😱 *कोई क्रेन नहीं, कोई आधुनिक उपकरण नहीं, कोई इंजीनियरिंग तकनीक नहीं, कोई प्लानर नहीं, लेकिन हमारे पूर्वजों ने आधुनिक उपकरणों के बिना, बिना बिजली, कम्प्यूटर आदि के 100% सटीकता के साथ इसे बनाया . . .*
🙏🏻 *600 ईसवी में निर्मित 1000 खंभों वाले इस मंदिर को देखिए . . .*
📡 *क्या सच में टेक्नोलॉजी नहीं थी ? क्या सच में हम अशिक्षित थे ? क्या सच में उस समय गहन ज्ञान रखने वाले इंजीनियर नहीं थे ? हजारों वर्ष के लिए सुदृढ़ निर्माण करने वाले प्लानर नहीं थे ? उत्कृष्ट आर्किटेक्ट नहीं थे ?*
😡 *या फिर वामपंथी इतिहासकारों ने हमसे झूठ बोला ताकि हम फिर से कभी गर्वित, शिक्षित, समृद्ध भारतवर्ष के इतिहास और वर्तमान ना बन सकें । कभी स्वाभिमान से मस्तक ऊँचा न कर सकें ? ( एकम्बरेश्वर मंदिर, कांचीपुरम, तमिलनाडु )*
🙏🏻 *600 ईसवी में निर्मित 1000 खंभों वाले इस मंदिर को देखिए . . .*
📡 *क्या सच में टेक्नोलॉजी नहीं थी ? क्या सच में हम अशिक्षित थे ? क्या सच में उस समय गहन ज्ञान रखने वाले इंजीनियर नहीं थे ? हजारों वर्ष के लिए सुदृढ़ निर्माण करने वाले प्लानर नहीं थे ? उत्कृष्ट आर्किटेक्ट नहीं थे ?*
😡 *या फिर वामपंथी इतिहासकारों ने हमसे झूठ बोला ताकि हम फिर से कभी गर्वित, शिक्षित, समृद्ध भारतवर्ष के इतिहास और वर्तमान ना बन सकें । कभी स्वाभिमान से मस्तक ऊँचा न कर सकें ? ( एकम्बरेश्वर मंदिर, कांचीपुरम, तमिलनाडु )*
*🦁 हिन्दू गर्जना 🦁*
📢 *अमृतसर* के स्वर्ण मंदिर🚩 के बारे में तो आप सभी जानते हैं...
आईये आपको दक्षिण भारत के *स्वर्ण मंदिर* 🛕 की सैर कराते हैं....
⤵️ तमिलनाडु के वेल्लोर नगर के *मलाईकोड़ी* पहाड़ों पर स्थित इस मंदिर की *सुंदरता* देखते ही बनती है....
👉 पता है इसके निर्माण में *15* हजार किलोग्राम *शुद्ध सोने* का प्रयोग किया गया है, इसीलिए इसे *दक्षिण भारत* का *स्वर्ण मंदिर* कहा जाता है...
रात्रि के समय इसकी छटा देखते ही बनती है....
*(श्री #महालक्ष्मी मंदिर, वेल्लोर, तमिलनाडु)*
https://www.facebook.com/938397972910871/posts/2914841875266461/
🙏🚩🇮🇳🔱🏹🐚🕉
📢 *अमृतसर* के स्वर्ण मंदिर🚩 के बारे में तो आप सभी जानते हैं...
आईये आपको दक्षिण भारत के *स्वर्ण मंदिर* 🛕 की सैर कराते हैं....
⤵️ तमिलनाडु के वेल्लोर नगर के *मलाईकोड़ी* पहाड़ों पर स्थित इस मंदिर की *सुंदरता* देखते ही बनती है....
👉 पता है इसके निर्माण में *15* हजार किलोग्राम *शुद्ध सोने* का प्रयोग किया गया है, इसीलिए इसे *दक्षिण भारत* का *स्वर्ण मंदिर* कहा जाता है...
रात्रि के समय इसकी छटा देखते ही बनती है....
*(श्री #महालक्ष्मी मंदिर, वेल्लोर, तमिलनाडु)*
https://www.facebook.com/938397972910871/posts/2914841875266461/
🙏🚩🇮🇳🔱🏹🐚🕉
छठी शताब्दी में बनी नागराज की प्रतिमा . . .
नागराज की पांच सर के साथ
एक मानव सर भी है
जो अंदर से बाहर आते हुए प्रतीत हो रहे है ,
शानदार त्रिविमीय (3D) तक्षणकला
ज़रा सोचिए कितने उन्नत थे
हमारे पूर्वज एवम कितनी अद्भुत थी
उनकी स्थापत्यकला . . .
वो भी आज से 1400 साल पहले l
( बादामी गुफा मंदिर ) कर्नाटक
नागराज की पांच सर के साथ
एक मानव सर भी है
जो अंदर से बाहर आते हुए प्रतीत हो रहे है ,
शानदार त्रिविमीय (3D) तक्षणकला
ज़रा सोचिए कितने उन्नत थे
हमारे पूर्वज एवम कितनी अद्भुत थी
उनकी स्थापत्यकला . . .
वो भी आज से 1400 साल पहले l
( बादामी गुफा मंदिर ) कर्नाटक
*ताजमहल से लाख गुना ज्यादा* *सुंदर है वृदांवन का प्रेम मन्दिर*....
