Jo Real Warrior hota hai, uski Asli परीक्षा Pressure aur tough Condition mein hoti hai... Be That Person 💪🔥
Please don't get panic or distracted regarding the exam date. Ye 2025 ke Notification mein hi likha hua tha ki exam 16 May se hoga. Personally, I don't think ki exam date change hoga
Garmi ye wo... Ye to June ke month mein bhi rehta hai ☀️🥵
Please focus on preparation. Iske beyond kuch bhi mat sochna. You have only 15 days, save your energy for the exam 🧠⚡
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Please focus on preparation. Iske beyond kuch bhi mat sochna. You have only 15 days, save your energy for the exam 🧠⚡
❤16
उम्र गुजर रही है, पर जीना बाकी है। जमीन पर गिरने वालों को उठकर जवाब देना बाकी है। 🚀
मैं मंजिल के सफर पर हूँ, उसे पाना बाकी है। लोगों को मेरी हार पर चर्चा करने दो, कामयाबी का शोर मचाना बाकी है। 🏆
वक्त को अपनी मनमानी करने दो, मेरा वक्त आना बाकी है। जो मुझे लॉसर समझ रहे हैं, उनको जवाब देना बाकी है। ⏳
मैं अपने किरदार को निभा रहा हूँ, पर्दा गिरते ही तालियाँ बजना बाकी है। कुछ हाथ से नहीं गया, बहुत कुछ पाना बाकी है... ✨
मैं मंजिल के सफर पर हूँ, उसे पाना बाकी है। लोगों को मेरी हार पर चर्चा करने दो, कामयाबी का शोर मचाना बाकी है। 🏆
वक्त को अपनी मनमानी करने दो, मेरा वक्त आना बाकी है। जो मुझे लॉसर समझ रहे हैं, उनको जवाब देना बाकी है। ⏳
मैं अपने किरदार को निभा रहा हूँ, पर्दा गिरते ही तालियाँ बजना बाकी है। कुछ हाथ से नहीं गया, बहुत कुछ पाना बाकी है... ✨
❤48🤩2
रुक क्यों गया? बढ़ता चल,
डर से अपने लड़ता चल।
ये लोग तो बातें बनाते रहेंगे,
तू खुद पर भरोसा रख और चलता चल
डर से अपने लड़ता चल।
ये लोग तो बातें बनाते रहेंगे,
तू खुद पर भरोसा रख और चलता चल
❤12
Hello Frds
Kaise ho sab?
लंबे समय के बाद इस चैनल में activities फिर से शुरू हुई ह
Kaise ho sab?
लंबे समय के बाद इस चैनल में activities फिर से शुरू हुई ह
❤9
मत पूछ कितनी दूर शिखर है, मत सोच कितनी राह बची,
चलते रहना धर्म साधक का, चाहे साँस रहे या न रहे।
हर असफलता की चिंगारी, भविष्य का सूर्य बनाती है,
जो रुक जाए वह साधारण है, जो बढ़ता जाए व असाधारण है।
चलते रहना धर्म साधक का, चाहे साँस रहे या न रहे।
हर असफलता की चिंगारी, भविष्य का सूर्य बनाती है,
जो रुक जाए वह साधारण है, जो बढ़ता जाए व असाधारण है।
❤14
वंदे मातरम्" का अंग्रेजी में अनुवाद किसने किया था?
