✍🏻तेलंगाना स्थापना दिवस (Telangana Formation Day)
•तारीख: 2 जून,2014
•तेलंगाना राज्य का गठन के लिए समिति: श्रीकृष्ण समिति (2010)
📜 तेलंगाना गठन का इतिहास
• भारत की स्वतंत्रता से पहले, तेलंगाना क्षेत्र हैदराबाद रियासत का हिस्सा था, जो कि निज़ाम के अधीन था।
• 1948 में भारत सरकार ने ‘ऑपरेशन पोलो’ के तहत हैदराबाद रियासत को भारतीय संघ में मिला लिया।
📝तेलंगाना राज्य के लिए आंदोलन:
• 1969: पहला बड़ा आंदोलन शुरू हुआ – “जय तेलंगाना आंदोलन”
• भारत सरकार ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2014 पारित किया।
• 2 जून 2014 को तेलंगाना भारत का 29वाँ राज्य बना।
• हैदराबाद को 10 वर्षों तक संयुक्त राजधानी बनाया गया।
📕भारतीय संविधान में नए राज्यों का निर्माण
📜 प्रासंगिक अनुच्छेद (Articles):
• अनुच्छेद 2 – संसद को अधिकार है भारत में नया राज्य शामिल करने या स्थापित करने का।
• अनुच्छेद 3 – संसद को अधिकार है राज्य की सीमाओं में परिवर्तन करने, राज्यों को विभाजित या एकीकृत करने का।
⸻
⚖️ अनुच्छेद 3 के अनुसार प्रक्रिया:
1. राष्ट्रपति को प्रस्तावित विधेयक भेजा जाता है।
2. राष्ट्रपति संबंधित राज्य की विधानसभा से राय (opinion) मांगते हैं।
• राज्य की राय अनिवार्य नहीं होती, केवल सलाहात्मक (advisory) होती है।
3. संसद में विधेयक प्रस्तुत किया जाता है।
4. दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में साधारण बहुमत से विधेयक पास होता है।
5. राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद नया राज्य अस्तित्व में आता है।
⸻
🧾 महत्वपूर्ण बिंदु:
• राज्य की सहमति जरूरी नहीं होती, संसद निर्णय ले सकती है।
• यह केंद्र सरकार की संवैधानिक शक्ति है कि वह राजनीतिक या प्रशासनिक कारणों से राज्य पुनर्गठन करे
•तारीख: 2 जून,2014
•तेलंगाना राज्य का गठन के लिए समिति: श्रीकृष्ण समिति (2010)
📜 तेलंगाना गठन का इतिहास
• भारत की स्वतंत्रता से पहले, तेलंगाना क्षेत्र हैदराबाद रियासत का हिस्सा था, जो कि निज़ाम के अधीन था।
• 1948 में भारत सरकार ने ‘ऑपरेशन पोलो’ के तहत हैदराबाद रियासत को भारतीय संघ में मिला लिया।
📝तेलंगाना राज्य के लिए आंदोलन:
• 1969: पहला बड़ा आंदोलन शुरू हुआ – “जय तेलंगाना आंदोलन”
• भारत सरकार ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2014 पारित किया।
• 2 जून 2014 को तेलंगाना भारत का 29वाँ राज्य बना।
• हैदराबाद को 10 वर्षों तक संयुक्त राजधानी बनाया गया।
📕भारतीय संविधान में नए राज्यों का निर्माण
📜 प्रासंगिक अनुच्छेद (Articles):
• अनुच्छेद 2 – संसद को अधिकार है भारत में नया राज्य शामिल करने या स्थापित करने का।
• अनुच्छेद 3 – संसद को अधिकार है राज्य की सीमाओं में परिवर्तन करने, राज्यों को विभाजित या एकीकृत करने का।
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⚖️ अनुच्छेद 3 के अनुसार प्रक्रिया:
1. राष्ट्रपति को प्रस्तावित विधेयक भेजा जाता है।
2. राष्ट्रपति संबंधित राज्य की विधानसभा से राय (opinion) मांगते हैं।
• राज्य की राय अनिवार्य नहीं होती, केवल सलाहात्मक (advisory) होती है।
3. संसद में विधेयक प्रस्तुत किया जाता है।
4. दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में साधारण बहुमत से विधेयक पास होता है।
5. राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद नया राज्य अस्तित्व में आता है।
