🌞 *~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🌤️ *दिनांक - 08 अगस्त 2025*
🌤️ *दिन - शुक्रवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास - श्रावण*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - चतुर्दशी दोपहर 02:12 तक तत्पश्चात पूर्णिमा*
🌤️ *नक्षत्र - उत्तराषाढा दोपहर 02:28 तक तत्पश्चात श्रवण*
🌤️ *योग - आयुष्मान 09 अगस्त प्रातः 04:09 तक तत्पश्चात सौभाग्य*
🌤️ *राहुकाल - सुबह 11:07 से दोपहर 12:44 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:16*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:12*
👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण - हरियाली पूर्णिमा,वरद लक्ष्मी व्रत*
💥 *विशेष - चतुर्दशी व पूर्णिमा एवं व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
🌞~*वैदिक हिन्दू पंचांग* ~🌞
🌷 *लक्ष्मी पूजन तिथि* 🌷
🙏🏻 *स्कंद पुराण में लिखा है पौष मास की शुक्ल पक्ष की दसमी तिथि, चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की और सावन महिने की पूनम (श्रावणी पूनम- 09 अगस्त 2025 शनिवार) ये दिन लक्ष्मी पूजा के खास उपाय बताये गये हैं | इन दिनों में अगर कोई आर्थिक कष्ट से जूझ रहा है | पैसों की बहुत तंगी है घर में तो 12 मंत्र लक्ष्मी माता के बोलकर, शांत बैठकर मानसिक पूजा करें और उनको नमन करें तो उसको भगवती लक्ष्मी की प्राप्ति होती है, लाभ होता है, घर में लक्ष्मी स्थायी हो जाती है | उसके घर से आर्थिक समस्याएं धीरे धीरे किनारा करती हैं | बारह मंत्र इसप्रकार हैं –*
🌷 *ॐ ऐश्वर्यै नम:*
🌷 *ॐ कमलायै नम:*
🌷 *ॐ लक्ष्मयै नम:*
🌷 *ॐ चलायै नम:*
🌷 *ॐ भुत्यै नम:*
🌷 *ॐ हरिप्रियायै नम:*
🌷 *ॐ पद्मायै नम:*
🌷 *ॐ पद्माल्यायै नम:*
🌷 *ॐ संपत्यै नम:*
🌷 *ॐ ऊच्चयै नम:*
🌷 *ॐ श्रीयै नम:*
🌷 *ॐ पद्मधारिन्यै नम:*
🙏🏻 *सिद्धिबुद्धिप्रदे देवि भुक्तिमुक्ति प्रदायिनि | मंत्रपूर्ते सदा देवि महालक्ष्मी नमोस्तुते ||*
*द्वादश एतानि नामानि लक्ष्मी संपूज्यय पठेत | स्थिरा लक्ष्मीर्भवेतस्य पुत्रदाराबिभिस: ||*
🙏🏻 *उसके घर में लक्ष्मी स्थिर हो जाती है | जो इन बारह नामों को इन दिनों में पठन करता है |
🌞 *~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🌷 *रक्षाबंधनः संकल्पशक्ति का प्रतीक* 🌷
🙏🏻 *रक्षाबंधन के दिन बहन भैया के ललाट पर तिलक-अक्षत लगाकर संकल्प करती है कि 'मेरा भाई भगवत्प्रेमी बने। जैसे शिवजी त्रिलोचन हैं, ज्ञानस्वरूप हैं, वैसे ही मेरे भाई में भी बढ़े, मेरा भाई धीर-गम्भीर हो। मेरे भैया की सूझबूझ, यश, कीर्ति और ओज-तेज अक्षुण्ण रहे।
🙏🏻 *इस पर्व पर धारण किया हुआ रक्षासूत्र सम्पूर्ण रोगों तथा अशुभ कार्यों का विनाशक है। इसे वर्ष में एक बार धारण करने से वर्ष भर मनुष्य रक्षित हो जाता है। (भविष्य पुराण)*
🙏🏻 *रक्षाबंधन के पर्व पर बहन भाई को आयु, आरोग्य पुष्टि की बृद्धि की भावना से राखी बाँधती है। अपना उद्देश्य ऊँचा बनाने का संकल्प लेकर ब्राह्मण लोग जनेऊ बदलते हैं।*
