बदलते भारत की छवी
1.26K subscribers
2.55K photos
1.54K videos
461 files
1.61K links
भारत में जो वर्तमान समय कि स्थिति प्रस्थिति हैं उसने बाहर निकलना है

काले अंग्रेजों से मातृ भूमि के मुक्त और गौ हत्या का विरोध करना है
Download Telegram
*🔸हैजा (कालरा) : लसोडे़ की छाल को चने की छाल में पीसकर हैजा के रोगी को पिलाने से हैजा रोग में लाभ होता है ।*

*🔸दांतों का दर्द : लसोड़े की छाल का काढ़ा बनाकर उस काढ़े से कुल्ला करने से दांतों का दर्द दूर होता है ।*

*🔸शक्तिवर्द्धक : लसोड़े के फलों को सुखाकर उनका चूर्ण बना लें । इस चूर्ण को चीनी की चाशनी में मिलाकर लड्डू बना लें ।  इसको खाने से शरीर मोटा होता है और कमर मजबूत जाती है ।*

*🔹शोथ (सूजन) : लसौड़े की छाल को पीसकर उसका लेप आंखों पर लगाने से आंखों के शीतला के दर्द में आराम मिलता है ।*

*🔹पुनरावर्तक ज्वर : लसोड़ा की छाल का काढ़ा बनाकर 20 से लेकर 40 मिलीलीटर को सुबह और शाम सेवन करने से लाभ होता है ।*

*🔹प्रदर रोग : लसोड़ा के कोमल पत्तों को पीसकर रस निकालकर पीने से प्रदर रोग और प्रमेह दोनों मिट जाते हैं ।*

*🔹दाद : लसोड़ा के बीजों की मज्जा को पीसकर दाद पर लगाने से दाद मिट जाता है ।*

*🔹फोड़े-फुंसियां : लसोड़े के पत्तों की पोटली बनाकर फुंसियों पर बांधने से फुंसिया जल्दी ही ठीक हो जाती हैं ।*

*🔹गले के रोग : लसोड़े की छाल के काढ़े से कुल्ला करने से गले के सारे रोग ठीक हो जाते हैं ।*

*🔹 नोट: इसका स्वभाव शीतल होता है । लसोड़ा  का अधिक मात्रा में उपयोग मेदा (आमाशय) और जिगर के लिए हानिकारक हो सकता है ।*

*🌞🚩🚩 *" ll ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ll "* 🚩🚩🌞*

📖 *वैदिक पंचांग संपादक ~ अंजनी बहेन निलेश ठक्कर*
📒 *वैदिक पंचांग प्रकाशित स्थल ~ सुरत शहर (गुजरात)*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞

🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻
🙏1
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️ *दिनांक - 26 जुलाई 2025*
🌤️ *दिन - शनिवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास - श्रावण*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - द्वितीया रात्रि 10:41 तक तत्पश्चात तृतीया*
🌤️ *नक्षत्र - अश्लेशा शाम 03:52 तक तत्पश्चात मघा*
🌤️ *योग - व्यतीपात 27 जुलाई प्रात: 04:06 तक तत्पश्चात वरीयान*
🌤️ *राहुकाल - सुबह 09:28 से सुबह 11:06 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:11*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:19*
👉 *दिशाशूल - पूर्व दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण - चंद्र-दर्शन (रात्रि 07:12 से रात्रि 08:28 तक),व्यतीपात योग (प्रातः 05:32 से 27 जुलाई प्रात:04:06 तक)*
💥 *विशेष - द्वितीया को बृहती (छोटा बैगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *ब्रह्म पुराण' के 118 वें अध्याय में शनिदेव कहते हैं- 'मेरे दिन अर्थात् शनिवार को जो मनुष्य नियमित रूप से पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उनके सब कार्य सिद्ध होंगे तथा मुझसे उनको कोई पीड़ा नहीं होगी। जो शनिवार को प्रातःकाल उठकर पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उन्हें ग्रहजन्य पीड़ा नहीं होगी।' (ब्रह्म पुराण')*
💥 *शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए 'ॐ नमः शिवाय।' का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है। (ब्रह्म पुराण')*
💥 *हर शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है ।(पद्म पुराण)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
🌞~*वैदिक पंचांग* ~🌞
🌷 *खांसी* 🌷
👉🏻 *आधा चम्मच तुलसी का रस और उतना ही अदरक का रस मिलाकर लेने से लाभ होता है l*
🌞 ~ *वैदिक पंचांग* ~ 🌞

🌷 *चांदी वर्क खतरनाक* 🌷
👉🏻 *मिठाई में चांदी के वर्क की जगह एलुमिनियम के वर्क होते हैं । ये धीमा ज़हर है । इससे भविष्य में दुर्बलता आती है व पाचन तंत्र कमज़ोर होता है ।*
🌞 ~ *वैदिक पंचांग* ~ 🌞

