CGPSC RACE
5.06K subscribers
6.56K photos
109 videos
574 files
632 links
CG psc / Vyapam की तैयारी के लिए तैयारी
Download Telegram
self-image का खतरा
परीक्षा में सफलता को हम अपनी योग्यता और पहचान से जोड़ लेते हैं। फेल होना हमारे “मैं सक्षम हूँ” वाले विश्वास को चुनौती देता है, और इससे आत्म-सम्मान को चोट पहुँचती है, जो मानसिक पीड़ा को बढ़ाता है।
इसका उल्टा भी जान लीजिए एग्जाम pass होने पर हमें खुशी का एहसास क्यों होता है @cgpscrace

डोपामिन का स्राव (Dopamine Release):
जब हम कोई लक्ष्य हासिल करते हैं, तब हमारा मस्तिष्क डोपामिन नामक न्यूरोट्रांसमीटर (happy chemical) छोड़ता है। यह हमें खुशी, संतुष्टि और प्रेरणा का अनुभव कराता है। डोपामिन का स्तर बढ़ने पर हमें अच्छा महसूस होता है।

तनाव का कम होना (Reduction of Stress):
परीक्षा के दौरान या रिजल्ट से पहले शरीर में कोर्टिसोल (stress hormone) का स्तर बढ़ा रहता है। जैसे ही हम पास हो जाते हैं और खतरा टल जाता है, कोर्टिसोल का स्तर गिरता है और हमें राहत व खुशी का अनुभव होता है।

सामाजिक और आत्म-सम्मान की भावना (Social & Self-esteem factors):
पास होने पर हमें लगता है कि हमने कुछ अच्छा किया, जिससे हमारा आत्म-सम्मान बढ़ता है। साथ ही समाज, परिवार या दोस्तों से सराहना मिलना भी खुशी को और बढ़ा देता है — इसे सामाजिक पुरस्कार (social reward) कहा जाता है।

मनोवैज्ञानिक सुरक्षा (Psychological Safety):
परीक्षा पास करने पर हमें लगता है कि भविष्य सुरक्षित है, करियर में आगे बढ़ने के मौके हैं
👍7❤2
 


 
Cgpsc मुख्य परीक्षा अभ्यर्थियों हेतु – सिंधु घाटी सभ्यता की जानकारी मेसोपोटामिया और मिस्र से प्राप्त स्रोतों से

प्रस्तावना
सिंधु घाटी सभ्यता (Indus Valley Civilization), जिसे हड़प्पा सभ्यता भी कहा जाता है, विश्व की प्राचीनतम नगर सभ्यताओं में से एक मानी जाती है। इसका उत्कर्ष लगभग 2600 ईसा पूर्व से 1900 ईसा पूर्व के बीच हुआ था। यद्यपि यह सभ्यता आधुनिक भारत और पाकिस्तान के क्षेत्र में विकसित हुई थी, परंतु इसकी जानकारी केवल भारतीय उपमहाद्वीप तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसका उल्लेख समकालीन सभ्यताओं जैसे कि मेसोपोटामिया (मेसोपोटेमिया) और मिस्र (Egypt) में भी मिलता है। इन सभ्यताओं से प्राप्त प्रमाण न केवल सिंधु सभ्यता के व्यापारिक संबंधों को दर्शाते हैं, बल्कि इसके सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक पहलुओं की जानकारी भी प्रदान करते हैं।

