बदलते भारत की छवी
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भारत में जो वर्तमान समय कि स्थिति प्रस्थिति हैं उसने बाहर निकलना है

काले अंग्रेजों से मातृ भूमि के मुक्त और गौ हत्या का विरोध करना है
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*सांदीपनी गुरुकुल स्वाध्याय केन्द्र उज्जैन,* *ऑनलाइन त्रैमासिक फलित ज्योतिष कक्षा*

*12 जून गुरुवार 2025 से प्रारंभ होगा*
जो अध्ययन करना चाहते हैं मुझे व्हाट्सएप में मैसेज करें 8602666380/6260144580

कक्षा सप्ताह में 6 दिन

*सोमवार, मंगलवार, बुधवार,गुरुवार शुक्रवार, शनिवार*

*कक्षा समय रात्रि 9:00pm*

त्रैमासिक शुल्क एक साथ पेय करने पर मात्र 1051/-
मासिक पेय करने पर 400/-
प्रति माह
गूगल पेय/फोनपेय /पेटीएम नंबर
(6260144580

*नोट : जो मन लगाकर के अध्ययन करेगा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म में कार्य करने का भी मौका मिलेगा*।
नमो नमः 🙏
🌹🌹🌹🌹
सूचना
🌹🌹🌹🌹
जो छात्र पूर्व में शुल्क पेय करके अध्ययन किया है उन छात्रों को कुछ छूट दिया जाएगा
🙏1
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️ *दिनांक - 13 जून 2025*
🌤️ *दिन - शुक्रवार*
🌤️ *विक्रत संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - ग्रीष्म ॠतु*
🌤️ *मास - आषाढ (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार ज्येष्ठ)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - द्वितीया शाम 03:18 तक तत्पश्चात तृतीया*
🌤️ *नक्षत्र - पूर्वाषाढा रात्रि 11:21 तक तत्पश्चात उत्तराषाढा*
🌤️ *योग - शुक्ल दोपहर 01:48 तक तत्पश्चात ब्रह्म*
🌤️ *राहुकाल - सुबह 10:58 से दोपहर 12:39 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 05:57*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:19*
👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण -
💥 *विशेष - द्वितीया को बृहती (छोटा  बैगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞

🌷 *विघ्नों और मुसीबते दूर करने के लिए* 🌷
👉 *14 जून 2025 शनिवार को संकष्ट चतुर्थी (चन्द्रोदय रात्रि 10:01)*
🙏🏻 *शिव पुराण में आता हैं कि हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी ( पूनम के बाद की ) के दिन सुबह में गणपतिजी का पूजन करें और रात को चन्द्रमा में गणपतिजी की भावना करके अर्घ्य दें और ये मंत्र बोलें :*
🌷 *ॐ गं गणपते नमः ।*
🌷 *ॐ सोमाय नमः ।*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *चतुर्थी तिथि विशेष* 🌷
🙏🏻 *चतुर्थी तिथि के स्वामी भगवान गणेश जी हैं।*
📆 *हिन्दू कैलेण्डर में प्रत्येक मास में दो चतुर्थी होती हैं।*
🙏🏻 *पूर्णिमा के बाद आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्ट चतुर्थी कहते हैं।अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं।*
🙏🏻 *शिवपुराण के अनुसार “महागणपतेः पूजा चतुर्थ्यां कृष्णपक्षके। पक्षपापक्षयकरी पक्षभोगफलप्रदा ॥*
➡ *“ अर्थात प्रत्येक मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि को की हुई महागणपति की पूजा एक पक्ष के पापों का नाश करनेवाली और एक पक्षतक उत्तम भोगरूपी फल देनेवाली होती है ।*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞

🌷 *कोई कष्ट हो तो* 🌷
🙏🏻 *हमारे जीवन में बहुत समस्याएँ आती रहती हैं, मिटती नहीं हैं ।, कभी कोई कष्ट, कभी कोई समस्या | ऐसे लोग शिवपुराण में बताया हुआ एक प्रयोग कर सकते हैं कि, कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (मतलब पुर्णिमा के बाद की चतुर्थी ) आती है | उस दिन सुबह छः मंत्र बोलते हुये गणपतिजी को प्रणाम करें कि हमारे घर में ये बार-बार कष्ट और समस्याएं आ रही हैं वो नष्ट हों |*
👉🏻 *छः मंत्र इस प्रकार हैं –*
🌷 *ॐ सुमुखाय नम: : सुंदर मुख वाले; हमारे मुख पर भी सच्ची भक्ति प्रदान सुंदरता रहे ।*
🌷 *ॐ दुर्मुखाय नम: : मतलब भक्त को जब कोई आसुरी प्रवृत्ति वाला सताता है तो… भैरव देख दुष्ट घबराये ।*
🌷 *ॐ मोदाय नम: : मुदित रहने वाले, प्रसन्न रहने वाले । उनका सुमिरन करने वाले भी प्रसन्न हो जायें ।*
🌷 *ॐ प्रमोदाय नम: : प्रमोदाय; दूसरों को भी आनंदित करते हैं । भक्त भी प्रमोदी होता है और अभक्त प्रमादी होता है, आलसी । आलसी आदमी को लक्ष्मी छोड़ कर चली जाती है । और जो प्रमादी न हो, लक्ष्मी स्थायी होती है ।*
🌷 *ॐ अविघ्नाय नम:*
🌷 *ॐ विघ्नकरत्र्येय नम:*
📒 *वैदिक पंचांग प्रकाशित स्थल ~ (गुजरात)*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🙏🏻🌷🌸🌼💐☘🌹🌻🌺🙏🏻
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🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️ *दिनांक - 20 जून 2025*
🌤️ *दिन - शुक्रवार*
🌤️ *विक्रत संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - ग्रीष्म ॠतु*
🌤️ *मास - आषाढ (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार ज्येष्ठ)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - नवमी सुबह 09:49 तक तत्पश्चात दशमी*
🌤️ *नक्षत्र - रेवती रात्रि 09:45 तक तत्पश्चात अश्विनी*
🌤️ *योग - शोभन रात्रि 11:47 तक तत्पश्चात अतिगण्ड*
🌤️ *राहुकाल - सुबह 11:00 से दोपहर 12:40 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 05:58*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:21*
👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण - पंचक (समाप्त : रात्रि 09:45)*
💥 *विशेष - नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞

👉🏻 *योगिनी एकादशी का व्रत करे 22 जून को संपूर्ण जानकारी*
🌷 *एकादशी व्रत के लाभ* 🌷
➡️ *21 जून 2025 शनिवार को सुबह 07:18 से 22 जून, रविवार को प्रातः 04:27 तक एकादशी है।*
*21 जून 2025 शनिवार को योगिनी एकादशी (स्मार्त) एवं 22 जून, रविवार को योगिनी एकादशी (भागवत)*
💥 *विशेष - 22 जून, रविवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखे।*
🙏🏻 *जो पुण्य सूर्यग्रहण में दान से होता है, उससे कई गुना अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।*
🙏🏻 *जो पुण्य गौ-दान सुवर्ण-दान, अश्वमेघ यज्ञ से होता है, उससे अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।*
🙏🏻 *एकादशी करनेवालों के पितर नीच योनि से मुक्त होते हैं और अपने परिवारवालों पर प्रसन्नता बरसाते हैं ।इसलिए यह व्रत करने वालों के घर में सुख-शांति बनी रहती है ।*
🙏🏻 *धन-धान्य, पुत्रादि की वृद्धि होती है ।*
🙏🏻 *कीर्ति बढ़ती है, श्रद्धा-भक्ति बढ़ती है, जिससे जीवन रसमय बनता है ।*
🙏🏻 *परमात्मा की प्रसन्नता प्राप्त होती है ।पूर्वकाल में राजा नहुष, अंबरीष, राजा गाधी आदि जिन्होंने भी एकादशी का व्रत किया, उन्हें इस पृथ्वी का समस्त ऐश्वर्य प्राप्त हुआ ।भगवान शिवजी ने नारद से कहा है : एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं, इसमे कोई संदेह नहीं है । एकादशी के दिन किये हुए व्रत, गौ-दान आदि का अनंत गुना पुण्य होता है ।*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞

🌷 *एकादशी के दिन करने योग्य* 🌷
🙏🏻 *एकादशी को दिया जलाके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें 👉🏻 .......विष्णु सहस्त्र नाम नहीं हो तो १० माला गुरुमंत्र का जप कर लें l अगर घर में झगडे होते हों, तो झगड़े शांत हों जायें ऐसा संकल्प करके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें तो घर के झगड़े भी शांत होंगे l*🙏🏻
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *एकादशी के दिन ये सावधानी रहे* 🌷
🙏🏻 *महीने में १५-१५ दिन में एकादशी आती है एकादशी का व्रत पाप और रोगों को स्वाहा कर देता है लेकिन वृद्ध, बालक और बीमार व्यक्ति एकादशी न रख सके तभी भी उनको चावल का तो त्याग करना चाहिए एकादशी के दिन जो चावल खाता है... तो धार्मिक ग्रन्थ से एक- एक चावल एक- एक कीड़ा खाने का पाप लगता है...ऐसा डोंगरे जी महाराज के भागवत में डोंगरे जी महाराज ने कहा*🙏🏻
📒 *वैदिक पंचांग प्रकाशित स्थल ~ (गुजरात)*
🌞 *~ वैदिक पंचाग ~* 🌞
🙏🍀🌻🌹🌸💐🍁🌷🌺🙏
*🔹रुचिकर, भूखवर्धक, उदररोगनाशक प्रयोग🔹*

*🔸अपच : (१) भोजन से पहले ताजा अदरक रस, नींबू रस व सेंधा नमक मिलाकर लें एवं भोजन के बाद इसे गुनगुने पानी से लें । यह कब्ज व पेट की वायु में भी हितकारी है ।*

*🔸(२) अदरक, सेंधा नमक व काली मिर्च को चटनी की तरह बनाकर भोजन से पहले लें ।*

*🔸खाँसी, जुकाम, दमा : अदरक रस व शहद १०-१० ग्राम दिन में ३ बार सेवन करें । नींबू का रस २ बूँद डालें तो और भी गुणकारी होगा ।*

*🔸बुखार : तेज बुखार में अदरक का ५ ग्राम रस एवं उतना ही शहद मिलाकर चाटने से लाभ होता है । इन्फ्लूएंजा, जुकाम, खाँसी के साथ बुखार आने पर तुलसी के १०-१५ पत्ते एवं काली मिर्च के ६-७ दाने २५० ग्राम पानी में डालें । इसमें २ ग्राम सोंठ मिलाकर उबालें । स्वादानुसार मिश्री मिला के सहने योग्य गर्म ही पियें ।*

*🔸वातदर्द : १० मि.ली. अदरक के रस में १ चम्मच घी मिलाकर पीने से पीठ, कमर, जाँघ आदि में उत्पन्न वातदर्द में राहत मिलती है ।*

*🔸जोडों का दर्द : २ चम्मच अदरक रस में १-१ चुटकी सेंधा नमक व हींग मिला के मालिश करें ।*

*🔸गठिया : १० ग्राम अदरक छील के १०० ग्राम पानी में उबाल लें । ठंडा होने पर शहद मिलाकर पियें । कुछ दिन लगातार दिन में एक बार लें । यह प्रयोग वर्षा या शीत ऋतु में करें ।*

*🔸गला बैठना : अदरक रस शहद में मिलाकर चाटने से बैठी आवाज खुलती है व सुरीली बनती है ।*

