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🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️ *दिनांक - 02 अगस्त 2025*
🌤️ *दिन - शनिवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास - श्रावण*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - अष्टमी सुबह 07:23 तक तत्पश्चात नवमी*
🌤️ *नक्षत्र - विशाखा पूर्ण रात्रि तक*
🌤️ *योग - शुक्ल पूर्ण रात्रि तक*
🌤️ *राहुकाल - सुबह 09:29 से सुबह 11:07 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:13*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:15*
👉 *दिशाशूल - पूर्व दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण -
💥 *विशेष - *अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है (ब्रह्मवैवर्त पुराण ब्रह्म खण्ड: 27,29,34)*
💥 *ब्रह्म पुराण' के 118 वें अध्याय में शनिदेव कहते हैं- 'मेरे दिन अर्थात् शनिवार को जो मनुष्य नियमित रूप से पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उनके सब कार्य सिद्ध होंगे तथा मुझसे उनको कोई पीड़ा नहीं होगी। जो शनिवार को प्रातःकाल उठकर पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उन्हें ग्रहजन्य पीड़ा नहीं होगी।' (ब्रह्म पुराण')*
💥 *शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए 'ॐ नमः शिवाय।' का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है। (ब्रह्म पुराण')*
💥 *हर शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है ।(पद्म पुराण)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
🌞~*वैदिक पंचांग* ~🌞
🌷 *पिसा आटा* 🌷
👉🏻 *ये जो तैयार चक्कियों का आटा ले आते हो, बासी और ८ दिन के बाद तो एक्सपायर्ड(expired) होने लगता है |*
👉🏻 *आज पिसा.. ८ दिन में खत्म होना चाहिए | चक्की में ना जाने कब पिसा, होलसेलर के पास कब आया रिटेल वाले के पास कब आया एकदम पतला आटा आंतों को चिपका दे | लेकिन ये जो रस है, एलोविरा का रस, आँवले का रस ये आंतों को साफ कर देता है |*🙏🏻
🌞 ~ *वैदिक पंचांग* ~ 🌞
🌷 *अच्छी नींद लाने तथा खर्राटे बंद करने के लिए* 🌷
😌 *रात को गाय का घी हलका–सा गरम करके १ से ४ बुंद दोनों नथुनों में डाले |🙏🏻
🌞 ~ *वैदिक पंचांग* ~ 🌞
🌷 *शिवलिंग के दर्शन हेतु* 🌷
➡️ *शिवलिंग पर दूध, जल चढाने जाना हो तो हमेशा सुबह खाली पेट जाना चाहिए | जो जाते हो वो इस बात का ध्यान रखे | चाय – नाश्ता न करके जाए |*🙏🏻
📒 *वैदिक पंचांग प्रकाशित स्थल ~ (गुजरात)*
🌞 ~ *वैदिक पंचांग* ~ 🌞
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻
🌤️ *दिनांक - 02 अगस्त 2025*
🌤️ *दिन - शनिवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास - श्रावण*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - अष्टमी सुबह 07:23 तक तत्पश्चात नवमी*
🌤️ *नक्षत्र - विशाखा पूर्ण रात्रि तक*
🌤️ *योग - शुक्ल पूर्ण रात्रि तक*
🌤️ *राहुकाल - सुबह 09:29 से सुबह 11:07 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:13*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:15*
👉 *दिशाशूल - पूर्व दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण -
💥 *विशेष - *अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है (ब्रह्मवैवर्त पुराण ब्रह्म खण्ड: 27,29,34)*
💥 *ब्रह्म पुराण' के 118 वें अध्याय में शनिदेव कहते हैं- 'मेरे दिन अर्थात् शनिवार को जो मनुष्य नियमित रूप से पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उनके सब कार्य सिद्ध होंगे तथा मुझसे उनको कोई पीड़ा नहीं होगी। जो शनिवार को प्रातःकाल उठकर पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उन्हें ग्रहजन्य पीड़ा नहीं होगी।' (ब्रह्म पुराण')*
💥 *शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए 'ॐ नमः शिवाय।' का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है। (ब्रह्म पुराण')*
💥 *हर शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है ।(पद्म पुराण)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
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🌷 *पिसा आटा* 🌷
👉🏻 *ये जो तैयार चक्कियों का आटा ले आते हो, बासी और ८ दिन के बाद तो एक्सपायर्ड(expired) होने लगता है |*
👉🏻 *आज पिसा.. ८ दिन में खत्म होना चाहिए | चक्की में ना जाने कब पिसा, होलसेलर के पास कब आया रिटेल वाले के पास कब आया एकदम पतला आटा आंतों को चिपका दे | लेकिन ये जो रस है, एलोविरा का रस, आँवले का रस ये आंतों को साफ कर देता है |*🙏🏻
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🌷 *अच्छी नींद लाने तथा खर्राटे बंद करने के लिए* 🌷
😌 *रात को गाय का घी हलका–सा गरम करके १ से ४ बुंद दोनों नथुनों में डाले |🙏🏻
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🌷 *शिवलिंग के दर्शन हेतु* 🌷
➡️ *शिवलिंग पर दूध, जल चढाने जाना हो तो हमेशा सुबह खाली पेट जाना चाहिए | जो जाते हो वो इस बात का ध्यान रखे | चाय – नाश्ता न करके जाए |*🙏🏻
📒 *वैदिक पंचांग प्रकाशित स्थल ~ (गुजरात)*
🌞 ~ *वैदिक पंचांग* ~ 🌞
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️ *दिनांक - 03 अगस्त 2025*
🌤️ *दिन - रविवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास - श्रावण*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - नवमी सुबह 09:42 तक तत्पश्चात दशमी*
🌤️ *नक्षत्र - विशाखा सुबह 06:35 तक तत्पश्चात अनुराधा*
🌤️ *योग - शुक्ल सुबह 06:24 तक तत्पश्चात ब्रह्म*
🌤️ *राहुकाल - शाम 05:39 से शाम 07:16 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:14*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:15*
👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण -
💥 *विशेष - नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌞~*वैदिक पंचांग* ~🌞
🌷 *शिव के द्वादश बारह ज्योतिर्लिंग की कथा और महत्त्व*
🙏 *१२ ज्योतिर्लिंगों का महत्व व महिमा*
🙏 *भगवान शिव की भक्ति का महिना सावन शुरू हो चुका है। शिवमहापुराण के अनुसार एकमात्र भगवान शिव ही ऐसे देवता हैं, जो निष्फल व सफल दोनों हैं। यही कारण है कि एकमात्र शिव का पूजन लिंग व मूर्ति दोनों रूपों में किया जाता है। भारत में १२ प्रमुख ज्योतिर्लिंग हैं। इन सभी का अपना महत्व व महिमा है।*
🙏 *ऐसी मान्यता भी है कि सावन के महिने में यदि भगवान शिव के ज्योतिर्लिंगों के दर्शन किए जाएं तो जन्म-जन्म के कष्ट दूर हो जाते हैं। यही कारण है कि सावन के महिने में भारत के प्रमुख १२ ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है। आज हम आपको बता रहे हैं इन १२ ज्योतिर्लिंगों का महत्व व महिमा-:*
🙏 *१] सोमनाथ : सोमनाथ ज्योतिर्लिंग भारत का ही नहीं अपितु इस पृथ्वी का पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है। यह मंदिर गुजरात राज्य के सौराष्ट्र क्षेत्र में स्थित है। इस मंदिर के बारे में मान्यता है, कि जब चंद्रमा को दक्ष प्रजापति ने श्राप दिया था, तब चंद्रमा ने इसी स्थान पर तप कर इस श्राप से मुक्ति पाई थी। ऐसा भी कहा जाता है कि इस शिवलिंग की स्थापना स्वयं चन्द्र देव ने की थी। विदेशी आक्रमणों के कारण यह 17 बार नष्ट हो चुका है। हर बार यह बिगड़ता और बनता रहा है।*
🙏 *२] मल्लिकार्जुन : यह ज्योतिर्लिंग आंध्रप्रदेश में कृष्णा नदी के तट पर श्रीशैल नाम के पर्वत पर स्थित है। इस मंदिर का महत्व भगवान शिव के कैलाश पर्वत के समान कहा गया है। अनेक धार्मिक शास्त्र इसके धार्मिक और पौराणिक महत्व की व्याख्या करते हैं।*
🙏 *कहते हैं कि इस ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने मात्र से ही व्यक्ति को उसके सभी पापों से मुक्ति मिलती है। एक पौराणिक कथा के अनुसार जहां पर यह ज्योतिर्लिंग है, उस पर्वत पर आकर शिव का पूजन करने से व्यक्ति को अश्वमेघ यज्ञ के समान पुण्य फल प्राप्त होते हैं।*
🙏 *३] महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग : यह ज्योतिर्लिंग मध्यप्रदेश की धार्मिक राजधानी कही जाने वाली उज्जैन नगरी में स्थित है। महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की विशेषता है कि ये एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है। यहां प्रतिदिन सुबह की जाने वाली भस्मारती विश्व भर में प्रसिद्ध है। महाकालेश्वर की पूजा विशेष रूप से आयु वृद्धि और आयु पर आए हुए संकट को टालने के लिए की जाती है। उज्जैनवासी मानते हैं कि भगवान महाकालेश्वर ही उनके राजा हैं और वे ही उज्जैन की रक्षा कर रहे हैं।*
🙏 *४] ओंकारेश्वर : ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध शहर इंदौर के समीप स्थित है। जिस स्थान पर यह ज्योतिर्लिंग स्थित है, उस स्थान पर नर्मदा नदी बहती है और पहाड़ी के चारों ओर नदी बहने से यहां ॐ का आकार बनता है। ॐ शब्द की उत्पति ब्रह्मा के मुख से हुई है। इसलिए किसी भी धार्मिक शास्त्र या वेदों का पाठ ॐ के साथ ही किया जाता है। यह ज्योतिर्लिंग ॐकार अर्थात ॐ का आकार लिए हुए है, इस कारण इसे ओंकारेश्वर नाम से जाना जाता है।*
🙏 *५] केदारनाथ : केदारनाथ स्थित ज्योतिर्लिंग भी भगवान शिव के १२ प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में आता है। यह उत्तराखंड में स्थित है। बाबा केदारनाथ का मंदिर बद्रीनाथ के मार्ग में स्थित है। केदारनाथ समुद्र तल से ३५८४ मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। केदारनाथ का वर्णन स्कन्द पुराण एवं शिव पुराण में भी मिलता है। यह तीर्थ भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। जिस प्रकार कैलाश का महत्व है उसी प्रकार का महत्व शिव जी ने केदार क्षेत्र को भी दिया है।*