🙏🏻 *समुद्र का तूफानी स्वभाव श्रावणी पूनम के बाद शांत होने लगता है। इससे जो समुद्री व्यापार करते हैं, वे नारियल फोड़ते है
🌞 *~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🌤️ *दिनांक - 08 अगस्त 2025*
🌤️ *दिन - शुक्रवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास - श्रावण*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - चतुर्दशी दोपहर 02:12 तक तत्पश्चात पूर्णिमा*
🌤️ *नक्षत्र - उत्तराषाढा दोपहर 02:28 तक तत्पश्चात श्रवण*
🌤️ *योग - आयुष्मान 09 अगस्त प्रातः 04:09 तक तत्पश्चात सौभाग्य*
🌤️ *राहुकाल - सुबह 11:07 से दोपहर 12:44 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:16*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:12*
👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण - हरियाली पूर्णिमा,वरद लक्ष्मी व्रत*
💥 *विशेष - चतुर्दशी व पूर्णिमा एवं व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
🌞~*वैदिक हिन्दू पंचांग* ~🌞
🌷 *लक्ष्मी पूजन तिथि* 🌷
🙏🏻 *स्कंद पुराण में लिखा है पौष मास की शुक्ल पक्ष की दसमी तिथि, चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की और सावन महिने की पूनम (श्रावणी पूनम- 09 अगस्त 2025 शनिवार) ये दिन लक्ष्मी पूजा के खास उपाय बताये गये हैं | इन दिनों में अगर कोई आर्थिक कष्ट से जूझ रहा है | पैसों की बहुत तंगी है घर में तो 12 मंत्र लक्ष्मी माता के बोलकर, शांत बैठकर मानसिक पूजा करें और उनको नमन करें तो उसको भगवती लक्ष्मी की प्राप्ति होती है, लाभ होता है, घर में लक्ष्मी स्थायी हो जाती है | उसके घर से आर्थिक समस्याएं धीरे धीरे किनारा करती हैं | बारह मंत्र इसप्रकार हैं –*
🌷 *ॐ ऐश्वर्यै नम:*
🌷 *ॐ कमलायै नम:*
🌷 *ॐ लक्ष्मयै नम:*
🌷 *ॐ चलायै नम:*
🌷 *ॐ भुत्यै नम:*
🌷 *ॐ हरिप्रियायै नम:*
🌷 *ॐ पद्मायै नम:*
🌷 *ॐ पद्माल्यायै नम:*
🌷 *ॐ संपत्यै नम:*
🌷 *ॐ ऊच्चयै नम:*
🌷 *ॐ श्रीयै नम:*
🌷 *ॐ पद्मधारिन्यै नम:*
🙏🏻 *सिद्धिबुद्धिप्रदे देवि भुक्तिमुक्ति प्रदायिनि | मंत्रपूर्ते सदा देवि महालक्ष्मी नमोस्तुते ||*
*द्वादश एतानि नामानि लक्ष्मी संपूज्यय पठेत | स्थिरा लक्ष्मीर्भवेतस्य पुत्रदाराबिभिस: ||*
🙏🏻 *उसके घर में लक्ष्मी स्थिर हो जाती है | जो इन बारह नामों को इन दिनों में पठन करता है |
🌞 *~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🌷 *रक्षाबंधनः संकल्पशक्ति का प्रतीक* 🌷
🙏🏻 *रक्षाबंधन के दिन बहन भैया के ललाट पर तिलक-अक्षत लगाकर संकल्प करती है कि 'मेरा भाई भगवत्प्रेमी बने। जैसे शिवजी त्रिलोचन हैं, ज्ञानस्वरूप हैं, वैसे ही मेरे भाई में भी बढ़े, मेरा भाई धीर-गम्भीर हो। मेरे भैया की सूझबूझ, यश, कीर्ति और ओज-तेज अक्षुण्ण रहे।
🙏🏻 *इस पर्व पर धारण किया हुआ रक्षासूत्र सम्पूर्ण रोगों तथा अशुभ कार्यों का विनाशक है। इसे वर्ष में एक बार धारण करने से वर्ष भर मनुष्य रक्षित हो जाता है। (भविष्य पुराण)*
