SpaceX
◆अमेरिकी बिजनेसमैन एलन मस्क (Elon Musk) की कपंनी SpaceX का पहला ऑल-सिविलियन क्रू अंतरिक्ष की सैर कर धरती पर लौट आया है.
◆ ये दुनिया का पहला ऐसा स्पेस मिशन था, जिसमें आम लोगों को अंतरिक्ष भेजा गया था.
◆इस क्रू में चार लोग शामिल थे और सभी तीन दिन की यात्रा कर आज सुबह फ्लोरिडा के पास अटलांटिक सागर में उतर गए. चारों यात्री सुरक्षित हैं.
◆SpaceX ने इस मिशन को 'Inspiration 4' नाम दिया था.
◆इन यात्रियों ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) से 160 किमी ऊंचाई पर अंतरिक्ष में तीन दिन गुजारे.
● अंतरिक्ष जाने वाले इन यात्रियों में जेयर्ड आईजैकमैन (38), सियान प्रॉक्टर (51), हेइली एक्रेनेऑक्स (29) और क्रिस सेम्ब्रोस्की (42) शामिल थे.
@Gk_trick
◆अमेरिकी बिजनेसमैन एलन मस्क (Elon Musk) की कपंनी SpaceX का पहला ऑल-सिविलियन क्रू अंतरिक्ष की सैर कर धरती पर लौट आया है.
◆ ये दुनिया का पहला ऐसा स्पेस मिशन था, जिसमें आम लोगों को अंतरिक्ष भेजा गया था.
◆इस क्रू में चार लोग शामिल थे और सभी तीन दिन की यात्रा कर आज सुबह फ्लोरिडा के पास अटलांटिक सागर में उतर गए. चारों यात्री सुरक्षित हैं.
◆SpaceX ने इस मिशन को 'Inspiration 4' नाम दिया था.
◆इन यात्रियों ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) से 160 किमी ऊंचाई पर अंतरिक्ष में तीन दिन गुजारे.
● अंतरिक्ष जाने वाले इन यात्रियों में जेयर्ड आईजैकमैन (38), सियान प्रॉक्टर (51), हेइली एक्रेनेऑक्स (29) और क्रिस सेम्ब्रोस्की (42) शामिल थे.
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✅प्रश्न: ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा भारत में पहला कारखाना कहां स्थापित किया गया था?
ऑप्शन:
A. चेन्नई
B. मुंबई
C. भोपाल
D. सूरत
उत्तर: D. सूरत
साल 1608 में विलियम हॉकिन्स ईस्ट इंडिया कंपनी के जहाज लेकर सूरत आया था. इसके बाद कंपनी ने भारत में अपना पहला कारखाना सूरत में 11 जनवरी 1613 को खोला था. ब्रिटेन की तत्कालीन महारानी ने कंपनी को भारत के साथ व्यापार करने के लिए 21 साल तक की छूट दी थी. - कारखाने में कंपनी कॉटन, गद्दे-रजाई और मलमल का कपड़ा बनाती थी.
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A. चेन्नई
B. मुंबई
C. भोपाल
D. सूरत
उत्तर: D. सूरत
साल 1608 में विलियम हॉकिन्स ईस्ट इंडिया कंपनी के जहाज लेकर सूरत आया था. इसके बाद कंपनी ने भारत में अपना पहला कारखाना सूरत में 11 जनवरी 1613 को खोला था. ब्रिटेन की तत्कालीन महारानी ने कंपनी को भारत के साथ व्यापार करने के लिए 21 साल तक की छूट दी थी. - कारखाने में कंपनी कॉटन, गद्दे-रजाई और मलमल का कपड़ा बनाती थी.
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✅प्रश्न: अर्थशास्त्र के पिता के रूप में कौन जाने जाते हैं?
ऑप्शन:
A. अल्फ्रेड मार्शल
B. अमर्त्य सेन
C. कार्ल मार्क्स
D. एडम स्मिथ
उत्तर: D. एडम स्मिथ
एडम स्मिथ एक ब्रिटिश नीतिवेत्ता, दार्शनिक और राजनैतिक अर्थशास्त्री थे. उन्हें अर्थशास्त्र का पितामह भी कहा जाता है.आधुनिक अर्थशास्त्र के निर्माताओं में एडम स्मिथ (जून 5, 1723—जुलाई 17, 1790) का नाम सबसे पहले आता है. उनकी पुस्तक ‘राष्ट्रों की संपदा(The Wealth of Nations) ने अठारहवीं शताब्दी के इतिहासकारों एवं अर्थशास्त्रियों को बेहद प्रभावित किया है. कार्ल मार्क्स से लेकर डेविड रिकार्डो तक अनेक ख्यातिलब्ध अर्थशास्त्री, समाजविज्ञानी और राजनेता एडम स्मिथ से प्रेरणा लेते रहे हैं.
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A. अल्फ्रेड मार्शल
B. अमर्त्य सेन
C. कार्ल मार्क्स
D. एडम स्मिथ
उत्तर: D. एडम स्मिथ
एडम स्मिथ एक ब्रिटिश नीतिवेत्ता, दार्शनिक और राजनैतिक अर्थशास्त्री थे. उन्हें अर्थशास्त्र का पितामह भी कहा जाता है.आधुनिक अर्थशास्त्र के निर्माताओं में एडम स्मिथ (जून 5, 1723—जुलाई 17, 1790) का नाम सबसे पहले आता है. उनकी पुस्तक ‘राष्ट्रों की संपदा(The Wealth of Nations) ने अठारहवीं शताब्दी के इतिहासकारों एवं अर्थशास्त्रियों को बेहद प्रभावित किया है. कार्ल मार्क्स से लेकर डेविड रिकार्डो तक अनेक ख्यातिलब्ध अर्थशास्त्री, समाजविज्ञानी और राजनेता एडम स्मिथ से प्रेरणा लेते रहे हैं.
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✅ प्रश्न: व्हीलर द्वीप का नाम बदलकर क्या कर दिया गया है?
