बदलते भारत की छवी
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भारत में जो वर्तमान समय कि स्थिति प्रस्थिति हैं उसने बाहर निकलना है

काले अंग्रेजों से मातृ भूमि के मुक्त और गौ हत्या का विरोध करना है
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. "व्यास–गुरु पूर्णिमा"

महर्षि वेदव्यास जी अमर हैं। महान विभूति वेदव्यास का जन्म आषाढ़ पूर्णिमा को लगभग 3000 ई. पूर्व में हुआ था। महर्षि व्यास का पूरा नाम कृष्णद्वैपायन है। उन्होंने वेदों का विभाग किया, इसलिए उनको व्यास या वेदव्यास कहा जाता है। उनके पिता महर्षि पराशर तथा माता सत्यवती है।
भारत भर में गुरुपूर्णिमा के दिन गुरुदेव की पूजा के साथ महर्षि व्यास की पूजा भी की जाती है। महर्षि वेदव्यास भगवान विष्णु के कालावतार माने गए हैं। द्वापर युग के अंतिम भाग में व्यासजी प्रकट हुए थे। उन्होंने अपनी सर्वज्ञ दृष्टि से समझ लिया कि कलियुग में मनुष्यों की शारीरिक शक्ति और बुद्धि शक्ति बहुत घट जाएगी। इसलिए कलियुग के मनुष्यों को सभी वेदों का अध्ययन करना और उनको समझ लेना संभव नहीं रहेगा।
व्यासजी ने यह जानकर वेदों के चार विभाग कर दिए। जो लोग वेदों को पढ़, समझ नहीं सकते, उनके लिए महाभारत की रचना की। महाभारत में वेदों का सभी ज्ञान आ गया है। धर्मशास्त्र, नीतिशास्त्र, उपासना और ज्ञान-विज्ञान की सभी बातें महाभारत में बड़े सरल ढंग से समझाई गई हैं।
इसके अतिरिक्त पुराणों की अधिकांश कथाओं द्वारा हमारे देश, समाज तथा धर्म का पूरा इतिहास महाभारत में आया है। महाभारत की कथाएं बड़ी रोचक और उपदेशप्रद हैं। सब प्रकार की रुचि रखने वाले लोग भगवान की उपासना में लगें और इस प्रकार सभी मनुष्यों का कल्याण हो। इसी भाव से व्यासजी ने अठारह पुराणों की रचना की। ‘श्रीजी की चरण सेवा’ की सभी धार्मिक, आध्यात्मिक एवं धारावाहिक पोस्टों के लिये हमारे फेसबुक पेज ‘श्रीजी की चरण सेवा’ को फॉलो तथा लाईक करें और अपने सभी भगवत्प्रेमी मित्रों को भी आमंत्रित करें। इन पुराणों में भगवान के सुंदर चरित्र व्यक्त किए गए हैं। भगवान के भक्त, धर्मात्मा लोगों की कथाएं पुराणों में सम्मिलित हैं। इसके साथ-साथ व्रत-उपवास को की विधि, तीर्थों का माहात्म्य आदि लाभदायक उपदेशों से पुराण परिपूर्ण है।
वेदांत दर्शन के रचना करने वाले महर्षि वेदव्यास ने वेदांत दर्शन को छोटे-छोटे सूत्रों में लिखा गया है, लेकिन गंभीर सूत्रों के कारण ही उनका अर्थ समझने के लिए बड़े-बड़े ग्रंथ लिखे हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार ही गुरुपूर्णिमा पर गुरुदेव की पूजा के साथ ही महर्षि व्यास की पूजा भी की जाती है। हिन्दू धर्म के सभी भागों को व्यासजी ने पुराणों में भली-भांति समझाया है। महर्षि व्यास सभी हिन्दुओं के परम पुरुष हैं।

“ॐ श्रीगुरुवे नमः”
#संपूर्णानंद संस्कृत वैदिक प्रतिष्ठान वाराणसी
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️ *दिनांक - 11 जुलाई 2025*
🌤️ *दिन - शुक्रवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास - श्रावण (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार आषाढ)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - प्रतिपदा 12 जुलाई रात्रि 02:08 तक तत्पश्चात द्वितीया*
🌤️ *नक्षत्र -उत्तराषाढ़ा पूर्ण रात्रि तक*
🌤️ *योग - वैधृति रात्रि 08:45 तक तत्पश्चात विष्कंभ*
🌤️ *राहुकाल - सुबह 11:04 से दोपहर 12:44 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:05*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:23*
👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण - पूर्णिमांत श्रावण मास आरंभ,विद्यालाभ योग (प्रातः05:56 से रात्रि 11:45 तक)केवल गुजरात-महाराष्ट्र,कर्नाटक,तमिलनाडु,आन्ध्रप्रदेश,आदि अमावस्यांत मास प्रचलन वाले राज्यो मे*
💥 *विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा पेठा) न खाएं क्योकि यह धन का नाश करने वाला है (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞

