छत्तीसगढ़ के नव नियुक्त मुख्य सचिव विकास शील कौन से क्रम के है
Anonymous Quiz
9%
12 वे
61%
13 वें
29%
14 वें
2%
11 वें
👍3❤1
यदि भारत के उपराष्ट्पति अपने कार्यकाल के दूसरे वर्ष त्यागपत्र दे दे तो नए उपराष्ट्रपति का कार्यकाल कितने वर्ष का होगा?
Anonymous Quiz
32%
3 वर्ष
44%
5 वर्ष
9%
अनिश्चित काल
14%
2 वर्ष 6 माह
😁6
You can’t force a walnut to ripen and you can’t rush your becoming either.
In CGPSC prep, some breakthroughs don’t come after more hours,
they come after more trust in your rhythm, your effort, your pace.
🌿 While others post ranks and reels, just keep watering your mind.
You’re not behind, you’re ripening. Quietly. Strongly. Surely.
And when it’s time, your shell will crack — and the world will call it sudden.
In CGPSC prep, some breakthroughs don’t come after more hours,
they come after more trust in your rhythm, your effort, your pace.
🌿 While others post ranks and reels, just keep watering your mind.
You’re not behind, you’re ripening. Quietly. Strongly. Surely.
And when it’s time, your shell will crack — and the world will call it sudden.
❤1
आप अखरोट को पकने के लिए मजबूर नहीं कर सकते और न ही आप अपनी सफलता की ओर तेज़ी से बढ़ सकते हैं।
सीजीपीएससी की तैयारी में, कुछ सफलताएँ ज़्यादा घंटों के बाद नहीं मिलतीं,
वे आपकी लय, आपके प्रयास और आपकी गति पर ज़्यादा भरोसा करने के बाद मिलती हैं।
🌿 जब दूसरे लोग रैंक और रील पोस्ट करते हैं, तो बस अपने मन को सींचते रहें।
आप पीछे नहीं हैं, आप पक रहे हैं। चुपचाप। मज़बूती से। ज़रूर।
और जब समय आएगा, तो आपका खोल टूट जाएगा — और दुनिया इसे अचानक कहेगी।
सीजीपीएससी की तैयारी में, कुछ सफलताएँ ज़्यादा घंटों के बाद नहीं मिलतीं,
वे आपकी लय, आपके प्रयास और आपकी गति पर ज़्यादा भरोसा करने के बाद मिलती हैं।
🌿 जब दूसरे लोग रैंक और रील पोस्ट करते हैं, तो बस अपने मन को सींचते रहें।
आप पीछे नहीं हैं, आप पक रहे हैं। चुपचाप। मज़बूती से। ज़रूर।
और जब समय आएगा, तो आपका खोल टूट जाएगा — और दुनिया इसे अचानक कहेगी।
❤13
🔆 भारत की व्यापार नीति: संरक्षणवाद से उदारीकरण तक
📍 परिचय
✅ भारत की विदेशी व्यापार नीति ने अंतर्मुखी संरक्षणवाद से बहिर्मुखी उदारीकरण की ओर विकास किया है, जो आर्थिक विकास और निर्यात संवर्धन का मार्गदर्शन करती है।
📍 भारत की व्यापार नीति का विकास
✅ प्रारंभिक वर्ष (1947–1960 के दशक): घरेलू उद्योगों की रक्षा के लिए आयात प्रतिस्थापन, टैरिफ, कोटा।
✅ 1960–1980 के दशक: सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का विकास, संरक्षणवाद जारी (FERA 1974, MRTP अधिनियम 1969)।
✅ 1991 आर्थिक सुधार: संकट-प्रेरित उदारीकरण, टैरिफ में कटौती, निर्यात उन्मुखीकरण।
✅ 2000 से वर्तमान: डिजिटल अर्थव्यवस्था, मुक्त व्यापार समझौते, द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर ध्यान।
📍 विकास को प्रेरित करने वाले प्रमुख क्षेत्र
✅ आईटी और सॉफ्टवेयर सेवाएं – प्रमुख बीपीओ और आईटी निर्यातक।
✅ फार्मास्यूटिकल्स – आवश्यक दवाओं और टीकों का निर्यात।
✅ ऑटोमोबाइल और घटक – यात्री कारें, दोपहिया वाहन, ऑटो पार्ट्स।
✅ वस्त्र और परिधान – परिधान, यार्न, कपड़े।
✅ रसायन और पेट्रोकेमिकल्स – फार्मा, उर्वरक, पेट्रोलियम।
✅ कृषि उत्पाद और खाद्य प्रसंस्करण – चावल, मसाले, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ।