🌷 *विघ्न नाश, रोग नाश एवं कार्य सिद्धि के लिए* 🌷
👉🏻 *गेहूं, चावल , उड़द , मूंग और तिल का आटा गूंधकर, घी डाल के दिया जला दें | हनुमानजी या बरगद या पीपल के पेड़ के नीचे दिया जलाये ।*
🔥 *हनुमानजी के आगे सरसों के तेल का दीया जलाये तो रोगों का नाश करने मे मदद मिलेगी |*
🔥 *गणपति जी के प्रतिमा के निकट जलाएंगे तो विघ्न नाश करने में मदद मिलेगी |*
🔥 *पीपल या वट वृक्ष के नीचे हनुमानजी का सुमिरन करके हनुमानजी के सामने सरसों के तेल का दिया जलाया जाए तो कार्यसिद्धि करने मे मदद मिलेगी |*
🌞 ~ *वैदिक पंचांग* ~ 🌞
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻
🙏🌹 *जय श्री महाकाल*🌹🙏
*श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का बालभोग आरती श्रृंगार दर्शन*
*26-07-2025 कण-कण में महादेव*💕
पारद के शिवलिंग और श्री यंत्र जिसको लेना हो वों मेसेज करे व्यक्तिगत रूप से
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌤️ *दिनांक - 27 जुलाई 2025*
🌤️ *दिन - रविवार*
🌤️ *विक्रम संवत - 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत - 1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ऋतु*
🌤️ *मास - श्रावण*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - तृतीया रात्रि 10:41 तक तत्पश्चात चतुर्थी*
🌤️ *नक्षत्र - मघा शाम 04:23 तक तत्पश्चात पूर्वाफाल्गुनी*
🌤️ *योग - वरीयान 28 जुलाई रात्रि 03:13 तक तत्पश्चात परिघ*
🌤️ *राहुकाल - शाम 05:41 से शाम 07:20 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:11*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:18*
👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण - हरियाली तृतीया*
💥 *विशेष - तृतीया को पर्वल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
*💥 रविवार के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
💥 *रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)*
💥 *रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)*
💥 *स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं।*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
🕉️~*वैदिक पंचांग* ~🕉️
🌷 *नागपंचमी* 🌷
🙏🏻 *श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नागपंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 29 जुलाई, मंगलवार को है। इस दिन नागों की पूजा करने का विधान है। हिंदू धर्म में नागों को भी देवता माना गया है। महाभारत आदि ग्रंथों में नागों की उत्पत्ति के बारे में बताया गया है। इनमें शेषनाग, वासुकि, तक्षक आदि प्रमुख हैं। नागपंचमी के अवसर पर हम आपको ग्रंथों में वर्णित प्रमुख नागों के बारे में बता रहे हैं-*
🐍 *वासुकि नाग*
*धर्म ग्रंथों में वासुकि को नागों का राजा बताया गया है। ये हैं भगवान शिव के गले में लिपटे रहते हैं। (कुछ ग्रंथों में महादेव के गले में निवास करने वाले नाग का नाम तक्षक भी बताया गया है)। ये महर्षि कश्यप व कद्रू की संतान हैं। इनकी पत्नी का नाम शतशीर्षा है। इनकी बुद्धि भगवान भक्ति में लगी रहती है। जब माता कद्रू ने नागों को सर्प यज्ञ में भस्म होने का श्राप दिया तब नाग जाति को बचाने के लिए वासुकि बहुत चिंतित हुए। तब एलापत्र नामक नाग ने इन्हें बताया कि आपकी बहन जरत्कारु से उत्पन्न पुत्र ही सर्प यज्ञ रोक पाएगा।*
*तब नागराज वासुकि ने अपनी बहन जरत्कारु का विवाह ऋषि जरत्कारु से करवा दिया। समय आने पर जरत्कारु ने आस्तीक नामक विद्वान पुत्र को जन्म दिया। आस्तीक ने ही प्रिय वचन कह कर राजा जनमेजय के सर्प यज्ञ को बंद करवाया था। धर्म ग्रंथों के अनुसार, समुद्र मंथन के समय नागराज वासुकि की नेती (रस्सी) बनाई गई थी। त्रिपुरदाह (इस युद्ध में भगवान शिव ने एक ही बाण से राक्षसों के तीन पुरों को नष्ट कर दिया था) के समय वासुकि शिव धनुष की डोर बने थे।*
🐍 *शेषनाग*
*शेषनाग का एक नाम अनंत भी है। शेषनाग ने जब देखा कि उनकी माता कद्रू व भाइयों ने मिलकर विनता (ऋषि कश्यप की एक और पत्नी) के साथ छल किया है तो उन्होंने अपनी मां और भाइयों का साथ छोड़कर गंधमादन पर्वत पर तपस्या करनी आरंभ की। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर ब्रह्मा ने उन्हें वरदान दिया कि तुम्हारी बुद्धि कभी धर्म से विचलित नहीं होगी।*
🐍 *ब्रह्मा ने शेषनाग को यह भी कहा कि यह पृथ्वी निरंतर हिलती-डुलती रहती है, अत: तुम इसे अपने फन पर इस प्रकार धारण करो कि यह स्थिर हो जाए। इस प्रकार शेषनाग ने संपूर्ण पृथ्वी को अपने फन पर धारण कर लिया। क्षीरसागर में भगवान विष्णु शेषनाग के आसन पर ही विराजित होते हैं। धर्म ग्रंथों के अनुसार, भगवान श्रीराम के छोटे भाई लक्ष्मण व श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम शेषनाग के ही अवतार थे।*
🐍 *तक्षक नाग*
*धर्म ग्रंथों के अनुसार, तक्षक पातालवासी आठ नागों में से एक है। तक्षक के संदर्भ में महाभारत में वर्णन मिलता है। उसके अनुसार, श्रृंगी ऋषि के शाप के कारण तक्षक ने राजा परीक्षित को डसा था, जिससे उनकी मृत्यु हो गयी थी। तक्षक से बदला लेने के उद्देश्य से राजा परीक्षित के पुत्र जनमेजय ने सर्प यज्ञ किया था। इस यज्ञ में अनेक सर्प आ-आकर गिरने लगे। यह देखकर तक्षक देवराज इंद्र की शरण में गया।*
🙏🏻 *जैसे ही ऋत्विजों (यज्ञ करने वाले ब्राह्मण) ने तक्षक का नाम लेकर यज्ञ में आहुति डाली, तक्षक देवलोक से यज्ञ कुंड में गिरने लगा। तभी आस्तिक ऋषि ने अपने मंत्रों से उन्हें आकाश में ही स्थिर कर दिया। उसी समय आस्तिक मुनि के कहने पर जनमेजय ने सर्प यज्ञ रोक दिया और तक्षक के प्राण बच गए।*
👉🏻 शेष कल.........


🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️पंचक शुरू- 10 अगस्त 2025, रविवार को रात 02:11 बजे

पंचक खत्म- 14 अगस्त 2025, बृहस्पतिवार को सुबह 09:06 बजे

05 अगस्त को सावन पुत्रदा एकादशी है।
19 अगस्त को अजा एकादशी है।
🙏🏻🌷🌹🌻☘🌷🌺🌸🌼💐🙏🏻 जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
अंक ज्योतिष का सबसे आखरी मूलांक है नौ। आप बेहद साहसी हैं। आपके स्वभाव में एक विशेष प्रकार की तीव्रता पाई जाती है। आप सही मायनों में उत्साह और साहस के प्रतीक हैं। मंगल ग्रहों में सेनापति माना जाता है। अत: आप में स्वाभाविक रूप से नेतृत्त्व की क्षमता पाई जाती है। लेकिन आपको बुद्धिमान नहीं माना जा सकता। आपके जन्मदिन की संख्या आपस में जुड़ कर नौ होती है। यह मूलांक भूमि पुत्र मंगल के अधिकार में रहता है। मंगल के मूलांक वाले चालाक और चंचल भी होते हैं। आपको लड़ाई-झगड़ों में भी विशेष आनन्द आता है। आपको विचित्र साहसिक व्यक्ति कहा जा सकता है।

