Forwarded from Dr Dheer Singh Dhabhai Official
RAS मुख्य परीक्षा के लिए देने वाले स्टूडेट्स ज़रूर पढ़ें
(ईश्वर जी गुर्जर RAS रैंक 22)
पढ़ाई ,कंटेंट ,रिवीज़न सब हो गया।
अब पूरा खेल मानसिक स्थिरता का है। पढ़ाई कोई काम नहीं आती यदि परीक्षा के प्रति उत्साह और सकारात्मक अभिवृत्ति ना हो तो। इसलिए भरपूर सकारात्मकता(positivity) , उमंग और ख़ुशी के साथ पेपर देने जाना है। जैसे पेपर देना ही लक्ष्य था। सेलेक्ट होने के लिए नहीं, रैंक के लिये नहीं, नौकरी के लिए नहीं ; एग्जाम देना है आत्म संतुष्टि के लिए। पूरी शिद्दत से इस नाटक का लास्ट रोल प्ले करना है। और उसी मे खो जाना है। रिज़ल्ट की सोचकर एग्जाम देने जाना भी मत। बार बार परिणाम के बारे में सोचने से ही आसक्ति होती है और आसक्ति से कर्मों की कुशलता कम हो जाती है। इसलिए स्थितप्रज्ञता बहुत ज़रूरी है। इतना कर लिया तो मेहनत के साथ भाग्य भी साथ दे जाएगा। बहुत अच्छा विधाता ने सोच रखा है। सब ठीक होगा।
सारे ज़रूरी सामान, डॉक्यूमेंट पहले से सम्भाल कर रखो।
पूरा सिलेबस एक रात में फिर रिवाइज करने जैसे प्लान मत बनाना। जो पूर्व में पढ़ रखा है वो अभी याद आए या ना आये एग्जाम हॉल में याद आएगा। ज़रूरी नोट्स देखते रहो, पर उन्हें रठने की कोशिश अब मत करो।
नींद भरपूर लो, गाने सुनो, हल्का भोजन लो, दोस्तों से बतियाओ, मुस्कुराते हुए एग्जाम सेंटर में एंट्री लेनी है। एकदम ज़िंदादिली से।
बहुत एग्जाम और आयेंगे; बहुत पेपर और लिखने होंगे। जैसे कोई युद्ध आख़िरी नहीं होता वैसे ही कोई परीक्षा अंतिम नहीं होती।
जमकर लिखना। पेपर छूटे ना।
Best of luck रहेगा सबको। 👍😀
#RASexam
#rpsc
(ईश्वर जी गुर्जर RAS रैंक 22)
पढ़ाई ,कंटेंट ,रिवीज़न सब हो गया।
अब पूरा खेल मानसिक स्थिरता का है। पढ़ाई कोई काम नहीं आती यदि परीक्षा के प्रति उत्साह और सकारात्मक अभिवृत्ति ना हो तो। इसलिए भरपूर सकारात्मकता(positivity) , उमंग और ख़ुशी के साथ पेपर देने जाना है। जैसे पेपर देना ही लक्ष्य था। सेलेक्ट होने के लिए नहीं, रैंक के लिये नहीं, नौकरी के लिए नहीं ; एग्जाम देना है आत्म संतुष्टि के लिए। पूरी शिद्दत से इस नाटक का लास्ट रोल प्ले करना है। और उसी मे खो जाना है। रिज़ल्ट की सोचकर एग्जाम देने जाना भी मत। बार बार परिणाम के बारे में सोचने से ही आसक्ति होती है और आसक्ति से कर्मों की कुशलता कम हो जाती है। इसलिए स्थितप्रज्ञता बहुत ज़रूरी है। इतना कर लिया तो मेहनत के साथ भाग्य भी साथ दे जाएगा। बहुत अच्छा विधाता ने सोच रखा है। सब ठीक होगा।
सारे ज़रूरी सामान, डॉक्यूमेंट पहले से सम्भाल कर रखो।
पूरा सिलेबस एक रात में फिर रिवाइज करने जैसे प्लान मत बनाना। जो पूर्व में पढ़ रखा है वो अभी याद आए या ना आये एग्जाम हॉल में याद आएगा। ज़रूरी नोट्स देखते रहो, पर उन्हें रठने की कोशिश अब मत करो।
नींद भरपूर लो, गाने सुनो, हल्का भोजन लो, दोस्तों से बतियाओ, मुस्कुराते हुए एग्जाम सेंटर में एंट्री लेनी है। एकदम ज़िंदादिली से।
बहुत एग्जाम और आयेंगे; बहुत पेपर और लिखने होंगे। जैसे कोई युद्ध आख़िरी नहीं होता वैसे ही कोई परीक्षा अंतिम नहीं होती।
जमकर लिखना। पेपर छूटे ना।
Best of luck रहेगा सबको। 👍😀
#RASexam
#rpsc
👍45