📍 व्यापार विस्तार में चुनौतियां
✅ भू-राजनीतिक तनाव: जैसे रूस-यूक्रेन युद्ध, मध्य पूर्व संकट।
✅ नीति और नियामक मुद्दे: WTO अनुपालन, नौकरशाही में देरी।
✅ व्यापार असंतुलन: कई देशों के साथ लगातार घाटा।
✅ प्रतिस्पर्धात्मकता के मुद्दे: सस्ते वैश्विक विकल्पों की तुलना में उच्च लागत।
✅ गुणवत्ता मानक: MSMEs को वैश्विक अनुपालन में कठिनाई।
📍 आगे का रास्ता
✅ इन्फ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स – बंदरगाह, गोदाम, आपूर्ति श्रृंखलाएं।
✅ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय व्यापार समझौते – गहरे FTAs।
✅ अनुसंधान एवं विकास और प्रौद्योगिकी अपनाना – IoT, स्वचालन, डिजिटल प्लेटफॉर्म।
✅ ब्रांड इंडिया का प्रचार – सरकार + उद्योग पहल।
✅ आकार की अर्थव्यवस्थाएं – कम लागत, उच्च प्रतिस्पर्धात्मकता।
📍 निष्कर्ष
✅ विदेशी व्यापार नीति 2023 के साथ, भारत 2030 तक $2 ट्रिलियन निर्यात प्राप्त करने का लक्ष्य रखता है, जिसमें UPI, ब्रांड इंडिया, FTAs, और डिजिटल ट्रेड प्लेटफॉर्म जैसे सुधार मददगार हैं।
📍 परिचय
✅ भारत की विदेशी व्यापार नीति ने अंतर्मुखी संरक्षणवाद से बहिर्मुखी उदारीकरण की ओर विकास किया है, जो आर्थिक विकास और निर्यात संवर्धन का मार्गदर्शन करती है।
📍 भारत की व्यापार नीति का विकास
✅ प्रारंभिक वर्ष (1947–1960 के दशक): घरेलू उद्योगों की रक्षा के लिए आयात प्रतिस्थापन, टैरिफ, कोटा।
✅ 1960–1980 के दशक: सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का विकास, संरक्षणवाद जारी (FERA 1974, MRTP अधिनियम 1969)।
✅ 1991 आर्थिक सुधार: संकट-प्रेरित उदारीकरण, टैरिफ में कटौती, निर्यात उन्मुखीकरण।
✅ 2000 से वर्तमान: डिजिटल अर्थव्यवस्था, मुक्त व्यापार समझौते, द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर ध्यान।
📍 विकास को प्रेरित करने वाले प्रमुख क्षेत्र
✅ आईटी और सॉफ्टवेयर सेवाएं – प्रमुख बीपीओ और आईटी निर्यातक।
✅ फार्मास्यूटिकल्स – आवश्यक दवाओं और टीकों का निर्यात।
✅ ऑटोमोबाइल और घटक – यात्री कारें, दोपहिया वाहन, ऑटो पार्ट्स।
✅ वस्त्र और परिधान – परिधान, यार्न, कपड़े।
✅ रसायन और पेट्रोकेमिकल्स – फार्मा, उर्वरक, पेट्रोलियम।
✅ कृषि उत्पाद और खाद्य प्रसंस्करण – चावल, मसाले, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ।
📍 व्यापार विस्तार में चुनौतियां
✅ भू-राजनीतिक तनाव: जैसे रूस-यूक्रेन युद्ध, मध्य पूर्व संकट।
✅ नीति और नियामक मुद्दे: WTO अनुपालन, नौकरशाही में देरी।
✅ व्यापार असंतुलन: कई देशों के साथ लगातार घाटा।
✅ प्रतिस्पर्धात्मकता के मुद्दे: सस्ते वैश्विक विकल्पों की तुलना में उच्च लागत।
✅ गुणवत्ता मानक: MSMEs को वैश्विक अनुपालन में कठिनाई।
📍 आगे का रास्ता
✅ इन्फ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स – बंदरगाह, गोदाम, आपूर्ति श्रृंखलाएं।
✅ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय व्यापार समझौते – गहरे FTAs।
✅ अनुसंधान एवं विकास और प्रौद्योगिकी अपनाना – IoT, स्वचालन, डिजिटल प्लेटफॉर्म।
✅ ब्रांड इंडिया का प्रचार – सरकार + उद्योग पहल।
✅ आकार की अर्थव्यवस्थाएं – कम लागत, उच्च प्रतिस्पर्धात्मकता।
📍 निष्कर्ष
✅ विदेशी व्यापार नीति 2023 के साथ, भारत 2030 तक $2 ट्रिलियन निर्यात प्राप्त करने का लक्ष्य रखता है, जिसमें UPI, ब्रांड इंडिया, FTAs, और डिजिटल ट्रेड प्लेटफॉर्म जैसे सुधार मददगार हैं।
❤7
ऊर्जा की नई दिशाएं....
