मैं रूठ जाना चाहती हूं सब से
मैं दूर जाना चाहती हूं सब से...!!
मैं रोना चाहती हूं सब से
मैं खो जाना चाहती हूं सब से...!!
मैं भाग जाना चाहती हूं कहीं पर
मैं छुप जाना चाहती हूं कहीं पर...!!
मैं यादों से दूर जाना चाहती हूं सब से
मैं मर जाना चाहती हूं कब से....!!
मैं दूर जाना चाहती हूं सब से...!!
मैं रोना चाहती हूं सब से
मैं खो जाना चाहती हूं सब से...!!
मैं भाग जाना चाहती हूं कहीं पर
मैं छुप जाना चाहती हूं कहीं पर...!!
मैं यादों से दूर जाना चाहती हूं सब से
मैं मर जाना चाहती हूं कब से....!!
बरबादी रांझे की हुई थी हीर की नहीं
मसला पैसे का था तकदीर का नहीं
इश्क हमने भी किया था एक रानी से
बस भूल गए थे
रानी राजा की होती है फकीर की नहीं...
🤝3
किसी से कोई उम्मीद लगना गलत है.....
खुद का सपना दूसरे पर थोपना उससे भी गलत है....🌚
पर.....
खुद का सपना दूसरे पर थोपना उससे भी गलत है....🌚
👏3💯2☃1
प्रेम को खोने के बाद आशिक़ सारा जहान भी पा ले फ़िर उस से खोये हुए प्रेमी नहीं मिलते....
जो हमारा ना था वो हम से खुद छिन जाए
खौफ तो इस बात का है कि कोई हम से बेहतर नशा ना मिल जाए
और अगर मिल भी जाए तो गिला क्या करें बस किसी मोहब्बत को नफरत का सिला ना मिले
खौफ तो इस बात का है कि कोई हम से बेहतर नशा ना मिल जाए
और अगर मिल भी जाए तो गिला क्या करें बस किसी मोहब्बत को नफरत का सिला ना मिले
"संस्कारी वो नहीं जो हर बात सह जाए...
संस्कारी वो है जो जवाब देते हुए भी मर्यादा न छोड़े"❤️
संस्कारी वो है जो जवाब देते हुए भी मर्यादा न छोड़े"❤️
❤4
दानव, दैत्य, असुर, राक्षस, पिशाच निशाचर, यातुधान, कौणप, क्रव्याद, दनुत्पन्न, दिति-पुत्र
सब मे ही तो हू 👿
☃2😈2👻1