1. मेसोपोटामिया से प्राप्त जानकारी
(क) मेलुहा का उल्लेख
मेसोपोटामिया की सभ्यता के लेखन स्रोतों में "मेलुहा" (Meluhha) नामक एक स्थान का उल्लेख बार-बार हुआ है। अधिकांश विद्वानों का मानना है कि यह मेलुहा दरअसल सिंधु घाटी सभ्यता का ही नाम है। यह उल्लेख सुमेरियन तथा अक्कादियन अभिलेखों में मिलता है।
स्रोत: मेसोपोटामियाई राजा सर्गोन (Sargon of Akkad), जो लगभग 2300 ईसा पूर्व शासन करते थे, ने अपने अभिलेखों में कहा है कि उसकी सेना ने दिलमुन, मगन और मेलुहा तक विजय प्राप्त की।
मेलुहा को एक समृद्ध और विकसित स्थल बताया गया है, जहाँ से बहुमूल्य वस्तुएँ जैसे कि काले पत्थर (ब्लैक स्टोन), लाल लकड़ी, हाथीदांत, आदि आयात किए जाते थे।

(ख) व्यापारिक संबंध
मेसोपोटामिया की सभ्यता में पाए गए स्नानगृह, मोहरें (seals), और बर्तन, आदि में सिंधु सभ्यता की शैली स्पष्ट दिखती है।
हड़प्पाई मोहरों पर बने यूनिकॉर्न, बैल, और अन्य पशु मेसोपोटामिया में भी पाए गए हैं, जिससे यह सिद्ध होता है कि हड़प्पा के लोग वहाँ जाते थे या अपने सामान भेजते थे।

2. मिस्र से प्राप्त जानकारी
(क) व्यापारिक वस्तुएं और मार्ग
मिस्र और सिंधु घाटी सभ्यता के बीच प्रत्यक्ष व्यापार संबंधों का स्पष्ट प्रमाण नहीं है, लेकिन पश्चिम एशिया के माध्यम से अप्रत्यक्ष व्यापार की संभावनाएं हैं।
मिस्र में मिले कुछ सामान जैसे कि लैपिस लाजुली (नीलम पत्थर), जो कि मुख्य रूप से बदख्शां (अफगानिस्तान) से आता था और हड़प्पा के माध्यम से मिस्र पहुँचा होगा, इस बात को सिद्ध करते हैं।

(ख) सांस्कृतिक संकेत
मिस्र की सभ्यता और सिंधु घाटी सभ्यता दोनों ही नदी घाटियों के किनारे विकसित हुईं, और दोनों में नगर नियोजन, जल निकासी, धार्मिक स्थलों, आदि की समानता मिलती है।
हालांकि इनकी लिपियाँ अलग थीं, परंतु चित्रलिपियों और प्रतीक चिह्नों का प्रयोग दोनों में था।

(ग) अप्रत्यक्ष साक्ष्य
मिस्र की सभ्यता में समकालीन व्यापारियों के वर्णन से यह संकेत मिलता है कि मिस्रवासी मेलुहा जैसे दूरस्थ स्थलों से भी वस्तुएं मंगवाते थे।
हड़प्पा सभ्यता की बंदरगाहों जैसे लोथल और सुत्कागेंदोर के माध्यम से संभवत: मिस्र तक वस्तुएं पहुँचती थीं।

3. पुरातात्विक साक्ष्य और तुलनात्मक अध्ययन
(क) मोहरें (Seals)
मेसोपोटामिया में सिंधु घाटी शैली की मोहरें पाई गई हैं जिनमें जानवरों की आकृतियाँ और अज्ञात लिपियाँ अंकित हैं।
इन मोहरों में इस्तेमाल हुई लिपि आज तक पढ़ी नहीं जा सकी है, परंतु इनकी बनावट और शैली सिंधु क्षेत्र की मोहरों से मिलती है।

(ख) समुद्री व्यापार
सिंधु सभ्यता के नगर जैसे लोथल और सुत्कागेंदोर से समुद्री व्यापार होता था। इनका उपयोग मध्य एशिया और पश्चिम एशिया में व्यापार हेतु होता था।
मेसोपोटामिया में कई ऐसे जहाज़ों और नावों का वर्णन है जो मेलुहा से व्यापार कर लौटे।

