ब्रह्मचर्य ही जीवन (हरीॐ)
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ब्रम्हचर्य पालन करने वालो के लिये विश्व का सर्वोत्तम टेलिग्राम चॅनल,
यहा पर आपको ब्रम्हचर्य के बारे मैं सटीक और सही जानकारी मिलेगी लेख, pdf और पुस्तके |
इस भारतवर्ष मैं फिर से ब्रम्हचर्य की महिमा का परिचय सबको कराये यही हमारा उद्देश है|
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किसने कहा कि ध्यानी को गुस्सा नहीं करना चाहिये ?

भगवान् राम भी समुद्र की हरकत पर गुस्से में आकर धनुष बाण उठा लेते हैं और हमेशा मुस्कराते रहने वाले भगवान् कृष्ण भी महाभारत के युद्ध में रथ का पहिया लेकर दौड़ पड़ते हैं |

ध्यानी का गुस्सा अलग ही किस्म का होता है, वो किसी को हानि पहुँचाने के लिये, किसी को चोट करने या अपमान करने के लिये नहीं होता |

ध्यानी एक बहुत जीवंत व्यक्ति है तो उसका गुस्सा भी जीवंत होता है ध्यानी व्यक्ति कोई घोंघा नहीं होता जो बिना आवाज के रेंगता रहे और जो चाहे उसे कुचल कर चला जाये |

ध्यानी व्यक्ति सिंह की तरह होता है। अकेला, अपने में मगन, दूसरों से बेपरवाह, लेकिन जरूरत हो तो वो दहाड़ता भी है और प्रतिक्रिया भी करता है ।

वो किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाता, किसी को परेशान नहीं करता, लेकिन यदि कोई उसकी निजता पर आक्रमण करे तो ध्यानी सिंह की तरह व्यवहार कर सकता है


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पुस्तक:- चाणक्य नीति
दसवा अध्याय
श्लोक २०
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पुस्तक:- चाणक्य नीति
दसवा अध्याय
अध्याय का सार
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शौच एवम् लघुशंका के समय क्या मौन रहना आवश्यक हैं? यदि हाँ, तो क्यों?

धार्मिक दृष्टि से शौच और लघुशंका (मूत्र उत्सर्जन) के समय मौन रहना चाहिए। वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर शौच एवम् लघुशंका के समय बोलना, खाँसना, हाँफना हानिकारक है क्योंकि मल के दूषित कीटाणु मुख के माध्यम से शरीर में प्रवेश करके आपको रोगग्रस्त बना सकते हैं। शोच करते समय दाँत भीचने से कभी लकवा नहीं आता।

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माता पिता कि लापरवाही व अनुशासन कि कमी के कारण ऑनलाइन education के दौरान बच्चो द्वारा कि गयी गलतियो के ये परिणाम भयावह है✅

🔰देश के नाबालिग छात्र छात्राएं जब यू ही अज्ञानता वश पतित हो जाएंगे। तो यह जिम्मेदारी किसकी होनी चाहिए???

🔰कम उम्र में जो नाबालिग बच्ची माँ बनकर जिस सन्तान को जन्म दे सकेगी।
क्या पहचान होगी उसकि???
ये रोक सकंने का दायित्व किसका है???

🔰यदि देश के युवा धन को बचाना है। सही अर्थों में समाज को अच्छा करना है,जहाँ नारी का सम्मान हो। तो वहाँ प्रत्येक माता पिता को ये ज़िम्मेदारी लेनी होगी✅

कि स्वयम तो पवित्र दाम्पत्य जीवन जीये ही। साथ ही अपने बच्चों कि online गतिविधि पर नज़र रखते हुए,✅
उन्हें ब्रह्मचर्य पालन के लिये प्रेरित करे🙏।

🌹जब बने जागरूक माता- और पिता
🌹 स्वयम होगा तब भारत भाग्य विधाता

🔰मोबाइल आपके लिये है
आप मोबाइल के लिये नही।
इसे याद रखें✅
🔰हर घर तक यह संदेश भेजिए🙏

🔰यदि आपके बच्चे भी छोटे है,तो यह आपके लिये भी है✅



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ब्रह्मचर्य ही जीवन (हरीॐ) pinned «किसने कहा कि ध्यानी को गुस्सा नहीं करना चाहिये ? भगवान् राम भी समुद्र की हरकत पर गुस्से में आकर धनुष बाण उठा लेते हैं और हमेशा मुस्कराते रहने वाले भगवान् कृष्ण भी महाभारत के युद्ध में रथ का पहिया लेकर दौड़ पड़ते हैं | ध्यानी का गुस्सा अलग ही किस्म का होता…»
*बहुत अधिक ब्रह्मचर्य की चिंता करने वाले और दिन-रात ब्रह्मचर्य- ब्रह्मचर्य करने वालो का ही सबसे अधिक वीर्यनाश व ब्रह्मचर्य खण्डित होता है।*
✍🏻स्वामी यतिश्वरानंद


