✅ Class 6 geography Chapter 01 Notes
🥇 "सौरमंडल में पृथ्वी नोट्स"
पूर्ण चंद्रमा महीने में केवल एक बार दिखाई देता हैं। पूर्ण चंद्रमा वाली रात को पूर्णिमा की रात कहते हैं।
पूर्णिमा के पंद्रह दिन बाद अमावस्या आती हैं। अमावस्या के रात में अगर आसमान साफ हो तो आप आसमान का अवलोकन (ध्यानपूर्वक देखना) अच्छी तरह से कर सकते हैं।
खगोलीय पिंड:- सूर्य, चंद्रमा तथा सभी वस्तुएं जो रात के समय आसमान में चमकती हैं। खगोलीय पिंड कहलाती हैं।
तारा:- कुछ खगोलीय पिंड बड़े आकार वाले तथा गर्म होते हैं यह गैसों से बने होते हैं इनके पास अपनी ऊष्मा तथा प्रकाश होता हैं जिसे वे बहुत बड़ी मात्रा में उत्सर्जित करते हैं इन खगोलीय पिंडों को तारा कहते हैं। सूर्य भी एक तारा है।
नक्षत्रमंडल:- रात को आसमान में तारों के समूह कई प्रकार के विभिन्न आकृतियां बनाती है। यह नक्षत्र मंडल कहलाते हैं। अरसा मेजर या बिग बियर इसी प्रकार का एक नक्षत्र मंडल है।
ध्रुव तारा:- उत्तर में दिखने वाला सबसे बड़ा तारा ध्रुव तारा कहलाता है। पुराने जमाने में लोग रात के समय उत्तर दिशा का पता इसी तरह से लगाते थे। @Gk_trick
ग्रह:- कुछ खगोलीय पिंडों में अपना प्रकाश एवं ऊष्मा नहीं होता है वे तारों के प्रकाश से प्रकाशित होते हैं ऐसे पिंड ग्रह कहलाते हैं। जिसे अंग्रेजी में प्लेनेट कहते हैं।
Planet:- planet (planetai) शब्द से बना है प्लानेटाई शब्द एक ग्रीक भाषा है जिसका अर्थ परिभ्रमक अर्थात चारों ओर घूमने वाले होता है।
पृथ्वी:- पृथ्वी एक ग्रह है जो सूर्य से प्रकाश एवं ऊष्मा प्राप्त करती है। चंद्रमा से देखने पर पृथ्वी भी चंद्रमा की तरह ही चमकती हुई दिखाई देती है।gk_trick
चंद्रमा:- चंद्रमा, पृथ्वी का एक उपग्रह है यह पृथ्वी के चारों ओर चक्कर लगाता है।
सौरमंडल:- सूर्य आठ ग्रह, उपग्रह तथा कुछ अन्य खगोलीय पिंड जैसे क्षुद्र ग्रह एवं उल्कापिंड से मिलकर सौर्य मंडल का निर्माण करते हैं उसे हम सौर परिवार का नाम देते हैं जिसका मुख्य सूर्य है।
सूर्य:- सूर्य सौरमंडल के बीच में स्थित है। यह आकार में बहुत बड़ा है और बहुत ही गर्म गैसों से बना है। सूर्य का खिंचाव बल इससे सौरमंडल को बांधे रखता है। सूर्य सौरमंडल के लिए प्रकाश एवं ऊष्मा का एकमात्र स्रोत है लेकिन हम उसकी अत्यधिक तेज ऊष्मा को महसूस नहीं करते हैं क्योंकि सबसे नजदीक का तारा होने के बावजूद यह हमसे बहुत दूर है। सूर्य पृथ्वी से लगभग 15 करोड़ किलोमीटर दूर है।
ग्रह:- हमारे सौरमंडल में कुल 8 ग्रह है सूर्य से दूरी के अनुसार वे हैं : बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस तथा नेप्चून।
@Gk_trick
#Ncertseries
#Geo
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🥇 "सौरमंडल में पृथ्वी नोट्स"
पूर्ण चंद्रमा महीने में केवल एक बार दिखाई देता हैं। पूर्ण चंद्रमा वाली रात को पूर्णिमा की रात कहते हैं।
पूर्णिमा के पंद्रह दिन बाद अमावस्या आती हैं। अमावस्या के रात में अगर आसमान साफ हो तो आप आसमान का अवलोकन (ध्यानपूर्वक देखना) अच्छी तरह से कर सकते हैं।
खगोलीय पिंड:- सूर्य, चंद्रमा तथा सभी वस्तुएं जो रात के समय आसमान में चमकती हैं। खगोलीय पिंड कहलाती हैं।
तारा:- कुछ खगोलीय पिंड बड़े आकार वाले तथा गर्म होते हैं यह गैसों से बने होते हैं इनके पास अपनी ऊष्मा तथा प्रकाश होता हैं जिसे वे बहुत बड़ी मात्रा में उत्सर्जित करते हैं इन खगोलीय पिंडों को तारा कहते हैं। सूर्य भी एक तारा है।
नक्षत्रमंडल:- रात को आसमान में तारों के समूह कई प्रकार के विभिन्न आकृतियां बनाती है। यह नक्षत्र मंडल कहलाते हैं। अरसा मेजर या बिग बियर इसी प्रकार का एक नक्षत्र मंडल है।
