वसुधा का नेता कौन हुआ?
भूखंड-विजेता कौन हुआ?
अतुलित यश-क्रेता कौन हुआ?
नव-धर्म-प्रणेता कौन हुआ?
जिसने न कभी आराम किया,
विघ्नों में रहकर नाम किया ।
- रश्मिरथी
रामधारी सिंह दिनकर
भूखंड-विजेता कौन हुआ?
अतुलित यश-क्रेता कौन हुआ?
नव-धर्म-प्रणेता कौन हुआ?
जिसने न कभी आराम किया,
विघ्नों में रहकर नाम किया ।
- रश्मिरथी
रामधारी सिंह दिनकर
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तीन असहज सच्चाईयाँ! ⚡️
Three uncomfortable truths! ⚡️
– हर कोई आज़ादी 🕊️ चाहता है, लेकिन अपने कम्फर्ट ज़ोन 🛋️ में ही अटका रहता है।
– हर कोई सफलता 🏆 चाहता है, लेकिन ज़िम्मेदारी 🎯 लेने से डरता है।
– हर कोई तुरंत नतीजे ⏳ चाहता है, लेकिन धैर्य रखने और लंबे समय के लिए तैयार नहीं होता 🏗️।
– Everyone wants freedom 🕊️, but keeps holding on to their comfort zone 🛋️.
– Everyone wants success 🏆, but is afraid to take responsibility 🎯.
– Everyone wants quick results ⏳, but isn’t ready to be patient and build for the long run 🏗️.
आपके कार्य आपकी प्राथमिकताओं का दर्पण हैं
Your actions are the mirror of your priorities
Three uncomfortable truths! ⚡️
– हर कोई आज़ादी 🕊️ चाहता है, लेकिन अपने कम्फर्ट ज़ोन 🛋️ में ही अटका रहता है।
– हर कोई सफलता 🏆 चाहता है, लेकिन ज़िम्मेदारी 🎯 लेने से डरता है।
– हर कोई तुरंत नतीजे ⏳ चाहता है, लेकिन धैर्य रखने और लंबे समय के लिए तैयार नहीं होता 🏗️।
– Everyone wants freedom 🕊️, but keeps holding on to their comfort zone 🛋️.
– Everyone wants success 🏆, but is afraid to take responsibility 🎯.
– Everyone wants quick results ⏳, but isn’t ready to be patient and build for the long run 🏗️.
आपके कार्य आपकी प्राथमिकताओं का दर्पण हैं
Your actions are the mirror of your priorities
❤9👍1
गिरने के बाद फिर से उठो... क्योंकि असली ताकत यहीं है।
ज़िंदगी हमेशा आराम और खुशी नहीं होती... कई बार यह हमें मुश्किल हालात में डाल देती है... लेकिन ये मुश्किल पल हमें तोड़ने के लिए नहीं... बल्कि हमारी ताकत की परीक्षा लेने के लिए होते हैं।
किसी इंसान की असली ताकत इसमें नहीं होती कि वह सफलता का कितना आनंद लेता है... बल्कि इसमें होती है कि वह असफलता का सामना करने के बाद कैसे फिर से खड़ा होता है।
हर असफलता अंत नहीं होती... यह तो बस मजबूत और समझदार बनने की दिशा में एक कदम है।
इसलिए, अगर ज़िंदगी आपको गिरा दे तो निराश मत होइए... बल्कि हिम्मत जुटाइए... उससे सीखिए और ज़्यादा आत्मविश्वास के साथ फिर से उठ खड़े होइए।
खुद पर भरोसा रखो... मुश्किलों में भी चलते रहो, और याद रखो कि संघर्ष अस्थायी होते हैं... लेकिन आपका दृढ़ संकल्प हमेशा बना रह सकता है।
ज़िंदगी हमेशा आराम और खुशी नहीं होती... कई बार यह हमें मुश्किल हालात में डाल देती है... लेकिन ये मुश्किल पल हमें तोड़ने के लिए नहीं... बल्कि हमारी ताकत की परीक्षा लेने के लिए होते हैं।
