प्रश्न: प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया के दौरान कौन सी गैस निकलती है?
Anonymous Quiz
40%
A. कार्बन डाइ ऑक्साइड
44%
B. ऑक्सीजन
15%
C. कार्बन मोनो ऑक्साइड
1%
D. सल्फर डाइ ऑक्साइड
उत्तर: B. ऑक्सीजन
प्रकाश-संश्लेषण के प्रकाशीय अभिक्रिया में जल के प्रकाशीय विघटन से ऑक्सीजन उत्पन्न होता है. यही ऑक्सीजन उपपदार्थ के रूप में वातावरण में मुक्त होता है. अधेरी अभिक्रिया में बनने वाली ग्लूकोज के अणुओं में हाइड्रोजन तत्व के अणु जल से ही प्राप्त होते हैं. प्रकाश-संश्लेषण के समय जल अप्रत्यक्ष रूप से भी कई कार्य करता है.
प्रकाश-संश्लेषण के प्रकाशीय अभिक्रिया में जल के प्रकाशीय विघटन से ऑक्सीजन उत्पन्न होता है. यही ऑक्सीजन उपपदार्थ के रूप में वातावरण में मुक्त होता है. अधेरी अभिक्रिया में बनने वाली ग्लूकोज के अणुओं में हाइड्रोजन तत्व के अणु जल से ही प्राप्त होते हैं. प्रकाश-संश्लेषण के समय जल अप्रत्यक्ष रूप से भी कई कार्य करता है.
✅ऑस्ट्रेलिया चन्द्रमा पर रोवर भेजेगा
ऑस्ट्रेलिया और कनाडा की निजी कंपनियां यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्नोलॉजी सिडनी के सहयोग से एक मून मिशन विकसित कर रही हैं।
मुख्य बिंदु
इस मिशन के तहत ऑस्ट्रेलियाई तकनीक को 2024 के मध्य तक चांद पर पानी की खोज करने के लिए भेजा जाएगा।
यदि योजना सफल होती है, तो यह चंद्रमा पर पहुँचने वाला ऑस्ट्रेलिया का पहला रोवर होगा।
पृष्ठभूमि
इससे पहले, ऑस्ट्रेलियाई अंतरिक्ष एजेंसी ने अक्टूबर 2021 में घोषणा की थी कि उसकी योजना 2026 तक चंद्रमा पर ऑस्ट्रेलियाई निर्मित रोवर भेजने की है।
ऑस्ट्रेलियाई निर्मित रोवर नासा के साथ ऑस्ट्रेलियाई अंतरिक्ष एजेंसी के सौदे का हिस्सा है।
यह रोवर ऑक्सीजन युक्त चंद्र मिट्टी को इकट्ठा करेगा।
रोवर
इस रोवर का वजन दस किलोग्राम है और इसका आयाम 60x60x50 सेमी है।
इसे हाकुतो लैंडर पर लॉन्च किया जाएगा, जिसे जापान की लूनर रोबोटिक एक्सप्लोरेशन कंपनी आईस्पेस ने बनाया है।
रोवर भी आईस्पेस द्वारा बनाया गया है। इसमें एक एकीकृत रोबोटिक शाखा शामिल होगी, जिसे स्टारडस्ट टेक्नोलॉजीज (कनाडा) और ऑस्ट्रेलिया की EXPLOR स्पेस टेक्नोलॉजी नामक निजी कंपनियों द्वारा बनाया गया है।
रोबोटिक आर्म का काम
रोबोटिक आर्म कैमरों और सेंसर का उपयोग करके उच्च-रिज़ॉल्यूशन दृश्य और हैप्टिक डेटा एकत्र करने में मदद करेगा। यह डेटा यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी सिडनी में मिशन कंट्रोल सेंटर को भेजा जाएगा।
यह पानी खोजने के उद्देश्य से चंद्रमा की धूल, मिट्टी और चट्टानों की भौतिक और रासायनिक संरचना के बारे में भी जानकारी एकत्र करेगा।
@Gk_trick
Share
ऑस्ट्रेलिया और कनाडा की निजी कंपनियां यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्नोलॉजी सिडनी के सहयोग से एक मून मिशन विकसित कर रही हैं।