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🧾 महत्वपूर्ण बिंदु:
• राज्य की सहमति जरूरी नहीं होती, संसद निर्णय ले सकती है।
• यह केंद्र सरकार की संवैधानिक शक्ति है कि वह राजनीतिक या प्रशासनिक कारणों से राज्य पुनर्गठन करे
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Forwarded from Pushpendra Kasana
Raj flagship scheme Official.pdf
1.5 MB
✍🏻संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र की अध्यक्ष (President) जर्मनी की पूर्व विदेश मंत्री अन्नालेना बेयरबॉक (Annalena Baerbock) चुनी गई हैं। उनका चुनाव 2 जून 2025 को हुआ, जिसमें उन्होंने 193 सदस्य देशों में से 167 वोट प्राप्त किए। इस चुनाव में 14 देशों ने मतदान से परहेज किया, जबकि एक अन्य जर्मन राजनयिक हेल्गा श्मिड को 7 वोट मिले। 
🎯वेयरबॉक इस प्रतिष्ठित पद को संभालने वाली पश्चिमी यूरोपीय और अन्य समूह (WEOG) से पहली महिला और संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतिहास में कुल मिलाकर पांचवीं महिला अध्यक्ष बनी हैं।
🎯उन्होंने अपने कार्यकाल की थीम “Better Together” (साथ मिलकर बेहतर) घोषित की है और तीन प्रमुख प्राथमिकताएं निर्धारित की हैं: 
1. संयुक्त राष्ट्र की कार्यकुशलता और प्रभावशीलता को बढ़ाना।
2. 2030 सतत विकास एजेंडा को आगे बढ़ाना।
3. महासभा को एक अधिक समावेशी मंच में परिवर्तित करना। 
🎯उनका कार्यकाल 9 सितंबर 2025 से शुरू होगा और 8 सितंबर 2026 तक चलेगा। 
🎯इससे पहले, 79वें सत्र के अध्यक्ष कैमरून के पूर्व प्रधानमंत्री फिलेमोन यांग (Philémon Yang) थे, जिन्होंने 10 सितंबर 2024 से यह पद संभाला था। 
🎯उनके नेतृत्व में, संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र में विश्व नेताओं का वार्षिक शिखर सम्मेलन और संयुक्त राष्ट्र की स्थापना की वर्षगांठ जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित होंगे।
पुष्पेन्द्र कसाना
Lect.Political Science
Pm Shri GSSS Hindaun City
🎯वेयरबॉक इस प्रतिष्ठित पद को संभालने वाली पश्चिमी यूरोपीय और अन्य समूह (WEOG) से पहली महिला और संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतिहास में कुल मिलाकर पांचवीं महिला अध्यक्ष बनी हैं।
🎯उन्होंने अपने कार्यकाल की थीम “Better Together” (साथ मिलकर बेहतर) घोषित की है और तीन प्रमुख प्राथमिकताएं निर्धारित की हैं: 
1. संयुक्त राष्ट्र की कार्यकुशलता और प्रभावशीलता को बढ़ाना।
2. 2030 सतत विकास एजेंडा को आगे बढ़ाना।
3. महासभा को एक अधिक समावेशी मंच में परिवर्तित करना। 
🎯उनका कार्यकाल 9 सितंबर 2025 से शुरू होगा और 8 सितंबर 2026 तक चलेगा। 
🎯इससे पहले, 79वें सत्र के अध्यक्ष कैमरून के पूर्व प्रधानमंत्री फिलेमोन यांग (Philémon Yang) थे, जिन्होंने 10 सितंबर 2024 से यह पद संभाला था। 
🎯उनके नेतृत्व में, संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र में विश्व नेताओं का वार्षिक शिखर सम्मेलन और संयुक्त राष्ट्र की स्थापना की वर्षगांठ जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित होंगे।
पुष्पेन्द्र कसाना
Lect.Political Science
Pm Shri GSSS Hindaun City
