लेकिन भारत में यह ज्ञान बहुत प्राचीन समय से था जिसके प्रमाण भी मिलते है! इसी ज्ञान के आधार पर आगे चलकर आर्यभट्ट ने सन 500 के आस पास इस गोल पृथ्वी का व्यास 4967 योजन हैं! (अर्थात नए मापदंडों के अनुसार 39668 किलोमीटर हैं) यह भी दृढतापूर्वक बताया। आज की अत्याधुनिक तकनीकी की सहायता से पृथ्वी का व्यास 40068 किलोमीटर माना गया है। इसका अर्थ यह हुआ की आर्यभट्ट के आकलन में मात्र 0.26% का अंतर आ रहा है जो निगलेक्लट किया जा सकता है।
लगभग डेढ़ हजार वर्ष पहले आर्यभट्ट के पास यह ज्ञान कहां से आया?
सन 2008 में जर्मनी के विख्यात इतिहासविद जोसेफ श्वार्ट्सबर्ग ने यह साबित कर दिया था कि ईसा पूर्व दो-ढाई हजार वर्ष भारत में नक्शाशास्त्र अत्यंत विकसित था।
नगर रचना के नक्शे उस समय उपलब्ध तो थे ही परन्तु नौकायन के लिए आवश्यक नक़्शे भी उपलब्ध थे! भारत में नौकायन शास्त्र प्राचीन काल से विकसित था। संपूर्ण दक्षिण एशिया में जिस प्रकार से हिन्दू संस्कृति के चिन्ह पग पग पर दिखते हैं उससे यह ज्ञात होता है की भारत के जहाज पूर्व दिशा में जावा,सुमात्रा, यवनद्वीप को पार कर के जापान तक प्रवास कर के आते थे। सन 1955 में गुजरात के ‘लोथल’ में ढाई हजार वर्ष पूर्व के अवशेष मिले हैं! इसमें भारत के प्रगत नौकायन के अनेक प्रमाण मिलते हैं। सोमनाथ मंदिर के निर्माण काल में दक्षिण धृव तक दिशादर्शन उस समय के भारतीयों को था यह निश्चित है।
लेकिन सबसे महत्वपूर्व प्रश्न सामने आता है की दक्षिण ध्रुव तक सीधी रेखा में समुद्र में कोई अवरोध नहीं है! ऐसा बाद में खोज निकाला या दक्षिण ध्रुव से भारत के पश्चिम तट पर बिना अवरोध के सीधी रेखा जहां मिलती हैं वहां पहला ज्योतिर्लिंग स्थापित किया?
लगभग डेढ़ हजार वर्ष पहले आर्यभट्ट के पास यह ज्ञान कहां से आया?
सन 2008 में जर्मनी के विख्यात इतिहासविद जोसेफ श्वार्ट्सबर्ग ने यह साबित कर दिया था कि ईसा पूर्व दो-ढाई हजार वर्ष भारत में नक्शाशास्त्र अत्यंत विकसित था।
नगर रचना के नक्शे उस समय उपलब्ध तो थे ही परन्तु नौकायन के लिए आवश्यक नक़्शे भी उपलब्ध थे! भारत में नौकायन शास्त्र प्राचीन काल से विकसित था। संपूर्ण दक्षिण एशिया में जिस प्रकार से हिन्दू संस्कृति के चिन्ह पग पग पर दिखते हैं उससे यह ज्ञात होता है की भारत के जहाज पूर्व दिशा में जावा,सुमात्रा, यवनद्वीप को पार कर के जापान तक प्रवास कर के आते थे। सन 1955 में गुजरात के ‘लोथल’ में ढाई हजार वर्ष पूर्व के अवशेष मिले हैं! इसमें भारत के प्रगत नौकायन के अनेक प्रमाण मिलते हैं। सोमनाथ मंदिर के निर्माण काल में दक्षिण धृव तक दिशादर्शन उस समय के भारतीयों को था यह निश्चित है।
लेकिन सबसे महत्वपूर्व प्रश्न सामने आता है की दक्षिण ध्रुव तक सीधी रेखा में समुद्र में कोई अवरोध नहीं है! ऐसा बाद में खोज निकाला या दक्षिण ध्रुव से भारत के पश्चिम तट पर बिना अवरोध के सीधी रेखा जहां मिलती हैं वहां पहला ज्योतिर्लिंग स्थापित किया?
