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*शाहरुख खान की मूवी ना देखने के लिए उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री परम पूज्य महंत योगी आदित्यनाथ जी का दो टूक संदेश। इस सन्देश को घर-घर पहुँचायें। यह वीडियो बहुत महत्वपूर्ण है। आप जिस किसी बड़े ग्रूप से जुड़े हो उसमें भी इसे भेजो और परिवार के युवाओं को बताएं।* 🙄🙄🙄
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जय जय श्री राम जय जय श्री हनुमानजी हर हर महादेव हर शुभ प्रभात 🙏🏻 😊
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️ *दिनांक - 30 मई 2025*
🌤️ *दिन - शुक्रवार*
🌤️ *विक्रत संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - ग्रीष्म ॠतु*
🌤️ *मास - ज्येष्ठ*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - चतुर्थी रात्रि 09:22 तक तत्पश्चात पंचमी*
🌤️ *नक्षत्र - पुनर्वसु रात्रि 09:29 तक तत्पश्चात पुष्य*
🌤️ *योग - गण्ड दोपहर 12:57 तक तत्पश्चात वृद्धि*
🌤️ *राहुकाल - सुबह 10:56 से दोपहर 12:36 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 05:57*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:14*
👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- *विनायक चतुर्थी*
💥 *विशेष- चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *घर की शोभा बढ़ाने के लिए* 🌷
🏡 *१. किसी का बुरा न माने , किसी का बुरा ना सोचे..तो घर स्वर्ग हो जायेगा*
🏡 *२ .आव नही, आदर नही, नही नयनन मे नेह*
*तुलसी वा घर ना जायियो चाहे कंचन बरसे गेह*
*आप के घर मे कोई आये तो उस को आदर दीजिये आप के घर की शोभा बढेगी..*
🏡 *३. "हे प्रभु आनंद दाता" ये प्रार्थना रोज घर मे सब मिलकर गाओ तो घर स्वर्ग हो जाये..*
*कंठस्थ करो....घर के झगडे दूर होंगे...।*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *अपाचन हो तो* 🌷
➡ *अपाचन बढ़ा तो अजवाईन, सोठ और काली मिर्च का मिश्रण करके वो पाउडर एक चुटकी ले तो पाचन ठीक होगा...सुबह ले ले और २/३ घंटे बाद भोजन करे...*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *सुख-शांति व धन वृद्धि हेतु* 🌷
🌾 *सफेद पलाश के एक या अधिक पुष्पों को किसी शुभ मुहूर्त में लाकर तिजोरी में सुरक्षित रखने से उस घर में सुख-शांति रहती है, धन-आगमन में बहुत वृद्धि होती है |*
📒 *वैदिक पंचांग प्रकाशित स्थल ~ (गुजरात)*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻
🌤️ *दिनांक - 30 मई 2025*
🌤️ *दिन - शुक्रवार*
🌤️ *विक्रत संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - ग्रीष्म ॠतु*
🌤️ *मास - ज्येष्ठ*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - चतुर्थी रात्रि 09:22 तक तत्पश्चात पंचमी*
🌤️ *नक्षत्र - पुनर्वसु रात्रि 09:29 तक तत्पश्चात पुष्य*
🌤️ *योग - गण्ड दोपहर 12:57 तक तत्पश्चात वृद्धि*
🌤️ *राहुकाल - सुबह 10:56 से दोपहर 12:36 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 05:57*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:14*
👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- *विनायक चतुर्थी*
💥 *विशेष- चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *घर की शोभा बढ़ाने के लिए* 🌷
🏡 *१. किसी का बुरा न माने , किसी का बुरा ना सोचे..तो घर स्वर्ग हो जायेगा*
🏡 *२ .आव नही, आदर नही, नही नयनन मे नेह*
*तुलसी वा घर ना जायियो चाहे कंचन बरसे गेह*
*आप के घर मे कोई आये तो उस को आदर दीजिये आप के घर की शोभा बढेगी..*
🏡 *३. "हे प्रभु आनंद दाता" ये प्रार्थना रोज घर मे सब मिलकर गाओ तो घर स्वर्ग हो जाये..*
*कंठस्थ करो....घर के झगडे दूर होंगे...।*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *अपाचन हो तो* 🌷
➡ *अपाचन बढ़ा तो अजवाईन, सोठ और काली मिर्च का मिश्रण करके वो पाउडर एक चुटकी ले तो पाचन ठीक होगा...सुबह ले ले और २/३ घंटे बाद भोजन करे...*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *सुख-शांति व धन वृद्धि हेतु* 🌷
🌾 *सफेद पलाश के एक या अधिक पुष्पों को किसी शुभ मुहूर्त में लाकर तिजोरी में सुरक्षित रखने से उस घर में सुख-शांति रहती है, धन-आगमन में बहुत वृद्धि होती है |*
📒 *वैदिक पंचांग प्रकाशित स्थल ~ (गुजरात)*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻
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🌞 ~ *आज का पंचांग* ~ 🌞