*🔹सावधानी : रक्तपित्त, उच्च रक्तचाप, अल्सर, रक्तस्राव व कोढ़ में अदरक न खायें । अदरक को फ्रिज में न रखें, रविवार को न खायें ।*
*🌞🌞*
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🌞 *~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🌤️ *दिनांक - 24 जून 2025*
🌤️ *दिन - मंगलवार*
🌤️ *विक्रत संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास - आषाढ (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार ज्येष्ठ)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - चतुर्दशी शाम 06:59 तक तत्पश्चात अमावस्या*
🌤️ *नक्षत्र - रोहिणी दोपहर 12:54 तक तत्पश्चात मृगशिरा*
🌤️ *योग - शूल सुबह 09:36 तक तत्पश्चात गण्ड*
🌤️ *राहुकाल - शाम 04:03 से शाम 05:43 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 05:59*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:22*
👉 *दिशाशूल - उत्तर दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण -
💥 *विशेष - चतुर्दशी  अमावस्या एवं पूर्णिमा व व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
🌞 *~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *नकारात्मक ऊर्जा मिटाने के लिए* 🌷
➡ *25 जून 2025 बुधवार को दर्श अमावस्या, आषाढ़ अमावस्या है।*
🏡 *घर में हर अमावस अथवा हर १५ दिन में पानी में खड़ा नमक (१ लीटर पानी में ५० ग्राम खड़ा नमक) डालकर पोछा लगायें । इससे नेगेटिव एनेर्जी चली जाएगी । अथवा खड़ा नमक के स्थान पर गौझरण अर्क भी डाल सकते हैं ।*
🌞 *~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *अमावस्या* 🌷
🙏🏻 *अमावस्या के दिन जो वृक्ष, लता आदि को काटता है अथवा उनका एक पत्ता भी तोड़ता है, उसे ब्रह्महत्या का पाप लगता है (विष्णु पुराण)*
🌞 *~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *धन-धान्य व सुख-संम्पदा के लिए* 🌷
🔥 *हर अमावस्या को घर में एक छोटा सा आहुति प्रयोग करें।*
🍛 *सामग्री : १. काले तिल, २. जौं, ३. चावल, ४. गाय का घी, ५. चंदन पाउडर, ६. गूगल, ७. गुड़, ८. देशी कर्पूर, गौ चंदन या कण्डा।*
🔥 *विधि: गौ चंदन या कण्डे को किसी बर्तन में डालकर हवनकुंड बना लें, फिर उपरोक्त ८ वस्तुओं के मिश्रण से तैयार सामग्री से, घर के सभी सदस्य एकत्रित होकर नीचे दिये गये देवताओं की १-१ आहुति दें।*
🔥 *आहुति मंत्र* 🔥
🌷 *१. ॐ कुल देवताभ्यो नमः*
🌷 *२. ॐ ग्राम देवताभ्यो नमः*
🌷 *३. ॐ ग्रह देवताभ्यो नमः*
🌷 *४. ॐ लक्ष्मीपति देवताभ्यो नमः*
🌷 *५. ॐ विघ्नविनाशक देवताभ्यो नमः
🌞 *~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~* 🌞
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🌞 *~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🌤️ *दिनांक - 27 जून 2025*
🌤️ *दिन - शुक्रवार*
🌤️ *विक्रत संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास - आषाढ*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - द्वितीया सुबह 11:19 तक तत्पश्चात तृतीया*
🌤️ *नक्षत्र - पुनर्वसु सुबह 07:22 तक तत्पश्चात पुष्य*
🌤️ *योग - व्याघात रात्रि 09:10 तक तत्पश्चात हर्षण*
🌤️ *राहुकाल - सुबह 11:01 से दोपहर 12:42 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:00*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:23*
👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण - भगवान जगन्नाथ रथयात्रा*
💥 *विशेष - द्वितीया को बृहती (छोटा  बैगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌞 *~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *कलह-क्लेश, रोग व दुर्बलता मिटाने का उपाय*
👉🏻 *जिसको घर में कलह-क्लेश मिटाना हो, रोग या शारीरिक दुर्बलता मिटाना हो वह इस चौपाई की पुनरावृत्ति किया करे*
🌷 *बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार । बल बुधि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार ।।*
🌞 *~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *गुप्त नवरात्रि* 🌷
➡️ *गतांक से आगे...*
💵 *4. बरकत बढ़ाने का उपाय*
*गुप्त नवरात्रि में किसी भी दिन सुबह स्नान कर साफ कपड़े में अपने सामने मोती शंख को रखें और उस पर केसर से स्वस्तिक का चिह्न बना दें। इसके बाद नीचे लिखे मंत्र का जप करें-*
🌷 *श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम:*
➡ *मंत्र का जप स्फटिक माला से ही करें। मंत्रोच्चार के साथ एक-एक चावल इस शंख में डालें। इस बात का ध्यान रखें की चावल टूटे हुए ना हो। यह प्रयोग लगातार नौ दिनों तक करें। उन चावलों को एक सफेद रंग के कपड़े की थैली में रखें और 9 दिन के बाद चावल के साथ शंख को भी उस थैली में रखकर तिजोरी में रखें। इस उपाय से घर की बरकत बढ़ सकती है।*
👩🏻 *5. मनचाही शादी के लिए उपाय*
*गुप्त नवरात्रि के दौरान जो भी सोमवार आए। उस दिन सुबह किसी शिव मंदिर में जाएं। वहां शिवलिंग पर दूध, दही, घी, शहद और शक्कर चढ़ाते हुए उसे अच्छी तरह से साफ करें। फिर शुद्ध जल चढ़ाएं और पूरे मंदिर में झाड़ू लगाकर उसे साफ करें। अब भगवान शिव की चंदन, पुष्प एवं धूप, दीप आदि से पूजा करें।*
➡ *रात 10 बजे के बाद अग्नि प्रज्वलित कर ऊं नम: शिवाय मंत्र का उच्चारण करते हुए घी से 108 आहुति दें। अब 40 दिनों तक नित्य इसी मंत्र का पांच माला जप भगवान शिव के सामने करें। इससे शीघ्र ही आपकी मनोकामना पूर्ण होने के योग बनेंगे।*
🤷🏻‍♂ *6. इंटरव्यु में सफलता का उपाय*
*गुप्त नवरात्रि में किसी भी दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद सफेद रंग का सूती आसन बिछाकर पूर्व दिशा की ओर मुख करके उस पर बैठ जाएं। अब अपने सामने पीला कपड़ा बिछाकर उस पर 108 दानों वाली स्फटिक की माला रख दें और इस पर केसर व इत्र छिड़क कर इसकी पूजा करें। इंटरव्यू की योग्यता आवश्यक हैँ*.
➡ *इसके बाद धूप, दीप और अगरबत्ती दिखाकर नीचे लिखा मंत्र 31 बार बोलें। इस प्रकार 11 दिन तक करने से वह माला सिद्ध हो जाएगी। जब भी किसी इंटरव्यु में जाएं तो इस माला को पहन कर जाएं। ये उपाय करने से इंटरव्यु में सफलता की संभावना बढ़ सकती है।*
🌷 *मंत्र- ऊं ह्लीं वाग्वादिनी भगवती मम कार्य सिद्धि कुरु कुरु फट् स्वाहा।*
👨🏻👩🏻 *7. दांपत्य सुख के लिए उपाय*
*यदि जीवनसाथी से अनबन होती रहती है तो गुप्त नवरात्रि में रोज नीचे लिखी चौपाई को पढ़ते हुए 108 बार अग्नि में घी से आहुतियां दें। इससे यह चौपाई सिद्ध हो जाएगी। अब नित्य सुबह उठकर पूजा के समय इस चौपाई को 21 बार पढ़ें। यदि संभव हो तो अपने जीवनसाथी से भी इस चौपाई का जप करने के लिए कहें-*
🌷 *चौपाई*
*सब नर करहिं परस्पर प्रीति।*
*चलहिं स्वधर्म निरत श्रुति नीति।।*
➡️ *समाप्त...*
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🙏🌹 *जय श्री महाकाल*🌹🙏
*श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का बालभोग आरती श्रृंगार दर्शन*
*27-06-2025 कण-कण में महादेव*💕
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🙏🌹 *जय श्री महाकाल*🌹🙏
*श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का भस्म आरती श्रृंगार दर्शन*
*29-06-2025 कण-कण में महादेव*💕
🙏2❤1
Forwarded from कैलाश के निवासी (Geereejaapti asrto point महाकाल की महाकाली)
🌞 ~ *आज का पंचांग* ~ 🌞
🌤️ *दिनांक - 29 जून 2025*
🌤️ *दिन - रविवार*
🌤️ *विक्रत संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत - 1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास - आषाढ*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - चतुर्थी सुबह 09:14 तक तत्पश्चात पंचमी*
🌤️ *नक्षत्र - अश्लेशा सुबह 06:34 तक तत्पश्चात मघा*
🌤️ *योग - वज्र शाम 05:59 तक तत्पश्चात सिद्धि*
🌤️ *राहुकाल - शाम 05:22 से शाम 07:06 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 05:19*
🌤️ *सूर्यास्त - 19:06*
🚩 _*स्थानीय समयानुसार अभिजीत मुहूर्त, राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय चंद्रोदय, चंद्रास्त समय में अंतर सम्भव है.....*_ 🚩
👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे*
💥 *विशेष - चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
*💥 रविवार के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
💥 *रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)*
💥 *रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)*
💥 *स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं।*

