अश्क़ बहते नहीं मेरे अब, दिल भर आता है मगर
किसी ने सांस मुझमें रहने दिया है जान लेकर यार!
@kataizaharila
किसी ने सांस मुझमें रहने दिया है जान लेकर यार!
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❤1
मैं अपनी दुनिया का तुझे रब बनाता मगर
तू खुश है किसी का महबूब बन के, तो ठीक है...
मैं तुझे दे रहा था चांदनी जहान भर की मगर
तू खुश है किसी की धूप बन के, तो ठीक है... ❤️
@kataizaharila
तू खुश है किसी का महबूब बन के, तो ठीक है...
मैं तुझे दे रहा था चांदनी जहान भर की मगर
तू खुश है किसी की धूप बन के, तो ठीक है... ❤️
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❤4👏3
तुमसे नहीं होगा मेरा इलाज रहने दो
मेरी जान लेते जाओ ये शायराना अंदाज़ रहने दो
मेरी कलम ने लिखी है बहुत तेरे इंतजार की घड़ियां
तुमसे किसी कल मे मिलेंगे तुम आज रहने दो
खुल गया तो तेरी महफिल भी मेरी दीवानी होगी
अपनी मोहब्बत के राज को राज रहने दो
में तेरी तस्वीर को लफ्जो में रोज घड़ता हूं
लिखता तुझको ही हूं रोज तुझको ही पढ़ता हूं
इश्क बड़ा खूबसूरत सा है ये अधूरा ही रह जाए
सांसे करती है मुझसे भले एतराज रहने दो
बेशक बनारसी की जान ले लो बस उसका ये आशिकाना अंदाज़ रहने दो
@kataizaharila
मेरी जान लेते जाओ ये शायराना अंदाज़ रहने दो
मेरी कलम ने लिखी है बहुत तेरे इंतजार की घड़ियां
तुमसे किसी कल मे मिलेंगे तुम आज रहने दो
खुल गया तो तेरी महफिल भी मेरी दीवानी होगी
अपनी मोहब्बत के राज को राज रहने दो
में तेरी तस्वीर को लफ्जो में रोज घड़ता हूं
लिखता तुझको ही हूं रोज तुझको ही पढ़ता हूं
इश्क बड़ा खूबसूरत सा है ये अधूरा ही रह जाए
सांसे करती है मुझसे भले एतराज रहने दो
बेशक बनारसी की जान ले लो बस उसका ये आशिकाना अंदाज़ रहने दो
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❤8
मेरी हथेली पर सिमटी हैं जो लकीरें तेरी,
वो मिट रही हैं आहिस्ता तुमको इससे क्या.
मैं ढल गया हूँ किसी रात के मुसाफ़िर में
तुम्हारी सुबह का सूरज तुमको इससे क्या...
सुलग रही है जो ख़्वाबों की राख आँखों में,
धुआँ भी हँस के सहूँगा तुमको इससे क्या...
तुम अपने शहर की रौनक़ में सो गए शायद,
मैं अपनी छत पे जगा हूँ तुमको इससे क्या...
पुकारती हैं तुम्हें मेरी सूनी दहलीज़ें,
वो रास्ता ही बदल लें तुमको इससे क्या...
मैं ज़हर पी के भी ज़िंदा हूँ तेरी यादों में
ये रूह काँप रही है तुमको इससे क्या...
@kataizaharila
वो मिट रही हैं आहिस्ता तुमको इससे क्या.
मैं ढल गया हूँ किसी रात के मुसाफ़िर में
तुम्हारी सुबह का सूरज तुमको इससे क्या...
सुलग रही है जो ख़्वाबों की राख आँखों में,
धुआँ भी हँस के सहूँगा तुमको इससे क्या...
तुम अपने शहर की रौनक़ में सो गए शायद,
मैं अपनी छत पे जगा हूँ तुमको इससे क्या...
पुकारती हैं तुम्हें मेरी सूनी दहलीज़ें,
वो रास्ता ही बदल लें तुमको इससे क्या...
मैं ज़हर पी के भी ज़िंदा हूँ तेरी यादों में
ये रूह काँप रही है तुमको इससे क्या...
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❤6
❤14
❤14👏7
यूं तो खत्म सी हो गई है हमारी कहानी..
तुम्हें रूबरू देख पाने की तमन्ना जिंदा बची हुई है..!!
@kataizaharila
तुम्हें रूबरू देख पाने की तमन्ना जिंदा बची हुई है..!!
@kataizaharila
❤7👏7😱1
मुश्किल बस इतनी है मेरे दोस्त इश्क़ में
मांगी नहीं जाती है माफ़ी गुनाहों की
छोड़ कर ही जाते लोग तो भी ठीक होता
मिटा दी जाती हैं मगर निशानियाँ राहों की 💔
@kataizaharila
मांगी नहीं जाती है माफ़ी गुनाहों की
छोड़ कर ही जाते लोग तो भी ठीक होता
मिटा दी जाती हैं मगर निशानियाँ राहों की 💔
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💔8❤4
❤11🔥2💔1
कैसे करें एतबार दिल का, इसको ख़ुद पे इख़्तियार नहीं,
अपनी कहें तो क्या कहें हम भी कम गुनहगार नहीं..