ध्रुव तारा:- उत्तर में दिखने वाला सबसे बड़ा तारा ध्रुव तारा कहलाता है। पुराने जमाने में लोग रात के समय उत्तर दिशा का पता इसी तरह से लगाते थे। @Gk_trick
ग्रह:- कुछ खगोलीय पिंडों में अपना प्रकाश एवं ऊष्मा नहीं होता है वे तारों के प्रकाश से प्रकाशित होते हैं ऐसे पिंड ग्रह कहलाते हैं। जिसे अंग्रेजी में प्लेनेट कहते हैं।
Planet:- planet (planetai) शब्द से बना है प्लानेटाई शब्द एक ग्रीक भाषा है जिसका अर्थ परिभ्रमक अर्थात चारों ओर घूमने वाले होता है।
पृथ्वी:- पृथ्वी एक ग्रह है जो सूर्य से प्रकाश एवं ऊष्मा प्राप्त करती है। चंद्रमा से देखने पर पृथ्वी भी चंद्रमा की तरह ही चमकती हुई दिखाई देती है।gk_trick
चंद्रमा:- चंद्रमा, पृथ्वी का एक उपग्रह है यह पृथ्वी के चारों ओर चक्कर लगाता है।
सौरमंडल:- सूर्य आठ ग्रह, उपग्रह तथा कुछ अन्य खगोलीय पिंड जैसे क्षुद्र ग्रह एवं उल्कापिंड से मिलकर सौर्य मंडल का निर्माण करते हैं उसे हम सौर परिवार का नाम देते हैं जिसका मुख्य सूर्य है।
सूर्य:- सूर्य सौरमंडल के बीच में स्थित है। यह आकार में बहुत बड़ा है और बहुत ही गर्म गैसों से बना है। सूर्य का खिंचाव बल इससे सौरमंडल को बांधे रखता है। सूर्य सौरमंडल के लिए प्रकाश एवं ऊष्मा का एकमात्र स्रोत है लेकिन हम उसकी अत्यधिक तेज ऊष्मा को महसूस नहीं करते हैं क्योंकि सबसे नजदीक का तारा होने के बावजूद यह हमसे बहुत दूर है। सूर्य पृथ्वी से लगभग 15 करोड़ किलोमीटर दूर है।
ग्रह:- हमारे सौरमंडल में कुल 8 ग्रह है सूर्य से दूरी के अनुसार वे हैं : बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस तथा नेप्चून।
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"पृथ्वी के प्रमुख परिमंडल"
भूमंडल: पृथ्वी का ठोस भाग (जमीन) जिस पर हम रहते हैं उसे भूमंडल कहा जाता है।
वायुमंडल: ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, कार्बन डाइऑक्साइड तथा दूसरी गैसों की परत जो पृथ्वी को चारों ओर से घेरती है उसे वायुमंडल कहा जाता है।
जलमंडल: पृथ्वी के बहुत बड़े भाग पर जल पाया जाता है जिससे जलमंडल का जाता है।
नोट: बड़े स्थलीय भूभाग को महाद्वीप तथा बड़े जलाशय को महासागरीय बेसिन कहा जाता है।
विश्व का सबसे ऊंचा शिखर माउंट एवरेस्ट है इसकी ऊंचाई समुद्र तल से 8,848 मीटर है।
विश्व का सबसे गहरा भाग प्रशांत महासागर का मेरियाना गर्त है जिसकी गहराई 11,022 मीटर है।
नोट:
न्यूजीलैंड के 'एडमंड हलेरी' तथा भारत के 'तेनजिंग नौर्गे शेरपा' 29 मई 1953 को पृथ्वी की सबसे ऊंचे शिखर माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाले पहले व्यक्ति थे।
माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली विश्व की पहली महिला जापान की 'जुंको ताबेइ' थी। जो 16 मई 1975 को चढ़ी थी।
माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली भारत की पहली महिला 'बचेंद्री पाल' थी जो 23 मई 1984 को चढ़ी थी।
पृथ्वी पर सात प्रमुख महाद्वीप हैAQ एशिया, यूरोप, अफ्रीका, उत्तर अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया तथा अंटार्कटिका।
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#Geo
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"पृथ्वी के प्रमुख परिमंडल"
भूमंडल: पृथ्वी का ठोस भाग (जमीन) जिस पर हम रहते हैं उसे भूमंडल कहा जाता है।
वायुमंडल: ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, कार्बन डाइऑक्साइड तथा दूसरी गैसों की परत जो पृथ्वी को चारों ओर से घेरती है उसे वायुमंडल कहा जाता है।
जलमंडल: पृथ्वी के बहुत बड़े भाग पर जल पाया जाता है जिससे जलमंडल का जाता है।
नोट: बड़े स्थलीय भूभाग को महाद्वीप तथा बड़े जलाशय को महासागरीय बेसिन कहा जाता है।
विश्व का सबसे ऊंचा शिखर माउंट एवरेस्ट है इसकी ऊंचाई समुद्र तल से 8,848 मीटर है।