🌷 *श्रावणमास* 🌷
🙏🏻 *भगवान शिव का पवित्र श्रावण (सावन) मास 11 जुलाई 2025 शुक्रवार से शुरू हो रहा है, (उत्तर भारत हिन्दू पञ्चाङ्ग के अनुसार) (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार अषाढ़ मास चल रहा है वहा 25 जुलाई, शुक्रवार से श्रावण (सावन) मास आरंभ होगा)*
🙏🏻 *श्रावण हिन्दू धर्म का पञ्चम महीना है। श्रावण मास शिवजी को विशेष प्रिय है । भोलेनाथ ने स्वयं कहा है—*
🌷 *द्वादशस्वपि मासेषु श्रावणो मेऽतिवल्लभ: । श्रवणार्हं यन्माहात्म्यं तेनासौ श्रवणो मत: ।।*
*श्रवणर्क्षं पौर्णमास्यां ततोऽपि श्रावण: स्मृत:। यस्य श्रवणमात्रेण सिद्धिद: श्रावणोऽप्यत: ।।*
➡ *अर्थात मासों में श्रावण मुझे अत्यंत प्रिय है। इसका माहात्म्य सुनने योग्य है अतः इसे श्रावण कहा जाता है। इस मास में श्रवण नक्षत्र युक्त पूर्णिमा होती है इस कारण भी इसे श्रावण कहा जाता है। इसके माहात्म्य के श्रवण मात्र से यह सिद्धि प्रदान करने वाला है, इसलिए भी यह श्रावण संज्ञा वाला है।*
🙏🏻 *श्रावण मास में शिवजी की पूजाकी जाती है | “अकाल मृत्यु हरणं सर्व व्याधि विनाशनम्” श्रावण मास में अकालमृत्यु दूर कर दीर्घायु की प्राप्ति के लिए तथा सभी व्याधियों को दूर करने के लिए विशेष पूजा की जाती है। मरकंडू ऋषि के पुत्र मारकण्डेय ने लंबी आयु के लिए श्रावण माह में ही घोर तप कर शिव की कृपा प्राप्त की थी, जिससे मिली मंत्र शक्तियों के सामने मृत्यु के देवता यमराज भी नतमस्तक हो गए थे।*
🙏🏻 *श्रावण मास में मनुष्य को नियमपूर्वक नक्त भोजन करना चाहिए ।*
➡ *श्रावण मास में सोमवार व्रत का अत्यधिक महत्व है*
🌷 *“स्वस्य यद्रोचतेऽत्यन्तं भोज्यं वा भोग्यमेव वा। सङ्कल्पय द्विजवर्याय दत्वा मासे स्वयं त्यजेत् ।।”*
🙏🏻 *श्रावण में सङ्कल्प लेकर अपनी सबसे प्रिय वस्तु (खाने का पदार्थ अथवा सुखोपभोग) का त्याग कर देना चाहिए और उसको ब्राह्मणों को दान देना चाहिए।*
🌷 *“केवलं भूमिशायी तु कैलासे वा समाप्नुयात”*
🙏🏻 *श्रावण मास में भूमि पर शयन का विशेष महत्व है। ऐसा करने से मनुष्य कैलाश में निवास प्राप्त करता है।*
➡ *शिवपुराण के अनुसार श्रावण में घी का दान पुष्टिदायक है।*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🙏🏻🌷🌻☘🌸🌹🌼🌺💐🙏🏻
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🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️ *दिनांक - 12 जुलाई 2025*
🌤️ *दिन - शनिवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास - श्रावण (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार आषाढ)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - द्वितीया 13 जुलाई रात्रि 01:46 तक तत्पश्चात तृतीया*
🌤️ *नक्षत्र -उत्तराषाढ़ा सुबह 06:36 तक तत्पश्चात श्रवण*
🌤️ *योग - विष्कंभ शाम 07:32 तक तत्पश्चात प्रीति*
🌤️ *राहुकाल - सुबह 09:24 से सुबह 11:04 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:05*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:22*
👉 *दिशाशूल - पूर्व दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण - जया पार्वती व्रत जागरण (गुजरात)*
💥 *विशेष - द्वितीया को बृहती (छोटा  बैगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
👉🏻 *श्रावण के पहले सोमवार से छोटे हो बडे भाई या बहने सभी लोगो को यह कार्य अवश्य करना चाहिए मनोकामनाए पूर्ण होती है*
🌷 *श्रावण शनिवार* 🌷
🙏🏻 *भगवान शिव की भक्ति का महीना श्रावण (सावन) (उत्तर भारत हिन्दू पञ्चाङ्ग के अनुसार) से शुरू हो चुका है। (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार अषाढ़ मास चल रहा है वहां 25 जुलाई, शुक्रवार से श्रावण (सावन) मास आरंभ होगा)*
👉🏻 *बहुत लोगों को श्रावण शनिवार का पूरे वर्ष इंतज़ार रहता है।*
🌷 *स्कन्दपुराण के अनुसार*
*"श्रावणे मासि देवानां त्रयानां पूजनं शनौ। नृसिंहस्य शनैश्चव्य अञ्जनीनन्दनस्य च।।"*
🙏🏻 *श्रावण मास में शनिवार के दिन नृसिंह, शनि तथा अंजनीपुत्र हनुमान इन तीनों देवताओं का पूजन करना चाहिए।*
🌷 *शिवपुराण के अनुसार*
*अपमृत्युहरे मंदे रुद्राद्रींश्च यजेद्बुधः ॥*
*तिलहोमेन दानेन तिलान्नेन च भोजयेत् ॥ (शिवपुराण, विध्येश्वर संहिता)*
🙏🏻 *शनैश्चर अल्पमृत्यु का निवारण करने वाला है, उस दिन बुद्धिमान पुरुष रुद्र आदि की पूजा करे। तिल के होम के , दान से देवताओं को संतुष्ट करके ब्राह्मणों को तिलमिश्रित अन्न भोजन कराएं।*
🙏🏻 *स्कन्दपुराण के अनुसार श्रावण शनिवार को हनुमान पूजा :*
👉🏻 *1. “शनिवारे श्रावणे च अभिषेकं समाचरेत, रुद्रमंत्रेण तैलेन हनुमत्प्रीणनाय च। तैलमिश्रितसिन्दूरलेपमं तस्य समर्पयेत” रुद्रमंत्र के द्वारा तेल से हनुमान जी का अभिषेक करना चाहिए। तेल में मिश्रित सिन्दूर का लेप उन्हें समर्पित करना चाहिए।*
👉🏻 *2. जपाकुसुम, आक, मंदारपुष्प की मालाओं से , नैवेद्य से उनकी पूजा करनी चाहिए।*
👉🏻 *3. “जपेद्द्वादश नामानि हनुमत्प्रीतये बुधः” हनुमान जी के 12 नामों का जप करना चाहिए।*
🌷 *"हनुमानञ्जनी सूनुर्वायुपुत्रो* *महाबल:। रामेष्ट: फाल्गुनसख: पिङ्गाक्षोमितविक्रम:।।*
*उदधिक्रमणश्चैव सीताशोकविनाशन:।* *लक्ष्मणप्राणदाता च दशग्रीवस्य दर्पहा।।"*
🙏🏻 *जो मनुष्य प्रातःकाल उठकर इन बारहनामों को पढ़ता है, उसका अमंगल नहीं होता और उसे सभी सम्पदा सुलभ हो जाती है।*
👉🏻 *4. हनुमान जी के मंदिर में हनुमत्कवच का पाठ करना चाहिए।*
🌷 *“श्रावणे मंदवारे तु एवमाराध्य वायुजं। वज्रतुल्यशरीरः स्यादरोगो बलवान्नरः।।*
*वेगवान्कार्यकरणे बुद्धिवैभवभूषितः। शत्रु: संक्षयमाप्नोति मित्रवृद्धि: प्रजायते।।*
*वीर्यवान्कीर्तिमांश्चैव प्रसादादंञ्जनीजने।”*
🙏🏻 *इस प्रकार श्रावण में शनिवार के दिन वायुपुत्र हनुमानजी की आराधना करके मनुष्य वज्रतुल्य शरीर वाला, निरोग और बलवान हो जाता है। अंजनीपुत्र की कृपा से वह कार्य करने में वेगवान, तथा बुद्धि वैभव से युक्त हो जाता है, उसके शत्रु नष्ट हो जाते हैं, मित्रों की वृद्धि होती है और वह वीर्यवान तथा कीर्तिमान हो जाता है।*
🙏🏻 *स्कन्दपुराण के अनुसार* *श्रावण शनिवार को शनि पूजा:*
*शनि की प्रसन्नता के लिए एक लंगड़े ब्राह्मण और उसके अभाव में किसी ब्राह्मण के शरीर में तिल का तेल लगाकर उसे उष्ण जल से स्नान कराना चाहिए और श्रद्धायुक्त होकर खिचड़ी उसे खिलाना चाहिए। तत्पश्च्यात तेल, लोहा, काला तिल, काला उडद, काला कंबल, प्रदान करना चाहिए। इसके बाद व्रती यह कहे कि मैंने यह सब शनि की प्रसन्नता के लिए किया है, शनिदेव मुझपर प्रसन्न हों। तदनन्तर तिल के तेल से शनि का अभिषेक कराना चाहिए। उनके पूजन मेजन तिल तथा उड़द के अक्षत प्रशस्त माने गए हैं।*
🌷 *उसके बाद शनि का ध्यान करें:*
*शनैश्चरः कृष्णवर्णो मन्दः काश्यपगोत्रजः।*
*सौराष्ट्रदेशसम्भूतः सूर्यपुत्रो वरप्रदः। दण्डाकृतिर्मण्डले स्यादिन्द्रनीलसमद्युतिः।*
*बाणबाणासनधरः शूलधृग्गृध्रवाहनः।* *यमाधिदैवतश्चैव ब्रह्मप्रत्यधिदैवतः।*
*कस्तूर्यगुरुगन्ध: स्यात्तथा गुग्गुलुधूपकः। कृसरान्नप्रियश्चैव विधिरस्य प्रकीर्तितः।*
🙏🏻 *पूजा में कृष्ण वस्तु (काली वस्तु) का दान करना चाहिये। ब्राह्मण को काले रंग के दो वस्त्र देने चाहिए और काले बछड़े सहित काली गौ प्रदान करनी चाहिए।*
🌷 *शनि पूजन में वैदिक मंत्र:*
*ॐ शन्नो देवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये।*
*शंयोरभिस्र वन्तु न:। ॐ शनैश्चराय नम:।*
🙏🏻 *भगवान् शिव, शनिदेव के गुरु हैं। शिव ने ही शनि को न्यायाधीश का पद सौंपा था जिसके फलस्वरूप शनि देव मनुष्य/देव/पशु सभी को कर्मों के अनुसार फल देते हैं। इसलिए श्रावण के महीने में जो भी भगवान् शिव के साथ साथ शनि की उपासना करता है उसको शनि के शुभ फल प्राप्त होते हैं। भगवान् शिव के अवतार पिप्पलाद, भैरव तथा रुद्रावतार हनुमान जी की पूजा भी शनि के प्रकोप से रक्षा करती है।*

