❤14🔥6
किसी रोज़ मिलेंगे तो कहेंगे सब हाल तुमसे!
जानकर सब हाल पूछेंगे कुछ सवाल तुमसे!!
पूछेंगे कि कैसे अकेले गुज़ारा करते हो?
क्या नींद में अब भी मुझे पुकारा करते हो?
सोते हो बंद आंखों में ख्वाबों को समेटकर!
या चांद को देर तलक निहारा करते हो!!
मैं पूछूंगा कैसे करते हो ये कमाल तुमसे?
किसी रोज़...
तुम आख़िर क्यों मुझसे इतनी दूर हो गई?
कौन सी वज़ह थी जो ऐसे मजबूर हो गई?
तुमने सच में ज़माने की ख़ातिर मुझे छोड़ा है!
या फ़िर नए दोस्त को पाकर मग़रूर हो गई!
इतनी ही शिक़ायत रहेगी फिलहाल तुमसे!!
किसी रोज़...
तुम्हें मेरी कविताओं की आदत है कि नहीं!
मेरी उस एक तस्वीर से मोहब्बत है कि नहीं!!
तुमने कहा था बड़े स्मार्ट लगते हो “बनारसी ”!
क्या दिल में अभी उतनी ही चाहत है कि नहीं?
चाय पर बैठेंगे तो जानेंगे सारे ख़्याल तुमसे!!
किसी रोज़..
@kataizaharila
जानकर सब हाल पूछेंगे कुछ सवाल तुमसे!!
पूछेंगे कि कैसे अकेले गुज़ारा करते हो?
क्या नींद में अब भी मुझे पुकारा करते हो?
सोते हो बंद आंखों में ख्वाबों को समेटकर!
या चांद को देर तलक निहारा करते हो!!
मैं पूछूंगा कैसे करते हो ये कमाल तुमसे?
किसी रोज़...
तुम आख़िर क्यों मुझसे इतनी दूर हो गई?
कौन सी वज़ह थी जो ऐसे मजबूर हो गई?
तुमने सच में ज़माने की ख़ातिर मुझे छोड़ा है!
या फ़िर नए दोस्त को पाकर मग़रूर हो गई!
इतनी ही शिक़ायत रहेगी फिलहाल तुमसे!!
किसी रोज़...
तुम्हें मेरी कविताओं की आदत है कि नहीं!
मेरी उस एक तस्वीर से मोहब्बत है कि नहीं!!
तुमने कहा था बड़े स्मार्ट लगते हो “बनारसी ”!
क्या दिल में अभी उतनी ही चाहत है कि नहीं?
चाय पर बैठेंगे तो जानेंगे सारे ख़्याल तुमसे!!
किसी रोज़..
@kataizaharila
❤12🔥12
सुनो, पारिजात के खिलने से पहले ही याद आ जाती तुम्हारी हर बात, तुम्हारे साथ गुजरे अक्टूबर की कोमल नर्म सांझ, बादलों के आंचल से बाहर झांकता चमकीला चांद, और मेरे उंगलियों में उलझा तुम्हारा प्रगाढ़ हाथ..
सुनो इस बार मिलो तो इतना लिखना कि मैं चांद से लेकर सुबह की भोर, पारिजात के बिखरने तक बस तुम्हें पढ़ता रहूं..
@kataizaharila
सुनो इस बार मिलो तो इतना लिखना कि मैं चांद से लेकर सुबह की भोर, पारिजात के बिखरने तक बस तुम्हें पढ़ता रहूं..