विश्व का सबसे गहरा भाग प्रशांत महासागर का मेरियाना गर्त है जिसकी गहराई 11,022 मीटर है।
नोट:
न्यूजीलैंड के 'एडमंड हलेरी' तथा भारत के 'तेनजिंग नौर्गे शेरपा' 29 मई 1953 को पृथ्वी की सबसे ऊंचे शिखर माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाले पहले व्यक्ति थे।
माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली विश्व की पहली महिला जापान की 'जुंको ताबेइ' थी। जो 16 मई 1975 को चढ़ी थी।
माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली भारत की पहली महिला 'बचेंद्री पाल' थी जो 23 मई 1984 को चढ़ी थी।
पृथ्वी पर सात प्रमुख महाद्वीप हैAQ एशिया, यूरोप, अफ्रीका, उत्तर अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया तथा अंटार्कटिका।
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उत्तर अमेरिका महाद्वीप
उत्तर अमेरिका विश्व का तीसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है।
यह दक्षिण अमेरिका से एक संकरे स्थल से जुड़ा है जिसे पनावा स्थल संधि कहा जाता है।
यह महाद्वीप पूरी तरह से उत्तरी एवं पश्चिमी गोलार्ध में स्थित है यह महाद्वीप तीन महासागरों से घिरा है उत्तर में आर्कटिक महासागर, पूर्व में अटलांटिक महासागर और पश्चिम में प्रशांत महासागर।
दक्षिण अमेरिका महाद्वीप
दक्षिण अमेरिका का अधिकांश भाग दक्षिण गोलार्ध में स्थित है।
दक्षिण अमेरिका के पूर्व और पश्चिम में अंध महासागर (Atlantic Ocean) और प्रशांत महासागर स्थित है।
विश्व की सबसे लंबी पर्वत श्रृंखला एंडीज इसके उत्तर से दक्षिण की ओर फैली है।
दक्षिण अमेरिका में विश्व की सबसे बड़ी नदी 'अमेज़न' बहती है।
ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप
ऑस्ट्रेलिया विश्व का सबसे छोटा महाद्वीप है जो कि पूरी तरह से दक्षिणी गोलार्ध में स्थित है।
यह चारों तरफ से महासागरों तथा समुद्रों से गरा है इसे द्वीपीय महाद्वीप कहा जाता है।
अंटार्कटिका महाद्वीप
अंटार्कटिका एक बहुत बड़ा महाद्वीप है जोकि दक्षिण गोलार्ध में स्थित है।
दक्षिण ध्रुव इस महाद्वीप के मध्य में स्थित है। चूंकि यह दक्षिण ध्रुव में स्थित है इसलिए यह हमेशा मोटी बर्फ की परतों से ढका रहता है।
यहां किसी भी प्रकार का स्थाई मानव निवास नहीं है बहुत से देशों के शोध केंद्र यहां स्थित है।
अंटार्कटिका महाद्वीप में भारत के भी शोध संस्थान स्थित है इनके नाम 'मैत्री' तथा 'दक्षिण गंगोत्री' है।
नोट: ऑस्ट्रेलिया को द्वीपीय महाद्वीप कहा जाता है।
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उत्तर अमेरिका विश्व का तीसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है।
यह दक्षिण अमेरिका से एक संकरे स्थल से जुड़ा है जिसे पनावा स्थल संधि कहा जाता है।
यह महाद्वीप पूरी तरह से उत्तरी एवं पश्चिमी गोलार्ध में स्थित है यह महाद्वीप तीन महासागरों से घिरा है उत्तर में आर्कटिक महासागर, पूर्व में अटलांटिक महासागर और पश्चिम में प्रशांत महासागर।
दक्षिण अमेरिका महाद्वीप
दक्षिण अमेरिका का अधिकांश भाग दक्षिण गोलार्ध में स्थित है।
दक्षिण अमेरिका के पूर्व और पश्चिम में अंध महासागर (Atlantic Ocean) और प्रशांत महासागर स्थित है।
विश्व की सबसे लंबी पर्वत श्रृंखला एंडीज इसके उत्तर से दक्षिण की ओर फैली है।
दक्षिण अमेरिका में विश्व की सबसे बड़ी नदी 'अमेज़न' बहती है।
ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप
ऑस्ट्रेलिया विश्व का सबसे छोटा महाद्वीप है जो कि पूरी तरह से दक्षिणी गोलार्ध में स्थित है।
यह चारों तरफ से महासागरों तथा समुद्रों से गरा है इसे द्वीपीय महाद्वीप कहा जाता है।
अंटार्कटिका महाद्वीप
अंटार्कटिका एक बहुत बड़ा महाद्वीप है जोकि दक्षिण गोलार्ध में स्थित है।
