जो चीज चाहिए थी मुझे वो मिली नहीं !!
अब मुझे किसी चीज का गुमान नहीं और सब्र से फल मिलता होगा "इंसान" नहीं....!!
@kataizaharila
अब मुझे किसी चीज का गुमान नहीं और सब्र से फल मिलता होगा "इंसान" नहीं....!!
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❤🔥22👍10
बेनाम शायर💌✍️ pinned «जो चीज चाहिए थी मुझे वो मिली नहीं !! अब मुझे किसी चीज का गुमान नहीं और सब्र से फल मिलता होगा "इंसान" नहीं....!! @kataizaharila»
सुनो पड़ोसन
तुम बज़ट..तनख्वाह..जॉब की चिंता ना करो
बस तुम अपने कलाइयों की साइज बता दो.. ❤
@kataizaharila
तुम बज़ट..तनख्वाह..जॉब की चिंता ना करो
बस तुम अपने कलाइयों की साइज बता दो.. ❤
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🥰7👏2❤1👍1
तुम क्या जानो,
तुम्हारी कही हर बात पर मैंने,
सौ-सौ कविताओं का सृजन किया है
कभी पढ़ो तो वो डायरी जिसमें तुम्हारा
दिया गुलाब अब तक रखा है..!!
@kataizaharila
तुम्हारी कही हर बात पर मैंने,
सौ-सौ कविताओं का सृजन किया है
कभी पढ़ो तो वो डायरी जिसमें तुम्हारा
दिया गुलाब अब तक रखा है..!!
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👍11❤2
लिखा तो बहुतों ने होगा
तुम्हें अपने अपने अंदाज़ में,
पर लिखने का रिवाज़ थोड़ा पुराना है।
आरजू है,कि ठहर कर थोड़ा पढ़ लूं तुम्हें,
कि तुमको तुम्हें ही तुम्हारे अंदाज़ में बताना है
थोड़ा तुमको समझना है,
थोड़ा ख़ुद को समझाना है कि
हमें तो तुम्हें पढ़ने का एक
नया रिवाज़ बनाना है।
❤️
@kataizaharila
तुम्हें अपने अपने अंदाज़ में,
पर लिखने का रिवाज़ थोड़ा पुराना है।
आरजू है,कि ठहर कर थोड़ा पढ़ लूं तुम्हें,
कि तुमको तुम्हें ही तुम्हारे अंदाज़ में बताना है
थोड़ा तुमको समझना है,
थोड़ा ख़ुद को समझाना है कि
हमें तो तुम्हें पढ़ने का एक
नया रिवाज़ बनाना है।
❤️
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❤11
इतना प्यार से चाहने के बाद तो पत्थर भी अपने हो जाता है l
ये मिट्टी से बने लोग ना जाने इतने कठोर क्यूं होते हैं.l 🩶
✨😞🩶
@kataizaharila
ये मिट्टी से बने लोग ना जाने इतने कठोर क्यूं होते हैं.l 🩶
✨😞🩶
@kataizaharila
❤15💔1
तुम्हारा मेरे जीवन में आना
जैसे संसार का प्रथम सत्य
तुम्हारे प्रेम को पा लेना
मेरे जीवन का अन्तिम चरण
तुम्हारी प्रतीक्षा मेरे जीवन की
एकमात्र साधना, और
तुम्हारी प्राप्ति जैसे मोक्ष का वरण।
❤️
@kataizaharila
जैसे संसार का प्रथम सत्य
तुम्हारे प्रेम को पा लेना
मेरे जीवन का अन्तिम चरण
तुम्हारी प्रतीक्षा मेरे जीवन की
एकमात्र साधना, और
तुम्हारी प्राप्ति जैसे मोक्ष का वरण।
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❤14👍3
तुम्हारे नाम के ख़त जो मैंने तुम्हे भेजा नहीं था
उन सारे ही ख़तों को आज जला दिया
तुमने जलाये थे मेरे भीतर प्रेम के हजारों दीये
उन सारे ही दीयों को आज बुझा दिया।
मुमकिन है तुम्हे मैं अब भी याद होऊं अंधेरों की तरह
तुम्हे जानना जरूरी है, मैंने तुम्हे भूला दिया। ❤
@kataizaharila
उन सारे ही ख़तों को आज जला दिया
तुमने जलाये थे मेरे भीतर प्रेम के हजारों दीये
उन सारे ही दीयों को आज बुझा दिया।
मुमकिन है तुम्हे मैं अब भी याद होऊं अंधेरों की तरह
तुम्हे जानना जरूरी है, मैंने तुम्हे भूला दिया। ❤
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👍11❤3💔1
सारा जमाना ढूंढता है उसे
मेरी शायरी में..
उन्हे क्या मालूम..
मेने उसे छुपा रखा है
अपनी डायरी में..!!
@kataizaharila
मेरी शायरी में..
उन्हे क्या मालूम..
मेने उसे छुपा रखा है
अपनी डायरी में..!!
