Forwarded from MOHABBAT 🤍
जब जब हम दुनिया के हवाले होते हैं
आँखों में फिर नींद के जाले होते हैं
जिस्म के छाले छिपकर भी दिख जाएंगे
हम जैसों के दिल पर छाले होते हैं
तुमसे मिलकर अब मै यह कह सकता हूँ
चश्मे वाले नखरे वाले होते हैं!!
🤍
आँखों में फिर नींद के जाले होते हैं
जिस्म के छाले छिपकर भी दिख जाएंगे
हम जैसों के दिल पर छाले होते हैं
तुमसे मिलकर अब मै यह कह सकता हूँ
चश्मे वाले नखरे वाले होते हैं!!
🤍
😍3❤2
Forwarded from MOHABBAT 🤍
तुम जितना तो कोई मुझको खास नही
फिर भी क्यूं तुमको विश्वास नहीं
मुझसे बेहतर लड़का तो मिल जाएगा
पर मेरी मां से बेहतर सास नहीं!!
🤍
Propose day ☺️
फिर भी क्यूं तुमको विश्वास नहीं
मुझसे बेहतर लड़का तो मिल जाएगा
पर मेरी मां से बेहतर सास नहीं!!
🤍
Propose day ☺️
🔥5❤3
❤6
किसी के हिज्र में आँसू बहाए जाते हैं,
यहाँ चराग़ नहीं, दिल जलाए जाते हैं
मेरा नसीब तो दरिया में डूब जाना है,
बग़ैर बात किनारे दिखाए जाते हैं
अकेले रहते हैं कुछ इसलिए भी महफ़िल में,
हम ऐसे लोग बहुत कम बुलाए जाते हैं
यहाँ पे जिस्म नहीं, दिल पे वार होता है,
तभी तो बात के नश्तर चुभाए जाते हैं
उन्हें ही वादे समझता हूँ मैं, मियाँ अनवर,
तमाम उम्र जो वादे निभाए जाते हैं
हमारी बात बताते हैं वो ज़माने को,
वो जिनके ऐब हमेशा छुपाए जाते हैं
जिसे पता हो, बताए मुझे जगह ऐसी,
दिलों के ज़ख़्म जहाँ पर सिलाए जाते हैं..!!
🤍🌸 अनवर क़ुरैशी 🌸🤍
यहाँ चराग़ नहीं, दिल जलाए जाते हैं
मेरा नसीब तो दरिया में डूब जाना है,
बग़ैर बात किनारे दिखाए जाते हैं
अकेले रहते हैं कुछ इसलिए भी महफ़िल में,
हम ऐसे लोग बहुत कम बुलाए जाते हैं
यहाँ पे जिस्म नहीं, दिल पे वार होता है,
तभी तो बात के नश्तर चुभाए जाते हैं
उन्हें ही वादे समझता हूँ मैं, मियाँ अनवर,
तमाम उम्र जो वादे निभाए जाते हैं
हमारी बात बताते हैं वो ज़माने को,
वो जिनके ऐब हमेशा छुपाए जाते हैं
जिसे पता हो, बताए मुझे जगह ऐसी,
दिलों के ज़ख़्म जहाँ पर सिलाए जाते हैं..!!
🤍🌸 अनवर क़ुरैशी 🌸🤍
❤5🕊1
Forwarded from MOHABBAT 🤍 ([ उम्र ])
मैं लड़का हूँ मुझे शोभा नहीं देता मगर फिर भी
तेरे टेडी को सीने से मैं लिपटा कर के सोता हूँ!!
🤍
तेरे टेडी को सीने से मैं लिपटा कर के सोता हूँ!!
🤍
😍3❤1
Forwarded from MOHABBAT 🤍 ([ उम्र ])
फ़क़ीर पीर सुख़न-वर तिरे मुरीद रहे
ज़हीन लोग मोहब्बत में अहल-ए-दीद रहे
मदद तो ख़ूब की उस ने मिरी पर ऐसे की
समझ लो जैसे किसी तोहफ़े पे रसीद रहे
ये सच है इश्क़ में मिलते हैं जान-लेवा दुख
हम ऐसे वाक़िओं' के ख़ुद भी चश्म-दीद रहे
तू जाते जाते मिरे दोस्त कुछ तो ऐसा बोल
की तेरे लौट के आने की कुछ उमीद रहे!!
🤍
ज़हीन लोग मोहब्बत में अहल-ए-दीद रहे
मदद तो ख़ूब की उस ने मिरी पर ऐसे की
समझ लो जैसे किसी तोहफ़े पे रसीद रहे
ये सच है इश्क़ में मिलते हैं जान-लेवा दुख
हम ऐसे वाक़िओं' के ख़ुद भी चश्म-दीद रहे
तू जाते जाते मिरे दोस्त कुछ तो ऐसा बोल
की तेरे लौट के आने की कुछ उमीद रहे!!