दक्षिण ध्रुव इस महाद्वीप के मध्य में स्थित है। चूंकि यह दक्षिण ध्रुव में स्थित है इसलिए यह हमेशा मोटी बर्फ की परतों से ढका रहता है।
यहां किसी भी प्रकार का स्थाई मानव निवास नहीं है बहुत से देशों के शोध केंद्र यहां स्थित है।
अंटार्कटिका महाद्वीप में भारत के भी शोध संस्थान स्थित है इनके नाम 'मैत्री' तथा 'दक्षिण गंगोत्री' है।
नोट: ऑस्ट्रेलिया को द्वीपीय महाद्वीप कहा जाता है।
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GK Trick
उत्तर अमेरिका महाद्वीप उत्तर अमेरिका विश्व का तीसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है। यह दक्षिण अमेरिका से एक संकरे स्थल से जुड़ा है जिसे पनावा स्थल संधि कहा जाता है। यह महाद्वीप पूरी तरह से उत्तरी एवं पश्चिमी गोलार्ध में स्थित है यह महाद्वीप तीन महासागरों से घिरा है…
जलमंडल
पृथ्वी को नीला ग्रह कहा जाता है क्योंकि पृथ्वी पर 71 प्रतिशत भाग जल तथा 29% भाग स्थल है।
जल मंडल में जल के सभी रूप उपस्थित है इसमें महासागर एवं नदियां, झीलें, हिम नदियां, भूमिगत जल तथा वायुमंडल की जलवाष्प सभी सम्मिलित है।
पृथ्वी पर पाए जाने वाले जल का 97% से अधिक भाग महासागरों में पाया जाता है एवं यह जल इतना खड़ा होता है कि पीने लायक नहीं है।
3% शेष जल का बहुत बड़ा भाग बर्फ की परतों एवं हिम नदियों तथा भूमिगत जल के रूप में पाया जाता awहै।
जल का बहुत कम भाग पीने लायक है जो मनुष्य के इस्तेमाल में आता है यही कारण है कि नीले ग्रह में रहने के बावजूद हम पानी की कमी महसूस करते हैं।
महासागर: महासागरीय जल हमेशा गतिशील रहता है तरंगे, ज्वार भाटा तथा महासागरीय धाराएं महासागरीय जल की तीन मुख्य गतियां हैं।
पृथ्वी पर पांच प्रमुख महासागर: प्रशांत महासागर, अटलांटिक महासागर, हिंद महासागर, दक्षिण महासागर तथा आर्कटिक महासागर।
प्रशांत महासागर
प्रशांत महासागर सबसे बड़ा महासागर है यह पृथ्वी के एक तिहाई भाग पर फैला है।
पृथ्वी का सबसे गहरा भाग मेरियाना गर्त प्रशांत महासागर में स्थित है।
प्रशांत महासागर लगभग वृत्ताकार है एशिया, ऑस्ट्रेलिया, उत्तर एवं दक्षिण अमेरिका इसके चारों ओर स्थित है।
अटलांटिक महासागर
अटलांटिक महासागर विश्व का दूसरा सबसे बड़ा महासागर है।
इसके पश्चिम किनारे पर उत्तर एवं दक्षिण अमेरिका है तथा पूर्वी किनारे पर यूरोप एवं अफ्रीका।
अटलांटिक महासागर की तट रेखा बहुत अधिक दंतुरित है।
यह अनियमित एवं तंदुरित तट रेखा, प्राकृतिक पोताश्रय एवं पत्नों के लिए आदर्श स्थित है।
व्यापार की दृष्टि से यह सबसे व्यस्त महासागर है।
हिंद महासागर
हिंद महासागर ही एक ऐसा महासागर है जिसका नाम किसी देश के नाम पर यानी भारत के नाम पर रखा गया है।
यह महासागर लगभग त्रिभुजाकार है इसके उत्तर में एशिया, पश्चिम में अफ्रीका तथा पूर्व में ऑस्ट्रेलिया स्थित है।
दक्षिण महासागर
दक्षिण महासागर अंटार्कटिका महाद्वीप को चारों ओर से घेरता है यह अंटार्कटिका महाद्वीप से उत्तर की ओर 60° डिग्री दक्षिणी अक्षांश तक फैला हुआ है।
आर्कटिक महासागर
आर्कटिक महासागर उत्तर ध्रुव वृत्त में स्थित है तथा यह उत्तर ध्रुव के चारों ओर फैला है।
यह प्रशांत महासागर से छिछले जल वाले एक संकरे भाग से जुड़ा है जिसे बेरिंग जल संधि के नाम से जाना जाता है।
यह उत्तर अमेरिका के उत्तरी तटों तथा यूरेशिया से घिरा है।
वायुमंडल
हमारी पृथ्वी के चारों ओर से गैस की एक तरफ से गिरी हुई है जिसे वायुमंडल कहा जाता है।
वायुमंडल 1,600 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है वायुमंडल को 5 परतों में बांटा गया है क्षोभ मंडल, समताप मंडल, मध्य मंडल, आयन मंडल तथा बहिर्मंडल।
