CGPSC RACE
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CG psc / Vyapam की तैयारी के लिए तैयारी
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Upsc 2024 Rank 1 Shakti Dubey
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Mze ki baat shakti dubey mam rank 1 of upsc cse this year vajiram m mentor h ye unhi ki ek class ka screenshot h 2025 prelims ka... aur now she is Air 1
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अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना एक ऐसी योजना है, जो अनुसूचित जाति के व्यक्ति और अन्य हिंदू के बीच अंतर्जातीय विवाह को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इस योजना के तहत् योग्य जोड़ों को 2 लाख 50 हजार रूपये की वित्तीय सहायता राशि दी जाती है। यह योजना केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित है
@cgpscraceacademy
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Upsc pre cut ऑफ 2024
Gen 87.98
Obc 87.28
Sc 79.03
St 74.23
@cgpscraceacademy
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ज़ब तक.... तब तक.. 😊
Lets लर्न.
1. जब तक बारिश नहीं रुकती, तब तक हम बाहर नहीं जा सकते।
👉 Until the rain stops, we can't go outside.


2. जब तक मैं सच्चाई नहीं जान लेता, तब तक मैं कोई फैसला नहीं करूँगा।
👉 Until I know the truth, I won’t make any decision.


3. जब तक डॉक्टर नहीं आते, तब तक मरीज को अकेला मत छोड़ो।
👉 Until the doctor arrives, don’t leave the patient alone.


4. जब तक हम एक नहीं होते, तब तक बदलाव संभव नहीं है।

👉 Until we unite, change is not possible.

5 जब तक तुम मेहनत नहीं करोगे, तब तक सफलता नहीं मिलेगी।.....
Aap ans कमेंट मे बताओ 👇
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Paper 1
✅ English Vocabulary

1. ENLIVEN (VERB): (हर्षित करना): cheer up
Synonyms: raise someone's spirits, uplift
Antonyms: subdue
Example Sentence:
My visit to my mother had quite clearly enlivened her.


2. PRAGMATIC (ADJECTIVE): (व्यावहारिक): practical
Synonyms: matter-of-fact, realistic
Antonyms: impractical
Example Sentence:
There was no pragmatic solution to the problem.


3. ADVERSARY (NOUN): (प्रतिद्वंद्वी): opponent
Synonyms: rival, enemy
Antonyms: ally
Example Sentence:
Sonia beat his old adversary in the quarter-finals.


4. AFFLICT (VERB): (पीड़ा देना): trouble
Synonyms: bother, burden
Antonyms: comfort
Example Sentence:
His younger child was afflicted with a skin disease.


5. CYNICISM (NOUN): (संदेहवाद): scepticism
Synonyms: doubt, distrust
Antonyms: optimism
Example Sentence:
Her cynicism has influenced me more than I thought.


6. INCONCEIVABLE (ADJECTIVE): (समझ से बाहर): beyond belief
Synonyms: unbelievable, incredible
Antonyms: likely
Example Sentence:
They behaved with inconceivable cruelty.


7. HEFTY (ADJECTIVE): (शक्तिशाली): powerful
Synonyms: violent, hard
Antonyms: feeble
Example Sentence:
He aimed a hefty kick at the door.


8. GLARE (NOUN): (भौह चढ़ाना): scowl
Synonyms: glower, frown
Antonyms: smile
Example Sentence:
She almost gave me a glare of contempt.


9. CRIPPLE (VERB): (खराब करना): ruin
Synonyms: destroy, wipe out
Antonyms: boost
Example Sentence:
The thought of him almost crippled her.


10. BUCK (VERB): (खंडन करना): resist
Synonyms: oppose, contradict
Antonyms: accept
Example Sentence:
The shares bucked the market trend.
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राजनांदगांव के चौबे बंधुओ का छत्तीसगढ़ के क्रांतिकारी आंदोलन में योगदान का विवरण दीजिए Mains 2023 / 4 मार्क्स
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कौन से चौबे बंधु को पूछा हैं मुझे नहीं पता
कुंज बिहारी चौबे शायद ??

कृपया राजनांदगाव वाले या अन्य जिसको भी पता इसका इसका उत्तर देवे 🙏
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❤️ नजाकत अली
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नजाकत अली❤️
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🔆 PRERANA: AN EXPERIENTIAL LEARNING PROGRAM

✅ Launched by: Department of School Education & Literacy, Ministry of Education, Government of India
✅ Aim: To provide a distinctive, motivational, and experiential learning experience to students, focusing on leadership qualities.
✅ Headquarters: Vernacular school in Vadnagar, Gujarat.
✅ Program Duration: Weekly residential program.
✅ Curriculum Developed by: IIT Gandhinagar.
✅ Target Group: 20 students from different parts of the country on a rotational basis.