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माँ सिहांसनी भवानी मंदिर थावें, बिहार
नवरात्रि विशेष 🌸🚩🙏🏻
नवरात्रि विशेष 🌸🚩🙏🏻
🖕 At Tirumala, in connection with Brahmotsva,
A special puja is celebrated annually at the top of the hills.
it is a wonderful, thrilling, experience to see even on video,
can’t imagine how it will be to see in person...
*GOVINDA.. GOVINDA*..
A special puja is celebrated annually at the top of the hills.
it is a wonderful, thrilling, experience to see even on video,
can’t imagine how it will be to see in person...
*GOVINDA.. GOVINDA*..
तिरुमाला में, ब्रह्मोत्सव के संबंध में,
पहाड़ियों की चोटी पर प्रतिवर्ष एक विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है।
यह एक अद्भुत, रोमांचकारी, वीडियो पर भी देखने का अनुभव है,
आप कल्पना नहीं कर सकते कि व्यक्तिगत रूप से देखना कैसा होगा ...
*गोविंदा..गोविंदा*..
Video👆🏻👇🏻
पहाड़ियों की चोटी पर प्रतिवर्ष एक विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है।
यह एक अद्भुत, रोमांचकारी, वीडियो पर भी देखने का अनुभव है,
आप कल्पना नहीं कर सकते कि व्यक्तिगत रूप से देखना कैसा होगा ...
*गोविंदा..गोविंदा*..
Video👆🏻👇🏻
VID-20211010-WA0067.mp4
15.4 MB
Video from जैकी मनवानी
बरसों लग गये इस परिवर्तन को लाने में,,,,
वरना सदियों से तो केवल क्रिसमस ट्री और संता क्लाज ही नजर आते थे।
संघे शक्ति युगे युगे🙏
नोएडा मॉल 🥀
वरना सदियों से तो केवल क्रिसमस ट्री और संता क्लाज ही नजर आते थे।
संघे शक्ति युगे युगे🙏
नोएडा मॉल 🥀
*👆🏻🙏🏻🚩🙏🏻👇🏻*
*श्रीनगर स्थित फतेह कदल के पास वितस्ता के किनारे प्रसिद्ध रघुनाथ मन्दिर का स्वरूप बदल रहा है केंद्र सरकार और मनोज सिन्हा जी के प्रयासों से कश्मीर की विरासत के संरक्षण-जीर्णोद्धार का कार्य किया जा रहा है।*
*🚩कम से कम अब ऋषि कश्यप, राजा ललितादित्य, राजा अवंतिवर्मन की इस धरती का खोया हुआ स्वरूप वापस मिलेगा, पुनः वैदिक मंत्रो एवं घंटीयों की गूंज होगी और सनातन संस्कृति की पुनः स्थापना की दिशा में एक कदम आगे बढ़ेगा।*
*श्रीनगर स्थित फतेह कदल के पास वितस्ता के किनारे प्रसिद्ध रघुनाथ मन्दिर का स्वरूप बदल रहा है केंद्र सरकार और मनोज सिन्हा जी के प्रयासों से कश्मीर की विरासत के संरक्षण-जीर्णोद्धार का कार्य किया जा रहा है।*
*🚩कम से कम अब ऋषि कश्यप, राजा ललितादित्य, राजा अवंतिवर्मन की इस धरती का खोया हुआ स्वरूप वापस मिलेगा, पुनः वैदिक मंत्रो एवं घंटीयों की गूंज होगी और सनातन संस्कृति की पुनः स्थापना की दिशा में एक कदम आगे बढ़ेगा।*
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ 🚩
वर्ष 1925 के विजयादशमी के पुण्य तिथि पर नागपुर नगरी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की गई थी.