📒 *वैदिक पंचांग प्रकाशित स्थल ~ (गुजरात)*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🙏🏻🌷🌻🌹☘🌺🌳🌸🌷🙏🏻
Forwarded from कैलाश के निवासी (Geereejaapti asrto point महाकाल की महाकाली)
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🙏2
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🌞 ~ *आज का पंचांग* ~ 🌞
🌤️ *दिनांक - 15 जुलाई 2025*
🌤️ *दिन - मंगलवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत - 1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास - श्रावण (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार आषाढ)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - पंचमी रात्रि 10:38 तक तत्पश्चात षष्ठी*
🌤️ *नक्षत्र - शतभिषा सुबह 06:26 तक तत्पश्चात पूर्वभाद्रपद*
🌤️ *योग - सौभाग्य दोपहर 02:12 तक तत्पश्चात शोभन*
🌤️ *राहुकाल - शाम 03:39 से शाम 05:21 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 05:25*
🌤️ *सूर्यास्त - 19:04*
🚩 _*स्थानीय समयानुसार अभिजीत मुहूर्त, राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय चंद्रोदय, चंद्रास्त समय में अंतर सम्भव है.....*_ 🚩
👉 *दिशाशूल - उत्तर दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण - मंगला गौरी पूजन, पंचक*
💥 *विशेष - पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*

🌷 *वर्षा न हो तो* 🌷
☔ *चित्रा नक्षत्र उसके स्वामी त्वष्टादेव | बरसात बरसानेवाले देव है ये | जिनके इलाखों में बरसात नहीं होती हो वहाँ जप खूब करो और*
🌷 *ॐ त्वष्टाय नम: | ..... ॐ त्वष्टाय नम:|.... ॐ त्वष्टाय नम: | मंत्र का जप करे संकल्प पूर्वक के हमारे इलाके में बरसात हो | और गुरुमंत्र भी जपे और ॐ वरुणाय नम: | ॐ त्वष्टाय नम: | ये कर सकते है |*

🌷 *कार्यों में आ रही बाधाएं दूर करने के लिए* 🌷
🙏🏻 *भगवान शिव की भक्ति का महीना श्रावण (सावन) (उत्तर भारत हिन्दू पञ्चाङ्ग के अनुसार) से शुरू हो चुका है। (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार अषाढ़ मास चल रहा है वहां 25 जुलाई, शुक्रवार से श्रावण (सावन) मास आरंभ होगा) धर्म ग्रंथों के अनुसार, ये महीना भगवान शिव को बहुत प्रिय है। इस महीने में भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए भक्त कई उपाय करते हैं।*
🙏🏻 *हनुमानजी शिवजी के अवतार माने गए हैं। सावन माह शिवजी की पूजा का माह है और इस महीने में हनुमानजी के उपाय भी विशेष रूप से किए जा सकते हैं। शिवपुराण के अनुसार शिवजी और उनके अवतारों की पूजा करने से कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और भाग्य का साथ मिलने लगता है। यहां जानिए सावन माह के हर मंगलवार को हनुमानजी के कौन-कौन से उपाय किए जा सकते हैं...*
➡ *सावन में हर मंगलवार या शनिवार को करें हनुमानजी के ये 8 उपाय, चमक सकती है किस्मत*
1⃣ *सुख-समृद्धि के लिए सोने से पहले घर के मंदिर में हनुमानजी का ध्यान करते हुए सरसों के तेल का मिट्टी का दीपक जलाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें।*
2⃣ *एक नारियल पर सिंदूर, मौली (धागा), चावल चढ़ाएं और पूजा करें। पूजा के बाद ये नारियल हनुमानजी को अर्पित करें। इस उपाय से बाधाएँ दूर होती हैं।*
3⃣ *पीपल के नीचे सरसों के तेल का दिया जलाएं। दिया जलाने के बाद ॐ रामदूताय नम: मंत्र का जप करें। ये उपाय सभी परेशानियों से बचा सकता है ।*
4⃣ *चमेली के तेल का दीपक हनुमानजी के सामने जलाकर, सिंदूर और लाल लंगोट अर्पित करें। इस उपाय से परीक्षाओं में सफलता मिलती है।*
5⃣ *हनुमानजी के मंदिर में झंडे का दान करने पर सभी मनोकामनाएं पूरी हो सकती है।*
6⃣ *हनुमानजी का फोटो घर में पवित्र स्थान पर इस प्रकार से लगाएं कि हनुमानजी दक्षिण दिशा की ओर देखते हुए दिखाई दे रहे हों। इस उपाय से विरोधियों पर विजय प्राप्त होती है ।*
7⃣ *पीपल के 11 पत्ते लेकर साफ जल से धो लें। इन पत्तों पर चंदन से या कुम कुम से श्रीराम का नाम लिखें। इसके ये पत्ते हनुमानजी को चढ़ा दें। इस उपाय से दुखों से मुक्ति मिलती है ।*
8⃣ *हनुमानजी को लाल या पीले फूल जैसे कमल, गुलाब, गेंदा या सूर्यमुखी चढ़ाने से सभी सुख प्राप्त होते हैं।*
🙏🏻🌷🌻☘🌸🌹🌼🌺💐🙏🏻
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🙏3
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞

🌤️ *दिनांक - 16 जुलाई 2025*
🌤️ *दिन - बुधवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास - श्रावण (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार आषाढ)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - षष्ठी रात्रि 09:01 तक तत्पश्चात सप्तमी*
🌤️ *नक्षत्र - उत्तरभाद्रपद 17 जुलाई प्रात: 04:50 तक तत्पश्चात रेवती*
🌤️ *योग - शोभन सुबह 11:57 तक तत्पश्चात अतिगण्ड*
🌤️ *राहुकाल - दोपहर 12:45 से दोपहर 02:24 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:07*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:22*
👉 *दिशाशूल - उत्तर दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण - कर्क संक्रांति (पुण्यकाल : सूर्योदय से शाम 05:40 तक),पंचक*
💥 *विशेष - षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
🌞~*वैदिक पंचांग* ~🌞

🌷 *कर्क-संक्रांति* 🌷
➡ *16 जुलाई 2025 बुधवार को कर्क संक्रांति (पुण्यकाल : सूर्योदय से शाम 05:40 तक)*
🙏🏻 *इसमें किया गया जप, ध्यान, दान व पुण्यकर्म अक्षय होता है ।*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞

🌷 *श्रावण में सूर्य पूजा* 🌷
🙏🏻 *भगवान शिव की भक्ति का महीना श्रावण (सावन) (उत्तर भारत हिन्दू पञ्चाङ्ग के अनुसार) से शुरू हो चुका है। (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार अषाढ़ मास चल रहा है वहां 25 जुलाई, शुक्रवार से श्रावण (सावन) मास आरंभ होगा)*
🙏🏻 *शिवपुराण के अनुसार श्रावण मास के प्रत्येक रविवार को, हस्त नक्षत्र से युक्त सप्तमी तिथि को सूर्य भगवान की पूजा विशेष फलदायी होती है । श्रावण के रविवार को शिवपूजा पाप नाशक कही गयी है। अतः रविवार को सूर्य भगवान की पूजा जरूर करें।*

🙏🏻 *अग्निपुराण के अनुसार*
*" कृता हस्ते सूर्यवारं नतेन्नाब्दं स सर्वभाक " अर्थात हस्तनक्षत्रीकृत रविवार को एक वर्ष तक नक्तव्यत द्वारा मनुष्य सब कुछ पा लेता है |*
🌞 *कहते हैं सूर्य शिव के मंदिर में निवास करता है अतः शिव मंदिर में भोलेनाथ तथा सूर्य दोनों की की पूजा अर्चना करनी चाहिए।*
🙏🏻 *शिवपुराण में सूर्यदेव को शिव का स्वरूप व नेत्र भी बताया गया है, जो एक ही ईश्वरीय सत्ता का प्रमाण है। सूर्य और शिव की उपासना जीवन में सुख, स्वास्थ्य, काल भय से मुक्ति और शांति देने वाली मानी गई है।*
🌞 *श्रावण में सूर्य पूजा कैसे करें :*
🙏🏻 *सूर्योदय के समय सूर्य को प्रणाम करें, सूर्य को ताम्बे (ताम्र) के लोटे से “जल, गंगाजल, चावल, लाल फूल(गुडहल आदि), लाल चन्दन" मिला कर अर्घ्य दें | सूर्यार्घ्य का मन्त्र: “ॐ एहि सूर्य सहस्त्रांशो तेजोराशे जगत्पते। अनुकम्पय मां भक्त्या गृहाणार्घ्यं दिवाकर” है। अगर यह नहीं बोल सकते तो ॐ अदित्याये नमः अथवा ॐ घृणि सूर्याय नमः का जप करे ।*
🙏🏻 *प्रतिदिन 12 ज्योतिर्लिंगों के नामों का स्मरण करें।*
🙏🏻 *शिवलिंग पर घी, शहद, गुड़ तथा लाल चन्दन अर्पित करें । सभी चीज़ें अर्पित न कर पाओ तो कोई भी एक अर्पित करें। लाल रंग के पुष्प जरूर अर्पित करें।*
🔥 *शिव मंदिर में ताम्बे के दीपक में ज्योत जलाएं।*
🙏🏻 *प्रतिदिन अत्यन्त प्रभावशाली आदित्यहृदय स्तोत्र का पाठ करें। भविष्यपुराण के अनुसार जो रविवार को नक्त-व्रत एवं आदित्यह्रदय का पाठ करते है वे रोग से मुक्त हो जाते हैं और सूर्यलोक में निवास करते हैं।*
*युधिष्ठिरविरचितं सूर्यस्तोत्र का पाठ करें।*
🙏🏻 *12 मुखी रुद्राक्ष भगवान सूर्य के बारह रूपों के ओज, तेज और शक्ति का केन्द्र बिन्दू है। इसे जो भी पहनता है उसे हर तरह का धन वैभव ज्ञान और सभी तरह के भौतिक सुख मिलते है।*
🙏🏻 *सूर्य यदि शनि या राहू के साथ हो तो रविवार को रुद्राभिषेक करवायें।*
🙏🏻 *प्रतिदिन गायत्री मंत्र का कम से कम 108 बार पाठ करें*
*निम्न मंत्र से शिव का ध्यान करें - "नम: शिवाय शान्ताय सगयादिहेतवे। रुद्राय विष्णवे तुभ्यं ब्रह्मणे सूर्यमूर्तये।।"*
*शिवप्रोक्त सूर्याष्टकम का नित्य पाठ करें ।*
🙏🏻 *दोनों नेत्रों तथा मस्तक के रोग में और कुष्ठ रोग की शान्ति के लिये भगवान् सूर्य की पूजा करके ब्राह्मणों को भोजन कराये। शिवलिंग पूजन आक के पुष्पों, पत्तों एवं बिल्व पत्रों से करें। तदनंतर एक दिन, एक मास, एक वर्ष अथवा तीन वर्षतक लगातार ऐसा साधन करना चाहिये। इससे यदि प्रबल प्रारब्धका निर्माण हो जाय तो रोग एवं जरा आदि रोगों का नाश हो जाता हैं।*
🌞 *सूर्याष्टकम*
*आदिदेव नमस्तुभ्यं प्रसीद मम भास्कर ।*
*दिवाकर नमस्तुभ्यं प्रभाकर नमोऽस्तुते ॥*
*सप्ताश्वरथमारूढं प्रचण्डं कश्यपमात्मजम् ।*
*श्वेत पद्मधरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम ॥*
*लोहितं रथमारूढं सर्वलोकपितामहम् ।*
*महापापहरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम्॥*
*त्रैगुण्यं च महाशूरं ब्रह्मविष्णुमहेश्वम् ।*
*महापापहरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम् ॥*
*बृंहितं तेजःपुञ्जं च वायुमाकाशमेव च ।*
*प्रभुं च सर्व लोकानां तं सूर्यं प्रणमाम्यहम् ॥*
*बन्धुकपुष्पसङ्काशं हारकुण्डलभूषितम् ।*
*एकचधरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम् ॥*
*तं सूर्यं जगत्कर्तारं महातेज: प्रदीपनम् ।*
*महापापहरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम् ॥*
*तं सूर्यं जगतां नाथं ज्ञानविज्ञानमोक्षदम् ।*
*महापापहरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम् ॥*
*॥इति श्री शिवप्रोक्तं सूर्याष्टकं सम्पूर्णम्॥*


🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞जुलाई पंचक 2025 तिथि

पंचक आरंभ: जुलाई 13, 2025, रविवार को शाम 06:53 बजे
पंचक अंत: जुलाई 18, 2025, शुक्रवार को तड़के सुबह 03:39 बजे
🙏🏻🌷🌻☘🌸🌹🌼🌺💐🙏🏻 जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
दिनांक 16 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 7 होगा। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति अपने आप में कई विशेषता लिए होते हैं। यह अंक वरूण ग्रह से संचालित होता है। आप खुले दिल के व्यक्ति हैं। आपकी प्रवृत्ति जल की तरह होती है। जिस तरह जल अपनी राह स्वयं बना लेता है वैसे ही आप भी तमाम बाधाओं को पार कर अपनी मंजिल पाने में कामयाब होते हैं। आप पैनी नजर के होते हैं। किसी के मन की बात तुरंत समझने की आपमें दक्षता होती है।

शुभ दिनांक : 7, 16, 25

शुभ अंक : 7, 16, 25, 34

शुभ वर्ष : 2029

ईष्टदेव : भगवान शिव तथा विष्णु


शुभ रंग : सफेद, पिंक, जामुनी, मेहरून

जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल :


आपके कार्य में तेजी का वातावरण रहेगा। आपको प्रत्येक कार्य में जुटकर ही सफलता मिलेगी। व्यापार-व्यवसाय की स्थिति उत्तम रहेगी। अधिकारी वर्ग का सहयोग मिलेगा। नौकरीपेशा व्यक्तियों के लिए समय सुखकर रहेगा। नवीन कार्य-योजना शुरू करने से पहले केसर का लंबा तिलक लगाएं व मंदिर में पताका चढ़ाएं।



मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज के दिन परिस्थितियां आपके लिये प्रतिकूल ही रहेंगी। स्वास्थ्य के साथ ही धन हानि के योग बन रहे हैं। नए कार्य का आरंभ फिलहाल टालें, पुराने अधूरे कार्य पूर्ण करने पर अधिक ध्यान दें। समय पर कार्य पूरे ना करने पर सम्मान हानि हो सकती है। व्यावसायिक काम काज को लेकर आज अन्य लोगों के ऊपर ज्यादा निर्भर रहना पड़ेगा। अवकाश भी लेना पड़ सकता है। लाभ आशानुकूल ना होने से थोड़ी निराशा भी रहेगी। महिलाये वाणी के प्रयोग में संतुलन बरतें बेवजह कलह के प्रसंग बनने से रंग में भंग वाली स्थिति बन सकती है। संध्या के आस-पास थकान के कारण किसी काम में मन नहीं लगेगा लेकिन फिर भी घूमने फिरने मनोरंजन आदि के लिए तत्पर रहेंगे। शादीशुदा लोगों को किसी बात का पछतावा होगा।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज का दिन आपके लिये सुनहरे अवसर प्रदान करेगा इसका समय रहते लाभ उठायें कल की अनुकूल परिस्थिति आज की मेहनत से ही बनेगी। आज दिन का पहला भाग थोड़ा अस्त व्यस्त रहेगा आवश्यक कार्य लेटलतीफी के कारण विलम्ब से पूर्ण होंगे। कार्य क्षेत्र पर भी मध्यान तक अव्यवस्था रहेगी जिस कारण लाभ होते होते रह सकता है। मध्यान से संध्या के बीच के समय व्यवसाय में आकस्मिक उछाल आएगा। थोड़े परिश्रम से अधिक लाभ कमा सकेंगे। महिलाये घर मे किसी छोटी सी बात को लेकर विवाद खड़ा करेंगी विवेकपूर्ण व्यवहार करें। संध्या बाद कोई हानि हो सकती है। मनोरंजन की चाह आज मन मे ही रह जायेगी। सेहत छोटी मोटी बातो को छोड़ ठीक रहेगी।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज का दिन आपके लिए अवश्य कोई शुभ समाचार देगा। आज आप दिन भर किसी ना किसी कारण से व्यस्त ही रहेंगे व्यस्तता को धन के साथ ना जोड़े अन्यथा मानसिक संताप रहेगा। आज संबंधों को ज्यादा महत्त्व दें निकट भविष्य में ये ही धन लाभ कराएंगे। कार्य व्यवसाय से काम चलाऊ आय आसानी से हो जाएगी निवेश बेझिझक होकर कर सकते है। घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति समय पर करने पर भी परिजन किसी न किसी कारण से नाराज ही रहेंगे। गृहस्थ की बाते मित्र स्नेही जन से भी ना बांटे हानिकर हो सकता है। आज किसी के ऊपर छींटा कशी करने से बचे दिनचार्य को सामान्य व्यतीत करने का प्रयास करें स्वयं को श्रेष्ठ दिखाने के चक्कर मे मान हानि हो सकती है।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज आप अन्यलोगों को नैतिक आचरण सिखाएंगे परन्तु इसे अपने ऊपर लागू ना करने से हास्य के पात्र बनेंगे। दिन का आरंभिक भाग शांति से व्यतीत होगा इसके बाद भाग-दौड़ बढ़ेगी लेकिन आज महनत का फल आशाजनक नही रहने से मानसिक चिंता रहेगी पर जाहिर नही करेंगे। व्यावसायिक क्षेत्र पर सहकर्मी मनमानी करेंगे क्रोध में आकर कटु वचन बोलेंगे जिस कारण संबंध खराब होने के साथ ही अव्यवस्था भी फैलेगी जिसे सुधारना आज आपके वश में नही होगा। धन लाभ के लिए आज का दिन मध्यम रहेगा। संध्या के समय स्थिति आपके नियंत्रण में रहेगी धन लाभ के साथ आनंद दायक समय बिताएंगे। महिलाये स्वार्थ वश अत्यंत मीठा व्यवहार करेंगी।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज आपकी दिनचार्य असामान्य रहेगी। सेहत में सुधार आएगा परन्तु आपकी लापरवाही के कारण तकलीफ दोबारा हो सकती है। आज आप जो भी कामना करेंगे उसका विपरीत फल ही मिलने वाला है। व्यवसाय में अतिरिक्त आय कमाने के प्रलोभन में हाथ लगी पूंजी ना चली जाए इसका ध्यान रखना पड़ेगा आज गलत निर्णय अवश्य हानि का कारण बनेगा। परिजनों की जिद के आगे सामर्थ्य से अधिक खर्च करना पड़ेगा जिस कारण धन की कमी बनेगी। मित्र परिचितों से भी संबंधों में उदासीनता अधिक रहेगी। धार्मिक पूजा पाठ के प्रसंग बनेंगे परन्तु ध्यान कही और भटकने से दिखावा मात्र रहेगा। परिजनों से थोड़ी ख़ट पट के बाद सुख मिलेगा। दवाओं पर खर्च करना पड़ सकता है।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज के दिन आपका मुख्य उद्देश्य धन प्राप्ति के साथ सुख सुविधाओं में भी वृद्धि करना रहेगा परन्तु इसमे आंशिक सफलता ही मिल सकेगी फिर भी आध्यात्म से जुड़े रहने के कारण इच्छा पूर्ति ना होने पर भी ज्यादा विचलित नही होंगे। कार्य व्यवसाय में नए विरोधी बनेंगे परन्तु आज आपका कुछ बिगाड़ नही सकेंगे। बीच-बीच मे आज क्रोध के प्रसंग बनेंगे फिर भी थोड़ा विवेक रहने से इन्हें अनदेखा करेंगे। आज आप जल्द पैसा कमाने वाले उपाय भी अपना सकते है जिनमे हानि होने की संभावना अधिक रहेगी। आवश्यकता अनुसार धन लाभ आज हो ही जायेगा धन के पीछे भागने की प्रवृति छोड़े। पारिवारिक सदस्य बेपरवाह होकर अपनी मस्ती में मस्त रहेंगे।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज का दिन भी धन धान्य में वृद्धिकारक बना रहेगा। दिन के आरंभ से ही कार्यो को लेकर गंभीर रहेंगे लेकिन महिलाये हर काम मे नखरे करेंगी। मध्यान के बाद का कुछ समय रुके धन को प्राप्त करने में व्यतीत होगा। कार्य क्षेत्र पर आज मनमानी ज्यादा करेंगे जिससे सहकर्मियों को असुविधा होगी फिर भी आज आप अपने व्यवहार से सभी को खुश रख सकेंगे। पारिवारिक स्थिति भी आज पहले से बेहतर बनेगी घरेलू कार्यो को लेकर व्यस्तता भी अधिक रहेगी। घर के बुजुर्गों से थोड़ी अनबन रहने की संभावना है फिर भी आज संध्या का समय परिजनों के साथ आनंद से बिताएंगे। पेट की परेशानी अथवा हाथ पैरों में शिथिलता रहेगी।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज का दिन भी आपके लिए शुभ है लेकिन आज अतिआत्मविश्वास एवं अहम की भावना के कारण हानि एवं आपसी मनमुटाव रहेगा। आज अन्य लोगो को स्वयं की तुलना में निम्न आंकना परेशानी में डालेगा। अधिकारी वर्ग अथवा घर के बड़े लोग जानबूझ कर आपको ज्यादा कार्य सौंपेंगे जिससे भारी परेशानी होगी। सेहत लगभग सामान्य ही रहेगी लेकिन थकान अधिक अनुभव होगी। आज दो पक्षो के झगड़े को सुलझाने में आपका सहयोग लिया जाएगा यथा सम्भव दूर रहें अन्यथा बैठे बिठाए अपमानित होना पड़ेगा। घरेलू जरूरतों की पूर्ति में विलंब झगड़े का कारण बनेगा। धन लाभ परिश्रम के बाद ही आशानुकूल रहेगा।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आपकी आज की दिनचार्य भी उथल-पुथल रहेगी। आज आपके आचरण से किसी ना किसी को परेशानी होगी आप अपने बड़बोले पन के कारण स्वयं ही मुसीबतों को न्योता देंगे। घर एवं बाहर का वातावरण आपके अमर्यादित आचरण से कलुषित हों सकता है। परिजनो से आज अधिकतर कार्यो में वैचारिक मतभेद रहेंगे। कार्य क्षेत्र पर लापरवाह होकर कार्य करने पर अधिकारियो की डांट सुन्नी पड़ेगी। स्वभाव में भी आज सुस्ती अधिक रहेगी। धन लाभ के अवसर हाथ से निकलने की संभावना है। महत्त्वपूर्ण विषयो में निर्णय आज नाही ले तो उचित रहेगा। स्त्रियां
गलती करने पर दोष किसी और के सर डालने का प्रयास करेंगी।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज का दिन भी आपके अनुकूल रहेगा। फिर भी आज किसी पर भी आवश्यकता से अधिक विश्वास ना करें ना ही किसी को मन के भेद बताये बाद में परेशानी होगी। आज कही ना कहीं से आकस्मिक धन लाभ होगा जिससे रुके कार्यो में गति आएगी। कुछ दिनों से टल रही मनोकामना की पूर्ति आज कर सकेंगे। व्यवसाय में नए अनुबंध मिलेंगे लापरवाही से बचें अन्यथा हाथ से निकल भी सकते है। व्यापार विस्तार के लिए दिन शुभ है पर नए कार्य का आरंभ आज ना
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करें। धन का निवेश शीघ्र ही फलदायी होगा। मित्र अथवा रिश्तेदारों के कारण कुछ समय के लिये परेशानी में पड़ेंगे। यात्रा के योग बन रहे है इसमें सावधानी रखें।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज के दिन आप योजनाए तो बहुत बनाएंगे परन्तु किसी ना किसी अभाव के कारण इन्हें पूरा नही कर पाएंगे। आज के दिन आप अपनी भावनाओं को किसी के आगे सांझा करने से कतराएंगे आपसी संबंध को बचाना इसका मूल उद्देश्य रहेगा। लोगो की उद्दंडता को मजबूरन नजरअंदाज करना पड़ेगा। आर्थिक रूप से दिन सामान्य ही रहेगा। खर्च लायक आय आसानी से हो जाएगी। खर्च करने में भी मितव्ययता बरतेंगे। आज आप जिस भी कार्य को लेकर निश्चिन्त रहेंगे उसी में कुछ ना कुछ विघ्न उपस्थित होगा। सरकारी कार्य लंबित रहेंगे नौकरी में भी उत्साह की कमी रहेगी। पेट संबंधी व्याधि से परेशानी होगी।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज आपके मन की चंचलता एवं स्वभाव में उद्दंडता को छोड़ शेष सब उत्तम रहेगा। परिजनों अथवा बाहरी लोगों से बेबाकी से पेश आना भारी पड़ सकता है। आप आलस्य से भरे रहेंगे फिर भी आज जिस भी कार्य को करेंगे उसे अन्य की अपेक्षा कम समय मे एवं सफाई से पूर्ण कर लेंगे। व्यवसाय में आज ज्यादा उत्साह नही लेंगे लेकिन आकस्मिक कार्य आने से बेमन से करना पड़ेगा फिर भी धन लाभ उत्तम होगा नए लाभ के अनुबंध मिलेंगे परन्तु सहयोगियो की कमी रहने से कार्य आरंभ आज नही कर पाएंगे। घरेलू आवश्यकता के अलावा सुख के साधनों पर अधिक खर्च होगा। आज आपको कोई ठग भी सकता है सतर्क रहें।
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आज कर्क संक्रांति पर्व 🙏🏻
आज शिवपूजन का विशेषतम महत्व चंद्रमा के विष,नीच,6-8-12 आदि दुःस्थान आदि दोष शांति हेतु विशेष आज इन दोषों की शांति के लिए यत्नपूर्वक शिवार्चन करना चाहिए 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻
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🌞 *~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🌤️ *दिनांक - 18 जुलाई 2025*
🌤️ *दिन - शुक्रवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास - श्रावण (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार आषाढ)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - अष्टमी शाम 05:01 तक तत्पश्चात नवमी*
🌤️ *नक्षत्र - अश्विनी 19 जुलाई रात्रि 02:14 तक तत्पश्चात भरणी*
🌤️ *योग - सुकर्मा सुबह 06:48 तक तत्पश्चात धृति*
🌤️ *राहुकाल - सुबह 11:05 से दोपहर 12:45 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:08*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:21*
👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण - पंचक (समाप्त : प्रातः 03:39)*
💥 *विशेष - अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
🌞~*वैदिक हिन्दू पंचांग* ~🌞