A. विक्रम साराभाई द्वीप
B. सतीश धवन द्वीप
C. अब्दुल कलाम द्वीप
D. सी वी रमन द्वीप
उत्तर: C. अब्दुल कलाम द्वीप
अब्दुल कलाम द्वीप भारत की पूर्वी तट से लगभग 10 किलोमीटर (6.2 मील) दूर बंगाल की खाड़ी में स्थित है और ओडिशा के भद्रक जिले में चंडीपुर के दक्षिण में लगभग 70 किलोमीटर (43 मील) दूर है. द्वीप लंबाई में लगभग 2 किलोमीटर (1.2 मील) और क्षेत्र में 390 एकड़ (1.6 किमी 2) है. निकटतम बंदरगाह धामरा बंदरगाह है
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A. विक्रम साराभाई द्वीप
B. सतीश धवन द्वीप
C. अब्दुल कलाम द्वीप
D. सी वी रमन द्वीप
उत्तर: C. अब्दुल कलाम द्वीप
अब्दुल कलाम द्वीप भारत की पूर्वी तट से लगभग 10 किलोमीटर (6.2 मील) दूर बंगाल की खाड़ी में स्थित है और ओडिशा के भद्रक जिले में चंडीपुर के दक्षिण में लगभग 70 किलोमीटर (43 मील) दूर है. द्वीप लंबाई में लगभग 2 किलोमीटर (1.2 मील) और क्षेत्र में 390 एकड़ (1.6 किमी 2) है. निकटतम बंदरगाह धामरा बंदरगाह है
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✅ प्रश्न: निम्नलिखित में से कौन सा नारा स्वामी दयानन्द सरस्वती ने दिया है?
ऑप्शन:
A. गो बैक टू वेदास
B. भारत छोड़ो
C. करो या मरो
D. वंदे मातरम्
उत्तर: A. गो बैक टू वेदास
महर्षि स्वामी दयानन्द सरस्वती (1824-1883) आधुनिक भारत के महान चिन्तक, समाज-सुधारक, तथा आर्य समाज के संस्थापक थे. उनके बचपन का नाम 'मूलशंकर' था. उन्होंने वेदों के प्रचार और आर्यावर्त को स्वंत्रता दिलाने के लिए मुम्बई में आर्यसमाज की स्थापना की. वे एक संन्यासी तथा एक चिन्तक थे. उन्होंने वेदों की सत्ता को सदा सर्वोपरि माना. 'वेदों की ओर लौटो' यह उनका प्रमुख नारा था.
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A. गो बैक टू वेदास
B. भारत छोड़ो
C. करो या मरो
D. वंदे मातरम्
उत्तर: A. गो बैक टू वेदास
महर्षि स्वामी दयानन्द सरस्वती (1824-1883) आधुनिक भारत के महान चिन्तक, समाज-सुधारक, तथा आर्य समाज के संस्थापक थे. उनके बचपन का नाम 'मूलशंकर' था. उन्होंने वेदों के प्रचार और आर्यावर्त को स्वंत्रता दिलाने के लिए मुम्बई में आर्यसमाज की स्थापना की. वे एक संन्यासी तथा एक चिन्तक थे. उन्होंने वेदों की सत्ता को सदा सर्वोपरि माना. 'वेदों की ओर लौटो' यह उनका प्रमुख नारा था.
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✅प्रश्न: ओड़िशा की सबसे बड़ी नदी 'महानदी' का उद्गम स्थल कहां है?
ऑप्शन:
A. पश्चिम बंगाल
B. छत्तीसगढ़
C. झारखंड
D. ओड़िशा
उत्तर: B. छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ तथा उड़ीसा अंचल की सबसे बड़ी नदी है. प्राचीनकाल में महानदी का नाम चित्रोत्पला था. महानन्दा एवं नीलोत्पला भी महानदी के ही नाम हैं. महानदी का उद्गम रायपुर के समीप धमतरी जिले में स्थित सिहावा नामक पर्वत श्रेणी से हुआ है. महानदी का प्रवाह दक्षिण से उत्तर की तरफ है. सिहावा से निकलकर राजिम में यह जब पैरी और सोढुल नदियों के जल को ग्रहण करती है तब तक विशाल रूप धारण कर चुकी होती है.
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A. पश्चिम बंगाल
B. छत्तीसगढ़
C. झारखंड
D. ओड़िशा
उत्तर: B. छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ तथा उड़ीसा अंचल की सबसे बड़ी नदी है. प्राचीनकाल में महानदी का नाम चित्रोत्पला था. महानन्दा एवं नीलोत्पला भी महानदी के ही नाम हैं. महानदी का उद्गम रायपुर के समीप धमतरी जिले में स्थित सिहावा नामक पर्वत श्रेणी से हुआ है. महानदी का प्रवाह दक्षिण से उत्तर की तरफ है. सिहावा से निकलकर राजिम में यह जब पैरी और सोढुल नदियों के जल को ग्रहण करती है तब तक विशाल रूप धारण कर चुकी होती है.
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✅चक्रवाती तूफान ‘गुलाब’ आंध्र व ओडिशा के तट से टकराया, यह नाम किस देश ने दिया?
a. पाकिस्तान
b. चीन
c. श्रीलंका
d. भारत
Answer: a. पाकिस्तान
– साइक्लोन ‘गुलाब’ 26 सितंबर 2021 को आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों से कलिंगापट्टनम (आंध्र) और गोपालपुर (ओडिशा) के बीच में टकराया।
– तटीय इलाकों को पहले ही खाली करवा लिया गया था।
– हवा की रफ्तार 95 किलोमीटर प्रतिघंटे तक बताई गई है।
– तूफान का असर छह राज्यों में होगा। लेकिन जमीन से आगे बढ़ते हुए यह कमजोर पड़ रहा है और बारिश के रूप में अपना असर दिखा रहा है।
– चक्रवाती तूफान ‘गुलाब’ ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा से निकलकर दक्षिण छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गोवा और गुजरात तक असर दिखाया।
तूफान का सही उच्चारण गुल-आब
– इस तूफान को ‘गुलाब’ नाम पाकिस्तान ने दिया है। इसे बोलने का सही तरीका गुल-आब बताया है।
@Gk_trick
हिन्द महासागर के तूफान कैसे तय होते हैं?