🙏🏻 *रक्षाबंधन के पर्व पर बहन भाई को आयु, आरोग्य पुष्टि की बृद्धि की भावना से राखी बाँधती है। अपना उद्देश्य ऊँचा बनाने का संकल्प लेकर ब्राह्मण लोग जनेऊ बदलते हैं।*
🙏🏻 *समुद्र का तूफानी स्वभाव श्रावणी पूनम के बाद शांत होने लगता है। इससे जो समुद्री व्यापार करते हैं, वे नारियल फोड़ते है
🌞 *~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~* 🌞
❤2
076 बुद्धि का उपयोग
एक बार एक संत थे। दो लड़के उनके शिष्य हो गए थे। दोनों ही एक समान गुरू जी की सेवा करते, एक समान साधन करते और एक समान ही आचरण धरते थे। गुरू जी भी उन दोनों से एक समान ही प्रेम करते थे।
जब गद्दी सौंपने का समय आया तब गुरू जी ने विचार किया कि ये दोनों तो बिल्कुल एक जैसे ही हैं, कोई ऐसी योजना बनानी चाहिए जिससे मालूम पड़ जाए की इन दोनों में से न्यूनाधिक कौन श्रेष्ठ है?
एक दिन गुरू जी ने कहा कि मैं कुछ वर्षों के लिए हिमालय जा रहा हूँ। तुम दोनों को एक एक मुट्ठी चने का बीज दे रहा हूँ, इन्हें संभाल कर रखना, जब मैं वापिस आऊँगा तो ले लूंगा।
एक लड़के ने विचार किया कि बीज किसी सुरक्षित स्थान पर रखने चाहिए। यूं ही कहीं खुले में रख दिया तो कहीं खराब न हो जाए। उसने उन बीजों को एक थैली में बंद कर, एक लकड़ी की पेटी में सुरक्षित रख दिया।
दूसरे शिष्य ने विचार किया कि इन बीजों का सदुपयोग करना चाहिए। उसने उन्हें आश्रम की एक क्यारी में बो दिया, जब फसल आई, तो उससे प्राप्त बीजों को पहले से बड़ी जगह में बो दिया, इस प्रकार वह ऐसा ही बार बार करता रहा। अंततः उसने एक एकड़ जमीन में चना लगा दिया।
गुरु जी चार साल बाद लौटे। गुरू जी के पूछने पर, पहले वाले ने पेटी खोली। पर पेटी से सड़े हुए चने निकले।
दूसरे से पूछा तो वह गुरू जी को आश्रम के पीछे वाले खेत में ले गया। गुरू जी ने देखा कि पूरा खेत चने की फसल से लहलहा रहा है।
आप समझ ही सकते हैं कि गुरू जी ने अपना स्थान किसे दिया होगा?
लोकेशानन्द कहता है कि यही बुद्धि के सदुपयोग का फल है। चिंतन ही चना है। जड़ता ही पेटी है। बुद्धि ही भूमि है। बारम्बार अभ्यास ही बीज बोना है।
यदि हम गुरू जी के दिए चिंतन का अभ्यास नहीं करेंगे, तब तो चिंतन ही नष्ट हो जाएगा। और यदि बुद्धि का सदुपयोग करते हुए, निरंतर अभ्यास करते हुए, मनन करते हुए, गुरू जी के दिए चिंतन को, अपनी बुद्धि में उतार लें, तो चिंतन दृढ़ हो जाएगा।
ऐसा ही साधक गुरूत्व का अधिकारी है।
एक बार एक संत थे। दो लड़के उनके शिष्य हो गए थे। दोनों ही एक समान गुरू जी की सेवा करते, एक समान साधन करते और एक समान ही आचरण धरते थे। गुरू जी भी उन दोनों से एक समान ही प्रेम करते थे।
जब गद्दी सौंपने का समय आया तब गुरू जी ने विचार किया कि ये दोनों तो बिल्कुल एक जैसे ही हैं, कोई ऐसी योजना बनानी चाहिए जिससे मालूम पड़ जाए की इन दोनों में से न्यूनाधिक कौन श्रेष्ठ है?