🌷 *व्यतिपात योग* 🌷
➡️ *30 जून 2025 सोमवार को शाम 05:21 से 01 जुलाई शाम 05:19 तक व्यतिपात योग है।*
🙏🏻 *व्यतिपात योग की ऐसी महिमा है कि उस समय जप पाठ प्राणायम, माला से जप या मानसिक जप करने से भगवान की और विशेष कर भगवान सूर्यनारायण की प्रसन्नता प्राप्त होती है जप करने वालों को, व्यतिपात योग में जो कुछ भी किया जाता है उसका १ लाख गुना फल मिलता है।*
🙏🏻 *वाराह पुराण में ये बात आती है व्यतिपात योग की।*

🌷 *वास्तु शास्त्र* 🌷
🏡 *अभी गुप्त नवरात्रि का पर्व चल रहा है। इस दौरान देवी की पूजा-अर्चना करने का विशेष महत्व माना जाता है। वास्तु में ऐसी कई वस्तुएं बताई गई हैं, जिनका खास संबंध किसी विशेष देवी-देवता या दिन से माना जाता है। वास्तु के अनुसार, देवी से संबंधित ये 5 चीजें नवरात्रि के दौरान घर में लाई जाएं तो देवी प्रसन्न होती हैं और घर-परिवार पर देवी की विशेष कृपा बनी रहती है।*
➡ *पाना चाहते हैं देवी की विशेष कृपा तो नवरात्रि के दौरान घर में रखें ये 5 चीजें*
1⃣ *कमल का फूल या तस्वीर*
*कमल का फूल देवी लक्ष्मी को विशेष रुप से प्रिय है। नवरात्रि के दौरान यदि घर में कमल का फूल या उससे संबंधी कोई तस्वीर लगाई जाए तो देवी लक्ष्मी की कृपा घर-परिवार पर हमेशा बनी रहती है।*
2⃣ *चाँदी या सोने का सिक्का*
*नवरात्रि के दौरान घर में चाँदी या सोने का सिक्का लाना अच्छा माना जाता है। सिक्के पर यदि देवी लक्ष्मी या भगवान गणेशजी का श्रीचित्र अंकित हो तो और शुभ होगा।*
3⃣ *देवी लक्ष्मी की ऐसी तस्वीर*
*घर में हमेशा धन-धान्य बनाए रखना चाहते हैं तो नवरात्रि के दौरान देवी लक्ष्मी की ऐसी तस्वीर घर में लाएँ जिसमें कमल के फूल पर माता लक्ष्मी बैठी दिखाई दे रही हो, साथ ही उनके हाथों से धन की वर्षा हो रही हो।*
4⃣ *मोर पंख*
*देवी के सरस्वती स्वरूप में देवी का वाहन मोर माना जाता है, इसलिए नवरात्रि के दौरान घर में मोर पंख ला कर उसे मंदिर में स्थापित करने से कई फायदे होते हैं।*
5⃣ *सोलह श्रृंगार का सामान*
*नवरात्रि के दौरान सोलह- श्रृंगार का सामान घर लाना चाहिए और उसे घर के मंदिर में स्थापित कर देना चाहिए। ऐसा करने से देवी माँ की कृपा हमेशा घर पर बनी रहती है।*
🙏🏻🌷🌻🌹🍀🌺🌸🍁💐🙏🏻
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🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️ *दिनांक - 30 जून 2025*
🌤️ *दिन - सोमवार*
🌤️ *विक्रत संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास - आषाढ*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - पंचमी सुबह 09:23 तक तत्पश्चात षष्ठी*
🌤️ *नक्षत्र - मघा सुबह 07:20 तक तत्पश्चात पूर्वाफाल्गुनी*
🌤️ *योग - सिद्धि शाम 05:21 तक तत्पश्चात व्यतीपात*
🌤️ *राहुकाल - सुबह 07:41 से सुबह 09:21 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:01*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:23*
👉 *दिशाशूल - पूर्व दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण - श्री द्वारकाधीश पाटोत्सव,व्यतीपात योग (शाम 05:21 से 01 जुलाई शाम 05:19 तक)*
💥 *विशेष - पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *लक्ष्मी प्राप्ति में सावधानी* 🌷
💐 *फूलों को पैरो तले नहीं आने देना चाहिए, अन्यथा लक्ष्मीजी नाराज़ हो जाती हैं l*
🌞 ~ *वैदिक पंचांग* ~ 🌞

🌷 *विघ्न-बाधा नष्ट करने के लिए* 🌷
👉🏻 *'श्री' माने सौंदर्य, 'श्री' माने लक्ष्मी, 'श्री' माने ऐश्वर्य, 'श्री' माने सफलता । ईश्वर के रास्ते चलने पर किसीके जीवन में विघ्न-बाधाएँ हों तो 'श्रीं ॐ स्वाहा।' इस मंत्र की एक माला रोज करने से विघ्न-बाधाएँ नष्ट होती हैं।*
🌞 ~ *वैदिक पंचांग* ~ 🌞

