Biochar and it's app
⦁ बायोचार क्या है?
बायोचार एक कार्बन समृद्ध चारकोल जैसा पदार्थ है, जो कृषि अवशेष और जैविक कचरे से बनता है। यह अपशिष्ट प्रबंधन और कार्बन अनुशोषण का एक स्थायी तरीका है, जो ग्रीनहाउस गैसों को कम कर सकता है।
⦁ बायोचार की क्षमता:
भारत में प्रति वर्ष लगभग 600 मिलियन टन कृषि अवशेष और 60 मिलियन टन नगरपालिका ठोस कचरा उत्पन्न होता है। इनमें से 30-50% का उपयोग बायोचार बनाने में किया जाए तो 15-26 मिलियन टन बायोचार बन सकता है, जो सालाना लगभग 0.1 गिगाटन CO2 समतुल्य कार्बन को मिट्टी में स्थायी रूप से लॉक कर सकता है।
⦁ लाभ और उपयोग:
⦁ मिट्टी की सेहत सुधरती है — पानी रोकने, पोषक तत्व बढ़ाने और माइक्रोबियल गतिविधि के लिए।
⦁ खेती में उपज बढ़ाने और उर्वरक की जरूरत कम करने में मदद करता है।
⦁ बायोचार के उपउत्पादों से बिजली और ईंधन भी बन सकते हैं।
⦁ निर्माण क्षेत्र में 2-5% बायोचार मिलाने से कंक्रीट की मजबूती बढ़ती है और CO2 उत्सर्जन कम होता है।
⦁ किफायती जल शोधन और जैविक कार्बन कैप्चर में भी काम आता है।
⦁ बायोऊर्जा, जलवायु परिवर्तन के मुकाबले, और फसल अवशेष प्रबंधन में नई संभावनाएं।
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📚 प्रमुख संस्थान और उनके विवरण
अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता न्यायालय (ICC-ICA)* 1923 | पैरिस, फ्रांस | अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक विवादों का मध्यस्थता द्वारा निपटान | वैश्विक व्यापार विवादों और कॉर्पोरेट विवाद समाधान के लिए महत्वपूर्ण |
| *स्थायी मध्यस्थता न्यायालय (PCA)* | 1899 | हेग, नीदरलैंड्स | राज्यों, अंतर्राष्ट्रीय संगठन, एवं निजी पक्षों के विवादों का समाधान | अंतरराष्ट्रीय विवादों का शांतिपूर्ण समाधान; इतिहास, सदस्यता और भूमिका |
| *अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ)* | 1945 | हेग, नीदरलैंड्स | संयुक्त राष्ट्र का मुख्य न्यायिक अंग; राज्यों के बीच कानूनी विवाद | UPSC प्रीलिम्स और मेन्स में अत्यंत महत्वपूर्ण; भारत के न्यायाधीशों एवं भूमिका |
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📚 प्रत्येक संस्थान की विशेषताएँ (संक्षिप्त)
⦁ ICC-ICA:
एक प्राइवेट संस्था जो व्यापारिक और कॉर्पोरेट विवादों में मध्यस्थता कराती है। कोई न्यायालयीय निर्णय नहीं देता, केवल समर्थन एवं नियम उपलब्ध कराता है।
⦁ PCA:
अधिकतर देशों और अंतरराष्ट्रीय निकायों के विवादों का समाधान करता है। यह शांतिपूर्ण विवाद निपटान में एक प्रमुख संस्था है। भारत भी इसका सदस्य है।
⦁ ICJ:
यह संयुक्त राष्ट्र का प्राथमिक न्यायिक संस्थान है, जो केवल राज्यों के बीच विवादों का समाधान करता है। इसके फैसले बाध्यकारी होते हैं। भारत के कई जज भी इस न्यायालय से जुड़े रहे हैं।
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📚 UPSC परीक्षा के लिए महत्व
⦁ ये संस्थान अंतरराष्ट्रीय विवादों के समाधान की प्रमुख व्यवस्थित विधियाँ दर्शाते हैं।
⦁ अंतरराष्ट्रीय व्यापार विवादों और शांति स्थापना में मध्यस्थता की भूमिका समझना ज़रूरी है।
⦁ ICJ के साथ भारत की भागीदारी, इसके जजों का योगदान तथा इसके न्यायिक अधिकार क्षेत्र को जानना आवश्यक है।
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UPSC Mains 2025 Admit Card Out!