🔆 OBJECTIVES
✅ To integrate the principles of the Indian education system and the philosophy of value-based education, in line with the National Education Policy (NEP) 2020.
✅ The core focus is to nurture leadership qualities and promote unity in diversity.

🔆 NINE CORE VALUES-BASED THEMES
✅ The program is based on 9 core values-based themes:
• Self-respect and humility
• Courage and determination
• Hard work and dedication
• Compassion and service
• Diversity and unity
• Truthfulness and cleanliness
• Innovation and curiosity
• Faith and trust
• Independence and responsibility

🔆 ACTIVITIES UNDER PRERANA
✅ The program features activities like yoga, meditation, and cultural experiences, coupled with experiential learning, thematic discussions, and hands-on educational activities.
✅ Sessions will include visits to historical and heritage sites, inspirational film screenings, and career-oriented discussions.
✅ Mentors from prestigious institutions will guide participants in this transformative experience.

🔆 SELECTION PROCESS
✅ Eligibility: Students in Classes 9 to 12
✅ How to Apply: Interested students can register through the portal: [prerana.education.gov.in](http://prerana.education.gov.in).
✅ Total Participants: 20 students (10 male, 10 female) from various regions.

#Prerana #Leadership #ExperientialLearning #Education #NEP2020 #ValueBasedEducation
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🔆 प्रेरणा: एक अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम

✅ लॉन्च: स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार
✅ उद्देश्य: नेतृत्व गुणों पर ध्यान केंद्रित करते हुए छात्रों को एक विशिष्ट, प्रेरक और अनुभवात्मक शिक्षण अनुभव प्रदान करना।
✅ मुख्यालय: गुजरात के वडनगर में वर्नाक्यूलर स्कूल।
✅ कार्यक्रम की अवधि: साप्ताहिक आवासीय कार्यक्रम।
✅ पाठ्यक्रम विकसित किया गया: IIT गांधीनगर।
✅ लक्ष्य समूह: देश के विभिन्न हिस्सों से 20 छात्र रोटेशन के आधार पर।

🔆 उद्देश्य
✅ राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप भारतीय शिक्षा प्रणाली के सिद्धांतों और मूल्य-आधारित शिक्षा के दर्शन को एकीकृत करना।
✅ मुख्य फोकस नेतृत्व गुणों का पोषण करना और विविधता में एकता को बढ़ावा देना है।

🔆 नौ मुख्य मूल्य-आधारित थीम
✅ यह कार्यक्रम 9 मुख्य मूल्य-आधारित थीम पर आधारित है:
• आत्म-सम्मान और विनम्रता
• साहस और दृढ़ संकल्प
• कड़ी मेहनत और समर्पण
• करुणा और सेवा
• विविधता और एकता
• सच्चाई और स्वच्छता
• नवाचार और जिज्ञासा
• आस्था और विश्वास
• स्वतंत्रता और जिम्मेदारी

🔆 प्रेरणा के तहत गतिविधियाँ
✅ कार्यक्रम में योग, ध्यान और सांस्कृतिक अनुभव जैसी गतिविधियाँ शामिल हैं, साथ ही अनुभवात्मक शिक्षा, विषयगत चर्चाएँ और व्यावहारिक शैक्षिक गतिविधियाँ भी शामिल हैं।
✅ सत्रों में ऐतिहासिक और विरासत स्थलों का दौरा, प्रेरणादायक फ़िल्म स्क्रीनिंग और करियर-उन्मुख चर्चाएँ शामिल होंगी।
✅ प्रतिष्ठित संस्थानों के मेंटर इस परिवर्तनकारी अनुभव में प्रतिभागियों का मार्गदर्शन करेंगे।

🔆 चयन प्रक्रिया
✅ पात्रता: कक्षा 9 से 12 तक के छात्र
✅ आवेदन कैसे करें: इच्छुक छात्र पोर्टल: [prerana.education.gov.in](http://prerana.education.gov.in) के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं।
✅ कुल प्रतिभागी: विभिन्न क्षेत्रों से 20 छात्र (10 पुरुष, 10 महिला)।
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भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की वाणिज्यिक शाखा – एग्रीनोवेट इंडिया लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 1.42 करोड़ रुपये का लाभांश दिया – एग्रीनोवेट इंडिया लिमिटेड (AgIn), जो भारत सरकार के कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग (DARE), कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत एक उपक्रम है, ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 1,42,23,513 रुपये का लाभांश घोषित किया है। यह लाभांश वितरण निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार किया गया है। एग्रीनोवेट इंडिया लिमिटेड ने अपनी स्थापना के बाद पहली बार लाभांश का भुगतान किया है।
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एग्रीनोवेट इंडिया लिमिटेड🔥
Paper 7 part 3