एक दिन गुरू जी ने कहा कि मैं कुछ वर्षों के लिए हिमालय जा रहा हूँ। तुम दोनों को एक एक मुट्ठी चने का बीज दे रहा हूँ, इन्हें संभाल कर रखना, जब मैं वापिस आऊँगा तो ले लूंगा।
एक लड़के ने विचार किया कि बीज किसी सुरक्षित स्थान पर रखने चाहिए। यूं ही कहीं खुले में रख दिया तो कहीं खराब न हो जाए। उसने उन बीजों को एक थैली में बंद कर, एक लकड़ी की पेटी में सुरक्षित रख दिया।
दूसरे शिष्य ने विचार किया कि इन बीजों का सदुपयोग करना चाहिए। उसने उन्हें आश्रम की एक क्यारी में बो दिया, जब फसल आई, तो उससे प्राप्त बीजों को पहले से बड़ी जगह में बो दिया, इस प्रकार वह ऐसा ही बार बार करता रहा। अंततः उसने एक एकड़ जमीन में चना लगा दिया।
गुरु जी चार साल बाद लौटे। गुरू जी के पूछने पर, पहले वाले ने पेटी खोली। पर पेटी से सड़े हुए चने निकले।
दूसरे से पूछा तो वह गुरू जी को आश्रम के पीछे वाले खेत में ले गया। गुरू जी ने देखा कि पूरा खेत चने की फसल से लहलहा रहा है।
आप समझ ही सकते हैं कि गुरू जी ने अपना स्थान किसे दिया होगा?
लोकेशानन्द कहता है कि यही बुद्धि के सदुपयोग का फल है। चिंतन ही चना है। जड़ता ही पेटी है। बुद्धि ही भूमि है। बारम्बार अभ्यास ही बीज बोना है।
यदि हम गुरू जी के दिए चिंतन का अभ्यास नहीं करेंगे, तब तो चिंतन ही नष्ट हो जाएगा। और यदि बुद्धि का सदुपयोग करते हुए, निरंतर अभ्यास करते हुए, मनन करते हुए, गुरू जी के दिए चिंतन को, अपनी बुद्धि में उतार लें, तो चिंतन दृढ़ हो जाएगा।
ऐसा ही साधक गुरूत्व का अधिकारी है।
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🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌤️ *दिनांक - 10 अगस्त 2025*
🌤️ *दिन - रविवार*
🌤️ *विक्रम संवत - 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत - 1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ऋतु*
🌤️ *मास - भाद्रपद ( गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार श्रावण)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - प्रतिपदा दोपहर 12:09 तक तत्पश्चात द्वितीया*
🌤️ *नक्षत्र - धनिष्ठा दोपहर 01:52 तक तत्पश्चात शतभिषा*
🌤️ *योग - शोभन रात्रि 12:02 तक तत्पश्चात अतिगण्ड*
🌤️ *राहुकाल - शाम 05:35 से शाम 07:12 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:16*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:11*
👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण - पंचक*
💥 *विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा पेठा) न खाएं क्योकि यह धन का नाश करने वाला है (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
🕉️~*वैदिक पंचांग* ~🕉️
🌷 *अंगारकी -मंगलवारी चतुर्थी* 🌷
➡️ *12 अगस्त 2025 मंगलवार को सुबह 08:40 से 13 अगस्त सूर्योदय तक अंगारकी -मंगलवारी चतुर्थी है।*
🙏 *अंगारकी चतुर्थी को सब काम छोड़ कर जप-ध्यान करना …जप, ध्यान, तप सूर्य-ग्रहण जितना फलदायी है…*
🌷 *> बिना नमक का भोजन करें*
