UPSC #Exam और #Service के बारे में महत्वपूर्ण #जानकारी ।
#CivilServiceAspirants_ ✍️....
Civil Service में कुल मिलाकर 24 सर्विसेज होती हैं, जिनके लिए कैंडिडेट्स का सिलेक्शन किया जाता है, ये दो कैटेगरीज़ में बंटी होती हैं।
#ऑल_इंडिया_सर्विसेज
#सेंट्रल_सर्विसेज
इसमें जो ऑल इंडिया सर्विसेज हैं वो IAS (इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेज) और IPS (इंडियन पुलिस सर्विसेज) हैं, इनमें जो लोग चुने जाते हैं, उनको राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का कैडर दिया जाता है।
सेंट्रल सर्विसेज में #ग्रुप_ए और #ग्रुप_बी सर्विसेज होती हैं।
#ग्रुप_ए सर्विसेज में इंडियन फॉरेन सर्विस, इंडियन सिविल एकाउंट्स सर्विस, इंडियन रेवेन्यू सर्विस (इनकम टैक्स वाली पोस्ट्स), इंडियन रेलवे सर्विस (IRTS और IRPS) और इंडियन इनफार्मेशन सर्विस (IIS) जैसी सर्विसेज आती हैं_ ।
#ग्रुप_बी में आर्म्ड फोर्सेज हेडक्वार्टर्स सिविल सर्विस, पांडिचेरी सिविल सर्विस, दिल्ली एंड अंडमान निकोबार आइलैंड सिविल और पुलिस सर्विस जैसी सर्विस आती हैं।
#UPSC_Exam (CSE) के प्रारूप क्या है इन्हें समझिये।
UPSC Exam (CSE) तीन चरणों में पूर्ण होता है।
1⏩ #प्रारंभिक_परीक्षा (Pre. Exam)
2⏩ #मुख्य_परीक्षा (Mains Exam)
3⏩ #साक्षात्कार (Interview)
UPSC (CSE) के उम्मीदवार की अंतिम मेरिट रैंक Mains Exam के केवल 7 papers और Interview के अंक के कुल अंको पर निर्भर करती है।
.
1⏩ #प्रारंभिक_परीक्षा (Pre. Exam)- यह परीक्षा केवल Mains Exam में प्रवेश करने के लिए होती है अर्थात इसके अंक अंतिम मेरिट रैंक में नहीं जोड़े जाते हैं। इस परीक्षा में प्रश्न बहुविकल्पीय, वस्तुनिष्ठ (Objective) प्रकार के होते हैं। इस परीक्षा में दो अनिवार्य papers होते हैं। प्रत्येक paper 200 अंको का होता है।
Gs 1st और Gs 2nd (CSAT)
Gs 2nd जिसे CSAT भी कहते हैं, के अंक प्रारंभिक परीक्षा के पूर्णांक में नहीं जोड़े जाते हैं। ये केवल qualify paper होता है जिसमें 33% अंक लाने की जरूरत होती है।
यदि उम्मीदवार Gs 1st के अंकों के आधार पर उस वर्ष के कट-ऑफ मार्क्स को पार कर लेता है तो उसका Selection UPSC (CSE) के Mains Exam के लिए हो जाता है बशर्ते उसके Gs 2nd paper में 33% अंक हो।
Pre. paper 1st का syllabus-
अंक- 200
1. राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वर्तमान घटनाएँ (current affairs)
2. भारत का इतिहास और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन
3. भारतीय एवं विश्व का भूगोल – भारत और विश्व का प्राकृतिक, सामाजिक, आर्थिक भूगोल
4. भारतीय राजनीति और शासन – संविधान, राजनीतिक प्रणाली, पंचायती राज, सार्वजनिक नीति, अधिकारों संबंधी मुद्दे आदि
5. आर्थिक और सामाजिक विकास- सतत विकास, गरीबी समावेशन, जनसांख्यिकी, सामाजिक क्षेत्र में की गयी पहलें आदि
6. पर्यावरण पारिस्थितिकी, जैव विविधता और मौसम परिवर्तन से संबंधित सामान्य मुद्दे आदि
7. सामान्य विज्ञान
Pre. paper 2nd का syllabus-
अंक- 200
(यह एक क्वालीफाइंग पेपर होता है जिसमें 33% अंक यानि 66 अंक की जरूरत है)
1. बोधगम्यता
2. संचार कौशल और वैयक्तिक कौशल
3. तार्किक कौशल और विश्लेषणात्मक क्षमता
4. निर्णय लेना एवं समस्या समाधान
5. Math (10th standard)
6. English (10th standard)
7. सामान्य मानसिक योग्यता
.
