UPSC हिंदी माध्यम 🦚
5.48K subscribers
668 photos
216 videos
532 files
176 links
Telegram पर एक मात्र ऐसा ग्रुप हैं जहां हिंदी माध्यम के बच्चो को सभी प्रकार कि UPSC परीक्षा से संबंधित सामग्री दी जाएगी जैसे कि - Toppers के Notes, Coaching संस्थान के Notes, Test Series, News इत्यादि l

For Collab Only 📞 @Csejuntabot
Download Telegram
https://indianexpress.com/article/technology/artificial-intelligence/can-openai-new-indqa-benchmark-help-indic-llms-close-gap-10348131/lite/

OpenAI का IndQA बेंचमार्क भारतीय भाषाई मॉडल्स की स्थानीय भाषा, संस्कृति और संदर्भ समझने की क्षमता नापने के लिए बनाया गया है। यह बहुभाषी प्रश्नोत्तरी सेट के ज़रिए Indic LLMs के सुधार को ट्रैक करने में मदद करता है और ग्लोबल, पश्चिमी झुकाव वाले बेंचमार्क की कमियों को पूरा करने की कोशिश है।
👍1
चाय पिलो guyssssss 😂
Kon hai ye log kha se aate hai ?
😁30😭12👍3😱3🤬3❤1👏1
गुफा-सिद्धांत या“Allegory of the Cave”प्लेटो नामक यूनानी दार्शनिक का प्रसिद्ध विचार-प्रयोग है, जो बताता है कि हमारी सामान्य“हकीकत”असली सत्य का केवल एक धुंधला सा प्रतिबिंब है।
इसे प्लेटो के“Theory of Forms" या“रूपों के सिद्धांत”को समझाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है।

कहानी क्या है?

प्लेटो के अनुसार imagine करो कि कुछ लोग बचपन से ही एक अंधेरी गुफा में जंजीरों से बंधे बैठे हैं, वे केवल सामने की दीवार देख सकते हैं।

उनके पीछे आग जल रही है और आग व कैदियों के बीच से कुछ लोग अलग‑अलग वस्तुएँ लेकर गुजरते हैं, जिनकी परछाइयाँ दीवार पर पड़ती हैं, कैदी इन्हीं परछाइयों को पूरी “दुनिया” और “सच्चाई” मान लेते हैं।

बाहर निकलने की प्रक्रिया

फिर उनमें से एक कैदी को जंजीरों से मुक्त कर बाहर की ओर ले जाया जाता है, शुरुआत में तेज रोशनी और नए दृश्य उसे तकलीफ देते हैं और वह वापस अंधेरी गुफा को ही बेहतर समझता है।

धीरे‑धीरे उसकी आँखें रोशनी की अभ्यस्त होती हैं, वह आग, असली वस्तुएँ और अंत में बाहर की दुनिया, सूरज आदि देखता है और समझता है कि गुफा की परछाइयाँ असली नहीं थीं, केवल नक़ल थीं।

दार्शनिक अर्थ (मतलब)

गुफा हमारी सीमित इंद्रिय–आधारित दुनिया का प्रतीक है, दीवार पर पड़ती परछाइयाँ वह ज्ञान हैं जो हम केवल देखने‑सुनने जैसे साधारण अनुभवों से बना लेते हैं। गुफा से बाहर की दुनिया प्लेटो के “रूपों की दुनिया” या उच्च सत्य का प्रतीक है, जहाँ बुद्धि और तर्क के सहारे गहरा ज्ञान मिलता है, और जो व्यक्ति वहां पहुँचता है वही दार्शनिक या ज्ञानी कहलाता है।

समाज और शिक्षा से संबंध

जो कैदी बाहर की दुनिया देखकर वापस गुफा में लौटकर दूसरों को सच्चाई बताने की कोशिश करता है, उसे बाकी लोग पागल या गलत मानते हैं और उसके विरोध में खड़े हो जाते हैं।
प्लेटो इस बात से यह समझाता है कि समाज अक्सर नए या गहरे सत्य को तुरंत स्वीकार नहीं करता, इसलिए वास्तविक शिक्षा वही है जो इंसान को "परछाइयों"से निकालकर सत्य की ओर ले जाए, भले ही यह प्रक्रिया शुरू में कठिन और दर्दनाक लगे।
❤5👍4
This media is not supported in your browser
VIEW IN TELEGRAM
अनुशासित रहें Ho Jayega !!
🔥12❤3👍3
कोशिश कर, हल निकलेगा
आज नही तो, कल निकलेगा।