किसी इंसान की असली ताकत इसमें नहीं होती कि वह सफलता का कितना आनंद लेता है... बल्कि इसमें होती है कि वह असफलता का सामना करने के बाद कैसे फिर से खड़ा होता है।
हर असफलता अंत नहीं होती... यह तो बस मजबूत और समझदार बनने की दिशा में एक कदम है।
इसलिए, अगर ज़िंदगी आपको गिरा दे तो निराश मत होइए... बल्कि हिम्मत जुटाइए... उससे सीखिए और ज़्यादा आत्मविश्वास के साथ फिर से उठ खड़े होइए।
खुद पर भरोसा रखो... मुश्किलों में भी चलते रहो, और याद रखो कि संघर्ष अस्थायी होते हैं... लेकिन आपका दृढ़ संकल्प हमेशा बना रह सकता है।
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पेपर 7 पार्ट 2
⭕️ 29 अगस्त - "राष्ट्रीय खेल दिवस"
🔰राष्ट्रीय खेल दिवस हर साल 29 अगस्त को हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद जी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।
⭕️थीम 2025 : "शांतिपूर्ण और समावेशी समाजों को बढ़ावा देने के लिए खेल"
#NationalSportsDay@cgpscraceacademy
⭕️ 29 अगस्त - "राष्ट्रीय खेल दिवस"
🔰राष्ट्रीय खेल दिवस हर साल 29 अगस्त को हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद जी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।
⭕️थीम 2025 : "शांतिपूर्ण और समावेशी समाजों को बढ़ावा देने के लिए खेल"
#NationalSportsDay@cgpscraceacademy
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अगर आप बार बार असफल हो रहें हैं तो इस असफलता का बोझ ढोने के बजाय इससे ही अपना रास्ता बनाइए। सामान्य मानव व्यवहार यह कहता है कि जब हमें कोई चुनौती देता है तब हम दोगुना जोश से उस काम पर लग जाते हैं और सामने वाले को वह चीज़ करके दिखाते हैं। असफलता को आप वहीं चुनौती देने वाला इंसान मानिए और लग जाइए दोगुने जोश से पढ़ाई में। ताकि दोबारा कभी असफलता आपको चुनौती ना दे सके।
Let's do it once again🤛
Let's do it once again🤛
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जब दिल सब कुछ कहना चाहता है, पर होंठ चुप हैं
ज़िंदगी के इस मुश्किल दौर से हर कोई गुज़र रहा है, जहाँ हम अक्सर दूसरों से कट जाते हैं और खुद से जुड़ जाते हैं, जहाँ हमारे दिल में ढेरों भावनाएँ उमड़ती रहती हैं और हम सब अपनी हर बात बताना चाहते हैं कि हम कैसा महसूस कर रहे हैं, किसी से कुछ कहना मुश्किल होता है, दिल सब कुछ कहना चाहता है, पर होंठ बंद रहते हैं और दिल घुटन की हालत में होता है।
रूह के अंदर एक भारी तूफ़ान चल रहा होता है। जब हम किसी की बात ध्यान से सुनने की क्षमता खो चुके होते हैं, और सिर्फ कुछ कहना चाहते हैं।
हम बताना चाहते हैं कि मौसम की परवाह किए बिना किसी ख़ास समय पर सुबह जल्दी उठना कितना मुश्किल होता है, अनुशासित रहना कितना मुश्किल होता है, दो जोड़ी साधारण कपड़े, खुद को स्टाइल करना और अच्छे से तैयार करना भूल गए है , कोई दोस्त नहीं, कोई पार्टी नहीं, पौष्टिक खाना वगैरह।
कभी-कभी ऐसा लगता है कि ज़िंदगी नीरस/ बेजान हो गई है। सब कुछ अंदर ही है क्योंकि इस डर से कि कोई आपके जीवन से जुड़ नहीं सकता, कोई आपको समझ नहीं सकता।