– हिन्द महासागर क्षेत्र के 8 देशों (भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, मालदीव, म्यांमार, ओमान और थाईलैंड) ने भारत की पहल पर 2004 से चक्रवाती तूफानों को नाम देने की व्यवस्था शुरू की थी।
– इसके बाद 2018 में इसमें ईरान, कतर, सऊदी अरब, यूएई और यमन भी जुड़ गए।
– ये 13 देश पहले से ही नाम का लिस्ट बनाकर रखते हैं।
– जैसे ही चक्रवात इन 8 देशों के किसी हिस्से में पहुंचता है, सूची में मौजूद अलग नाम इस चक्रवात को दिया जाता है।
– इससे चक्रवात की न केवल आसानी से पहचान हो जाती है बल्कि बचाव अभियानों में भी इससे मदद मिलती है. किसी भी नाम को दोहराया नहीं जाता है।
– तूफान का नाम रखने की व्यवस्था संयुक्त राष्ट्र के निर्देशन में बनी हुई है।
पिछले तूफान
– 25 मई 2021 को तूफान ‘यास’ नाम ओमान ने रखा था। यह तूफान ओडिशा से टकराया था।
– 17 मई को तूफान ‘ताउते’ गुजरात से टकराया था। उसका नाम म्यांमार ने रखा था।
चक्रवाती तूफान कैसे बनते हैं?
– जब समुद्र में कम दबाव का क्षेत्र बनता है, तब चक्रवाती तूफान उठता है।
– यहां सवाल होगा कि समुद्र में कम दबाव का क्षेत्र क्या होता है और यह कैसे बनता है?
– इसके लिए ग्लोबल वार्मिंग जिम्मेदार है।
– जब समुद्र का तापमान बढ़ता है या कहें कि जब समुद्र गर्म होना शुरू होता है, तो उसकी गर्मी से हवा ऊपर उठती है और उस खाली जगह (इससे एक वैक्युम सा क्षेत्र) को भरने के लिए आस-पास की हवा दौड़ती है। इसी को कम दबाव का क्षेत्र कहते हैं।
– चूकि समुद्र बहुत विशाल होते हैं, तो इसलिए यह प्रक्रिया बहुत विशाल होती जाती है। Gk_trick
– चूकि, गर्म हवा ऊपर चली तो जाती है और बड़े इलाके से हवा यहां आती, लेकिन ऊपर उठने वाली हवा भी ठंडी होती है, क्योंकि जैसे-जैसे हम ऊंचाई पर जाएंगे, तो तापमान कम होता जाता है।
– ऐसे में ऊपर की हवा, जो ठंडी हो चुकी है वह भी नीचे आना चाहती है और यह तूफान में बदल जाता है।
– हवा बहुत तेजी से घूमती है।
– समुद्र, धरती में ग्लोबल वार्मिंग या गर्मी को सोखने में बड़ा योगदान है।
– एक तरह से कह सकते हैं कि चक्रवाती तूफान के जरिए समुद्र खुद को ठंडा रखने की कोशिश करता है।
तूफान से नुकसान
– चक्रवाती तूफान आते हैं तो बहुत नुकसान करते हैं।
– विश्व मौसम संगठन की रिपोर्ट के अनुसार 2020 में भारत-बांग्लादेश में अम्फान तूफान आया था, उससे एक लाख करोड़ का नुकसान हुआ था।
– जैसे जैसे ग्लोबल वार्मिंग बढ़ेगी, तो इससे तूफान के ताकत बढ़ेंगे।
– इससे जानमाल को क्षति होगी।
– भारत के 65 से 70 जिले तट पर है। 75 सौ किलोमीटर का तट रेखा है।
– तूफान लगातार अर्थव्यवस्था को खोखला करेंगे।
– एक दशक में दो प्रतिशत का जीडीपी में नुकसान हुआ, तूफान से।
– जलवायु परिवर्तन भारत जैसे देश को काफी नुकसान पहुंचाता है।
– अमीर देशों में जीडीपी में ज्यादा दिक्कत नहीं हो रही है, क्योंकि उनके पास नुकसान सहने की आर्थिक क्षमता बहुत बेहतर है।
– पिछले पचास साल में भारत में मौसमी कारणों से जुड़ी घटनाएं (जैसे तूफान, सूखा) नहीं होतीं तो भारत की जीडीपी तीस प्रतिशत ज्यादा होती।
– तूफान ‘गुलाब’ की वजह से सितंबर के अंतिम हफ्ते में मध्य भारत के राज्यों में भारी बारिश से सोयाबीन व दलहन की फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। यदि मानसून तय समय पर ही लौटना शुरू हो जाता तो यह ज्यादा फायदेमंद होता।
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a. पाकिस्तान
b. चीन
c. श्रीलंका
d. भारत
Answer: a. पाकिस्तान
– साइक्लोन ‘गुलाब’ 26 सितंबर 2021 को आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों से कलिंगापट्टनम (आंध्र) और गोपालपुर (ओडिशा) के बीच में टकराया।
– तटीय इलाकों को पहले ही खाली करवा लिया गया था।
– हवा की रफ्तार 95 किलोमीटर प्रतिघंटे तक बताई गई है।
– तूफान का असर छह राज्यों में होगा। लेकिन जमीन से आगे बढ़ते हुए यह कमजोर पड़ रहा है और बारिश के रूप में अपना असर दिखा रहा है।
– चक्रवाती तूफान ‘गुलाब’ ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा से निकलकर दक्षिण छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गोवा और गुजरात तक असर दिखाया।
तूफान का सही उच्चारण गुल-आब
– इस तूफान को ‘गुलाब’ नाम पाकिस्तान ने दिया है। इसे बोलने का सही तरीका गुल-आब बताया है।
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हिन्द महासागर के तूफान कैसे तय होते हैं?