🙏 *६] भीमाशंकर : भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के पूणे जिले में सह्याद्रि नामक पर्वत पर स्थित है। भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग को मोटेश्वर महादेव के नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर के विषय में मान्यता है कि जो भक्त श्रद्धा से इस मंदिर का दर्शन प्रतिदिन सुबह सूर्य निकलने के बाद करता है, उसके सात जन्मों के पाप दूर हो जाते हैं तथा उसके लिए स्वर्ग के मार्ग खुल जाते हैं।*
🌤️ *दिनांक - 03 अगस्त 2025*
🌤️ *दिन - रविवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास - श्रावण*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - नवमी सुबह 09:42 तक तत्पश्चात दशमी*
🌤️ *नक्षत्र - विशाखा सुबह 06:35 तक तत्पश्चात अनुराधा*
🌤️ *योग - शुक्ल सुबह 06:24 तक तत्पश्चात ब्रह्म*
🌤️ *राहुकाल - शाम 05:39 से शाम 07:16 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:14*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:15*
👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण -
💥 *विशेष - नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌞~*वैदिक पंचांग* ~🌞
🌷 *शिव के द्वादश बारह ज्योतिर्लिंग की कथा और महत्त्व*
🙏 *१२ ज्योतिर्लिंगों का महत्व व महिमा*
🙏 *भगवान शिव की भक्ति का महिना सावन शुरू हो चुका है। शिवमहापुराण के अनुसार एकमात्र भगवान शिव ही ऐसे देवता हैं, जो निष्फल व सफल दोनों हैं। यही कारण है कि एकमात्र शिव का पूजन लिंग व मूर्ति दोनों रूपों में किया जाता है। भारत में १२ प्रमुख ज्योतिर्लिंग हैं। इन सभी का अपना महत्व व महिमा है।*
🙏 *ऐसी मान्यता भी है कि सावन के महिने में यदि भगवान शिव के ज्योतिर्लिंगों के दर्शन किए जाएं तो जन्म-जन्म के कष्ट दूर हो जाते हैं। यही कारण है कि सावन के महिने में भारत के प्रमुख १२ ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है। आज हम आपको बता रहे हैं इन १२ ज्योतिर्लिंगों का महत्व व महिमा-:*
🙏 *१] सोमनाथ : सोमनाथ ज्योतिर्लिंग भारत का ही नहीं अपितु इस पृथ्वी का पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है। यह मंदिर गुजरात राज्य के सौराष्ट्र क्षेत्र में स्थित है। इस मंदिर के बारे में मान्यता है, कि जब चंद्रमा को दक्ष प्रजापति ने श्राप दिया था, तब चंद्रमा ने इसी स्थान पर तप कर इस श्राप से मुक्ति पाई थी। ऐसा भी कहा जाता है कि इस शिवलिंग की स्थापना स्वयं चन्द्र देव ने की थी। विदेशी आक्रमणों के कारण यह 17 बार नष्ट हो चुका है। हर बार यह बिगड़ता और बनता रहा है।*
🙏 *२] मल्लिकार्जुन : यह ज्योतिर्लिंग आंध्रप्रदेश में कृष्णा नदी के तट पर श्रीशैल नाम के पर्वत पर स्थित है। इस मंदिर का महत्व भगवान शिव के कैलाश पर्वत के समान कहा गया है। अनेक धार्मिक शास्त्र इसके धार्मिक और पौराणिक महत्व की व्याख्या करते हैं।*
🙏 *कहते हैं कि इस ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने मात्र से ही व्यक्ति को उसके सभी पापों से मुक्ति मिलती है। एक पौराणिक कथा के अनुसार जहां पर यह ज्योतिर्लिंग है, उस पर्वत पर आकर शिव का पूजन करने से व्यक्ति को अश्वमेघ यज्ञ के समान पुण्य फल प्राप्त होते हैं।*
🙏 *३] महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग : यह ज्योतिर्लिंग मध्यप्रदेश की धार्मिक राजधानी कही जाने वाली उज्जैन नगरी में स्थित है। महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की विशेषता है कि ये एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है। यहां प्रतिदिन सुबह की जाने वाली भस्मारती विश्व भर में प्रसिद्ध है। महाकालेश्वर की पूजा विशेष रूप से आयु वृद्धि और आयु पर आए हुए संकट को टालने के लिए की जाती है। उज्जैनवासी मानते हैं कि भगवान महाकालेश्वर ही उनके राजा हैं और वे ही उज्जैन की रक्षा कर रहे हैं।*
🙏 *४] ओंकारेश्वर : ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध शहर इंदौर के समीप स्थित है। जिस स्थान पर यह ज्योतिर्लिंग स्थित है, उस स्थान पर नर्मदा नदी बहती है और पहाड़ी के चारों ओर नदी बहने से यहां ॐ का आकार बनता है। ॐ शब्द की उत्पति ब्रह्मा के मुख से हुई है। इसलिए किसी भी धार्मिक शास्त्र या वेदों का पाठ ॐ के साथ ही किया जाता है। यह ज्योतिर्लिंग ॐकार अर्थात ॐ का आकार लिए हुए है, इस कारण इसे ओंकारेश्वर नाम से जाना जाता है।*
🙏 *५] केदारनाथ : केदारनाथ स्थित ज्योतिर्लिंग भी भगवान शिव के १२ प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में आता है। यह उत्तराखंड में स्थित है। बाबा केदारनाथ का मंदिर बद्रीनाथ के मार्ग में स्थित है। केदारनाथ समुद्र तल से ३५८४ मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। केदारनाथ का वर्णन स्कन्द पुराण एवं शिव पुराण में भी मिलता है। यह तीर्थ भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। जिस प्रकार कैलाश का महत्व है उसी प्रकार का महत्व शिव जी ने केदार क्षेत्र को भी दिया है।*
🙏 *६] भीमाशंकर : भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के पूणे जिले में सह्याद्रि नामक पर्वत पर स्थित है। भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग को मोटेश्वर महादेव के नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर के विषय में मान्यता है कि जो भक्त श्रद्धा से इस मंदिर का दर्शन प्रतिदिन सुबह सूर्य निकलने के बाद करता है, उसके सात जन्मों के पाप दूर हो जाते हैं तथा उसके लिए स्वर्ग के मार्ग खुल जाते हैं।*
🙏 *७] काशी विश्वनाथ: विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग भारत के १२ ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह उत्तर प्रदेश के काशी नामक स्थान पर स्थित है। काशी सभी धर्म स्थलों में सबसे अधिक महत्व रखती है। इसलिए सभी धर्म स्थलों में काशी का अत्यधिक महत्व कहा गया है। इस स्थान की मान्यता है कि प्रलय आने पर भी यह स्थान बना रहेगा। इसकी रक्षा के लिए भगवान शिव इस स्थान को अपने त्रिशूल पर धारण कर लेंगे और प्रलय के टल जाने पर काशी को उसके स्थान पर पुन: रख देंगे।*
🙏 *८] त्र्यंबकेश्वर : यह ज्योतिर्लिंग गोदावरी नदी के करीब महाराष्ट्र राज्य के नासिक जिले में स्थित है। इस ज्योतिर्लिंग के सबसे अधिक निकट ब्रह्मागिरि नाम का पर्वत है। इसी पर्वत से गोदावरी नदी शुरू होती है। भगवान शिव का एक नाम त्र्यंबकेश्वर भी है। कहा जाता है कि भगवान शिव को गौतम ऋषि और गोदावरी नदी के आग्रह पर यहां ज्योतिर्लिंग रूप में रहना पड़ा।*
🙏 *९] वैद्यनाथ : श्री वैद्यनाथ शिवलिंग का समस्त ज्योतिर्लिंगों की गणना में नौवां स्थान बताया गया है। भगवान श्री वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग का मन्दिर जिस स्थान पर स्थित है, उसे वैद्यनाथ धाम कहा जाता है। यह स्थान झारखंड राज्य (पूर्व में बिहार ) के देवघर जिला में पड़ता है।*
🙏 *१०] नागेश्वर ज्योतिर्लिंग : यह ज्योतिर्लिंग गुजरात के बाहरी क्षेत्र में द्वारिका स्थान में स्थित है। धर्म शास्त्रों में भगवान शिव नागों के देवता है और नागेश्वर का पूर्ण अर्थ नागों का ईश्वर है। भगवान शिव का एक अन्य नाम नागेश्वर भी है। द्वारका पुरी से भी नागेश्वर ज्योतिर्लिंग की दूरी १७ मील की है। इस ज्योतिर्लिंग की महिमा में कहा गया है कि जो व्यक्ति पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ यहां दर्शन के लिए आता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती है।*
🙏 *११] रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग : यह ज्योतिर्लिंग तमिलनाडु राज्य के रामनाथपुरं नामक स्थान में स्थित है। भगवान शिव के १२ ज्योतिर्लिंगों में से एक होने के साथ-साथ यह स्थान हिंदुओं के चार धामों में से एक भी है। इस ज्योतिर्लिंग के विषय में यह मान्यता है कि इसकी स्थापना स्वयं भगवान श्रीराम ने की थी। भगवान राम के द्वारा स्थापित होने के कारण ही इस ज्योतिर्लिंग को भगवान राम का नाम रामेश्वरम दिया गया है।*
🙏 *१२] घृष्णेश्वर मन्दिर : घृष्णेश्वर महादेव का प्रसिद्ध मंदिर महाराष्ट्र के औरंगाबाद शहर के समीप दौलताबाद के पास स्थित है। इसे घृसणेश्वर या घुश्मेश्वर के नाम से भी जाना जाता है। दूर-दूर से लोग यहां दर्शन के लिए आते हैं और आत्मिक शांति प्राप्त करते हैं। भगवान शिव के १२ ज्योतिर्लिंगों में से यह अंतिम ज्योतिर्लिंग है। बौद्ध भिक्षुओं द्वारा निर्मित एलोरा की प्रसिद्ध गुफाएं इस मंदिर के समीप स्थित हैं। यहीं पर श्री एकनाथजी गुरु व श्री जनार्दन महाराज की समाधि भी है।*
🙏🌹🍀🌷🌻🌸💐🌺🍁🙏
🙏 *८] त्र्यंबकेश्वर : यह ज्योतिर्लिंग गोदावरी नदी के करीब महाराष्ट्र राज्य के नासिक जिले में स्थित है। इस ज्योतिर्लिंग के सबसे अधिक निकट ब्रह्मागिरि नाम का पर्वत है। इसी पर्वत से गोदावरी नदी शुरू होती है। भगवान शिव का एक नाम त्र्यंबकेश्वर भी है। कहा जाता है कि भगवान शिव को गौतम ऋषि और गोदावरी नदी के आग्रह पर यहां ज्योतिर्लिंग रूप में रहना पड़ा।*
🙏 *९] वैद्यनाथ : श्री वैद्यनाथ शिवलिंग का समस्त ज्योतिर्लिंगों की गणना में नौवां स्थान बताया गया है। भगवान श्री वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग का मन्दिर जिस स्थान पर स्थित है, उसे वैद्यनाथ धाम कहा जाता है। यह स्थान झारखंड राज्य (पूर्व में बिहार ) के देवघर जिला में पड़ता है।*
🙏 *१०] नागेश्वर ज्योतिर्लिंग : यह ज्योतिर्लिंग गुजरात के बाहरी क्षेत्र में द्वारिका स्थान में स्थित है। धर्म शास्त्रों में भगवान शिव नागों के देवता है और नागेश्वर का पूर्ण अर्थ नागों का ईश्वर है। भगवान शिव का एक अन्य नाम नागेश्वर भी है। द्वारका पुरी से भी नागेश्वर ज्योतिर्लिंग की दूरी १७ मील की है। इस ज्योतिर्लिंग की महिमा में कहा गया है कि जो व्यक्ति पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ यहां दर्शन के लिए आता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती है।*
