इस भिखारी का इतने बुरे ढंग से खंडन होने के बाद भी रोड़ी रोना खत्म नहीं हुआ बाला शब्द पे 😂😂
अबे गधे "बाला" शब्द का प्रयोग युवावस्था के युवतियों के लिए भी हो सकता है।
जैसे विराट पर्व में जहां अभिमन्यु और उत्तरा के विवाह का वर्णन है वहां उसे युवती कहा गया है।
और वैसे ही विराट पर्व में ही द्रोपदी के लिए भी बाला शब्द और युवती शब्द एक साथ प्रयोग हुआ है।
अबे गधे "बाला" शब्द का प्रयोग युवावस्था के युवतियों के लिए भी हो सकता है।
जैसे विराट पर्व में जहां अभिमन्यु और उत्तरा के विवाह का वर्णन है वहां उसे युवती कहा गया है।
और वैसे ही विराट पर्व में ही द्रोपदी के लिए भी बाला शब्द और युवती शब्द एक साथ प्रयोग हुआ है।
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पुराण प्रवचन
इस भिखारी का इतने बुरे ढंग से खंडन होने के बाद भी रोड़ी रोना खत्म नहीं हुआ बाला शब्द पे 😂😂 अबे गधे "बाला" शब्द का प्रयोग युवावस्था के युवतियों के लिए भी हो सकता है। जैसे विराट पर्व में जहां अभिमन्यु और उत्तरा के विवाह का वर्णन है वहां उसे युवती कहा गया है।…
क्या अभिमन्यु बालक (छोटा बच्चा) है?
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पुराण प्रवचन
Voice message
द्रोपदी तक को "बाला" बोला है विराट पर्व में अब खुद सोच ले कि क्या द्रोपदी भी शिशु थी और साथ में उसके पुत्र अभिमन्यु भी शिशु था?
मां बेटे दोनों साथ में शिशु कैसे हो सकते है बे 😂😂
मां बेटे दोनों साथ में शिशु कैसे हो सकते है बे 😂😂
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पुराण प्रवचन
मेरे बेटा है तू मेरे आंग_ड से निकला बच्चा है तू जरा यहां मूल श्लोक में कहां युवाओं से तुलना वाक्य आया है वो दिखा दे जरा हम भी देखें ??
अब ये मूर्ख सातवलेकर का दिखा रहा अरे संस्कृत पाठ दोनों में एक ही है बेटा😂 इतनी सी बात नहीं समझ आती क्या?
पुराण प्रवचन
अब ये मूर्ख सातवलेकर का दिखा रहा अरे संस्कृत पाठ दोनों में एक ही है बेटा😂 इतनी सी बात नहीं समझ आती क्या?
गीता प्रेस हो चाहे सातवलेकर हो तू मूल श्लोक में दिखा कहां युवाओं से तुलना आया है बे?
क्या रुक्मिणी माता का श्री कृष्ण जी से विवाह ८ वर्ष के आयु में हुआ था ?
जान ने के लिए पूरा पोस्ट पढ़िए 🙏🙏
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𝗝𝗢𝗜𝗡👉 @PuranPravachan
जान ने के लिए पूरा पोस्ट पढ़िए 🙏🙏
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क्या अभिमन्यु जी छोटे बच्चे थे?
