चाँद,
चाँदनी
और
तुम्हारी प्यार भरी बातें
मन को "वैरागी" बनाती है..
"वैरागी" से मन्तव्य है
जिसका ओढ़ना, बिछौना सब प्रेम हो
उसके अलावा दुनियाँ की सारी
मिल्कियतें उसके लिए शून्य..
जैसे सिया के समक्ष
सोने की लंका..!!
@kataizaharila
चाँदनी
और
तुम्हारी प्यार भरी बातें
मन को "वैरागी" बनाती है..
"वैरागी" से मन्तव्य है
जिसका ओढ़ना, बिछौना सब प्रेम हो
उसके अलावा दुनियाँ की सारी
मिल्कियतें उसके लिए शून्य..
जैसे सिया के समक्ष
सोने की लंका..!!
@kataizaharila
❤9👍2🔥1
❤8🔥1
जिस प्रेम को तुमने मेरे अंदर सींचा है वो प्रेम जीवनपर्यंत सदैव तुम्हारे लिए ही रहेगा...
तुम्हारा होना ही मेरे अस्तित्व को पूरा करता है...
और कुछ नहीं सिर्फ और सिर्फ तुमसे प्रेम है और तुम्हारे प्रति ये प्रेम सदैव रहेगा ❤️
@kataizaharila
तुम्हारा होना ही मेरे अस्तित्व को पूरा करता है...
और कुछ नहीं सिर्फ और सिर्फ तुमसे प्रेम है और तुम्हारे प्रति ये प्रेम सदैव रहेगा ❤️
@kataizaharila
❤3👍3
सुना है उसे मेरे मेरी यादें तंग किया करती है,
जो मुझसे ना मिलने का वादा लेकर बिछड़ा था..❤️🌻
@kataizaharila
जो मुझसे ना मिलने का वादा लेकर बिछड़ा था..❤️🌻
@kataizaharila
🔥8❤1👍1
ये मोह मोह के धागे तेरी उंगलियों से जा उलझे
कोई टोह टोह ना लागे किस तरह गिरह ये सुलझे ...
कभी कभी हमलोग कुछ ऐसे लोगों से मिलते हैं हमें लगता है हमारे बीच कुछ भी एक नहीं , कोई मेल ही नहीं हमारा जैसे दो विपरीत दिशाएं हों पर पता नहीं हमारा मन फिर भी उनसे जुड़ता जाता है , सब अलग होकर भी जब हम उनमें गहरे उतरते जाते हैं तो पाते हैं कि कुछ तो समान है जो हमें जोड़ रही है और जब तक हम ये समझते हैं हम एक मजबूत गांठ में बंध चुके होते हैं । उनकी इतनी आदत , उनसे इतनी आसक्ति हो चुकी होती है हमें कि उनके बिना हम खुद को अधूरा महसूस करते हैं और वो पुरानी बात की हम दोनों अलग हैं और कभी साथ नहीं हो सकते हमें वो उस समय बचकानी लगती है।
हम साथ साथ चलते जाते हैं जैसे क्षितिज पर कहीं दो विपरीत दिशाएं मिलती हैं और साझीदार बन जाती हैं।
तू दिन सा है मैं रात आ ना दोनों मिल जायें शामों की तरह
ये मोह मोह के धागे तेरी उंगलियों से जा उलझे...।
@kataizaharila
कोई टोह टोह ना लागे किस तरह गिरह ये सुलझे ...
