाली
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फ्रांस के राष्ट्रपति और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने AIIMS में भारत-फ्रांस एआई स्वास्थ्य परिसर का किया उद्घाटन
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में वैश्विक स्वास्थ्य में एआई पर भारत-फ्रांस परिसर का उद्घाटन किया।
यह पहल वैश्विक स्वास्थ्य के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र में भारत-फ्रांस सहयोग को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह परिसर एआई-आधारित स्वास्थ्य समाधानों में अनुसंधान, नवाचार और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देगा, अकादमिक उत्कृष्टता और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी प्रोत्साहित करेगा।
इस परिसर की स्थापना नई दिल्ली के एम्स और सोरबोन विश्वविद्यालय तथा पेरिस मस्तिष्क संस्थान के बीच समझौते के अन्तर्गत की गई है। यह पहल भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली और प्रमुख फ्रांसीसी संस्थानों के अकादमिक सहयोग से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मस्तिष्क स्वास्थ्य और वैश्विक स्वास्थ्य प्रणालियों में अंतःविषयक अनुसंधान को बढ़ावा देती है।
इस पहल का शुभारंभ नई दिल्ली के एम्स में आयोजित दो दिवसीय उच्च स्तरीय अकादमिक और वैज्ञानिक सम्मेलन के दौरान हुआ।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में वैश्विक स्वास्थ्य में एआई पर भारत-फ्रांस परिसर का उद्घाटन किया।
यह पहल वैश्विक स्वास्थ्य के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र में भारत-फ्रांस सहयोग को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह परिसर एआई-आधारित स्वास्थ्य समाधानों में अनुसंधान, नवाचार और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देगा, अकादमिक उत्कृष्टता और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी प्रोत्साहित करेगा।
इस परिसर की स्थापना नई दिल्ली के एम्स और सोरबोन विश्वविद्यालय तथा पेरिस मस्तिष्क संस्थान के बीच समझौते के अन्तर्गत की गई है। यह पहल भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली और प्रमुख फ्रांसीसी संस्थानों के अकादमिक सहयोग से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मस्तिष्क स्वास्थ्य और वैश्विक स्वास्थ्य प्रणालियों में अंतःविषयक अनुसंधान को बढ़ावा देती है।
इस पहल का शुभारंभ नई दिल्ली के एम्स में आयोजित दो दिवसीय उच्च स्तरीय अकादमिक और वैज्ञानिक सम्मेलन के दौरान हुआ।
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