🌷 *> मंगल देव का मानसिक आह्वान करो*
🌷 *> चन्द्रमा में गणपति की भावना करके अर्घ्य दें*
💵 *कितना भी कर्ज़दार हो ..काम धंधे से बेरोजगार हो ..रोज़ी रोटी तो मिलेगी और कर्जे से छुटकारा मिलेगा |*
🙏🏻*
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌷 *विघ्नों और मुसीबतें दूर करने के लिए* 🌷
👉 *12 अगस्त 2025 मंगलवार को संकष्ट चतुर्थी है (चन्द्रोदय रात्रि 09:06)*
🙏🏻 *शिव पुराण में आता हैं कि हर महिने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी ( पूनम के बाद की ) के दिन सुबह में गणपतिजी का पूजन करें और रात को चन्द्रमा में गणपतिजी की भावना करके अर्घ्य दें और ये मंत्र बोलें :*
🌷 *ॐ गं गणपते नमः ।*
🌷 *ॐ सोमाय नमः ।*
🙏🏻
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌷 *मंगलवार चतुर्थी* 🌷
👉 *भारतीय समय के अनुसार 12 अगस्त 2025 को (सुबह 08:40 से 13 अगस्त सूर्योदय तक) चतुर्थी है, इस महा योग पर अगर मंगल ग्रह देव के 21 नामों से सुमिरन करें और धरती पर अर्घ्य देकर प्रार्थना करें,शुभ संकल्प करें तो आप सकल ऋण से मुक्त हो सकते हैं..*
*👉🏻मंगल देव के 21 नाम इस प्रकार हैं :-*
🌷 *1) ॐ मंगलाय नमः*
🌷 *2) ॐ भूमि पुत्राय नमः*
🌷 *3 ) ॐ ऋण हर्त्रे नमः*
🌷 *4) ॐ धन प्रदाय नमः*
🌷 *5 ) ॐ स्थिर आसनाय नमः*
🌷 *6) ॐ महा कायाय नमः*
🌷 *7) ॐ सर्व कामार्थ साधकाय नमः*
🌷 *8) ॐ लोहिताय नमः*
🌷 *9) ॐ लोहिताक्षाय नमः*
🌷 *10) ॐ साम गानाम कृपा करे नमः*
🌷 *11) ॐ धरात्मजाय नमः*
🌷 *12) ॐ भुजाय नमः*
🌷 *13) ॐ भौमाय नमः*
🌷 *14) ॐ भुमिजाय नमः*
🌷 *15) ॐ भूमि नन्दनाय नमः*
🌷 *16) ॐ अंगारकाय नमः*
🌷 *17) ॐ यमाय नमः*
🌷 *18) ॐ सर्व रोग प्रहाराकाय नमः*
🌷 *19) ॐ वृष्टि कर्ते नमः*
🌷 *20) ॐ वृष्टि हराते नमः*
🌷 *21) ॐ सर्व कामा फल प्रदाय नमः*
🙏 *ये 21 मन्त्र से भगवान मंगल देव को नमन करें ..फिर धरती पर अर्घ्य देना चाहिए..अर्घ्य देते समय ये मन्त्र बोले :-*
🌷 *भूमि पुत्रो महा तेजा*
🌷 *कुमारो रक्त वस्त्रका*
🌷 *ग्रहणअर्घ्यं मया दत्तम*
🌷 *ऋणम शांतिम प्रयाक्ष्मे*
🙏 *हे भूमि पुत्र!..महा क्यातेजस्वी, रक्त वस्त्र धारण करने वाले देव मेरा अर्घ्य स्वीकार करो और मुझे ऋण से शांति प्राप्त कराओ..*
पंचक शुरू- 10 अगस्त 2025, रविवार को रात 02:11 बजे
पंचक खत्म- 14 अगस्त 2025, बृहस्पतिवार को सुबह 09:06 बजे
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🙏🍀🌷🌻🌺🌸🌹🍁🌷🙏 जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
दिनांक 10 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 1 होगा। आप राजसी प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं। आपको अपने ऊपर किसी का शासन पसंद नहीं है। आप साहसी और जिज्ञासु हैं। आपका मूलांक सूर्य ग्रह के द्वारा संचालित होता है।
आप सौन्दर्यप्रेमी हैं। आपमें सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाला आपका आत्मविश्वास है। इसकी वजह से आप सहज ही महफिलों में छा जाते हैं। आप अत्यंत महत्वाकांक्षी हैं। आपकी मानसिक शक्ति प्रबल है। आपको समझ पाना बेहद मुश्किल है। आप आशावादी होने के कारण हर स्थिति का सामना करने में सक्षम होते हैं।