🙏 *११] रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग : यह ज्योतिर्लिंग तमिलनाडु राज्य के रामनाथपुरं नामक स्थान में स्थित है। भगवान शिव के १२ ज्योतिर्लिंगों में से एक होने के साथ-साथ यह स्थान हिंदुओं के चार धामों में से एक भी है। इस ज्योतिर्लिंग के विषय में यह मान्यता है कि इसकी स्थापना स्वयं भगवान श्रीराम ने की थी। भगवान राम के द्वारा स्थापित होने के कारण ही इस ज्योतिर्लिंग को भगवान राम का नाम रामेश्वरम दिया गया है।*
🙏 *१२] घृष्णेश्वर मन्दिर : घृष्णेश्वर महादेव का प्रसिद्ध मंदिर महाराष्ट्र के औरंगाबाद शहर के समीप दौलताबाद के पास स्थित है। इसे घृसणेश्वर या घुश्मेश्वर के नाम से भी जाना जाता है। दूर-दूर से लोग यहां दर्शन के लिए आते हैं और आत्मिक शांति प्राप्त करते हैं। भगवान शिव के १२ ज्योतिर्लिंगों में से यह अंतिम ज्योतिर्लिंग है। बौद्ध भिक्षुओं द्वारा निर्मित एलोरा की प्रसिद्ध गुफाएं इस मंदिर के समीप स्थित हैं। यहीं पर श्री एकनाथजी गुरु व श्री जनार्दन महाराज की समाधि भी है।*
🙏🌹🍀🌷🌻🌸💐🌺🍁🙏
जय माता दी
रक्षाबंधन 09 अगस्त 2025, शनिवार श्रावणी उपाकर्म एवं रक्षासूत्र (राखी) बाँधने का श्रेष्ठ शुभ मुहूर्त सुबह -7.25 बजे से दोपहर 2.23 तक
इस अशुभ समय में रक्षासूत्र (राखी) ना बांधे गुलिक काल एवं काल की चौघड़िया सुबह -5.49 से सुबह 7.25 तक राहुकाल सुबह -9.06 बजे से सुबह 10.45 तक
विशेष परिस्थिति में अशुभ समय को छोड़कर बहनें पुरे दिन राखी बांध सकती है
रक्षाबंधन 09 अगस्त 2025, शनिवार श्रावणी उपाकर्म एवं रक्षासूत्र (राखी) बाँधने का श्रेष्ठ शुभ मुहूर्त सुबह -7.25 बजे से दोपहर 2.23 तक
इस अशुभ समय में रक्षासूत्र (राखी) ना बांधे गुलिक काल एवं काल की चौघड़िया सुबह -5.49 से सुबह 7.25 तक राहुकाल सुबह -9.06 बजे से सुबह 10.45 तक
विशेष परिस्थिति में अशुभ समय को छोड़कर बहनें पुरे दिन राखी बांध सकती है
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️ *दिनांक - 04 अगस्त 2025*
🌤️ *दिन - सोमवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास - श्रावण*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - दशमी सुबह 11:41 तक तत्पश्चात एकादशी*
🌤️ *नक्षत्र - अनुराधा सुबह 09:12 तक तत्पश्चात ज्येष्ठा*
🌤️ *योग - ब्रह्म सुबह 07:05 तक तत्पश्चात इन्द्र*
🌤️ *राहुकाल - सुबह 07:51 से सुबह 09:29 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:14*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:14*
👉 *दिशाशूल - पूर्व दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण -
💥 *विशेष - चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
🌞~*वैदिक पंचांग* ~🌞
🌷 *एकादशी व्रत के लाभ* 🌷
➡️ *04 अगस्त 2025 सोमवार को सुबह 11:41 से 05 अगस्त, मंगलवार को दोपहर 01:12 तक एकादशी है।*
💥 *विशेष - 05 अगस्त, मंगलवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखे।*
🙏🏻 *जो पुण्य सूर्यग्रहण में दान से होता है, उससे कई गुना अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।*
🙏🏻 *जो पुण्य गौ-दान सुवर्ण-दान, अश्वमेघ यज्ञ से होता है, उससे अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।*
🙏🏻 *एकादशी करनेवालों के पितर नीच योनि से मुक्त होते हैं और अपने परिवारवालों पर प्रसन्नता बरसाते हैं ।इसलिए यह व्रत करने वालों के घर में सुख-शांति बनी रहती है ।*
🙏🏻 *धन-धान्य, पुत्रादि की वृद्धि होती है ।*
🙏🏻 *कीर्ति बढ़ती है, श्रद्धा-भक्ति बढ़ती है, जिससे जीवन रसमय बनता है ।*
🙏🏻 *परमात्मा की प्रसन्नता प्राप्त होती है ।पूर्वकाल में राजा नहुष, अंबरीष, राजा गाधी आदि जिन्होंने भी एकादशी का व्रत किया, उन्हें इस पृथ्वी का समस्त ऐश्वर्य प्राप्त हुआ ।भगवान शिवजी ने नारद से कहा है : एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं, इसमे कोई संदेह नहीं है । एकादशी के दिन किये हुए व्रत, गौ-दान आदि का अनंत गुना पुण्य होता है ।*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *एकादशी के दिन करने योग्य* 🌷
🙏🏻 *एकादशी को दिया जलाके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें .......विष्णु सहस्त्र नाम नहीं हो तो १० माला गुरुमंत्र का जप कर लें l अगर घर में झगडे होते हों, तो झगड़े शांत हों जायें ऐसा संकल्प करके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें तो घर के झगड़े भी शांत होंगे l*
🙏🏻
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *एकादशी के दिन ये सावधानी रहे* 🌷
🙏🏻 *महीने में १५-१५ दिन में एकादशी आती है एकादशी का व्रत पाप और रोगों को स्वाहा कर देता है लेकिन वृद्ध, बालक और बीमार व्यक्ति एकादशी न रख सके तभी भी उनको चावल का तो त्याग करना चाहिए एकादशी के दिन जो चावल खाता है... तो धार्मिक ग्रन्थ से एक- एक चावल एक- एक कीड़ा खाने का पाप लगता है...
🌞 *~ वैदिक पंचाग ~* 🌞
🙏🍀🌻🌹🌸💐🍁🌷🌺🙏 जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
दिनांक 4 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 4 होगा। ऐसे व्यक्ति को जीवन में अनेक परिवर्तनों का सामना करना पड़ता है। जैसे तेज स्पीड से आती गाड़ी को अचानक ब्रेक लग जाए ऐसा उनका भाग्य होगा। लेकिन यह भी निश्चित है कि इस अंक वाले अधिकांश लोग कुलदीपक होते हैं।
इस अंक से प्रभावित व्यक्ति जिद्दी, कुशाग्र बुद्धि वाले, साहसी होते हैं। आपका जीवन संघर्षशील होता है। इनमें अभिमान भी होता है। ये लोग दिल के कोमल होते हैं किन्तु बाहर से कठोर दिखाई पड़ते हैं। इनकी नेतृत्त्व क्षमता के लोग कायल होते हैं।
शुभ दिनांक : 4, 8, 13, 22, 26, 31
शुभ अंक : 4, 8,18, 22, 45, 57
शुभ वर्ष : 2031, 2040, 2060
ईष्टदेव : श्री गणेश, श्री हनुमान
शुभ रंग : नीला, काला, भूरा
जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल :
मान-सम्मान में वृद्धि होगी, वहीं मित्र वर्ग का सहयोग मिलेगा। नवीन व्यापार की योजना प्रभावी होने तक गुप्त ही रखें। शत्रु पक्ष पर प्रभावपूर्ण सफलता मिलेगी। नौकरीपेशा प्रयास करें तो उन्नति के चांस भी है। यह वर्ष पिछले वर्ष के दुष्प्रभावों को दूर करने में सक्षम है। आपको सजग रहकर कार्य करना होगा। परिवारिक मामलों में सहयोग के द्वारा सफलता मिलेगी। विवाह के मामलों में आश्चर्यजनक परिणाम आ सकते हैं।
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज के दिन भी आप किसी ना किसी कारण से परेशान रहेंगे। सेहत आज भी प्रतिकूल रहेगी लेकिन कल की अपेक्षा में थोड़ा सुधार अवश्य आएगा। व्यवसाय की स्थिति भी दयनीय रहेगी दैनिक खर्च निकालने के लिए संघर्ष करना पड़ेगा। नौकरी वाले लोग अधिकारी वर्ग को प्रसन्न रखने में असफल रहेंगे भाग्य साथ ना देने के कारण दिन भर की भागदौड़ व्यर्थ जाएगी। लेकिन बेरोजगार लोग आज प्रयास करने में कमी ना
🌤️ *दिनांक - 04 अगस्त 2025*
🌤️ *दिन - सोमवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास - श्रावण*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - दशमी सुबह 11:41 तक तत्पश्चात एकादशी*
🌤️ *नक्षत्र - अनुराधा सुबह 09:12 तक तत्पश्चात ज्येष्ठा*
🌤️ *योग - ब्रह्म सुबह 07:05 तक तत्पश्चात इन्द्र*
🌤️ *राहुकाल - सुबह 07:51 से सुबह 09:29 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:14*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:14*
👉 *दिशाशूल - पूर्व दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण -
💥 *विशेष - चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
🌞~*वैदिक पंचांग* ~🌞
🌷 *एकादशी व्रत के लाभ* 🌷
➡️ *04 अगस्त 2025 सोमवार को सुबह 11:41 से 05 अगस्त, मंगलवार को दोपहर 01:12 तक एकादशी है।*
💥 *विशेष - 05 अगस्त, मंगलवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखे।*
🙏🏻 *जो पुण्य सूर्यग्रहण में दान से होता है, उससे कई गुना अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।*
🙏🏻 *जो पुण्य गौ-दान सुवर्ण-दान, अश्वमेघ यज्ञ से होता है, उससे अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।*
🙏🏻 *एकादशी करनेवालों के पितर नीच योनि से मुक्त होते हैं और अपने परिवारवालों पर प्रसन्नता बरसाते हैं ।इसलिए यह व्रत करने वालों के घर में सुख-शांति बनी रहती है ।*
🙏🏻 *धन-धान्य, पुत्रादि की वृद्धि होती है ।*
🙏🏻 *कीर्ति बढ़ती है, श्रद्धा-भक्ति बढ़ती है, जिससे जीवन रसमय बनता है ।*
🙏🏻 *परमात्मा की प्रसन्नता प्राप्त होती है ।पूर्वकाल में राजा नहुष, अंबरीष, राजा गाधी आदि जिन्होंने भी एकादशी का व्रत किया, उन्हें इस पृथ्वी का समस्त ऐश्वर्य प्राप्त हुआ ।भगवान शिवजी ने नारद से कहा है : एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं, इसमे कोई संदेह नहीं है । एकादशी के दिन किये हुए व्रत, गौ-दान आदि का अनंत गुना पुण्य होता है ।*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *एकादशी के दिन करने योग्य* 🌷
🙏🏻 *एकादशी को दिया जलाके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें .......विष्णु सहस्त्र नाम नहीं हो तो १० माला गुरुमंत्र का जप कर लें l अगर घर में झगडे होते हों, तो झगड़े शांत हों जायें ऐसा संकल्प करके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें तो घर के झगड़े भी शांत होंगे l*
🙏🏻
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *एकादशी के दिन ये सावधानी रहे* 🌷
🙏🏻 *महीने में १५-१५ दिन में एकादशी आती है एकादशी का व्रत पाप और रोगों को स्वाहा कर देता है लेकिन वृद्ध, बालक और बीमार व्यक्ति एकादशी न रख सके तभी भी उनको चावल का तो त्याग करना चाहिए एकादशी के दिन जो चावल खाता है... तो धार्मिक ग्रन्थ से एक- एक चावल एक- एक कीड़ा खाने का पाप लगता है...