2⏩ #मुख्य_परीक्षा (Mains Exam)- इस परीक्षा में कुल 9 papers होते हैं। लेकिन उनमें से केवल 7 papers के अंक अंतिम मेरिट रैंकिंग के लिए जोड़े जाते हैं। बाकी के 2 papers सिर्फ क्वालीफाइंग होते हैं।
क्वालीफाइंग पेपर्स- पेपर अ और पेपर ब
पेपर- अ- भारतीय भाषा
भारतीय भाषाओं में से एक भाषा, जो संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल है, उसे उम्मीदवार द्वारा चयनित किया जाता है। यह प्रश्नपत्र अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड और सिक्किम के रहने वाले उम्मीदवारों के लिए अनिवार्य नहीं होता है। यह पेपर 300 अंक का होता है इस पेपर में क्वालीफाइंग अंक 30% होते हैं।
1. बोधगम्यता
2. संक्षिप्त लेखन
3. संक्षिप्त लेख
4. शब्द प्रयोग व शब्द भंडार
5. अंग्रेजी से भारतीय भाषा में तथा भारतीय भाषा से अंग्रेजी में अनुवाद करना
पेपर- ब- English
यह पेपर 300 अंक का होता है। इस पेपर में क्वालीफाइंग अंक 25% होते हैं।
1. Comprehension of given passages
2. Precis Writing
3. Short Essay
4. Usage and Vocabulary
मेरिट रैंकिंग वाले 7 papers
1. निबंध- 250 अंक
2. GS 1st (भारतीय विरासत और संस्कृति, समाज, विश्व का इतिहास और विश्व का भूगोल)- 250 अंक
3. GS 2nd –(शासन व्यवस्था, राजनीति, संविधान, सामाजिक न्याय और अंतरराष्ट्रीय संबंध)- 250 अंक
4. GS 3rd (प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन)- 250 अंक
5. GS 4th (नीतिशास्त्र, सत्यनिष्ठा और एप्टीट्यूड)- 250 अंक
6. Optional subject- paper 1st- 250अंक
7. Optional subject- paper 2nd-
#CivilServiceAspirants_ ✍️....
Civil Service में कुल मिलाकर 24 सर्विसेज होती हैं, जिनके लिए कैंडिडेट्स का सिलेक्शन किया जाता है, ये दो कैटेगरीज़ में बंटी होती हैं।
#ऑल_इंडिया_सर्विसेज
#सेंट्रल_सर्विसेज
इसमें जो ऑल इंडिया सर्विसेज हैं वो IAS (इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेज) और IPS (इंडियन पुलिस सर्विसेज) हैं, इनमें जो लोग चुने जाते हैं, उनको राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का कैडर दिया जाता है।
सेंट्रल सर्विसेज में #ग्रुप_ए और #ग्रुप_बी सर्विसेज होती हैं।
#ग्रुप_ए सर्विसेज में इंडियन फॉरेन सर्विस, इंडियन सिविल एकाउंट्स सर्विस, इंडियन रेवेन्यू सर्विस (इनकम टैक्स वाली पोस्ट्स), इंडियन रेलवे सर्विस (IRTS और IRPS) और इंडियन इनफार्मेशन सर्विस (IIS) जैसी सर्विसेज आती हैं_ ।
#ग्रुप_बी में आर्म्ड फोर्सेज हेडक्वार्टर्स सिविल सर्विस, पांडिचेरी सिविल सर्विस, दिल्ली एंड अंडमान निकोबार आइलैंड सिविल और पुलिस सर्विस जैसी सर्विस आती हैं।
#UPSC_Exam (CSE) के प्रारूप क्या है इन्हें समझिये।
UPSC Exam (CSE) तीन चरणों में पूर्ण होता है।
1⏩ #प्रारंभिक_परीक्षा (Pre. Exam)
2⏩ #मुख्य_परीक्षा (Mains Exam)
3⏩ #साक्षात्कार (Interview)
UPSC (CSE) के उम्मीदवार की अंतिम मेरिट रैंक Mains Exam के केवल 7 papers और Interview के अंक के कुल अंको पर निर्भर करती है।