अर्जुन के तीर सा निशाना साध,
जमीन से भी जल निकलेगा ।

मेहनत कर, पौधो को पानी दे,
बंजर जमीन से भी फल निकलेगा।

ताकत जुटा, हिम्मत को आग दे,
फौलाद का भी बल निकलेगा।

जिन्दा रख, दिल में उम्मीदों को,
समन्दर से भी गंगाजल निकलेगा ।

कोशिशें जारी रख कुछ कर गुजरने की,
जो है आज थमा-थमा सा,
वो चल निकलेगा
❤32🔥3🥰1
मुझे शक है कि आईक्यू, एसएटी और स्कूल के ग्रेड जैसे टेस्ट कुछ ऐसे बुद्धिमान लोगों द्वारा बनाए गए हैं ताकि वे अच्छे अंक प्राप्त करके एक-दूसरे को बुद्धिमान कह सकें।.

- Nassim Nicholas Taleb in The Bed of Procrustes
😁9❤3👍1
🤪16👏3😁2❤1
UPSC हिंदी माध्यम 🦚
Photo
भारत का AQI 0–500 के पैमाने पर हवा की गुणवत्ता और उससे जुड़े स्वास्थ्य जोखिम को एक संख्या और रंग‑कोड के रूप में दिखाता है; 0 के क़रीब मतलब साफ हवा और 500 के क़रीब मतलब अत्यधिक प्रदूषण व गंभीर स्वास्थ्य प्रभाव।

मुख्य बिंदु (फैक्ट्स)

- AQI का उद्देश्य जटिल प्रदूषक डाटा को आम जनता के लिए सरल “इंडेक्स” में बदलना है ताकि तुरंत समझ आ सके कि हवा कितनी ख़राब है।

- भारत में National AQI 2014 में शुरू हुआ और 24‑घंटे की औसत सांद्रता के आधार पर रिपोर्ट किया जाता है।

प्रमुख प्रदूषक व कारक

- भारत के AQI में 8 मुख्य प्रदूषक: PM10, PM2.5, NO2, SO2, CO, O3, NH3, Pb (lead) शामिल हैंl

- प्रदूषण के बड़े स्रोत: वाहन, उद्योग, थर्मल पावर प्लांट, निर्माण धूल, कचरा/पराली जलाना तथा प्रतिकूल मौसम (कम हवा, inversion) जो प्रदूषक फँसा देता है।

श्रेणियाँ

- 0–50: Good – लगभग कोई स्वास्थ्य जोखिम नहीं।
- 51–100: Satisfactory – संवेदनशील समूहों में हल्की समस्या।
- 101–200: Moderately polluted – अस्थमा/हृदय रोगियों को परेशानी बढ़ सकती है।
- 201–300: Poor – दीर्घ exposure से गंभीर प्रभाव की आशंका।
- 301–400: Very poor – श्वसन रोगों में स्पष्ट वृद्धि।
- 401–500: Severe – स्वस्थ लोगों पर भी गंभीर असर, आपात स्थिति जैसी हालत।

संस्थाएँ व क़ानून

- नीति: पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) AQI व National Ambient Air Quality Standards (NAAQS) तय करता है।

- क्रियान्वयन: Central Pollution Control Board (CPCB) राष्ट्रीय स्तर पर, और State Pollution Control Boards/Committees राज्यों में निगरानी व प्रवर्तन करते हैं।

- वैधानिक आधार: Air (Prevention and Control of Pollution) Act, 1981 और Environment (Protection) Act, 1986।


@KevalHindi 🦚. #pre26
❤3👍2
🔴 BREAKING

भारत में दीपावली को अमूर्त विरासत सूची में नया स्थान दिया गया है।🇮🇳. #pre26
❤20🔥2😁1😱1
Mains Reflection: GSM2- Judicial Over-reach (न्यायिक अति-क्रमण)

Giving reservation is the domain of Parliament and not Supreme Court.

जब बार काउंसिल संसद के कानून से बना है तो उसमे महिला आरक्षण भी केवल संसद दे सकता। सुप्रीम कोर्ट का ये निर्णय न्यायिक अतिक्रमण है।
❤7🔥2👍1
कैसी चल रही हैं पढ़ाई लिखाई।
Anonymous Poll
28%
1. जबर्दस्त
47%
2. अभी शुरूआत की है।
37%
3. पॉल चेक
स्थिरता / Consistency :-

पढ़ाई करने का विचार आए Within 5 सेकंड पढ़ाई शुरू कर दो, दूसरा विचार आने से पहले ! 🦚
❤25🔥4