एक निष्क्रिय मन संदेह पैदा करता है, लेकिन एकाग्र मन शक्ति पैदा करता है अपने लक्ष्य में व्यस्त रहो, और नकारात्मकता तुम्हें छूने की हिम्मत नहीं करेगी
ज़्यादातर समय, हम हतोत्साहित या उदास महसूस करते हैं, इसलिए नहीं कि ज़िंदगी हमारे खिलाफ है, बल्कि इसलिए कि हम अपने लक्ष्य में पूरी तरह से व्यस्त नहीं हैं। जब हम अपने असली उद्देश्य की उपेक्षा करते हैं, तो मन बेचैन हो जाता है, और वह बेचैनी नकारात्मक ऊर्जा में बदल जाती है जो हमें नीचे खींचती है
इसका समाधान सरल है खुद को अपने काम में पूरी तरह से शामिल रखें जब भी आपका मन भटके, उसे सही रास्ते पर लाएँ और फिर से काम में लगा दें। जब आप लगातार अपने लक्ष्य में व्यस्त रहते हैं, तो नकारात्मकता के लिए कोई जगह नहीं बचती। इसके बजाय, आपका मन सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है, आपका आत्मविश्वास अटूट हो जाता है, और आप खुद पर पहले से कहीं ज़्यादा विश्वास करने लगते हैं।
एक निष्क्रिय मन संदेह पैदा करता है, लेकिन एकाग्र मन शक्ति पैदा करता है अपने लक्ष्य में व्यस्त रहो, और नकारात्मकता तुम्हें छूने की हिम्मत नहीं करेगी
ज़्यादातर समय, हम हतोत्साहित या उदास महसूस करते हैं, इसलिए नहीं कि ज़िंदगी हमारे खिलाफ है, बल्कि इसलिए कि हम अपने लक्ष्य में पूरी तरह से व्यस्त नहीं हैं। जब हम अपने असली उद्देश्य की उपेक्षा करते हैं, तो मन बेचैन हो जाता है, और वह बेचैनी नकारात्मक ऊर्जा में बदल जाती है जो हमें नीचे खींचती है
इसका समाधान सरल है खुद को अपने काम में पूरी तरह से शामिल रखें जब भी आपका मन भटके, उसे सही रास्ते पर लाएँ और फिर से काम में लगा दें। जब आप लगातार अपने लक्ष्य में व्यस्त रहते हैं, तो नकारात्मकता के लिए कोई जगह नहीं बचती। इसके बजाय, आपका मन सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है, आपका आत्मविश्वास अटूट हो जाता है, और आप खुद पर पहले से कहीं ज़्यादा विश्वास करने लगते हैं।
❤4👍2
"भारतीय सिनेमा का जनक" किसे कहा जाता है
Anonymous Quiz
4%
राज कपूर
90%
दादा साहब फाल्के
4%
पृथ्वीराज कपूर
2%
बीरेंद्रनाथ सरकार
👍1
पहला दादा साहेब फाल्के पुरस्कार प्राप्तकर्ता है
Anonymous Quiz
4%
कानन देवी
75%
देविका रानी चौधरी
13%
हेमा मालिनी
9%
संजीव खन्ना
आपका आज का Action ही कल का Result है
Action = Result
Your actions today write tomorrow’s results.
Complaining about the syllabus won’t reduce it. Cursing the difficulty won’t make it easier. Whining about the competition won’t eliminate others.
You can spend your energy lamenting the system, or you can channel it into conquering it.
💪 Every hour you waste in complaints is an hour your competitor spends in preparation.
The syllabus is vast for everyone. The competition is tough for everyone. The difference? Some people cry about it, others get to work.
Stop explaining why it’s hard. Start proving you’re harder.
Action = Result
Your actions today write tomorrow’s results.
Complaining about the syllabus won’t reduce it. Cursing the difficulty won’t make it easier. Whining about the competition won’t eliminate others.
