CGPSC RACE
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CG psc / Vyapam की तैयारी के लिए तैयारी
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"Winners don’t make excuses" – यह वाक्य हमें सिखाता है कि सच्चे विजेता असफलताओं या मुश्किलों के लिए बहाने नहीं बनाते, बल्कि वे जिम्मेदारी लेते हैं, मेहनत करते हैं, और समाधान खोजते हैं।

बहाना बनाना आसान है, लेकिन उससे न तो लक्ष्य मिलता है और न ही सम्मान।
विजेता अपनी असफलताओं से सीखते हैं, न कि उन्हें छुपाने के लिए बहाने बनाते हैं।

उदाहरण:
अगर कोई CGPSC की परीक्षा में असफल होता है, तो एक साधारण व्यक्ति कहेगा:
"पेपर बहुत कठिन था",
"मेरे पास समय नहीं था",
"सिलेबस बहुत बड़ा है।"

लेकिन एक विजेता सोचता है:

"मुझे टाइम मैनेजमेंट सुधारना है",
"मुझे अपनी रणनीति बदलनी होगी",
"मैं फिर से कोशिश करूंगा, और इस बार बेहतर करूंगा।"

🌟 "Winners are not those who never fail,
but those who never quit and never hide behind excuses
.
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#Uppolice 😅
दिल दें, ओटीपी नहीं


Jab tak is desh mein “Sanima” hai tab tak aisa hi rahega !
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कल आबकारी के परीक्षा देवइय्या जम्मो संगवारी मन ला
आल द बेस्ट ✌️
मस्त पेपर बना के आइहा
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🛡 अजय सेठ बने नए IRDAI प्रमुख

सरकार ने पूर्व वित्त सचिव अजय सेठ को भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) का नया चेयरमैन नियुक्त किया है।
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गौतम बुद्ध को बोधगया में ज्ञान की प्राप्ति 😍

सिद्धार्थ से बुद्ध तक
➡️ लुम्बिनी में जन्म (563 ई.पू.)
➡️ शुद्धोधन के पुत्र – एक राजकुमार
➡️ 29 वर्ष की आयु में गृहत्याग (महाभिनिष्क्रमण)

सत्य की खोज

➡️ सत्य, दुःख और मोक्ष की खोज में निकले
➡️ तप, ध्यान और शिक्षकों से ज्ञान प्राप्त करने का प्रयास
➡️ कठोर तपस्या के बाद भी समाधान नहीं मिला

बोधगया की यात्रा
➡️ मगध (अब बिहार) राज्य पहुँचे
➡️ एक पीपल वृक्ष के नीचे ध्यानस्थ हो गए
➡️ संकल्प: "जब तक सत्य न मिले, तब तक नहीं उठूंगा"

ज्ञान की प्राप्ति – बोधि ज्ञान
📍 स्थान: बोधगया, बिहार
  🌳 वृक्ष: बोधि वृक्ष (पीपल)
⏳ 49 दिनों के ध्यान के बाद,
➡️ बुद्ध को मिला परम ज्ञान (निर्वाण)

बोधगया का महत्व

🔹 बौद्ध धर्म का सबसे पवित्र स्थल
🔹 विश्व धरोहर स्थल (UNESCO)
🔹 हर वर्ष लाखों श्रद्धालु यहां आते हैं
सभी नाग और नागिनो को
नाग पंचमी की शुभकामनायें 🤣
😁23❤1
Mountain Ranges in India
Important for cgpsc prelims
Already last year pre m Q aa chuka h
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छत्तीसगढ़ के 115 शहरों ने स्वच्छता रैंकिंग में सुधार किया है। देशभर के टॉप-100 शहरों में राज्य के 25 शहर शामिल हुए हैं। रायपुर को सेवन स्टार गारबेज-फ्री सिटी और वाटर प्लस का दर्जा मिला है।
62 शहरों ने गारबेज-फ्री रेटिंग में सुधार किया और 163 नगरीय निकाय ओडीएफ प्लस प्लस बने। सिमगा, जशपुर, राजपुर, भिलाई-चरोदा जैसे शहरों ने रैंकिंग में उल्लेखनीय छलांग लगाई।
Amazing fact about cut off and marks

जिसका अधिकतम अंक होता है ऐसे लोग सूची में 5-10 लोग ही होते हैं

जैसे-जैसे मेरिट लिस्ट में अंक कम होते जाते हैं वैसे-वैसे उतनी ही अंक पाने वाले संख्या बढ़ती जाती है
हॉस्टल वार्डन के exam में 35 से ज्यादा लोग 74..... के रेंज में थे

जब परीक्षा पूरे छत्तीसगढ़ में हुई है तो एक-एक पॉइंट नंबर पर इतने सारे लोग रहते हैं और कट ऑफ यहीं खत्म हो जाता है
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सतत् कृषि के लिये सरकार की पहल
P4p3 , p5p2

राष्ट्रीय सतत् कृषि मिशन
परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY)
कृषि वानिकी पर उप-मिशन (SMAF)
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना
पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिये जैविक मूल्य शृंखला विकास मिशन (MOVCDNER)
Last year Cgpsc Pre Q में ये डाटा पूछा गया था
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जलवायु परिवर्तन से संबंधित लगातार दो बार निबंध आया है
जलवायु परिवर्तन का कृषि पर प्रभाव एक आयाम लिख सकते ह
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जलवायु परिवर्तन से कृषि पर बहुत ज़्यादा असर पड़ता है, जिससे खाद्य सुरक्षा प्रभावित होती है।

2023-24 में, कुल जीडीपी में 8.2 % की वृद्धि हुई, लेकिन कृषि जीडीपी में केवल 1.4% की वृद्धि हुई, जो पिछले वर्ष के 4.7% से कम है, आंशिक रूप से अल नीनो से खराब मानसून की स्थिति के कारण।

जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम में और भी अधिक उतार-चढ़ाव आने की आशंका है, जैसे कि असमान मानसून, बाढ़ और सूखा। 😟

आर्थिक सर्वेक्षण का अनुमान है कि 2050 तक गेहूं की पैदावार में 19.3 % और 2080 तक 40% की गिरावट आ सकती है, जिससे खाद्य असुरक्षा और मुद्रास्फीति और भी बदतर😕 हो सकती है
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🇮🇳 राष्ट्रीय भाला फेंक दिवस 🥇

7 अगस्त का दिन भारत के खेल इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया है।
👉 इस दिन 2021 में टोक्यो ओलंपिक के दौरान, भारतीय एथलीट नीरज चोपड़ा ने 87.58 मीटर भाला फेंक कर ओलंपिक स्वर्ण पदक जीता था।

यह जीत इसलिए ऐतिहासिक है क्योंकि:
•  🇮🇳 यह भारत का पहला ट्रैक एंड फील्ड गोल्ड मेडल था।
•  नीरज चोपड़ा ओलंपिक में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाले केवल दूसरे भारतीय बने (पहले अभिनव बिंद्रा)।
•  उन्होंने करोड़ों युवाओं को प्रेरणा दी और भारत को एथलेटिक्स में नई पहचान दिलाई।
•  इसलिए यह दिन राष्ट्रीय भाला फेंक दिवस के रूप में मनाया जाता है
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must read
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