🌤️ *दिनांक - 04 जून 2025*
🌤️ *दिन - बुधवार*
🌤️ *विक्रत संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत - 1947*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - ग्रीष्म ॠतु*
🌤️ *मास - ज्येष्ठ*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - नवमी रात्रि 11:54 तक तत्पश्चात दशमी*
🌤️ *नक्षत्र - उत्तराफाल्गुनी 05 जून रात्रि 03:35 तक तत्पश्चात हस्त*
🌤️ *योग - वज्र सुबह 08:29 तक तत्पश्चात सिद्धि*
🌤️ *राहुकाल - दोपहर 12:07 से दोपहर 01:50 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 05:15*
🌤️ *सूर्यास्त - 18:59*
🚩 _*स्थानीय समयानुसार अभिजीत मुहूर्त, राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय चंद्रोदय, चंद्रास्त समय में अंतर सम्भव है.....*_ 🚩
👉 *दिशाशूल - उत्तर दिशा मे*
💥 *विशेष- नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌷 *व्यतिपात योग* 🌷
➡️ *05 जून 2025 गुरुवार को सुबह 09:14 से 06 जून, शुक्रवार को सुबह 10:13 तक व्यतिपात योग है।*
🙏🏻 *व्यतिपात योग की ऐसी महिमा है कि उस समय जप पाठ प्राणायम, माला से जप या मानसिक जप करने से भगवान की और विशेष कर भगवान सूर्यनारायण की प्रसन्नता प्राप्त होती है जप करने वालों को, व्यतिपात योग में जो कुछ भी किया जाता है उसका १ लाख गुना फल मिलता है।*
🙏🏻 *वाराह पुराण में ये बात आती है व्यतिपात योग की।*
🌷 *गंगा दशहरा* 🌷
➡ *05 जून 2025 गुरुवार को गंगा दशहरा समाप्त*
🙏🏻 *नारद पुराण के अनुसार ज्येष्ठ मास को मंगलवार को शुक्लपक्ष में दशमी तिथि को हस्त नक्षत्र में जाह्नवी का पहाडों से मर्त्यलोक में अवतरण हुआ। इस दिन वह आद्यगंगा स्नान करने पर दसगुने पाप हर लेती हैं।*
*ज्येष्ठे मासि क्षितिसुतदिने शुक्लपक्षे दशम्यां हस्ते शैलादवतरदसौ जाह्नवी मर्त्यलोकम् ।*
*पापान्यस्यां हरति हि तिथौ सा दशैषाद्यगंगा पुण्यं दद्यादपि शतगुणं वाजिमेधक्रतोश्च।।*
🙏🏻 *ब्रह्म पुराण अध्याय 63*
*शुक्लपक्षस्य दशमी ज्येष्ठे मासि द्विजोत्तमाः। हरते दश पापानि तस्माद्दशहरा स्मृता।। ६३.१५ ।।*
*यस्तस्यां हलिनं कृष्णं पश्येद्भद्रां सुसंयतः। सर्वपापाविनिर्मुक्तो विष्णुलोकं व्रजेन्नरः।। ६३.१६ ।।*
🙏🏻 *ज्येष्ठ मास के शुक्लपक्ष की दशमी तिथि दस पापों को हरती है इसलिए उसे दशहरा कहा गया है। उस दिन जो लोग अपनी इन्द्रियों को वश में रखते हुए श्रीकृष्ण, बलराम और सुभद्रा का दर्शन करते हैं वे सब पापों से मुक्त हो विष्णुलोक जाते हैं।*
🙏🏻 *स्कन्दपुराण में लिखा हुआ है की*
*ज्येष्ठस्य शुक्लदशमी संवत्सरमुखी स्मृता।*
*तस्यां स्नानं प्रकुवर्तीत दानञ्चैव विशेषतः॥*
*ज्येष्ठ शुक्ला दशमी संवत्सरमुखी मानी गई है इसमें स्नान और दान तो विशेष करके करें।*
*यां काञ्चित् सरितं पाप्य दद्याद्दर्भैस्तिलोदकम्।*
*मुच्यते दशमिः पापैः सुमहापातकोपमैः॥*
*किसी भी नदी पर जाकर अर्घ्य (पूजादिक) एवं तिलोदक (तीर्थ प्राप्ति निमित्तक तर्पण) अवश्य करें। ऐसा करने वाला महापातकों के बराबर के दस पापों से छूट जाता है।*
🌷 *गंगा दशहरा* 🌷
➡ *05 जून 2025 गुरुवार को गंगा दशहरा समाप्त*
*भारतीय संस्कृति में गंगा का विशेष महत्व है। हिंदू धर्म में भी गंगा का देव नदी कहा गया है यानी देवताओं की नदी। गंगा दशहरा के मौके पर हम आपको बता रहे हैं गंगा जल के कुछ आसान उपाय।*
➡ *अगर परिवार के लोगों में नहीं बनती तो रोज सुबह पूरे घर में गंगा जल छिड़के। इससे घर की नेगेटिविटी कम होगी और शांति का माहौल बनेगा ।*
➡ *दक्षिणावर्ती शंख में गंगा जल भर कर उससे भगवान विष्णु का अभिषेक करें। इससे भगवान विष्णु के साथ-साथ माता लक्ष्मी भी प्रसन्न होगी ।*
➡ *परिवार में सुख-समृद्धि चाहते हैं तो पीपल के पेड़ पर रोज गंगा जल चढ़ाएं, क्योंकि पीपल में भगवान विष्णु का वास मना गया है ।*
➡ *दुकान में किसी ने तंत्र प्रयोग किया हो तो पूरी दुकान में गंगा जल छिड़के । इससे उस जगह की नेगेटिविटी खत्म हो जाएगी और व्यवसाय चलने लगेगा ।*
🙏🏻🌷🍀🌹🌻🌸🌺💐🍁🙏🏻
🌤️ *दिनांक - 04 जून 2025*
🌤️ *दिन - बुधवार*
🌤️ *विक्रत संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत - 1947*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - ग्रीष्म ॠतु*
🌤️ *मास - ज्येष्ठ*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - नवमी रात्रि 11:54 तक तत्पश्चात दशमी*
🌤️ *नक्षत्र - उत्तराफाल्गुनी 05 जून रात्रि 03:35 तक तत्पश्चात हस्त*
