English Last 15 Days बस यही करो
https://youtube.com/shorts/oATEPIHG8ZQ?si=26EbsVLWT_olkIzv
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छोटे शहर के हो तुम, लेकिन छोटे नहीं
तभी तो अपनी छोटी-छोटी आँखों से, छोटे से कमरे में जागते हुए, बड़े सपने देखने की हिम्मत रखते हो।
ये विलायती से दिखने वाले, बड़ी-बड़ी इमारतों और बड़ी-बड़ी गाड़ियों से निकलने वाले लोग छोटी-छोटी बातों पर तितर-बितर हो जाते हैं।
तुममें हिम्मत है।
तुमने इतनी गर्मी झेली है कि Exam जैसे लोहे को अपने अंग मात्र के ताप से पिघला सकते हो।
तुम शहर के मोम के पुतले नहीं हो, जो गर्मी आते ही दिवाली की मोमबत्ती बन जाएँ।
काहे डरते हो तुम?
क्या ही खो दोगे?
इस Exam को तुमने क्या दिया है?
अपनी मेहनत।
और मेहनत कभी जाया नहीं जाती, दोस्त।
आज नहीं तो कल, अगली बार फिर मेहनत कर लेना।
मुझे विश्वास है कि तुम अभी नहीं, तो अगली बार उतनी ही लगन से मेहनत करोगे।
क्योंकि तुम ऐसे शहर से हो, ऐसे गाँव से हो, ऐसे परिवेश से हो जहाँ एक सरकारी नौकरी सिर्फ़ सरकारी नौकरी नहीं होती।
उसके मायने बहुत बड़े होते हैं।
हाँ, ठीक है।
लोग बोलते हैं कि प्रैक्टिकल रहना बहुत ज़रूरी है।
और तुम डिल्यूशनल रहो, दोस्त।
क्योंकि कई बार यही डिल्यूज़न हमें अपनी पोटेंशियल लिमिट्स को हिट करने में मदद करता है।
आप वहाँ तक पहुँच ही नहीं सकते, जहाँ तक आपका डिल्यूज़न आपको पहुँचाने की हिम्मत देता है।
कई बार मैं YouTube से दूर जाने की कोशिश करता हूँ।
सोचता हूँ कि शायद अपने सपनों को पूरा करने के लिए मुझे अब कुछ और करना चाहिए।
लेकिन मेरे अंदर का वो छात्र, जो सात-आठ साल पहले एक जॉब की तैयारी करने आया था, मुझे बार-बार मजबूर करता है।
शायद मेरे एक वीडियो से, एक पोस्ट से, एक शॉर्ट से उस छात्र को, जिसमें मैं खुद को देखता हूँ, वो मोटिवेशन या वो एक पॉइंट मिल जाए, जिसकी उसे उस वक्त ज़रूरत है।
शायद जब वो लो फील कर रहा हो, जब उसे लग रहा हो कि उससे नहीं होगा, तब मेरी कोई एक लाइन उसे फिर से उठाकर किताब के सामने बैठा दे।
फिर से मेहनत करने की ऊर्जा दे दे।
मुझे पता है कि नौकरी का सिलेबस सबके लिए सेम है।
सबके लिए Exam का पैटर्न सेम है।
लेकिन जो अलग है, जो सबको दिखाई नहीं देता, वो है आपकी तैयारी का दायरा।
सबका बैकग्राउंड अलग है।
सबके सर्कमस्टेंसेस अलग हैं।
सबका माहौल अलग है।
सबकी उम्र अलग है।
कोई अलग उम्र में तैयारी कर रहा है, कोई अलग माहौल में।
किसी के पास सपोर्ट है, किसी के पास नहीं।
किसी की मजबूरियाँ अलग हैं, किसी की अड़चनें।
और इन्हीं चीज़ों के बीच हर कोई अपने तरीके से इस मंज़िल तक पहुँचने की कोशिश कर रहा है।
मुझे ये बात भली-भाँति मालूम है कि आप में से कुछ लोगों के लिए सत्तर-अस्सी हज़ार रुपये की तनख्वाह वाली ये नौकरी शायद बहुत बड़ी बात न हो।
