UPSC NOTES
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रैढ सभ्यता टोंक जिले में ढील नदी के किनारे है

इस सभ्यता का उत्खनन केदारनाथ पुरी ने किया था

यहां से मालव जनपद की लौह सामग्री के विशाल भंडार प्राप्त हुए हैं
ई एच कार के अनुसार "इतिहास वर्तमान तथा अतीत के बीच अनवरत संवाद है"

ब्यूरी के अनुसार" इतिहास विज्ञान है , न कम और न ज्यादा"

बेकन के अनुसार" इतिहास मानव को बुद्धिमान बनाता है"
सिसरो ने हेरोडोस को इतिहास का पिता तथा झुठ का पिता भी कहा है
हर्षचरित की रचना बाणभट्ट ने की थी हर्षचरित में कुल आठ अध्याय हैं जिन्हें उच्छवास कहा जाता है
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इब्न खाल्दुन कि किताब किताब उल इबार के संबंध मे महत्वपूर्ण तथ्य -
1. यह पुस्तक तीन भागो में बंटी हुई है
2. इस पुस्तक के पहले भाग में सभ्यता तथा उसके मूलभूत तत्व और इंसानों पर उसके प्रभाव के बारे में बताया गया है
3. इस पुस्तक के दूसरे भाग में अरबो की कथा का वर्णन किया गया है
4. इस पुस्तक के तीसरे भाग में लेखक के अपने मगरीब का ब्यौरा है
भगवतगीता यूरोपीय भाषा में अनुवादित प्रथम पुस्तक थी जिसका 1785 में संस्कृत से अंग्रेजी में अनुवाद किया गया था
रोमिला थापर - फ्रॉम लिनिएज टू स्टेट

आर एस शर्मा - इंडियन फ्युडिलिज्म
1870 ईस्वी में वाटकिन चैपमेन ने पहली बार कला के क्षेत्र में उत्तर आधुनिक शब्द का प्रयोग किया था।

टायनबी ने 1939 में इस शब्द का प्रयोग ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में किया

माइकल फुको व डेरिडा ने इसे आगे बढ़ाया
लिवी - History of Rome

केटो - इसने सात भागों में ओरिजिसं लिखा

फेबियस विक्टर भी रोमन इतिहासकार था
एलफिंस्टन प्राच्यवादी इतिहासकार था जिन्होंने हिस्ट्री ऑफ हिंदू और मुहम्मडन इंडिया नामक पुस्तक लिखी थी
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क्लाइव को भारत में ब्रिटिश साम्राज्य का संस्थापक माना जाता है लेकिन असल में जब प्लासी की लड़ाई लड़ी जा रही थी उस समय क्लाइव ब्रांडी पीकर पास के कैंप में आराम फरमा रहा था और मीर‌जाफर जैसे व्यक्तियों ने बंगाल को जीत कर क्लाइव को सुपुर्द कर दिया...
नेपोलियन बोनापार्ट ने इंग्लैंड को बनियों का देश कहा है

इंग्लैंड की धरती पर आज तक कोई युद्ध नहीं लड़ा गया( इसके विपरीत बेल्जियम को युद्ध का खड़ा कहा जाता है जिस पर वाटर लू जैसे महान युद्ध लड़े गए थे)

विश्व में 63 उपनिवेशों का मालिक होने के बावजूद इसने हमेशा साम्राज्यवाद और उपनिवेशवाद के दौर में भी तुष्टीकरण की नीति अपनाई है...
उदयगिरी व खण्डगिरी में 35 जैन गुफाएं हैं
वेत्रवती नदी उज्जयिनी तथा महिष्मति महेश्वर के मध्य से गुजरती थी

यहां हैहय जनजाति निवास करती थी
इंग्लैंड के लॉर्ड चांसलर फ्रांसिस बैकन को जब सम्राट जैम्स प्रथम (1603-25 ई.) ने घूसखोरी व रिश्वत के आरोप लगाकर पद से हटाया तो उसने आरोप स्वीकार स्वीकार करते हुए कहा-

"उसको दिये गये उपहारों ने उसके निर्णयों को कभी भी प्रभावित नहीं होने दिया, यह चीज मे भलीभांति जानता हूँ "

बाद में इसने अनायास ही एकदिन बैठे बैठे लिखा कि -
"सत्य, सत्ता की नहीं वरन् समय की पुत्री है"
महाड़ सत्याग्रह

डॉ. बी. आर. अंबेडकर द्वारा 20 मार्च 1927 को चावदार तले, महाड़ (महाराष्ट्र) में शुरू किया गया महाड़ सत्याग्रह, दलितों का पहला बड़ा नागरिक अधिकार आंदोलन था।

इसका उद्देश्य जातिगत भेदभाव के कारण अछूतों को सार्वजनिक पेयजल तक पहुँच से वंचित रखने के अधिकार को सुरक्षित करना था।

25 दिसंबर 1927 को, अंबेडकर जी ने जाति-आधारित पदानुक्रम को प्रतीकात्मक रूप से अस्वीकार करते हुए, मनुस्मृति का सार्वजनिक रूप से दहन किया।