Link to Download https://upsconline.gov.in/eadmitcard/admitcard_csm_2025/
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महाराजा बीर बिक्रम किशोर मणिक्य बहादुर के 117वें जन्मदिवस पर हम उनके समर्पण और दूरदर्शिता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
19 अगस्त 1908 को जन्मे महाराजा बीर बिक्रम को "त्रिपुरा के आधुनिक शिल्पकार" के रूप में जाना जाता है। उन्होंने त्रिपुरा में पहली उच्च शिक्षा संस्थान की स्थापना की और वर्तमान त्रिपुरा के व्यवस्थित विकास की नींव रखी।
उनकी प्रगतिशील सोच ने जनजातीय प्रदेशों और उनके अधिकारों की सुरक्षा की, जो आज के टीटीएडीसी क्षेत्रों के रूप में जाना जाता है। विभाजन के कठिन समय में भी महाराजा ने भारत के साथ त्रिपुरा के विलय का ऐलान करने वाले पहले शासक के रूप में भारतीय संघ का समर्थन किया।
उनका योगदान त्रिपुरा की आधुनिक पहचान का आधार है।
19 अगस्त 1908 को जन्मे महाराजा बीर बिक्रम को "त्रिपुरा के आधुनिक शिल्पकार" के रूप में जाना जाता है। उन्होंने त्रिपुरा में पहली उच्च शिक्षा संस्थान की स्थापना की और वर्तमान त्रिपुरा के व्यवस्थित विकास की नींव रखी।
उनकी प्रगतिशील सोच ने जनजातीय प्रदेशों और उनके अधिकारों की सुरक्षा की, जो आज के टीटीएडीसी क्षेत्रों के रूप में जाना जाता है। विभाजन के कठिन समय में भी महाराजा ने भारत के साथ त्रिपुरा के विलय का ऐलान करने वाले पहले शासक के रूप में भारतीय संघ का समर्थन किया।
उनका योगदान त्रिपुरा की आधुनिक पहचान का आधार है।
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कैबिनेट ने ऑनलाइन गेमिंग बिल को मंजूरी दे दी है।
⦁ इसमें शर्त है कि जो गेम सट्टेबाजी (बेटिंग) से जुड़े होंगे, उन्हें प्रतिबंधित किया जाएगा।
(मतलब अब तक जो गेम "भाग्य पर आधारित थे," वे अचानक से "कौशल वाले गेम" बन जाएंगे।)
⦁ बिल में दंड और सजा की व्यवस्था भी शामिल है।
सरकार इस बिल से ऑनलाइन गेमिंग को बेहतर और सुरक्षित बनाने का प्रयास कर रही है। 🎮🚫
⦁ इसमें शर्त है कि जो गेम सट्टेबाजी (बेटिंग) से जुड़े होंगे, उन्हें प्रतिबंधित किया जाएगा।
(मतलब अब तक जो गेम "भाग्य पर आधारित थे," वे अचानक से "कौशल वाले गेम" बन जाएंगे।)
⦁ बिल में दंड और सजा की व्यवस्था भी शामिल है।
सरकार इस बिल से ऑनलाइन गेमिंग को बेहतर और सुरक्षित बनाने का प्रयास कर रही है। 🎮🚫
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UPSC हिंदी माध्यम 🦚
कैबिनेट ने ऑनलाइन गेमिंग बिल को मंजूरी दे दी है। ⦁ इसमें शर्त है कि जो गेम सट्टेबाजी (बेटिंग) से जुड़े होंगे, उन्हें प्रतिबंधित किया जाएगा। (मतलब अब तक जो गेम "भाग्य पर आधारित थे," वे अचानक से "कौशल वाले गेम" बन जाएंगे।) ⦁ बिल में दंड और सजा की व्यवस्था…
अगस्त 20 और 21 को होने वाले सरकारी कार्यों की सूची:
निम्नलिखित विधेयकों का परिचय:
i) संविधान (एक सौ तीसरा संशोधन) विधेयक, 2025;
ii) संघ अनुच्छेदों के प्रशासन (संशोधन) विधेयक, 2025;
iii) जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025;
iv) ऑनलाइन गेमिंग के प्रचार और विनियमन विधेयक, 2025।
@KevalHindi 🦚
निम्नलिखित विधेयकों का परिचय:
i) संविधान (एक सौ तीसरा संशोधन) विधेयक, 2025;
ii) संघ अनुच्छेदों के प्रशासन (संशोधन) विधेयक, 2025;
iii) जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025;
iv) ऑनलाइन गेमिंग के प्रचार और विनियमन विधेयक, 2025।
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बिहार सरकार ने घोषणा की है कि राज्य सरकार की नौकरियों के लिए होने वाले सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रीलिम्स (प्रारंभिक) परीक्षा के आवेदन शुल्क को समान रूप से ₹100 निर्धारित किया जाएगा।
इसके अलावा, जो अभ्यर्थी प्रीलिम्स में सफल होकर मेन्स परीक्षा में शामिल होंगे, उन्हें मेन्स परीक्षा के लिए कोई आवेदन शुल्क नहीं देना होगा।
