The Miniature Theerthankaras
Parsuvanatha Temple - 15th Century
Valathi - Tamilnadu
Parsuvanatha Temple - 15th Century
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🔔 *जय बाबा बर्फानी*🔔
अमरनाथ के कपाट खुलने का आलौकिक व दुर्लभ दृश्य।दर्शन का लाभ ले व सभी को भेजकर पुण्य अर्जित करें।🙏🙏🙏🙏🙏
अमरनाथ के कपाट खुलने का आलौकिक व दुर्लभ दृश्य।दर्शन का लाभ ले व सभी को भेजकर पुण्य अर्जित करें।🙏🙏🙏🙏🙏
1800 साल पुराना मंदिर, बहुत से रहस्य समेटे हुए है, मंदिर के अंदर एक पानी का कुंड है जो लगातार पानी को बाहर फेंकता रहता है..
मंदिर प्रकृति को दर्शाता है, जिससे मानव शरीर निर्मित है, हवा पानी जल पृथ्वी आकाश का सम्मल्लित रुप है, पानी का स्त्रोत और हवा का प्रेशर जो लगातार पानी को बाहर फेंकता रहता है मंदिर के अंदर फर्स के उपर से मुख द्वार से बाहर निकलता है, कोई भी अभी तक रहस्य का पता नहीं लगा पाया..
ऐसे अनगिनत रहस्य और हमारी संस्कृति को कांग्रेसी सरकारों ने हमसे छिपाये रखा , चोल वंश द्वारा निर्मित # जंबूकेश्वर_मंदिर तिरुचिरापल्ली तमिलनाडु..
हमारी इन तमाम विरासतों को कांगी वामी इतिहासकारों ने हमसे बहुत ही कुटिल और शातिर तरीके से हमसे छिपाए रखा है..
# जय_हिन्दू_राष्ट्र
मंदिर प्रकृति को दर्शाता है, जिससे मानव शरीर निर्मित है, हवा पानी जल पृथ्वी आकाश का सम्मल्लित रुप है, पानी का स्त्रोत और हवा का प्रेशर जो लगातार पानी को बाहर फेंकता रहता है मंदिर के अंदर फर्स के उपर से मुख द्वार से बाहर निकलता है, कोई भी अभी तक रहस्य का पता नहीं लगा पाया..
ऐसे अनगिनत रहस्य और हमारी संस्कृति को कांग्रेसी सरकारों ने हमसे छिपाये रखा , चोल वंश द्वारा निर्मित # जंबूकेश्वर_मंदिर तिरुचिरापल्ली तमिलनाडु..
हमारी इन तमाम विरासतों को कांगी वामी इतिहासकारों ने हमसे बहुत ही कुटिल और शातिर तरीके से हमसे छिपाए रखा है..
# जय_हिन्दू_राष्ट्र
दोस्तों ! हमारे महादेव को समर्पित श्रीकांतेश्वर मंदिर को देखिए
भारत का प्राचीन आर्किटेक्चर दुनियाँ में सबसे अच्छा था! अगर किसी को लगता है कि मैं मिथ्या अभिमानी हूँ तो..आगे बढ़ो और चुनौती दो..मुझे विश्वास है कि मेरी उन्नत संस्कृति के उदाहरणों के तीर के आगे आपके तर्क धराशायी हो जाएंगे ।
(श्रीकांतेश्वर मंदिर, कर्नाटक)
भारत का प्राचीन आर्किटेक्चर दुनियाँ में सबसे अच्छा था! अगर किसी को लगता है कि मैं मिथ्या अभिमानी हूँ तो..आगे बढ़ो और चुनौती दो..मुझे विश्वास है कि मेरी उन्नत संस्कृति के उदाहरणों के तीर के आगे आपके तर्क धराशायी हो जाएंगे ।
(श्रीकांतेश्वर मंदिर, कर्नाटक)
क़ुतुब मीनार के परिसर की कुछ तस्वीरें। आप ही सोचिए ये पहले मंदिर था या कोई इस्लामिक
"ताजमहल" देखकर वाह वाह करने वालों हिमाचल प्रदेश का "शिवमहल" भी देख लिया करो। सुंदरता, नक्काशी के मामले में "ताजमहल" से सौ गुना बेहतर है।
यह_मंदिर_देवराज_इंद्र_ने_बनवाया_था
मीनाक्षी मंदिर - इसी मंदिर में शिव विवाह हुआ था ?? - मीनाक्षी मंदिर, मदुरई -
जिसके आगे दुनिया की प्रत्येक सुंदर से सुंदर चीज कुछ नही ...