लेकिन उन्हीं परिस्थितियों में उस सत्तर-अस्सी हज़ार रुपये की सैलरी की वैल्यू हर व्यक्ति के लिए अलग होती है।
किसी के लिए ये सिर्फ़ एक नौकरी होगी।
किसी के लिए ये परिवार की स्थिति बदलने की शुरुआत होगी।
किसी के लिए अपने माता-पिता को बेहतर ज़िंदगी देने का मौका होगा।
और किसी के लिए शायद आने वाली पीढ़ी को उन परिस्थितियों से बचाने का रास्ता, जिनसे वो खुद गुज़रा है।
इसीलिए जब आपको नौकरी मिलेगी, तो उसकी खुशी भी सबके लिए एक जैसी नहीं होगी।
कुछ लोग सामान्य रहेंगे।
और कुछ लोग शायद उस दिन बहुत देर तक रोएँगे।
क्योंकि उन्होंने उस नौकरी तक पहुँचने के लिए सिर्फ़ किताबें नहीं पढ़ी होंगी।
उन्होंने परिस्थितियों से लड़ाई की होगी।
उन्होंने अपने माता-पिता को संघर्ष करते देखा होगा।
कई बार बिना किसी सपोर्ट के अकेले में रोए होंगे।
फिर उठे होंगे।
फिर पढ़े होंगे।
और अंत में उस नौकरी को हासिल किया होगा।
इसीलिए नौकरी के मायने और मंज़िल के मायने सबके लिए अलग-अलग होते हैं।
शायद आप में से बहुत सारे लोग इस नौकरी को बहुत ज़्यादा सेलिब्रेट न करें।
लेकिन कुछ ऐसे लोग होंगे जो मेरे जैसे होंगे।
उनके लिए ये नौकरी बहुत कुछ बदलेगी।
मैं ये नहीं कह रहा कि वो उद्योगपति बन जाएँगे।
लेकिन हाँ, इतना ज़रूर होगा कि वे अपने परिवार को वो माहौल दे पाएँगे, जो शायद उन्हें खुद नहीं मिला।
अपनी आने वाली संतानों को वो अवसर दे पाएँगे, जो शायद उनके पास नहीं थे।
और शायद उस संघर्ष को वहीं रोक देंगे, जो पिछली पीढ़ियों से चला आ रहा था।
इसलिए काहे डरते हो?
तुम्हारे पास खोने को कुछ नहीं है।
तुमने अपनी एनर्जी लगाई है।
इस बार नहीं हुआ तो अगली बार फिर लगा दोगे।
तुमने अपनी मेहनत लगाई है।
और मेहनत कभी जाया नहीं जाती।
ज़्यादा से ज़्यादा क्या होगा?
नहीं होगा।
अगली बार फिर कोशिश करोगे।
तुम्हारे अंदर मेहनत करने की क्षमता कम नहीं होगी।
और अगर ये Exam नहीं भी निकला, तो तुम्हारे अंदर जो मेहनत करने की क्षमता है, जो लोहे को बिना पिघलाए उसका आकार बदल सकती है, वो क्षमता तुम्हें ज़िंदगी में कहीं न कहीं बहुत आगे लेकर जाएगी।
तभी तो अपनी छोटी-छोटी आँखों से, छोटे से कमरे में जागते हुए, बड़े सपने देखने की हिम्मत रखते हो।
ये विलायती से दिखने वाले, बड़ी-बड़ी इमारतों और बड़ी-बड़ी गाड़ियों से निकलने वाले लोग छोटी-छोटी बातों पर तितर-बितर हो जाते हैं।
तुममें हिम्मत है।
तुमने इतनी गर्मी झेली है कि Exam जैसे लोहे को अपने अंग मात्र के ताप से पिघला सकते हो।
तुम शहर के मोम के पुतले नहीं हो, जो गर्मी आते ही दिवाली की मोमबत्ती बन जाएँ।
काहे डरते हो तुम?
क्या ही खो दोगे?
इस Exam को तुमने क्या दिया है?