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1⏩ #प्रारंभिक_परीक्षा (Pre. Exam)- यह परीक्षा केवल Mains Exam में प्रवेश करने के लिए होती है अर्थात इसके अंक अंतिम मेरिट रैंक में नहीं जोड़े जाते हैं। इस परीक्षा में प्रश्न बहुविकल्पीय, वस्तुनिष्ठ (Objective) प्रकार के होते हैं। इस परीक्षा में दो अनिवार्य papers होते हैं। प्रत्येक paper 200 अंको का होता है।
Gs 1st और Gs 2nd (CSAT)
Gs 2nd जिसे CSAT भी कहते हैं, के अंक प्रारंभिक परीक्षा के पूर्णांक में नहीं जोड़े जाते हैं। ये केवल qualify paper होता है जिसमें 33% अंक लाने की जरूरत होती है।
यदि उम्मीदवार Gs 1st के अंकों के आधार पर उस वर्ष के कट-ऑफ मार्क्स को पार कर लेता है तो उसका Selection UPSC (CSE) के Mains Exam के लिए हो जाता है बशर्ते उसके Gs 2nd paper में 33% अंक हो।
Pre. paper 1st का syllabus-
अंक- 200
1. राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वर्तमान घटनाएँ (current affairs)
2. भारत का इतिहास और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन
3. भारतीय एवं विश्व का भूगोल – भारत और विश्व का प्राकृतिक, सामाजिक, आर्थिक भूगोल
4. भारतीय राजनीति और शासन – संविधान, राजनीतिक प्रणाली, पंचायती राज, सार्वजनिक नीति, अधिकारों संबंधी मुद्दे आदि
5. आर्थिक और सामाजिक विकास- सतत विकास, गरीबी समावेशन, जनसांख्यिकी, सामाजिक क्षेत्र में की गयी पहलें आदि
6. पर्यावरण पारिस्थितिकी, जैव विविधता और मौसम परिवर्तन से संबंधित सामान्य मुद्दे आदि
7. सामान्य विज्ञान
Pre. paper 2nd का syllabus-
अंक- 200
(यह एक क्वालीफाइंग पेपर होता है जिसमें 33% अंक यानि 66 अंक की जरूरत है)
1. बोधगम्यता
2. संचार कौशल और वैयक्तिक कौशल
3. तार्किक कौशल और विश्लेषणात्मक क्षमता
4. निर्णय लेना एवं समस्या समाधान
5. Math (10th standard)
6. English (10th standard)
7. सामान्य मानसिक योग्यता
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2⏩ #मुख्य_परीक्षा (Mains Exam)- इस परीक्षा में कुल 9 papers होते हैं। लेकिन उनमें से केवल 7 papers के अंक अंतिम मेरिट रैंकिंग के लिए जोड़े जाते हैं। बाकी के 2 papers सिर्फ क्वालीफाइंग होते हैं।
क्वालीफाइंग पेपर्स- पेपर अ और पेपर ब
पेपर- अ- भारतीय भाषा
भारतीय भाषाओं में से एक भाषा, जो संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल है, उसे उम्मीदवार द्वारा चयनित किया जाता है। यह प्रश्नपत्र अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड और सिक्किम के रहने वाले उम्मीदवारों के लिए अनिवार्य नहीं होता है। यह पेपर 300 अंक का होता है इस पेपर में क्वालीफाइंग अंक 30% होते हैं।
1. बोधगम्यता
2. संक्षिप्त लेखन
3. संक्षिप्त लेख
4. शब्द प्रयोग व शब्द भंडार
5. अंग्रेजी से भारतीय भाषा में तथा भारतीय भाषा से अंग्रेजी में अनुवाद करना
पेपर- ब- English
यह पेपर 300 अंक का होता है। इस पेपर में क्वालीफाइंग अंक 25% होते हैं।
1. Comprehension of given passages
2. Precis Writing
3. Short Essay
4. Usage and Vocabulary
मेरिट रैंकिंग वाले 7 papers
1. निबंध- 250 अंक
2. GS 1st (भारतीय विरासत और संस्कृति, समाज, विश्व का इतिहास और विश्व का भूगोल)- 250 अंक
3. GS 2nd –(शासन व्यवस्था, राजनीति, संविधान, सामाजिक न्याय और अंतरराष्ट्रीय संबंध)- 250 अंक
4. GS 3rd (प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन)- 250 अंक
