Forwarded from BHUSHAN SINGH
*आवश्यक सूचना*
*वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय तथा इसके अंतर्गत आने वाले सभी कॉलेज/विभाग कल दिनांक 17-10-2026 से 21-10-2026 तक दुर्गा पूजा एवं श्रीकृष्ण सिंह जयंती के उपलक्ष्य में बंद रहेगा तथा पुनः दिनांक 22-10-2026 से अपने पूर्व निर्धारित समयानुसार सभी कॉलेज/विभाग खुलेगा।*
*वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय तथा इसके अंतर्गत आने वाले सभी कॉलेज/विभाग कल दिनांक 17-10-2026 से 21-10-2026 तक दुर्गा पूजा एवं श्रीकृष्ण सिंह जयंती के उपलक्ष्य में बंद रहेगा तथा पुनः दिनांक 22-10-2026 से अपने पूर्व निर्धारित समयानुसार सभी कॉलेज/विभाग खुलेगा।*
Forwarded from BHUSHAN SINGH
📢 बिहार लाइब्रेरियन अपडेट
✅ लाइब्रेरियन एलिजिबिलिटी टेस्ट (LET) के आवेदन की अंतिम तिथि 7 दिन बढ़ने की संभावना है।
✅ बिहार लाइब्रेरी एसोसिएशन ने इस संबंध में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के परीक्षा नियंत्रक को ज्ञापन सौंपा है।
✅ लाइब्रेरियन एलिजिबिलिटी टेस्ट (LET) के आवेदन की अंतिम तिथि 7 दिन बढ़ने की संभावना है।
✅ बिहार लाइब्रेरी एसोसिएशन ने इस संबंध में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के परीक्षा नियंत्रक को ज्ञापन सौंपा है।
Forwarded from BHUSHAN SINGH
आरा में सड़क निर्माण में सुधार की जरूरत, विभाग करे समीक्षा!
आरा शहर में कृषि भवन से आरा प्रखंड कार्यालय होते हुए पुराने बजाज शोरूम तक बन रही सड़क में दोनों तरफ बने नालों के किनारे खाली जगह छोड़ दी गई है। कहीं यह खाली जगह लगभग 10 फीट है, तो कहीं 5 फीट।
इतनी जगह खाली छोड़ने के बजाय सड़क का निर्माण दोनों तरफ बने नालों से सटाकर कराया जाना चाहिए, ताकि उपलब्ध जमीन का सदुपयोग हो और आम जनता को चौड़ी सड़क का लाभ मिल सके।
यदि बजट की कमी है या डीपीआर (DPR) पुराना होने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है, तो संबंधित विभाग को डीपीआर में आवश्यक संशोधन कराकर अतिरिक्त राशि की मांग करनी चाहिए।
संबंधित अधिकारियों से मांग है कि निर्माण कार्य की समीक्षा कर आवश्यक सुधार कराया जाए। जनता के पैसे से हो रहे विकास कार्यों में दूरदर्शिता, गुणवत्ता और जनसुविधा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
आरा शहर में कृषि भवन से आरा प्रखंड कार्यालय होते हुए पुराने बजाज शोरूम तक बन रही सड़क में दोनों तरफ बने नालों के किनारे खाली जगह छोड़ दी गई है। कहीं यह खाली जगह लगभग 10 फीट है, तो कहीं 5 फीट।
इतनी जगह खाली छोड़ने के बजाय सड़क का निर्माण दोनों तरफ बने नालों से सटाकर कराया जाना चाहिए, ताकि उपलब्ध जमीन का सदुपयोग हो और आम जनता को चौड़ी सड़क का लाभ मिल सके।
यदि बजट की कमी है या डीपीआर (DPR) पुराना होने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है, तो संबंधित विभाग को डीपीआर में आवश्यक संशोधन कराकर अतिरिक्त राशि की मांग करनी चाहिए।
संबंधित अधिकारियों से मांग है कि निर्माण कार्य की समीक्षा कर आवश्यक सुधार कराया जाए। जनता के पैसे से हो रहे विकास कार्यों में दूरदर्शिता, गुणवत्ता और जनसुविधा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।