शुभ दिनांक : 9, 18, 27

शुभ अंक : 1, 2, 5, 9, 27, 72

शुभ वर्ष : 2025, 2036, 2045

ईष्टदेव : हनुमान जी, मां दुर्गा।


शुभ रंग : लाल, केसरिया, पीला

जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल :
अधिकार क्षेत्र में वृद्धि संभव है। नौकरी में आ रही बाधा दूर होगी। स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। राजनैतिक व्यक्ति सफलता का स्वाद चख सकते हैं। मित्रों स्वजनों का सहयोग मिलने से प्रसन्नता रहेगी। आप अपनी शक्ति का सदुपयोग कर प्रगति की और अग्रसर होंगे। पारिवारिक विवाद सुलझेंगे। महत्वपूर्ण कार्य योजनाओं में सफलता मिलेगी।



मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज का दिन पिछले कल से थोड़ा बेहतर रहेगा परन्तु बीच-बीच में वातावरण ख़राब होने से क्रोध आएगा। काम धंधे की गति धीमी रहने के कारण आर्थिक विषय आज खास परेशान करेंगे। भागीदारी के कार्य में हानि होने की संभावना भी है। लंबी यात्रा होने की संभावना है परंतु इससे कोई विशेष प्रयोजन सिद्ध नहीं कर पाएंगे। आज किसी सरकारी उलझन में भी फंस सकते है कोई भी ऐसा कार्य करने से बचे जिससे प्रतिष्ठा खराब हो। वाहन चलाते समय भी सावधानी रखें। सर्जरी अथवा अन्य महंगे इलाज अधिक छान-बीन के बाद ही कराये।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज के दिन आप बे फिजूल की बातों पर मानसिक तनाव अनुभव करेंगे। घरेलु वातावरण पहले ही अशान्त रहेगा बाहर भी किसी से धन या अन्य विषयों को लेकर बहस हो सकती है। पुर्व नियोजित पर्यटन की योजना भी बिगड़ सकती है। घर के सदस्य की सेहत आकस्मिक ख़राब होने की संभावना है। आर्थिक लेन देन आज ना करें धन के किसी न किसी रूप में क्षति होने या लंबे समय तक रुकने के योग है। पुराने रुके कार्य असफल होने से धन अटक सकता है। प्रेम-प्रसंगों से दूरी बनाए रखें अन्यथा मायूसी मिलेगी धन की कमी रहेने से महत्त्वपूर्ण योजनाएं लटकेगी।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज का दिन मिला-जुला फल देने वाला रहेगा। आर्थिक रूप से मध्यान तक का समय ठीक रहेगा इसके बाद धन लाभ की अपेक्षा खर्च अधिक रहेंगे। परिवार में पैतृक संपत्ति अथवा अन्य कारणों से अहम् को लेकर टकराव हो सकता है। यहां विवेक से काम लें कही सुनी बाती में न आये जिन्हें आज आप अपना शत्रु समझेंगे निकट भविष्य में वे ही लोग सहायक बनेंगे इसबात को ध्यान में रखकर ही व्यवहार करें। निजी व्यवसाय अथवा नौकरी में अतिरिक्त कार्य मिलने से पूर्व निर्धारित कार्यक्रम रद्द करने पड़ेंगे। आज किसी के बीच बचाव अथवा जमानती ना बने परोपकार का भी उल्टा इल्जाम लग सकता है।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज का दिन सामान्य फलदायक रहेगा। कुछ विशेष कार्य नहीं रहने दिन भर आलस्य करेंगे। सेहत भी थोड़ी प्रतिकूल रहेगी पिंडली में अकड़न अथवा शरीर में निष्क्रियता रहने की सम्भवना है। घर में व्यर्थ के विवाद रहने से गृहस्थ से भी मन ऊबने लगेगा। आज कोई आपकी चुगली भी कर सकता है परंतु इसका आपके व्यक्तित्त्व पर असर नहीं पड़ेगा। प्रातः काल पूर्व में किये गए अनुबंधों से थोड़ा लाभ हो सकता है इसके बाद धन लाभ की इच्छा पूर्ण होने मुश्किल है। परिजनों से विचारो में मतभेद रह सकता है। खाली दिमाग मे कुछ न कुछ विपरीत विचार आते रहेंगे बेहतर है स्वयं की किसी न किसी कार्य मे व्यस्त रखें।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज आप महत्त्वपूर्ण कार्यो को भी दरकीनार करके मौज-शौक में दिन व्यतीत करना अधिक पसंद करेंगे उसी के अनुसार दिनचर्या को बदल लेंगे। कार्य स्थल पर पहले से व्यवस्था करने से निर्धारित योजनाओं में विघ्न नहीं आ पाएंगे। आज किसी वरिष्ठ सामाजिक व्यक्ति से भेंट होने से भविष्य के लिए लाभ के द्वार खुलेंगे लेकिन यहां ज्यादा बोलने की आदत परेशानी में डाल सकती है इसका ध्यान रहे। कार्य क्षेत्र अथवा रिश्तेदारी से शुभ समाचार मिलेंगे। दोपहर के बाद के समय उत्तम भोजन वाहन सुख मिलेगा। अपव्यय भी अधिक रहेंगे। आज स्वाभाविक ही लाभदायीं दिन है इसलिए प्रलोभनों से बचें। दोपहर के आसपास किसी न किसी रूप में थोड़ा शारीरिक कष्ट हो सकता है।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज आपको अपने किसी गलत निर्णय या किसी अन्य के गलत मार्गदर्शन के कारण थोड़ा कष्ट का सामना करना पड़ सकता है। व्यापार अथवा सामाजिक क्षेत्र में धोखा होने की अधिक संभावना है सतर्क रहें। पूर्ण अनुबंध अचानक निरस्त होने से धन की समस्या खड़ी होगी। स्वभाव में चिड़चिड़ापन आने से घर बाहर का वातावरण अशान्त बनेगा। किसी षड्यंत्र में फंसने की संभावना है। किसी भी अनैतिक गतिविधि से बचकर रहें। मित्र प्रियजनों के साथ ख़ुशी के पल अचानक गम में बदल सकते है। बेहतर रहेगा आज का दिन घर में ही ईश्वरीय आराधना में व्यतीत करें। सेहत ठीक रहेगी कुछ समय के लिये कमजोरी अथवा ठंड की शिकायत रह सकती है।