🌷 *दुर्गति से रक्षा हेतु* 🌷
😌 *मरणासन्न व्यक्ति के सिरहाने गीताजी रखें | दाह – संस्कार के समय ग्रन्थ को गंगाजी में बहा दें, जलायें नहीं |*
🔥 *मृतक के अग्नि – संस्कार की शुरुआत तुलसी की लकड़ियों से करें अथवा उसके शरीर पर थोड़ी – सी तुलसी की लकडियाँ बिछा दें, इससे दुर्गति से रक्षा होती है |
🌞 ~ *वैदिक पंचांग* ~ 🌞
🙏🏻🌷🌻🌹🍀🌺🌸🍁💐🙏🏻
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🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞

🌤️ *दिनांक - 01 जुलाई 2025*
🌤️ *दिन - मंगलवार*
🌤️ *विक्रत संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास - आषाढ*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - षष्ठी सुबह 10:20 तक तत्पश्चात सप्तमी*
🌤️ *नक्षत्र - पूर्वाफाल्गुनी सुबह 08:54 तक तत्पश्चात उत्तराफाल्गुनी*
🌤️ *योग - व्यतिपात शाम 05:19 तक तत्पश्चात वरीयान*
🌤️ *राहुकाल - शाम 04:04 से शाम 05:44 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:01*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:23*
( सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में जिलेवार अंतर होता है)
👉 *दिशाशूल - उत्तर दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण - विवस्वत सप्तमी*
💥 *विशेष - षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *बुधवारी अष्टमी* 🌷
➡ *02 जुलाई 2025 बुधवार को दोपहर 11:58 से 03 जुलाई सूर्योदय तक बुधवारी अष्टमी है ।*
👉🏻 *मंत्र जप एवं शुभ संकल्प हेतु विशेष तिथि*
🙏🏻 *सोमवती अमावस्या, रविवारी सप्तमी, मंगलवारी चतुर्थी, बुधवारी अष्टमी – ये चार तिथियाँ सूर्यग्रहण के बराबर कही गयी हैं।*
🙏🏻 *इनमें किया गया जप-ध्यान, स्नान , दान व श्राद्ध अक्षय होता है। (शिव पुराण, विद्यश्वर संहिताः अध्याय 10)*
🌷 *बुधवायुक्तायां शुक्ला शुक्लाष्टम्यां, परयुता ग्राह्या*
👉🏻 *बुधवारी शुक्लपक्ष अष्टमी बहुत पुण्यशाली होती है और इस दिन किया गया स्नान, दान, धर्म, जप, तप आदि सब सूर्यग्रहण के समान फल देते हैं।*
🌷 *अमावस्या तु सोमेन सप्तमी भानुना सह।*
*चतुर्थी भूमिपुत्रेण सोमपुत्रेण चाष्टमी।*
*चतस्रस्तिथयस्त्वेताः सूर्यग्रहणसन्निभाः॥*
🙏🏻 *शिवपुराण, गरुड़पुराण, अग्निपुराण, भविष्यपुराण, स्कंदपुराण सभी में बुधाष्टमी की महत्ता का वर्णन है।*
🙏🏻 *भविष्यपुराण में श्रीकृष्ण बुधाष्टमी के व्रत की महत्ता बताते हुए कहते हैं कि इसको करने से नरक का मुख नहीं देखना पड़ता।*
🌷 *“बुधाष्टमीव्रतं भूयो ब्रवीमि शृणु पांडव ।*
*येन चीर्णेन नरकं नरः पश्यति न क्वचित् ।।”*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞

🌷 *जामुन के फायदे* 🌷
🫐 *जामुन अग्निप्रदीपक, पाचक, स्तंभक रोकने वाला तथा वर्षा ऋतु में अनेक रोगों में उपयोगी है |*
🫐 *जामुन में लोहतत्व पर्याप्त मात्रा में होता है |*
🫐 *अत: पिलिया के रोगों में जामुन का सेवन हितकारी है |*
🫐 *जामुन यकृत, तिल्ली और रक्त की अशुद्धि को दूर करता है |*
🫐 *जामुन खाने से रक्त की अशुद्धि दूर हो जाती है तथा लालिमा युक्त बनता है |*
🫐 *जामुन मधुमेह, अतिसार, पथरी, पेचिस, संग्रहणी, यकृत के रोगों और रक्तजन्य विकारों को दूर करता है |*
🫐 *मधुमेही के रोगीयों के लिए जामुन के बीज का चूर्ण सर्वोत्तम है |*
🫐 *वायु प्रकृति वाले जामुन के ऊपर नमक, जीरा पावडर और संतकृपा चूर्ण लगागे जामुन खाये |*
🫐 *मधुमेह के रोगी को नित्य जामुन खाने चाहिए | अच्छे पक्के जामुन सुखाकर बारीक कूटकर बनाया गया चूर्ण प्रतिदिन १ - १ चम्मच सुबह–शाम पानी के साथ सेवन करने से मधुमेह में लाभ होता है |*
🫐 *प्रदर रोग कुछ दिनों तक वृक्ष की छाल के काढ़े में शहद अर्थात मधु मिलाकर दिन में दो बार सेवन करने से स्त्रीयों में प्रदर रोग मिट जाता है |*
🫐 *जामुन के बीज को पानी में घिसकर मुँह पर लगाने पर मुहाँसे मिटते है |*
🫐 *जामुन की गुठलीयों को पीसकर शहद में मिलाकर गोलियाँ बना ले| २ - २ गोली नित्य चार बार चुसो| इससे बैठा गला खुल जाता है, आवाज का भारीपन ठीक हो जाता है |*
🫐 *जामुन की गुठली का ४ – ५ ग्राम चूर्ण सुबह-शाम पानी के साथ लेने से स्वप्नदोष ठीक होता है |*
🫐 *जामुन के पेड़ की पत्तियाँ ज्यादा न पकी हुई, न ज्यादा मुलायम लेकर पीस ले उसमे जरा-सा सेंधा नमक मिलाकर उसकी गोलियाँ बना ले १ – १ गोली सुबह–शाम लेने से कैसे भी तेज दस्त हो बंद हो जाते है |*
🫐 *जामुन भूख बढ़ाने वाले है | वर्षा ऋतु को उदर रोगों को ठीक रखने में मदद करेंगे | रक्त की शुद्धि और चेहरे पर लालीमा लानेवाले है |*
💥 *सावधानी – जामुन सदा भोजन के बाद ही खाना चाहिये | भूखे पेट जामुन बिलकुल न खाये | जामुन खाने के बाद तत्काल दूध न पीये |*
🙏🏻 जुलाई पंचक 2025 तिथि