ज़िंदगी के इस मुश्किल दौर से हर कोई गुज़र रहा है, जहाँ हम अक्सर दूसरों से कट जाते हैं और खुद से जुड़ जाते हैं, जहाँ हमारे दिल में ढेरों भावनाएँ उमड़ती रहती हैं और हम सब अपनी हर बात बताना चाहते हैं कि हम कैसा महसूस कर रहे हैं, किसी से कुछ कहना मुश्किल होता है, दिल सब कुछ कहना चाहता है, पर होंठ बंद रहते हैं और दिल घुटन की हालत में होता है।
रूह के अंदर एक भारी तूफ़ान चल रहा होता है। जब हम किसी की बात ध्यान से सुनने की क्षमता खो चुके होते हैं, और सिर्फ कुछ कहना चाहते हैं।
हम बताना चाहते हैं कि मौसम की परवाह किए बिना किसी ख़ास समय पर सुबह जल्दी उठना कितना मुश्किल होता है, अनुशासित रहना कितना मुश्किल होता है, दो जोड़ी साधारण कपड़े, खुद को स्टाइल करना और अच्छे से तैयार करना भूल गए है , कोई दोस्त नहीं, कोई पार्टी नहीं, पौष्टिक खाना वगैरह।
कभी-कभी ऐसा लगता है कि ज़िंदगी नीरस/ बेजान हो गई है। सब कुछ अंदर ही है क्योंकि इस डर से कि कोई आपके जीवन से जुड़ नहीं सकता, कोई आपको समझ नहीं सकता।
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आप सही कह रहे हैं, यह सच भी है। लेकिन अचानक मेरे मन में एक विचार आया जब मुझे एहसास हुआ कि "आप यह क्यों भूल जाते हैं कि कुछ महान हासिल करने के लिए आपको और अधिक खोना होगा" (read 5 times ), आप यह क्यों भूल जाते हैं कि हर किसी में ऐसा करने की हिम्मत नहीं होती, आप यह क्यों भूल जाते हैं कि बिना त्याग के आप महान नहीं बन सकते। तो आपकी हिम्मत कैसे हुई खुद को नीचा देखने की, खुद को कमतर समझने की, खुद को अयोग्य मानने की और किसी और से अपनी तुलना करने की।
कोई नहीं जानता कि हम सफल होंगे या नहीं लेकिन मैं निश्चित रूप से कह सकता हूं कि हम सभी दूसरों की तुलना में एक कदम अधिक स्पेशल (खास) हो गए हैं, किसी में भी असफलता के बाद एक ही टेबल पर चिपके रहने की हिम्मत नहीं है लेकिन आपने यह किया। हम सभी इस यात्रा में साथ हैं ठीक है आप अकेले नहीं हैं
कोई नहीं जानता कि हम सफल होंगे या नहीं लेकिन मैं निश्चित रूप से कह सकता हूं कि हम सभी दूसरों की तुलना में एक कदम अधिक स्पेशल (खास) हो गए हैं, किसी में भी असफलता के बाद एक ही टेबल पर चिपके रहने की हिम्मत नहीं है लेकिन आपने यह किया। हम सभी इस यात्रा में साथ हैं ठीक है आप अकेले नहीं हैं
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Dear Students
"Believe in your preparation, Trust your journey, and ace your exams with courage."
Happy Teacher's Day❤️❤️
"Believe in your preparation, Trust your journey, and ace your exams with courage."
Happy Teacher's Day❤️❤️
❤8👍7
🔆 Cgpsc Mains मॉडल प्रश्नोत्तर
📍 प्रश्न: भारत में वस्तु और सेवा कर (GST) के कार्यान्वयन में मुख्य चुनौतियाँ क्या हैं? इस चरण में दर तर्कसंगतता क्यों आवश्यक मानी जाती है? प्रस्तावित सुधार कर प्रणाली को अधिक कुशल और न्यायसंगत बनाने में कैसे योगदान दे सकते हैं? (15 अंक)
📍 प्रश्न क्यों?