मुख्य बिंदु
इस मिशन के तहत ऑस्ट्रेलियाई तकनीक को 2024 के मध्य तक चांद पर पानी की खोज करने के लिए भेजा जाएगा।
यदि योजना सफल होती है, तो यह चंद्रमा पर पहुँचने वाला ऑस्ट्रेलिया का पहला रोवर होगा।
पृष्ठभूमि
इससे पहले, ऑस्ट्रेलियाई अंतरिक्ष एजेंसी ने अक्टूबर 2021 में घोषणा की थी कि उसकी योजना 2026 तक चंद्रमा पर ऑस्ट्रेलियाई निर्मित रोवर भेजने की है।
ऑस्ट्रेलियाई निर्मित रोवर नासा के साथ ऑस्ट्रेलियाई अंतरिक्ष एजेंसी के सौदे का हिस्सा है।
यह रोवर ऑक्सीजन युक्त चंद्र मिट्टी को इकट्ठा करेगा।
रोवर
इस रोवर का वजन दस किलोग्राम है और इसका आयाम 60x60x50 सेमी है।
इसे हाकुतो लैंडर पर लॉन्च किया जाएगा, जिसे जापान की लूनर रोबोटिक एक्सप्लोरेशन कंपनी आईस्पेस ने बनाया है।
रोवर भी आईस्पेस द्वारा बनाया गया है। इसमें एक एकीकृत रोबोटिक शाखा शामिल होगी, जिसे स्टारडस्ट टेक्नोलॉजीज (कनाडा) और ऑस्ट्रेलिया की EXPLOR स्पेस टेक्नोलॉजी नामक निजी कंपनियों द्वारा बनाया गया है।
रोबोटिक आर्म का काम
रोबोटिक आर्म कैमरों और सेंसर का उपयोग करके उच्च-रिज़ॉल्यूशन दृश्य और हैप्टिक डेटा एकत्र करने में मदद करेगा। यह डेटा यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी सिडनी में मिशन कंट्रोल सेंटर को भेजा जाएगा।
यह पानी खोजने के उद्देश्य से चंद्रमा की धूल, मिट्टी और चट्टानों की भौतिक और रासायनिक संरचना के बारे में भी जानकारी एकत्र करेगा।
@Gk_trick
Share
✅ पृथ्वी का वायुमण्डल (Atmosphere of Earth)
पृथ्वी का वायुमण्डल (Atmosphere of Earth) : पृथ्वी को जिस गैसीय आवरण ने ढ़क रखा है उसे पृथ्वी का वायुमण्डल कहते हैं। इसी वायुमंडल के कारण पृथ्वी पर जीवन संभव हो पाता है। वायुमण्डल ही सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणों को अवशोषित करता है और ग्रीनहाउस प्रभाव द्वारा दिन व रात के धरातलीय तापमान को संतुलित रखकर पृथ्वी पर जीवन की रक्षा करता है। यह आवरण कई गैसों से मिलकर बना हुआ है जिसका विवरण निम्नलिखत है –
Nitrogen (N2)-78.08%
Oxygen (O2)-20.92%
Argon (Ar)-0.93%
Carbon dioxide (Co2)-0.03%
Neon-0.0018%
Helium (He)-0.0005%
Ozone (O3)-0.00006%
Hydrogen (H)-0.00005%
Gk_trick
वायुमण्डल में दाब एक समान नहीं रहता है ये ऊँचाई बढ़ने के साथ-साथ कम होता जाता है। पृथ्वी के वायुमण्डल को कुल पांच परतों में विभाजित कर समझा जा सकता है –
क्षोभमण्डल (Troposphere)
समतापमण्डल (Stratosphere)
मध्यमण्डल (Mesosphere)
आयनमण्डल (Ionosphere)
बाह्यमण्डल (Exosphere)
@Gk_trick
#Geo
पृथ्वी का वायुमण्डल (Atmosphere of Earth) : पृथ्वी को जिस गैसीय आवरण ने ढ़क रखा है उसे पृथ्वी का वायुमण्डल कहते हैं। इसी वायुमंडल के कारण पृथ्वी पर जीवन संभव हो पाता है। वायुमण्डल ही सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणों को अवशोषित करता है और ग्रीनहाउस प्रभाव द्वारा दिन व रात के धरातलीय तापमान को संतुलित रखकर पृथ्वी पर जीवन की रक्षा करता है। यह आवरण कई गैसों से मिलकर बना हुआ है जिसका विवरण निम्नलिखत है –