🌞 *~ वैदिक पंचाग ~* 🌞
🙏🍀🌻🌹🌸💐🍁🌷🌺🙏 जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
दिनांक 4 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 4 होगा। ऐसे व्यक्ति को जीवन में अनेक परिवर्तनों का सामना करना पड़ता है। जैसे तेज स्पीड से आती गाड़ी को अचानक ब्रेक लग जाए ऐसा उनका भाग्य होगा। लेकिन यह भी निश्चित है कि इस अंक वाले अधिकांश लोग कुलदीपक होते हैं।
इस अंक से प्रभावित व्यक्ति जिद्दी, कुशाग्र बुद्धि वाले, साहसी होते हैं। आपका जीवन संघर्षशील होता है। इनमें अभिमान भी होता है। ये लोग दिल के कोमल होते हैं किन्तु बाहर से कठोर दिखाई पड़ते हैं। इनकी नेतृत्त्व क्षमता के लोग कायल होते हैं।
शुभ दिनांक : 4, 8, 13, 22, 26, 31
शुभ अंक : 4, 8,18, 22, 45, 57
शुभ वर्ष : 2031, 2040, 2060
ईष्टदेव : श्री गणेश, श्री हनुमान
शुभ रंग : नीला, काला, भूरा
जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल :
मान-सम्मान में वृद्धि होगी, वहीं मित्र वर्ग का सहयोग मिलेगा। नवीन व्यापार की योजना प्रभावी होने तक गुप्त ही रखें। शत्रु पक्ष पर प्रभावपूर्ण सफलता मिलेगी। नौकरीपेशा प्रयास करें तो उन्नति के चांस भी है। यह वर्ष पिछले वर्ष के दुष्प्रभावों को दूर करने में सक्षम है। आपको सजग रहकर कार्य करना होगा। परिवारिक मामलों में सहयोग के द्वारा सफलता मिलेगी। विवाह के मामलों में आश्चर्यजनक परिणाम आ सकते हैं।
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज के दिन भी आप किसी ना किसी कारण से परेशान रहेंगे। सेहत आज भी प्रतिकूल रहेगी लेकिन कल की अपेक्षा में थोड़ा सुधार अवश्य आएगा। व्यवसाय की स्थिति भी दयनीय रहेगी दैनिक खर्च निकालने के लिए संघर्ष करना पड़ेगा। नौकरी वाले लोग अधिकारी वर्ग को प्रसन्न रखने में असफल रहेंगे भाग्य साथ ना देने के कारण दिन भर की भागदौड़ व्यर्थ जाएगी। लेकिन बेरोजगार लोग आज प्रयास करने में कमी ना
रखें शीघ्र ही किसी रोजगार से जुड़ सकेंगे। पारिवारिक वातावरण उथल-पुथल रहेगा घरेलू कार्य सुलझने की जगह और अधिक उलझेंगे। भाई बंधुओ में आत्मीयता की कमी रहेगी। बुजुर्गो का सहयोग मिलने से कुछ राहत अनुभव करेंगे।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज का दिन शुभ फलदायी है आज आप दिन के आरंभ में अपने कार्यो के प्रति लापरवाही करेंगे परन्तु धीरे धीरे व्यस्तता बढ़ने के साथ ही कार्य शैली में निखार आएगा मानसिक रूप से चंचल भी रहेंगे महत्त्वपूर्ण निर्णय लेने में दुविधा होगी इसलिये किसी अनुभवी की सलाह अवश्य लें धन लाभ आज अचानक होगा दुबे धन की प्राप्ति भी हो सकती है। व्यवसायी वर्ग मेहनत का उचित फल मिलने से प्रसन्न रहेंगे। आज आपके ऊपर कोई आरोप भी लग सकता है जिससे परिवार में गलतफहमी पनपेगी परिजन आपकी बातों पर आज मुश्किल से ही यकीन करेंगे। महिलाये आज ज्यादा सतर्क रहें ज्यादा हंसना भी नुकसान करा सकता है। सेहत में सुधार आएगा।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज का दिन आपके लिये थोड़ा उलझनों वाला रहेगा। आज कोई भी कार्य भाग दौड़ किये बिना बनाना संभव नही रहेगा व्यवसायी वर्ग भी आज मंदी रहने के कारण लेदेकर काम बनाने के चक्कर मे रहेंगे बाद में असकमात धन लाभ हो जाने से पश्चाताप करेंगे। सरकारी अथवा पैतृक संपत्ति संबंधित कार्यो में थोड़ी परेशानी के बाद नतीजा आपके पक्ष में ही रहेगा। दो पक्षो के झगड़े को सुलझाने में मध्यस्थता करनी पड़ेगी परन्तु पक्षपात का आरोप लग सकता है निष्पक्ष होकर फैसला करें सम्मान में वृद्धि होगी। घरेलू वातावरण आज अन्य दिनों की अपेक्षा शांत रहेगा। संध्या बाद स्वास्थ्य में विकार आएगा।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज आपकी तार्किक शक्ति बढ़ी हुई रहेगी लेकिन इसका सही जगह प्रयोग नही करेंगे। प्रत्येक कार्य वह चाहे घरेलू हो अथवा व्यावसायिक उसमे कुछ ना कुछ नुक्स ही निकालेंगे इससे आपके सम्मान में कमी आ सकती है साथ ही परिजनों से कलह भी हो सकती है। आप आज सम्मान पाने के लिये अन्य लोगो के आगे स्वयं को हद से ज्यादा बुद्धिमान के रूप में पेश करेंगे लेकिन आज आपके विचार अन्य लोगो से कम ही मेल खाएंगे सम्मान मिलने की जगह हास्य के पात्र बन कर रह जाएंगे। कारोबार की दशा नीचे जाएगी किसी के सहयोग से खर्च लायक आमदनी हो ही जाएगी। सेहत ठीक रहेगी।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज के दिन आप स्वयं ही कलहकारी परिस्थितियों का निर्माण करेंगे। जबरदस्ती किसी के कार्यो में दखल देने अथवा बिना मांगे राय देने से बेज्जती हो सकती है इसका ध्यान रखें। कार्य क्षेत्र पर आपको सहकर्मियों का कार्य पसंद नही आएगा और सहकर्मियों को आपका व्यवहार इससे आपसी तालमेल नही बनने के कारण सामूहिक कार्य अधूरे ही रहेंगे। धन लाभ के लिए प्रयास करेंगे फिर भी आज आय की अपेक्षा व्यय का पलड़ा भारी रहेगा। घर मे परिजनों को आपके व्यवहार से पीड़ा होगी। वादा करके मुकरने पर वातावरण अशान्त होगा। मित्र रिश्तेदार भी आज आपसे दूरी बना कर ही रहेंगे। सर अथवा बदन दर्द की शिकायत हो सकती है।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज दिन के आरंभ में आर्थिक लाभ की संभावनाए बनेंगी इनके मध्यान के आस-पास पूर्ण होने की संभावना है। व्यवसायी वर्ग आज एक साथ कई कार्यो में भाग्य आजमाएंगे इनमे से कुछ लंबित रहेंगे लेकिन शेष कार्यो से अवश्य ही कुछ ना कुछ लाभ होगा। धन लाभ के लिए आज किसी अन्य के भरोसे नही रहना पड़ेगा। नौकरी करने वाले लोगो को आज अधिक भागदौड़ करनी पड़ेगी जिससे आरम्भ में थोड़ी परेशानी पर बाद में परिणाम पक्ष में रहने से प्रसन्नता मिलेगी। आज किसी पुराने परिचित से यादगार भेंट होगी कुछ समय के लिए अतीत की यादों में खोए रहेंगे। परिजनों के स्नेह में वृद्धि होगी। सेहत को लेकर आज पूर्ण संतुष्ट नही रहेंगे।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज का दिन भी आपके लिए विशेष नही रहेगा। आज आप संचित धन के ऊपर ही निर्भर रहेंगे आर्थिक लाभ होते होते टल ने पर निराश होंगे। व्यावसायिक क्षेत्र पर आज भय का वातावरण रहेगा अपनी किसी कमजोरी को लेकर मन मे चिंतित रहेंगे परन्तु जाहिर नही होने देंगे। विरोधी आपके लचीले व्यवहार का फायदा उठाएंगे लेकिन सहकर्मियों का सहयोग आवश्यकता पड़ने पर मिल जाएगा। आज ना चाह कर भी किसी से उधारी का व्यवहार करना पड़ेगा। खर्च आज कम रहने से आय-व्यय में संतुलन बना रहेगा। घरेलू कामो में टालमटोल करने पर वातावरण उग्र होगा कुछ समय मे स्वतः ही सामान्य भी हो जाएगा। आलस्य अधिक रहेगा।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज का दिन शुभ फलदायी है आज आप दिन के आरंभ में अपने कार्यो के प्रति लापरवाही करेंगे परन्तु धीरे धीरे व्यस्तता बढ़ने के साथ ही कार्य शैली में निखार आएगा मानसिक रूप से चंचल भी रहेंगे महत्त्वपूर्ण निर्णय लेने में दुविधा होगी इसलिये किसी अनुभवी की सलाह अवश्य लें धन लाभ आज अचानक होगा दुबे धन की प्राप्ति भी हो सकती है। व्यवसायी वर्ग मेहनत का उचित फल मिलने से प्रसन्न रहेंगे। आज आपके ऊपर कोई आरोप भी लग सकता है जिससे परिवार में गलतफहमी पनपेगी परिजन आपकी बातों पर आज मुश्किल से ही यकीन करेंगे। महिलाये आज ज्यादा सतर्क रहें ज्यादा हंसना भी नुकसान करा सकता है। सेहत में सुधार आएगा।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज का दिन आपके लिये थोड़ा उलझनों वाला रहेगा। आज कोई भी कार्य भाग दौड़ किये बिना बनाना संभव नही रहेगा व्यवसायी वर्ग भी आज मंदी रहने के कारण लेदेकर काम बनाने के चक्कर मे रहेंगे बाद में असकमात धन लाभ हो जाने से पश्चाताप करेंगे। सरकारी अथवा पैतृक संपत्ति संबंधित कार्यो में थोड़ी परेशानी के बाद नतीजा आपके पक्ष में ही रहेगा। दो पक्षो के झगड़े को सुलझाने में मध्यस्थता करनी पड़ेगी परन्तु पक्षपात का आरोप लग सकता है निष्पक्ष होकर फैसला करें सम्मान में वृद्धि होगी। घरेलू वातावरण आज अन्य दिनों की अपेक्षा शांत रहेगा। संध्या बाद स्वास्थ्य में विकार आएगा।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज आपकी तार्किक शक्ति बढ़ी हुई रहेगी लेकिन इसका सही जगह प्रयोग नही करेंगे। प्रत्येक कार्य वह चाहे घरेलू हो अथवा व्यावसायिक उसमे कुछ ना कुछ नुक्स ही निकालेंगे इससे आपके सम्मान में कमी आ सकती है साथ ही परिजनों से कलह भी हो सकती है। आप आज सम्मान पाने के लिये अन्य लोगो के आगे स्वयं को हद से ज्यादा बुद्धिमान के रूप में पेश करेंगे लेकिन आज आपके विचार अन्य लोगो से कम ही मेल खाएंगे सम्मान मिलने की जगह हास्य के पात्र बन कर रह जाएंगे। कारोबार की दशा नीचे जाएगी किसी के सहयोग से खर्च लायक आमदनी हो ही जाएगी। सेहत ठीक रहेगी।