Anonymous Quiz
2%
A. महात्मा गांधी
34%
B. बी. सी. चटर्जी
54%
C. श्री अरविंदो घोष
10%
D. एस. सी. बोस
❤2👍2
वैज्ञानिकों जिन्होंने डॉली भेड़ प्रथम स्तनधारी क्लोन को तैयार किया था—
Anonymous Quiz
22%
B. कैम्पबेल एवं वॉटसन की टीम ने
41%
C. वॉटसन एवं क्रिक की टीम ने
23%
D. विलमुट एवं वॉटसन की टीम ने
14%
A. विलमुट एवं कैम्पबेल की टीम ने
❤2
हताशा से एक व्यक्ति बैठ गया था 🪑
व्यक्ति को मैं नहीं जानता था
हताशा को जानता था 😔
इसलिए मैं उस व्यक्ति के पास गया
मैंने हाथ बढ़ाया ✋
मेरा हाथ पकड़कर वह खड़ा हुआ
मुझे वह नहीं जानता था
मेरे हाथ बढ़ाने को जानता था
हम दोनों साथ चले 🚶♂️🚶♀️
दोनों एक दूसरे को नहीं जानते थे
साथ चलने को जानते थे।
~विनोद कुमार शुक्ल ✍️
👉 Join @cgpscraceacademy
व्यक्ति को मैं नहीं जानता था
हताशा को जानता था 😔
इसलिए मैं उस व्यक्ति के पास गया
मैंने हाथ बढ़ाया ✋
मेरा हाथ पकड़कर वह खड़ा हुआ
मुझे वह नहीं जानता था
मेरे हाथ बढ़ाने को जानता था
हम दोनों साथ चले 🚶♂️🚶♀️
दोनों एक दूसरे को नहीं जानते थे
साथ चलने को जानते थे।
~विनोद कुमार शुक्ल ✍️
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❤26
रायपुर के तिलक नगर स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट इंग्लिश मीडियम स्कूल की 10वीं की छात्रा महिमा राजपूत का चयन अंतरराष्ट्रीय स्पेस मिशन 'ShaktiSAT' के लिए हुआ है। वह देश भर से आए आवेदनों के बीच कई चरणों की ऑनलाइन चयन प्रक्रिया को पार कर नेशनल फाइनलिस्ट बनी हैं।
@cgpscraceacademy
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❤2
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले की पद्मश्री सम्मानित सोशल वर्कर फूलबासन बाई यादव के सघर्ष की कहानी
एक दौर ऐसा भी था जब पहनने की साड़ियों में 50 से ज्यादा छेद हुआ करते थे।
गरीबी और तंगहाली से इस कदर परेशान हो चुकी थीं कि एक दिन अपने बच्चों के साथ सुसाइड करने के इरादे से रेलवे ट्रैक तक पहुंच गईं, लेकिन वहां उनकी छोटी-छोटी बेटियों की मासूमियत ने उन्हें रोक लिया। बेटियों से मिली उसी प्रेरणा के बाद उन्होंने जिंदगी से हार मानने के बजाय संघर्ष का रास्ता चुना और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा
एक दौर ऐसा भी था जब पहनने की साड़ियों में 50 से ज्यादा छेद हुआ करते थे।
गरीबी और तंगहाली से इस कदर परेशान हो चुकी थीं कि एक दिन अपने बच्चों के साथ सुसाइड करने के इरादे से रेलवे ट्रैक तक पहुंच गईं, लेकिन वहां उनकी छोटी-छोटी बेटियों की मासूमियत ने उन्हें रोक लिया। बेटियों से मिली उसी प्रेरणा के बाद उन्होंने जिंदगी से हार मानने के बजाय संघर्ष का रास्ता चुना और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा
❤7
सवाल: क्या कोई ऐसा सपना है, जो पद्मश्री मिलने के बाद भी अधूरा है?
जवाब: महिलाओं को जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है। 11 महिलाओं से शुरू हुआ मेरा काम आज करीब 2 लाख महिलाओं तक पहुंच गया है। बचत, स्वरोजगार, जैविक खेती, जल संरक्षण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े काम हैं, जिस पर लगातार काम कर रही हूं। समाज में महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने लगातार काम करती रहूंगी।
जवाब: महिलाओं को जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है। 11 महिलाओं से शुरू हुआ मेरा काम आज करीब 2 लाख महिलाओं तक पहुंच गया है। बचत, स्वरोजगार, जैविक खेती, जल संरक्षण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े काम हैं, जिस पर लगातार काम कर रही हूं। समाज में महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने लगातार काम करती रहूंगी।
❤1