🌤️ *योग - वज्र सुबह 08:29 तक तत्पश्चात सिद्धि*
🌤️ *राहुकाल - दोपहर 12:07 से दोपहर 01:50 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 05:15*
🌤️ *सूर्यास्त - 18:59*
🚩 _*स्थानीय समयानुसार अभिजीत मुहूर्त, राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय चंद्रोदय, चंद्रास्त समय में अंतर सम्भव है.....*_ 🚩
👉 *दिशाशूल - उत्तर दिशा मे*
💥 *विशेष- नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌷 *व्यतिपात योग* 🌷
➡️ *05 जून 2025 गुरुवार को सुबह 09:14 से 06 जून, शुक्रवार को सुबह 10:13 तक व्यतिपात योग है।*
🙏🏻 *व्यतिपात योग की ऐसी महिमा है कि उस समय जप पाठ प्राणायम, माला से जप या मानसिक जप करने से भगवान की और विशेष कर भगवान सूर्यनारायण की प्रसन्नता प्राप्त होती है जप करने वालों को, व्यतिपात योग में जो कुछ भी किया जाता है उसका १ लाख गुना फल मिलता है।*
🙏🏻 *वाराह पुराण में ये बात आती है व्यतिपात योग की।*
🌷 *गंगा दशहरा* 🌷
➡ *05 जून 2025 गुरुवार को गंगा दशहरा समाप्त*
🙏🏻 *नारद पुराण के अनुसार ज्येष्ठ मास को मंगलवार को शुक्लपक्ष में दशमी तिथि को हस्त नक्षत्र में जाह्नवी का पहाडों से मर्त्यलोक में अवतरण हुआ। इस दिन वह आद्यगंगा स्नान करने पर दसगुने पाप हर लेती हैं।*
*ज्येष्ठे मासि क्षितिसुतदिने शुक्लपक्षे दशम्यां हस्ते शैलादवतरदसौ जाह्नवी मर्त्यलोकम् ।*
*पापान्यस्यां हरति हि तिथौ सा दशैषाद्यगंगा पुण्यं दद्यादपि शतगुणं वाजिमेधक्रतोश्च।।*
🙏🏻 *ब्रह्म पुराण अध्याय 63*
*शुक्लपक्षस्य दशमी ज्येष्ठे मासि द्विजोत्तमाः। हरते दश पापानि तस्माद्दशहरा स्मृता।। ६३.१५ ।।*
*यस्तस्यां हलिनं कृष्णं पश्येद्भद्रां सुसंयतः। सर्वपापाविनिर्मुक्तो विष्णुलोकं व्रजेन्नरः।। ६३.१६ ।।*
🙏🏻 *ज्येष्ठ मास के शुक्लपक्ष की दशमी तिथि दस पापों को हरती है इसलिए उसे दशहरा कहा गया है। उस दिन जो लोग अपनी इन्द्रियों को वश में रखते हुए श्रीकृष्ण, बलराम और सुभद्रा का दर्शन करते हैं वे सब पापों से मुक्त हो विष्णुलोक जाते हैं।*
🙏🏻 *स्कन्दपुराण में लिखा हुआ है की*
*ज्येष्ठस्य शुक्लदशमी संवत्सरमुखी स्मृता।*
*तस्यां स्नानं प्रकुवर्तीत दानञ्चैव विशेषतः॥*
*ज्येष्ठ शुक्ला दशमी संवत्सरमुखी मानी गई है इसमें स्नान और दान तो विशेष करके करें।*
*यां काञ्चित् सरितं पाप्य दद्याद्दर्भैस्तिलोदकम्।*
*मुच्यते दशमिः पापैः सुमहापातकोपमैः॥*
*किसी भी नदी पर जाकर अर्घ्य (पूजादिक) एवं तिलोदक (तीर्थ प्राप्ति निमित्तक तर्पण) अवश्य करें। ऐसा करने वाला महापातकों के बराबर के दस पापों से छूट जाता है।*
🌷 *गंगा दशहरा* 🌷
➡ *05 जून 2025 गुरुवार को गंगा दशहरा समाप्त*
*भारतीय संस्कृति में गंगा का विशेष महत्व है। हिंदू धर्म में भी गंगा का देव नदी कहा गया है यानी देवताओं की नदी। गंगा दशहरा के मौके पर हम आपको बता रहे हैं गंगा जल के कुछ आसान उपाय।*
➡ *अगर परिवार के लोगों में नहीं बनती तो रोज सुबह पूरे घर में गंगा जल छिड़के। इससे घर की नेगेटिविटी कम होगी और शांति का माहौल बनेगा ।*
➡ *दक्षिणावर्ती शंख में गंगा जल भर कर उससे भगवान विष्णु का अभिषेक करें। इससे भगवान विष्णु के साथ-साथ माता लक्ष्मी भी प्रसन्न होगी ।*
➡ *परिवार में सुख-समृद्धि चाहते हैं तो पीपल के पेड़ पर रोज गंगा जल चढ़ाएं, क्योंकि पीपल में भगवान विष्णु का वास मना गया है ।*
➡ *दुकान में किसी ने तंत्र प्रयोग किया हो तो पूरी दुकान में गंगा जल छिड़के । इससे उस जगह की नेगेटिविटी खत्म हो जाएगी और व्यवसाय चलने लगेगा ।*
🙏🏻🌷🍀🌹🌻🌸🌺💐🍁🙏🏻
*🔹निर्जला एकादशी ( 07 जून 2025 ) आसानी से कैसे करें ?*
*🔹सुबह सूर्योदय से पहले-पहले भरपेट पानी पी लें ।*
*🔹अगर घर में देशी गाय का घी है तो सूर्योदय से पहले ही 25 से 50 ग्राम गुनगुने पानी के साथ ले लें । इससे भूख-प्यास की उग्रता कम होगी, व्रत करने में आसानी होगी।*
*🔹सूर्योदय से पहले नींबू व मिश्री मिलाकर पानी पी लें तो प्यास कम लगेगी।*
*🔹दोपहर या शाम के समय मुल्तानी मिट्टी शरीर पर लगाकर आधा या एक घण्टे रखकर स्नान करें तो प्यास नही सताएगी । मुल्तानी में अगर पलाश के पाउडर अथवा छाछ, नींबू मिला ले अथवा इसमे से कोई भी एक चीज मिला ले तो प्यास नहीं सताएगी ।*
*🔹अनावश्यक घर से बाहर न जाए, भागदौड़ न करें जिससे पसीना न बहे । जितना कम पसीना बहेगा उतनी प्यास कम लगेगी, सम्भव हो तो मौन रखें, जप ध्यान करें , सत्संग सुनें, शास्त्र पढ़ें ।*