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज के दिन आप स्वयं ही कलहकारी परिस्थितियों का निर्माण करेंगे। जबरदस्ती किसी के कार्यो में दखल देने अथवा बिना मांगे राय देने से बेज्जती हो सकती है इसका ध्यान रखें। कार्य क्षेत्र पर आपको सहकर्मियों का कार्य पसंद नही आएगा और सहकर्मियों को आपका व्यवहार इससे आपसी तालमेल नही बनने के कारण सामूहिक कार्य अधूरे ही रहेंगे। धन लाभ के लिए प्रयास करेंगे फिर भी आज आय की अपेक्षा व्यय का पलड़ा भारी रहेगा। घर मे परिजनों को आपके व्यवहार से पीड़ा होगी। वादा करके मुकरने पर वातावरण अशान्त होगा। मित्र रिश्तेदार भी आज आपसे दूरी बना कर ही रहेंगे। सर अथवा बदन दर्द की शिकायत हो सकती है।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज दिन के आरंभ में आर्थिक लाभ की संभावनाए बनेंगी इनके मध्यान के आस-पास पूर्ण होने की संभावना है। व्यवसायी वर्ग आज एक साथ कई कार्यो में भाग्य आजमाएंगे इनमे से कुछ लंबित रहेंगे लेकिन शेष कार्यो से अवश्य ही कुछ ना कुछ लाभ होगा। धन लाभ के लिए आज किसी अन्य के भरोसे नही रहना पड़ेगा। नौकरी करने वाले लोगो को आज अधिक भागदौड़ करनी पड़ेगी जिससे आरम्भ में थोड़ी परेशानी पर बाद में परिणाम पक्ष में रहने से प्रसन्नता मिलेगी। आज किसी पुराने परिचित से यादगार भेंट होगी कुछ समय के लिए अतीत की यादों में खोए रहेंगे। परिजनों के स्नेह में वृद्धि होगी। सेहत को लेकर आज पूर्ण संतुष्ट नही रहेंगे।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज का दिन भी आपके लिए विशेष नही रहेगा। आज आप संचित धन के ऊपर ही निर्भर रहेंगे आर्थिक लाभ होते होते टल ने पर निराश होंगे। व्यावसायिक क्षेत्र पर आज भय का वातावरण रहेगा अपनी किसी कमजोरी को लेकर मन मे चिंतित रहेंगे परन्तु जाहिर नही होने देंगे। विरोधी आपके लचीले व्यवहार का फायदा उठाएंगे लेकिन सहकर्मियों का सहयोग आवश्यकता पड़ने पर मिल जाएगा। आज ना चाह कर भी किसी से उधारी का व्यवहार करना पड़ेगा। खर्च आज कम रहने से आय-व्यय में संतुलन बना रहेगा। घरेलू कामो में टालमटोल करने पर वातावरण उग्र होगा कुछ समय मे स्वतः ही सामान्य भी हो जाएगा। आलस्य अधिक रहेगा।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज का दिन भी आपके अनुकूल बना हुआ है लेकिन आज किसी महत्त्वपूर्ण कार्यो को लेकर अन्य के भरोसे बैठना पड़ेगा जिसमे निराशा मिलने की संभावना अधिक है आज अपने बलबूते जो भी कार्य करेंगे उसमे देर से ही सही आशाजनक परिणाम मिलेंगे। व्यवसाय में वृद्धि तो होगी लेकिन आर्थिक लाभ समय पर ना होने के कारण आगे के कार्य प्रभावित होंगे। आज धन लाभ एवं खर्च बराबर रहने से संतुलन बना रहेगा। सहकर्मी आपसे कुछ अपेक्षा रखेंगे इसमे टालमटोल ना करें अन्यथा परेशानी हो सकती है। घर के सदस्य मनोकामना पूर्ण होने पर प्रसन्न रहेंगे लेकिन बुजुर्ग आपकी खर्चीली वृति से असंतोष जताएंगे।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज के दिन भी परिस्थितियां आपकी आशाओ के विपरीत रहने वाली है धन संबंधित अथवा अन्य महत्त्वपूर्ण कार्य आज निरस्त करने ही बेहतर रहेगा। आज आप किसी सरकारी उलझन में भी फंस सकते है वाणी एवं व्यवहार संयमित रखें। धन को लेकर घर एवं बाहर विवाद के प्रसंग बनेंगे विवेक से काम ले अन्यथा मामला गंभीर रूप ले सकता है। नौकरी वाले लोगो के अधिकारियों से मतभेद रहेंगे फिर भी मनमारके इच्छा के विपरीत कार्य करना पड़ेगा। मित्र परिचित भी आपसे मतलबी व्यवहार करेंगे किसी से आज कोई वादा ना करें पूरा नही कर पाएंगे। धन के साथ ही आरोग्य में भी कमी आएगी। बड़े बुजुर्गों की बातों को अनदेखी ना करे।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज का दिन आपको सभी जगह से मान-सम्मान दिलाएगा। आज आपकी जीवनशैली भी उच्चवर्गीय जैसी रहेगी। कैसी भी परिस्थितियां हो खर्च करने से पीछे नही रहेंगे आडम्बर भी आज कुछ अधिक रहेगा। महिलाये भी आज दिखावा करने से नही चूकेंगी आवश्यकता से अधिक खर्च कर बाद में पछताएगी। कार्य व्यवसाय आशानुकूल रहेगा किसी पुराने अनुबंद से धन लाभ होगा। राज पक्ष से भी शुभ समाचार मिलने की संभावना है सरकारी कार्यो में ढील ना दे आज पूरे तो नही होंगे लेकिन सफलता की संभावना अधिक रहेगी। घर का वातावरण मिला जुला रहेगा सभी सदस्य अपने कार्य मे मस्त रहेग।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज दिन के आरंभ में आप किसी कार्य को लेकर दुविधा में रहेंगे लेकिन बाद में उसी कार्य को करने पर धन लाभ के साथ ही सम्मान भी बढ़ेगा। नौकरी वाले जातक आज अपने मृदु व्यवहार के कारण अधिकारियों को प्रसन्न रखेंगे लेकिन सहकर्मियों को इससे जलन हो सकती है फिर भी निश्चिन्त रहे आज कोई चाहकर भी आपका अहित नही कर सकता। व्यवसायी वर्ग जिसभी कार्य मे हाथ डालेंगे उसमे जय होगी धन की आमद एकसाथ ना होकर रुक रुक कर होगी जिससे अन्य कार्य आरम्भ करने में थोड़ी परेशानी आ सकती है। गृहस्थ में आपकी बातों को महत्त्व दिया जाएगा भाइयो से फिर भी आज राग द्वेष बना रहेगा। प्रेम प्रसंगों में निकटता बढ़ेगी। सेहत उत्तम रहेगी।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज का दिन आपके लिये साधारण रहेगा। आज आप मानसिक रूप से शांत एवं संतुष्ट रहेंगे लेकिन महिलाओ के मन मे कुछ ना कुछ तिकड़म लगी रहेगी अपना काम बनाने के लिये आज किसी की बुराई करने से भी नही चूकेंगी। कार्य व्यवसाय की गति सामान्य से कुछ कम रहेगी फिर भी निर्वाह योग्य आज हो जाएगी। आज आप अन्य लोगो से अपना काम निकालने के लिये मीठा व्यवहार करेंगे लेकिन किसी का कार्य स्वयं करने में आनाकानी करेंगे। सहकर्मी अधिकारियों से आपकी चुगली कर सकते है सतर्क रहें। धन लाभ परिश्रम करने के बाद ही सीमित मात्रा में होगा। परिवार में आपको छोड़ अन्य सभी कुछ ना कुछ अभाव अनुभव करेंगे। घर किसी सदस्य की सेहत खराब रहेगी।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज के दिन भी परिस्थितियां आपकी आशाओ के विपरीत रहने वाली है धन संबंधित अथवा अन्य महत्त्वपूर्ण कार्य आज निरस्त करने ही बेहतर रहेगा। आज आप किसी सरकारी उलझन में भी फंस सकते है वाणी एवं व्यवहार संयमित रखें। धन को लेकर घर एवं बाहर विवाद के प्रसंग बनेंगे विवेक से काम ले अन्यथा मामला गंभीर रूप ले सकता है। नौकरी वाले लोगो के अधिकारियों से मतभेद रहेंगे फिर भी मनमारके इच्छा के विपरीत कार्य करना पड़ेगा। मित्र परिचित भी आपसे मतलबी व्यवहार करेंगे किसी से आज कोई वादा ना करें पूरा नही कर पाएंगे। धन के साथ ही आरोग्य में भी कमी आएगी। बड़े बुजुर्गों की बातों को अनदेखी ना करे।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज का दिन आपको सभी जगह से मान-सम्मान दिलाएगा। आज आपकी जीवनशैली भी उच्चवर्गीय जैसी रहेगी। कैसी भी परिस्थितियां हो खर्च करने से पीछे नही रहेंगे आडम्बर भी आज कुछ अधिक रहेगा। महिलाये भी आज दिखावा करने से नही चूकेंगी आवश्यकता से अधिक खर्च कर बाद में पछताएगी। कार्य व्यवसाय आशानुकूल रहेगा किसी पुराने अनुबंद से धन लाभ होगा। राज पक्ष से भी शुभ समाचार मिलने की संभावना है सरकारी कार्यो में ढील ना दे आज पूरे तो नही होंगे लेकिन सफलता की संभावना अधिक रहेगी। घर का वातावरण मिला जुला रहेगा सभी सदस्य अपने कार्य मे मस्त रहेग।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज दिन के आरंभ में आप किसी कार्य को लेकर दुविधा में रहेंगे लेकिन बाद में उसी कार्य को करने पर धन लाभ के साथ ही सम्मान भी बढ़ेगा। नौकरी वाले जातक आज अपने मृदु व्यवहार के कारण अधिकारियों को प्रसन्न रखेंगे लेकिन सहकर्मियों को इससे जलन हो सकती है फिर भी निश्चिन्त रहे आज कोई चाहकर भी आपका अहित नही कर सकता। व्यवसायी वर्ग जिसभी कार्य मे हाथ डालेंगे उसमे जय होगी धन की आमद एकसाथ ना होकर रुक रुक कर होगी जिससे अन्य कार्य आरम्भ करने में थोड़ी परेशानी आ सकती है। गृहस्थ में आपकी बातों को महत्त्व दिया जाएगा भाइयो से फिर भी आज राग द्वेष बना रहेगा। प्रेम प्रसंगों में निकटता बढ़ेगी। सेहत उत्तम रहेगी।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज का दिन आपके लिये साधारण रहेगा। आज आप मानसिक रूप से शांत एवं संतुष्ट रहेंगे लेकिन महिलाओ के मन मे कुछ ना कुछ तिकड़म लगी रहेगी अपना काम बनाने के लिये आज किसी की बुराई करने से भी नही चूकेंगी। कार्य व्यवसाय की गति सामान्य से कुछ कम रहेगी फिर भी निर्वाह योग्य आज हो जाएगी। आज आप अन्य लोगो से अपना काम निकालने के लिये मीठा व्यवहार करेंगे लेकिन किसी का कार्य स्वयं करने में आनाकानी करेंगे। सहकर्मी अधिकारियों से आपकी चुगली कर सकते है सतर्क रहें। धन लाभ परिश्रम करने के बाद ही सीमित मात्रा में होगा। परिवार में आपको छोड़ अन्य सभी कुछ ना कुछ अभाव अनुभव करेंगे। घर किसी सदस्य की सेहत खराब रहेगी।