अपनी मेहनत।
और मेहनत कभी जाया नहीं जाती, दोस्त।
आज नहीं तो कल, अगली बार फिर मेहनत कर लेना।
मुझे विश्वास है कि तुम अभी नहीं, तो अगली बार उतनी ही लगन से मेहनत करोगे।
क्योंकि तुम ऐसे शहर से हो, ऐसे गाँव से हो, ऐसे परिवेश से हो जहाँ एक सरकारी नौकरी सिर्फ़ सरकारी नौकरी नहीं होती।
उसके मायने बहुत बड़े होते हैं।
हाँ, ठीक है।
लोग बोलते हैं कि प्रैक्टिकल रहना बहुत ज़रूरी है।
और तुम डिल्यूशनल रहो, दोस्त।
क्योंकि कई बार यही डिल्यूज़न हमें अपनी पोटेंशियल लिमिट्स को हिट करने में मदद करता है।
आप वहाँ तक पहुँच ही नहीं सकते, जहाँ तक आपका डिल्यूज़न आपको पहुँचाने की हिम्मत देता है।
कई बार मैं YouTube से दूर जाने की कोशिश करता हूँ।
सोचता हूँ कि शायद अपने सपनों को पूरा करने के लिए मुझे अब कुछ और करना चाहिए।
लेकिन मेरे अंदर का वो छात्र, जो सात-आठ साल पहले एक जॉब की तैयारी करने आया था, मुझे बार-बार मजबूर करता है।
शायद मेरे एक वीडियो से, एक पोस्ट से, एक शॉर्ट से उस छात्र को, जिसमें मैं खुद को देखता हूँ, वो मोटिवेशन या वो एक पॉइंट मिल जाए, जिसकी उसे उस वक्त ज़रूरत है।
शायद जब वो लो फील कर रहा हो, जब उसे लग रहा हो कि उससे नहीं होगा, तब मेरी कोई एक लाइन उसे फिर से उठाकर किताब के सामने बैठा दे।
फिर से मेहनत करने की ऊर्जा दे दे।
मुझे पता है कि नौकरी का सिलेबस सबके लिए सेम है।
सबके लिए Exam का पैटर्न सेम है।
लेकिन जो अलग है, जो सबको दिखाई नहीं देता, वो है आपकी तैयारी का दायरा।
सबका बैकग्राउंड अलग है।
सबके सर्कमस्टेंसेस अलग हैं।
सबका माहौल अलग है।
सबकी उम्र अलग है।
कोई अलग उम्र में तैयारी कर रहा है, कोई अलग माहौल में।
किसी के पास सपोर्ट है, किसी के पास नहीं।
किसी की मजबूरियाँ अलग हैं, किसी की अड़चनें।
और इन्हीं चीज़ों के बीच हर कोई अपने तरीके से इस मंज़िल तक पहुँचने की कोशिश कर रहा है।
मुझे ये बात भली-भाँति मालूम है कि आप में से कुछ लोगों के लिए सत्तर-अस्सी हज़ार रुपये की तनख्वाह वाली ये नौकरी शायद बहुत बड़ी बात न हो।
लेकिन उन्हीं परिस्थितियों में उस सत्तर-अस्सी हज़ार रुपये की सैलरी की वैल्यू हर व्यक्ति के लिए अलग होती है।
किसी के लिए ये सिर्फ़ एक नौकरी होगी।
किसी के लिए ये परिवार की स्थिति बदलने की शुरुआत होगी।
किसी के लिए अपने माता-पिता को बेहतर ज़िंदगी देने का मौका होगा।
और किसी के लिए शायद आने वाली पीढ़ी को उन परिस्थितियों से बचाने का रास्ता, जिनसे वो खुद गुज़रा है।
इसीलिए जब आपको नौकरी मिलेगी, तो उसकी खुशी भी सबके लिए एक जैसी नहीं होगी।
कुछ लोग सामान्य रहेंगे।
और कुछ लोग शायद उस दिन बहुत देर तक रोएँगे।
क्योंकि उन्होंने उस नौकरी तक पहुँचने के लिए सिर्फ़ किताबें नहीं पढ़ी होंगी।
उन्होंने परिस्थितियों से लड़ाई की होगी।
उन्होंने अपने माता-पिता को संघर्ष करते देखा होगा।
कई बार बिना किसी सपोर्ट के अकेले में रोए होंगे।
फिर उठे होंगे।
फिर पढ़े होंगे।
और अंत में उस नौकरी को हासिल किया होगा।
इसीलिए नौकरी के मायने और मंज़िल के मायने सबके लिए अलग-अलग होते हैं।
शायद आप में से बहुत सारे लोग इस नौकरी को बहुत ज़्यादा सेलिब्रेट न करें।
लेकिन कुछ ऐसे लोग होंगे जो मेरे जैसे होंगे।
उनके लिए ये नौकरी बहुत कुछ बदलेगी।
मैं ये नहीं कह रहा कि वो उद्योगपति बन जाएँगे।
लेकिन हाँ, इतना ज़रूर होगा कि वे अपने परिवार को वो माहौल दे पाएँगे, जो शायद उन्हें खुद नहीं मिला।
अपनी आने वाली संतानों को वो अवसर दे पाएँगे, जो शायद उनके पास नहीं थे।
और शायद उस संघर्ष को वहीं रोक देंगे, जो पिछली पीढ़ियों से चला आ रहा था।
इसलिए काहे डरते हो?