हमारा वायुमंडल मुख्यतः ऑक्सीजन एवं नाइट्रोजन का बना है। जिसमें 78% नाइट्रोजन तथा 21% ऑक्सीजन है 1% में कार्बन डाइऑक्साइड, आर्गन इत्यादि गैस शामिल है।
अधिक ऊंचाई पर जाने पर हमें वायुमंडल में गैसों की कमी देखने को मिलती है जिसकी वजह से हमें अधिक ऊंचाई पर सांस लेने में कठिनाई होती है।
जीवमंडल
जीवमंडल स्थल जल तथा हवा के बीच का एक सीमित भाग है यह हुआ भाग है जहां जीवन मौजूद है।
जी मंडल के प्राणियों को मुख्यतः दो भागों में बांटा गया है जंतु जगत तथा पादप जगत।
भूमंडलीय तापन: कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा में वृद्धि के कारण पृथ्वी के तापमान में वृद्धि होती है इसे भूमंडलीय तापन कहते हैं।
@Gk_trick
#Bhugol
#Geo
पृथ्वी को नीला ग्रह कहा जाता है क्योंकि पृथ्वी पर 71 प्रतिशत भाग जल तथा 29% भाग स्थल है।
जल मंडल में जल के सभी रूप उपस्थित है इसमें महासागर एवं नदियां, झीलें, हिम नदियां, भूमिगत जल तथा वायुमंडल की जलवाष्प सभी सम्मिलित है।
पृथ्वी पर पाए जाने वाले जल का 97% से अधिक भाग महासागरों में पाया जाता है एवं यह जल इतना खड़ा होता है कि पीने लायक नहीं है।
3% शेष जल का बहुत बड़ा भाग बर्फ की परतों एवं हिम नदियों तथा भूमिगत जल के रूप में पाया जाता awहै।
जल का बहुत कम भाग पीने लायक है जो मनुष्य के इस्तेमाल में आता है यही कारण है कि नीले ग्रह में रहने के बावजूद हम पानी की कमी महसूस करते हैं।
महासागर: महासागरीय जल हमेशा गतिशील रहता है तरंगे, ज्वार भाटा तथा महासागरीय धाराएं महासागरीय जल की तीन मुख्य गतियां हैं।
पृथ्वी पर पांच प्रमुख महासागर: प्रशांत महासागर, अटलांटिक महासागर, हिंद महासागर, दक्षिण महासागर तथा आर्कटिक महासागर।
प्रशांत महासागर
प्रशांत महासागर सबसे बड़ा महासागर है यह पृथ्वी के एक तिहाई भाग पर फैला है।
पृथ्वी का सबसे गहरा भाग मेरियाना गर्त प्रशांत महासागर में स्थित है।
प्रशांत महासागर लगभग वृत्ताकार है एशिया, ऑस्ट्रेलिया, उत्तर एवं दक्षिण अमेरिका इसके चारों ओर स्थित है।
अटलांटिक महासागर
अटलांटिक महासागर विश्व का दूसरा सबसे बड़ा महासागर है।
इसके पश्चिम किनारे पर उत्तर एवं दक्षिण अमेरिका है तथा पूर्वी किनारे पर यूरोप एवं अफ्रीका।
अटलांटिक महासागर की तट रेखा बहुत अधिक दंतुरित है।
यह अनियमित एवं तंदुरित तट रेखा, प्राकृतिक पोताश्रय एवं पत्नों के लिए आदर्श स्थित है।
व्यापार की दृष्टि से यह सबसे व्यस्त महासागर है।
हिंद महासागर
हिंद महासागर ही एक ऐसा महासागर है जिसका नाम किसी देश के नाम पर यानी भारत के नाम पर रखा गया है।
यह महासागर लगभग त्रिभुजाकार है इसके उत्तर में एशिया, पश्चिम में अफ्रीका तथा पूर्व में ऑस्ट्रेलिया स्थित है।
दक्षिण महासागर
दक्षिण महासागर अंटार्कटिका महाद्वीप को चारों ओर से घेरता है यह अंटार्कटिका महाद्वीप से उत्तर की ओर 60° डिग्री दक्षिणी अक्षांश तक फैला हुआ है।
आर्कटिक महासागर
आर्कटिक महासागर उत्तर ध्रुव वृत्त में स्थित है तथा यह उत्तर ध्रुव के चारों ओर फैला है।
यह प्रशांत महासागर से छिछले जल वाले एक संकरे भाग से जुड़ा है जिसे बेरिंग जल संधि के नाम से जाना जाता है।
यह उत्तर अमेरिका के उत्तरी तटों तथा यूरेशिया से घिरा है।
वायुमंडल
हमारी पृथ्वी के चारों ओर से गैस की एक तरफ से गिरी हुई है जिसे वायुमंडल कहा जाता है।
वायुमंडल 1,600 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है वायुमंडल को 5 परतों में बांटा गया है क्षोभ मंडल, समताप मंडल, मध्य मंडल, आयन मंडल तथा बहिर्मंडल।
हमारा वायुमंडल मुख्यतः ऑक्सीजन एवं नाइट्रोजन का बना है। जिसमें 78% नाइट्रोजन तथा 21% ऑक्सीजन है 1% में कार्बन डाइऑक्साइड, आर्गन इत्यादि गैस शामिल है।
अधिक ऊंचाई पर जाने पर हमें वायुमंडल में गैसों की कमी देखने को मिलती है जिसकी वजह से हमें अधिक ऊंचाई पर सांस लेने में कठिनाई होती है।