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*🌞~ आज का हिन्दू पंचांग ~🌞*
*⛅दिनांक - 05 अगस्त 2025*
*⛅दिन - मंगलवार*
*⛅विक्रम संवत् - 2082*
*⛅अयन - दक्षिणायण*
*⛅ऋतु - वर्षा*
*⛅मास - श्रावण*
*⛅पक्ष - शुक्ल*
*⛅तिथि - एकादशी दोपहर 01:12 तक तत्पश्चात् द्वादशी*
*⛅नक्षत्र - ज्येष्ठा सुबह 11:23 तक तत्पश्चात् मूल*
*⛅योग - इन्द्र सुबह 07:25 तक तत्पश्चात् वैधृति*
*⛅राहुकाल - शाम 04:02 से शाम 05:41 तक (अहमदाबाद मानक समयानुसार)*
*⛅सूर्योदय - 06:12*
*⛅सूर्यास्त - 07:19 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त अहमदाबाद मानक समयानुसार)*
*⛅दिशा शूल - उत्तर दिशा में*
*⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:45 से प्रातः 05:29 तक (अहमदाबाद मानक समयानुसार)*
*⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:19 से दोपहर 01:12*
*⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:24 अगस्त 06 से रात्रि 01:07 अगस्त 06 तक (अहमदाबाद मानक समयानुसार)*
*⛅️व्रत पर्व विवरण - पुत्रदा - पवित्रा एकादशी, मंगला गौरी व्रत, दामोदर द्वादशी*
*⛅️विशेष - एकादशी को शिम्बी (सेम) व द्वादशी को पूतिका (पोई) खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
*🔹प्रातः भ्रमण की महत्ता 🔹*
*🔸 प्रातः एवं सायं भ्रमण उत्तम स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभप्रद है । पशुओं का राजा सिंह सुबह 3.30 से 5 बजे के दौरान अपने बच्चों के साथ उठकर गुफा से बाहर निकल के साफ हवा में भ्रमण कर आसपास की किसी ऊँची टेकरी पर सूर्य की ओर मुँह करके बैठ जाता है । सूर्य का दर्शन कर शक्तिशाली कोमल किरणों को अपने शरीर में लेने के पश्चात ही गुफा में वापस आता है । यह उसके बलशाली होने का एक राज है ।*
*🔸भ्रमण पूज्य बापूजी की दिनचर्या का एक अभिन्न अंग है । उत्तम स्वास्थ्य की इस कुंजी के द्वारा आप मानो चरैवेति चरैवेति । आगे बढ़ो, आगे बढ़ो । यह वैदिक संदेश ही जनसाधारण तक पहुँचाना चाहते हैं । पूज्य श्री कहते हैं- "प्रातः ब्राह्ममुहूर्त में वातावरण में निसर्ग की शुद्ध एवं शक्तियुक्त ओजोन वायु का बाहुल्य होता है, जो स्वास्थ्य के लिए हितकारी है ।*
*प्रातःकाल की वायु को, सेवन करत सुजान।*
*तातें मुख छवि बढ़त है, बुद्धि होत बलवान।।*
*🔸 भ्रमण नियमित होना चाहिए । अधिक चलने से थकान आ जाती है । थकान से तमोगुण आ जाता है । सर्वथा न चलने से भी मनुष्य आलसी हो जाता है । उससे भी तमोगुण आ जाता है । अतः प्रतिदिन अवश्य भ्रमण करना चाहिए ।*
*⛅दिनांक - 05 अगस्त 2025*
*⛅दिन - मंगलवार*
*⛅विक्रम संवत् - 2082*
*⛅अयन - दक्षिणायण*
*⛅ऋतु - वर्षा*
*⛅मास - श्रावण*
*⛅पक्ष - शुक्ल*
*⛅तिथि - एकादशी दोपहर 01:12 तक तत्पश्चात् द्वादशी*
*⛅नक्षत्र - ज्येष्ठा सुबह 11:23 तक तत्पश्चात् मूल*
*⛅योग - इन्द्र सुबह 07:25 तक तत्पश्चात् वैधृति*
*⛅राहुकाल - शाम 04:02 से शाम 05:41 तक (अहमदाबाद मानक समयानुसार)*
*⛅सूर्योदय - 06:12*
*⛅सूर्यास्त - 07:19 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त अहमदाबाद मानक समयानुसार)*
*⛅दिशा शूल - उत्तर दिशा में*
*⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:45 से प्रातः 05:29 तक (अहमदाबाद मानक समयानुसार)*
*⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:19 से दोपहर 01:12*
*⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:24 अगस्त 06 से रात्रि 01:07 अगस्त 06 तक (अहमदाबाद मानक समयानुसार)*
*⛅️व्रत पर्व विवरण - पुत्रदा - पवित्रा एकादशी, मंगला गौरी व्रत, दामोदर द्वादशी*
*⛅️विशेष - एकादशी को शिम्बी (सेम) व द्वादशी को पूतिका (पोई) खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
*🔹प्रातः भ्रमण की महत्ता 🔹*
*🔸 प्रातः एवं सायं भ्रमण उत्तम स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभप्रद है । पशुओं का राजा सिंह सुबह 3.30 से 5 बजे के दौरान अपने बच्चों के साथ उठकर गुफा से बाहर निकल के साफ हवा में भ्रमण कर आसपास की किसी ऊँची टेकरी पर सूर्य की ओर मुँह करके बैठ जाता है । सूर्य का दर्शन कर शक्तिशाली कोमल किरणों को अपने शरीर में लेने के पश्चात ही गुफा में वापस आता है । यह उसके बलशाली होने का एक राज है ।*
*🔸भ्रमण पूज्य बापूजी की दिनचर्या का एक अभिन्न अंग है । उत्तम स्वास्थ्य की इस कुंजी के द्वारा आप मानो चरैवेति चरैवेति । आगे बढ़ो, आगे बढ़ो । यह वैदिक संदेश ही जनसाधारण तक पहुँचाना चाहते हैं । पूज्य श्री कहते हैं- "प्रातः ब्राह्ममुहूर्त में वातावरण में निसर्ग की शुद्ध एवं शक्तियुक्त ओजोन वायु का बाहुल्य होता है, जो स्वास्थ्य के लिए हितकारी है ।*
*प्रातःकाल की वायु को, सेवन करत सुजान।*
*तातें मुख छवि बढ़त है, बुद्धि होत बलवान।।*
*🔸 भ्रमण नियमित होना चाहिए । अधिक चलने से थकान आ जाती है । थकान से तमोगुण आ जाता है । सर्वथा न चलने से भी मनुष्य आलसी हो जाता है । उससे भी तमोगुण आ जाता है । अतः प्रतिदिन अवश्य भ्रमण करना चाहिए ।*
🌞 ~ *आज का पंचांग* ~ 🌞
🌤️ *दिनांक - 06 अगस्त 2025*
🌤️ *दिन - बुधवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत - 1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास - श्रावण*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - द्वादशी दोपहर 02:08 तक तत्पश्चात त्रयोदशी*
🌤️ *नक्षत्र - मूल दोपहर 01:00 तक तत्पश्चात पूर्वाषाढा*
🌤️ *योग - वैधृति सुबह 07:18 तक तत्पश्चात विष्कंभ*
🌤️ *राहुकाल - दोपहर 12:14 से दोपहर 01:54 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 05:36*
🌤️ *सूर्यास्त - 18:52*
🚩 _*स्थानीय समयानुसार अभिजीत मुहूर्त, राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय चंद्रोदय, चंद्रास्त समय में अंतर सम्भव है.....*_ 🚩
👉 *दिशाशूल - उत्तर दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण - प्रदोष व्रत*
💥 *विशेष - द्वादशी को पूतिका(पोई) अथवा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
🌷 *रक्षाबंधन के पर्व पर दस प्रकार का स्नान*
🙏🏻 *श्रावण महिने में रक्षाबंधन की पूर्णिमा 09 अगस्त 2025 शनिवार वाले दिन वेदों में दस प्रकार का स्नान बताया गया है |*
1⃣ *भस्म स्नान – उसके लिए यज्ञ की भस्म थोडीसी लेकर वो ललाट पर थोड़ी शरीर पर लगाकर स्नान किया जाता है | यज्ञ की भस्म थोड़ी लगाकर श्रावणी पूर्णिमा को दसविद स्नान में पहले ये बताया है | तो वहाँ यज्ञ की भस्म कहाँ से आयेगी तो धूपबत्ती घरों में जलाते हैं | शाम को धूपबत्ती जलाकर जप करें अपने इष्टमंत्र, गुरुमंत्र का तो वो जलते जलते उसकी भस्म तो बचेगी ना | तो जप भी एक यज्ञ है | तो धूपबत्ती की भस्म होगी यज्ञ की भस्म पवित्र मानी जाती है | तो पहला भस्म स्नान बताया है |*
2⃣ *मृत्तिका स्नान*
3⃣ *गोमय स्नान – गोमय स्नान माना गौ गोबर उसमे थोडा गोझरण ये मिक्स हो उसका स्नान (उसका मतलब थोडा ले लिया और शरीर को लगा दिया ) क्यों वेद ने कहा इसलिए गौमाता के गोबर में (देशी गाय के) लक्ष्मी का वास माना गया है | गोमय वसते लक्ष्मी पवित्रा सर्व मंगला | स्नानार्थम सम संस्कृता देवी पापं हर्गो मय || तो हमारे भीतर भक्तिरूपी लक्ष्मी बढ़ती जाय, बढ़ती जाय जैसे गौ के गोबर में लक्ष्मी का वास वो हमने थोडा लगाकर स्नान किया, हमारे भीतर भक्तिरूपी संपदा बढती जाय | गीता में जो दैवी लक्षणों के २६ लक्षण बतायें हैं वो मेरे भीतर बढ़ते जायें | ये तीसरा गोमय स्नान |*
4⃣ *पंचगव्य स्नान – गौ का गोबर, गोमूत्र, गाय के दूध के दही, गाय का दूध और घी ये पंचगव्य | कई बार आपको पता है पंचगव्य पीते हैं | तो पंचगव्य स्नान थोड़ा सा ही बन जाये तो बहुत बढियाँ नहीं बने तो गौ का गोबरवाला तो है | माने पाँच तत्व से हमारा शरीर बना हुआ है वो स्वस्थ रहें, पुष्ट रहें, बलवान रहें ताकी सेवा और साधना करते रहे, भक्ति करते रहें |*
👉🏻 शेष कल......