*🔹एकादशी व्रत तोड़ने की विधि:-*
*🔹दूसरे दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करके अपना जप का नियम करके फिर सूर्य को अर्ध्य देकर फिर व्रत तोड़ें ।*
*🔹7 भुने हुए चने को बीच से तोड़कर कुल 14 टुकड़े हाथ मे लेकर खड़े हो जाये ।*
*🔹(14 टुकड़ों को ) एक टुकड़ा आगे एक पीछे फेंकते जाएं, कि मेरे समस्त पाप संतापों का नाश हो, अंतःकरण शुद्ध हो ॐ ॐ ॐ ।*
*🔹कुछ भुने हुए चने खा लें, जिससे जमा हुआ कफ चने के साथ शरीर से बाहर आ जाये ।*
*🔹उसके बाद गुनगुने पानी मे नीबू की शिकंजी (सेंधा नमक भी अल्प मात्रा में डालें) बनाकर पियें ।*
*🔹एक डेढ़ घण्टे बाद बहुत पतली मूँग (बगैर मिर्च मसाले के हल्दी -धनिया डालकर) अथवा मूंग का पानी एक चम्मच घी डालकर खाएं ।*
*🔹पूरे दिन गुनगुना पानी ही पियें तो अच्छा होगा , कोई भी भारी चीज न खाएं, पूरा दिन मूँग ही खाएं तो अतिउत्तम होगा ।*
*🔸नोट : आप स्वस्थ हैं तो निर्जला रखिये यह सर्वोत्तम होगा, आपको पूरा पुण्य भी मिलेगा, अगर आपका स्वास्थ्य /उम्र निर्जला रखने की अनुमति नही दे रहा है (आप मधुमेह, उच्च रक्तचाप के रोगी हैं) तो सजला रखिये, अगर सजला भी नहीं रख सकते तो केवल दूध पर रहिये, अगर यह भी सम्भव नहीं तो फल और दूध पर रहिये ।*
*🔹निर्जला एकादशी ( 07 जून 2025 ) आसानी से कैसे करें ?*
*🔹सुबह सूर्योदय से पहले-पहले भरपेट पानी पी लें ।*
*🔹अगर घर में देशी गाय का घी है तो सूर्योदय से पहले ही 25 से 50 ग्राम गुनगुने पानी के साथ ले लें । इससे भूख-प्यास की उग्रता कम होगी, व्रत करने में आसानी होगी।*
*🔹सूर्योदय से पहले नींबू व मिश्री मिलाकर पानी पी लें तो प्यास कम लगेगी।*
*🔹दोपहर या शाम के समय मुल्तानी मिट्टी शरीर पर लगाकर आधा या एक घण्टे रखकर स्नान करें तो प्यास नही सताएगी । मुल्तानी में अगर पलाश के पाउडर अथवा छाछ, नींबू मिला ले अथवा इसमे से कोई भी एक चीज मिला ले तो प्यास नहीं सताएगी ।*
*🔹अनावश्यक घर से बाहर न जाए, भागदौड़ न करें जिससे पसीना न बहे । जितना कम पसीना बहेगा उतनी प्यास कम लगेगी, सम्भव हो तो मौन रखें, जप ध्यान करें , सत्संग सुनें, शास्त्र पढ़ें ।*
*🔹एकादशी व्रत तोड़ने की विधि:-*
*🔹दूसरे दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करके अपना जप का नियम करके फिर सूर्य को अर्ध्य देकर फिर व्रत तोड़ें ।*
*🔹7 भुने हुए चने को बीच से तोड़कर कुल 14 टुकड़े हाथ मे लेकर खड़े हो जाये ।*
*🔹(14 टुकड़ों को ) एक टुकड़ा आगे एक पीछे फेंकते जाएं, कि मेरे समस्त पाप संतापों का नाश हो, अंतःकरण शुद्ध हो ॐ ॐ ॐ ।*
*🔹कुछ भुने हुए चने खा लें, जिससे जमा हुआ कफ चने के साथ शरीर से बाहर आ जाये ।*
*🔹उसके बाद गुनगुने पानी मे नीबू की शिकंजी (सेंधा नमक भी अल्प मात्रा में डालें) बनाकर पियें ।*
*🔹एक डेढ़ घण्टे बाद बहुत पतली मूँग (बगैर मिर्च मसाले के हल्दी -धनिया डालकर) अथवा मूंग का पानी एक चम्मच घी डालकर खाएं ।*
*🔹पूरे दिन गुनगुना पानी ही पियें तो अच्छा होगा , कोई भी भारी चीज न खाएं, पूरा दिन मूँग ही खाएं तो अतिउत्तम होगा ।*
*🔸नोट : आप स्वस्थ हैं तो निर्जला रखिये यह सर्वोत्तम होगा, आपको पूरा पुण्य भी मिलेगा, अगर आपका स्वास्थ्य /उम्र निर्जला रखने की अनुमति नही दे रहा है (आप मधुमेह, उच्च रक्तचाप के रोगी हैं) तो सजला रखिये, अगर सजला भी नहीं रख सकते तो केवल दूध पर रहिये, अगर यह भी सम्भव नहीं तो फल और दूध पर रहिये ।*
*🔹सुबह सूर्योदय से पहले-पहले भरपेट पानी पी लें ।*
*🔹अगर घर में देशी गाय का घी है तो सूर्योदय से पहले ही 25 से 50 ग्राम गुनगुने पानी के साथ ले लें । इससे भूख-प्यास की उग्रता कम होगी, व्रत करने में आसानी होगी।*
*🔹सूर्योदय से पहले नींबू व मिश्री मिलाकर पानी पी लें तो प्यास कम लगेगी।*
*🔹दोपहर या शाम के समय मुल्तानी मिट्टी शरीर पर लगाकर आधा या एक घण्टे रखकर स्नान करें तो प्यास नही सताएगी । मुल्तानी में अगर पलाश के पाउडर अथवा छाछ, नींबू मिला ले अथवा इसमे से कोई भी एक चीज मिला ले तो प्यास नहीं सताएगी ।*
*🔹अनावश्यक घर से बाहर न जाए, भागदौड़ न करें जिससे पसीना न बहे । जितना कम पसीना बहेगा उतनी प्यास कम लगेगी, सम्भव हो तो मौन रखें, जप ध्यान करें , सत्संग सुनें, शास्त्र पढ़ें ।*
*🔹एकादशी व्रत तोड़ने की विधि:-*
*🔹दूसरे दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करके अपना जप का नियम करके फिर सूर्य को अर्ध्य देकर फिर व्रत तोड़ें ।*