🌷 *शिव विशेष मंत्र* 🌷
👉🏻 *"ॐ नम: शिवाय शुभं शुभं कुरु कुरु शिवाय नम: ॐ"*
*"Om Namah Shivay Shubham Shubham Kuru Kuru Shivay Namah Om"*
🙏🏻 *शिवपुराण , रूद्रसंहिता, युद्ध खंड के अनुसार यह शुभ मन्त्र महान पुण्यमय तथा शिव को प्रसन्न करने वाला है | यह भुक्ति – मुक्ति का दाता, सम्पूर्ण कामनाओं का पूरक और शिवभक्तों के लिये आनंदप्रद है | यह स्वर्गकामी पुरुषों के लिये धन, यश और आयु की वृद्धि करनेवाला है | यह निष्काम के लिये मोक्ष तथा साधन करने वाले पुरुषों के लिये भुक्ति – मुक्ति का साधन है | जो मनुष्य पवित्र होकर सदा इस मन्त्र क कीर्तन करता है, सुनता है अथवा दूसरे को सुनाता है, उसकी सारी अभिलाषाएँ पूर्ण हो जाती हैं |*
🌞 *~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *चातुर्मास में करने योग्य* 🌷
🙏 *चातुर्मास में ३ बिल्व पत्र डाल कर "ॐ नमः शिवाय" ५ बार जप करके और "ब्रह्म ही जल रूप बन कर आया है" ऐसी भावना करके नहाना चाहिये । आंवला, जौ और तिल का पेस्ट बनाकर शरीर पर रगड़कर अथवा तो ये तीनो का पाऊडर पानी में डालकर नहाना चाहिये । स्नान में कभी गर्म पानी का प्रयोग ना करें, वायु की तकलीफ वाले ना ज्यादा गर्म ना ज्यादा ठंडा पानी प्रयोग करें। सिर पर तो कभी भी गर्म पानी नहीं डालना चाहिये । ऐसा करने पर सभी तीर्थ स्नान करने का पुण्य मिलता है ।
🌞 *~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *गर्भ की रक्षा* 🌷
👉 *चांदी की कटोरी में दही जमाकर खाने से गर्भपात नहीं होता ।*
🌞 *~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *बार बार बुखार आना* 🌷
👉 *बार-बार बुखार आता हो तो भोजन से पहले २-३ ग्राम अदरक और थोड़ा नींबू खाएं फिर भोजन करें ।
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️ *दिनांक - 19 जुलाई 2025*
🌤️ *दिन - शनिवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास - श्रावण (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार आषाढ)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - नवमी दोपहर 02:41 तक तत्पश्चात दशमी*
🌤️ *नक्षत्र - भरणी रात्रि 12:37 तक तत्पश्चात कृत्तिका*
🌤️ *योग - शूल रात्रि 12:55 तक तत्पश्चात गण्ड*
🌤️ *राहुकाल - सुबह 09:26 से सुबह 11:06 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:08*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:21*
👉 *दिशाशूल - पूर्व दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण -
💥 *विशेष - नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
💥 *ब्रह्म पुराण' के 118 वें अध्याय में शनिदेव कहते हैं- 'मेरे दिन अर्थात् शनिवार को जो मनुष्य नियमित रूप से पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उनके सब कार्य सिद्ध होंगे तथा मुझसे उनको कोई पीड़ा नहीं होगी। जो शनिवार को प्रातःकाल उठकर पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उन्हें ग्रहजन्य पीड़ा नहीं होगी।' (ब्रह्म पुराण')*
💥 *शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए 'ॐ नमः शिवाय।' का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है। (ब्रह्म पुराण')*
💥 *हर शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है ।(पद्म पुराण)*
🌞~*वैदिक पंचांग* ~🌞

🌷 *अर्थप्रद सोमवार व्रत* 🌷
🙏🏻 *स्कंद पुराण में अर्थप्रद व्रत बताया है जिससे अर्थ की प्राप्ति हो और जीवन में से अनर्थ दूर हो | किसी भी सोमवार को शिवजी के मंदिर में जाकर, शिवलिंग पर दूध, बेलपत्र चढ़ाये और आठ नामों से शिवजी को प्रणाम करें | ये आठ मंत्र स्कंद पुराण में शिवजी के लिए बताये है कि भगवान शिवजी को को स्मरण करते हुये, उनको प्रणाम करते हुए आठ मंत्र बोले | आठ मंत्र इसप्रकार है –*
👉🏻 *ॐ दशभुजाय नम:*
👉🏻 *ॐ त्रिनेत्राय नम:*
👉🏻 *ॐ पंचवदनाय नम:*
👉🏻 *ॐ शूलिने नम:*
👉🏻 *ॐ श्वेतवृषभारूढाय नम :*
👉🏻 *ॐ सर्वाभरणभूषिताय नम:*
👉🏻 *ॐ उमादेहार्द्धस्‍थाय नम:*
👉🏻 *ॐ सर्वमूर्तये नम:*
➡️ *हर सोमवार को दूध, जल चढाते हुये बोले | ये व्रत बहेने भी कर सकती है |*