उनके दीदार की तलब रहती है मुसलसल हमें,
तमाम हसरतें हैं दिल में, कैसे कह दें हमें उनसे प्यार नहीं...💝
(मुसलसल–लगातार)
@kataizaharila
अपनी कहें तो क्या कहें हम भी कम गुनहगार नहीं..
उनके दीदार की तलब रहती है मुसलसल हमें,
तमाम हसरतें हैं दिल में, कैसे कह दें हमें उनसे प्यार नहीं...💝
(मुसलसल–लगातार)
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❤6
❤10🥰1
होता अगर मैं कोई जनगणना पर्यवेक्षक,
तुमको लिख लेता मैं अपने दिल के मकान नंबर पर... ☺️❤️
@kataizaharila
तुमको लिख लेता मैं अपने दिल के मकान नंबर पर... ☺️❤️
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❤9😁1
जिस प्रकार सदियों बाद किसी पुरातत्वविद् को
मिट्टी की अनगिनत परतों के नीचे
टूटे हुए कंकाल, बिखरी अस्थियाँ और
पत्थरों पर उकेरे शिलालेख मिलते हैं,
उसी प्रकार यदि कभी
हजारों वर्षों बाद मेरे अस्तित्व की खुदाई हो,
तो मेरे सीने की धूल में,
अस्थिमज्जा के अंतिम कणों में,
और हृदय के खंडहर हो चुके अवशेषों पर
एक ही नाम बार-बार अंकित मिलेगा—
तुम्हारा।
समय मेरे शरीर को मिटा देगा,
मांस गल जाएगा, रक्त सूख जाएगा,
हड्डियाँ भी एक दिन चूर्ण बन जाएँगी,
किन्तु जिस स्थान पर कभी मेरा हृदय धड़कता था,
वहाँ प्रेम का एक शिलालेख अब भी बचा होगा।
और उसे पढ़कर कोई पुरातत्वविद् शायद लिखे—
"यहाँ कोई ऐसा व्यक्ति दफ़्न है
जो अपने युग से नहीं,
अपने प्रेम से पराजित हुआ था।"
उसके समस्त अवशेष नष्ट हो गए,
पर जिस नाम को उसने हृदय पर उकेरा था,
वह मृत्यु और समय—दोनों से अधिक दीर्घजीवी निकला।
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मिट्टी की अनगिनत परतों के नीचे
टूटे हुए कंकाल, बिखरी अस्थियाँ और
पत्थरों पर उकेरे शिलालेख मिलते हैं,
उसी प्रकार यदि कभी
हजारों वर्षों बाद मेरे अस्तित्व की खुदाई हो,
तो मेरे सीने की धूल में,
अस्थिमज्जा के अंतिम कणों में,
और हृदय के खंडहर हो चुके अवशेषों पर
एक ही नाम बार-बार अंकित मिलेगा—
तुम्हारा।
समय मेरे शरीर को मिटा देगा,
मांस गल जाएगा, रक्त सूख जाएगा,
हड्डियाँ भी एक दिन चूर्ण बन जाएँगी,
किन्तु जिस स्थान पर कभी मेरा हृदय धड़कता था,
वहाँ प्रेम का एक शिलालेख अब भी बचा होगा।
और उसे पढ़कर कोई पुरातत्वविद् शायद लिखे—
"यहाँ कोई ऐसा व्यक्ति दफ़्न है
जो अपने युग से नहीं,
अपने प्रेम से पराजित हुआ था।"
उसके समस्त अवशेष नष्ट हो गए,
पर जिस नाम को उसने हृदय पर उकेरा था,
वह मृत्यु और समय—दोनों से अधिक दीर्घजीवी निकला।
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❤8
❤11
उसको अपने इश्क़ का यक़ीन दिलाने में मैंने सदियाँ गुज़ार दी,
उसने किसी और की चाहत में मेरी रूह जला दी।
मेरे ख्वाबों की बस्ती को ताबूत-ए -राख़ करके
मेरी मोहब्बत को हीं उसने बेवफाई की सज़ा दे दी।
@kataizaharila
उसने किसी और की चाहत में मेरी रूह जला दी।
मेरे ख्वाबों की बस्ती को ताबूत-ए -राख़ करके
मेरी मोहब्बत को हीं उसने बेवफाई की सज़ा दे दी।
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❤8
सब कुछ मिट जाएगा मेरे अंदर से, लेकिन
लेकिन तुम, तुम्हारी यादें, तुम्हारी बातें और तुम्हारे ख्याल कभी नहीं मिटेंगे...
@kataizaharila
लेकिन तुम, तुम्हारी यादें, तुम्हारी बातें और तुम्हारे ख्याल कभी नहीं मिटेंगे...
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👍9❤6
❤12👏2
तू मांगे दिला दूँ चाँद का एक टुकड़ा तुझको
तेरे आगे चांद की चाँदनी भी कमज़ोर करूँ..
तेरी धड़कन तेरी आहट से पहचाने तुझे
नाम तेरे मैं अपनी ज़िन्दगी की डोर करूँ..
@kataizaharila
तेरे आगे चांद की चाँदनी भी कमज़ोर करूँ..
तेरी धड़कन तेरी आहट से पहचाने तुझे
नाम तेरे मैं अपनी ज़िन्दगी की डोर करूँ..
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❤7🥰2