जीवमंडल
जीवमंडल स्थल जल तथा हवा के बीच का एक सीमित भाग है यह हुआ भाग है जहां जीवन मौजूद है।
जी मंडल के प्राणियों को मुख्यतः दो भागों में बांटा गया है जंतु जगत तथा पादप जगत।
भूमंडलीय तापन: कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा में वृद्धि के कारण पृथ्वी के तापमान में वृद्धि होती है इसे भूमंडलीय तापन कहते हैं।
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Class 6 Geography Chapter 06 Notes
"पृथ्वी के प्रमुख स्थलरूप
"
बाह्य प्रक्रिया: बाह्य प्रक्रिया स्थल के लगातार बनने एवं टूटने की प्रक्रिया है।
अपरदन: पृथ्वी की सतह के टूट कर गिर जाने को अपरदन कहते हैं।
निक्षेपन: निक्षेपन एक ऊष्मागतिक प्रक्रिया है जिसमें कोई गैस, ठोस बन जाती है।
अपरदन तथा निक्षेपन यह दो प्रक्रिया बहते हुए जल वायु तथा बर्फ के द्वारा होती है।
पर्वत: पर्वत पृथ्वी की सतह की प्राकृतिक ऊंचाई है पर्वत का शिखर छोटा तथा आधार चौड़ा होता है या आसपास के क्षेत्र से बहुत ऊंचा होता है।
हिमानी: कुछ पर्वतों पर हमेशा जमी रहने वाली बर्फ की नदियां होती है उन्हें हिमानी कहा जाता है।
श्रृंखला: पर्वत एक रेखा के क्रम में व्यवस्थित हो सकते हैं जिसे श्रृंखला का जाता है।
पर्वत मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं: वलित पर्वत, भ्रंशोत्थ पर्वत ज्वालामुखी पर्वत।
वलित: पर्वत के ऊपर खबर तथा शिखर शंक्वाकार होते हैं वह वलित पर्वत होते हैं। हिमालय तथा आल्पस वलित पर्वत है।gk_trick
भ्रंशोत्थ पर्वत: जब बहुत बड़ा भाग टूट जाता है तथा उधर्वधार (सीधा खड़ा) रूप से व्यवस्थित हो जाता है तब भ्रंशोत्थ पर्वत का निर्माण होता है।
ज्वालामुखी पर्वत: ज्वालामुखी पर्वत ज्वालामुखी क्रियाओं के कारण बनते हैं। अफ्रीका का माउंट किलिमंजारो तथा जापान का फ्यूजियामा इस तरह के पर्वत के उदाहरण है।
पर्वतों पर खेले जाने वाले खेल:
1)पैराग्लाइडिंग
2)ग्लाइडिंग
3)रिवर राफ्टिंग
4)स्कीइंग
पठार
पठार उठी हुई एवं सपाट भूमि होती है। यह आसपास के क्षेत्रों से अधिक उठा हुआ होता है तथा इसका ऊपरी भाग मेज के समान सपाट होता है।
किसी पठार के एक या एक से अधिक किनारे होते हैं जिनके ढाल खड़े होते हैं।
पठानों की ऊंचाई पर आए कुछ सौ मीटर से लेकर कई हजार मीटर तक हो सकती है।
नोट: तिब्बत का पठार विश्व का सबसे ऊंचा पठार है जिसकी ऊंचाई माध्यम समुद्र तल से 4000 से 6000 मीटर तक है।gk_trick
पठार किस प्रकार उपयोगी होते हैं?
पठार बहुत उपयोगी होते हैं क्योंकि उनमें खनिजों की प्रचुरता होती है अफ्रीका का पठार सोना एवं हीरो के खनन के लिए प्रसिद्ध है।
लावा पठार में काली मिट्टी की प्रचुरता होती है जो उपजाऊ है एवं खेती के लिए काफी अच्छी होती है।
पठारी क्षेत्र में बहुत से जलप्रपात हो सकते हैं क्योंकि यहां नदियां ऊंचाई से गिरती है।
कई पत्रों में रमणीय स्थल होते हैं जो पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
मैदान: मैदान समतल भूमि के बहुत बड़े भाग होते हैं। वह सामान्यतः माध्य समुद्री तल से 200 मीटर से अधिक ऊंचे नहीं होते हैं कुछ मैदान काफी समतल होते हैं कुछ उर्मिल तथा तरंगित हो सकते हैं। अधिकांश मैदान नदियों तथा उनकी सहायक नदियों के द्वारा बने हैं।
मैदान कैसे बनते हैं? / मैदान का निर्माण कैसे होता है?
नदिया पर्वतों के डालो पर नीचे की ओर बहती है तथा उन्हें अपरदित कर देती है वे अपरदीत पदार्थों को अपने साथ आगे की ओर ले जाती है अपने साथ ले जाने वाले पदार्थों जैसे: पत्थर, बालू तथा सिल्ट को वे घाटियों में निक्षेपित कर देती है इन्हीं निक्षेपो से मैदान का निर्माण होता है।
मनुष्य के लिए पर्वत किस प्रकार उपयोगी है?
