बेनाम शायर💌✍️
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मेरे पोस्ट्स📩 एक नशे की तरह है
एक बार आदत पड़ गई
तो बिना पढ़े 📖 रह पाना मुश्किल होगा

इशारो इशारो में अपनी बातें रखने का दम रखता हूँ
मैं शायर📝 तो नही हूँ जनाब
मगर सीधा दिल💖 मे कदम रखता हूँ
Interact @Nameless_Poet_bot

@status_point
@nature_is_calling
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दिसम्बर के गुजरने से भी कुछ फ़र्क नहीं पड़ेगा...

नए साल में भी तुम उतने ही याद आओगे...

@kataizaharila
👍8❤3
तुम्हारा आखिरी ख़त मिला
तुम खुश हो
मैं खुश हूँ।
अपना हाल लिखने से पहले
कुछ इस तरह पूछा है तुमने
एकमात्र प्रश्न
कैसे हो!
कि मैं देर तक रोया भी हूँ।

प्रेमी जी लेते हैं
यह सोचकर कि उनका प्रेम
खुश है कहीं पर।
प्रेमी मर जाते हैं
यह सोचकर कि उनका प्रेम
उनका नहीं है।
तो पहले तय कर लेने दो मुझे
मैं जी रहा हूँ या फिर
मर रहा हूँ।
फिर मैं दे दूंगा उत्तर
तुम्हारे पूछे गये एकमात्र प्रश्न का।

@kataizaharila
👍9💔3❤1🥰1
अहमियत तेरी किन शब्दों में बताऊँ तुझे,
यहाँ तो हर शब्द ही तुझ बिन अधूरा है। ❤️
@kataizaharila
❤8👍5
सुनो..❣️
तुम्हारी आँखें संविधान है.. प्रेमराष्ट्र की
और तुम न्याय की देवी।

@kataizaharila
🥰12👍1
ओ, मेरी रजनीगन्धा सी महकती पड़ोसन!
मैं तुम्हारे बोलने की खनक...हंसने की अदा, शर्मिलापन...सुनने और देखने के लिए...
तुम्हारी बालकनी के सामने खड़े होकर बरसों गुजार सकता हूं...

@kataizaharila
🥰5👍2❤1
किन शब्दों में बतलाऊं
मेरे कितने पास तुम हो..!!

मेरी कविता के हर भाव में..
मेरे हृदय के हर एक घाव में..
साक्षात विराजमान हो तुम..

मेरे हृदय के हर स्पंदन में..
मेरी नब्ज़ की हर धड़कन में..
मेरा वो एहसास हो तुम

जीवन का आगाज़ भी तुम हो..
गीतों की आवाज़ भी तुम हो..
तुम ही आदि हो अन्त भी तुम हो...❤️🌻
@kataizaharila
👍9❤2
रूठने मनाने की रस्में
यूं ही हम निभाते रहे
ये इश्क हैं कुछ और नहीं
सबको ये समझाते रहे ....❤️

@kataizaharila
❤10👍2
सुनो पड़ोसन

प्रेम का पोर है
तुम्हारा झुमका।

चितचोर है
तुम्हारा झुमका।

मन के पावन जंगल में
सावन का शोर है
तुम्हारा झुमका।

इस ओर है
तुम्हारा झुमका।

उस ओर है
तुम्हारा झुमका।

प्रेम के परिमंडल में
आशिकों का देव है
तुम्हारा झुमका।

हाय ये तुम्हारा झुमका…

@kataizaharila
👍14❤3
मैं कहीं भी चला जाऊँ
जब लौटूंगा, तुम्हारे पास ही आऊंगा।

तुम मेरे जीवन का वह पड़ाव हो
जहाँ से आगे कोई कुछ भी नहीं है प्रिये।

यह जीवन, दुखों का एक भूलभूलैया है
और तुम इससे निकलने का एक मात्र रास्ता हो ❤️

@kataizaharila
❤4👍4
तुम्हें पता‌ है यदि मैं प्रेम लिखना छोड़ दूं तो क्या होगा? मैं ही नहीं, यदि कोई कवि या लेखक प्रेम को पढ़ना या लिखना छोड़ दे तो क्या होगा? यदि प्रेम लिखना ही छोड़ दिया जाए तो शायद ये सुबह इतनी सुहानी नहीं होगी, ना ये धूप कभी मुलायम-सी होगी, ना होगी ये शाम मस्तानी और ना ही रात चांदनी होगी। ना दिखेगा किसी के आंखों के आंसू में प्रेम, वात्सल्य और ममता और ना ही किसी की डांट या क्रोध में छिपा अपनापन।
मुझे नहीं लगता यदि इस दुनिया में प्रेम लिखना छोड़ दिया जाए तो दुनिया में प्रेम को समझा जा सकता है। मुझे नहीं लगता यदि प्रेम लिखना छोड़ दिया जाए तो इस धरती में पर प्रेम बचेगा किसी भी रूप में। नहीं लगता कि कोई किसी के मुस्कुराहट के पीछे छुपे प्रेम को, या आंखों से छलकते प्रेम को कोई पहचान भी पायेगा।
और यदि इस धरती पर प्रेम नहीं रहा तो क्या ही बचेगा ??
तो होगी सिर्फ क्रांति, बेवजह बिन बात, बिना किसी मांग और बिना किसी वास्तविक विरोधी बात के‌, बस क्रांति। बहेंगे जल की भांति रक्त जिससे सींचित होगी यह भूमि।इस भयावह कल्पना से भी डर लगता है जिससे बचाने का उपाय है सिर्फ एक... प्रेम की बीज हृदय के मिट्टी पर लगा दीजिए और फसल दुनिया में बांट दीजिए।
प्रेम का अर्थ कौन कहता है सिर्फ प्रेमी प्रेमिका से होता है। प्रेम से ही तो तितलियों में रंग भरता है, भौरों की गूंज सुनाई पड़ती हैं, लोगों की मुस्कान और धरती का सौंदर्य दिखाई पड़ता है। प्रेम ही तो है जो चांद को इतना खूबसूरत बनाता है। यक़ीनन प्रेम जरूरी है धरती के सौंदर्य को बनायें रखनें खातिर और शायद इसीलिए लिखता हूं मैं प्रेम पर.. क्योंकि प्रेम से ही तो सब कुछ है ❤️