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✍🏻राजस्थान सरकार ने 5 जून 2025 से 20 जून 2025 तक ‘वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान’ की शुरुआत की जा रही है, जिसका उद्देश्य जल संरक्षण को एक जन आंदोलन का रूप देना है। यह अभियान विश्व पर्यावरण दिवस और गंगा दशहरा के अवसर पर शुरू किया गया है, जिससे पर्यावरणीय और सांस्कृतिक मूल्यों का समन्वय हो सके।
अभियान के प्रमुख उद्देश्य
• राज्यभर में जल स्रोतों का संरक्षण और पुनरुद्धार।
• भूजल स्तर में सुधार और जल गुणवत्ता बनाए रखना।
• जनभागीदारी के माध्यम से जल संरक्षण को सामाजिक आंदोलन में परिवर्तित करना।
अभियान के प्रमुख उद्देश्य
• राज्यभर में जल स्रोतों का संरक्षण और पुनरुद्धार।
• भूजल स्तर में सुधार और जल गुणवत्ता बनाए रखना।
• जनभागीदारी के माध्यम से जल संरक्षण को सामाजिक आंदोलन में परिवर्तित करना।
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सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग (DoIT&C) के भामाशाह स्टेट डेटा सेंटर (BSDC) को प्रतिष्ठित Tier IV Gold Certification of Operational Sustainability से सम्मानित किया गया है। यह उपलब्धि डेटा सेंटर संचालन में उच्चतम स्तर की उत्कृष्टता, प्रदर्शन और विश्वसनीयता के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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विश्व पर्यावरण दिवस 2025 की थीम “प्लास्टिक प्रदूषण समाप्त करें” (Beat Plastic Pollution) है, जो प्लास्टिक कचरे की वैश्विक समस्या पर ध्यान केंद्रित करती है। इस वर्ष का आयोजन 5 जून को हुआ है, और इसकी मेज़बानी दक्षिण कोरिया (Republic of Korea) द्वारा की गई है। यह अभियान संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के नेतृत्व में चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करने के लिए वैश्विक स्तर पर प्रयासों को एकजुट करना है।
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➡️भारत को ‘अंतर्राष्ट्रीय प्रशासनिक विज्ञान संस्थान (#IIAS)’ की अध्यक्षता मिली
➡️IIAS के 2025-2028 के अध्यक्ष पद के लिए पीएम मोदी ने DARPG सचिव वी. श्रीनिवास की भारतीय उम्मीदवारी को नामित किया।
➡️3 जून को भारत और ऑस्ट्रिया के बीच चुनाव हुआ जिसमें भारत को 61.7 % वोट मिले।
➡️IIAS के 2025-2028 के अध्यक्ष पद के लिए पीएम मोदी ने DARPG सचिव वी. श्रीनिवास की भारतीय उम्मीदवारी को नामित किया।
➡️3 जून को भारत और ऑस्ट्रिया के बीच चुनाव हुआ जिसमें भारत को 61.7 % वोट मिले।
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राजस्थान में अब कुल चार स्थल रामसर धरोहर सूची (Ramsar Sites) में शामिल हैं, जिनमें से दो को में 4 जून 2025 को विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर जोड़े गए हैं।भारत में कुल रामसर साईट की संख्या 91 हो गई है ।
✅ नए शामिल स्थल (2025):
1. खिचन (Khichan), फलोदी, जोधपुर
• यह स्थल हर वर्ष हजारों प्रवासी डेमोइसेल क्रेनों (Demoiselle Cranes) को आकर्षित करता है, जिससे यह पक्षी प्रेमियों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बन गया है। 
2. मेनार (Menar), उदयपुर
• “पक्षियों का गाँव” के रूप में प्रसिद्ध मेनार, ब्रह्म तालाब और धान्द तालाब जैसे जल निकायों के माध्यम से प्रवासी पक्षियों के लिए महत्वपूर्ण आश्रय स्थल प्रदान करता है। 
🏞️ पहले से सूचीबद्ध स्थल:
3. केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (Keoladeo National Park), भरतपुर