2011 में स्थापित, एग्रीनोवेट इंडिया लिमिटेड ICAR की वाणिज्यिक शाखा के रूप में कार्य करती है, जो कृषि अनुसंधान और उसके व्यावहारिक कार्यान्वयन के बीच सेतु का कार्य करती है। AgIn का प्रमुख उद्देश्य भारत भर में कृषि प्रौद्योगिकियों के स्थानांतरण, मूल्य संवर्धन और विस्तार को बढ़ावा देना है, जिससे किसानों और उद्यमियों को लाभ मिल सके। लाभांश की यह घोषणा एग्रीनोवेट की वित्तीय स्थिरता, संस्थागत जवाबदेही और भारत के कृषि नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को आगे बढ़ाने के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
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प्रधानमंत्री आवास निर्माण निर्माण में रायगढ़ जिले ने प्रदेश में बाजी मारी
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स्कूली शिक्षा में 3 हज़ार प्राचार्य की पदोन्नति
एक दिन, इतनी मेहनत के बाद, आप कभी हार न मानने के लिए खुद को धन्यवाद देंगे।

आप खुद को धन्यवाद देंगे
अपने थके हुए शरीर को उन दिनों में ऊपर लाने के लिए जब आप बस बिस्तर पर पड़े रहना चाहते थे,

और खुद को उस पल तक धकेलने के लिए जब आप आईने में देखते हैं, और कहते हैं “मैंने यह कर दिखाया, मुझे गर्व है।”

यह दिन आज नहीं हो सकता है, लेकिन यह जल्द ही आ जाएगा।

चलते रहे!✅️😊
One day, after all the hard work, you’ll thank yourself for never giving up.

You’ll thank yourself
For bringing your drained body up on days all you wanted to do was stay in bed,

And for pushing yourself to the moment that you look in the mirror, and say “I did it, I’m proud.”

This day may not be today, but it’ll be here soon.
Keep going!
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भारत सरकार ने एलान किया है कि अगली जनगणना में जातिवार आंकड़े भी जमा किए जाएंगे.100 साल बाद ऐसा होगा.इससे जाति आधारित भेदभाव पर कितना असर पड़ेगा?

