पुराण प्रवचन
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हमारे पुराण ही हमारे धर्म के धरोहर है इसके ज्ञान को हमारे साथ पढ़ें और फैलाएं 🙏❤️
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7CE PDF MUHAMAD V/S 21CE Epstein


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    𝗝𝗢𝗜𝗡👉 @PuranPravachan
😁5
महाभारत काल में मंत्री मण्डल में शूद्रों का अधिकार।

महाभारत (१२/८५/७-११) में बताया गया कि मंत्री मण्डल में राजा किस किस को कितने मात्रा में नियुक्त करें।
इस मंत्री परिषद् में :
ब्राह्मणों के संख्या - ४
क्षेत्रियों के संख्या - ८
वैश्यों के संख्या - २१
शूद्रों के संख्या - ३
सूतो के संख्या - ८

अब देखिए ब्राह्मण और शूद्रों के Seat संख्या में ज्यादा अंतर नहीं है सिर्फ १ सीट ही अधिक है।

पर वैश्यों के संख्या सर्वाधिक २१ है अर्थात् उस समय वैश्यों को ही ज्यादा reservation seat प्राप्त थी।

और सूत या बढ़ाई लोगों के संख्या तो ब्राह्मणों से भी ज्यादा रखा गया है 🥲
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    𝗝𝗢𝗜𝗡👉 @PuranPravachan
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मौलानाओं के वीडियो के कमेंट्स पढ़ो मुल्लों ने कैसी कैसी सवाल किया है 😂😂

नवी करीम के मज़ा हब
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इसका बहुत बार पोपट हो चुका है इस टॉपिक पर 😂😂

इस चोटियां को समझ नहीं आ रही की वहां मानसिक कल्पना कर कौन रहा आत्म यज्ञ में वो तो योगिजन कर रहे हैं न।

परमात्मा थोड़ी कर रहे।

अब योगीजन के आत्म यज्ञ तो मानसिक चिन्तन होता है फिर वो वास्तविक वर्ण उत्पत्ति कैसे हो जाएगा बे ?? 😂😂
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मेरे बेटे यहां "अकल्पयन्" का संबंध तो पुरुष से है ही नहीं

"अकल्पयन्" तो यहां बहु वचन में आया है वो भी योगी जनों के लिए।

योगी जन ही अपने आत्मयज्ञ में पुरुष को कल्पित कर रहे क्योंकि यहां पुरुष कर्ता कारक में नहीं कर्म कारक में आया है।
😂😂
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