पर्वत चल के संग्रहागार होते हैं। बहुत सी नदियों का स्रोत पर्वतों में स्थित हिमानी में होता है।
जलाशयों के जल को लोगों तक पहुंचाया जाता है पर्वतों के जल का उपयोग सिंचाई तथा पन बिजली के उत्पादन में भी किया जाता है।
नदी घाटियां तथा वैदिकाय कृषि के लिए उपयुक्त होती है। पर्वतों में अलग-अलग प्रकार की वनस्पतियां तथा जीव जंतु पाए जाते हैं।
@Gk_trick
#Geo
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#भूगोल
"पृथ्वी के प्रमुख स्थलरूप
"
बाह्य प्रक्रिया: बाह्य प्रक्रिया स्थल के लगातार बनने एवं टूटने की प्रक्रिया है।
अपरदन: पृथ्वी की सतह के टूट कर गिर जाने को अपरदन कहते हैं।
निक्षेपन: निक्षेपन एक ऊष्मागतिक प्रक्रिया है जिसमें कोई गैस, ठोस बन जाती है।
अपरदन तथा निक्षेपन यह दो प्रक्रिया बहते हुए जल वायु तथा बर्फ के द्वारा होती है।
पर्वत: पर्वत पृथ्वी की सतह की प्राकृतिक ऊंचाई है पर्वत का शिखर छोटा तथा आधार चौड़ा होता है या आसपास के क्षेत्र से बहुत ऊंचा होता है।
हिमानी: कुछ पर्वतों पर हमेशा जमी रहने वाली बर्फ की नदियां होती है उन्हें हिमानी कहा जाता है।
श्रृंखला: पर्वत एक रेखा के क्रम में व्यवस्थित हो सकते हैं जिसे श्रृंखला का जाता है।
पर्वत मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं: वलित पर्वत, भ्रंशोत्थ पर्वत ज्वालामुखी पर्वत।
वलित: पर्वत के ऊपर खबर तथा शिखर शंक्वाकार होते हैं वह वलित पर्वत होते हैं। हिमालय तथा आल्पस वलित पर्वत है।gk_trick
भ्रंशोत्थ पर्वत: जब बहुत बड़ा भाग टूट जाता है तथा उधर्वधार (सीधा खड़ा) रूप से व्यवस्थित हो जाता है तब भ्रंशोत्थ पर्वत का निर्माण होता है।
ज्वालामुखी पर्वत: ज्वालामुखी पर्वत ज्वालामुखी क्रियाओं के कारण बनते हैं। अफ्रीका का माउंट किलिमंजारो तथा जापान का फ्यूजियामा इस तरह के पर्वत के उदाहरण है।
पर्वतों पर खेले जाने वाले खेल:
1)पैराग्लाइडिंग
2)ग्लाइडिंग
3)रिवर राफ्टिंग
4)स्कीइंग
पठार
पठार उठी हुई एवं सपाट भूमि होती है। यह आसपास के क्षेत्रों से अधिक उठा हुआ होता है तथा इसका ऊपरी भाग मेज के समान सपाट होता है।
किसी पठार के एक या एक से अधिक किनारे होते हैं जिनके ढाल खड़े होते हैं।
पठानों की ऊंचाई पर आए कुछ सौ मीटर से लेकर कई हजार मीटर तक हो सकती है।
नोट: तिब्बत का पठार विश्व का सबसे ऊंचा पठार है जिसकी ऊंचाई माध्यम समुद्र तल से 4000 से 6000 मीटर तक है।gk_trick
पठार किस प्रकार उपयोगी होते हैं?
पठार बहुत उपयोगी होते हैं क्योंकि उनमें खनिजों की प्रचुरता होती है अफ्रीका का पठार सोना एवं हीरो के खनन के लिए प्रसिद्ध है।
लावा पठार में काली मिट्टी की प्रचुरता होती है जो उपजाऊ है एवं खेती के लिए काफी अच्छी होती है।
पठारी क्षेत्र में बहुत से जलप्रपात हो सकते हैं क्योंकि यहां नदियां ऊंचाई से गिरती है।
कई पत्रों में रमणीय स्थल होते हैं जो पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
मैदान: मैदान समतल भूमि के बहुत बड़े भाग होते हैं। वह सामान्यतः माध्य समुद्री तल से 200 मीटर से अधिक ऊंचे नहीं होते हैं कुछ मैदान काफी समतल होते हैं कुछ उर्मिल तथा तरंगित हो सकते हैं। अधिकांश मैदान नदियों तथा उनकी सहायक नदियों के द्वारा बने हैं।
मैदान कैसे बनते हैं? / मैदान का निर्माण कैसे होता है?
नदिया पर्वतों के डालो पर नीचे की ओर बहती है तथा उन्हें अपरदित कर देती है वे अपरदीत पदार्थों को अपने साथ आगे की ओर ले जाती है अपने साथ ले जाने वाले पदार्थों जैसे: पत्थर, बालू तथा सिल्ट को वे घाटियों में निक्षेपित कर देती है इन्हीं निक्षेपो से मैदान का निर्माण होता है।
मनुष्य के लिए पर्वत किस प्रकार उपयोगी है?
पर्वत चल के संग्रहागार होते हैं। बहुत सी नदियों का स्रोत पर्वतों में स्थित हिमानी में होता है।
जलाशयों के जल को लोगों तक पहुंचाया जाता है पर्वतों के जल का उपयोग सिंचाई तथा पन बिजली के उत्पादन में भी किया जाता है।
नदी घाटियां तथा वैदिकाय कृषि के लिए उपयुक्त होती है। पर्वतों में अलग-अलग प्रकार की वनस्पतियां तथा जीव जंतु पाए जाते हैं।
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Class 6 Geography Chapter 07 Notes
"हमारा देश : भारत"
भारत
◆ भारत का क्षेत्रफल 32. 8 लाख वर्ग किलोमीटर है।
उत्तर में कश्मीर से लेकर दक्षिण में कन्याकुमारी तक इसका विस्तार लगभग 3,200 किलोमीटर है।
पूर्व में अरुणाचल प्रदेश से लेकर पश्चिम में कच्छ तक इसका विस्तार लगभग 2,900 किलोमीटर तक है।
भारत में जलवायु, वनस्पति, वन्य जीवों के साथ-साथ भाषा एवं संस्कृति में भी बहुत भिन्नता है।