– हिन्द महासागर क्षेत्र के 8 देशों (भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, मालदीव, म्यांमार, ओमान और थाईलैंड) ने भारत की पहल पर 2004 से चक्रवाती तूफानों को नाम देने की व्यवस्था शुरू की थी।
– इसके बाद 2018 में इसमें ईरान, कतर, सऊदी अरब, यूएई और यमन भी जुड़ गए।
– ये 13 देश पहले से ही नाम का लिस्ट बनाकर रखते हैं।
– जैसे ही चक्रवात इन 8 देशों के किसी हिस्से में पहुंचता है, सूची में मौजूद अलग नाम इस चक्रवात को दिया जाता है।
– इससे चक्रवात की न केवल आसानी से पहचान हो जाती है बल्कि बचाव अभियानों में भी इससे मदद मिलती है. किसी भी नाम को दोहराया नहीं जाता है।
– तूफान का नाम रखने की व्यवस्था संयुक्त राष्ट्र के निर्देशन में बनी हुई है।
पिछले तूफान
– 25 मई 2021 को तूफान ‘यास’ नाम ओमान ने रखा था। यह तूफान ओडिशा से टकराया था।
– 17 मई को तूफान ‘ताउते’ गुजरात से टकराया था। उसका नाम म्यांमार ने रखा था।
चक्रवाती तूफान कैसे बनते हैं?
– जब समुद्र में कम दबाव का क्षेत्र बनता है, तब चक्रवाती तूफान उठता है।
– यहां सवाल होगा कि समुद्र में कम दबाव का क्षेत्र क्या होता है और यह कैसे बनता है?
– इसके लिए ग्लोबल वार्मिंग जिम्मेदार है।
– जब समुद्र का तापमान बढ़ता है या कहें कि जब समुद्र गर्म होना शुरू होता है, तो उसकी गर्मी से हवा ऊपर उठती है और उस खाली जगह (इससे एक वैक्युम सा क्षेत्र) को भरने के लिए आस-पास की हवा दौड़ती है। इसी को कम दबाव का क्षेत्र कहते हैं।
– चूकि समुद्र बहुत विशाल होते हैं, तो इसलिए यह प्रक्रिया बहुत विशाल होती जाती है। Gk_trick
– चूकि, गर्म हवा ऊपर चली तो जाती है और बड़े इलाके से हवा यहां आती, लेकिन ऊपर उठने वाली हवा भी ठंडी होती है, क्योंकि जैसे-जैसे हम ऊंचाई पर जाएंगे, तो तापमान कम होता जाता है।
– ऐसे में ऊपर की हवा, जो ठंडी हो चुकी है वह भी नीचे आना चाहती है और यह तूफान में बदल जाता है।
– हवा बहुत तेजी से घूमती है।
– समुद्र, धरती में ग्लोबल वार्मिंग या गर्मी को सोखने में बड़ा योगदान है।
– एक तरह से कह सकते हैं कि चक्रवाती तूफान के जरिए समुद्र खुद को ठंडा रखने की कोशिश करता है।
तूफान से नुकसान
– चक्रवाती तूफान आते हैं तो बहुत नुकसान करते हैं।
– विश्व मौसम संगठन की रिपोर्ट के अनुसार 2020 में भारत-बांग्लादेश में अम्फान तूफान आया था, उससे एक लाख करोड़ का नुकसान हुआ था।
– जैसे जैसे ग्लोबल वार्मिंग बढ़ेगी, तो इससे तूफान के ताकत बढ़ेंगे।
– इससे जानमाल को क्षति होगी।
– भारत के 65 से 70 जिले तट पर है। 75 सौ किलोमीटर का तट रेखा है।
– तूफान लगातार अर्थव्यवस्था को खोखला करेंगे।
– एक दशक में दो प्रतिशत का जीडीपी में नुकसान हुआ, तूफान से।
– जलवायु परिवर्तन भारत जैसे देश को काफी नुकसान पहुंचाता है।
– अमीर देशों में जीडीपी में ज्यादा दिक्कत नहीं हो रही है, क्योंकि उनके पास नुकसान सहने की आर्थिक क्षमता बहुत बेहतर है।
– पिछले पचास साल में भारत में मौसमी कारणों से जुड़ी घटनाएं (जैसे तूफान, सूखा) नहीं होतीं तो भारत की जीडीपी तीस प्रतिशत ज्यादा होती।
– तूफान ‘गुलाब’ की वजह से सितंबर के अंतिम हफ्ते में मध्य भारत के राज्यों में भारी बारिश से सोयाबीन व दलहन की फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। यदि मानसून तय समय पर ही लौटना शुरू हो जाता तो यह ज्यादा फायदेमंद होता।
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✅भारत के पहले ‘बैड बैंक’ का नाम बताएं?
a. Rona Bank
b. Indi Bank
c. Central B
d. NARCL
Answer: d. NARCL
NARCL : National Asset Reconstruction Company
(नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड)
बैड बैंक का मालिक कौन?
– बैड बैंक का 51 प्रतिशत शेयर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (PSBs) के पास और बाकी प्राइवेट सेक्टर के पास होंगी।
– हालांकि सरकारी बैंक कुछ महीनों के बाद अपना शेयर कम करेंगी।
किसके पास कितना शेयर
– SBI : 13.27 %
– Union Bank : 13.27 %
– PNB : 12.06 %
बैड बैंक को केंद्र सरकार की मदद
– इस बैड बैंक को लेकर सरकार ने 30,600 करोड़ सिक्योरिटी रिसीट गारंटी दी है।
– मतलब कि बैंक के डूबने पर सरकार इतनी रकम देगी।
क्यों बनाया गया बैड बैंक (NARCL)
– कर्ज देने के बाद राशि वसूल न पाने के कारण बैंकों की खराब होती स्थिति और बढते NPA की समस्या से निजात दिलाने के लिए सरकार ने बैड बैंक शुरू किया है।
– मुख्यतौर पर बैड बैंक पुराने लोन की वसूली का काम करेगा, या जितनी वसूली हो सकती है, उतना करेगा।
क्या होता है बैड बैंक?