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज का दिन बेहतर रहने वाला है परंतु विदेश सम्बंधित कार्यो में व्यवधान आने अथवा विदेश स्थित जातको को आकस्मिक कष्ट देखना पड़ेगा। कार्य क्षेत्र पर आज अधिक ध्यान ना देने पर भी आशा से अधिक लाभ होगा। सामाजिक रूप से भी दिन अच्छा रहेगा मान बढ़ने से गर्वित अनुभव करेंगे। व्यवसाय के सिलसिले से बन रही यात्रा की योजना अचानक बदलने से के दिनों से रुके घरेलू अथवा अन्य आवश्यक कार्य पूर्ण कर सकते है। ख़राब पेट के कारण थोड़ा असहज रहेंगे। खान-पान में सावधानी रखें अन्यथा समस्या बढ़ भी सकती है।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज का दिन भी आपके लिए अनुकूल रहेगा। किसी मनोकामना की पूर्ति के लिए थोड़ा इन्तजार करना पड़ सकता है परंतु मध्यान के आस-पास इसके पूर्ण होने से ख़ुशी मिलेगी। काम धंधा अपेक्षा अनुसार रहने से धन लाभ सामान्य से अधिक होगा लेकिन आज प्रलोभन में आकर गलत कार्यो में धन फंस सकता है इसका ध्यान रहे। परिजनों के साथ भावनात्मक सम्बन्ध जुड़ेंगे अधिक भावनाओ में बहकर सामर्थ्य से अधिक खर्च करने के कारण आर्थिक स्थिति बिगड़ सकती है। पारलौकिक रहस्यों को जानने में भी रूचि दिखाएँगे। धार्मिक क्षेत्र की लघु यात्रा हो सकती है। सेहत संबंधित छोटी मोटी समस्या लगी रहेगी।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज का दिन आप सुख शांति से बितायेंगे। सेहत भी सामान्य बनी रहेगी। घर में मांगलिक कार्य के कारण अथवा अन्य घरेलु कार्यो में अधिक व्यस्त रहेंगे। कार्य क्षेत्र पर भी आशा के अनुरूप व्यवसाय होने से धन लाभ होगा लेकिन किसी पुरानी देनदारी के चलते कहा सुनी होने की सम्भवना है यहां धैर्य का परिचय दे अन्यथा धन अथवा किसी कीमती सामान के डूबने की सम्भवना है। सुख के ऊपर फिजूल खर्च भी अधिक रहेंगे। घर में मेहमानों के आने से चहल-पहल रहेगी। आज किसी के ऊपर अतिविश्वास हानि भी करा सकता है। आय के नविन साधनों की प्राप्ति होगी। घर में आनंद का वातावरण रहेगा।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज के दिन परिवार में अप्रिय घटना घटित होने से दुख के प्रसंग बनेंगे। प्रातः काल का समय आलस्य में बीतेगा। किसी आस-पडोसी से वर्चस्व को लेकर टकराव की स्थिति भी बनेगी। वाणी एवं व्यवहार से किसी का अहित ना हो इसका विशेष ध्यान रखें। आज परिजनों के साथ यात्रा पिकनिक पर भी खर्च करेंगे परन्तु गलतफहमी के कारण सामंजस्य बैठाना मुश्किल साबित होगा। कार्य क्षेत्र पर अनैतिक साधनों से कमाने का प्रयास करेंगे इससे धन लाभ आकस्मिक होगा और जरूरत के अनुसार ही। आध्यात्म से जुड़ेंगे। घर मे बीमारी अथवा अन्य कारण से किसी न किसी को शारीरिक कष्ट होने की सम्भवना है।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज का दिन आपकी आशाओं पर खरा उतरेगा। घर एवं बाहर अनुकूल वातावरण मिलने से मनचाहा कार्य करने में सुविधा रहेगी। धार्मिक गतिविधयों में जाने से मानसिक शांति मिलेगी। विदेश अथवा दूर रहने वाले किसी स्वजन से आनंद दायक समाचार मिलने की संभावना है अथवा विदेश जाने में आ रही बाधा शांत होने से राहत मिलेगी। घर में सुख के साधनो की खरीददारी पर खर्च करेंगे। आर्थिक रूप से भी आज का दिन शुभ रहेगा कार्य व्यवसाय में मध्यान तक कोटा पूरा कर लेंगे। संध्या का समय शारीरिक रूप से थकान अथवा अन्य प्रकार से कष्टदायक रह सकता है फिर भी परिवार का साथ मिलने
से मानसिक रूप से मजबूत रहेंगे।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज के दिन आपकी दिनचार्य अव्यवस्थित रहेगी काम के समय भी दिमाग मे विपरीत विचार लगे रहेंगे जिसके परिणामस्वरूप आज के दिन से कुछ ना कुछ कमी रहेगी। दोपहर के बाद कुछ समय निकालकर मित्र परिवार के साथ मनोरंजन में व्यतीत करेंगे परन्तु आज दुर्व्यसनों से दूर रहना अति आवश्यक है शरीर के साथ मान हानि भी होने की संभावना है हालांकि आज परोपकार का शुभ फल भी मिलने की आशा है। कार्य क्षेत्र पर कम व्यवहार होने के बाद भी संतोषजनक धन लाभ हो जाएगा। दाम्पत्य जीवन पहले से बेहतर रहेगा। सन्तानो की प्रगति से आत्मसंतोष होगा। सेहत को लेकर कुछ समय आशंकित रहेंगे।
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️ *दिनांक - 29 जुलाई 2025*
🌤️ *दिन - मंगलवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास - श्रावण*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - पंचमी रात्रि 12:46 तक तत्पश्चात षष्ठी*
🌤️ *नक्षत्र - उत्तराफाल्गुनी शाम 07:27 तक तत्पश्चात हस्त*
🌤️ *योग - शिव 30 जुलाई रात्रि 03:05 तक तत्पश्चात सिद्ध*
🌤️ *राहुकाल - शाम 04:02 से शाम 05:40 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:12*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:17*
👉 *दिशाशूल - उत्तर दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण - नाग पंचमी,मंगलागौरी पूजन*
💥 *विशेष - पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
🌞~*वैदिक पंचांग* ~🌞