*🔹7 भुने हुए चने को बीच से तोड़कर कुल 14 टुकड़े हाथ मे लेकर खड़े हो जाये ।*
*🔹(14 टुकड़ों को ) एक टुकड़ा आगे एक पीछे फेंकते जाएं, कि मेरे समस्त पाप संतापों का नाश हो, अंतःकरण शुद्ध हो ॐ ॐ ॐ ।*
*🔹कुछ भुने हुए चने खा लें, जिससे जमा हुआ कफ चने के साथ शरीर से बाहर आ जाये ।*
*🔹उसके बाद गुनगुने पानी मे नीबू की शिकंजी (सेंधा नमक भी अल्प मात्रा में डालें) बनाकर पियें ।*
*🔹एक डेढ़ घण्टे बाद बहुत पतली मूँग (बगैर मिर्च मसाले के हल्दी -धनिया डालकर) अथवा मूंग का पानी एक चम्मच घी डालकर खाएं ।*
*🔹पूरे दिन गुनगुना पानी ही पियें तो अच्छा होगा , कोई भी भारी चीज न खाएं, पूरा दिन मूँग ही खाएं तो अतिउत्तम होगा ।*
*🔸नोट : आप स्वस्थ हैं तो निर्जला रखिये यह सर्वोत्तम होगा, आपको पूरा पुण्य भी मिलेगा, अगर आपका स्वास्थ्य /उम्र निर्जला रखने की अनुमति नही दे रहा है (आप मधुमेह, उच्च रक्तचाप के रोगी हैं) तो सजला रखिये, अगर सजला भी नहीं रख सकते तो केवल दूध पर रहिये, अगर यह भी सम्भव नहीं तो फल और दूध पर रहिये ।*
*🔹निर्जला एकादशी ( 07 जून 2025 ) आसानी से कैसे करें ?*
*🔹सुबह सूर्योदय से पहले-पहले भरपेट पानी पी लें ।*
*🔹अगर घर में देशी गाय का घी है तो सूर्योदय से पहले ही 25 से 50 ग्राम गुनगुने पानी के साथ ले लें । इससे भूख-प्यास की उग्रता कम होगी, व्रत करने में आसानी होगी।*
*🔹सूर्योदय से पहले नींबू व मिश्री मिलाकर पानी पी लें तो प्यास कम लगेगी।*
*🔹दोपहर या शाम के समय मुल्तानी मिट्टी शरीर पर लगाकर आधा या एक घण्टे रखकर स्नान करें तो प्यास नही सताएगी । मुल्तानी में अगर पलाश के पाउडर अथवा छाछ, नींबू मिला ले अथवा इसमे से कोई भी एक चीज मिला ले तो प्यास नहीं सताएगी ।*
*🔹अनावश्यक घर से बाहर न जाए, भागदौड़ न करें जिससे पसीना न बहे । जितना कम पसीना बहेगा उतनी प्यास कम लगेगी, सम्भव हो तो मौन रखें, जप ध्यान करें , सत्संग सुनें, शास्त्र पढ़ें ।*
*🔹एकादशी व्रत तोड़ने की विधि:-*
*🔹दूसरे दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करके अपना जप का नियम करके फिर सूर्य को अर्ध्य देकर फिर व्रत तोड़ें ।*
*🔹7 भुने हुए चने को बीच से तोड़कर कुल 14 टुकड़े हाथ मे लेकर खड़े हो जाये ।*
*🔹(14 टुकड़ों को ) एक टुकड़ा आगे एक पीछे फेंकते जाएं, कि मेरे समस्त पाप संतापों का नाश हो, अंतःकरण शुद्ध हो ॐ ॐ ॐ ।*
*🔹कुछ भुने हुए चने खा लें, जिससे जमा हुआ कफ चने के साथ शरीर से बाहर आ जाये ।*
*🔹उसके बाद गुनगुने पानी मे नीबू की शिकंजी (सेंधा नमक भी अल्प मात्रा में डालें) बनाकर पियें ।*
*🔹एक डेढ़ घण्टे बाद बहुत पतली मूँग (बगैर मिर्च मसाले के हल्दी -धनिया डालकर) अथवा मूंग का पानी एक चम्मच घी डालकर खाएं ।*
*🔹पूरे दिन गुनगुना पानी ही पियें तो अच्छा होगा , कोई भी भारी चीज न खाएं, पूरा दिन मूँग ही खाएं तो अतिउत्तम होगा ।*
*🔸नोट : आप स्वस्थ हैं तो निर्जला रखिये यह सर्वोत्तम होगा, आपको पूरा पुण्य भी मिलेगा, अगर आपका स्वास्थ्य /उम्र निर्जला रखने की अनुमति नही दे रहा है (आप मधुमेह, उच्च रक्तचाप के रोगी हैं) तो सजला रखिये, अगर सजला भी नहीं रख सकते तो केवल दूध पर रहिये, अगर यह भी सम्भव नहीं तो फल और दूध पर रहिये ।*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️ *दिनांक - 06 जून 2025*
🌤️ *दिन - शुक्रवार*
🌤️ *विक्रत संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - ग्रीष्म ॠतु*
🌤️ *मास - ज्येष्ठ*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - एकादशी 07 जून प्रातः 04:47 तक तत्पश्चात द्वादशी*
🌤️ *नक्षत्र - हस्त सुबह 06:34 तक तत्पश्चात चित्रा*
🌤️ *योग - व्यतीपात सुबह 10:13 तक तत्पश्चात वरीयान*
🌤️ *राहुकाल - सुबह 10:57 से दोपहर 12:37 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 05:57*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:17*
👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण - निर्जला एकादशी (स्मार्त)*
💥 *विशेष- हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है /
l राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।*
💥 *आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l*
💥 *एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।*
💥 *एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।*
💥 *जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *निर्जला-भीम एकादशी* 🌷
