UPSC NOTES
42.4K subscribers
326 photos
1 video
416 links
अगर आप अपने Telegram ग्रुप(group), चैनल(Channal), साइट(Site), यूट्यूब (YouTube)चैनल, Education App या Book's 📚 का प्रमोशन कराना चाहते है तो सम्पर्क करें 👇
@prmogg

👉CONTACT TELEGRAM ID👉 @prmogg
@prmogg
Download Telegram
बहुरूपी गांधी, पुस्तक 1964 मे प्रकाशित हुई, इसमें गांधी को अनेकों रूप मे बताया है, जैसे - किसान, मोची, दर्जी, धोबी, नौकर, रसोईया, हकीम, शिक्षक, बुनकर, डाकू, भिखारी, सेनापति, कैदी, लेखक, सपेरा, पुरोहित, नाई, भंगी, व्यापारी, किसान, पत्रकार, वकील इत्यादि, पुस्तक की प्रस्तावना नेहरूजी ने लिखी, जबकि इसे पूर्ण रूप स्वतंत्रता संग्राम मे भाग लेने वाली महिला अनु बंद्योपाध्याय (1917-2006) ने लिखा!
भगत सिंह ने जेल में रहते हुए चार पुस्तके लिखी थी जो चोरी छिपे बाहर लाने के क्रम में खो चुकी गयी, अपनी शहादत से कुछ दिन पहले भगत सिंह ने एक पर्चा लिखा जो सौभाग्य से उनके पिताजी के हाथ लग गया और जून 1931 में The People अख़बार में प्रकाशित हुआ , उस लेख का शीर्षक था -
''में नास्तिक क्यों हूँ ''
⚡️⚡️
अनुशीलन समिति मिदनापुर , कलकत्ता और ढाका




1902 ई. में बंगाल के पहले क्रांतिकारी संगठन अनुशीलन समिति की स्थापना मिदनापुर में ज्ञानेंद्र नाथ बसु द्वारा तथा

1907 ई. में कलकत्ता में पी. मित्र, जतीन्द्र नाथ बनर्जी एवं वारींद्र कुमार घोष द्वारा की गई।



पुलिनदास द्वारा ढाका अनुशीलन समिति की स्थापना की गई।
Forwarded from MAVERICK LEGEND
◾आप किस परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं❓USKA CLASS STUDY MATERIAL PDF CLASS NOTES VIDEO सब मिलेगा REGISTER NOW OFFERS TOPPERS BATCHES👇👇👇

✅️ REGISTER राजस्थान स्पेशल ALL EXAMS 👇👇⤦⤦👇👇
https://form.utkarsh.com/test_series/ldc/
Forwarded from E-Books
📢 LDC (Lower Division Clerk) OFFLINE TEST SERIES*

📍 *राजस्थान के प्रमुख शहरों में आयोजित*
🗓 Start Date: 12 April 2026
📝 20 Full Length Tests (FLTs)
https://form.utkarsh.com/test_series/ldc/
⏰ Timing:
Paper 1: 10:00 AM – 1:00 PM
Paper 2: 1:30 PM – 4:30 PM

💰 Combo Price (P1 + P2):
₹1500 (अन्य छात्र) | ₹800 (उत्कर्ष छात्र)

💰 Single Paper:
₹1000 (अन्य छात्र) | ₹500 (उत्कर्ष छात्र)

> 📌 Registration Last Date: 8 April 2026
> 🎫 Admit Card: 10 April 2026

🔥 Limited Seats – मौका हाथ से न जाने दें!

REGISTER NOW

https://form.utkarsh.com/test_series/ldc/
UPSC NOTES pinned a photo
नागपुर झंडा सत्याग्रह (Nagpur Flag Satyagraha)




1923 ई. में सरकार ने स्थानीय आदेश द्वारा नागपुर में कांग्रेस को अपने ध्वज के प्रयोग पर प्रतिबंध लगा दिया था, फलतः यह सत्याग्रह शुरू किया गया।

ध्यातव्य है कि गुजरात से आंदोलनकारियों के समूह सरकार पर दबाव बनाने के लिये नागपुर भेजे गए, जिससे सरकार समझौते के लिये बाध्य हो गई।
गांधी जी का पहला केस





गांधी जी के द्वारा लड़ा गया पहला केस ममी बाई का केस था।
गिरमिटिया




गिरमिटिया वे भूतपूर्व श्रमिक /मजदूर थे जिन्हें अनुबंध पर अफ्रीका ले जाया गया था। इनके अनुबंध को गिर‌मिट कहते थे।
खेड़ा आंदोलन का इतिहास




शंकरलाल पारिख ने खेड़ा आंदोलन का इतिहास लिखा है।
असहयोग आंदोलन के कार्यक्रम (Programmes of Non-Cooperation Movement)





असहयोग सम्बंधी कार्यक्रम (Programmes related to Non-Cooperation)


ब्रिटिश सरकार द्वारा प्रदान की गई उपाधियों एवं प्रशस्ति पत्रों का त्याग करना।

सरकारी शिक्षा का विरोध करने हेतु सरकारी विद्यालयों, महाविद्यालयों का बहिष्कार करना तथा राष्ट्रीय शिक्षा संस्थाओं की स्थापना करना।