🌞~*वैदिक पंचांग* ~🌞

🌷 *शक्तिवान बनने* 🌷
👉🏻 *खाली पेट अथवा भोजन के बीच आँवले का रस, मिश्री और घी थोडा-सा लेने से बलवान बन जायेगा, शक्तिवान बन जायेगा |*🙏🏻
🌞~*वैदिक पंचांग* ~🌞

🌷 *किसकी आयु कम हो जाती है* 🌷
➡️ *जिनको अति अभिमान होता है, जो अधिक एवं व्यर्थ का बोलते हैं उनकी आयु कम हो जाती है |*
➡️ *जो निंदा-ईर्ष्या करते है या दुर्व्यसन में फँसे हैं अथवा जो जरा-जरा बात में क्रुद्ध हो जाते हैं उनकी भी उम्र कम हो जाती है |*
➡️ *जो अधिक खाना खाते हैं, रात को देर से खाते हैं, बिनजरूरी खाते हैं, चलते-चलते खाते हैं, खड़े-खड़े हैं उनका भी स्वास्थ्य लडखडा जाता है और आयु कम हो जाती है |*
➡️ *जो मित्र, परिवार से द्रोह करते हैं, संतो, सज्जनों की निंदा करते है उनकी भी आयु कम होती है, जो ठाँस- ठाँस के खाता है, ब्रह्मचर्य का नाश करता रहता है वह जल्दी मरता है |*
➡️ *जो प्राणायाम और भगवद-मंत्र का जप नहीं करता उसकी लम्बी आयु होने में संदेह रहता है और जो ब्रह्मचर्य पालते हैं, प्राणायाम करते हैं उनकी आयु बढती है |*
📒 *वैदिक पंचांग प्रकाशित स्थल ~ (गुजरात)*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻
🙏1
आज पंचांग आप सभी तक पहुंचाने में बहुत ही अधिक विलंब हो गया है तो क्षमाप्रार्थी है हम 🙏🏻🙏🏻
🙏1
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~
🌤️ *दिनांक - 22 जुलाई 2025*
🌤️ *दिन - मंगलवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास - श्रावण (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार आषाढ)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - द्वादशी सुबह 07:05 तक तत्पश्चात त्रयोदशी*
🌤️ *नक्षत्र - मृगशिरा शाम 07:24 तक तत्पश्चात आर्द्रा*
🌤️ *योग - ध्रुव शाम 03:32 तक तत्पश्चात व्याघात*
🌤️ *राहुकाल - शाम 04:03 से शाम 05:43 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:09*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:20*
👉 *दिशाशूल - उत्तर दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण - भौमप्रदोष व्रत,मंगलागौरी पूजन त्रयोदशी क्षय तिथि*
💥 *विशेष - द्वादशी को पूतिका(पोई) अथवा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
🌞~*वैदिक पंचांग* ~🌞

🌷 *चतुर्दशी-आर्द्रा नक्षत्र योग* 🌷
➡ *23 जुलाई 2025 बुधवार को प्रात: 04:39 से शाम 05:54 तक चतुर्दशी को आर्द्रा नक्षत्र योग है |*
🙏🏻 *यदि चतुर्दशी के दिन आर्द्रा नक्षत्र का योग हो तो उस समय किया गया प्रणव (ॐ) का जप अक्षय फलदायी होता है।*
🙏🏻 *क्या करें क्या न करें पुस्तक से*
🌞~*वैदिक पंचांग* ~🌞

🌷 *कर्ज-मुक्ति के लिए मासिक शिवरात्रि* 🌷
👉🏻 *23 जुलाई 2025 बुधवार को मासिक शिवरात्रि है।*
🙏🏻 *हर मासिक शिवरात्रि को सूर्यास्‍त के समय घर में बैठकर अपने गुरुदेव का स्मरण करके शिवजी का स्मरण करते- करते ये 17 मंत्र बोलें, जिनके सिर पर कर्जा ज्यादा हो, वो शिवजी के मंदिर में जाकर दिया जलाकर ये 17 मंत्र बोले।इससे कर्जा से मुक्ति मिलेगी*
🌷 *1).ॐ शिवाय नम:*
🌷 *2).ॐ सर्वात्मने नम:*
🌷 *3).ॐ त्रिनेत्राय नम:*
🌷 *4).ॐ हराय नम:*
🌷 *5).ॐ इन्द्र्मुखाय नम:*
🌷 *6).ॐ श्रीकंठाय नम:*
🌷 *7).ॐ सद्योजाताय नम:*
🌷 *8).ॐ वामदेवाय नम:*
🌷 *9).ॐ अघोरह्र्द्याय नम:*
🌷 *10).ॐ तत्पुरुषाय नम:*
🌷 *11).ॐ ईशानाय नम:*
🌷 *12).ॐ अनंतधर्माय नम:*
🌷 *13).ॐ ज्ञानभूताय नम:*
🌷 *14). ॐ अनंतवैराग्यसिंघाय नम:*
🌷 *15).ॐ प्रधानाय नम:*
🌷 *16).ॐ व्योमात्मने नम:*
🌷 *17).ॐ युक्तकेशात्मरूपाय नम:*
🙏🏻 *आर्थिक परेशानी से बचने हेतु* 🙏🏻
👉🏻 *हर महीने में शिवरात्रि (मासिक शिवरात्रि - कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी) को आती है | तो उस दिन जिसके घर में आर्थिक कष्ट रहते हैं वो शाम के समय या संध्या के समय जप-प्रार्थना करें एवं शिवमंदिर में दीप-दान करें ।*
👉🏻 *और रात को जब 12 बज जायें तो थोड़ी देर जाग कर जप और एक श्री हनुमान चालीसा का पाठ करें।तो आर्थिक परेशानी दूर हो जायेगी।*
🙏🏻 *प्रति वर्ष में एक महाशिवरात्रि आती है और हर महीने में एक मासिक शिवरात्रि आती है। उस दिन शाम को बराबर सूर्यास्त हो रहा हो उस समय एक दिया पर पाँच लंबी बत्तियाँ अलग-अलग उस एक में हो शिवलिंग के आगे जला के रखना |बैठ कर भगवान शिवजी के नाम का जप करना प्रार्थना करना, | इससे व्यक्ति के सिर पे कर्जा हो तो जल्दी उतरता है, आर्थिक परेशानियाँ दूर होती है ।*🙏🏻
📒 *वैदिक पंचांग प्रकाशित स्थल ~ (गुजरात)*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
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