(ग) भवन निर्माण और नगर नियोजन की समानता
तीनों सभ्यताओं – मिस्र, मेसोपोटामिया और हड़प्पा – में कच्ची-पक्की ईंटों का उपयोग मिलता है।
सड़कों की योजना, जल निकासी प्रणाली, तथा घरों का आंतरिक विभाजन – हड़प्पा और मेसोपोटामिया में कई समानताएँ दिखती हैं।

4. भाषाई और सांस्कृतिक प्रभाव
(क) भाषाई संकेत
यद्यपि हड़प्पा लिपि आज भी अपठनीय है, लेकिन मेसोपोटामिया के कुछ शिलालेखों में जिन शब्दों का उपयोग मेलुहा के लिए हुआ है, वे उस क्षेत्र के बारे में जानकारी देते हैं।

(ख) सांस्कृतिक प्रभाव
सिंधु घाटी के कला शिल्प, आभूषण निर्माण, और नक्शों का प्रभाव पश्चिमी एशिया में भी देखा गया है।
कुछ धार्मिक प्रतीक जैसे कि पशुपति की आकृति (जिसे कुछ विद्वान शिव का प्रारंभिक रूप मानते हैं) मेसोपोटामिया में भी किसी हद तक देखी गई है।

5. सीमाएं और चुनौतियाँ
चूँकि सिंधु लिपि अब तक पढ़ी नहीं जा सकी है, इसलिए इस पर निर्भर होकर कोई ठोस निष्कर्ष निकालना कठिन है।
अधिकांश जानकारी मेसोपोटामिया और मिस्र की सभ्यताओं से प्राप्त बाहरी स्रोतों पर आधारित है, जो मुख्य रूप से व्यापार पर केंद्रित हैं।
❤4👍1
मृद्भांड और टेराकोटा: परिभाषा और अंतर
मृद्भांड का शाब्दिक अर्थ है मिट्टी से बने पात्र या बर्तन। ये घरेलू उपयोग के लिए बनाए जाते हैं, जैसे—हांडी, सुराही, दीया, कुल्हड़ आदि। इनमें उपयोगिता और पारंपरिक शिल्पकला का अद्भुत संगम होता है।

टेराकोटा लैटिन भाषा का शब्द है जिसका अर्थ है ‘पकी हुई मिट्टी’। यह एक प्रकार की मूर्तिकला है, जिसमें धार्मिक मूर्तियाँ, सजावटी पट्टिकाएँ, मंदिरों की सजावट, खिलौने आदि बनाए जाते हैं। यह मिट्टी की कला का अधिक परिष्कृत, कलात्मक और भावनात्मक रूप है।
हालाँकि दोनों मिट्टी से ही बनते हैं, लेकिन मृद्भांड का लक्ष्य उपयोगिता होता है जबकि टेराकोटा का लक्ष्य सौंदर्य और प्रतीकात्मकता होती है।
❤8👍5
CGPSC 2025 day list 2025.pdf
73.2 KB
@cgpscraceacademy
Cgpsc day list for 2025

Take printout ...This will help you in systematic preparation
systematically plan study nd monitor ur progress nd believe me if u study systemically u ll definitely able cover syll in 4 months ... Utilize it
u can adapt it based on ur strengths weaknesses nd available time
❤8
Like this ..Cut dates in calendar it ll make u realize that days are passing ..Samay beet rha h ...
👍4❤3
Be brutally honest with urself jis din na pdho us din write down ki nhi pdha with reason..
👍5
If u r consistent Then one day u ll pick up the pace...
👍7❤1
Science of selection in cgpsc acc to me...
I believe in science (मैं सेलेक्शन को साइंस की तरह मानता हूं कोई होशियार / गधा नही है its game of practice , revision and learning concepts .May be koi god gifted ho .0001% but max log avg hote h )
Science + management+ routine for cgpsc
❤12👍5
तैयारी में बंधन और मोक्ष क्या है 😊
( जैसे बौद्ध , जैन आदि दर्शनों में पढ़ते है )