इसके अलावा, जो अभ्यर्थी प्रीलिम्स में सफल होकर मेन्स परीक्षा में शामिल होंगे, उन्हें मेन्स परीक्षा के लिए कोई आवेदन शुल्क नहीं देना होगा।
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Approved semiconductor units under Indian Semiconductor Mission #SnT
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भारत सरकार ने India Semiconductor Mission (ISM) के तहत 4 नए सेमीकंडक्टर उत्पादन यूनिट्स को मंजूरी दी है, जिससे कुल मंजूर परियोजनाओं की संख्या 10 हो गई है।
⦁ इन परियोजनाओं में लगभग ₹1.60 लाख करोड़ का निवेश शामिल है, जो भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग को मजबूत करेगा और हजारों कुशल रोजगार सृजित करेगा।
⦁ मंजूर कंपनियां—SiCSem (ओडिशा), Continental Device India (पंजाब), 3D Glass Solutions (ओडिशा), और ASIP Technologies (आंध्र प्रदेश)—विशेष तकनीकों जैसे सिलिकॉन कार्बाइड आधारित सेमीकंडक्टर और ग्लास-पैकेजिंग संस्थापन स्थापित करेंगी।
⦁ यह पहल भारत को टेलिकॉम, ऑटोमोटिव, डेटा सेंटर, और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
⦁ भारत अपनी पहली वाणिज्यिक कंपाउंड सेमीकंडक्टर फैब और आधुनिक पैकेजिंग यूनिट स्थापित कर रहा है।
ये सब ISM के तहत भारत के सेमीकंडक्टर उत्पादन को बढ़ाकर ग्लोबल सप्लाई चेन में महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनाने की रणनीति का हिस्सा है।
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कुछ लोगों के नामो का उल्लेख किया गया था जिनके ओहदे थे
बाकी सब इत्यादि थे
इत्यादि तादात में हमेशा ही ज्यादा होते थे
इत्यादि भाव ताव कर के सब्जी खरीदते थे और खाना वाना खा कर
खास लोगों के भाषण सुनने जाते थे
इत्यादि हर गोष्ठियों में उपस्थिति बढ़ाते थे
इत्यादि जुलूस में जाते थे तख्तियां उठाते थे नारे लगाते थे
इत्यादि लम्बी लाइनों में लग कर मतदान करते थे
उन्हें लगातार ऐसा भ्रम दिया गया था कि वो ही
इस लोकतंत्र में सरकार बनाते थे
इत्यादि हमेशा ही आन्दोलनों में शामिल होते थे
इसलिए कभी कभी पुलिस की गोली से मार दिए जाते थे।
#poetry
बाकी सब इत्यादि थे
इत्यादि तादात में हमेशा ही ज्यादा होते थे
इत्यादि भाव ताव कर के सब्जी खरीदते थे और खाना वाना खा कर
खास लोगों के भाषण सुनने जाते थे
इत्यादि हर गोष्ठियों में उपस्थिति बढ़ाते थे
इत्यादि जुलूस में जाते थे तख्तियां उठाते थे नारे लगाते थे
इत्यादि लम्बी लाइनों में लग कर मतदान करते थे
उन्हें लगातार ऐसा भ्रम दिया गया था कि वो ही
इस लोकतंत्र में सरकार बनाते थे
इत्यादि हमेशा ही आन्दोलनों में शामिल होते थे
इसलिए कभी कभी पुलिस की गोली से मार दिए जाते थे।
#poetry
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⦁ सरकार ने संविधान संशोधन बिल पेश किया है जिसके तहत केंद्रीय या राज्य मंत्री जो गंभीर आपराधिक आरोपों में हैं और कम से कम 30 दिन लगातार हिरासत में हैं, उन्हें पद से हटाया जाएगा।
⦁ वर्तमान में, ऐसे मंत्रियों को हटाने की प्रक्रिया जटिल और लंबी है, जिसमें पार्टी द्वारा दलित करना या स्वयं इस्तीफा देना शामिल होता है।
⦁ सुप्रीम कोर्ट ने कई मामलों में इस बात पर जोर दिया है कि राजनीति में अपराध का असर कम होना चाहिए और दोषी राजनेताओं को तत्काल प्रभाव से हटाया जाना चाहिए।
⦁ विधिक आयोग ने भी सिफारिशें की हैं कि ऐसे मामलों में कड़े नियम बनने चाहिए ताकि भ्रष्टाचार और बदमाशी से निपटा जा सके।
⦁ बिल के प्रमुख प्रावधानों में स्पष्ट तौर पर यह कहा गया है कि अगर मंत्री 30 दिन से अधिक हिरासत में रहेगा तो वह अपने पद पर बने नहीं रह सकता।
⦁ यह कदम प्रतिनिधित्व में पारदर्शिता और संवैधानिक नैतिकता बढ़ाने के लिए है।
#GS2 #Polity
Article link 🔗
https://indianexpress.com/article/explained/explained-law/entres-proposed-amendment-to-remove-ministers-from-office-what-sc-has-previously-said-on-the-matter-10201625/
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