🌷 *रक्षाबंधन* 🌷
🌷 *मनु स्मृति* 🌷
🙏🏻 *भाई और बहन के लिए रक्षाबंधन एक महापर्व की तरह है। रक्षाबंधन भाई और बहन के प्यार का प्रतीक माना जाता है। इस दिन भाई अपनी बहन को प्यार के साथ-साथ कई तरह के उपहार भी देता है। मनु स्मृति में तीन ऐसी चीजों के बारे में बताया गया है, जो घर की महिलाओं को देने से घर में शांति और उन्नति बनी रहती है।*
🌷 *श्लोक-*
*यत्र नार्यस्तु पूज्यते, रमन्ते तत्र देवताः।*
➡ *मनु स्मृति: बहन को जरूर दें ये 3 चीजें, हर काम में मिलेगी सफलता, होंगे लाभ*
1⃣ *वस्त्र*
*वस्त्र यानी कपड़े। सजना-सवरना, श्रृंगार करना ये सब महिलाओं को सबसे प्रिय होता है। मनुस्मृति के अनुसार, जिस घर के पुरुष अपनी पत्नी, माता या बहन को अच्छे वस्त्र प्रदान करते हैं, उस घर पर भगवान हमेशा प्रसन्न रहते हैं। ऐसे घर में हमेशा सुख-शांति बनी रहती है और सभी कामों में सफलता मिलती है। स्त्री को घर की लक्ष्मी माना जाता है, अगर महिलाएं गंदे या मैले कपड़े पहन कर रहती हैं या घर के पुरुष अपनी पत्नी, मां या बहन को समय-समय पर अच्छे वस्त्र नहीं प्रदान करते तो ऐसे घर पर लक्ष्मी रूठ जाती है।*
2⃣ *आभूषण*
*आभूषण यानी गहने। गहने महिलाओं की सबसे प्रिय वस्तुओं में से एक है। जिस घर की महिलाएं खुश रहती हैं, वहां देवताओं का निवास माना जाता है। हर मनुष्य को अपने घर की महिलाओं को सुंदर गहने उपहार में देना चाहिए। जिस घर की महिलाएं अच्छे कपड़े और गहनों से श्रृंगार करती है, वहां कभी दरिद्रता नहीं रहती। ऐसे घर में हमेशा खुशहाली और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है ।*
🌤️ *दिनांक - 06 अगस्त 2025*
🌤️ *दिन - बुधवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत - 1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास - श्रावण*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - द्वादशी दोपहर 02:08 तक तत्पश्चात त्रयोदशी*
🌤️ *नक्षत्र - मूल दोपहर 01:00 तक तत्पश्चात पूर्वाषाढा*
🌤️ *योग - वैधृति सुबह 07:18 तक तत्पश्चात विष्कंभ*
🌤️ *राहुकाल - दोपहर 12:14 से दोपहर 01:54 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 05:36*
🌤️ *सूर्यास्त - 18:52*
🚩 _*स्थानीय समयानुसार अभिजीत मुहूर्त, राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय चंद्रोदय, चंद्रास्त समय में अंतर सम्भव है.....*_ 🚩
👉 *दिशाशूल - उत्तर दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण - प्रदोष व्रत*
💥 *विशेष - द्वादशी को पूतिका(पोई) अथवा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
🌷 *रक्षाबंधन के पर्व पर दस प्रकार का स्नान*
🙏🏻 *श्रावण महिने में रक्षाबंधन की पूर्णिमा 09 अगस्त 2025 शनिवार वाले दिन वेदों में दस प्रकार का स्नान बताया गया है |*
1⃣ *भस्म स्नान – उसके लिए यज्ञ की भस्म थोडीसी लेकर वो ललाट पर थोड़ी शरीर पर लगाकर स्नान किया जाता है | यज्ञ की भस्म थोड़ी लगाकर श्रावणी पूर्णिमा को दसविद स्नान में पहले ये बताया है | तो वहाँ यज्ञ की भस्म कहाँ से आयेगी तो धूपबत्ती घरों में जलाते हैं | शाम को धूपबत्ती जलाकर जप करें अपने इष्टमंत्र, गुरुमंत्र का तो वो जलते जलते उसकी भस्म तो बचेगी ना | तो जप भी एक यज्ञ है | तो धूपबत्ती की भस्म होगी यज्ञ की भस्म पवित्र मानी जाती है | तो पहला भस्म स्नान बताया है |*
2⃣ *मृत्तिका स्नान*
3⃣ *गोमय स्नान – गोमय स्नान माना गौ गोबर उसमे थोडा गोझरण ये मिक्स हो उसका स्नान (उसका मतलब थोडा ले लिया और शरीर को लगा दिया ) क्यों वेद ने कहा इसलिए गौमाता के गोबर में (देशी गाय के) लक्ष्मी का वास माना गया है | गोमय वसते लक्ष्मी पवित्रा सर्व मंगला | स्नानार्थम सम संस्कृता देवी पापं हर्गो मय || तो हमारे भीतर भक्तिरूपी लक्ष्मी बढ़ती जाय, बढ़ती जाय जैसे गौ के गोबर में लक्ष्मी का वास वो हमने थोडा लगाकर स्नान किया, हमारे भीतर भक्तिरूपी संपदा बढती जाय | गीता में जो दैवी लक्षणों के २६ लक्षण बतायें हैं वो मेरे भीतर बढ़ते जायें | ये तीसरा गोमय स्नान |*
4⃣ *पंचगव्य स्नान – गौ का गोबर, गोमूत्र, गाय के दूध के दही, गाय का दूध और घी ये पंचगव्य | कई बार आपको पता है पंचगव्य पीते हैं | तो पंचगव्य स्नान थोड़ा सा ही बन जाये तो बहुत बढियाँ नहीं बने तो गौ का गोबरवाला तो है | माने पाँच तत्व से हमारा शरीर बना हुआ है वो स्वस्थ रहें, पुष्ट रहें, बलवान रहें ताकी सेवा और साधना करते रहे, भक्ति करते रहें |*
👉🏻 शेष कल......
🌷 *रक्षाबंधन* 🌷
🌷 *मनु स्मृति* 🌷
🙏🏻 *भाई और बहन के लिए रक्षाबंधन एक महापर्व की तरह है। रक्षाबंधन भाई और बहन के प्यार का प्रतीक माना जाता है। इस दिन भाई अपनी बहन को प्यार के साथ-साथ कई तरह के उपहार भी देता है। मनु स्मृति में तीन ऐसी चीजों के बारे में बताया गया है, जो घर की महिलाओं को देने से घर में शांति और उन्नति बनी रहती है।*
🌷 *श्लोक-*
*यत्र नार्यस्तु पूज्यते, रमन्ते तत्र देवताः।*
➡ *मनु स्मृति: बहन को जरूर दें ये 3 चीजें, हर काम में मिलेगी सफलता, होंगे लाभ*
1⃣ *वस्त्र*
*वस्त्र यानी कपड़े। सजना-सवरना, श्रृंगार करना ये सब महिलाओं को सबसे प्रिय होता है। मनुस्मृति के अनुसार, जिस घर के पुरुष अपनी पत्नी, माता या बहन को अच्छे वस्त्र प्रदान करते हैं, उस घर पर भगवान हमेशा प्रसन्न रहते हैं। ऐसे घर में हमेशा सुख-शांति बनी रहती है और सभी कामों में सफलता मिलती है। स्त्री को घर की लक्ष्मी माना जाता है, अगर महिलाएं गंदे या मैले कपड़े पहन कर रहती हैं या घर के पुरुष अपनी पत्नी, मां या बहन को समय-समय पर अच्छे वस्त्र नहीं प्रदान करते तो ऐसे घर पर लक्ष्मी रूठ जाती है।*
2⃣ *आभूषण*
*आभूषण यानी गहने। गहने महिलाओं की सबसे प्रिय वस्तुओं में से एक है। जिस घर की महिलाएं खुश रहती हैं, वहां देवताओं का निवास माना जाता है। हर मनुष्य को अपने घर की महिलाओं को सुंदर गहने उपहार में देना चाहिए। जिस घर की महिलाएं अच्छे कपड़े और गहनों से श्रृंगार करती है, वहां कभी दरिद्रता नहीं रहती। ऐसे घर में हमेशा खुशहाली और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है ।*
3⃣ *मधुर वचन*
*महिलाओं को पूजनीय माना जाता है। कई ग्रंथों और पुराणों में महिलाओं का सम्मान करने की बात कही गई है। मनुस्मृति के अनुसार, जिस घर में महिलाओं से बुरी तरह से बात की जाती है या उनका सम्मान नहीं किया जाता, ऐसे घर में भगवान भी नहीं रहते। स्त्रियों का सम्मान न करने वाले मनुष्य को हर समय किसी न किसी परेशानी का सामान करना ही पड़ता है। इसलिए मनुष्य को हमेशा महिलाओं का सम्मान करना चाहिए और अपने घर की स्त्रियों के साथ हर समय प्रेम और आदर से ही व्यवहार करना चाहिए।*
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐
*महिलाओं को पूजनीय माना जाता है। कई ग्रंथों और पुराणों में महिलाओं का सम्मान करने की बात कही गई है। मनुस्मृति के अनुसार, जिस घर में महिलाओं से बुरी तरह से बात की जाती है या उनका सम्मान नहीं किया जाता, ऐसे घर में भगवान भी नहीं रहते। स्त्रियों का सम्मान न करने वाले मनुष्य को हर समय किसी न किसी परेशानी का सामान करना ही पड़ता है। इसलिए मनुष्य को हमेशा महिलाओं का सम्मान करना चाहिए और अपने घर की स्त्रियों के साथ हर समय प्रेम और आदर से ही व्यवहार करना चाहिए।*
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐
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2🌞 *~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🌤️ *दिनांक - 07 अगस्त 2025*
🌤️ *दिन - गुरूवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास - श्रावण*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - त्रयोदशी दोपहर 02:27 तक तत्पश्चात चतुर्दशी*
🌤️ *नक्षत्र - पूर्वाषाढा दोपहर 02:01 तक तत्पश्चात उत्तराषाढा*
🌤️ *योग - विष्कंभ सुबह 06:43 तक तत्पश्चात प्रीति*
🌤️ *राहुकाल - दोपहर 02:22 से शाम 03:59 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:15*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:12*
👉 *दिशाशूल - दक्षिण दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण -
💥 *विशेष - त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
🌞~*वैदिक हिन्दू पंचांग* ~🌞
🌷 *रक्षाबंधन के पर्व पर दस प्रकार का स्नान*
🙏🏻 *श्रावण महिने में रक्षाबंधन की पूर्णिमा 09 अगस्त 2025 शनिवार वाले दिन वेदों में दस प्रकार का स्नान बताया गया है |*
👉🏻 *गतांक से आगे....*
5⃣ *गोरज स्नान – गायों के पैरों की मिट्टी थोड़ी ले ली, और वो लगा ली | गवां ख़ुरेंम ये वेद में आता है इसका नाम है दशविद स्नान | रक्षाबंधन के दिन किया जाता है | गवां ख़ुरेंम निर्धुतं यद रेनू गग्नेगतं | सिरसा तेल सम्येते महापातक नाशनं || अपने सिर पर वो गाय की खुर की मिट्टी लगा दी तो महापातक नाशनं | ये वेद भगवान कहते हैं |*