➡️ *05 जून, गुरुवार को रात्रि 02:15 यानि (06 जून 02:15 AM) से 07 जून प्रात: 04:47 तक एकादशी है।*
💥 *विशेष - 06 जून 2025 शुक्रवार को निर्जला-भीम एकादशी (स्मार्त) एवं 07 जून 2025 शनिवार को निर्जला-भीम एकादशी (भागवत), 07 जून, शनिवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखें।*
👉🏻 *शास्त्र अनुसार निर्जला एकादशी की महत्वपूर्ण जानकारी*⤵️
🙏🏻 *निर्णयसिन्धु के प्रथम परिच्छेद में एकादशी के निर्णय में 18 भेद कहे गये हैंl*
🙏🏻 *कालहेमाद्रि में मार्कण्डेयजी ने कहा है – जब बहुत वाक्य के विरोध से यदि संदेह हो जाय तो एकादशी का उपवास द्वादशी को ग्रहण करे और त्रयोदशी में पारणा करे ।*
🙏🏻 *पद्म पुराण में आता है कि एकादशी व्रत के निर्णय में सब विवादों में द्वादशी को उपवास तथा त्रयोदशी में पारणा करे ।*
🙏🏻 *दशमी मिश्रित एकादशी परित्यज्य है । द्वादशी युक्त एकादशी उपवास योग्य है किन्तु दशमी युक्त एकादशी में कभी भी उपवास नहीं करना चाहिए । - सौरधर्मोत्तर*
🙏🏻 *द्वादशी मिश्रित एकादशी सर्वदा ही ग्रहण योग्य है । "द्वादशी मिश्रित ग्राह्या सर्वत्रैकादशी तिथिः" - पद्मपुराण*
🙏🏻 *नारद पुराण में वर्णित है कि जिस समय बहुवाक्य विरोध के कारण संदेह उपस्थित हो उस समय द्वादशी में उपवास करते हुए त्रयोदशी में पारण करना चाहिए।*
💥 *विशेष ~ अतः इस बार भी शास्त्र अनुसार 07 जून, शनिवार को उपवास करें*।
📒 *वैदिक पंचांग प्रकाशित स्थल ~ (गुजरात)*
🌞 *~ वैदिक पंचाग ~* 🌞
🙏🍀🌻🌹🌸💐🍁🌷🌺🙏
🌤️ *दिनांक - 06 जून 2025*
🌤️ *दिन - शुक्रवार*
🌤️ *विक्रत संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - ग्रीष्म ॠतु*
🌤️ *मास - ज्येष्ठ*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - एकादशी 07 जून प्रातः 04:47 तक तत्पश्चात द्वादशी*
🌤️ *नक्षत्र - हस्त सुबह 06:34 तक तत्पश्चात चित्रा*
🌤️ *योग - व्यतीपात सुबह 10:13 तक तत्पश्चात वरीयान*
🌤️ *राहुकाल - सुबह 10:57 से दोपहर 12:37 तक*
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🌤️ *सूर्यास्त - 07:17*
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🚩 *व्रत पर्व विवरण - निर्जला एकादशी (स्मार्त)*
💥 *विशेष- हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है /
l राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।*
💥 *आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l*
💥 *एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।*
💥 *एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।*
💥 *जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *निर्जला-भीम एकादशी* 🌷
➡️ *05 जून, गुरुवार को रात्रि 02:15 यानि (06 जून 02:15 AM) से 07 जून प्रात: 04:47 तक एकादशी है।*
💥 *विशेष - 06 जून 2025 शुक्रवार को निर्जला-भीम एकादशी (स्मार्त) एवं 07 जून 2025 शनिवार को निर्जला-भीम एकादशी (भागवत), 07 जून, शनिवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखें।*
👉🏻 *शास्त्र अनुसार निर्जला एकादशी की महत्वपूर्ण जानकारी*⤵️
🙏🏻 *निर्णयसिन्धु के प्रथम परिच्छेद में एकादशी के निर्णय में 18 भेद कहे गये हैंl*
🙏🏻 *कालहेमाद्रि में मार्कण्डेयजी ने कहा है – जब बहुत वाक्य के विरोध से यदि संदेह हो जाय तो एकादशी का उपवास द्वादशी को ग्रहण करे और त्रयोदशी में पारणा करे ।*
🙏🏻 *पद्म पुराण में आता है कि एकादशी व्रत के निर्णय में सब विवादों में द्वादशी को उपवास तथा त्रयोदशी में पारणा करे ।*
🙏🏻 *दशमी मिश्रित एकादशी परित्यज्य है । द्वादशी युक्त एकादशी उपवास योग्य है किन्तु दशमी युक्त एकादशी में कभी भी उपवास नहीं करना चाहिए । - सौरधर्मोत्तर*
🙏🏻 *द्वादशी मिश्रित एकादशी सर्वदा ही ग्रहण योग्य है । "द्वादशी मिश्रित ग्राह्या सर्वत्रैकादशी तिथिः" - पद्मपुराण*
🙏🏻 *नारद पुराण में वर्णित है कि जिस समय बहुवाक्य विरोध के कारण संदेह उपस्थित हो उस समय द्वादशी में उपवास करते हुए त्रयोदशी में पारण करना चाहिए।*
💥 *विशेष ~ अतः इस बार भी शास्त्र अनुसार 07 जून, शनिवार को उपवास करें*।
📒 *वैदिक पंचांग प्रकाशित स्थल ~ (गुजरात)*
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*"ना तो ये बनाया हुआ है ना ही कुछ जुगाड़ !!! ये👇 मूल रूप से प्राकृतिक नैचुरल और मां नर्मदा नदी के गहरे गर्त कुंड जहाँ "नर्मदेश्वर" शिवलिंग स्वयं बनते हैं वही शिवलिंग हैं!!!👌"* ....