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पुस्तक:- चाणक्य नीति
ग्यारव्हा अध्याय

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पुस्तक:- चाणक्य नीति
ग्यारव्हा अध्याय
श्लोक १
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मनुष्य को किन अवस्थाओं में मौन (चुप) रहना चाहिए?
मूत्र उत्सर्ग करते समय, श्राद्धकाल में भोजन के समय ,दातुन
करते समय ,मैथुन काल में व्यक्ति को चुप रहना चाहिए।

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राजीव दीक्षित भी ब्रम्हाचारी थे । ऐसे हि किसीका दिमाग़ कम्प्यूटर होता नहीं ! ब्रम्हचर्य का पालन करने के बाद कम्प्यूटर से भी ज्यादा अच्छा काम करता है मनुष्य का दिमाग़
@bramachrya01
"आप दुनिया में दो रोटी कमाकर, दो बच्चे-बच्ची पैदा करके, उनको पाल-पोसकर मर मिटने के लिए नहीं आये हो अपितु सत्य-असत्य का विवेक करके, मिथ्या और शाश्वत का विवेक करके, नित्य-अनित्य का विवेक करके मुक्ति पाने के लिए आये हो। मैं कौन हूँ ? शरीर मेरा है तो मैं शरीर नहीं हूँ। मन मेरा है तो मन मैं नहीं हूँ। बुद्धि मेरी है तो मैं बुद्धि नहीं हूँ… आखिर मैं कौन हूँ ?’ इसका विवेक करके अपने-आपको पाकर उसमें विश्रांति पाने के लिये आये हो।"


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पुस्तक:- चाणक्य नीति
ग्यारव्हा अध्याय
श्लोक २
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पुस्तक:- चाणक्य नीति
ग्यारव्हा अध्याय
श्लोक ३
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ब्रह्म मुहूर्त्त क्या हैं? ब्रह्म मुहूर्त्त में उठने के क्या लाभ हैं?
रात्रि के अन्तिम प्रहर को ब्रह्म मुहूर्त्त कहते हैं। निद्रा त्याग करने का शास्त्र
विहित यह समय सर्वोत्तम होता है। ब्रह्म मुहूर्त में जागने से मनुष्य को सौन्दर्य, बल, विद्या, बुद्धि और स्वस्थता प्राप्त होती हैं।

वैज्ञानिक शोधों के अनुसार प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में वायु मण्डल प्रदूषण रहित होता है। इसमें उस समय 41 प्रतिशत ऑक्सीजन होती है जिसे हम प्राण वायु के रूप में सदैव प्रयोग करते हैं। 155% नाइट्रोजन, 4% कार्बन डाईऑक्साइड होती है। कार्बन डाईऑक्साइड सबसे दूषित वायु होती है जो फेफड़ो के लिए हानिकारक है। सूर्योदय के साथ ही सड़कों पर अनेक प्रकार के वाहन चलने लगते हैं जिनसे कार्बन डाईऑक्साइड निकलती है और वायु मण्डल में प्रदूषण फैलने लगता है। जिसकी मात्रा 4% से बढ़कर 60% तक हो जाती है। आयुर्वेद के दृष्टिकोण से ब्रह्म मुहूर्त में उठकर टहलने से संजीवनी शक्ति से परिपूर्ण मलयगिरी की ओर से आने वाली हवा शरीर को स्पर्श करके नव शक्ति का संचार करती हैं। इस अमृततुल्य वायु का सेवन करना अति लाभदायक हैं।


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ब्रह्मचर्य ही जीवन (हरीॐ) pinned «ब्रह्म मुहूर्त्त क्या हैं? ब्रह्म मुहूर्त्त में उठने के क्या लाभ हैं? रात्रि के अन्तिम प्रहर को ब्रह्म मुहूर्त्त कहते हैं। निद्रा त्याग करने का शास्त्र विहित यह समय सर्वोत्तम होता है। ब्रह्म मुहूर्त में जागने से मनुष्य को सौन्दर्य, बल, विद्या, बुद्धि और स्वस्थता…»