@kataizaharila
❤6👍5
सुनो पड़ोसन

अजा शाम तुम जितनी साल की हो

उतने मिनट की ही एक कॉल कर लो

@kataizaharila
😁17🥰3👍1
उसे छुआ तो दिसंबर में प्यास लगने लगी

कि उसके ज़िस्म का मौसम तो जून जैसा है….❤️💞

@kataizaharila
🔥9
नदी पहाड़ों से निकलती है
तुम अपनी गली से
कितना सुंदर संयोग है
नदी संसार को जीवन देती है
और तुम मुझे ❤

@kataizaharila
👍8❤4😁4
बचपन में सुना था
श्रृंगार करती, आँखों में काजल भरती
लड़कियाँ सुंदर होती हैं।

किशोरवय दोस्तों ने कहा
गोरी, अच्छे नैन-नक्शों वाली, स्कर्ट पहनती
लड़कियाँ सुंदर होती हैं।

किसी स्त्री-विमर्श में पढ़ा
अपने स्त्रीत्व को समेटे दुनिया जीतती
लड़कियाँ सुंदर होती हैं।

उम्र भर मैं सीखता रहा
सुंदर लड़कियों की अनेकों परिभाषाएं
फिर एक दिन मैंने देखा; तुम्हे...
और मैंने जाना कि सबसे सुंदर लड़कियाँ
किताबें पढ़ती हैं, जीती हैं अनेकों उपन्यास
और एक दिन बन जाती हैं किसी किताब की कोई
अमर नायिका ❤️

@kataizaharila
❤14
पुरुषो को भी चाहिए लाड़ दुलार,
छोटी सी बात में रूठ जाने के बाद,
कोई बच्चों की तरह पुचकारने वाली,
प्रेम संगनी का साथ...

उन्हें भी चाहिए एक कन्धा,
जो हर पल उसे सहारा दे...
हाथों में हाथ लेने वाली प्रेम 'संगिनी' ..

गालों पर 'थपकी' देने वाली,
सांत्वना माथे पर चुम्बन कर,
हर परेशानी जो दूर कर दे...
मुस्करा कर प्यार जताने वाली,
प्रेम से निहारने वाली,
घर के चौखट पर इंतजार करती
प्रेम संगनी...

यही है पुरुषों की प्रेम वेदना...

@kataizaharila
🥰15❤10👍3💯2😁1
जिंदगी के किनारे पर आकर तो सब छोड़ जाते हैं..!!
दिसंबर तो महज एक साल का एक महीना भर हैं....!!!!

@kataizaharila
👍10❤7
ए सुनो पड़ोसन

जब तुम्हारे पैरों में चढ़े महावर के रंग से...मेरे पूरे घर में पदचिह्नों की छाप बनेगी ! तब मेरी ज़िंदगी में खुशियों के रंग भरेंगे...♥️

#smile_please
@muskurate_raho
@kataizaharila
❤9👍6
किन शब्दों को गूंथ कर मैं
अलंकृत करूं तुम्हारे प्रेम को साँवरे,
जब मेरी तूलिका से बिखरा
हर शब्द ही तुम हो।❤️

@kataizaharila
❤7
उसे एक पल को झिझक भी न हुई। बस सीने से आ लगी। मैं उसे थामने ही को था तभी ट्रेन की आवाज़ पर वह अलग हो गयी। उसने अपने आंसू पोंछे और कहा; "रोना मत मेरे पीछे। चुपचाप घर जाना और अगली सुबह मुझे भूल जाना। कहते हो न; रात गयी, बात गयी। बस वैसे ही..."
मैं उसकी ओर देख भी न सका, उसने पूरा इंतजार किया मेरी हामी का और आखिर में बिना कोई वादा लिए चली गयी। मैं भरी आँखे और अपना सवाल लिए देर तक खड़ा था... 'कोई ऐसे भी जाता है क्या?' ❤️

@kataizaharila
👍9❤3💔2🥰1
सुनो..
तुम आओ जो कभी,
और मैं न मिलूँ तो तुम ले जाना ...
मेरी प्रेम अस्थियाँ,
मैने कह दिया है इनसे
तुमसे बिछड़ने की अपनी सारी पीड़ा ..
तुम चाहे तो रोप लेना,
इन्हें अपने सीने में, हृदय के किसी कोने में,
मै मृत्युपरांत भी तुम मे रहना चाहता हूँ,
तुम्हारा भाग बनके ....❤️


@kataizaharila
👏7❤4👍2