5. GS 4th (नीतिशास्त्र, सत्यनिष्ठा और एप्टीट्यूड)- 250 अंक
6. Optional subject- paper 1st- 250अंक
7. Optional subject- paper 2nd-
250 अंक
आप इनमें से किसी एक subject का optional subject के रूप में चयन कर सकते हैं 👇
Agriculture
Animal Husbandry and Veterinary
Anthropology
Botany
Chemistry
Civil Engineering
Commerce and Accountancy
Economics
Electrical Engineering
Geography
Geology
History
Law
Management
Mathematics
Mechanical Engineering
Medical Science
Philosophy
Physics
Political Science and International Relations
Psychology
Public Administration
Sociology
Statistics
Zoology
Literature of any one of the following languages: Assamese, Bengali, Bodo, Dogri, Gujarati, Hindi, Kannada, Kashmiri, Konkani, Maithili, Malayalam, Manipuri, Marathi, Nepali, Oriya, Punjabi, Sanskrit, Santali, Sindhi, Tamil, Telugu, Urdu and English.
.
3⏩ #साक्षात्कार (Interview)- 275 अंक
कुल योग= 2025 अंक
( लिखित परीक्षा 1750 अंक + साक्षात्कार 275 अंक) ॥
अब #Rank तय कैसे होता है? जानें 👇
Rank तय होना सबसे पहले तो वैकेंसी पर निर्भर करता है, कि उस साल कितनी वैकेंसीज़ निकली हैं किसी पोस्ट के लिए और अलग-अलग कैटेगरी(sc, st,obc,ews) में लोगों ने कौन-सा ऑप्शन चुना है, जो भी व्यक्ति एग्जाम देता है, वो पहले ही अपनी प्रेफरेंस क्लियर कर देता है, mains exam के फॉर्म भरते समय, कि उसकी पहली प्रेफरेंस IAS है, IFS है, या IPS है फिर मेरिट लिस्ट निकलती है, उस हिसाब से जिनके सबसे ज्यादा नंबर आते हैं, वो IAS, IFS बनते हैं, अगर उनकी प्रेफरेंस यही हो तो उसके बाद धीरे-धीरे घटते हुए मार्क्स के साथ आगे की पोस्ट भी मिलती जाती है।
लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि मान लीजिए अगर 100 पोस्ट्स की वैकेंसी है, और उसमें IAS के लिए 30 रिक्तियां हैं, तो टॉप के 30 लोगों को ही IAS मिलेगा. ये भी हो सकता है कि उन टॉप 30 लोगों में से किसी की प्रेफरेंस कुछ और हो. जैसे IPS या IRS. तो ऐसे मेरिट में थोड़ा पीछे रहे लोग अगर अपना प्रेफरेंस IAS रखते हैं तो उन्हें पोस्ट मिल सकती है. इस तरह थोड़ी पीछे के रैंक वाले लोग भी ये ऊपर की सर्विसेज पा सकते हैं। किसी वर्ष का रिज़ल्ट देखें तो समझना आसान हो जाऐगा कितनी rank में कौन सी पोस्ट मिली है।
आप इनमें से किसी एक subject का optional subject के रूप में चयन कर सकते हैं 👇
Agriculture
Animal Husbandry and Veterinary
Anthropology
Botany
Chemistry
Civil Engineering
Commerce and Accountancy
Economics
Electrical Engineering
Geography
Geology
History
Law
Management
Mathematics
Mechanical Engineering
Medical Science
Philosophy
Physics
Political Science and International Relations
Psychology
Public Administration
Sociology
Statistics
Zoology
Literature of any one of the following languages: Assamese, Bengali, Bodo, Dogri, Gujarati, Hindi, Kannada, Kashmiri, Konkani, Maithili, Malayalam, Manipuri, Marathi, Nepali, Oriya, Punjabi, Sanskrit, Santali, Sindhi, Tamil, Telugu, Urdu and English.