तुम्हारे पास खोने को कुछ नहीं है।
तुमने अपनी एनर्जी लगाई है।
इस बार नहीं हुआ तो अगली बार फिर लगा दोगे।
तुमने अपनी मेहनत लगाई है।
और मेहनत कभी जाया नहीं जाती।
ज़्यादा से ज़्यादा क्या होगा?
नहीं होगा।
अगली बार फिर कोशिश करोगे।
तुम्हारे अंदर मेहनत करने की क्षमता कम नहीं होगी।
और अगर ये Exam नहीं भी निकला, तो तुम्हारे अंदर जो मेहनत करने की क्षमता है, जो लोहे को बिना पिघलाए उसका आकार बदल सकती है, वो क्षमता तुम्हें ज़िंदगी में कहीं न कहीं बहुत आगे लेकर जाएगी।
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तुम जहाँ भी रहोगे, अपनी स्थिति को बेहतर करने के लिए काम कर पाओगे।
बस एक बात याद रखना—
तुम सिर्फ़ एक Exam की तैयारी नहीं कर रहे हो।
तुम अपनी परिस्थितियों को बदलने की कोशिश कर रहे हो।
और ये कोशिश अपने आप में बहुत बड़ी चीज़ है।
इसलिए पढ़ते रहो।
मेहनत करते रहो।
आज नहीं तो कल, सफलता तुम्हारे कदम ज़रूर चूमेगी।
Best Wishes,
Rohit Tripathi की तरफ़ से
#ssccgl2026
बस एक बात याद रखना—
तुम सिर्फ़ एक Exam की तैयारी नहीं कर रहे हो।
तुम अपनी परिस्थितियों को बदलने की कोशिश कर रहे हो।
और ये कोशिश अपने आप में बहुत बड़ी चीज़ है।
इसलिए पढ़ते रहो।
मेहनत करते रहो।
आज नहीं तो कल, सफलता तुम्हारे कदम ज़रूर चूमेगी।
Best Wishes,
Rohit Tripathi की तरफ़ से
#ssccgl2026
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Final Message before SSC CGL Exam ♥️
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Last Message before SSC CGL 2026 : सरकारी नौकरी सिर्फ Job नहीं होती ❤️ Rohit Tripathi
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SSC CGL/CPO 2026 Expected Maths Paper- https://www.youtube.com/playlist?list=PLOizMlFwzzos
SSC CPO 2025 Solved Papers- https://www.youtube.com/playlist?list=PLN-ePsvZhNZXHNk…
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SSC CPO 2025 Solved Papers- https://www.youtube.com/playlist?list=PLN-ePsvZhNZXHNk…
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Padhai me man nhi lagta, CGL में Selection 🎯 चाहिए #ssc #ssccgl #ytshorts #motivation
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Padhai me man nhi lagta, CGL में Selection 🎯 चाहिए #ssc #ssccgl #ytshorts #motivation
Padhai mein mann nahi lagta? 📚 Consistency nahi ban pa rahi? 😔Phir...
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Expected Set-5 by Rohit Tripathi 👇 ⬇️
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Bhai Mukherjee nagar ki 90% bheed bs momos/chai aur libarary jaane ka natak kr rhi
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