सरकारी नौकरियों से त्यागपत्र देना।

विदेशी कपड़ों का बहिष्कार करना।

वकीलों द्वारा ब्रिटिश न्याय व्यवस्था का बहिष्कार करना।

सरकारी एवं अर्द्ध-सरकारी उत्सवों का बहिष्कार करना।

आवश्यकता पड़ने पर सविनय अवज्ञा का प्रयोग करते हुए कर अदा न करना।




रचनात्मक कार्यक्रम (Constructive Programmes)




स्वदेशी को प्रोत्साहन देना अर्थात् स्वदेशी वस्तुओं, विद्यालयों, संस्थाओं को बढ़ावा देना।

चरखा, खादी एवं कताई बुनाई जैसी वस्तुओं को बढ़ावा देना।

स्थानीय विवादों का निबटारा करने के लिये पंचायती अदालतों की स्थापना करना।

हिंदू-मुस्लिम एकता को बढ़ावा देना।

छुआछूत, मद्यपान जैसी बुराइयों को समाप्त करना तथा अहिंसा के पालन को बढ़ावा देना।

सभी वयस्कों को कांग्रेस की सदस्यता प्रदान करना।

300 सदस्यों वाली अखिल भारतीय कांग्रेस समिति का गठन।

जिला, तालुका एवं ग्राम स्तरों पर कांग्रेस समितियों का एक संस्तर बनाना तथा भाषायी आधार पर प्रांतीय कांग्रेस समितियों का पुनर्गठन।
🙋‍♀अगर आप अपने Telegram ग्रुप(group), चैनल(Channal), साइट(webSite), यूट्यूब (YouTube)चैनल, Education App या Book's 📚 का प्रमोशन कराना चाहते है तो सम्पर्क करें 👇
@Helpersoyalhelper
आमुक्तमाल्यद :-
विजयनगर प्रशासन ka स्वरूप
विजयनगर का समाज
Forwarded from E-Books
📢 जोधपुर & जयपुर में नए Offline Batches शुरू!

🎯 अब घर के पास ही मिलेगी Top Exams की Best तैयारी
📚 RAS | Raj Teaching Exam | NORCET | CET | Airforce | NDA | SSC |

🚀 Limited Seats – जल्दी Register करें!
🗓️ April Batches Filling Fast

📍 जोधपुर: उत्कर्ष क्लासेस, जालोरी गेट चौराहा
📞 97733 66869

📍 जयपुर: उत्कर्ष टावर, गोपालपुरा बायपास रोड
📞 97733 66871

👉 आज ही रजिस्टर करें और अपनी सीट सुनिश्चित करें! 🔥
💥 Selection की तैयारी अब और आसान!


https://zfrmz.in/fOYH7jKEP5iK3BOtMCyx?lead_platform=Influencer
UPSC NOTES pinned a photo
अरबिंदो ज़रूर 'माणिक' और 'काली' के छद्मनाम से लिखा करते थे."





बंदे मातरम उस समय के भारत का सबसे उग्र अख़बार था.



लक वेनेट अपनी किताब 'श्री अरबिंदो एंड द रिवोल्यूशन ऑफ़ इंडिया' में लिखते हैं, "बंदे मातरम उस समय के भारत का सबसे उग्र अख़बार था. किसी अन्य भारतीय अख़बार ने अंग्रेज़ों पर इतना ज़बरदस्त हमला नहीं बोला था. उसमें छपने वाले लेखों में लेखक का नाम नहीं दिया जाता था. अरबिंदो ज़रूर 'माणिक' और 'काली' के छद्मनाम से लिखा करते थे."

"यह अख़बार उस इलाक़े में सनसनी फैलाने में कामयाब हो गया था. अरबिंदो और उनके लेखक अंग्रेज़ों पर निजी हमले करने से बचते थे लेकिन उनका निशाना ब्रिटिश राज का कुप्रशासन और देश में ग़रीबी बढ़ाने और सूखे का सामना करने में अक्षम ब्रिटिश नीतियां रहा करती थीं."




BBC
बोरसाद आंदोलन (Borsad Movement)




यह आंदोलन गुजरात के खेड़ा जिले के बोरसाद नगर में डकैतों से रक्षा करने हेतु पुलिस द्वारा लगाए व्यक्तियों पर व्यक्ति कर लगाने के भुगतान के विरुद्ध शुरू किया गया था। गए

गांधीवादी आंदोलन तथा अत्यधिक सामाजिक दबाव के कारण 1923 ई. में सरकार द्वारा यह कर समाप्त कर दिया गया।
भारत में पहली बार नागरिकता की परिभाषा और मूल अधिकारों को व्यवस्थित रूप से प्रतिपादित किया गया था —





👉 नेहरू रिपोर्ट (1928 ई.) में

मोतीलाल नेहरू की अध्यक्षता वाली इस रिपोर्ट में


नागरिकों के मौलिक अधिकारों (Fundamental Rights) की स्पष्ट सूची दी गई


समान नागरिकता, कानून के समक्ष समानता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे अधिकारों पर ज़ोर दिया गया
यह ब्रिटिश भारत के लिए एक संवैधानिक मसौदा था.