कभी कभी हमलोग कुछ ऐसे लोगों से मिलते हैं हमें लगता है हमारे बीच कुछ भी एक नहीं , कोई मेल ही नहीं हमारा जैसे दो विपरीत दिशाएं हों पर पता नहीं हमारा मन फिर भी उनसे जुड़ता जाता है , सब अलग होकर भी जब हम उनमें गहरे उतरते जाते हैं तो पाते हैं कि कुछ तो समान है जो हमें जोड़ रही है और जब तक हम ये समझते हैं हम एक मजबूत गांठ में बंध चुके होते हैं । उनकी इतनी आदत , उनसे इतनी आसक्ति हो चुकी होती है हमें कि उनके बिना हम खुद को अधूरा महसूस करते हैं और वो पुरानी बात की हम दोनों अलग हैं और कभी साथ नहीं हो सकते हमें वो उस समय बचकानी लगती है।
हम साथ साथ चलते जाते हैं जैसे क्षितिज पर कहीं दो विपरीत दिशाएं मिलती हैं और साझीदार बन जाती हैं।
तू दिन सा है मैं रात आ ना दोनों मिल जायें शामों की तरह
ये मोह मोह के धागे तेरी उंगलियों से जा उलझे...।
@kataizaharila
👍9❤7❤🔥2
संकटों के बिना तू खिलेगा नहीं।
जीत कैसे मिले जब तू लड़ेगा ही नहीं।
हौसला तेरा कोई झुका सकता नहीं
सामने तेरे कोई टिक सकता नहीं।
आत्मविश्वास से है तू लबालब भरा,
रोकने से किसी के अब रुकना नहीं।
@kataizaharila ©
जीत कैसे मिले जब तू लड़ेगा ही नहीं।
हौसला तेरा कोई झुका सकता नहीं
सामने तेरे कोई टिक सकता नहीं।
आत्मविश्वास से है तू लबालब भरा,
रोकने से किसी के अब रुकना नहीं।
@kataizaharila ©
❤8👍3
हम भी उड़ाते थे पापा के पैसे, पैसे का महत्व तब पता चला जब ज़िम्मेदारी के कारण दिवाली में घर नहीं जा पाया !
@kataizaharila
@kataizaharila
😢17👍4🔥3
तितलियों का इल्जाम है..
कि मैं फूलों का क़ातिल हुँ......!!
मैंने गुलाबो को..
किताबों में दबा के मारा है.....!!
#smile_please
@muskurate_raho
@kataizaharila
कि मैं फूलों का क़ातिल हुँ......!!
मैंने गुलाबो को..
किताबों में दबा के मारा है.....!!
#smile_please
@muskurate_raho
@kataizaharila
👍14❤4❤🔥3💔1
🍂तुम पूछते भी क्या...."कैसी हो ..?"
मैं कहती भी क्या....."ठीक हुं ....!"
छोड़ो !
तुम मेरी आंखे तलाश लो...!!!🍂
@kataizaharila
मैं कहती भी क्या....."ठीक हुं ....!"
छोड़ो !
तुम मेरी आंखे तलाश लो...!!!🍂
@kataizaharila
👍11❤2❤🔥2
दफ़नाने पे भी चैन न मिला, सो जलाने आई है,
शायद इसी सबब से मेरे मज़ार पे अपने महबूब के साथ आई है।
शमा-ए-ग़म का ये आलम कि बुझने का नाम नहीं,
आशिक़ की रूह को फिर से तड़पाने आई है।
@kataizaharila ©
शायद इसी सबब से मेरे मज़ार पे अपने महबूब के साथ आई है।
शमा-ए-ग़म का ये आलम कि बुझने का नाम नहीं,
आशिक़ की रूह को फिर से तड़पाने आई है।
@kataizaharila ©
🔥7❤🔥3👍2❤1💔1
मैं नींद में मुस्कुराऊं तुम्हें याद कर ,
तुम साकार हो उठो ब्रह्म मुहूर्त के स्वप्न सा।
😴🧡
@kataizaharila
तुम साकार हो उठो ब्रह्म मुहूर्त के स्वप्न सा।
😴🧡
@kataizaharila
❤13👍3
❤8👍1
❤9
ज़रा अदब से उठाना इन बुझे दियों को.. इन्होंने रात सबको रौशनी दी थी..
किसी को जलाकर खुश होना अलग बात है.. इन्होंने खुद को जलाकर रौशनी की थी..
