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Happy Navaratri ❤️ may god bless all of us 🧿🙏
Jai Mata Di💙
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❤6
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स्त्रियों का तन ब्याहने के बाद भी,
स्त्रियों का मन कुंवारा रह गया...!!
वो सबकी होकर भी
अपने हिस्से के प्रेम को तरसती रही,
देह से रिश्ते निभाती रही,
मन से ख़ुद को तलाशती रही ।।
सबने उसकी ख़ामोशी को सहमति,
उसके त्याग को प्रेम समझ लिया,
किसी ने उसके मन को छूने से पहले
उसकी देह को अपना कह लिया ।।
वो किसी नए रिश्ते की तलबगार नहीं थी,
बस अपने ही रिश्ते में
थोड़ी-सी आत्मीयता चाहती थी ।।
कोई उसे पत्नी से पहले स्त्री समझता,
उसकी इच्छाओं को भी जगह देता,
उसके प्रेम को अधिकार नहीं,
उसकी अस्मिता का सम्मान देता।
वो प्रेम में मिटना नहीं,
प्रेम में अपना होना चाहती थी ।।
मगर उम्र भर रिश्ते निभाते-निभाते
एक ख़्वाहिश अधूरी रह गई...
तन किसी का हो गया,
मगर मन को मनचाहा प्रेम न मिला ।।
स्त्रियों का तन ब्याहने के बाद भी,
स्त्रियों का मन कुंवारा रह गया...!!
🖋️
❤3
पार्थ ! अभी से थक गए,
अभी तो तुम्हें वहांँ हंसना है, जहांँ तुम रोए हो....
❤️🌸
अभी तो तुम्हें वहांँ हंसना है, जहांँ तुम रोए हो....
❤️🌸
❤10
नादान परिंदे.....🕊️🕊️
जिस दिन मैं लिखूंगा भीड़ को भ्रम लिखूँगा एकांत को सत्य लिखूँगा दोस्ती को फरेब लिखूँगा प्रेम को छल लिखूँगा रिश्तों को षड़यंत्र लिखूँगा फिर तोड़ दूँगा अपनी कलम और खुद को रिहा लिखूँगा...!! END 🔚 🥺🌚🙂 🌸❤️🤌🏻 🌷💫 🙌🏻💌🫴🏻
और जब मैं अंतिम बार लिखूंगा
ईश्वर को आशा लिखूंगा
नियति को भ्रम लिखूंगा
रिश्तो को कलंक लिखूंगा
प्रेम को करुणा लिखूंगा
जीवन को छल लिखूंगा
और मृत्यु को मोक्ष लिखूंगा
ईश्वर को आशा लिखूंगा
नियति को भ्रम लिखूंगा
रिश्तो को कलंक लिखूंगा
प्रेम को करुणा लिखूंगा
जीवन को छल लिखूंगा
और मृत्यु को मोक्ष लिखूंगा
💯7😇1
आज का ज्ञान
लड़का अगर सरकारी नौकरी
वाला हुआ,,,,
तो लड़की अपनी मां के साथ
सोती हुई भी बात कर सकती है...!!
✍🏻
❤6😁3🥰1👀1
सबको लगता है,
उसे सब संभालना आता है…!!
घर की परेशानियाँ,
रिश्तों की उलझनें,
माँ-बाप की उम्मीदें,
छोटों के सपने
वो सब कुछ चुपचाप संभाल लेता है...
लेकिन किसी ने कभी ये नहीं पूछा
कि...
"जो सबको संभालता है,
उसे कौन संभालता है...?"
किसी ने नहीं देखा
कि अपनी ही ख्वाहिशों को
वो कितनी बार मारकर सोया है…
कितनी बार जेब खाली थी,
फिर भी घरवालों के सामने
मुस्कुराया है ।।
कितनी बार दिल ने कहा
“बस अब और नहीं…”
लेकिन अगले ही पल
घर की ज़िम्मेदारियाँ सामने खड़ी थीं ।।
वो रोना चाहता था,
पर रो नहीं पाया…
वो हारना चाहता था,
पर हार नहीं पाया…
वो भी कभी किसी के कंधे पर
सिर रखकर कहना चाहता था
“मैं बहुत थक गया हूँ…!!”
मगर उसके हिस्से में
सिर्फ़ दूसरों को हिम्मत देना आया ।।
लोग उसकी मजबूती देखते रहे,
उसकी मजबूरी किसी ने नहीं देखी ।।
क्योंकि वो परिवार का
बड़ा बेटा जो है…
जिसे अपने लिए जीने से पहले
सबके लिए जीना सीखना पड़ता है..
और अक्सर अपनी पूरी ज़िंदगी
“मैं ठीक हूँ”
कहते-कहते गुज़ारनी पड़ती है ।। 🥀
उसे सब संभालना आता है…!!
घर की परेशानियाँ,
रिश्तों की उलझनें,
माँ-बाप की उम्मीदें,
छोटों के सपने
वो सब कुछ चुपचाप संभाल लेता है...
लेकिन किसी ने कभी ये नहीं पूछा
कि...
"जो सबको संभालता है,
उसे कौन संभालता है...?"
किसी ने नहीं देखा
कि अपनी ही ख्वाहिशों को
वो कितनी बार मारकर सोया है…
कितनी बार जेब खाली थी,
फिर भी घरवालों के सामने
मुस्कुराया है ।।
कितनी बार दिल ने कहा
“बस अब और नहीं…”
लेकिन अगले ही पल
घर की ज़िम्मेदारियाँ सामने खड़ी थीं ।।
वो रोना चाहता था,
पर रो नहीं पाया…
वो हारना चाहता था,
पर हार नहीं पाया…
वो भी कभी किसी के कंधे पर
सिर रखकर कहना चाहता था
“मैं बहुत थक गया हूँ…!!”
मगर उसके हिस्से में
सिर्फ़ दूसरों को हिम्मत देना आया ।।
लोग उसकी मजबूती देखते रहे,
उसकी मजबूरी किसी ने नहीं देखी ।।
क्योंकि वो परिवार का
बड़ा बेटा जो है…
जिसे अपने लिए जीने से पहले
सबके लिए जीना सीखना पड़ता है..
और अक्सर अपनी पूरी ज़िंदगी
“मैं ठीक हूँ”
कहते-कहते गुज़ारनी पड़ती है ।। 🥀
😢3😭1
कहने को तो सब साथ है
परंतु ये युद्ध तो स्वयं ही लड़ना होगा न माधव 🍁
परंतु ये युद्ध तो स्वयं ही लड़ना होगा न माधव 🍁
🙏7🔥4❤1👏1
जो टूटकर भी मुस्कुराना जानते हैं,
उन्हें हराना इस दुनिया के बस की बात नहीं.. ❤️🌸
उन्हें हराना इस दुनिया के बस की बात नहीं.. ❤️🌸
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