You can spend your energy lamenting the system, or you can channel it into conquering it.
💪 Every hour you waste in complaints is an hour your competitor spends in preparation.
The syllabus is vast for everyone. The competition is tough for everyone. The difference? Some people cry about it, others get to work.
Stop explaining why it’s hard. Start proving you’re harder.
❤11
Student Life 🙂↕️🫡
सुनना पड़ता है बेरोजगारी के दौर में बहुत कुछ.... आराम से बैठे –बैठे पढ़ाई करने में क्या दिक्कत हो रही है... इतने सालों से पढ़ रहे हो फिर भी प्रीलिम्स भी नहीं हुआ आपका तो ....
यह कोई नहीं समझता.... कि
हमारे भीतर कितने तूफान चल रहे होते हैं... हमारा मस्तिष्क कितना बड़बड़ाता रहता है... कभी–कभी overthinking की वजह से नींद आती नहीं या बहुत लेट आती है फिर सुबह जल्दी उठ कर लाइब्रेरी भी जाने का डर... उससे मेंटल प्रेशर और बढ़ जाता है...फिर सब कुछ करने पर भी कभी pre न होना तो कभी Final में बाहर हो जाना ... फिर दिलो दिमाग पर जो गुजरती है उसको सिर्फ खुद ही हैंडल करना पड़ता है उस वक्त पैसा भी काम नहीं आता ... और जरूरी नहीं कि सभी Aspirants की फाइनेंशियल कंडीशन अच्छी ही हो... उसका अलग ही प्रेशर...
अब मैं इस स्थिति में कुछ निष्कर्ष नहीं दे सकता बस...
Nothing is Permanent...❤️
सुनना पड़ता है बेरोजगारी के दौर में बहुत कुछ.... आराम से बैठे –बैठे पढ़ाई करने में क्या दिक्कत हो रही है... इतने सालों से पढ़ रहे हो फिर भी प्रीलिम्स भी नहीं हुआ आपका तो ....
यह कोई नहीं समझता.... कि
हमारे भीतर कितने तूफान चल रहे होते हैं... हमारा मस्तिष्क कितना बड़बड़ाता रहता है... कभी–कभी overthinking की वजह से नींद आती नहीं या बहुत लेट आती है फिर सुबह जल्दी उठ कर लाइब्रेरी भी जाने का डर... उससे मेंटल प्रेशर और बढ़ जाता है...फिर सब कुछ करने पर भी कभी pre न होना तो कभी Final में बाहर हो जाना ... फिर दिलो दिमाग पर जो गुजरती है उसको सिर्फ खुद ही हैंडल करना पड़ता है उस वक्त पैसा भी काम नहीं आता ... और जरूरी नहीं कि सभी Aspirants की फाइनेंशियल कंडीशन अच्छी ही हो... उसका अलग ही प्रेशर...
अब मैं इस स्थिति में कुछ निष्कर्ष नहीं दे सकता बस...
Nothing is Permanent...❤️
❤55👍4
छ ग पर्यटन मंडल के वर्तमान अध्यक्ष है
Anonymous Quiz
14%
सुमंत गिरी
47%
नीलू पांडेय
30%
संजय मिरी
9%
पुनीत सोनी
❤2
एक कमी पत्थर की 👎
.......................
वो पिघलता नहीं ❌
......................
यही उसकी खूबी 👌
.....................
क्योंकि वो बदलता नहीं 😊
कभी कभी हमें लगता है कि हम में ही कोई कमी है जो सफलता हमारे सामने से मुंह मोड़ लेती है और हम अपनी निरंतरता (consistency) छोड़कर भटक जाते हैं।
अपनी निरंतरता पर भरोसा रखिए यही आपको अंदर से मज़बूत बनाता है। यही आपकी वास्तविक शक्ति है। जो आपको आपके Dream Place तक लेकर जायेगी।
शुभ रात्रि 😊
Dharavi
.......................
वो पिघलता नहीं ❌
......................
यही उसकी खूबी 👌
.....................
क्योंकि वो बदलता नहीं 😊
कभी कभी हमें लगता है कि हम में ही कोई कमी है जो सफलता हमारे सामने से मुंह मोड़ लेती है और हम अपनी निरंतरता (consistency) छोड़कर भटक जाते हैं।
अपनी निरंतरता पर भरोसा रखिए यही आपको अंदर से मज़बूत बनाता है। यही आपकी वास्तविक शक्ति है। जो आपको आपके Dream Place तक लेकर जायेगी।
शुभ रात्रि 😊
Dharavi
❤28