@kataizaharila
किसी को जलाकर खुश होना अलग बात है.. इन्होंने खुद को जलाकर रौशनी की थी..
@kataizaharila
🔥8👍6❤2😁1
प्रेमिकाएं रखती हैं व्रत प्रेमी की नहीं, वरन प्रेम की उम्र बढ़ाने के लिए..!
प्रिय खो भी जाए तो प्रेम रहेगा ताउम्र..
उनके हृदय में..!!❤️
@kataizaharila
प्रिय खो भी जाए तो प्रेम रहेगा ताउम्र..
उनके हृदय में..!!❤️
@kataizaharila
❤16👍4🔥1
ख्वाहिशों का कत्ल भी दिल के ही टुकड़ों से हुआ होगा,
जब साँस सा जरूरी महबूब जुदा हुआ होगा,
जरा पूछो! उस टूटे हुए दिल से
साँसे रुकी होंगी, या उसका वक्त ठहरा होगा
होठों पर कोई नाम जब आ के रुका होगा
दूर कहीं जब उस नाम सा कोई नाम गूंजा होगा
आंखों में कोई मंजर गहरा हुआ होगा,
सड़क के उस पार जो कोई इश्क़ में गुम हुआ गुजरा होगा
बहे होंगे नगमें इश्क के हवाओं में
जब पांवों को लहरों ने छुआ होगा,
किसी शाम जब यादें यकायक टकराई होंगी
तो कोई चांद भी भीड़ में कहीं बिखरा होगा
कहां बची होगी कोई जमीं नीचे पांवों के
जब साँस सा जरूरी महबूब जुदा हुआ होगा।
❤️
@kataizaharila
जब साँस सा जरूरी महबूब जुदा हुआ होगा,
जरा पूछो! उस टूटे हुए दिल से
साँसे रुकी होंगी, या उसका वक्त ठहरा होगा
होठों पर कोई नाम जब आ के रुका होगा
दूर कहीं जब उस नाम सा कोई नाम गूंजा होगा
आंखों में कोई मंजर गहरा हुआ होगा,
सड़क के उस पार जो कोई इश्क़ में गुम हुआ गुजरा होगा
बहे होंगे नगमें इश्क के हवाओं में
जब पांवों को लहरों ने छुआ होगा,
किसी शाम जब यादें यकायक टकराई होंगी
तो कोई चांद भी भीड़ में कहीं बिखरा होगा
कहां बची होगी कोई जमीं नीचे पांवों के
जब साँस सा जरूरी महबूब जुदा हुआ होगा।
❤️
@kataizaharila
👍5💔4❤🔥2❤1
एक पुरुष अपने ह्रदय में जीवन की सबसे अच्छी यादें और सबसे बुरी घटनाओं को सहेजकर रखता है और उसका ज़िक्र उसी स्त्री से करता है
जिसे वो अपना सबकुछ समझकर ह्रदय की गहराइयों से ‘प्रेम ' कर रहा होता है…l ❤️✅
@kataizaharila
जिसे वो अपना सबकुछ समझकर ह्रदय की गहराइयों से ‘प्रेम ' कर रहा होता है…l ❤️✅
@kataizaharila
❤15👍3
तुम्हारी अदा से ज्यादा तुम्हारी मर्यादा का सम्मान करूंगा,
जो दिल में जगह दी है तुमने, उम्रभर उस एहसान का मान करूंगा।
@kataizaharila
जो दिल में जगह दी है तुमने, उम्रभर उस एहसान का मान करूंगा।
@kataizaharila
❤16👍2
हम भी इंतजार में हैं अरसे से, कब तक तुम इनकार करोगी
किस रात टूटेगा 'नहीं' का सिलसिला, कब तुम प्यार करोगी।❤️❤️
@kataizaharila
किस रात टूटेगा 'नहीं' का सिलसिला, कब तुम प्यार करोगी।❤️❤️
@kataizaharila
❤🔥6🥰4👍3❤2😁1
💔8👍3