– बैड बैंक यानी (NARCL – नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड), सामान्य बैंकों के फंसे कर्जों (NPA – Non-performing Asset) टेकओवर करेगी।
– बैड बैंक किसी भी बैड असेट को गुड असेट में बदलने का काम करेगा।
– बैंक जब लोन देता है तो कई बार लोग पूरा लोन नहीं चुकाते हैं
धीरे-धीरे यही लोन एक बड़े कर्ज (NPA) में बदल जाता है।
– बैंक इस कर्ज को नहीं रखना चाहता, इससे उसकी बैलेंस शीट खराब होती है।
– इन कर्ज को बैड बैंक कम कीमत में खरीद लेगा और वसूली करेगा।
बैंकों से NPA कैसे खरीदेगा बैड बैंक
– बैड बैंक, अन्य बैंकों के एनपीए का एक मूल्यांकन (assessment) करेगी। इसके आधार पर बैड बैंक एनपीए को खरीद लेगा।
– इस एसेस्मेंट का 15 प्रतिशत तुरंत बैंक को मिल जाएगा। बाकी की सिक्योरिटी रिसिप्ट दी जाएगी। (यह केंद्र सरकार की बैंक सिक्योरिटी रिसिप्ट का हिस्सा होगा।)
– शुरुआत में बैड बैंक 90 हजार करोड़ के एनपीए से निपटेगा।
– इसका लॉंगटर्म टार्गेट 2 लाख करेड़ के एनपीए को अधिग्रहित करना है।
– बैड बैंक 500 करोड़ या इससे अधिक के एनपीए को बैंकों से अधिग्रहित लेगी।
– ताकि बड़े एनपीए पर ध्यान केंद्रित किया जा सके।
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Very imp for upcoming Exam👍
a. Rona Bank
b. Indi Bank
c. Central B
d. NARCL
Answer: d. NARCL
NARCL : National Asset Reconstruction Company
(नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड)
बैड बैंक का मालिक कौन?
– बैड बैंक का 51 प्रतिशत शेयर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (PSBs) के पास और बाकी प्राइवेट सेक्टर के पास होंगी।
– हालांकि सरकारी बैंक कुछ महीनों के बाद अपना शेयर कम करेंगी।
किसके पास कितना शेयर
– SBI : 13.27 %
– Union Bank : 13.27 %
– PNB : 12.06 %
बैड बैंक को केंद्र सरकार की मदद
– इस बैड बैंक को लेकर सरकार ने 30,600 करोड़ सिक्योरिटी रिसीट गारंटी दी है।
– मतलब कि बैंक के डूबने पर सरकार इतनी रकम देगी।
क्यों बनाया गया बैड बैंक (NARCL)
– कर्ज देने के बाद राशि वसूल न पाने के कारण बैंकों की खराब होती स्थिति और बढते NPA की समस्या से निजात दिलाने के लिए सरकार ने बैड बैंक शुरू किया है।
– मुख्यतौर पर बैड बैंक पुराने लोन की वसूली का काम करेगा, या जितनी वसूली हो सकती है, उतना करेगा।
क्या होता है बैड बैंक?
– बैड बैंक यानी (NARCL – नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड), सामान्य बैंकों के फंसे कर्जों (NPA – Non-performing Asset) टेकओवर करेगी।
– बैड बैंक किसी भी बैड असेट को गुड असेट में बदलने का काम करेगा।
– बैंक जब लोन देता है तो कई बार लोग पूरा लोन नहीं चुकाते हैं
धीरे-धीरे यही लोन एक बड़े कर्ज (NPA) में बदल जाता है।
– बैंक इस कर्ज को नहीं रखना चाहता, इससे उसकी बैलेंस शीट खराब होती है।
– इन कर्ज को बैड बैंक कम कीमत में खरीद लेगा और वसूली करेगा।
बैंकों से NPA कैसे खरीदेगा बैड बैंक
– बैड बैंक, अन्य बैंकों के एनपीए का एक मूल्यांकन (assessment) करेगी। इसके आधार पर बैड बैंक एनपीए को खरीद लेगा।
– इस एसेस्मेंट का 15 प्रतिशत तुरंत बैंक को मिल जाएगा। बाकी की सिक्योरिटी रिसिप्ट दी जाएगी। (यह केंद्र सरकार की बैंक सिक्योरिटी रिसिप्ट का हिस्सा होगा।)
– शुरुआत में बैड बैंक 90 हजार करोड़ के एनपीए से निपटेगा।
– इसका लॉंगटर्म टार्गेट 2 लाख करेड़ के एनपीए को अधिग्रहित करना है।
– बैड बैंक 500 करोड़ या इससे अधिक के एनपीए को बैंकों से अधिग्रहित लेगी।
– ताकि बड़े एनपीए पर ध्यान केंद्रित किया जा सके।
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✅न्यूज एजेंसी ‘प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया’ (PTI) के अध्यक्ष दूसरी बार कौन बने?
a. मधु त्रेहन
b. शोभना भरतिया
c. विजय लाल
d. अविक सरकार
Answer: d. अविक सरकार
– वह आनंद बाजार ग्रुप ऑफ पब्लिकेशन (Ananda Bazar Group of Publications) के उपाध्यक्ष हैं।
– के एन शांत कुमार (K N Shanth Kumar) को उपाध्यक्ष चुना गया है। वह डेक्कन हेराल्ड को प्रकाशित करते हैं।
– PTI देश की सबसे बड़ी न्यूज एजेंसी है।
PTI
मुख्यालय : नई दिल्ली।
स्थापना: 27 अगस्त 1947
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a. मधु त्रेहन
b. शोभना भरतिया
c. विजय लाल
d. अविक सरकार
Answer: d. अविक सरकार
– वह आनंद बाजार ग्रुप ऑफ पब्लिकेशन (Ananda Bazar Group of Publications) के उपाध्यक्ष हैं।
– के एन शांत कुमार (K N Shanth Kumar) को उपाध्यक्ष चुना गया है। वह डेक्कन हेराल्ड को प्रकाशित करते हैं।
– PTI देश की सबसे बड़ी न्यूज एजेंसी है।
PTI
मुख्यालय : नई दिल्ली।
स्थापना: 27 अगस्त 1947
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✅प्रश्न: निम्नलिखित में से कौन सा राज्य तीन तरफ से बांग्लादेश से घिरा हुआ है?