Nitrogen (N2)-78.08%
Oxygen (O2)-20.92%
Argon (Ar)-0.93%
Carbon dioxide (Co2)-0.03%
Neon-0.0018%
Helium (He)-0.0005%
Ozone (O3)-0.00006%
Hydrogen (H)-0.00005%
Gk_trick
वायुमण्डल में दाब एक समान नहीं रहता है ये ऊँचाई बढ़ने के साथ-साथ कम होता जाता है। पृथ्वी के वायुमण्डल को कुल पांच परतों में विभाजित कर समझा जा सकता है –
क्षोभमण्डल (Troposphere)
समतापमण्डल (Stratosphere)
मध्यमण्डल (Mesosphere)
आयनमण्डल (Ionosphere)
बाह्यमण्डल (Exosphere)
@Gk_trick
#Geo
✅वायुमण्डल की परतों का विवरण
1. क्षोभण्डल (Troposphere)
क्षोभण्डल वायुमण्डल की सबसे निचली परत पर है।
क्षोभण्डल की ऊँचाई 8-18 कि०मी० तक होती है।
धुर्वों पर क्षोभण्डल की ऊँचाई 8 कि०मी० तथा विषुवत रेखा पर 18 कि०मी० होती है।
सारी मौसमी गतिविधियाँ क्षोभण्डल में ही होती हैं जैसे बिजली का कड़कना, बादल का बनना, इंद्रधनुष आदि।
मौसम विभाग के गुब्बारों को भी क्षोभण्डल पर ही उड़ाया जाता है।
तापमान ऊपर की ओर चढ़ने पर 6.4 डिग्री/कि०मी० की दर से घटता है।
वायुमण्डल का 75% भार यहीं पर पाया जाता है।gk_trick
2. समतापमण्डल (Stratosphere)
समतापमण्डल पर तापमान समान रहता है।
समतापमण्डल की धरती से ऊँचाई 18-50 कि०मी० तक होती है।
ओजोन परत समतापमण्डल में ही स्थित है। जोकि सूर्य से आने वाली पराबैंगनी किरणों को अवशोषित कर लेती है।
तापमान समान रहने व मौसमी गतिविधियों से मुक्त होने के कारण वायु यान समतापमण्डल में ही उड़ाये जाते हैं।
3. मध्यमण्डल (Mesosphere)
मध्यमण्डल वायुमण्डल की तीसरी परत है तथा वायुमण्डल के बीच में स्थित है।
मध्यमण्डल की धरती से ऊँचाई 85 कि०मी० है। @gk_trick
मध्यमण्डल, समतापमण्डल से 60 कि०मी० ऊपर तक फैला होता है।
अंतरिक्ष से आने वाले उल्का पिंड मध्यमण्डल पर आकर ही जलकर समाप्त हो जाते हैं।
मध्यमण्डल परत में तापमान ऊँचाई के साथ बढ़ने लगता है।
4. आयनमण्डल (Ionosphere)
आयनमण्डल धरती से 690 कि०मी० की ऊँचाई पर स्थित है।
आयनमण्डल 60-640 कि०मी० तक फैला हुआ है।
आयनमण्डल परत में ऊँचाई के साथ तापमान में तेज वृद्धि होती है।
आयनमण्डल परत को आयनमण्डल इसलिए कहा जाता है क्योंकि यहां पर सौर्यिक विकिरण के कारण विद्युत आवेशित कण (आयनाइज कण) पाये जाते है। जोकि रेडियो संचार में सहायक होते हैं। जिससे टेलीविजन तथा रेडियो संचार संभव हो पाता है।gk_trick join
उत्तर ध्रुवीय तथा दक्षिण ध्रुवीय प्रकाश आयनमण्डल में ही बनता है-
उत्तरी ध्रुवीय प्रकाश को बोरियालिस कहा जाता है।
दक्षिणी ध्रुवीय प्रकाश को ऑस्ट्रेलिस कहा जाता है।
5. बाह्यमण्डल (Exosphere)