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3⏩ #साक्षात्कार (Interview)- 275 अंक
कुल योग= 2025 अंक
( लिखित परीक्षा 1750 अंक + साक्षात्कार 275 अंक) ॥
अब #Rank तय कैसे होता है? जानें 👇
Rank तय होना सबसे पहले तो वैकेंसी पर निर्भर करता है, कि उस साल कितनी वैकेंसीज़ निकली हैं किसी पोस्ट के लिए और अलग-अलग कैटेगरी(sc, st,obc,ews) में लोगों ने कौन-सा ऑप्शन चुना है, जो भी व्यक्ति एग्जाम देता है, वो पहले ही अपनी प्रेफरेंस क्लियर कर देता है, mains exam के फॉर्म भरते समय, कि उसकी पहली प्रेफरेंस IAS है, IFS है, या IPS है फिर मेरिट लिस्ट निकलती है, उस हिसाब से जिनके सबसे ज्यादा नंबर आते हैं, वो IAS, IFS बनते हैं, अगर उनकी प्रेफरेंस यही हो तो उसके बाद धीरे-धीरे घटते हुए मार्क्स के साथ आगे की पोस्ट भी मिलती जाती है।
लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि मान लीजिए अगर 100 पोस्ट्स की वैकेंसी है, और उसमें IAS के लिए 30 रिक्तियां हैं, तो टॉप के 30 लोगों को ही IAS मिलेगा. ये भी हो सकता है कि उन टॉप 30 लोगों में से किसी की प्रेफरेंस कुछ और हो. जैसे IPS या IRS. तो ऐसे मेरिट में थोड़ा पीछे रहे लोग अगर अपना प्रेफरेंस IAS रखते हैं तो उन्हें पोस्ट मिल सकती है. इस तरह थोड़ी पीछे के रैंक वाले लोग भी ये ऊपर की सर्विसेज पा सकते हैं। किसी वर्ष का रिज़ल्ट देखें तो समझना आसान हो जाऐगा कितनी rank में कौन सी पोस्ट मिली है।
IAS/PCS अधिकारी होना निश्चित ही क़ाबिलियत व मेहनत का परिणाम होता है। किन्तु, कभी-कभी इसमें अदृश्य तत्वों की भी भूमिका होती है। कुछ लोग इनमें से एक को भाग्य भी कहते हैं।
यह बात बहुत लोग कहते हैं कि ‘फलॉं’ ने बड़ी मेहनत की तब जाकर वह इस मुक़ाम पर पहुँचा है।इसका यह मतलब नहीं कि जो असफल हुआ उसने कम मेहनत की। किन्तु समाज निर्मम तो होता ही है।इसलिये इन सभी बातों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। बर्नाड शॉ कहा करते थे कि ‘Success covers a multitude of blunders’ अर्थात् सफलता में कई उल्टी-पल्टी चीजों का योगदान होता है। ब्रिटेन के एक सफल प्रधानमंत्री जॉन मेजर केवल मैट्रिकुलेट थे; वह सिटिज़न चार्टर के जनक हैं(1991 में यह कॉंसेप्ट दिया था)। के. कामराज कक्षा 6 तक पढ़े थे; वह मध्याह्न भोजन कॉनसेप्ट के जनक हैं। स्टीव जॉब्स इन्टरमीडिएट तक पढ़ाई किये थे; वह एपल कम्पनी के फाउण्डर हैं। 20वीं सदी के महान शक्सियत आइंस्टाइन तीन बार डिप्लोमा की प्रवेश परीक्षा में गणित में फेल हो गये, जबकि उन्हें गणित व फ़िज़िक्स में ही अबतक का सबसे जीनियस व्यक्ति माना जाता है।
अत: किसी एक फिल्ड में असफलता बुरे भाग्य के कारण भी मिल सकती है, किन्तु व्यक्ति को इससे आगे की सोचना चाहिए। सम्भव है ऊपर वाले ने उसके लिये कोई और मुक़ाम तय कर रखा हो।
