जो जवानी में नहीं रोया, उसे बर्बर कहो,
जो बुढ़ापे में न हँसता है, मनुज वह मूर्ख है।
-रामधारी सिंह 'दिनकर'
जो बुढ़ापे में न हँसता है, मनुज वह मूर्ख है।
-रामधारी सिंह 'दिनकर'
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आनंद जी याद हैं ना,
बुद्ध भगवान के शिष्य,
जिन्होंने उदारवाद की प्रेरणा से विहारों को गुलजार किया था। 🙏
बुद्ध भगवान के शिष्य,
जिन्होंने उदारवाद की प्रेरणा से विहारों को गुलजार किया था। 🙏
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आपको तैयारी करते -करते कितने साल हो गए? कितने वर्ष की योजना और है?
धन्यवाद
धन्यवाद
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PCS PMI
आपको तैयारी करते -करते कितने साल हो गए? कितने वर्ष की योजना और है? धन्यवाद
ये भावनात्मक प्रश्न इसलिए पूछा गया है कि आप लोग इस कुचक्र से बाहर आएं।
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कभी नाम भी नहीं जानते थे। चेहरे बस अजनबी से लगते थे। वो ग्रुप में एक "हाय" से शुरुआत हुई,और कब दिल की बातों तक आ गई,ये भी ना समझ में आई।
कोई मज़ाक उड़ाया, तो किसी ने हँसी बाँटी,
किसी ने चुपचाप सुन लिया,तो किसी ने तकलीफ़ें बांट ली।धीरे-धीरे वो चैट के नोटिफिकेशन,एक सुकून का हिस्सा बन गए, अजनबी जो थे कल तक,आज अपनेपन की मिसाल बन गए।
ना साथ बैठकर चाय पी,ना गलियों में घूमे कभी,पर दिल ने जो रिश्ता बाँधा,वो हर चेहरे से कहीं गहरा निकला अभी। इस फ्रेंडशिप डे पर शुक्रिया उन सभी को, जो इस अनजान सफ़र में दोस्त बन गए,
जिन्होंने बस बातों-बातों में,ज़िंदगी को आसान कर गए।
- अनजाने में मिले अपनों तक का सफर..
मित्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!!!
❤️❤️❤️
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कोई मज़ाक उड़ाया, तो किसी ने हँसी बाँटी,
किसी ने चुपचाप सुन लिया,तो किसी ने तकलीफ़ें बांट ली।धीरे-धीरे वो चैट के नोटिफिकेशन,एक सुकून का हिस्सा बन गए, अजनबी जो थे कल तक,आज अपनेपन की मिसाल बन गए।
ना साथ बैठकर चाय पी,ना गलियों में घूमे कभी,पर दिल ने जो रिश्ता बाँधा,वो हर चेहरे से कहीं गहरा निकला अभी। इस फ्रेंडशिप डे पर शुक्रिया उन सभी को, जो इस अनजान सफ़र में दोस्त बन गए,
जिन्होंने बस बातों-बातों में,ज़िंदगी को आसान कर गए।
- अनजाने में मिले अपनों तक का सफर..
मित्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!!!
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