बाह्यमण्डल वायुमण्डल की सबसे ऊपरी सतह है।
बाह्यमण्डल की कोई ऊपरी सीमा नहीं है यह अंततः अंतरिक्ष में जाकर मिल जाती है।
बाह्यमण्डल में Hydrogen तथा Helium गैसों की अधिकता पायी जाती है।
बाह्यमण्डल में ही कृत्रिम उपग्रह स्थापित किये जाते हैं।
बाह्यमण्डल धरती से 500 से 1000 कि०मी० तक पाया जाता है।
@Gk_trick
Share
#Geo
1. क्षोभण्डल (Troposphere)
क्षोभण्डल वायुमण्डल की सबसे निचली परत पर है।
क्षोभण्डल की ऊँचाई 8-18 कि०मी० तक होती है।
धुर्वों पर क्षोभण्डल की ऊँचाई 8 कि०मी० तथा विषुवत रेखा पर 18 कि०मी० होती है।
सारी मौसमी गतिविधियाँ क्षोभण्डल में ही होती हैं जैसे बिजली का कड़कना, बादल का बनना, इंद्रधनुष आदि।
मौसम विभाग के गुब्बारों को भी क्षोभण्डल पर ही उड़ाया जाता है।
तापमान ऊपर की ओर चढ़ने पर 6.4 डिग्री/कि०मी० की दर से घटता है।
वायुमण्डल का 75% भार यहीं पर पाया जाता है।gk_trick
2. समतापमण्डल (Stratosphere)
समतापमण्डल पर तापमान समान रहता है।
समतापमण्डल की धरती से ऊँचाई 18-50 कि०मी० तक होती है।
ओजोन परत समतापमण्डल में ही स्थित है। जोकि सूर्य से आने वाली पराबैंगनी किरणों को अवशोषित कर लेती है।
तापमान समान रहने व मौसमी गतिविधियों से मुक्त होने के कारण वायु यान समतापमण्डल में ही उड़ाये जाते हैं।
3. मध्यमण्डल (Mesosphere)
मध्यमण्डल वायुमण्डल की तीसरी परत है तथा वायुमण्डल के बीच में स्थित है।
मध्यमण्डल की धरती से ऊँचाई 85 कि०मी० है। @gk_trick
मध्यमण्डल, समतापमण्डल से 60 कि०मी० ऊपर तक फैला होता है।
अंतरिक्ष से आने वाले उल्का पिंड मध्यमण्डल पर आकर ही जलकर समाप्त हो जाते हैं।
मध्यमण्डल परत में तापमान ऊँचाई के साथ बढ़ने लगता है।
4. आयनमण्डल (Ionosphere)
आयनमण्डल धरती से 690 कि०मी० की ऊँचाई पर स्थित है।
आयनमण्डल 60-640 कि०मी० तक फैला हुआ है।
आयनमण्डल परत में ऊँचाई के साथ तापमान में तेज वृद्धि होती है।
आयनमण्डल परत को आयनमण्डल इसलिए कहा जाता है क्योंकि यहां पर सौर्यिक विकिरण के कारण विद्युत आवेशित कण (आयनाइज कण) पाये जाते है। जोकि रेडियो संचार में सहायक होते हैं। जिससे टेलीविजन तथा रेडियो संचार संभव हो पाता है।gk_trick join
उत्तर ध्रुवीय तथा दक्षिण ध्रुवीय प्रकाश आयनमण्डल में ही बनता है-
उत्तरी ध्रुवीय प्रकाश को बोरियालिस कहा जाता है।
दक्षिणी ध्रुवीय प्रकाश को ऑस्ट्रेलिस कहा जाता है।
5. बाह्यमण्डल (Exosphere)
बाह्यमण्डल वायुमण्डल की सबसे ऊपरी सतह है।
बाह्यमण्डल की कोई ऊपरी सीमा नहीं है यह अंततः अंतरिक्ष में जाकर मिल जाती है।
बाह्यमण्डल में Hydrogen तथा Helium गैसों की अधिकता पायी जाती है।
बाह्यमण्डल में ही कृत्रिम उपग्रह स्थापित किये जाते हैं।
बाह्यमण्डल धरती से 500 से 1000 कि०मी० तक पाया जाता है।
@Gk_trick
Share
#Geo
प्रश्न: आकाशगंगा याने मिल्की वे को किस रूप में वर्गीकृत किया गया है?