एक गधा अभिमन्यु के लिए बालक शब्द देख के बहुत नाच रहा है
लेकिन महाभारत के द्रोणपर्व में ही अभिमन्यु को कहा गया
इसी प्रकार उसी द्रोणपर्व में एक और श्लोक में आया है -
इसमें मूल श्लोक में भी अभिमन्यु के लिए "युवा" और "तरुण" जैसे शब्दों का स्पष्ट उपयोग हुआ है।
जो स्पष्ट सिद्ध करता है कि अभिमन्यु पूर्ण रूप से युवावस्था को प्राप्त थे युद्ध के समय भी।
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𝗝𝗢𝗜𝗡👉 @PuranPravachan
एक गधा अभिमन्यु के लिए बालक शब्द देख के बहुत नाच रहा है
लेकिन महाभारत के द्रोणपर्व में ही अभिमन्यु को कहा गया
तरुणस्त्वरुणप्रख्यः सौभद्रः
अर्थात् - युवा अवस्था तथा सूर्यके समान विख्यात शत्रु वीरनाशन सुभद्राकुमार अभिमन्यु।
इसी प्रकार उसी द्रोणपर्व में एक और श्लोक में आया है -
सौभद्रः पार्थानामग्रतो युवा
अर्थात् - यह युवा अवस्थावाला अभिमन्यु।
इसमें मूल श्लोक में भी अभिमन्यु के लिए "युवा" और "तरुण" जैसे शब्दों का स्पष्ट उपयोग हुआ है।
जो स्पष्ट सिद्ध करता है कि अभिमन्यु पूर्ण रूप से युवावस्था को प्राप्त थे युद्ध के समय भी।
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पुराण प्रवचन
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क्यों बे चोचन बैंग अब तो तू लटक जा कुछ बोलने के लिए कुछ नहीं बचा तेरे पास
उत्तरा को बालिका बोल रहा था उसे हमने युवावस्था सिद्ध कर दिया और कल अभिमन्यु को शिशु बोल रहा था उसे भी आज युवावस्था सिद्ध करदी 😂😂
उत्तरा को बालिका बोल रहा था उसे हमने युवावस्था सिद्ध कर दिया और कल अभिमन्यु को शिशु बोल रहा था उसे भी आज युवावस्था सिद्ध करदी 😂😂
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ले और प्रमाण चाहिए अभिमन्यु के युवा होने का ?? 😂😂
ले देख और रंगी रोना कर
यहां भी अभिमन्यु जी को मूल श्लोक में ही युवा और तरुण कहा गया है।😁😁
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𝗝𝗢𝗜𝗡👉 @PuranPravachan
ले देख और रंगी रोना कर
यहां भी अभिमन्यु जी को मूल श्लोक में ही युवा और तरुण कहा गया है।😁😁
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अबे चोटिये तुझे पढ़ना नहीं आता क्या बे
वहां लिखा है १६ से ७० वर्ष के अवस्था पर्यन्त मध्य अवस्था होता है।
और मध्य अवस्था के भी चार भेद है-
यहां १६ से २० तक प्रयाप्त यौवन कहा जा सकता है तथा २० - ३० वर्ष तक मध्य यौवनावस्था भी कहा जा सकता है।
वन गमन काल में जब सीता जी को श्यामा बोला गया तब भी वो १८ साल के थे उन्हें भी टीकाकारों ने मध्य यौवनावस्था ही माना है।
वहां लिखा है १६ से ७० वर्ष के अवस्था पर्यन्त मध्य अवस्था होता है।
और मध्य अवस्था के भी चार भेद है-
वृद्धि, यौवन, संपूर्णता और हानि।
१६-२० वर्ष को वृद्धि अवस्था कहते हैं ।
२०- ३० वर्ष तक यौवन अवस्था है।
३० -४० वर्ष तक संपूर्णता अवस्था है
४० - ७० वर्ष तक हानि की अवस्था है।
यहां १६ से २० तक प्रयाप्त यौवन कहा जा सकता है तथा २० - ३० वर्ष तक मध्य यौवनावस्था भी कहा जा सकता है।
वन गमन काल में जब सीता जी को श्यामा बोला गया तब भी वो १८ साल के थे उन्हें भी टीकाकारों ने मध्य यौवनावस्था ही माना है।
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पुराण प्रवचन
अबे चोटिये तुझे पढ़ना नहीं आता क्या बे वहां लिखा है १६ से ७० वर्ष के अवस्था पर्यन्त मध्य अवस्था होता है। और मध्य अवस्था के भी चार भेद है- वृद्धि, यौवन, संपूर्णता और हानि। १६-२० वर्ष को वृद्धि अवस्था कहते हैं । २०- ३० वर्ष तक यौवन अवस्था है। ३० -४० वर्ष…
इस मूर्ख को यही नहीं पता कि मध्य अवस्था का ही एक भेद है युवा अवस्था
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पुराण प्रवचन
इस मूर्ख को यही नहीं पता कि मध्य अवस्था का ही एक भेद है युवा अवस्था
थोड़ा नॉइस है एडजेस्ट कर लेना वॉल्यूम
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