पार्थ ! अभी से थक गए,
अभी तो तुम्हें वहांँ हंसना है, जहांँ तुम रोए हो....
❤️🌸
अभी तो तुम्हें वहांँ हंसना है, जहांँ तुम रोए हो....
❤️🌸
❤10
नादान परिंदे.....🕊️🕊️
जिस दिन मैं लिखूंगा भीड़ को भ्रम लिखूँगा एकांत को सत्य लिखूँगा दोस्ती को फरेब लिखूँगा प्रेम को छल लिखूँगा रिश्तों को षड़यंत्र लिखूँगा फिर तोड़ दूँगा अपनी कलम और खुद को रिहा लिखूँगा...!! END 🔚 🥺🌚🙂 🌸❤️🤌🏻 🌷💫 🙌🏻💌🫴🏻
और जब मैं अंतिम बार लिखूंगा
ईश्वर को आशा लिखूंगा
नियति को भ्रम लिखूंगा
रिश्तो को कलंक लिखूंगा
प्रेम को करुणा लिखूंगा
जीवन को छल लिखूंगा
और मृत्यु को मोक्ष लिखूंगा
ईश्वर को आशा लिखूंगा
नियति को भ्रम लिखूंगा
रिश्तो को कलंक लिखूंगा
प्रेम को करुणा लिखूंगा
जीवन को छल लिखूंगा
और मृत्यु को मोक्ष लिखूंगा
💯7❤1😇1
आज का ज्ञान
लड़का अगर सरकारी नौकरी
वाला हुआ,,,,
तो लड़की अपनी मां के साथ
सोती हुई भी बात कर सकती है...!!
✍🏻
❤6😁3👀2🥰1
सबको लगता है,
उसे सब संभालना आता है…!!
घर की परेशानियाँ,
रिश्तों की उलझनें,
माँ-बाप की उम्मीदें,
छोटों के सपने
वो सब कुछ चुपचाप संभाल लेता है...
लेकिन किसी ने कभी ये नहीं पूछा
कि...
"जो सबको संभालता है,
उसे कौन संभालता है...?"
किसी ने नहीं देखा
कि अपनी ही ख्वाहिशों को
वो कितनी बार मारकर सोया है…
कितनी बार जेब खाली थी,
फिर भी घरवालों के सामने
मुस्कुराया है ।।
कितनी बार दिल ने कहा
“बस अब और नहीं…”
लेकिन अगले ही पल
घर की ज़िम्मेदारियाँ सामने खड़ी थीं ।।
वो रोना चाहता था,
पर रो नहीं पाया…
वो हारना चाहता था,
पर हार नहीं पाया…
वो भी कभी किसी के कंधे पर
सिर रखकर कहना चाहता था
“मैं बहुत थक गया हूँ…!!”
मगर उसके हिस्से में
सिर्फ़ दूसरों को हिम्मत देना आया ।।
लोग उसकी मजबूती देखते रहे,
उसकी मजबूरी किसी ने नहीं देखी ।।
क्योंकि वो परिवार का
बड़ा बेटा जो है…
जिसे अपने लिए जीने से पहले
सबके लिए जीना सीखना पड़ता है..
और अक्सर अपनी पूरी ज़िंदगी
“मैं ठीक हूँ”
कहते-कहते गुज़ारनी पड़ती है ।। 🥀
उसे सब संभालना आता है…!!
घर की परेशानियाँ,
रिश्तों की उलझनें,
माँ-बाप की उम्मीदें,
छोटों के सपने
वो सब कुछ चुपचाप संभाल लेता है...
लेकिन किसी ने कभी ये नहीं पूछा
कि...
"जो सबको संभालता है,
उसे कौन संभालता है...?"
किसी ने नहीं देखा
कि अपनी ही ख्वाहिशों को
वो कितनी बार मारकर सोया है…
कितनी बार जेब खाली थी,
फिर भी घरवालों के सामने
मुस्कुराया है ।।
कितनी बार दिल ने कहा
“बस अब और नहीं…”
लेकिन अगले ही पल
घर की ज़िम्मेदारियाँ सामने खड़ी थीं ।।
वो रोना चाहता था,
पर रो नहीं पाया…
वो हारना चाहता था,
पर हार नहीं पाया…
वो भी कभी किसी के कंधे पर
सिर रखकर कहना चाहता था
“मैं बहुत थक गया हूँ…!!”
मगर उसके हिस्से में
सिर्फ़ दूसरों को हिम्मत देना आया ।।
लोग उसकी मजबूती देखते रहे,
उसकी मजबूरी किसी ने नहीं देखी ।।
क्योंकि वो परिवार का
बड़ा बेटा जो है…
जिसे अपने लिए जीने से पहले
सबके लिए जीना सीखना पड़ता है..
और अक्सर अपनी पूरी ज़िंदगी
“मैं ठीक हूँ”
कहते-कहते गुज़ारनी पड़ती है ।। 🥀
😢3😭1
कहने को तो सब साथ है
परंतु ये युद्ध तो स्वयं ही लड़ना होगा न माधव 🍁
परंतु ये युद्ध तो स्वयं ही लड़ना होगा न माधव 🍁
🙏8🔥4❤1👏1
जो टूटकर भी मुस्कुराना जानते हैं,
उन्हें हराना इस दुनिया के बस की बात नहीं.. ❤️🌸
उन्हें हराना इस दुनिया के बस की बात नहीं.. ❤️🌸
❤6
बुरा वक्त तो गुजर ही जाता है,
मगर अच्छे-अच्छे लोगों की असलियत
दिखा जाता है।
मगर अच्छे-अच्छे लोगों की असलियत
दिखा जाता है।
😢4👏2
सदा न संग सहेलियाँ, सदा न राजा देश
सदा न जुग में जीवणा, सदा न काला केश
सदा न फूले केतकी, सदा न सावन होय
सदा न विपदा रह सके, सदा न सुख होय ll
सदा न जुग में जीवणा, सदा न काला केश
सदा न फूले केतकी, सदा न सावन होय
सदा न विपदा रह सके, सदा न सुख होय ll
सब कुछ क्षणिक है कोशिश करें की आप ज्यादा न उलझे
👍4💯2❤1🔥1