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❤3
Forwarded from MOHABBAT 🤍 ([ उम्र ])
मैं लौटने के इरादे से जा रहा हूँ मगर
सफ़र सफ़र है मिरा इंतिज़ार मत करना!!
🤍
सफ़र सफ़र है मिरा इंतिज़ार मत करना!!
🤍
😍4❤3
Forwarded from MOHABBAT 🤍 ([ उम्र ])
इतना मजबूर न कर बात बनाने लग जाएँ
हम तिरे सर की क़सम झूट ही खाने लग जाएँ!!
तू ने क़सम मय-कशी की खाई है 'ग़ालिब'
तेरी क़सम का कुछ ए'तिबार नहीं है!!
तर्क-ए-सितम पे वो जो क़सम खा के रह गए
अरमान दिल में अर्ज़-ए-तमन्ना के रह गए!!
तेरी ज़ुल्फ़ों के पेच-ओ-ख़म की क़सम
चैन से हैं तेरे सितम की क़सम!!
हम को उन से वफ़ा की है उम्मीद
जो नहीं जानते वफ़ा क्या है!!
अब तुम कभी न आओगे यानी कभी कभी
रुख़्सत करो मुझे कोई वादा किए बग़ैर!!
एक इक बात में सच्चाई है उस की लेकिन
अपने वादों से मुकर जाने को जी चाहता है!!
और कुछ देर सितारो ठहरो
उस का व'अदा है ज़रूर आएगा!!
तेरे वादे को कभी झूट नहीं समझूँगा
आज की रात भी दरवाज़ा खुला रक्खूँगा!!
था व'अदा शाम का मगर आए वो रात को
मैं भी किवाड़ खोलने फ़ौरन नहीं गया!!
वो फिर वादा मिलने का करते हैं यानी
अभी कुछ दिनों हम को जीना पड़ेगा!!
झूटे वादे भी नहीं करते आप
कोई जीने का सहारा ही नहीं!!
आप ने झूटा व'अदा कर के
आज हमारी उम्र बढ़ा दी!!
वो और वा'दा वस्ल का क़ासिद नहीं नहीं
सच सच बता ये लफ़्ज़ उन्ही की ज़बाँ के हैं!!
मान लेता हूँ तेरे वादे को
भूल जाता हूँ मैं कि तू है वही!!
आप की क़समों का और मुझ को यक़ीं
एक भी वादा कभी पूरा किया!!
🤍
Promise day
हम तिरे सर की क़सम झूट ही खाने लग जाएँ!!
तू ने क़सम मय-कशी की खाई है 'ग़ालिब'
तेरी क़सम का कुछ ए'तिबार नहीं है!!
तर्क-ए-सितम पे वो जो क़सम खा के रह गए
अरमान दिल में अर्ज़-ए-तमन्ना के रह गए!!
तेरी ज़ुल्फ़ों के पेच-ओ-ख़म की क़सम
चैन से हैं तेरे सितम की क़सम!!
हम को उन से वफ़ा की है उम्मीद
जो नहीं जानते वफ़ा क्या है!!
अब तुम कभी न आओगे यानी कभी कभी
रुख़्सत करो मुझे कोई वादा किए बग़ैर!!
एक इक बात में सच्चाई है उस की लेकिन
अपने वादों से मुकर जाने को जी चाहता है!!
और कुछ देर सितारो ठहरो
उस का व'अदा है ज़रूर आएगा!!
तेरे वादे को कभी झूट नहीं समझूँगा
आज की रात भी दरवाज़ा खुला रक्खूँगा!!
था व'अदा शाम का मगर आए वो रात को
मैं भी किवाड़ खोलने फ़ौरन नहीं गया!!
वो फिर वादा मिलने का करते हैं यानी
अभी कुछ दिनों हम को जीना पड़ेगा!!
झूटे वादे भी नहीं करते आप
कोई जीने का सहारा ही नहीं!!
आप ने झूटा व'अदा कर के
आज हमारी उम्र बढ़ा दी!!
वो और वा'दा वस्ल का क़ासिद नहीं नहीं
सच सच बता ये लफ़्ज़ उन्ही की ज़बाँ के हैं!!
मान लेता हूँ तेरे वादे को
भूल जाता हूँ मैं कि तू है वही!!
आप की क़समों का और मुझ को यक़ीं
एक भी वादा कभी पूरा किया!!
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Promise day
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लौट कर आऊंगा शाखाओं पर खुशबू लेकर,
पतझड़ की जद में हूं, जरा मौसम बदलने दो....
पतझड़ की जद में हूं, जरा मौसम बदलने दो....
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