@kataizaharila
👍10❤7
रोमांटिक होना छिछोरा होना नहीं होता,
इंसान वही रोमांटिक हो सकता है,
जिसमें एहसास को समझने की कूव्वत हो,
जिसमें जज़्बात हों, आरजुएँ हों, भावनाएं हों,
जिसमें जिंदादिली हो, जो प्रेम को जीना जानता हो,
जो देना जानता हो, जो बेइंतहा एहसासों से भरा हो, जिसमें आकाश जैसी विशालता हो, जिसमें फूलों की कोमलता ही नहीं उनकी सुगन्ध भी हो,
जिसका वजूद बहुत नन्हीं नन्हीं चीजों से जुड़ा हो,
जो शुक्र करना जानता हो, जो अलसाई हवा को भी
तेज और सुवासित करना जानता हो,
जो सूखे गुलाबों को भी महक से सराबोर करना
जानता हो, जो मुस्कुराहटों में छिपे दर्द पहचान ले,
जो फीके रंगों में चमक भर दे,
जो भीड़ में भी हमें पहचान ले..!!
@kataizaharila
इंसान वही रोमांटिक हो सकता है,
जिसमें एहसास को समझने की कूव्वत हो,
जिसमें जज़्बात हों, आरजुएँ हों, भावनाएं हों,
जिसमें जिंदादिली हो, जो प्रेम को जीना जानता हो,
जो देना जानता हो, जो बेइंतहा एहसासों से भरा हो, जिसमें आकाश जैसी विशालता हो, जिसमें फूलों की कोमलता ही नहीं उनकी सुगन्ध भी हो,
जिसका वजूद बहुत नन्हीं नन्हीं चीजों से जुड़ा हो,
जो शुक्र करना जानता हो, जो अलसाई हवा को भी
तेज और सुवासित करना जानता हो,
जो सूखे गुलाबों को भी महक से सराबोर करना
जानता हो, जो मुस्कुराहटों में छिपे दर्द पहचान ले,
जो फीके रंगों में चमक भर दे,
जो भीड़ में भी हमें पहचान ले..!!
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❤5👍4
👍15❤2
मर्द से अच्छा है पुरुष हो जाना :-
मर्द को ना तो दर्द होता है, और ना ही वो रो सकता है।
पुरुष के हृदय में दर्द भी होता है और पुरुष अपने प्रिय के कंधे पर सर रख के रो भी सकता है।
मर्द समाज के चार लोगों का परवाह करने वाला होता है,
मर्द कि कोई प्रेमिका नहीं होती.
मर्द किसी भी औरत के सामने नहीं झुकता अपनी मां के सामने भी नहीं.
मर्द औरत के रूप में चाहता है एक अबला जो उसके पैरों कि जूती बनी रहे।
पुरुष भिन्न है।
पुरुष को प्रेम करने का अधिकार प्राप्त है।
या यूं कहे पुरुष समाज के चार लोगों को परवाह किए वगैर अपनी मां की बात मान सकता है, किसी स्त्री के सामने झुक सकता है।
पुरुष किचन मै जाकर खाना भी बना सकता है,
और स्त्री के बाल भी संवार सकता है।
इसलिए मर्द से अच्छा है पुरुष हो जाना...!
@kataizaharila
मर्द को ना तो दर्द होता है, और ना ही वो रो सकता है।
पुरुष के हृदय में दर्द भी होता है और पुरुष अपने प्रिय के कंधे पर सर रख के रो भी सकता है।
मर्द समाज के चार लोगों का परवाह करने वाला होता है,
मर्द कि कोई प्रेमिका नहीं होती.
मर्द किसी भी औरत के सामने नहीं झुकता अपनी मां के सामने भी नहीं.
मर्द औरत के रूप में चाहता है एक अबला जो उसके पैरों कि जूती बनी रहे।
पुरुष भिन्न है।
पुरुष को प्रेम करने का अधिकार प्राप्त है।
या यूं कहे पुरुष समाज के चार लोगों को परवाह किए वगैर अपनी मां की बात मान सकता है, किसी स्त्री के सामने झुक सकता है।
पुरुष किचन मै जाकर खाना भी बना सकता है,
और स्त्री के बाल भी संवार सकता है।
इसलिए मर्द से अच्छा है पुरुष हो जाना...!
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❤15👍8
जिस्मों पर हक मिल जाते हैं.. बेशक रीति-रिवाज़ों से..!!
"रूह" जिसकी दीवानी हो.. उसे ही"इश्क़" कहते है..!!
@kataizaharila
"रूह" जिसकी दीवानी हो.. उसे ही"इश्क़" कहते है..!!
@kataizaharila
👍17❤🔥8😱3❤1
हो फ़ुरसत तो चले आना...
इश्क़ का मौसम है...बहार भी है...💞
इन्तज़ार है तीनों को तुम्हारा...
चाय है... मैं हूं....और बरसात भी है...💞
@kataizaharila
इश्क़ का मौसम है...बहार भी है...💞
इन्तज़ार है तीनों को तुम्हारा...
चाय है... मैं हूं....और बरसात भी है...💞
@kataizaharila
❤10👍1
उम्र के इस मोड़
जब ज़िंदगी करवटें बदल रही है
मैं चाहता हूँ कि तुम लौट आओ
और थामकर मेरा हाथ
कह दो
कि सब ठीक हो जायेगा। ❤
@kataizaharila
जब ज़िंदगी करवटें बदल रही है
मैं चाहता हूँ कि तुम लौट आओ
और थामकर मेरा हाथ
कह दो
कि सब ठीक हो जायेगा। ❤
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❤8👍2