ऑप्शन:
A. नागालैंड
B. असम
C. त्रिपुरा
D. अरुणाचल प्रेदश
उत्तर: C. त्रिपुरा
भारत का त्रिपुरा राज्य तीन तरफ से बांग्लादेश से घिरा हुआ है. इसके उत्तर, पश्चिम और दक्षिण में बांग्लादेश स्थित है जबकि पूर्व में असम और मिजोरम स्थित हैं. त्रिपुरा की स्थापना 14वीं शताब्दी में माणिक्य नामक इण्डो-मंगोलियन आदिवासी मुखिया ने की थी. 1808 में इसे ब्रिटिश साम्राज्य ने जीता, यह स्व-शासित शाही राज्य बना. त्रिपुरा का आधे से अधिक भाग जंगलों से घिरा है, जो प्रकृति-प्रेमी पर्यटकों को आकर्षित करता है, किन्तु दुर्भाग्यवश यहाँ कई आतंकवादी संगठन पनप चुके हैं .
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ऑप्शन:
A. नागालैंड
B. असम
C. त्रिपुरा
D. अरुणाचल प्रेदश
उत्तर: C. त्रिपुरा
भारत का त्रिपुरा राज्य तीन तरफ से बांग्लादेश से घिरा हुआ है. इसके उत्तर, पश्चिम और दक्षिण में बांग्लादेश स्थित है जबकि पूर्व में असम और मिजोरम स्थित हैं. त्रिपुरा की स्थापना 14वीं शताब्दी में माणिक्य नामक इण्डो-मंगोलियन आदिवासी मुखिया ने की थी. 1808 में इसे ब्रिटिश साम्राज्य ने जीता, यह स्व-शासित शाही राज्य बना. त्रिपुरा का आधे से अधिक भाग जंगलों से घिरा है, जो प्रकृति-प्रेमी पर्यटकों को आकर्षित करता है, किन्तु दुर्भाग्यवश यहाँ कई आतंकवादी संगठन पनप चुके हैं .
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✅प्रश्न: द्वितीय विश्व युद्ध किस वर्ष में शुरू हुआ था?
ऑप्शन:
A. 1945
B. 1949
C. 1939
D. 1936
उत्तर: C. 1939
जर्मनी द्वारा 1 सितंबर, 1939 को पोलैंड पर आक्रमण के दो दिन बाद ब्रिटेन और फ्रांस ने जर्मनी के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी. इस घटना ने द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत कर दी. द्वितीय विश्व युद्ध 1939 से 1945 तक चलने वाला विश्व-स्तरीय युद्ध था. प्रथम विश्व युद्ध के बाद होनेवाली वर्साय की संधि में ही द्वितीय विश्व युद्ध के बीच छिपे थे. इस संधि में कठोर शर्तें , आर्थिक मंदी, तुष्टीकरण की नीति, जर्मनी और जापान में सैन्यवाद का उदय, राष्ट्र संघ की विफलता युद्ध का कारण बना.
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A. 1945
B. 1949
C. 1939
D. 1936
उत्तर: C. 1939
जर्मनी द्वारा 1 सितंबर, 1939 को पोलैंड पर आक्रमण के दो दिन बाद ब्रिटेन और फ्रांस ने जर्मनी के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी. इस घटना ने द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत कर दी. द्वितीय विश्व युद्ध 1939 से 1945 तक चलने वाला विश्व-स्तरीय युद्ध था. प्रथम विश्व युद्ध के बाद होनेवाली वर्साय की संधि में ही द्वितीय विश्व युद्ध के बीच छिपे थे. इस संधि में कठोर शर्तें , आर्थिक मंदी, तुष्टीकरण की नीति, जर्मनी और जापान में सैन्यवाद का उदय, राष्ट्र संघ की विफलता युद्ध का कारण बना.
