JOYLIFE BUSINESS
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 अगर किसी के Car का Tire रास्ते में puncher हो जाए और वो कार से उतर कर रास्ते में बोलना शुरू कर दे कि “यार! tire तुझे puncher नही होना चाहिए था, तुझे भी आज ही puncher होना था बाकी tires को देख वो भी तो ठीक हैं दूसरी गाडियों के tires को देख, काश! तू भी ठीक होता, काश! तू भी सही होता” और यही चीज़ वो बार बार 20 minute तक दोहराता रहे. उसके बाद वो mechanic को फ़ोन करे और tire change करवाए तो इस चीज़ पर आप कैसा react करोगे? आप क्या कहोगे? आप यही कहोगे कि “ये क्या पागल इंसान हैं! 20 minute waste कर दिये, कितना time, कितनी energy waste कर दी काश काश कहने में, complain करने में कितना time बेकार कर दिया उसने tire puncher हैं बोल बोल के”
वो सीधे सीधे उस चीज़ को accept करता और tire CHANGE कर देता और अगर नहीं कर सकता था तो किसी friend को बुला लेता या mechenic को बुला लेता मतलब काश ऐसा ना हुआ होता, अगर ऐसा हुआ तो ऐसा क्यूँ हुआ, वैसा क्यूँ नहीं हुआ. ये सारी बाते आपको time waste लगी.
ये ACCEPT करना होगा की tire puncher हैं फिर wish करने से और complain करने से वो ठीक नहीं होगा वो ठीक तभी होगा जब वो उस चीज़ को accept करेगा और action लेगा मतलब आप इस चीज़ को मानते हो की जितना time उसने काश और complain में लगाया वो सब time waste था वो सब energy waste थी जब आप ये decision लोगे की action लेना हैं केवल तभी action लिया जा सकता हैं time तभी fix होगा और tire भी तभी fix होगा.
हम भी अपनी ज़िन्दगी में कई बारे ये line बोलते रहते हैं हैं की काश ऐसा होता, काश वैसा होता, ऐसा क्यूँ नहीं हैं? वैसा क्यूँ नहीं हैं? complain करते रहते हैं, wish करते रहते हैं और ये सब सोच सोच कर हम अपनी life का time waste करते रहते हैं. बाते भले ही जितनी मर्ज़ी कर लो काम होगा तो action से ही होगा time बदलेगा तो action से ही बदलेगा action मुश्किल हो सकता हैं लेकिन action से ही आपकी journey की शुरुवात होती हैं action ही आपको आगे लेकर जाता हैं, action से आपके goals पुरे होते हैं, action से आपके regret कम होते हैं, action से ही आपकी life में वो life आती हैं जो आप पाना चाहते हैं so, आपको खुद को आदत डालनी होगी action की.
काश में writer होता लेकिन लिखने क time नहीं हैं, लिखने का माहौल नहीं हैं! एक साल बाद लिखूंगा college के बाद लिखूंगा, retirement के बाद लिखूंगा. stop talking start writing थोडा लिखो छोटा लिखो लेकिन action लेंना शुरू करो
business में exemption करनी हैं काश मेरे पास investment होती, काश मेरे पास lead होती, काश इतना competition ना होता, आपको accept करना होगा की action लेना हैं फिर चाहे छोटी शुरुवात करो लेकिन action लो. जितना time आप complain करते हो उतना time आप अपनी time और energy उस तरफ लगाते हो उसे waste करते रहते हो, ज़िन्दगी में minutes उतने ही रहते हैं, hours उतने ही रहते हैं, आपकी life में years उतने ही रहते हैं. लेकिन फर्क सिर्फ इस चीज़ का रहता हैं की आप कितनी जल्दी action लेते हो और कितनी जल्दी अपनी life के उस puncher tire को fix करते हो.

आप सभी का दोस्त मिस्ट्री।