@kataizaharila
❤16😁3
विकल होकर मैं जिधर भी देखता हूँ प्रियतमा
मेरे नयन बस तुमको ही हैं ढूंढ़ते रात-दिन
गीत तो हैं बहुत स्मृति में मेरे मगर
होंठ मेरे बस तुम्हे ही हैं पूछते रात-दिन ❤️
@kataizaharila
मेरे नयन बस तुमको ही हैं ढूंढ़ते रात-दिन
गीत तो हैं बहुत स्मृति में मेरे मगर
होंठ मेरे बस तुम्हे ही हैं पूछते रात-दिन ❤️
@kataizaharila
❤14
एक इत्तेफाक हो,
एक रोज तुम साथ हो
सफर हो थोड़ी दूर तक का
और हाथों में तुम्हारा हाथ हो
नज़रें देखकर तुम्हें गाएं गज़ल
ज़ुबा खामोश होकर भी
कह जाए मन की हलचल
सच कहूँ तो गुजर जाए ये उम्र
पर गुजरे न ये सफर।
❤
@kataizaharila
एक रोज तुम साथ हो
सफर हो थोड़ी दूर तक का
और हाथों में तुम्हारा हाथ हो
नज़रें देखकर तुम्हें गाएं गज़ल
ज़ुबा खामोश होकर भी
कह जाए मन की हलचल
सच कहूँ तो गुजर जाए ये उम्र
पर गुजरे न ये सफर।
❤
@kataizaharila
❤20👏3
थोड़ा-थोड़ा मिलता रहे,
तेरा स्नेह मुझ पर यूँ ही बरसता रहे,
जैसे शीतल प्रभात में पत्तों पर ओस उतरती है,
वैसे ही तेरी मृदुता मेरे मन पर ठहरती रहे।
तेरे स्नेह की हर बूंद में एक शांति है,
जो भीतर की हलचल को मौन कर जाती है,
जैसे कोई अंजानी प्रार्थना बिना शब्दों के,
आत्मा को स्पर्श कर जाती है।
ना दूरी मिटे, ना निकटता बढ़े,
बस ऐसा ही संतुलन बना रहे,
जहाँ न चाह हो, न मोह का बंधन,
सिर्फ़ स्नेह का निस्सीम प्रवाह बहता रहे…
@kataizaharila
तेरा स्नेह मुझ पर यूँ ही बरसता रहे,
जैसे शीतल प्रभात में पत्तों पर ओस उतरती है,
वैसे ही तेरी मृदुता मेरे मन पर ठहरती रहे।
तेरे स्नेह की हर बूंद में एक शांति है,
जो भीतर की हलचल को मौन कर जाती है,
जैसे कोई अंजानी प्रार्थना बिना शब्दों के,
आत्मा को स्पर्श कर जाती है।
ना दूरी मिटे, ना निकटता बढ़े,
बस ऐसा ही संतुलन बना रहे,
जहाँ न चाह हो, न मोह का बंधन,
सिर्फ़ स्नेह का निस्सीम प्रवाह बहता रहे…
@kataizaharila
❤10
पूछो ना
ये दीवानगी किसके लिए है
ये आवारगी किसके लिए है
सच कहूं तो मेरे हर सवाल का जवाब तुम हो
मैं शायर तेरे दम से मेरी शायरी का हिसाब तुम हो
मैं सूफी जिसे मिले हो तुम मजार की तरह
मेरे दिल के बगीचे के इकलौते गुलाब तुम हो
पूछो ना
सुरो मे ये ताजगी किसके लिए है
खुदा से भी अब नाराजगी किसके लिए है
सच कहूं तो तेरे बिना सब कुछ अंधेरी रात सा है
महफिलों का शोर भी गम भरे हालात सा है
हां तेरे होंटो पे कन्ही अटकी है जान मेरी
आज भी नशा मुझे अपनी पहली मुलाकात सा है
बताओ ना
चेहरे पे ये हैरानगी किसके लिए है
मेरी मोहब्बत की हर बानगी किसके लिए है
@kataizaharila
ये दीवानगी किसके लिए है
ये आवारगी किसके लिए है
सच कहूं तो मेरे हर सवाल का जवाब तुम हो
मैं शायर तेरे दम से मेरी शायरी का हिसाब तुम हो
मैं सूफी जिसे मिले हो तुम मजार की तरह
मेरे दिल के बगीचे के इकलौते गुलाब तुम हो
पूछो ना
सुरो मे ये ताजगी किसके लिए है
खुदा से भी अब नाराजगी किसके लिए है
सच कहूं तो तेरे बिना सब कुछ अंधेरी रात सा है
महफिलों का शोर भी गम भरे हालात सा है
हां तेरे होंटो पे कन्ही अटकी है जान मेरी
आज भी नशा मुझे अपनी पहली मुलाकात सा है
बताओ ना
चेहरे पे ये हैरानगी किसके लिए है
मेरी मोहब्बत की हर बानगी किसके लिए है
@kataizaharila
❤14
मैंने कभी तुम्हारी प्रतीक्षा नहीं की या यूँ कहूँ की
मुझे इस राह पर कभी चलना ही नहीं था
किंतु जब तुम संयोगवश मेरे समक्ष आए
और बहुत ही सहजता से थाम लिया मेरा हाथ
फिर स्वयं में विलय कर मुझे खुद सा कर लिया
जैसे हमें एक दूसरे की सदियों से प्रतीक्षा हो
अब जब थाम ही लिया है इन हथेलियों को
तो मेरी कसमसाहट पर भी इन्हें ना छोड़ना
मैं लाख प्रयत्न करूँ तुमसे दूर जाने का
तुम अपनी बाहों की परिधि में मुझे समेट लेना...