• 1981 में रामसर साइट घोषित, यह स्थल विश्व प्रसिद्ध पक्षी अभयारण्य है, जहाँ सर्दियों में हजारों प्रवासी पक्षी आते हैं।
4. संभर झील (Sambhar Lake), जयपुर-नागौर
• 1990 में रामसर साइट घोषित, यह भारत की सबसे बड़ी अंतर्देशीय लवणीय जल झील है, जो प्रवासी पक्षियों के लिए महत्वपूर्ण है।
इन नए स्थलों के शामिल होने से भारत में रामसर साइट्स की कुल संख्या 91 हो गई है, जो एशिया में सबसे अधिक है। 
✅ नए शामिल स्थल (2025):
1. खिचन (Khichan), फलोदी, जोधपुर
• यह स्थल हर वर्ष हजारों प्रवासी डेमोइसेल क्रेनों (Demoiselle Cranes) को आकर्षित करता है, जिससे यह पक्षी प्रेमियों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बन गया है। 
2. मेनार (Menar), उदयपुर
• “पक्षियों का गाँव” के रूप में प्रसिद्ध मेनार, ब्रह्म तालाब और धान्द तालाब जैसे जल निकायों के माध्यम से प्रवासी पक्षियों के लिए महत्वपूर्ण आश्रय स्थल प्रदान करता है। 
🏞️ पहले से सूचीबद्ध स्थल:
3. केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (Keoladeo National Park), भरतपुर
• 1981 में रामसर साइट घोषित, यह स्थल विश्व प्रसिद्ध पक्षी अभयारण्य है, जहाँ सर्दियों में हजारों प्रवासी पक्षी आते हैं।
4. संभर झील (Sambhar Lake), जयपुर-नागौर
• 1990 में रामसर साइट घोषित, यह भारत की सबसे बड़ी अंतर्देशीय लवणीय जल झील है, जो प्रवासी पक्षियों के लिए महत्वपूर्ण है।
इन नए स्थलों के शामिल होने से भारत में रामसर साइट्स की कुल संख्या 91 हो गई है, जो एशिया में सबसे अधिक है। 
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RPSC PRO Exam 2025
• मुही राम सैकिया समिति
• अनुच्छेद 21A / 21क [शिक्षा का अधिकार] – राज्य, 6 वर्ष से 14 वर्ष तक की आयु वाले सभी बालकों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा देने का ऐसी रीति में, जो राज्य विधि द्वारा, अवधारित करे, उपबंध करेगा।
• यह अनुच्छेद 86 वें संविधान संशोधन अधिनियम 2002 की धारा 2 द्वारा अंत: स्थापित किया गया। [इस अधिकार को व्यवहारिक रूप देने के लिए संसद में नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिनियम 2009 पारित किया, जो 1 अप्रैल 2010 से लागू हुआ।]
• मुही राम सैकिया समिति
• अनुच्छेद 21A / 21क [शिक्षा का अधिकार] – राज्य, 6 वर्ष से 14 वर्ष तक की आयु वाले सभी बालकों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा देने का ऐसी रीति में, जो राज्य विधि द्वारा, अवधारित करे, उपबंध करेगा।
• यह अनुच्छेद 86 वें संविधान संशोधन अधिनियम 2002 की धारा 2 द्वारा अंत: स्थापित किया गया। [इस अधिकार को व्यवहारिक रूप देने के लिए संसद में नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिनियम 2009 पारित किया, जो 1 अप्रैल 2010 से लागू हुआ।]
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मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पहल पर राजस्थान के वरिष्ठ नागरिक, वातानुकूलित ट्रेन से रामेश्वरम की निशुल्क तीर्थयात्रा पर रवाना होंगे। इसके लिए वातानुकूलित और सुसज्जित, 'राजस्थान वाहिनी भारत गौरव पर्यटक ट्रेन' तैयार की गई है। मुख्यमंत्री निर्जला एकादशी पर दुर्गापुरा (जयपुर) रेलवे स्टेशन से, इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
❤11🙏3