कांची तु कामाक्षी, मदुरै मिनाक्षी,
दक्षिणे कन्याकुमारी ममः शक्ति रूपेण भगवती ।
नमो नमः नमो नमः।।
अर्थात , शक्ति का कांची ने नाम कामाक्षी जी, मदुरई में मीनाक्षी, दक्षिण में कन्याकुमारी ।
यहां के लोगो की मान्यता है, की भगवान शिव का विवाह इसी मंदिर में हुआ था । मां का यह विशाल भव्य मंदिर तमिलनाडू के मदुरै शहर में है। यह मंदिर मीनाक्षी अम्मन मंदिर प्राचीन भारत के सबसे महत्वपूर्ण मंदिरों में से एक है। माँ मीनाक्षी का यह अम्मन मंदिर को विश्व के नए सात अजूबों के लिए नामित किया गया है।
इस मन्दिर का स्थापत्य एवं वास्तु आश्चर्यचकित कर देने वाला है, जिस कारण यह आधुनिक विश्व के सात आश्चर्यों की सूची में प्रथम स्थान पर स्थित है, एवं इसका कारण इसका विस्मयकारक स्थापत्य ही है।
इस इमारत समूह में 12 भव्य गोपुरम हैं, जो अतीव विस्तृत रूप से शिल्पित हैं। इन पर बडी़ महीनता एवं कुशलतापूर्वक रंग एवं चित्रकारी की गई है, जो देखते ही बनती है।
यह मन्दिर तमिल लोगों का एक अति महत्वपूर्ण द्योतक है, एवं इसका वर्णन तमिल साहित्य में पुरातन काल से ही होता रहा है
मीनाक्षी मंदिर - इसी मंदिर में शिव विवाह हुआ था ?? - मीनाक्षी मंदिर, मदुरई -
जिसके आगे दुनिया की प्रत्येक सुंदर से सुंदर चीज कुछ नही ...
कांची तु कामाक्षी, मदुरै मिनाक्षी,
दक्षिणे कन्याकुमारी ममः शक्ति रूपेण भगवती ।
नमो नमः नमो नमः।।
अर्थात , शक्ति का कांची ने नाम कामाक्षी जी, मदुरई में मीनाक्षी, दक्षिण में कन्याकुमारी ।
यहां के लोगो की मान्यता है, की भगवान शिव का विवाह इसी मंदिर में हुआ था । मां का यह विशाल भव्य मंदिर तमिलनाडू के मदुरै शहर में है। यह मंदिर मीनाक्षी अम्मन मंदिर प्राचीन भारत के सबसे महत्वपूर्ण मंदिरों में से एक है। माँ मीनाक्षी का यह अम्मन मंदिर को विश्व के नए सात अजूबों के लिए नामित किया गया है।
इस मन्दिर का स्थापत्य एवं वास्तु आश्चर्यचकित कर देने वाला है, जिस कारण यह आधुनिक विश्व के सात आश्चर्यों की सूची में प्रथम स्थान पर स्थित है, एवं इसका कारण इसका विस्मयकारक स्थापत्य ही है।
इस इमारत समूह में 12 भव्य गोपुरम हैं, जो अतीव विस्तृत रूप से शिल्पित हैं। इन पर बडी़ महीनता एवं कुशलतापूर्वक रंग एवं चित्रकारी की गई है, जो देखते ही बनती है।
यह मन्दिर तमिल लोगों का एक अति महत्वपूर्ण द्योतक है, एवं इसका वर्णन तमिल साहित्य में पुरातन काल से ही होता रहा है