🌷 *नागपंचमी* 🌷
🙏🏻 *श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नागपंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस पर्व पर प्रमुख नाग मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है और भक्त नागदेवता के दर्शन व पूजा करते हैं। सिर्फ मंदिरों में ही नहीं बल्कि घर-घर में इस दिन नागदेवता की पूजा करने का विधान है।*
🙏🏻 *ऐसी मान्यता है कि जो भी इस दिन श्रद्धा व भक्ति से नागदेवता का पूजन करता है उसे व उसके परिवार को कभी भी सर्प भय नहीं होता। इस बार यह पर्व 29 जुलाई मंगलवार को है। इस दिन नागदेवता की पूजा किस प्रकार करें, इसकी विधि इस प्रकार है-*
🌷 *पूजन विधि* 🌷
🙏🏻 *नागपंचमी पर सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद सबसे पहले भगवान शंकर का ध्यान करें इसके बाद नाग-नागिन के जोड़े की प्रतिमा (सोने, चांदी या तांबे से निर्मित) के सामने यह मंत्र बोलें-*
🌷 *अनन्तं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कम्बलम्।*
*शंखपाल धृतराष्ट्रं तक्षकं कालियं तथा।।*
*एतानि नव नामानि नागानां च महात्मनाम्।*
*सायंकाले पठेन्नित्यं प्रात:काले विशेषत:।।*
*तस्मै विषभयं नास्ति सर्वत्र विजयी भवेत्।।*
🙏🏻 *इसके बाद पूजा व उपवास का संकल्प लें। नाग-नागिन के जोड़े की प्रतिमा को दूध से स्नान करवाएं। इसके बाद शुद्ध जल से स्नान कराकर गंध, फूल, धूप, दीप से पूजा करें व सफेद मिठाई का भोग लगाएं। यह प्रार्थना करें-*
🌷 *सर्वे नागा: प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथिवीतले।।*
*ये च हेलिमरीचिस्था येन्तरे दिवि संस्थिता।*
*ये नदीषु महानागा ये सरस्वतिगामिन:।*
*ये च वापीतडागेषु तेषु सर्वेषु वै नम:।।*
🙏🏻 *प्रार्थना के बाद नाग गायत्री मंत्र का जप करें-*
🌷 *ऊँ नागकुलाय विद्महे विषदन्ताय धीमहि तन्नो सर्प: प्रचोदयात्।*
🐍 *इसके बाद सर्प सूक्त का पाठ करें* 🐍
🌷 *ब्रह्मलोकुषु ये सर्पा: शेषनाग पुरोगमा:।*
*नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।*
*इन्द्रलोकेषु ये सर्पा: वासुकि प्रमुखादय:।*
*नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।*
*कद्रवेयाश्च ये सर्पा: मातृभक्ति परायणा।*
*नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।*
*इंद्रलोकेषु ये सर्पा: तक्षका प्रमुखादय:।*
*नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।*
*सत्यलोकेषु ये सर्पा: वासुकिना च रक्षिता।*
*नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।*
*मलये चैव ये सर्पा: कर्कोटक प्रमुखादय:।*
*नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।*
*पृथिव्यांचैव ये सर्पा: ये साकेत वासिता।*
*नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।*
*सर्वग्रामेषु ये सर्पा: वसंतिषु संच्छिता।*
*नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।*
*ग्रामे वा यदिवारण्ये ये सर्पा प्रचरन्ति च।*
*नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।*
*समुद्रतीरे ये सर्पा ये सर्पा जलवासिन:।*
*नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।*
*रसातलेषु या सर्पा: अनन्तादि महाबला:।*
*नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।*
🐍 *नागदेवता की आरती करें और प्रसाद बांट दें। इस प्रकार पूजा करने से नागदेवता प्रसन्न होते हैं और हर मनोकामना पूरी करते हैं।*
📒 *वैदिक पंचांग प्रकाशित स्थल ~ (गुजरात)*
🌞 ~ *वैदिक पंचांग* ~ 🌞
🙏🏻🌷🌻🌹🍀🌺🌸🍁💐🙏🏻
🐍◼️ नाग पंचमी के दिन , जिन को काल सर्प योग है , वे शांति के लिए ये उपाय करे 👇🏽

🐍◼️ *पंचमी के दिन पीपल के नीचे, एक दोने में कच्चा दूध रख दीजिये , घी का दीप जलाए , कच्चा आटा , घी और गुड मिला कर एक छोटा लड्डू बना के रख दे और ये मन्त्र बोलकर प्रार्थना करें :-*👇🏽

🐍 *ॐ अनंताय नमः*
🐍 *ॐ वासुकाय नमः*
🐍 *ॐ शंख पालाय नमः*
🐍 *ॐ तक्षकाय नमः*
🐍 *ॐ कर्कोटकाय नमः*
🐍 *ॐ धनंजयाय नमः*
🐍 *ॐ ऐरावताय नमः*
🐍 *ॐ मणि भद्राय नमः*
🐍 *ॐ धृतराष्ट्राय नमः*
🐍 *ॐ कालियाये नमः*
❤1
➡️ *काल सर्प योग है तो उस का प्रभाव निकल जाएगा .. तकलीफ दूर होगी ..काल सर्प योग की शांति होगी …*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️ *दिनांक - 30 जुलाई 2025*
🌤️ *दिन - बुधवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास - श्रावण*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - षष्ठी 31 जुलाई रात्रि 02:41 तक तत्पश्चात सप्तमी*
🌤️ *नक्षत्र - हस्त रात्रि 09:53 तक तत्पश्चात चित्रा*
🌤️ *योग - सिद्ध 31 जुलाई रात्रि 03:40 तक तत्पश्चात साध्य*
🌤️ *राहुकाल - दोपहर 12:45 से दोपहर 02:23 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:12*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:17*
👉 *दिशाशूल - उत्तर दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण -
💥 *विशेष - षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
🌞~*वैदिक पंचांग* ~🌞

