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पुस्तक :- ब्रम्हचर्य के साधन
( षष्ठ भाग)
प्राणायाम
🔴 प्राणायामपूर्वक व्यायाम
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#celibacybookssummary
पुस्तक :- ब्रम्हचर्य के साधन
( षष्ठ भाग)
प्राणायाम
🔴 प्राणायामपूर्वक व्यायाम
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प्रश्न. जब कर्मों का फल मिलना ही है तो ईश्वर की उपासना करने से क्या लाभ है ?
उत्तर – ईश्वर की उपासना करने से बुद्धि पवित्र होती है और आनन्द की प्राप्ति होती है। आत्मिक बल मिलता है मन में उत्तम विचार उत्पन्न होते हैं परिणामस्वरूप मनुष्य भविष्य में बुरे कर्म नहीं करता है अथवा कम करता है .
उत्तर – ईश्वर की उपासना करने से बुद्धि पवित्र होती है और आनन्द की प्राप्ति होती है। आत्मिक बल मिलता है मन में उत्तम विचार उत्पन्न होते हैं परिणामस्वरूप मनुष्य भविष्य में बुरे कर्म नहीं करता है अथवा कम करता है .
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सुप्रसिद्ध पत्रकार पॉल ब्रिन्टिन सनातन धर्म की ऐसी धार्मिक पुस्तकें पढ़कर जब प्रभावित हुआ तभी वह हिन्दुस्तान आया था और यहाँ के रमण महर्षि जैसे महात्माओं के दर्शन करके धन्य हुआ था । देशभक्तिपूर्ण साहित्य पढ़कर ही चन्द्रशेखर आजाद, भगतसिंह, वीर सावरकर जैसे रत्न अपने जीवन को देशाहित में लगा पाये |
इसलिये सत्साहित्य की तो जितनी महिमा गाई जाये, उतनी कम है । श्रीयोगवशिष्ठ महारामायण, उपनिषद, दासबोध, सुखमनि, विवेकचूडामणि, श्री रामकृष्ण साहित्य, स्वामी रामतीर्थ के प्रवचन आदि भारतीय संस्कृति की ऐसी कई पुस्तकें हैं जिन्हें पढ़ो और उन्हें अपने दैनिक जीवन का अंग बना लो | ऐसी-वैसी विकारी और कुत्सित पुस्तक-पुस्तिकाएँ हों तो उन्हें उठाकर कचरे ले ढेर पर फेंक दो या चूल्हे में डालकर आग तापो, मगर न तो स्वयं पढ़ो और न दूसरे के हाथ लगने दो।
इसलिये सत्साहित्य की तो जितनी महिमा गाई जाये, उतनी कम है । श्रीयोगवशिष्ठ महारामायण, उपनिषद, दासबोध, सुखमनि, विवेकचूडामणि, श्री रामकृष्ण साहित्य, स्वामी रामतीर्थ के प्रवचन आदि भारतीय संस्कृति की ऐसी कई पुस्तकें हैं जिन्हें पढ़ो और उन्हें अपने दैनिक जीवन का अंग बना लो | ऐसी-वैसी विकारी और कुत्सित पुस्तक-पुस्तिकाएँ हों तो उन्हें उठाकर कचरे ले ढेर पर फेंक दो या चूल्हे में डालकर आग तापो, मगर न तो स्वयं पढ़ो और न दूसरे के हाथ लगने दो।
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पुस्तक :- ब्रम्हचर्य के साधन
( षष्ठ भाग)
प्राणायाम
🔴 गहरे श्वास लेने की विधि का अभ्यास
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पुस्तक :- ब्रम्हचर्य के साधन
( षष्ठ भाग)
प्राणायाम
🔴 गहरे श्वास लेने की विधि का अभ्यास
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ब्रह्मचर्यप्रतिष्ठायां वीर्यलाभः
ब्रह्मचर्य की दृढ़ स्थिति हो जाने पर सामर्थ्य का लाभ होता है ।
ब्रह्मचर्य की दृढ़ स्थिति हो जाने पर सामर्थ्य का लाभ होता है ।
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आप चाहे कितने भी पवित्र शब्दों को पढ़ या बोल लें, लेकिन जब तक उनपर अमल नहीं करते उसका कोई फायदा नहीं है |
जो वीर्य बचाता है । उसके शब्दों में स्पष्टता होती है । जो सुनने वालों पे गहरा प्रभाव छोड़ती है।
"मैं विद्यार्थियों और युवकों से यही कहता हूँ कि वे ब्रह्मचर्य और बल की उपासना करें। बिना शक्ति व बुद्धि के, अधिकारों की रक्षा और प्राप्ति नहीं हो सकती। देश की स्वतंत्रता वीरों पर ही निर्भर है।"
~ लोकमान्य तिलक
~ लोकमान्य तिलक
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जिस कार्य को करने में भय, शंका, लज्जा हो वह कार्य नही करना चाहिए
आत्मा बोलती है। तेरा ये शरीर रोता है । जब - जब तू वीर्य खोता है।
ब्रह्मचर्य ही जीवन (हरीॐ) pinned «🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆 Yoga (meditation) is the weapon in right hand and exercise 🏋️ is the left hand weapon of Bramhachari without this weapons you won't takale the problems which comes in bramhachrya journey. 🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆 #sanatandharma #meditation…»
गुरुकुल और आधुनिक पाठशाला में अंतर :-
आधुनिक शिक्षा― विद्यार्थी निर्णय क्षमता क्षीण रहती है, वे भावनाओं तथा मन पर नियंत्रण करनेके लिए प्रशिक्षित नहीं होते। कई लोग गैरजरूरी बातों पर आत्महत्या कर लेते हैं।
गुरुकुल ― शिष्य मन तथा भावनाओं को नियंत्रित करनेमें प्रशिक्षित किया जाता हैं और निर्णय लेने में सक्षम होते हैं।
आधुनिक शिक्षा― विद्यार्थी निर्णय क्षमता क्षीण रहती है, वे भावनाओं तथा मन पर नियंत्रण करनेके लिए प्रशिक्षित नहीं होते। कई लोग गैरजरूरी बातों पर आत्महत्या कर लेते हैं।
गुरुकुल ― शिष्य मन तथा भावनाओं को नियंत्रित करनेमें प्रशिक्षित किया जाता हैं और निर्णय लेने में सक्षम होते हैं।
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