Anonymous Quiz
10%
A. गोल आकाशगंगा
13%
B. अनियमित आकाशगंगा
9%
C. विद्युत आकाशगंगा
69%
D. सर्पिल (स्पाइरल) आकाशगंगा
उत्तर: D. सर्पिल (स्पाइरल) आकाशगंगा
सर्पिल गैलेक्सी किसी सर्पिल (स्पाइरल) आकार वाली गैलेक्सी को कहते हैं, जैसे की हमारी अपनी गैलेक्सी, आकाशगंगा है. इनमें एक चपटा घूर्णन करता (यानि घूमता हुआ) भुजाओं वाला चक्र होता है जिसमें तारे, गैस और धूल होती है और जिसके बीच में एक मोटा उभरा हुआ तारों से घना गोला होता है. इसके इर्द-गिर्द एक कम घना गैलेक्सीय सेहरा होता है जिसमें तारे अक्सर गोल तारागुच्छों में पाए जाते हैं.
सर्पिल गैलेक्सी किसी सर्पिल (स्पाइरल) आकार वाली गैलेक्सी को कहते हैं, जैसे की हमारी अपनी गैलेक्सी, आकाशगंगा है. इनमें एक चपटा घूर्णन करता (यानि घूमता हुआ) भुजाओं वाला चक्र होता है जिसमें तारे, गैस और धूल होती है और जिसके बीच में एक मोटा उभरा हुआ तारों से घना गोला होता है. इसके इर्द-गिर्द एक कम घना गैलेक्सीय सेहरा होता है जिसमें तारे अक्सर गोल तारागुच्छों में पाए जाते हैं.
✅जीवाणु (Bacteria) से होने वाले रोग
Join 👉 @Gk_Trick
Trick: "गोटि ने निम्मो को क्षटा (छठा - 6th) सिडी प्ले करने को कहा"
गो - गोनोरिया
टी - टिटनेस
ने - (साइलेंट)
निम्मो - निमोनिया
को - कोढ़
क्ष - क्षय रोग
टा - टाइफाइड
सि - सिफलिस
डि - डिप्थीरिया
प्ले - प्लेग
करने को - (साइलेंट)
क - काली खांसी
हा - हैजा
Join 👉 @Gk_Trick
Trick: "गोटि ने निम्मो को क्षटा (छठा - 6th) सिडी प्ले करने को कहा"
गो - गोनोरिया
टी - टिटनेस
ने - (साइलेंट)
निम्मो - निमोनिया
को - कोढ़
क्ष - क्षय रोग
टा - टाइफाइड
सि - सिफलिस
डि - डिप्थीरिया
प्ले - प्लेग
करने को - (साइलेंट)
क - काली खांसी
हा - हैजा
प्रश्न: भारत में प्रत्येक वर्ष एक बैंक किस तारीख को अपना तुलना पत्र प्रकाशित करता है?
Anonymous Quiz
9%
A. 31 नवंबर
20%
B. 31 जनवरी
19%
C. 31 दिसंबर
51%
D. 31 मार्च
उत्तर: D. 31 मार्च
भारत का वित्तीय वर्ष एक कैलेंडर वर्ष के 1 अप्रैल से शुरू होता है और अगले कैलेंडर वर्ष के 31 मार्च को समाप्त होता है. यह व्यवस्था भारत में ब्रिटिश राज के समय से ही अस्तित्व में है. इसलिए, भारत में बैंक हर साल 31 मार्च के लिए अपने वित्तीय विवरण / बैलेंस शीट प्रकाशित करते हैं.
भारत का वित्तीय वर्ष एक कैलेंडर वर्ष के 1 अप्रैल से शुरू होता है और अगले कैलेंडर वर्ष के 31 मार्च को समाप्त होता है. यह व्यवस्था भारत में ब्रिटिश राज के समय से ही अस्तित्व में है. इसलिए, भारत में बैंक हर साल 31 मार्च के लिए अपने वित्तीय विवरण / बैलेंस शीट प्रकाशित करते हैं.
प्रश्न: मीठे पानी की धारा जो एक बड़ी धारा या नदी में प्रवाहित होती है, उसे क्या कहा जाता है?
Anonymous Quiz
17%
A. जलनिकासी घाटी
18%
B. उद्गम
50%
C. सहायक नदी
14%
D. संगम