सरकार ने हाल ही में GST 2.0 सुधार प्रस्तावित किए हैं जिनमें दोहरे कर स्लैब (5% और 18%) शामिल हैं ताकि अनुपालन सरल हो, राजस्व में वृद्धि हो और न्यायसंगतता बेहतर हो, जो इसे एक महत्वपूर्ण समसामयिक विषय बनाता है।
📍 प्रश्न की मुख्य मांगें
प्रश्न में आवश्यक है:
✅ GST कार्यान्वयन में चुनौतियों का विश्लेषण।
✅ यह समझाना कि दर तर्कसंगतता अब क्यों आवश्यक है।
✅ प्रस्तावित सुधार कर प्रणाली को कुशल और न्यायसंगत कैसे बना सकते हैं, का मूल्यांकन।
📍 उत्तर की संरचना
परिचय
✅ GST को 101वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 2017 के तहत लागू किया गया।
✅ यह एक महत्वपूर्ण सुधार है जो भारत में अप्रत्यक्ष कर प्रणाली को एकीकृत करता है।
मुख्य भाग
🔹 चुनौतियाँ
✅ कई कर स्लैब जटिलता उत्पन्न करते हैं।
✅ विशेष रूप से लघु और मध्यम उद्यमों (SMEs) के लिए उच्च अनुपालन बोझ।
✅ राज्यों की GST मुआवजा पर निर्भरता।
✅ बार-बार मुकदमेबाजी और वर्गीकरण विवाद।
✅ पेट्रोलियम, शराब, और रियल एस्टेट का बहिष्कार समग्रता को कमजोर करता है।
🔹 दर तर्कसंगतता की आवश्यकता
✅ सरलता → अनुपालन आसान बनाना।
✅ कर आधार का विस्तार और चोरी को रोकना।
✅ न्यायसंगतता और प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देना।
✅ निवेशकों के लिए पूर्वानुमेय और स्थिर प्रणाली।
🔹 सुधारों का योगदान
✅ केंद्र और राज्यों के लिए राजस्व वृद्धि।
✅ कम अनुपालन लागत → व्यवसाय करने में आसानी।
✅ उपभोक्ताओं के लिए सुलभता सुनिश्चित करना।
✅ सहकारी संघवाद को मजबूत करना।
✅ कर प्रणाली में दीर्घकालिक स्थिरता और न्यायसंगतता बनाना।
निष्कर्ष
✅ GST 2.0 एक अवसर है एक सरल, न्यायसंगत और विकासोन्मुख कर प्रणाली की ओर बढ़ने का, जो दक्षता, स्थिरता और निष्पक्षता सुनिश्चित करता है।
📍 प्रश्न: भारत में वस्तु और सेवा कर (GST) के कार्यान्वयन में मुख्य चुनौतियाँ क्या हैं? इस चरण में दर तर्कसंगतता क्यों आवश्यक मानी जाती है? प्रस्तावित सुधार कर प्रणाली को अधिक कुशल और न्यायसंगत बनाने में कैसे योगदान दे सकते हैं? (15 अंक)
📍 प्रश्न क्यों?
सरकार ने हाल ही में GST 2.0 सुधार प्रस्तावित किए हैं जिनमें दोहरे कर स्लैब (5% और 18%) शामिल हैं ताकि अनुपालन सरल हो, राजस्व में वृद्धि हो और न्यायसंगतता बेहतर हो, जो इसे एक महत्वपूर्ण समसामयिक विषय बनाता है।
📍 प्रश्न की मुख्य मांगें
प्रश्न में आवश्यक है:
✅ GST कार्यान्वयन में चुनौतियों का विश्लेषण।
✅ यह समझाना कि दर तर्कसंगतता अब क्यों आवश्यक है।
✅ प्रस्तावित सुधार कर प्रणाली को कुशल और न्यायसंगत कैसे बना सकते हैं, का मूल्यांकन।
📍 उत्तर की संरचना
परिचय
✅ GST को 101वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 2017 के तहत लागू किया गया।
✅ यह एक महत्वपूर्ण सुधार है जो भारत में अप्रत्यक्ष कर प्रणाली को एकीकृत करता है।
मुख्य भाग
🔹 चुनौतियाँ
✅ कई कर स्लैब जटिलता उत्पन्न करते हैं।
✅ विशेष रूप से लघु और मध्यम उद्यमों (SMEs) के लिए उच्च अनुपालन बोझ।
✅ राज्यों की GST मुआवजा पर निर्भरता।
✅ बार-बार मुकदमेबाजी और वर्गीकरण विवाद।
✅ पेट्रोलियम, शराब, और रियल एस्टेट का बहिष्कार समग्रता को कमजोर करता है।
🔹 दर तर्कसंगतता की आवश्यकता
✅ सरलता → अनुपालन आसान बनाना।
✅ कर आधार का विस्तार और चोरी को रोकना।
✅ न्यायसंगतता और प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देना।
✅ निवेशकों के लिए पूर्वानुमेय और स्थिर प्रणाली।
🔹 सुधारों का योगदान
✅ केंद्र और राज्यों के लिए राजस्व वृद्धि।
✅ कम अनुपालन लागत → व्यवसाय करने में आसानी।
✅ उपभोक्ताओं के लिए सुलभता सुनिश्चित करना।
✅ सहकारी संघवाद को मजबूत करना।
✅ कर प्रणाली में दीर्घकालिक स्थिरता और न्यायसंगतता बनाना।
निष्कर्ष
✅ GST 2.0 एक अवसर है एक सरल, न्यायसंगत और विकासोन्मुख कर प्रणाली की ओर बढ़ने का, जो दक्षता, स्थिरता और निष्पक्षता सुनिश्चित करता है।
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