एक सीनियर भैया जी ने बताया की उनसे एक इंटरव्यूअर ने पूछा कि आप इस सेवा में क्यों आना चाहते हैं, तो उनका जवाब था कि ‘मेरे नाना जी DM का बहुत बखान करते थे, उन्हीं से इस सेवा में आने की प्रेरणा मिली’; फिर इंटरव्यूअर ने तपाक से पूछा कि मान लो आप DM नहीं बन पाये तो, इस पर उनका जवाब था कि फिर ‘PM बनने का प्रयास करूँगा।’ उनके केवल एक इस सकारात्मक जवाब से पूरा पैनल गदगद हो गया। साक्षात्कार में बहुत अच्छे अंक मिले। वह आज एक बहुत बड़े पद पर विराजमान हैं।
कल UP PCS का रिज़ल्ट घोषित हुआ है, कई बच्चे सफल नहीं हुये हैं। कोई बात नहीं। आगे उनको सकारात्मक सोच के साथ पुनः रणभूमि में उतरने की ज़रूरत है। यह एक क्रिकेट मैच की तरह है जिसमें कभी शून्य पर आउट होने वाले तेंदुलकर अगले मैच में शतक बनाते हैं।
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यह बात बहुत लोग कहते हैं कि ‘फलॉं’ ने बड़ी मेहनत की तब जाकर वह इस मुक़ाम पर पहुँचा है।इसका यह मतलब नहीं कि जो असफल हुआ उसने कम मेहनत की। किन्तु समाज निर्मम तो होता ही है।इसलिये इन सभी बातों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। बर्नाड शॉ कहा करते थे कि ‘Success covers a multitude of blunders’ अर्थात् सफलता में कई उल्टी-पल्टी चीजों का योगदान होता है। ब्रिटेन के एक सफल प्रधानमंत्री जॉन मेजर केवल मैट्रिकुलेट थे; वह सिटिज़न चार्टर के जनक हैं(1991 में यह कॉंसेप्ट दिया था)। के. कामराज कक्षा 6 तक पढ़े थे; वह मध्याह्न भोजन कॉनसेप्ट के जनक हैं। स्टीव जॉब्स इन्टरमीडिएट तक पढ़ाई किये थे; वह एपल कम्पनी के फाउण्डर हैं। 20वीं सदी के महान शक्सियत आइंस्टाइन तीन बार डिप्लोमा की प्रवेश परीक्षा में गणित में फेल हो गये, जबकि उन्हें गणित व फ़िज़िक्स में ही अबतक का सबसे जीनियस व्यक्ति माना जाता है।
अत: किसी एक फिल्ड में असफलता बुरे भाग्य के कारण भी मिल सकती है, किन्तु व्यक्ति को इससे आगे की सोचना चाहिए। सम्भव है ऊपर वाले ने उसके लिये कोई और मुक़ाम तय कर रखा हो।
एक सीनियर भैया जी ने बताया की उनसे एक इंटरव्यूअर ने पूछा कि आप इस सेवा में क्यों आना चाहते हैं, तो उनका जवाब था कि ‘मेरे नाना जी DM का बहुत बखान करते थे, उन्हीं से इस सेवा में आने की प्रेरणा मिली’; फिर इंटरव्यूअर ने तपाक से पूछा कि मान लो आप DM नहीं बन पाये तो, इस पर उनका जवाब था कि फिर ‘PM बनने का प्रयास करूँगा।’ उनके केवल एक इस सकारात्मक जवाब से पूरा पैनल गदगद हो गया। साक्षात्कार में बहुत अच्छे अंक मिले। वह आज एक बहुत बड़े पद पर विराजमान हैं।
कल UP PCS का रिज़ल्ट घोषित हुआ है, कई बच्चे सफल नहीं हुये हैं। कोई बात नहीं। आगे उनको सकारात्मक सोच के साथ पुनः रणभूमि में उतरने की ज़रूरत है। यह एक क्रिकेट मैच की तरह है जिसमें कभी शून्य पर आउट होने वाले तेंदुलकर अगले मैच में शतक बनाते हैं।
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