वर्तमान में विश्व के इस सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन संघ की स्थापना प्रखर राष्ट्रवादी एवं माँ भारती के सपूत डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी ने की थी.
संघ सदस्यता की कोई औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, कोई भी व्यक्ति नजदीक की संघ शाखा में जाकर संघ में सम्मिलित हो सकता है.
भारत में शहर और गाँव मिलाकर 50,000 स्थानों पर संघ की नियमित शाखाएं लगती है.
संघ के सदस्य को स्वयंसेवक कहा जाता है. ज्ञान, बलिदान, हिंदु संस्कृति एवं संन्यास के प्रतीक भगवा ध्वज को संघ द्वारा गुरु के रूप में प्रतिष्ठित किया गया है.
मेरी संस्कृति ..मेरा देश ..मेरा अभिमान 🚩
वर्ष 1925 के विजयादशमी के पुण्य तिथि पर नागपुर नगरी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की गई थी.
वर्तमान में विश्व के इस सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन संघ की स्थापना प्रखर राष्ट्रवादी एवं माँ भारती के सपूत डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी ने की थी.
संघ सदस्यता की कोई औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, कोई भी व्यक्ति नजदीक की संघ शाखा में जाकर संघ में सम्मिलित हो सकता है.
भारत में शहर और गाँव मिलाकर 50,000 स्थानों पर संघ की नियमित शाखाएं लगती है.
संघ के सदस्य को स्वयंसेवक कहा जाता है. ज्ञान, बलिदान, हिंदु संस्कृति एवं संन्यास के प्रतीक भगवा ध्वज को संघ द्वारा गुरु के रूप में प्रतिष्ठित किया गया है.
मेरी संस्कृति ..मेरा देश ..मेरा अभिमान 🚩
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आदिमाया एकवीरा माता मंदिर, महाराष्ट्र 🛕
मेरी संस्कृति ..मेरा देश ..मेरा अभिमान 🚩
मेरी संस्कृति ..मेरा देश ..मेरा अभिमान 🚩
जिसे वे पौराणिक कथा कहते हैं, वह वास्तव में हमारा इतिहास है।
इस मूर्ति को ध्यान से देखिए जहाँ दिखेंगी आपको पत्थर में उकेरी गई हमारी वास्तविक इतिहास की पुस्तकें..
भीष्म पितामह अपनी मृत्युशय्या पर (तीरों के बिस्तर पर) चेन्नाकेशव मंदिर, बेलूर।
ध्यान से तीरों का बिस्तर देखिए।
कर्नाटक राज्य के हासन जिले में 12वीं सदी का हिंदू मंदिर है 🙏वंदेमातरम 🙏 जय श्री राम 🙏 🙏जय श्री कृष्ण 🙏🙏
इस मूर्ति को ध्यान से देखिए जहाँ दिखेंगी आपको पत्थर में उकेरी गई हमारी वास्तविक इतिहास की पुस्तकें..
भीष्म पितामह अपनी मृत्युशय्या पर (तीरों के बिस्तर पर) चेन्नाकेशव मंदिर, बेलूर।
ध्यान से तीरों का बिस्तर देखिए।
कर्नाटक राज्य के हासन जिले में 12वीं सदी का हिंदू मंदिर है 🙏वंदेमातरम 🙏 जय श्री राम 🙏 🙏जय श्री कृष्ण 🙏🙏
🏵️ *श्री रामायण, काव्य ग्रंथों के रचीयता श्री महर्षि वाल्मीकि जी की जयंती पर हार्दिक बधाई* 🏵️🙏🙏🙏🚩🚩
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पर्वतामलाई मल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर, तिरुवन्नामलाई
मेरी संस्कृति ..मेरा देश ..मेरा अभिमान 🚩
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स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, गुजरात
मेरी संस्कृति ..मेरा देश ..मेरा अभिमान 🚩
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Forwarded from सनातन संस्कृत के वीडियो
महाकाल की नगरी का ऐसा व्रतांत पहले कभी नही सुना होगा
वीडियो👆🏻👇🏻
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