🌷 *शिवपुराण* 🌷
🙏🏻 *श्रावण (सावन) में शिव भक्त भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए अनेक उपाय करते हैं। कुछ ऐसे ही छोटे और अचूक उपायों के बारे शिवपुराण में भी लिखा है। ये उपाय इतने सरल हैं कि इन्हें आसानी से किया जा सकता है। सावन में ये उपाय विधि-विधान पूर्वक करने से भक्तों की हर इच्छा पूरी हो सकती है। ये उपाय इस प्रकार हैं-*
🙏🏻 *शिवपुराण के अनुसार, भगवान शिव को प्रसन्न करने के उपाय इस प्रकार हैं-*
➡ *1. भगवान शिव को चावल चढ़ाने से धन की प्राप्ति होती है।*
➡ *2. तिल चढ़ाने से पापों का नाश हो जाता है।*
➡ *3. जौ अर्पित करने से सुख में वृद्धि होती है।*
➡ *4. गेहूं चढ़ाने से संतान वृद्धि होती है।*
🙏🏻 *शिवपुराण के अनुसार, जानिए भगवान शिव को कौन-सा रस (द्रव्य) चढ़ाने से क्या फल मिलता है-*
👉🏻 *1. बुखार होने पर भगवान शिव को जल चढ़ाने से शीघ्र लाभ मिलता है। सुख व संतान की वृद्धि के लिए भी जल द्वारा शिव की पूजा उत्तम बताई गई है।*
👉🏻 *2. तेज दिमाग के लिए शक्कर मिला दूध भगवान शिव को चढ़ाएं।*
👉🏻 *3. शिवलिंग पर गन्ने का रस चढ़ाया जाए तो सभी आनंदों की प्राप्ति होती है।*
👉🏻 *4. शिव को गंगा जल चढ़ाने से भोग व मोक्ष दोनों की प्राप्ति होती है।*
👉🏻 *5. शहद से भगवान शिव का अभिषेक करने से टीबी रोग में आराम मिलता है।*
👉🏻 *6. यदि शारीरिक रूप से कमजोर कोई व्यक्ति भगवान शिव का अभिषेक गाय के शुद्ध घी से करे तो उसकी कमजोरी दूर हो सकती है।*
🙏🏻 *शिवपुराण के अनुसार, जानिए भगवान शिव को कौन-सा फूल चढ़ाने से क्या फल मिलता है-*
🌷 *1. लाल व सफेद आंकड़े के फूल से भगवान शिव का पूजन करने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है।*
🌸 *2. भगवान शिव की पूजा चमेली के फूल से करने पर वाहन सुख मिलता है।*
💐 *3. अलसी के फूलों से शिव की पूजा करने पर मनुष्य भगवान विष्णु को प्रिय होता है।*
🌸 *4. शमी वृक्ष के पत्तों से पूजन करने पर मोक्ष प्राप्त होता है।*
🍀 *5. बेला के फूल से पूजा करने पर सुंदर व सुशील पत्नी मिलती है।*
🌼 *6. जूही के फूल से भगवान शिव की पूजा करें तो घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती।*
🌺 *7. कनेर के फूलों से भगवान शिव की पूजा करने से नए वस्त्र मिलते हैं।*
🍀 *8. हरसिंगार के फूलों से पूजन करने पर सुख-सम्पत्ति में वृद्धि होती है।*
🌸 *9. धतूरे के फूल से पूजन करने पर भगवान शंकर सुयोग्य पुत्र प्रदान करते हैं, जो कुल का नाम रोशन करता है।*
🌺 *10. लाल डंठलवाला धतूरा शिव पूजा में शुभ माना गया है।*

📒 *हिन्दू पंचांग प्रकाशित स्थल ~ (गुजरात)*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🙏🍀🌷🌻🌺🌸🌹🍁🙏
🙏1
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞

🌤️ *दिनांक - 31 जुलाई 2025*
🌤️ *दिन - गुरूवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास - श्रावण*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - सप्तमी 01अगस्त प्रातः 04:58 तक तत्पश्चात अष्टमी*
🌤️ *नक्षत्र - चित्रा रात्रि 12:41 तक तत्पश्चात स्वाती*
🌤️ *योग - साध्य 01अगस्त प्रातः 04:32 तक तत्पश्चात शुभ*
🌤️ *राहुकाल - दोपहर 02:23 से शाम 04:01 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:13*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:16*
👉 *दिशाशूल - दक्षिण दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण -
💥 *विशेष - सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है तथा शरीर का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
🌞~*वैदिक पंचांग* ~🌞गुरुवार को सुबह पीले वस्‍त्र पहनकर केले की पेड़ की विधिपूर्वक पूजा करें। एक लोटा जल में हल्दी और थोड़ी चने की दाल मिलाकर पेड़ की जड़ में अर्पित करें। साथ ही पीले फूल, अक्षत, गुड़, केले और हल्दी से पूजन करें। इसके बाद पेड़ की 5 बार परिक्रमा करें और नीचे बैठकर ॐ बृं बृहस्पतये नमः मंत्र का 108 बार जप करें। यह उपाय गुरु ग्रह को प्रसन्न करता है और धन, मान-सम्मान, करियर में वृद्धि तथा पारिवारिक सुख देता है।

🌷 *अनिद्रा से छुटकारा* 🌷
➡ *१० मिनट विधिवत शवासन करने से या जीभ के अग्रभाग को दाँतो से थोडा दबाकर १० मिनट तक ज्ञान मुद्रा लगा के बैठने से शारीरिक – मानसिक तनाव व अनिद्रा आदि की बीमारी दूर होती है |*
🙏🏻
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞

🌷 *इनका रखें ध्यान* 🌷
👉🏻 *दोनों हाथो से सिर नहीं खुजलाना चाहिए | जूठे हाथों से सिर को स्पर्श नहीं करना चाहिए | नहीं तो बुद्धि मंद होती है |*
👉🏻 *ए जो गलती छुपाता है उसका गिरना चालू रहता है और जो गिरने की बात को भगवान के आगे, गुरु के आगे, अपने नजदीकी सत्संगी, विश्वासपात्र मित्र के आगे बोल के, रोकर पश्चाताप करके रास्ता खोजता है उसको भगवान बचा भी लेते हैं |*
🙏🏻


🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞

🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻 जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
दिनांक 31 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 4 होगा। आपका जीवन संघर्षशील होता है। इनमें अभिमान भी होता है। ये लोग दिल के कोमल होते हैं किन्तु बाहर से कठोर दिखाई पड़ते हैं। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति जिद्दी, कुशाग्र बुद्धि वाले, साहसी होते हैं। ऐसे व्यक्ति को जीवन में अनेक परिवर्तनों का सामना करना पड़ता है। इनकी नेतृत्व क्षमता के लोग कायल होते हैं। जैसे तेज स्पीड से आती गाड़ी को अचानक ब्रेक लग जाए ऐसा उनका भाग्य होगा। लेकिन यह भी निश्चित है कि इस अंक वाले अधिकांश लोग कुलदीपक होते हैं।

