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आवाज़ दो हम एक हैं..
और आपके साथ हैं।
National Educated Youth Union {N.E.Y.U.}

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आप सभी को रंगों के पावन पर्व होली की हार्दिक शुभकामनाएँ! 🎨

यह रंगों, प्रेम, उमंग और उल्लास का त्योहार आपके जीवन में
🌈 खुशियों की इंद्रधनुषी छटा,
💐 समृद्धि की नई राह,
✨ सफलता की उजली शुरुआत,
और 😊 रिश्तों में और भी मिठास लेकर आए।
ईश्वर करे आपके जीवन का हर दिन प्रेम, शांति और सकारात्मक ऊर्जा से रंगा रहे।

हैप्पी होली! 🌼🎉
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Supercomputer से भी तेज 100 सवाल 30 मिनट में हल..

ऑनलाइन परीक्षाओं जैसे NEET/NET,SSC पटवारी जिसमें भी छात्रों ने पेपर लीक के लिए आवाज उठाई थी उनमें धांधली इसप्रकार हुई थी,धांधली के सबूत आप नहीं ढूंढ पाओगे वह तो वीडियो रिकॉर्डिंग देखकर ही पता चलेगी,वीडियो रिकॉर्डिंग एक्सेस करने की Authority परीक्षा आयोजकों पर है अब उनकी मर्जी है कि फर्जीवाड़ा पकड़ना है या छिपाना है।

https://www.instagram.com/reel/DVfbNbGEx5I/?igsh=cGhpMW9lbWl5OHRp

https://x.com/i/status/2029428502647509491
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युवाओं की मेहनत लूटकर नौकरी हथियाना हत्या करने से भी बड़ा अपराध है।

यह धांधली तभी रुकेंगी जब फर्जीवाड़ा करने वालों और कराने वालों को खौफनाक सजा मिले

https://x.com/i/status/2034848069309923703
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हमारे देश को Chat Gpt जैसे AI की कोई जरूरत नहीं है हमारे पास Super Human Beings हैं।

https://x.com/i/status/2036303874664046800
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👉 मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, इंदौर द्वारा NEYU संगठन की याचिका पर संज्ञान लिया है

NEYU फाउंडेशन द्वारा MPPSC 2026 (राज्य सेवा एवं वन सेवा परीक्षा) में सीधी भर्ती के पद बढ़ाने की मांग को लेकर याचिका दायर की गई थी।
⚖️ माननीय हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि:
✔️ संबंधित विभाग 60 दिनों में याचिकाकर्ता के आवेदन पर निर्णय ले
✔️ यदि मांग उचित नहीं पाई जाती है तो 30 दिनों में कारण सहित जवाब दिया जाए
✔️ और यदि मांग सही पाई जाती है तो 30 दिनों के भीतर लाभ दिया जाए
💪 युवाओं और अभ्यर्थियों के हक की लड़ाई अब मजबूत दिशा में

https://x.com/i/status/2039906794978648072
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"अगर चुनाव कराने वाले उन लोगों पर निर्भर हों जो चुनाव लड़ते हैं, तो चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित नहीं की जा सकती."

- सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बी.वी. नागरत्ना ने चुनाव आयोग पर कहा

देश का सबसे बड़ा मुद्दा यह कि देश में निष्पक्ष चुनाव आयोग निष्पक्षता के साथ चुनाव करवाए।
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हमारा देश आज़ाद हुआ था तब ऐसे पढ़े-लिखे नेताओं की कैबिनेट थी, लेकिन उसके बाद देश की जनता धर्म, जाति, भाषा और क्षेत्रीयता के नाम पर भावनात्मक रूप से बेवकूफ़ बनती गई। इसी का फायदा उठाकर एक से बढ़कर एक अनपढ़ लोग और उनकी औलादें राजनीति पर क़ब्ज़ा करते गए।
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जहाँ परीक्षा नहीं होती, वहाँ फर्जीवाड़ा होता है।

मध्यप्रदेश के अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में किसी ने अपनी पत्नी तो किसी ने अपने रिश्तेदार को बिना परीक्षा और योग्यता के Assistant Professor बनवा दिया।
मध्यप्रदेश के युवाओं, नौकरियाँ बहुत हैं, लेकिन ये सिर्फ चहेतों के लिए आरक्षित हैं।
प्रदेश के लाखों युवा नाममात्र के पदों के लिए 10–10 घंटे पढ़ाई कर रहे हैं और इधर हज़ारों पद अपने चहेतों को मुफ्त की रेवड़ी समझकर बाँटे जा रहे हैं।
देश में Collegium के बाद सबसे ज्यादा परिवारवाद विश्वविद्यालयों में होता है। यह परिवारवाद खत्म करने का एक ही उपाय है कि सभी पद #MPPSC के माध्यम से परीक्षा आयोजित करके भरे जाएँ।


https://x.com/i/status/2044242991737647144
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वह बार-बार अपना निकम्मापन साबित कर रहे हैं, लेकिन जनता हर बार उसे भूल जाती है।

इंदौर में 34 मासूमों की मौत को भी प्रदेश की जनता ने बहुत जल्दी भुला दिया। अखबारों में साफ़ लिखा गया कि यह हादसा गैरजिम्मेदारी का नतीजा था और लोगों की मौत जरूरी सुरक्षा उपकरणों की कमी के कारण हुई।

आज हालात ऐसे हो गए हैं कि आम इंसान की ज़िंदगी कीड़ों-मकोड़ों जैसी समझी जा रही है—न जान की कोई कीमत, न किसी की जिम्मेदारी, न कोई जवाबदेही।

समझ लीजिए, कोई मसीहा आपको बचाने नहीं आएगा। आम जनता की करोड़ों में जनसंख्या है ,अपनी आवाज़ उठाकर तो देखो,अधिकारों के लिए लड़ना तो सीखो यह सिस्टम अपने आप सुधर जाएगा।
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मध्यप्रदेश की जनता आप का 30 हजार करोड़ खर्च करने के बाद भी जनता को न कोई सुविधा न प्रदेश को फायदा मिल रहा है,इस 30 हजार करोड़ बर्बाद करने के लिए कोई तो जिम्मेदार होगा ❓️

दुनिया की सबसे खराब Planning में से एक अगर किसी शहर की मेट्रो Planning को रखा जाए, तो इंदौर मेट्रो उसका उदाहरण बनती जा रही है।
जहाँ सबसे ज्यादा आबादी, ट्रैफिक और रोज़गार के केंद्र हैं, वहाँ मेट्रो पहुँच ही नहीं रही। घनी आबादी वाले इलाकों को छोड़कर लाइन ऐसे रूट पर डाल दी गई मानो जनता के यातायात के लिए नहीं, बल्कि “घूमने” के लिए बनाई गई हो।
आज हालत यह है कि करोड़ों खर्च करने के बाद भी यात्रियों की संख्या नहीं मिल रही। क्योंकि मेट्रो वहीं सफल होती है जहाँ रोज़ लाखों लोग आना-जाना करते हैं — न कि सुनसान और कम उपयोग वाले कॉरिडोर में।
इंदौर में सबसे Practical और High Demand Metro Route यह हो सकता था 👇
📍 Vijay Nagar → AB Road → Palasia → Bhawarkua → Rajendra Nagar → Rau → Pithampur


लेकिन यहाँ Planning Ground Reality देखकर नहीं, राजनीति, नेताओं की पसंद, मोटा पैसा कमाना देखकर की गई लगती है।
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