*हां चमत्कार यही है कि विज्ञान और वैज्ञानिक इसकी एनर्जी ऊर्जा देखकर जरुर परेशान हैं और हाथ खड़े कर लिए हैं !!! अब हाथ जोड़ जरुर रहे हैं! !!!* *आप भी देखिये 🔱 अलख निरञ्जन बमबम ....*
*हां चमत्कार यही है कि विज्ञान और वैज्ञानिक इसकी एनर्जी ऊर्जा देखकर जरुर परेशान हैं और हाथ खड़े कर लिए हैं !!! अब हाथ जोड़ जरुर रहे हैं! !!!* *आप भी देखिये 🔱 अलख निरञ्जन बमबम ....*
❤1
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️ *दिनांक - 09 जून 2025*
🌤️ *दिन - सोमवार*
🌤️ *विक्रत संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - ग्रीष्म ॠतु*
🌤️ *मास - ज्येष्ठ*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - त्रयोदशी सुबह 09:35 तक तत्पश्चात चतुर्दशी*
🌤️ *नक्षत्र - विशाखा शाम 03:31 तक तत्पश्चात अनुराधा*
🌤️ *योग - शिव दोपहर 01:09 तक तत्पश्चात सिद्ध*
🌤️ *राहुकाल - सुबह 07:37 से सुबह 09:17 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 05:57*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:18*
👉 *दिशाशूल - पूर्व दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण -
💥 *विशेष- त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *अन्नपूर्णा प्रयोग* 🌷
🏡 *प्रति पूर्णिमा को घर के अन्न – भंडार के स्थान पर कपास तेल का दीपक जलायें | इसके प्रभाव से घर की रसोई में बहुत बरकत होती है | यह अन्नपूर्णा प्रयोग हैं |*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *शनि निवारण का उपाय* 🌷
🙏🏻 *गले में लाल धागे में रुद्राक्ष पहन लें और भगवान शिव जी को बिल्व पत्र चढ़ाने से शनि शांत होते हैं l*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *ग्रहों से जुड़े दोष एवं आर्थिक तंगी दूर करने के लिए*
🙏🏻 *कहा जाता है कि कुछ खास चीजों को यदि नहाने के पानी में डाल लिया जाए तो ग्रहों से जुड़े दोष दूर होते हैं और साथ ही, उम्र बढ़ती है व आर्थिक तंगी भी दूर होती है। आईए जानते हैं ज्योतिष और लक्ष्मी योग नाम के ग्रंथ में बताए गए कुछ खास उपायों को ..*
👉🏻 *पानी में इलायची या केसर डालकर नहाने से आर्थिक तंगी दूर होती है ।*
👉🏻 *पानी में दूध मिलाकर नहाने से शक्ति मिलती है और उम्र भी बढ़ती है ।*
👉🏻 *पानी में रत्न डालकर नहाने से आभूषणों की प्राप्ति होती है ।*
👉🏻 *पानी में तिल डालकर नहाने से महालक्ष्मी की कृपा मिलती है ।*
👉🏻 *पानी में थोड़ा दही मिलाकर नहाने से संपत्ति में बढ़ोत्तरी होती है ।*
👉🏻 *घी डालकर नहाने से आयु बढ़ती है और शरीर स्वस्थ रहता है ।*
👉🏻 *पानी में इत्र या सुगंधित चीजें डालकर नहाने से पैसों की कमी दूर होती है ।*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻
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🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - ग्रीष्म ॠतु*
🌤️ *मास - ज्येष्ठ*
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🌤️ *तिथि - त्रयोदशी सुबह 09:35 तक तत्पश्चात चतुर्दशी*
🌤️ *नक्षत्र - विशाखा शाम 03:31 तक तत्पश्चात अनुराधा*
🌤️ *योग - शिव दोपहर 01:09 तक तत्पश्चात सिद्ध*
🌤️ *राहुकाल - सुबह 07:37 से सुबह 09:17 तक*
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🚩 *व्रत पर्व विवरण -
💥 *विशेष- त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *अन्नपूर्णा प्रयोग* 🌷
🏡 *प्रति पूर्णिमा को घर के अन्न – भंडार के स्थान पर कपास तेल का दीपक जलायें | इसके प्रभाव से घर की रसोई में बहुत बरकत होती है | यह अन्नपूर्णा प्रयोग हैं |*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *शनि निवारण का उपाय* 🌷
🙏🏻 *गले में लाल धागे में रुद्राक्ष पहन लें और भगवान शिव जी को बिल्व पत्र चढ़ाने से शनि शांत होते हैं l*
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🌷 *ग्रहों से जुड़े दोष एवं आर्थिक तंगी दूर करने के लिए*
🙏🏻 *कहा जाता है कि कुछ खास चीजों को यदि नहाने के पानी में डाल लिया जाए तो ग्रहों से जुड़े दोष दूर होते हैं और साथ ही, उम्र बढ़ती है व आर्थिक तंगी भी दूर होती है। आईए जानते हैं ज्योतिष और लक्ष्मी योग नाम के ग्रंथ में बताए गए कुछ खास उपायों को ..*
👉🏻 *पानी में इलायची या केसर डालकर नहाने से आर्थिक तंगी दूर होती है ।*
👉🏻 *पानी में दूध मिलाकर नहाने से शक्ति मिलती है और उम्र भी बढ़ती है ।*
👉🏻 *पानी में रत्न डालकर नहाने से आभूषणों की प्राप्ति होती है ।*
👉🏻 *पानी में तिल डालकर नहाने से महालक्ष्मी की कृपा मिलती है ।*
👉🏻 *पानी में थोड़ा दही मिलाकर नहाने से संपत्ति में बढ़ोत्तरी होती है ।*
👉🏻 *घी डालकर नहाने से आयु बढ़ती है और शरीर स्वस्थ रहता है ।*
👉🏻 *पानी में इत्र या सुगंधित चीजें डालकर नहाने से पैसों की कमी दूर होती है ।*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻
👍3❤2
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️ *दिनांक - 12 जून 2025*
🌤️ *दिन - गुरूवार*
🌤️ *विक्रत संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - ग्रीष्म ॠतु*
🌤️ *मास - आषाढ (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार ज्येष्ठ)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - प्रतिपदा दोपहर 02:27 तक तत्पश्चात द्वितीया*
🌤️ *नक्षत्र - मूल रात्रि 09:57 तक तत्पश्चात पूर्वाषाढा*
🌤️ *योग - शुभ दोपहर 02:05 तक तत्पश्चात शुक्ल*
🌤️ *राहुकाल - दोपहर 02:19 से शाम 04:00 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 05:57*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:19*
👉 *दिशाशूल - दक्षिण दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण -
💥 *विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा पेठा) न खाएं क्योकि यह धन का नाश करने वाला है (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *गर्मी में कैसे रहें स्वस्थ* 🌷