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✅ राजकोषीय नीति (Fiscal Policy)
राजकोषीय नीति कौन बनाता है ?,
◆राजकोषीय नीति (Fiscal Policy) की भूमिका, राजकोषीय नीति क्या है ? राजकोषीय नीति के उद्देश्य, राजकोषीय नीति के उपकरण, राजकोषीय नीति की सीमाएँ आदि राजकोषीय नीति (Fiscal Policy) से जुड़े प्रमुख प्रश्नों के उत्तर यहाँ दिए गए हैं,
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Table of Contents
राजकोषीय नीति
राजकोषीय नीति के उद्देश्य
राजकोषीय नीति के उपकरण
राजकोषीय नीति की सीमाएँ
राजकोषीय नीति
◆राजकोषीय नीति (Fiscal Policy)
- सरकार की आर्थिक नीति का एक प्रमुख घटक है इसके द्वारा आर्थिक विकास, सामाजिक न्याय, मूल्य स्थिरता, पूर्ण रोजगार सृजन एवं संसाधनों की गतिशीलता जैसे लक्ष्यों की पूर्ति की जाती है। राजकोषीय नीति कर एवं कराधान, सार्वजनिक व्यय एवं ऋण जैसे उपकरणों की सहायता से अपने लक्ष्यों की प्राप्ति करती है। इस नीति का निर्माण तथा क्रियान्वयन वित्त मंत्रालय द्वारा बजट के माध्यम से किया जाता है।
◆राजकोषीय नीति को वित्तमंत्री वर्ष में एक बार बजट के माध्यम से प्रस्तुत करता है। इस नीति को आय एवं व्यय नीति, बजटीय नीति तथा कराधान नीति के नाम से भी जाना जाता है। राजकोषीय नीति राष्ट्र की विकास रणनीति के केंद्र में रहती है। एक राष्ट्र के आर्थिक लक्ष्यों की प्राप्ति में राजकोषीय नीति का प्रमुख योगदान होता है।
राजकोषीय नीति के उद्देश्य
संसाधनों की गतिशीलता – सरकार अपनी नीतियों के द्वारा प्राथमिक, द्वितीय एवं तृतीय क्षेत्र के बीच संतुलन को बनाने का प्रयास करते हुए, अपने सभी संसाधनों में गतिशीलता लाने का प्रयास करती है।
सामाजिक न्याय – राजकोषीय नीति के द्वारा सरकार कर नीति को लागू करती है। जिसके अनुसार उच्च वर्ग से अधिक कर तथा गरीब एवं निम्न वर्ग के लोगों से कम अथवा कोई कर नहीं लिया जाता है जिससे समाज में सामाजिक न्याय सुनिश्चित हो सके।Gk_trick
मूल्य स्थिरता (Price stability) – अर्थव्यवस्था में मूल्य स्थिरता बनाये रखना मौद्रिक नीति के अंतर्गत आता है, परन्तु मूल्य स्थिरता को बनाये रखना राजकोषीय नीति का भी उद्देश्य है जिससे की अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फिति (inflation) को कम रखा जा सके।
पूर्ण रोजगार सृजन – अपने सभी नागरिकों को रोजगार उपलब्ध कराना एवं राष्ट्र की बेरोजगारी दर को कम से कम रखना सरकार का प्रमुख उद्देश्य होता है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सरकार अपनी राजकोषीय नीति बनाते समय रोजगार सृजन को ध्यान में रखती है, केवल मुनाफे को ही नहीं, उदाहरण के लिए मनरेगा योजना (Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act 2005 MGNREGA)।
भुगतान संतुलन एवं संतुलित विकास – राजकोषीय नीति के द्वारा सरकार अपने राष्ट्र के आयात एवं निर्यात में भुगतान संतुलन को बनाये रखती है। जिससे की राष्ट्र का संतुलित विकास संभव हो सके। @Gk_trick
राजकोषीय नीति के उपकरण
◆कर एवं कराधान – कर ही राष्ट्र की आय का मुख्य स्रोत हैं। कर एवं कराधान नीति के द्वारा एक प्रकार से सरकार राष्ट्र की आय को निर्धारित करती है। करों को निर्धारित करके सामाजिक न्याय एवं संतुलित विकास जैसे उद्देश्यों की पूर्ति की जाती है।
◆सार्वजनिक व्यय – सरकार सार्वजनिक व्यय की घोषणा करके, आने वाले साल के लिए अपने खर्चों का एक विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत करती है। इससे यह पता चलता है कि सरकार किस क्षेत्र में कितना व्यय करने वाली है।
◆सार्वजनिक ऋण – सरकार सदा ही मुनाफे में नहीं रहती हैं(जब कुल व्यय, कुल आय से अधिक होता है)। ऐसी स्थिति में घाटे का वित्तपोषण करने के लिए सार्वजनिक ऋण लिया जाता है। सरकारें सार्वजनिक ऋण दो प्रकार से प्राप्त करती हैं पहला आंतरिक जोकि राष्ट्र के लोगों से ही बॉण्ड के माध्यम से लिया जाता है एवं बाहरी ऋण जोकि अन्य देशों/अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं से लिया जाता है।
◆निवेश एवं विनिवेश नीति – नए रोजगार सृजन एवं अपनी आय को बढ़ाने के लिए सरकार राजकोषीय नीति में आने वाले वर्ष के लिए निवेश एवं विनिवेश को बता कर ये स्पष्ट करती है कि इस क्षेत्र में कितना निवेश एवं किस क्षेत्र से विनिवेश किया जाएगा।भारत के संदर्भ में राजकोषीय नीति अपनी व्यापकता एवं प्रभावशीलता के कारण विकास रणनीति के केंद्र में अवश्य है, परन्तु इसकी कुछ सीमाएँ भी हैं। आइये संक्षिप्त में इन सीमाओं पर एक नजर डालें-
राजकोषीय नीति की सीमाएँ
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राजकोषीय नीति कौन बनाता है ?,
◆राजकोषीय नीति (Fiscal Policy) की भूमिका, राजकोषीय नीति क्या है ? राजकोषीय नीति के उद्देश्य, राजकोषीय नीति के उपकरण, राजकोषीय नीति की सीमाएँ आदि राजकोषीय नीति (Fiscal Policy) से जुड़े प्रमुख प्रश्नों के उत्तर यहाँ दिए गए हैं,
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राजकोषीय नीति
राजकोषीय नीति के उद्देश्य
राजकोषीय नीति के उपकरण
राजकोषीय नीति की सीमाएँ
राजकोषीय नीति
◆राजकोषीय नीति (Fiscal Policy)