शुभ दिनांक : 4, 8, 13, 22, 26, 31,

शुभ अंक : 4, 8,18, 22, 45, 57,

शुभ वर्ष : 2031, 2040 2060,


ईष्टदेव : श्री गणेश, श्री हनुमान,

शुभ रंग : नीला, काला, भूरा,

जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल :


परिवारिक मामलों में सहयोग के द्वारा सफलता मिलेगी। नवीन व्यापार की योजना प्रभावी होने तक गुप्त ही रखें। मान-सम्मान में वृद्धि होगी, वहीं मित्र वर्ग का सहयोग मिलेगा। यह वर्ष पिछले वर्ष के दुष्प्रभावों को दूर करने में सक्षम है। आपको सजग रहकर कार्य करना होगा। विवाह के मामलों में आश्चर्यजनक परिणाम आ सकते हैं। नौकरीपेशा प्रयास करें तो उन्नति के चांस भी है। शत्रु पक्ष पर प्रभावपूर्ण सफलता मिलेगी।



मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज के दिन आपको प्रातः काल से ही कुछ ना कुछ गड़बड़ होने का अंदेशा रहेगा लेकिन ज्यादा परेशान ना हों आज का दिन आपको अधिकांश कार्यो में सफलता दिलाएगा। आज आपके कार्यो में टांग अड़ाने वाले या सही मार्ग से भटकाने वाले भी मिलेंगे इनकी सुने अवश्य पर करें विवेक से ही। नौकरी वाले लोग कार्यो को जल्दी निपटाने के चक्कर मे गलती करेंगे स्वयं ही सुधार भी कर लेंगे लेकिन समय बर्बाद करके। व्यवसाय में आज बिक्री बढ़ेगी धन लाभ भी ठीक ठाक हो जायेगा खर्च आज कम रहने से बचत कर लेंगे। पारिवारिक वातावरण सामान्य बना रहेगा महिकाये शक की आदत से बचे कलह हो सकती है। आरोग्य में कुछ कमी रहेगी।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
❤1
आज का दिन वैसे तो आपके लिए वृद्धिकारक रहेगा धन लाभ आवश्यकता से अधिक ही होगा परन्तु आज आप अन्य लोगो से बराबरी करने के चक्कर मे स्वयं ही परेशान रहेंगे। महिलाये भी आज स्वयं को उपेक्षित अनुभव करेंगी। कार्य व्यवसाय में वृद्धि होने से आय के नए स्त्रोत्र बनेंगे पर आज आप जितना भी कमाई करे उससे संतोष नही होगा। ज्यादा कमाने के लोभ में अनैतिक कार्य भी कर सकते है आरम्भ में इससे लाभ ही होगा लेकिन बाद में कोई नई समस्या बनेगी। संध्या के समय आकस्मिक लाभ अथवा उपहार मिलेगा थकान भी इस अवधि में ज्यादा रहेगी। परिवार में किसी की जिद पूरी करने में खर्च भी करना पड़ेगा।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज के दिन आपको पूर्व ने की गई गलतियों से ग्लानि अनुभव होगी फिर भी आज इससे शिक्षा लेने की जगह लापरवाही दिखाएंगे। कार्य व्यवसाय से आज धन की अच्छी आमाद हो जाएगी लेकिन व्यवहारिकता में कमी के कारण कुछ ना कुछ कमी अवश्य रहेगी। सहकर्मियों का ऊपर बेवजह क्रोध करना भारी पड़ सकता है संभल कर व्यवहार करें अन्यथा अकेले ही कार्य करना पड़ेगा। महिलाओ के मनोकामना आज पूरी होने में विघ्न आएंगे जिस वजह से गुस्से में रहेंगी जानबूझ कर कार्यो को बिगाड़ भी सकती है। घर के बुजुर्ग के ऊपर भी ध्यान दें आज आपसे नाराज हो सकते है। भाई बंधुओ से मेल जोल केवल स्वार्थ के लिए ही रहेगा।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज के दिन आपके स्वभाव में भावुकता अधिक रहेगी लोग इसका नाजायज फायदा भी उठा सकते है। मध्यान से पहले आवश्यक कार्यो को पूरा कर लें इसके बाद परिस्थितियां कलहकारी बनने से अधिकाशं निर्णय गलत ही होंगे। धन लाभ की कामना थोड़े प्रयास के बाद पूर्ण हो जाएगी लेकिन आज बेमतलब के खर्च पर नियंत्रण रखें अन्यथा भविष्य की योजनाए बिगड़ेंगी। कार्य क्षेत्र पर मध्यान बाद तक व्यस्तता रहेगी इसका लाभ भी आशाजनक मिल जाएगा इसके बाद किसी से धन को लेकर तकरार होने की संभावना है घर के सदस्य भी संध्या बाद मांगे पूरी ना होने पर उग्र रहेंगे। पत्नी को छोड़ अन्य कोई भी आपकी भावनाओं को नही समझ सकेगा।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज के दिन कुछ ना कुछ कारण से भाग दौड़ लगी रहेगी। धन कमाने की लालसा आज कुछ ज्यादा ही रहेगी इसके लिए आप भूख प्यास की परवाह नही करेंगे लेकिन घर एवं व्यवसाय में तालमेल बैठाने के चक्कर मे कोई ना कोई काम अधूरा ही रह जायेगा। अतिआवश्यक कार्यो को संध्या से पहले पूर्ण करने का प्रयास करें अन्यथा इसके बाद लंबे समय के लिये टल सकते है। आज आपकी समाज के उच्चवर्गीय लोगो से जान पहचान बनेगी परन्तु सभी आपसे स्वार्थ सिद्धि के लिए व्यवहार करेंगे। परिजनों के अलावा आज कोई अन्य हितैषी नही मिलेगा। राजनीतिक सोच वाले लोगो से सावधान रहें। धन लाभ आज लेदेकर अवश्य ही होगा। सेहत का विशेष ध्यान रखें।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज दिन के आरंभ में आप दिनचार्य को व्यवस्थित बनाने की योजना बनाएंगे लेकिन इसपर अमल नही करेंगे अपने काम की जगह अन्य के काम मे हस्तक्षेप करे बिना नही मानेंगे बिना मांगे सलाह देने से सम्मान कम हो सकता है। अपने कार्यो पर अधिक ध्यान दे परिस्थितियां आपके अनुकूल बनी हुई है धन लाभ के लिये आज ज्यादा भाग-दौड़ नही करनी पड़ेगी। सरकारी कार्य भी आज जोड़-तोड़ कर बन ही जायेंगे अधिकारी वर्ग का मूड समझना मुश्किल होगा फिर भी आपके लिये मददगार साबित होंगे। नौकरी पेशा लोग अपनी मांगे निसंकोच होकर रख सकते है देर अबेर पूरी होने की संभावना है। थोड़ी मानसिक दुविधा को छोड़ स्वास्थ्य उत्तम बना रहेगा ।