बंधन: एग्जाम के कुचक्र में फंसना ,बार बार फॉर्म भरना प्रीलिम्स , mains , इंटरव्यू देना

मोक्ष : तैयारी से मुक्ति याने कि आपका चयन होना
❤12
आप बंधन चाहते हो या मुक्ति
अगर मुक्ति चाहिए तो ये mains और pre की तैयारी के लिए ग्रुप जॉइन कर सकते है 👇
https://chat.whatsapp.com/Fsh0WxNwG5BEzeUF5tOawJ
👆👆👆👆
छत्तीसगढी में ए जो पानी से भरे क्षेत्र हे ओला का कहिथे
कॉमेंट करव संगी
❤2
अभी psc mains सिलेबस का एप्लाइड part पूछ रहा है जैसे upsc में पूछा जाता है तो आपको सिलेबस के beyond में सोचना पड़ेगा
Mains 2024 polity me 10 में आया था
लोकपाल एवं लोकायुक्त अधिनियम 2013 की स्थापना से क्या भ्रष्टाचार की शिकायतों में कमी आई है
और मैंने exam के पहले वीडियो में भी ये पढ़ाया था
👇👇👇👇👇

इसकी कमियां भी बताई थी 👇👇👇
❤5😁1
👍3
पेपर 7 पार्ट 2 IMF
मित्रो आप सभी जानते हो  कि पाकिस्तान ने imf से loan लिया है
तो उसका कहना भी तो मानना पड़ेगा ना 😁

Imf बिटकॉइन को बढ़ावा दे रहा है इसके लिए
पाकिस्तान बिटकॉइन खनन और एआई डेटा केंद्रों को बिजली देने के लिए राष्ट्रीय पहल के पहले चरण में 2,000 मेगावाट (मेगावाट) बिजली आवंटित करेगा

जिस देश में कंगाली है वहा बिटकॉइन 😂😂

IMF की आलोचना
अगर आप IMF में से कर्ज़ा लेते हैं

तब ग़ुलाम बन जाते हैं और

फिर  वो ग़ुलामी आपको bitcoin की तरफ़ ले जाती है, जो खूद में अर्थ-तंत्र के लिए नई समस्याओं का निर्माण करता है। 😂
❤4
Mains P7P2
SCO शंघाई सहयोग संगठन
स्थापना 2001 में चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, तजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान द्वारा की गई थी।


@cgpscraceacademy

2017 में इसमें भारत एवं पाकिस्तान
2023 में ईरान
2024 में बेलारूस शामिल हुआ।

सचिवालय: बीजिंग

RATS: एससीओ का एक स्थायी अंग क्षेत्रीय आतंकवाद-रोधी संरचना (RATS) है

आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद' के खिलाफ सदस्य देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देता है

Keywords For Ans
सीमा पार आतंकवाद
वैश्विक कूटनीति
पाकिस्तान-चीन गठजोड़
P7p2

Keywords for ans
@cgpscraceacademy
हिंद-प्रशांत क्षेत्र
दक्षिण चीन सागर
क्षेत्रीय अखंडता
संप्रभुता
अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान
संगठित अपराध
मादक पदार्थों की तस्करी
आतंकवाद का मुकाबला
छत्तीसगढ़ में लगेंगे और 5000 मोबाइल टावर
विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के लिए डिजिटल क्रांति को नई गति
Day 1/21
अटूट प्रेरणा
Motivation वह आंतरिक शक्ति है जो हमें हर दिन उठकर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करती है यह कोई बाहरी वस्तु नहीं बल्कि हमारे भीतर छिपी हुई ऊर्जा है कभी किसी किताब से कभी किसी व्यक्ति से या कभी अपने ही अनुभवों से प्रेरणा मिलती है लेकिन सबसे मजबूत प्रेरणा वहीं होती है जो भीतर से आती है जिसे अटूट प्रेरणा कह सकते है
- देवेंद्र
सुप्रभात
👍4