*प्रेम का प्रतीक तो मथुरा वृदांवन बरसाना के कण कण में विराजमान है*
*🙏🚩जय सिया राम🚩🙏*
*🙏🦚राधे राधे🦚🙏*
*प्रेम का प्रतीक तो मथुरा वृदांवन बरसाना के कण कण में विराजमान है*
*🙏🚩जय सिया राम🚩🙏*
*🙏🦚राधे राधे🦚🙏*
मोबाइल की कीमत तो उस दिन वसूल होगी जिस दिन
श्री राम के "भव्य मंदिर" के
समक्ष सेल्फी लूँगा
🚩🚩जय श्री राम🚩🚩
*💥💥 शुभ रात्रि 💥💥*
श्री राम के "भव्य मंदिर" के
समक्ष सेल्फी लूँगा
🚩🚩जय श्री राम🚩🚩
*💥💥 शुभ रात्रि 💥💥*
*हरे कृष्ण🙏🏻🙏🏻*
*💥हमारे सनातन संस्कृति हमारे मंदिर जो आज भी अद्धभुत और विशाल है उसको को जानने के लिये ये ग्रुप में जुड़े 💥👇🏻👇🏻*
*प्राथना इस ग्रुप में जो भी जुड़े सिर्फ मंदिर और संस्कृत के संदेश ही ग्रुप में भेजे अन्यथा और कोई संदेश भेजने पर उन्हें ग्रुप से निकल दिया जायेगा।🙏🏻🙏🏻*
https://chat.whatsapp.com/Hv6TxOyJw0U2sTqPNgavhJ
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*द्वारकाधीश मंदिर, द्वारका, गुजरात*
चार धाम में से एक . . .
यह मंदिर भगवान श्री कृष्ण को समर्पित है।
यह मंदिर गोमती नदी के तट पर तथा इस स्थान पर गोमती नदी अरब सागर से मिलती है
यह स्थान द्वापर में भगवान श्री कृष्ण की राजधानी थी और आज कलयुग में भक्तों के लिए महा तप तीर्थ है।
द्वारकाधीश मंदिर 5 मंजिला इमारत का तथा 72 स्तंभों द्वारा समर्थित, को जगत मंदिर या त्रिलोक सुन्दर (तीनों लोको में सबसे सुन्दर) मंदिर के रूप में जाना जाता है।
पुरातात्विक द्वारा बताया गया हैं कि यह मंदिर 2,200-2000 वर्ष पुराना है
15वीं-16वीं सदी में मंदिर का विस्तार हुआ था।
8वीं शताब्दी के हिन्दू धर्मशास्त्रज्ञ और दार्शनिक आदि शंकराचार्य के बाद, मंदिर भारत में हिंदुओं द्वारा पवित्र माना गया ‘चार धाम’ तीर्थ का हिस्सा बन गया।
अन्य तीनों में रामेश्वरम, बद्रीनाथ और पुरी शामिल हैं
मंदिर के आसपास की अन्य कलात्मक संरचनाओं का निर्माणा 16वीं शताब्दी में करवाया गया था।
मंदिर के गर्भगृह में चांदी के सिंहासन पर भगवान कृष्ण की श्यामवर्णी चतुर्भुजी प्रतिमा विराजमान है
यहां पर उन्हें रणछोड़ जी के नाम से भी जाना जाता है
यहां से 56 सीढियां चढ़कर स्वर्ग द्वार से मंदिर में प्रवेश किया जाता है।
चार धाम में से एक . . .
यह मंदिर भगवान श्री कृष्ण को समर्पित है।
यह मंदिर गोमती नदी के तट पर तथा इस स्थान पर गोमती नदी अरब सागर से मिलती है
यह स्थान द्वापर में भगवान श्री कृष्ण की राजधानी थी और आज कलयुग में भक्तों के लिए महा तप तीर्थ है।
द्वारकाधीश मंदिर 5 मंजिला इमारत का तथा 72 स्तंभों द्वारा समर्थित, को जगत मंदिर या त्रिलोक सुन्दर (तीनों लोको में सबसे सुन्दर) मंदिर के रूप में जाना जाता है।
पुरातात्विक द्वारा बताया गया हैं कि यह मंदिर 2,200-2000 वर्ष पुराना है
15वीं-16वीं सदी में मंदिर का विस्तार हुआ था।
8वीं शताब्दी के हिन्दू धर्मशास्त्रज्ञ और दार्शनिक आदि शंकराचार्य के बाद, मंदिर भारत में हिंदुओं द्वारा पवित्र माना गया ‘चार धाम’ तीर्थ का हिस्सा बन गया।
अन्य तीनों में रामेश्वरम, बद्रीनाथ और पुरी शामिल हैं
मंदिर के आसपास की अन्य कलात्मक संरचनाओं का निर्माणा 16वीं शताब्दी में करवाया गया था।
मंदिर के गर्भगृह में चांदी के सिंहासन पर भगवान कृष्ण की श्यामवर्णी चतुर्भुजी प्रतिमा विराजमान है
यहां पर उन्हें रणछोड़ जी के नाम से भी जाना जाता है
यहां से 56 सीढियां चढ़कर स्वर्ग द्वार से मंदिर में प्रवेश किया जाता है।