पंचक आरंभ: जुलाई 13, 2025, रविवार को शाम 06:53 बजे
पंचक अंत: जुलाई 18, 2025, शुक्रवार को तड़के सुबह 03:39 बजे
🌞 ~ *वैदिक पंचांग* ~ 🌞एकादशी
आषाढ़ शुक्ल एकादशी तिथि प्रारम्भ - 5 जुलाई 2025, को शाम 06:58 बजे

व्रत आषाढ़ शुक्ल एकादशी तिथि समाप्त - 6 जुलाई 2025, को रात 09:14 बजे
एकादशी
20 जुलाई को दोपहर 12 बजकर 12 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, 21 जुलाई को सुबह 09 बजकर 38 मिनट पर समाप्त होगी। व्रत 21 जुलाई को कामिका एकादशी
🙏🏻🌷🌻🌹🍀🌺🌸🍁💐🙏🏻 जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष

दिनांक 1 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 1 होगा। आपका मूलांक सूर्य ग्रह के द्वारा संचालित होता है। आप अत्यंत महत्वाकांक्षी हैं। आपकी मानसिक शक्ति प्रबल है। आपको समझ पाना बेहद मुश्किल है। आप आशावादी होने के कारण हर स्थिति का सामना करने में सक्षम होते हैं। आप सौन्दर्यप्रेमी हैं। आपमें सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाला आपका आत्मविश्वास है। इसकी वजह से आप सहज ही महफिलों में छा जाते हैं। आप शाही प्रवृत्ति के हैं। आपको किसी और का शासन पसंद नहीं है। आप साहसी और जिज्ञासु हैं।

शुभ दिनांक : 1, 10, 20, 28

शुभ अंक : 1, 10, 20, 28, 37, 46, 55, 64, 73, 82

शुभ वर्ष : 2026, 2044, 2053, 2062


ईष्टदेव : सूर्य उपासना तथा मां गायत्री

शुभ रंग : लाल, केसरिया, क्रीम



जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल :
पदोन्नति के योग हैं। बेरोजगारों के लिए भी खुशखबर है इस वर्ष आपकी मनोकामना पूरी होगी। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह वर्ष उत्तम रहेगा। पारिवारिक मामलों में महत्वपूर्ण कार्य होंगे। अविवाहितों के लिए सुखद स्थिति बन रही है। विवाह के योग बनेंगे। नौकरीपेशा के लिए समय उत्तम हैं। यह वर्ष आपके लिए अत्यंत सुखद रहेगा। अधूरे कार्यों में सफलता मिलेगी।


मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज आपको अपनी बुद्धि चातुर्य पर गर्व रहेगा। अतिआत्मविश्वास से भरे रहेंगे। प्रत्येक कार्य को मामूली समझ कर बाद के लिये टालेंगे परन्तु अंत समय में पूर्ण करने में पसीने छूटेंगे। सरकारी कार्य को लेकर भाग-दौड़ करनी पड़ेगी। काम-धंधा पहले से कुछ कम रहेगा जोड़ तोड़ कर ही धन की प्राप्ति हो सकेगी। आज कम समय और परिश्रम से अधिक लाभ कमाने की योजना मन मे रहेगी लेकिन अवसर ना मिलने के कारण लाभ नही उठा सकेंगे। महिलाये जितना कार्य करेंगी उससे ज्यादा सुनाएंगी। घर के सभी सदस्य स्वय को दूसरे से बेहतर प्रदर्शित करेंगे। छोटी-छोटी बातों पर नोकझोंक होगी। दिनचार्य संयमित ना रहने से सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज आपको पूर्व में की किसी गलती अथवा आचरण का अफसोस होगा गलती मान लेने पर आपसी मतभेद शांत होंगे। घरेलू कार्य अथवा परिजनों की आवश्यकता पूर्ति समय से करेंगे। कार्य क्षेत्र से आज लाभ की संभावनाए कम ही रहेंगी धन की आमद अल्प रहने से खर्चो पर नियंत्रण करना पड़ेगा। घर का वातावरण मंगलमय रहेगा धार्मिक पूजापाठ में सम्मिलित होने के अवसर मिलेंगे। दैनिक जीवन की उलझनों के बाद भी विवेक जाग्रत रहने से मन शांत रहेगा। विरोधी किसी भी प्रकार से आपकी शांति को भंग नही कर पाएंगे। आरोग्य अच्छा रहेगा।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज का दिन भी आपके धन कोष अथवा अन्य सुख के साधनों में वृद्धि करेगा। कार्य व्यवसाय में पहले से चल रही योजना फलीभूत होने से धन की आमद होगी। भविष्य के लिये भी लाभ के सौदे हाथ लगेंगे। सहकर्मियों का साथ मिलने से निश्चित कार्य समय से पूर्ण कर सकेंगे। महिलाये को शारीरिक कमजोरी के कारण दैनिक कार्यो के अतिरिक्त घर की व्यवस्था सुधारने में परेशानी होगी। कंजूस प्रवृति के कारण घर के किसी सदस्य से मतभेद की संभावना है। आज आप अपनी गलती जानते हुए भी अपनी बात पर अडिग रहेंगे जिससे आस-पास का वातावरण कुछ समय के लिये खराब होगा। व्यवसायिक यात्रा से लाभ हो सकता है। छोटी-मोटी व्याधि को छोड़ सेहत सामान्य रहेगी।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज का दिन सावधानी से बिताने की सलाह है। दिन के आरंभ से ही मन मे अकारण क्रोध रहेगा। परिजनों से जिस बात का भय रहेगा मध्यान तक उसके पूर्ण होने पर वातावरण खराब होगा। भाई बंधुओ में भी किसी ना किसी कारण से अनबन रहेगी। कार्य क्षेत्र पर सामान्य दिनचार्य रहते हुए भी किसी से धन को लेकर उग्र वार्ता होने की संभावना है। आज आप वरिष्ठ व्यक्तियों के परामर्श को भी नजरअंदाज करेंगे जिसके परिणाम स्वरूप किसी ना किसी रूप में धन एवं सम्मान हानि देखनी पड़ेगी। लोगों को शक की दृष्टि से देखने आपको महत्त्व नही मिलेगा। औरो को बेचैनी में डालकर स्वयं अपने मे मस्त रहेंगे।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज के दिन आप अपने हास्य भरे व्यवहार से आस पास का वातावरण खुशनुमा बनाएंगे। व्यवहार में भी नरमी रहने से लोग आपके साथ समय बिताना पसंद करेंगे। कार्य क्षेत्र की चुनोतियाँ कुछ समय के लिये दुविधा में डालेंगी समय पर सहयोग मिलने पर इनसे भी पार पा ही लेंगे। धन संबंधित मामलों को लेकर आज ज्यादा तामझाम में नही पड़ेंगे दोपहर तक लाभ की संभावनाए ही दिखेंगी इसके संध्या के आसपास अकस्मात होने से दैनिक खर्च निकल जाएंगे। महिलाये अधिक चंचल रहेंगी खुद किसी को कुछ भी बोलेंगी लेकिन किसी की मामूली बात को दिल से लगा लेंगी। जुखाम-बुखार होने से परेशानी होगी।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज का दिन आपकी आशाओ के विपरीत रहने वाला है अतिमहत्त्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले किसी अनुभवी की सलाह अवश्य लें अथवा आगे के लिए निरस्त करें। जहाँ से लाभ की उम्मीद लगाए रहेंगे वहां हानि होने की संभावना है। कार्य क्षेत्र के साथ घरेलू कार्य करते समय सावधानी बरतें टूट-फुट अथवा अन्य क्षति हो सकती है। आर्थिक योजनाए आज किसी ना किसी कारण से अधर में लटकी रहेंगी। खर्च निकालने के लिये ले देकर कार्य करना पड़ेगा। मित्र रिश्तेदारों से कोई अशुभ समाचार मन की बेचैनी बढ़ायेगा। परिजन को छोड़ अन्य लोगो से मदद की आशा ना रखें। स्वास्थ्य में उतारचढ़ाव लगा रहेगा।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज आप अपनी व्यवहार कुशलता से बिगड़े कार्यो को भी बनाने की क्षमता रखेंगे। मित्र परिजन विषम परिस्थितियों से बाहर निकालने के लिये आपका सहयोग मांगेंगे अपना महत्त्व बढ़ता देख थोड़ी बहुत अहम की भावना भी आएगी जरूरत मंदों को व्यर्थ के चक्कर लगवाएंगे। कार्य क्षेत्र पर जिस काम को हाथ मे लेंगे उसमे निश्चित सफलता मिलेगी। प्रतियोगी परीक्षा में भी सफल होने की संभावना अधिक है। बेरोजगार लोग आज प्रयास करें अवश्य अनुकूल रोजगार से जुड़ सकते है। व्यवसाय में मंदी के बाद भी धन का प्रबंध आवश्यकता के समय कही ना कही से हो ही जायेगा। खान-पान संयमित रखें सेहत खराब हो सकती है।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज का दिन सिद्धिदायक है लेकिन आज किसी भी कार्य को करने से पहले उसकी योजना बनाकर ही करें सफलता निश्चित मिलेगी इसके विपरीत जल्दबाजी में किया कार्य केवल हानि ही कराएगा। आध्यात्म में भी उन्नति के योग बन रहे है पूजा पाठ का सकारात्मक परिणाम मिलेगा। नौकरी वाले जातक अधिकारियों का प्रोत्साहन मिलने से उत्साहित रहेंगे। सरकारी कार्य मे आज आलस ना करें थोड़ी सी भागदौड़ से पूर्ण हो सकते है। सरकारी क्षेत्र से शुभ समाचार मिलेंगे। लोन अथवा अन्य धन संबंधित कागजी कार्य आज करना उत्तम रहेगा। परिवार में शांति रहेगी लेकिन महिलाओ का मन आज असंतुष्ट ही रहेगा। ठंडी चीजो का सेवन करने से बचे।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज के दिन आप दैनिक कार्यो में व्यस्त रहेंगे दिनचार्य उटपटांग रहने से निराश भी होंगे मध्यान तक किसी भी कार्य को दिशा ना मिलती देख मेहनत व्यर्थ होती प्रतीत होगी लेकिन हताश ना हो आज देर से ही सही लाभ अवश्य होगा। आर्थिक मामले अन्य कार्यो की अपेक्षा ज्यादा उलझेंगे फिर भी संध्या तक धन की आमद संतोषजनक हो जाएगी। अधिकारियों से सतर्क रहना पड़ेगा गलती करने पर ज्यादा भार सौपेंगे। महिलाओ का मन आध्यात्म में डूबा रहेगा मनोकामना पूर्ति में विलंब से उदास रहेंगी। आकस्मिक कार्य आने से यात्रा अथवा अन्य आवश्यक कार्य निरस्त करने पड़ेंगे।