6⃣ *धान्यस्नान – गेंहूँ, चावल, जौ, चना, तिल, उड़द और मुंग ये सात चीजे | ये धान्यस्नान बताया | धान्योषौधि मनुष्याणां जीवनं परमं स्मरतं तेन स्नानेन देवेश मम पापं व्यपोहतु | सप्तधान स्नान ये भी पूनम के दिन लगाने का विधान है |*
7⃣ *फल स्नान – वेद भगवान कहते हैं फल स्नान मतलब कोई भी फल का थोडा रस लगा दिया | और कोई नहीं तो आँवला बढियाँ फल है | आँवला हरा तो मिलेगा नहीं तो थोडा आँवले का पाऊडर ले लिया और लगा दिया गया हो फल स्नान | मतलब हमारे जीवन में अनंत फल की प्राप्ति हो और सांसारिक फल की आसक्ति छूट जाय | इसलिए आज पूर्णिमा को हे भगवान फल के रस से थोडा स्नान कर रहें हैं | किसी को और फल मिल जाये और थोडा लगा दिये जाय तो कोई घाटा नहीं हैं |*
8⃣ *सर्वोषौधि स्नान – सर्वोषौधि माना आयुर्वेदिक औषधि खाना नहीं | इस स्नान में कई जड़ीबूटी आती हैं | उसमे दूर्वा, सरसों, हल्दी, बेलपत्र ये सब डालते हैं उसमें वो थोडासा पाऊडर लेके शरीर पर रगड के स्नान किया जाता है | मेरी सब इन्द्रियाँ आँख, कान, नाक, जीभ,त्वचा ये सब पवित्र हो | इसमें सर्वोषौधि स्नान, और मेरा मन पवित्र रहें| मेरे मन में किसी के प्रति बुरे विचार न आये |*
9⃣ *कुशोधक स्नान – कुश होता है वो थोडा पानी में मिला दिया और थोडा पानी हिला दिया | क्योंकि जो अपने घर में कुश रखते हैं ना तो उनके पास कोई मलिन आत्माएँ नहीं आ सकती | भूत, प्रेत आदि का जोर नहीं चलता | कुश क्या है ? जब भगवान का धरती पर वराह अवतार हुआ था | तो उनके शरीर से वो उखणकर जमीन पर गिरने लगे वही आज कुश के रूप में पाये जाते हैं, वो परम पवित्र है | वो कुश जहाँ पर हो वहाँ पर मलिन आत्मा नहीं आती हो तो भाग जाती हैं | तो कुश पानी में थोडा हिला दिया और प्रार्थना कर दी की, मेरे मन में जो मलिन विचार हैं, गंदे विचार हैं या कभी कभी आ जाते हैं वो सब भाग जाये | हरि ॐ ... हरि ॐ ... ॐ ,... करके उसे पानी में नहा दिया |*
1⃣0⃣ *हिरण्य स्नान – हिरण्य स्नान माने अगर अपने पास कोई सोने की चीज है | कोई सोने का गहना वो बाल्टी में डाल दिया, हिला दिया और स्नान कर लिया | हिलाने के बाद वो निकाल लेना बाल्टी में पड़ा नहीं रहे |*
🙏🏻 *तो ये दशविद स्नान वेद में बताया | श्रावण मास के पूर्णिमा का दिन किया जाता है | आप इसमें से आप जितने कर सकते हो उतने कर लेना | १ – २ न कर पाये तो जय सियाराम ... कह दें प्रभु ! हमसे जितना हो सकता था वो किया |*
*और जब शरीर पर पानी डाल रहे हैं तो ये श्लोक बोलना –*
🌷 *नमामि गंगे तव पाद पंकजं सुरासुरैः वंदित दिव्यरूपं |*
*भुक्तिचं मुक्तिचं ददासनित्यं भावानुसारें न सारे न सदा स्मरानाम ||*
*गंगेच यमुनेच गोदावरी सरस्वती नर्मदे सिंधु कावेरी | जलस्म्ये सन्निधिं कुरु ||*
*ॐ ह्रीं गंगाय ॐ ह्रीं स्वाहा ||*
🙏🏻 *तीर्थों का स्मरण करते हुये स्नान करें | तो ये बड़ा पुण्यदायी स्नान श्रावण पूर्णिमा (रक्षाबंधन) के दिन प्रभात को किया जाना चाहिये ऐसा वेद का आदेश है |*
👉🏻 *समाप्त.....*
🌞 ~ *वैदिक हिन्दू पंचांग* ~ 🌞
🌤️ *दिनांक - 07 अगस्त 2025*
🌤️ *दिन - गुरूवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास - श्रावण*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - त्रयोदशी दोपहर 02:27 तक तत्पश्चात चतुर्दशी*
🌤️ *नक्षत्र - पूर्वाषाढा दोपहर 02:01 तक तत्पश्चात उत्तराषाढा*
🌤️ *योग - विष्कंभ सुबह 06:43 तक तत्पश्चात प्रीति*
🌤️ *राहुकाल - दोपहर 02:22 से शाम 03:59 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:15*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:12*
👉 *दिशाशूल - दक्षिण दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण -
💥 *विशेष - त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
🌞~*वैदिक हिन्दू पंचांग* ~🌞
🌷 *रक्षाबंधन के पर्व पर दस प्रकार का स्नान*
🙏🏻 *श्रावण महिने में रक्षाबंधन की पूर्णिमा 09 अगस्त 2025 शनिवार वाले दिन वेदों में दस प्रकार का स्नान बताया गया है |*
👉🏻 *गतांक से आगे....*
5⃣ *गोरज स्नान – गायों के पैरों की मिट्टी थोड़ी ले ली, और वो लगा ली | गवां ख़ुरेंम ये वेद में आता है इसका नाम है दशविद स्नान | रक्षाबंधन के दिन किया जाता है | गवां ख़ुरेंम निर्धुतं यद रेनू गग्नेगतं | सिरसा तेल सम्येते महापातक नाशनं || अपने सिर पर वो गाय की खुर की मिट्टी लगा दी तो महापातक नाशनं | ये वेद भगवान कहते हैं |*
6⃣ *धान्यस्नान – गेंहूँ, चावल, जौ, चना, तिल, उड़द और मुंग ये सात चीजे | ये धान्यस्नान बताया | धान्योषौधि मनुष्याणां जीवनं परमं स्मरतं तेन स्नानेन देवेश मम पापं व्यपोहतु | सप्तधान स्नान ये भी पूनम के दिन लगाने का विधान है |*
7⃣ *फल स्नान – वेद भगवान कहते हैं फल स्नान मतलब कोई भी फल का थोडा रस लगा दिया | और कोई नहीं तो आँवला बढियाँ फल है | आँवला हरा तो मिलेगा नहीं तो थोडा आँवले का पाऊडर ले लिया और लगा दिया गया हो फल स्नान | मतलब हमारे जीवन में अनंत फल की प्राप्ति हो और सांसारिक फल की आसक्ति छूट जाय | इसलिए आज पूर्णिमा को हे भगवान फल के रस से थोडा स्नान कर रहें हैं | किसी को और फल मिल जाये और थोडा लगा दिये जाय तो कोई घाटा नहीं हैं |*
8⃣ *सर्वोषौधि स्नान – सर्वोषौधि माना आयुर्वेदिक औषधि खाना नहीं | इस स्नान में कई जड़ीबूटी आती हैं | उसमे दूर्वा, सरसों, हल्दी, बेलपत्र ये सब डालते हैं उसमें वो थोडासा पाऊडर लेके शरीर पर रगड के स्नान किया जाता है | मेरी सब इन्द्रियाँ आँख, कान, नाक, जीभ,त्वचा ये सब पवित्र हो | इसमें सर्वोषौधि स्नान, और मेरा मन पवित्र रहें| मेरे मन में किसी के प्रति बुरे विचार न आये |*
9⃣ *कुशोधक स्नान – कुश होता है वो थोडा पानी में मिला दिया और थोडा पानी हिला दिया | क्योंकि जो अपने घर में कुश रखते हैं ना तो उनके पास कोई मलिन आत्माएँ नहीं आ सकती | भूत, प्रेत आदि का जोर नहीं चलता | कुश क्या है ? जब भगवान का धरती पर वराह अवतार हुआ था | तो उनके शरीर से वो उखणकर जमीन पर गिरने लगे वही आज कुश के रूप में पाये जाते हैं, वो परम पवित्र है | वो कुश जहाँ पर हो वहाँ पर मलिन आत्मा नहीं आती हो तो भाग जाती हैं | तो कुश पानी में थोडा हिला दिया और प्रार्थना कर दी की, मेरे मन में जो मलिन विचार हैं, गंदे विचार हैं या कभी कभी आ जाते हैं वो सब भाग जाये | हरि ॐ ... हरि ॐ ... ॐ ,... करके उसे पानी में नहा दिया |*
1⃣0⃣ *हिरण्य स्नान – हिरण्य स्नान माने अगर अपने पास कोई सोने की चीज है | कोई सोने का गहना वो बाल्टी में डाल दिया, हिला दिया और स्नान कर लिया | हिलाने के बाद वो निकाल लेना बाल्टी में पड़ा नहीं रहे |*
🙏🏻 *तो ये दशविद स्नान वेद में बताया | श्रावण मास के पूर्णिमा का दिन किया जाता है | आप इसमें से आप जितने कर सकते हो उतने कर लेना | १ – २ न कर पाये तो जय सियाराम ... कह दें प्रभु ! हमसे जितना हो सकता था वो किया |*
*और जब शरीर पर पानी डाल रहे हैं तो ये श्लोक बोलना –*
🌷 *नमामि गंगे तव पाद पंकजं सुरासुरैः वंदित दिव्यरूपं |*
*भुक्तिचं मुक्तिचं ददासनित्यं भावानुसारें न सारे न सदा स्मरानाम ||*
*गंगेच यमुनेच गोदावरी सरस्वती नर्मदे सिंधु कावेरी | जलस्म्ये सन्निधिं कुरु ||*
*ॐ ह्रीं गंगाय ॐ ह्रीं स्वाहा ||*
🙏🏻 *तीर्थों का स्मरण करते हुये स्नान करें | तो ये बड़ा पुण्यदायी स्नान श्रावण पूर्णिमा (रक्षाबंधन) के दिन प्रभात को किया जाना चाहिये ऐसा वेद का आदेश है |*
👉🏻 *समाप्त.....*
🌞 ~ *वैदिक हिन्दू पंचांग* ~ 🌞
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🌷 *विद्यार्थी विशेष* 🌷
➡ *पर समझो कोई बच्चा कमजोर है ज्यादा... पढ़ नहीं सकता तो उसको सिखा दें ॐ हयग्रीवाय नम : ॐ हयग्रीवाय नम : ॐ हयग्रीवाय नम : ॐ हयग्रीवाय नम :अपने आराध्य को स्मरण करके जप करें |*
🙏🏻 *भगवान विष्णु के चौबीस अवतार थे उसमे हयग्रीव अवतार हैं | ये अग्निपुराण में अग्निदेव वशिष्ठ से कहते हैं |*
💥 *विशेष - 08 अगस्त 2025 शुक्रवार को हयग्रीव जयंती हैं ।*
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➡ *पर समझो कोई बच्चा कमजोर है ज्यादा... पढ़ नहीं सकता तो उसको सिखा दें ॐ हयग्रीवाय नम : ॐ हयग्रीवाय नम : ॐ हयग्रीवाय नम : ॐ हयग्रीवाय नम :अपने आराध्य को स्मरण करके जप करें |*
🙏🏻 *भगवान विष्णु के चौबीस अवतार थे उसमे हयग्रीव अवतार हैं | ये अग्निपुराण में अग्निदेव वशिष्ठ से कहते हैं |*
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अब्दुल की दिवानी को कितने प्यार से साईड इफैक्ट समझा दिये मां-बाप परिवार ने...
How lovingly did the parents and family explain the side effects to Abdul's Diwani...👌
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आज 8/8 का पोटल हैं 8 नंबर infinity का साईन हैं आज रात 8 बज के 8 मिनट पर जो भी इच्छा मांगे गे वो पूरी होगीं तो क्या कैसे करना है उसके लिए किसीको information चाहिए वों dm कर सकते हैं