यह चीन के बाद विश्व का दूसरा सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है।
👉 भारत की स्थिति
◆ भारत उत्तरी गोलार में स्थित है।
कर्क रेखा (23°30' उ.) देश के लगभग मध्य भाग से होकर गुजरती है।
दक्षिण से उत्तर की ओर भारत की मुख्य भूमि का विस्तार 8°4' उ. तथा 37°6' उ. अक्षांश के बीच है।
पश्चिम से लेकर पूर्व तक भारत का विस्तार 68°7' पू. तथा 97°25' पू. देशांतर के बीच है।
भारत के पड़ोसी देश: भारत के कुल
7 पड़ोसी देश हैं।
1)पाकिस्तान
2)भूटान
3)नेपाल
4)बांग्लादेश
5)श्रीलंका
6)म्यांमार
7)चीन
नोट: पाक जलसंधि भारत को श्रीलंका से अलग करती है।
नोट: जून 2014 में तेलंगाना भारत का 29 वा राज्य बना।
नोट: हिमालय का अर्थ: (हिम+आलय) बर्फ का घर होता है।
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"हमारा देश : भारत"
भारत
◆ भारत का क्षेत्रफल 32. 8 लाख वर्ग किलोमीटर है।
उत्तर में कश्मीर से लेकर दक्षिण में कन्याकुमारी तक इसका विस्तार लगभग 3,200 किलोमीटर है।
पूर्व में अरुणाचल प्रदेश से लेकर पश्चिम में कच्छ तक इसका विस्तार लगभग 2,900 किलोमीटर तक है।
भारत में जलवायु, वनस्पति, वन्य जीवों के साथ-साथ भाषा एवं संस्कृति में भी बहुत भिन्नता है।
यह चीन के बाद विश्व का दूसरा सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है।
👉 भारत की स्थिति
◆ भारत उत्तरी गोलार में स्थित है।
कर्क रेखा (23°30' उ.) देश के लगभग मध्य भाग से होकर गुजरती है।
दक्षिण से उत्तर की ओर भारत की मुख्य भूमि का विस्तार 8°4' उ. तथा 37°6' उ. अक्षांश के बीच है।
पश्चिम से लेकर पूर्व तक भारत का विस्तार 68°7' पू. तथा 97°25' पू. देशांतर के बीच है।
भारत के पड़ोसी देश: भारत के कुल
7 पड़ोसी देश हैं।
1)पाकिस्तान
2)भूटान
3)नेपाल
4)बांग्लादेश
5)श्रीलंका
6)म्यांमार
7)चीन
नोट: पाक जलसंधि भारत को श्रीलंका से अलग करती है।
नोट: जून 2014 में तेलंगाना भारत का 29 वा राज्य बना।
नोट: हिमालय का अर्थ: (हिम+आलय) बर्फ का घर होता है।
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भारत का राजनीतिक एवं प्रशासनिक विभाजन 👈click here
◆ भारत एक विशाल देश है प्रशासनिक क्रियाकलापों के लिए देश को 29 राज्यों एवं 8 केंद्र शासित प्रदेशों में बांटा गया है।
◆दिल्ली भारत की राजधानी है राज्यों का निर्माण मुख्यतः भाषाओं के आधार पर हुआ है।
◆ क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा राज्य राजस्थान तथा सबसे छोटा राज्य गोवा है राज्य को जिलों में बांटा गया है।
●भारत का भौतिक विभाजन
हिमालय को तीन मुख्य समांतर श्रृंखला में बांटा जाता है .
सबसे उत्तर में स्थित श्रृंखला को बृहत हिमालय या हिमाद्रि कहते हैं इसी श्रृंखला में विश्व की सबसे ऊंची शिखर है।
मध्य हिमालय या हिमाचल हिमाद्री के दक्षिण में स्थित है।
हिमालय के दक्षिण में शिवालिक श्रृंखला स्थित है।
◆ हिमालय के दक्षिण में: हिमालय के दक्षिण में भारत का उत्तरी मैदान स्थित है यह मैदान समतल तथा सपाट है यह मैदान सिंधु, गंगा, ब्रह्मपुत्र तथा उनकी सहायक नदियों के द्वारा लाए गए जलोढ़ निक्षेपों से बने हैं नदियों के यह मैदान कृषि के लिए उपजाऊ भूमि प्रदान करते हैं यही कारण है कि इन मैदानों में जनसंख्या अधिक है।
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◆ भारत एक विशाल देश है प्रशासनिक क्रियाकलापों के लिए देश को 29 राज्यों एवं 8 केंद्र शासित प्रदेशों में बांटा गया है।
◆दिल्ली भारत की राजधानी है राज्यों का निर्माण मुख्यतः भाषाओं के आधार पर हुआ है।
◆ क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा राज्य राजस्थान तथा सबसे छोटा राज्य गोवा है राज्य को जिलों में बांटा गया है।
●भारत का भौतिक विभाजन
हिमालय को तीन मुख्य समांतर श्रृंखला में बांटा जाता है .
सबसे उत्तर में स्थित श्रृंखला को बृहत हिमालय या हिमाद्रि कहते हैं इसी श्रृंखला में विश्व की सबसे ऊंची शिखर है।
मध्य हिमालय या हिमाचल हिमाद्री के दक्षिण में स्थित है।
हिमालय के दक्षिण में शिवालिक श्रृंखला स्थित है।
◆ हिमालय के दक्षिण में: हिमालय के दक्षिण में भारत का उत्तरी मैदान स्थित है यह मैदान समतल तथा सपाट है यह मैदान सिंधु, गंगा, ब्रह्मपुत्र तथा उनकी सहायक नदियों के द्वारा लाए गए जलोढ़ निक्षेपों से बने हैं नदियों के यह मैदान कृषि के लिए उपजाऊ भूमि प्रदान करते हैं यही कारण है कि इन मैदानों में जनसंख्या अधिक है।
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