@kataizaharila
मुझे इस राह पर कभी चलना ही नहीं था
किंतु जब तुम संयोगवश मेरे समक्ष आए
और बहुत ही सहजता से थाम लिया मेरा हाथ
फिर स्वयं में विलय कर मुझे खुद सा कर लिया
जैसे हमें एक दूसरे की सदियों से प्रतीक्षा हो
अब जब थाम ही लिया है इन हथेलियों को
तो मेरी कसमसाहट पर भी इन्हें ना छोड़ना
मैं लाख प्रयत्न करूँ तुमसे दूर जाने का
तुम अपनी बाहों की परिधि में मुझे समेट लेना...
@kataizaharila
❤11
मेरा प्रेम तुम्हारे लिए घर के बाहर बने स्वास्तिक के निशान जैसा है..
जो तुम्हारे लिए हमेशा मंगल कामना करता है..
@kataizaharila
जो तुम्हारे लिए हमेशा मंगल कामना करता है..
@kataizaharila
❤15
जिंदगी में तुम्हें ना समझने वाले इंसान से
अगर मोहब्बत हो जाए
तो समझ लेना बद्दुआ लगी है तुम्हें किसी चाहने वाले की....
@kataizaharila
अगर मोहब्बत हो जाए
तो समझ लेना बद्दुआ लगी है तुम्हें किसी चाहने वाले की....
@kataizaharila
❤20🔥2😱1
लफ्ज मै कितने भी ............. खूबसूरत लिख दूँ...
निखार तो तब आता है जब आप दिल से "उफ्फ" करते है..
💓💓
@kataizaharila
निखार तो तब आता है जब आप दिल से "उफ्फ" करते है..
💓💓
@kataizaharila
❤21🔥1
🥰13❤11❤🔥3
निगाह उठती है तेरी ओर जब-जब
मैं तुझमें अपना सब देखता हूँ
हाथ खाली हैं मेरे लकीरों से तो क्या
मैं तुझमें अपना रब देखता हूँ ❤️
@kataizaharila
मैं तुझमें अपना सब देखता हूँ
हाथ खाली हैं मेरे लकीरों से तो क्या
मैं तुझमें अपना रब देखता हूँ ❤️
@kataizaharila
❤23
हम फिर मिलेंगे
या नहीं!
इतना बता दो।
ताकि तय कर सकूँ मैं कि
केवल प्रेम ही करना है मुझे
या प्रतीक्षा भी ❤️
@kataizaharila
या नहीं!
इतना बता दो।
ताकि तय कर सकूँ मैं कि
केवल प्रेम ही करना है मुझे
या प्रतीक्षा भी ❤️
@kataizaharila
❤31💔4
मै पैरों मे सर रखकर भी मना लूंगा तुम्हे,
बस इतना ख्याल रखना मेरे झुकने पर तुम्हे गुरूर नही मेरा प्रेम महसूस हो।
@kataizaharila
बस इतना ख्याल रखना मेरे झुकने पर तुम्हे गुरूर नही मेरा प्रेम महसूस हो।
@kataizaharila
❤36👏1
❤19
घूरने वाले क्या जानें,
कि निहारना क्या होता है…
नज़र में शराफ़त, दिल में इज़्ज़त हो,
तभी तो देखने का अंदाज़ ख़ास होता है…
@kataizaharila
कि निहारना क्या होता है…
नज़र में शराफ़त, दिल में इज़्ज़त हो,
तभी तो देखने का अंदाज़ ख़ास होता है…
@kataizaharila
🥰14❤8💯3👏1
ये नज़र नज़र की बात हैं किसे क्या तलाश है..!
तू हंसने को बेताब है मुझे तेरी मुस्कुराहटों की प्यास हैं..!!❤️🥰
@kataizaharila
तू हंसने को बेताब है मुझे तेरी मुस्कुराहटों की प्यास हैं..!!❤️🥰
@kataizaharila
❤28
❤29👏1