👉🏻 *क्या करें*
➡️ *1] सुपाच्य, चिकनाई व मधुर रसयुक्त, शीतल प्रकृति के और तरल पदार्थों का सेवन अधिक मात्रा में करें |*
➡️ *2] देशी गाय का दूध, घी तथा मिश्री, फल आदि का सेवन करना हितकारी है ।*
➡️ *3] धूप में चलते समय सिर को टोपी या पगड़ी से ढक लें |*
➡️ *4] घड़े या सुराही का जल खुला हितकर है |*
➡️ *5] ऐसे कपड़े पहने जाने चाहिए जो आसानी से सूखे हुए हों।*
👉🏻 *क्या न करें*
❌ *1] गर्मियों में गर्म प्रकृति के साथ, तीखे और पचने में भारी पदार्थों से परहेज करें ।*
❌ *2] धूप में आने के तुरंत बाद या एक साथअधिक पानी ना पिए |*
❌ *3 धूम में घूमना, अधिक व्यायाम करना, देर रात तक जागना, अधिक देर तक भूखा-प्यासा रहना खतरा है |*
❌ *4] अत्यधिक ठंडा पेय, ठंडा पेय, चिपचिपाहट का ठंडा पानी, बर्फ, आइसक्रीम आदि का सेवन न करें।*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *विद्यालाभ योग* 🌷
➡ *14 जून 2025 शनिवार को विद्यालाभ योग (गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडू, आंध्र प्रदेश, आदि अमावस्यांत मास प्रचलनवाले राज्यों को छोड़कर भारतभर में)*
🙏🏻 *विद्यालाभ के लिए मंत्र*
👉🏻 *ॐ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं वाग्वादिनि सरस्वति मम जिह्वाग्रे वद वद ॐ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं नमः स्वाहा ।*
💥 *विशेष - जिन राज्यों में पूर्णिमा को माह का अंत माना जाता है वहाँ यह मंत्र 14 जून 2025 शनिवार को प्रातः 04:17 से रात्रि 11:45 तक 108 बार जप लें और फिर मंत्रजप के बाद रात्रि 11:00 से 12:00 बजे के बीच जीभ पर लाल चंदन से "ह्रीं" मंत्र लिख दें । जिसकी जीभ पर यह मंत्र इस विधि से लिखा जायेगा, उसे विद्यालाभ व विद्वत्ता की प्राप्ति होगी |*
💥 *विशेष - गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडू, आंध्र प्रदेश, आदि जहाँ अमावस्या को माह का अंत माना जाता है वहाँ 11 जुलाई 2025 शुक्रवार को प्रातः 05:56 से रात्रि 11:45 बजे तक 108 बार मंत्र जप लें और रात्रि 11:00 से 12:00 बजे के बीच जीभ पर लाल चंदन 'ह्रीं' मंत्र लिख दें ।*
👉🏻 *(ध्यान दें :- गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडू, आंध्र प्रदेश, आदि अमावस्यांत मास प्रचलनवाले राज्यों में यह योग 11 जुलाई 2025 शुक्रवार को है ।)
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🙏🏻🌷🌸🌼💐☘🌹🌻🌺🙏🏻
🌤️ *दिनांक - 12 जून 2025*
🌤️ *दिन - गुरूवार*
🌤️ *विक्रत संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - ग्रीष्म ॠतु*
🌤️ *मास - आषाढ (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार ज्येष्ठ)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - प्रतिपदा दोपहर 02:27 तक तत्पश्चात द्वितीया*
🌤️ *नक्षत्र - मूल रात्रि 09:57 तक तत्पश्चात पूर्वाषाढा*
🌤️ *योग - शुभ दोपहर 02:05 तक तत्पश्चात शुक्ल*
🌤️ *राहुकाल - दोपहर 02:19 से शाम 04:00 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 05:57*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:19*
👉 *दिशाशूल - दक्षिण दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण -
💥 *विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा पेठा) न खाएं क्योकि यह धन का नाश करने वाला है (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
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🌷 *गर्मी में कैसे रहें स्वस्थ* 🌷
👉🏻 *क्या करें*
➡️ *1] सुपाच्य, चिकनाई व मधुर रसयुक्त, शीतल प्रकृति के और तरल पदार्थों का सेवन अधिक मात्रा में करें |*
➡️ *2] देशी गाय का दूध, घी तथा मिश्री, फल आदि का सेवन करना हितकारी है ।*
➡️ *3] धूप में चलते समय सिर को टोपी या पगड़ी से ढक लें |*
➡️ *4] घड़े या सुराही का जल खुला हितकर है |*
➡️ *5] ऐसे कपड़े पहने जाने चाहिए जो आसानी से सूखे हुए हों।*
👉🏻 *क्या न करें*
❌ *1] गर्मियों में गर्म प्रकृति के साथ, तीखे और पचने में भारी पदार्थों से परहेज करें ।*
❌ *2] धूप में आने के तुरंत बाद या एक साथअधिक पानी ना पिए |*
❌ *3 धूम में घूमना, अधिक व्यायाम करना, देर रात तक जागना, अधिक देर तक भूखा-प्यासा रहना खतरा है |*
❌ *4] अत्यधिक ठंडा पेय, ठंडा पेय, चिपचिपाहट का ठंडा पानी, बर्फ, आइसक्रीम आदि का सेवन न करें।*
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🌷 *विद्यालाभ योग* 🌷
➡ *14 जून 2025 शनिवार को विद्यालाभ योग (गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडू, आंध्र प्रदेश, आदि अमावस्यांत मास प्रचलनवाले राज्यों को छोड़कर भारतभर में)*
🙏🏻 *विद्यालाभ के लिए मंत्र*
👉🏻 *ॐ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं वाग्वादिनि सरस्वति मम जिह्वाग्रे वद वद ॐ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं नमः स्वाहा ।*
💥 *विशेष - जिन राज्यों में पूर्णिमा को माह का अंत माना जाता है वहाँ यह मंत्र 14 जून 2025 शनिवार को प्रातः 04:17 से रात्रि 11:45 तक 108 बार जप लें और फिर मंत्रजप के बाद रात्रि 11:00 से 12:00 बजे के बीच जीभ पर लाल चंदन से "ह्रीं" मंत्र लिख दें । जिसकी जीभ पर यह मंत्र इस विधि से लिखा जायेगा, उसे विद्यालाभ व विद्वत्ता की प्राप्ति होगी |*
💥 *विशेष - गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडू, आंध्र प्रदेश, आदि जहाँ अमावस्या को माह का अंत माना जाता है वहाँ 11 जुलाई 2025 शुक्रवार को प्रातः 05:56 से रात्रि 11:45 बजे तक 108 बार मंत्र जप लें और रात्रि 11:00 से 12:00 बजे के बीच जीभ पर लाल चंदन 'ह्रीं' मंत्र लिख दें ।*
👉🏻 *(ध्यान दें :- गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडू, आंध्र प्रदेश, आदि अमावस्यांत मास प्रचलनवाले राज्यों में यह योग 11 जुलाई 2025 शुक्रवार को है ।)
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🙏🏻🌷🌸🌼💐☘🌹🌻🌺🙏🏻