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज का दिन शुभ फलदायी रहेगा। पूर्व में किये शुभकर्मों का फल आज किसी ना किसी रूप में अवश्य मिलेगा। सार्वजनिक क्षेत्र से मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। विरोधी चाहकर भी आपको क्षति नहीं पहुचा सकेंगे। समाज के उच्चप्रतिष्ठित लोगों के साथ मेलजोल बढेगा आपकी क्षवि भी उच्चवर्गीय जैसी बनेगी। लेकिन कार्य क्षेत्र पर सहकर्मी ईर्ष्या का भाव रखेंगे जानबूझ कर बना बनाया कार्य बिगाड़ सकते है सतर्क रहें। धन की कामना समय से थोड़ा विलम्ब लेकिन पूर्ण होगी। गृहस्थ सुख उत्तम रहेगा। भजन पूजन में समय देंगे। सेहत का भी ख्याल रखें।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज आप दिनभर शारीरिक समस्या से जूझेंगे मौसमी बीमारियों का प्रकोप परिवार के सदस्यों को भी प्रभावित करेगा। अव्यवस्था रहने से प्रत्येक कार्य विलम्ब से चलेंगे पूर्ण होने में भी विलम्ब होगा। कार्य व्यवसाय से आज ज्यादा उम्मीद नही रहेगी आज पूर्ण होने वाले कार्य भी दौड़-धूप की कमी के कारण आगे के लिये निरस्त होंगे। धन संबंधित समस्या नही रहेगी फिर भी व्यर्थ के खर्च आने से मन दुखी होगा। महिलाये चाह कर भी घर को व्यवस्थित रूप से चलाने मे असफल रहेंगी। संध्या के समय परेशानी बढ़ेगी। घर अथवा बाहर किसी भी प्रकार के जोखिम से बचें।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज का दिन साधारण रहेगा आज आप अपनी व्यक्तिगत उलझनों के कारण अन्य लोगो को परेशान करेंगे लेकिन ध्यान रहें गुप्त बातो को आज परिजनों से भी ना बाटें। आप जिसे अपना हितैशी समझेंगे वही आपका भेद सार्वजनिक करके परेशानी बढ़ायेगा। कार्य व्यवसाय से भी निराशा ही मिलेगी फिर भी एक दो लाभ कमाने के अवसर अवश्य मिलेंगे इन्हें हाथ से ना जाने दें अन्यथा ज्यादा पाने के चक्कर मे इनसे भी हाथ धोना पड़ेगा। पारिवारिक वातावरण में स्वार्थ सिद्धि की भावना रहेगी इच्छा पूर्ति होने तक ही स्नेह सम्मान मिलेगा अन्यथा नही। स्वास्थ्य आज फिर से नरम होगा सचेत रहें।
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🙏🌹 *जय श्री महाकाल*🌹🙏
*श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का बालभोग आरती शृंगार दर्शन*
*03-07-2025 कण-कण में महादेव*💕
🌞 *~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🌤️ *दिनांक - 06 जुलाई 2025*
🌤️ *दिन - रविवार*
🌤️ *विक्रत संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास - आषाढ*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - एकादशी रात्रि 09:14 तक तत्पश्चात द्वादशी*
🌤️ *नक्षत्र - विशाखा रात्रि 10:42 तक तत्पश्चात अनुराधा*
🌤️ *योग - साध्य रात्रि 09:27 तक तत्पश्चात शुभ*
🌤️ *राहुकाल - शाम 05:44 से शाम 07:25 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:03*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:23*
👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण - देवशयनी एकादशी,चतुर्मास व्रत आरम्भ*
💥 *विशेष - हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है l  राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।*
💥 *आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l*
💥 *एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।*
💥 *एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।*
💥 *जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।*
🌞 *~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🌷 *देवशयनी एकादशी* 🌷
➡️ *06 जुलाई 2025 रविवार को देवशयनी एकादशी है।*
🙏🏻 *देवशयनी एकादशी का व्रत महान पुण्यमय, स्वर्ग एवं मोक्ष प्रदान करनेवाले, सब पापों को हरनेवाला है ।*
🌞 *~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🌷 *चतुर्मास विशेष* 🌷
👏🏻 भगवान विष्णु ४ महीने समाधिस्त रहेंगे | इन दिनों में शादी विवाह वर्जित है, सकाम कर्म वर्जित है|*
✅ *ये करना*
🙏🏻 *जलाशयों में स्नान करना तिल और जौं को पीसकर मिक्सी में रख दिया थोड़ा तिल जौं मिलाकर बाल्टी में बेलपत्र डाल सको तो डालो उसका स्नान करने से पापनाशक स्नान होगा प्रसन्नतादायक स्नान होगा तन के दोष मन के दोष मिटने लगेंगे | अगर “ॐ नमःशिवाय” ५ बार मन में जप करके फिर लोटा सिर पे डाला पानी का, तो पित्त की बीमारी,कंठ का सूखना ये तो कम हो जायेगा, चिडचिडा स्वभाव भी कम हो जायेगा और स्वभाव में जलीय अंश रस आने लगेगा | भगवान नारायण शेष शैय्या पर शयन करते हैं इसलिए ४ महीने सभी जलाशयों में तीर्थत्व का प्रभाव आ जाता है |*
🙏🏻 *गद्दे हटा कर सादे बिस्तर पर शयन करें
🙏🏻 *स्टील के बर्तन में भोजन करने की अपेक्षा पलाश के पत्तों पर भोजन करें तो वो भोजनपापनाशक पुण्यदायी होता है, ब्रह्मभाव को प्राप्त कराने वाला होता है |*
🙏🏻 *चतुर्मास में ये ४ महीनों में दोनों पक्षों की एकादशी का व्रत करना चाहिये |१५ दिन में १दिन उपवास १४ दिन का खाया हुआ जो तुम्हारा अन्न है वो ओज में बदल जायेगा ओज,तेज और बुद्धि को बलवान बनायेगा १ दिन उपवास एकादशी का |*
🙏🏻 *चतुर्मास में भगवान विष्णु के आगे पुरुष सूक्त का पाठ करने वाले की बुद्धि का विकास होता है और सुबह या जब समय मिले भूमध्य में ओंकार का ध्यान करने से बुद्धि का विकास होता है |*
🙏🏻 *दान, दया और इन्द्रिय संयम ये उत्तम धर्म करने वाले को उत्तम लोकों की प्राप्ति होती है|*
🍏 *आंवला-मिश्री जल से स्नान महान पुण्य प्रदान करता है |*
❌ *ये न करना*
💰 *इन ४ महीनो में पराया धन हड़प करना, परस्त्री से समागम करना, निंदा करना, ब्रह्मचर्य तोड़ना तो मानो हाथ में आया हुआ अमृत कलश ढोल दिया निंदा न करें , ब्रह्मचर्य का पालन करें , परधन परस्त्री पर बुरी नज़र न करें |*
🍶 *ताम्बे के बर्तन में भोजन नहीं करना चाहिये पानी नहीं पीना चाहिये |*
🕵🏻‍♀ *चतुर्मास में काला और नीला वस्त्र पहनने से स्वास्थ्य हानि और पुण्य नाश होता है |*
🙏🏻 *परनिंदा महा पापं शास्त्र वचन :- “परनिंदा महा पापं परनिंदा महा भयं परनिंदा महा दुखंतस्या पातकम न परम”*
🙏🏻 *ये स्कन्द पुराण का श्लोक है परनिंदा महा पाप है, परनिंदा महा भय है, परनिंदा महा दुःख है तस्यापातकम न परम उससे बड़ा कोई पाप नही | इस चतुर्मास में पक्का व्रत ले लो कि हम किसी की निंदा न करेंगे |*
😖 *असत्य भाषण का त्याग कर दें, क्रोध का त्याग कर दें,*
🍧 *बाजारू चीजें जो आइस्क्रीम है, पेप्सी, कोका- कोला है अथवा शहद आदि है उन चीजों का त्याग कर दें चतुर्मास में, स्त्री-पुरुष के मैथुन संग का त्याग कर दें|*
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