- सरकार की आर्थिक नीति का एक प्रमुख घटक है इसके द्वारा आर्थिक विकास, सामाजिक न्याय, मूल्य स्थिरता, पूर्ण रोजगार सृजन एवं संसाधनों की गतिशीलता जैसे लक्ष्यों की पूर्ति की जाती है। राजकोषीय नीति कर एवं कराधान, सार्वजनिक व्यय एवं ऋण जैसे उपकरणों की सहायता से अपने लक्ष्यों की प्राप्ति करती है। इस नीति का निर्माण तथा क्रियान्वयन वित्त मंत्रालय द्वारा बजट के माध्यम से किया जाता है।
◆राजकोषीय नीति को वित्तमंत्री वर्ष में एक बार बजट के माध्यम से प्रस्तुत करता है। इस नीति को आय एवं व्यय नीति, बजटीय नीति तथा कराधान नीति के नाम से भी जाना जाता है। राजकोषीय नीति राष्ट्र की विकास रणनीति के केंद्र में रहती है। एक राष्ट्र के आर्थिक लक्ष्यों की प्राप्ति में राजकोषीय नीति का प्रमुख योगदान होता है।
राजकोषीय नीति के उद्देश्य
संसाधनों की गतिशीलता – सरकार अपनी नीतियों के द्वारा प्राथमिक, द्वितीय एवं तृतीय क्षेत्र के बीच संतुलन को बनाने का प्रयास करते हुए, अपने सभी संसाधनों में गतिशीलता लाने का प्रयास करती है।
सामाजिक न्याय – राजकोषीय नीति के द्वारा सरकार कर नीति को लागू करती है। जिसके अनुसार उच्च वर्ग से अधिक कर तथा गरीब एवं निम्न वर्ग के लोगों से कम अथवा कोई कर नहीं लिया जाता है जिससे समाज में सामाजिक न्याय सुनिश्चित हो सके।Gk_trick
मूल्य स्थिरता (Price stability) – अर्थव्यवस्था में मूल्य स्थिरता बनाये रखना मौद्रिक नीति के अंतर्गत आता है, परन्तु मूल्य स्थिरता को बनाये रखना राजकोषीय नीति का भी उद्देश्य है जिससे की अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फिति (inflation) को कम रखा जा सके।
पूर्ण रोजगार सृजन – अपने सभी नागरिकों को रोजगार उपलब्ध कराना एवं राष्ट्र की बेरोजगारी दर को कम से कम रखना सरकार का प्रमुख उद्देश्य होता है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सरकार अपनी राजकोषीय नीति बनाते समय रोजगार सृजन को ध्यान में रखती है, केवल मुनाफे को ही नहीं, उदाहरण के लिए मनरेगा योजना (Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act 2005 MGNREGA)।
भुगतान संतुलन एवं संतुलित विकास – राजकोषीय नीति के द्वारा सरकार अपने राष्ट्र के आयात एवं निर्यात में भुगतान संतुलन को बनाये रखती है। जिससे की राष्ट्र का संतुलित विकास संभव हो सके। @Gk_trick
राजकोषीय नीति के उपकरण
◆कर एवं कराधान – कर ही राष्ट्र की आय का मुख्य स्रोत हैं। कर एवं कराधान नीति के द्वारा एक प्रकार से सरकार राष्ट्र की आय को निर्धारित करती है। करों को निर्धारित करके सामाजिक न्याय एवं संतुलित विकास जैसे उद्देश्यों की पूर्ति की जाती है।
◆सार्वजनिक व्यय – सरकार सार्वजनिक व्यय की घोषणा करके, आने वाले साल के लिए अपने खर्चों का एक विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत करती है। इससे यह पता चलता है कि सरकार किस क्षेत्र में कितना व्यय करने वाली है।
◆सार्वजनिक ऋण – सरकार सदा ही मुनाफे में नहीं रहती हैं(जब कुल व्यय, कुल आय से अधिक होता है)। ऐसी स्थिति में घाटे का वित्तपोषण करने के लिए सार्वजनिक ऋण लिया जाता है। सरकारें सार्वजनिक ऋण दो प्रकार से प्राप्त करती हैं पहला आंतरिक जोकि राष्ट्र के लोगों से ही बॉण्ड के माध्यम से लिया जाता है एवं बाहरी ऋण जोकि अन्य देशों/अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं से लिया जाता है।
◆निवेश एवं विनिवेश नीति – नए रोजगार सृजन एवं अपनी आय को बढ़ाने के लिए सरकार राजकोषीय नीति में आने वाले वर्ष के लिए निवेश एवं विनिवेश को बता कर ये स्पष्ट करती है कि इस क्षेत्र में कितना निवेश एवं किस क्षेत्र से विनिवेश किया जाएगा।भारत के संदर्भ में राजकोषीय नीति अपनी व्यापकता एवं प्रभावशीलता के कारण विकास रणनीति के केंद्र में अवश्य है, परन्तु इसकी कुछ सीमाएँ भी हैं। आइये संक्षिप्त में इन सीमाओं पर एक नजर डालें-
राजकोषीय नीति की सीमाएँ
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@Gk_trick
राजकोषीय नीति की सीमाएँ
◆नीति की आवश्यकता, उसके लागू होने तथा उसके प्रभावी होने में काफी समय का लग जाना।
सरकारों के लोक लुभावन कार्यक्रमों एवं योजनाओं के कारण व्यय में वृद्धि होती है जिससे राजकोषीय नीति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
◆राजकोषीय नीति से न तो ब्याज दर प्रभावित होती है और न ही उपभोक्ता का व्यवहार, अतः राजकोषीय नीति बहुत सीमित है।
राजकोषीय नीति में अधिक विस्तारवादी रुख से सरकार निजी क्षेत्र को दुष्प्रभावित भी कर सकती है।
अंततः राजकोषीय नीति का क्रियान्वयन प्रशासनिक तंत्र की कुशलता पर ही निर्भर करता है।
@Gk_trick
#Eco
◆नीति की आवश्यकता, उसके लागू होने तथा उसके प्रभावी होने में काफी समय का लग जाना।
सरकारों के लोक लुभावन कार्यक्रमों एवं योजनाओं के कारण व्यय में वृद्धि होती है जिससे राजकोषीय नीति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
◆राजकोषीय नीति से न तो ब्याज दर प्रभावित होती है और न ही उपभोक्ता का व्यवहार, अतः राजकोषीय नीति बहुत सीमित है।
राजकोषीय नीति में अधिक विस्तारवादी रुख से सरकार निजी क्षेत्र को दुष्प्रभावित भी कर सकती है।
अंततः राजकोषीय नीति का क्रियान्वयन प्रशासनिक तंत्र की कुशलता पर ही निर्भर करता है।
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#Eco