करीब 100 बाद आखिरकार भारत में जाति जनगणना होगी.यानी असल में पता चल पाएगा कि किस जाति के कितने लोग रहते हैं.विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत सरकार का अगली जनगणना में जाति को शामिल करना बड़ा बदलाव लाने वाला हो सकता है.जातिगत जनगणना का समर्थन कर रहे कई विशेषज्ञ रेखांकित कर रहे थे कि भारत में सामाजिक ताने-बाने से लेकर राजनीति और नौकरियों तक, जातिगत पहचान की भूमिका बेहद अहम है.ऐसे में जातिवार आबादी का आंकड़ा ना होना अपने आप में एक विडंबना है.विशेषज्ञों का यह भी तर्क है कि इस आंकड़े से कल्याणकारी योजनाओं की रूपरेखा अधिक सकारात्मक हो सकती है.जाति जनगणना करवाने का निर्णय केवल प्राशासनिक या सांख्यिकीय नहीं है, बल्कि इसके गहरे ऐतिहासिक, सामाजिक और राजनीतिक निहितार्थ हैं.जाति जनगणना की एक लंबी पृष्ठभूमि रही है, जिसकी शुरुआत औपनिवेशिक काल यानी अंग्रेजों के राज में हुई थी.जाति का वर्गीकरणभारत में जाति गणना की शुरुआत ब्रिटिश शासन के दौरान हुई.देश में आम जनगणना 1871 से नियमित रूप से शुरू हुई, लेकिन 1881 की जनगणना से जातियों की व्यवस्थित गणना शुरू की गई.हालांकि, कई आलोचक इसे भारत में जातीय पहचान को और ज्यादा पुख्ता करने की साजिश के तौर पर देखते हैं.इतिहासकार निकोलस डिर्क्स ने अपनी चर्चित किताब "कास्ट्स ऑफ माइंड" में लिखा, "औपनिवेशिक राज्य ने अपने जातीय सर्वेक्षणों और जनगणनाओं के माध्यम से भारत की लचीली और संदर्भ-आधारित सामाजिक पहचानों को स्थिर वर्गों में बदल दिया"यानी, जो जातियां पहले लचीली थीं, उन्हें ब्रिटिश शासन ने स्थायी, कठोर पहचान बना दिया गया. बहुत से विशेषज्ञ मानते हैं कि इसी प्रक्रिया ने जाति को भारतीय समाज 9के में केंद्र में ला खड़ा किया.हालांकि, यह गणना कुछ ही दशक तक चली.1931 का सेंसस वह आखिरी जनगणना थी, जिसमें सभी जातियों के आंकड़े जमा किए गए.उसके बाद से केवल अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति का ही डेटा इकट्ठा किया जाता रहा है.दिलचस्प बात यह है कि मंडल आयोग (1980) ने ओबीसी की आबादी का अनुमान इन्हीं 1931 के आंकड़ों के आधार पर लगाया और सुझाव दिया कि ओबीसी की आबादी लगभग 52 फीसदी है.यही आंकड़ा 1990 में आरक्षण नीतियों का आधार बना.स्वतंत्र भारत और "जातिहीन" राष्ट्र की कल्पनाआजादी के बाद भारत में सरकार ने विस्तृत जाति जनगणना से दूरी बना ली.विशेषज्ञों के अनुसार, इसके पीछे वही डर काम कर रहा था कि जाति गणना सामाजिक विभाजन को और बढ़ा सकती है.इस बारे में टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान में शोधकर्ता डॉ.आरबी भगत अपने शोध "सेंसर एंड कास्ट इन्युमरेशन" में लिखते हैं, "स्वतंत्रता के बाद भारत में नवगठित सरकार जातिगत जनगणना को फिर से शुरू करने से डर रही थी.इससे सांप्रदायिक सौहार्द, शांति और भारतीय राष्ट्र की एकता टूट सकती थी"तब सरकार एक जातिहीन देश का सपना देख रही थी.भारत की लोकतांत्रिक परियोजना एक "जातिहीन" समाज की ओर बढ़ना चाहती थी, लेकिन जाति भारत के रोम-रोम में ऐसी बसी हुई है कि यह सपना केवल कागजों पर संभव हुआ.2011 में केंद्र सरकार ने पहली बार 1931 के बाद सभी जातियों की गिनती करने की कोशिश की.यह प्रयास सोशियो-इकोनॉमिक एंड कास्ट सेंसस (एसईसीसी) के जरिए से हुआ. तब देश में मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार थी, जिसने 2011 की जनगणना में जाति आधारित आंकड़े जमा करने का निर्देश दिया.यह काम 1948 के "सेंसस ऑफ इंडिया ऐक्ट" के जरिए नहीं हुआ, बल्कि रजिस्ट्रार जनरल और सेंसस कमिश्नर ऑफ इंडिया ने इसे अलग से किया.इसके नतीजे आने तक मनमोहन सिंह की सरकार जा चुकी थी और नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बन गए थे.जुलाई 2014 में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय अरुण जेटली ने इस सर्वे के आंकड़े जारी किए.इसके मुताबिक, देश में अनुसूचित जाति के लोगों की संख्या 21.53 फीसदी थी.इसके अलावा जाति आधारित कोई आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया गया.तब कई राज्यों की सरकारों ने आरोप लगाया कि जान-बूझकर सरकार ने जाति के आंकड़ों को सार्वजनिक नहीं किया.आलोचकों का कहना था कि आंकड़े छिपाने से जाति नहीं छिपती.फिर धीरे-धीरे देश में जाति आधारित जनगणना की मांग तेज होती गई.जाति जनगणना की नई मांग और राजनीतिबिहार जैसे राज्यों ने हाल ही में जाति सर्वेक्षण किए हैं.2023 में बिहार सरकार के सर्वे में पता चला कि ओबीसी और ईबीसी ही राज्य की कुल आबादी का 63 फीसदी से ज्यादा हैं.इससे अन्य राज्यों में भी जाति सर्वेक्षण की मांग बढ़ी है.कर्नाटक, ओडिशा और महाराष्ट्र में भी जाति आधारित डेटा पर राजनीतिक बहसें तेज हुई हैं.
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हमारे एक मेंबर ने मोटिवेशन की मांग की है कि बहुत दिन से कोई पोस्ट नही लिखे ... ओके मैं लिख रहा हु
अभी अपने दिल पर हाथ रखो क्या तुम्हें धड़कन महसूस होती है यह धड़कन सिर्फ खून पंप नहीं कर रही यह तुम्हें याद दिला रही है कि तुम जिंदा हो और इसका मतलब यह है कि तुम्हारे अंदर ताकत है तुम अपना सपना पूरा कर सकते हो इस ताकत से .....कभी-कभी यह धड़कन मुझे एक आग💥 की तरह लगती है दिल में एक चिंगारी है an intense burning desire कुछ पाना है कुछ बनना है अपना सपने सच करना है
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