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज का दिन आपको अवश्य कोई यादगार सौगात देकर जाएगा आज आपका स्वभाव शांत एवं मिलनसार रहेगा हर किसी से जल्द ही घुल-मिल जाएंगे परन्तु अन्य लोग इसको गलत नजरिये से भी देख सकते है। महिलाओ के प्रति सम्मानजनक रवैया अपनाए विवाद से बचे रहेंगे। व्यवसाइयों का काम-धंधा आज पहले से बेहतर चलेगा धन की आमद भी समय पर होने से आर्थिक उलझने नही रहेंगी फिर भी आज धन के लेनदेन में अधिक स्पष्टता बरते उधारी के कारण किसी से झगड़ा हो सकता है। नौकरी पेशा जातक आज जल्दी काम खत्म करने का प्रयास करेंगे परन्तु कोई नया काम आने से परेशानी होगी। घर का वातावरण सामान्य ही रहेगा आवश्यकताओं की पूर्ति पर खर्च होगा।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आपके लिये आज का दिन भी हानिकर रहेगा। आज आप मेहनत करने में कोई कसर नही छोड़ेंगे फिर भी धन संबंधित समस्या यथावत बनी रहेगी। मध्यान से पहले कोई अशुभ समाचार मिलने से मन विचलित रहेगा। व्यवसायी भी आज हानि की आशंका से प्रत्येक कार्य को डर कर करेंगे। किसी भी कार्य मे निवेश करने से बचे और अपने आस-पास के लोगो में स्वार्थ ना खोजे अन्यथा धन के साथ सम्मान हानि हो सकती है। संध्या बाद से स्थिति में सुधार आने लगेगा लेकिन मानसिक रूप से चंचलता बढ़ेगी
भले बुरे का विवेक ना होने से काम उटपटांग होंगे इसे ठीक होने में थोड़ा समय लगेगा। परिजनों के स्वास्थ्य पर खर्च होगा। संध्या बाद का समय हर प्रकार से राहत वाला रहेगा।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज का दिन आपके लिये लाभदायक रहेगा। आज लोग आपसे अंदर ही अंदर ईर्ष्या का भाव रखेंगे परन्तु स्वयं के स्वार्थ के कारण व्यवहारिकता बनाये रखेंगे लोगों को आपसे काम पड़ता रहेगा आपभी लोगो की लाचारी का जमकर लाभ उठाएंगे। आज आप किसी से कुछ भी मांग सकते है कोई मना नही कर सकेगा। आर्थिक लाभ भी आज उम्मीद ना होने पर भी हो जाएगा। व्यवसायी वर्ग जिस भी काम मे हाथ डालेंगे उसमे सफल अवश्य होंगे। लेकिन शेयर सट्टे में निवेश आज ना करें भविष्य में हानि हो सकती है। आवश्यक कार्य संध्या से पहले पूर्ण कर लें इसके बाद सेहत प्रतिकूल होने की संभावना है कार्य अधूरे रह सकते है। संध्या के समय मानसिक उच्चाटन रहेगा।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज के दिन आपका आत्मविश्वास तो बड़ा रहेगा परन्तु साथ मे आलस्य भी रहने से सोची हुई योजनाओ को सही दिशा नही दे सकेंगे। कार्य-व्यवसाय में लाभ के कई अवसर मिलेंगे परन्तु कुछ एक से ही संतोष करना पड़ेगा। आज कोई घरेलू कार्य के कारण भाग-दौड़ भी करनी पड़ेगी। सरकारी कार्य आज ना ही करें पूर्ण नही हो सकेंगे। संध्या का समय अधिक थकान वाला परन्तु दिन की अपेक्षा अधिक लाभदायक रहेगा आकस्मिक धन लाभ होने से थकान भूल जाएंगे। आज आप जिस कार्य की योजना बनाएंगे उसके संध्या बाद अथवा आने वाले कल में पूर्ण होने की संभावनाएं है। सेहत को लेकर परेशानी होगी शारीरिक दर्द अथवा कब्ज पित्त की शिकायत रहेगी।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज के दिन आप अपने धार्मिक एवं परोपकारी स्वभाव का लाभ उठायेंगे। जन मानस में आपकी छवि भद्र इंसान के रूप में बनेगी लोग अपनी समस्याओं को सुलझाने के लिए आपसे परामर्श लेंगे। लेकिन आज अन्य लोगो की समस्या सुलझाने में ही समय खराब न हो इसका भी ध्यान रखें। व्यवसायी वर्ग जिस काम को करने में संकोच करेंगे उसी से अधिक लाभ कमा सकेंगे। निवेश आज बेझिझक होकर करें भविष्य के लिए लाभदायक रहेगा। पारिवारिक स्थिति शांत रहेगी लेकिन आवश्यकता पूर्ति समय पर ना करने पर स्त्री संतानों से नाराजगी हो सकती है। स्वास्थ्य में आज कुछ ना कुछ विकार लगा रहेगा वाहन से सावधान रहें।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज का दिन भी आपके लिये हताशा से भरा रहेगा। पूर्व में मिली असफलता के कारण आज किसी भी कार्य को करने में उत्साह नही दिखाएंगे। मानसिक एवं शारीरिक विकार रहने के कारण मुश्किल से ही साहस जुटा पाएंगे। घर के बड़े बुजुर्गों से प्रोत्साहन मिलेगा परन्तु आज किसी की सांत्वना भी आपको पसंद नही आएगी। सीधी बातो का उल्टा जवाब देने से आस-पास का वातावरण कलुषित होगा। कार्य क्षेत्र पर अव्यवस्था के चलते सीमित साधनों से काम करना पड़ेगा परिणाम स्वरूप धन की आमद भी अल्प मात्रा में ही होगी।आज आप तंत्र-मंत्र में भी रुचि लेंगे। सरकारी कार्यो भी आज कागजी कमी के कारण अधूरे रहेंगे। लंबी यात्रा से बचें अपव्यव अधिक होंगे।
This media is not supported in your browser
VIEW IN TELEGRAM