शुभ दिनांक : 1, 10, 20, 28
शुभ अंक : 1, 10, 20, 28, 37, 46, 55, 64, 73, 82
शुभ वर्ष : 2026, 2044, 2053, 2062
ईष्टदेव : सूर्य उपासना तथा मां गायत्री
शुभ रंग : लाल, केसरिया, क्रीम,
🌤️ *दिनांक - 10 अगस्त 2025*
🌤️ *दिन - रविवार*
🌤️ *विक्रम संवत - 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत - 1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ऋतु*
🌤️ *मास - भाद्रपद ( गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार श्रावण)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - प्रतिपदा दोपहर 12:09 तक तत्पश्चात द्वितीया*
🌤️ *नक्षत्र - धनिष्ठा दोपहर 01:52 तक तत्पश्चात शतभिषा*
🌤️ *योग - शोभन रात्रि 12:02 तक तत्पश्चात अतिगण्ड*
🌤️ *राहुकाल - शाम 05:35 से शाम 07:12 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:16*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:11*
👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण - पंचक*
💥 *विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा पेठा) न खाएं क्योकि यह धन का नाश करने वाला है (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
🕉️~*वैदिक पंचांग* ~🕉️
🌷 *अंगारकी -मंगलवारी चतुर्थी* 🌷
➡️ *12 अगस्त 2025 मंगलवार को सुबह 08:40 से 13 अगस्त सूर्योदय तक अंगारकी -मंगलवारी चतुर्थी है।*
🙏 *अंगारकी चतुर्थी को सब काम छोड़ कर जप-ध्यान करना …जप, ध्यान, तप सूर्य-ग्रहण जितना फलदायी है…*
🌷 *> बिना नमक का भोजन करें*
🌷 *> मंगल देव का मानसिक आह्वान करो*
🌷 *> चन्द्रमा में गणपति की भावना करके अर्घ्य दें*
💵 *कितना भी कर्ज़दार हो ..काम धंधे से बेरोजगार हो ..रोज़ी रोटी तो मिलेगी और कर्जे से छुटकारा मिलेगा |*
🙏🏻*
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌷 *विघ्नों और मुसीबतें दूर करने के लिए* 🌷
👉 *12 अगस्त 2025 मंगलवार को संकष्ट चतुर्थी है (चन्द्रोदय रात्रि 09:06)*
🙏🏻 *शिव पुराण में आता हैं कि हर महिने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी ( पूनम के बाद की ) के दिन सुबह में गणपतिजी का पूजन करें और रात को चन्द्रमा में गणपतिजी की भावना करके अर्घ्य दें और ये मंत्र बोलें :*
🌷 *ॐ गं गणपते नमः ।*
🌷 *ॐ सोमाय नमः ।*
🙏🏻
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌷 *मंगलवार चतुर्थी* 🌷
👉 *भारतीय समय के अनुसार 12 अगस्त 2025 को (सुबह 08:40 से 13 अगस्त सूर्योदय तक) चतुर्थी है, इस महा योग पर अगर मंगल ग्रह देव के 21 नामों से सुमिरन करें और धरती पर अर्घ्य देकर प्रार्थना करें,शुभ संकल्प करें तो आप सकल ऋण से मुक्त हो सकते हैं..*
*👉🏻मंगल देव के 21 नाम इस प्रकार हैं :-*
🌷 *1) ॐ मंगलाय नमः*
🌷 *2) ॐ भूमि पुत्राय नमः*
🌷 *3 ) ॐ ऋण हर्त्रे नमः*
🌷 *4) ॐ धन प्रदाय नमः*
🌷 *5 ) ॐ स्थिर आसनाय नमः*
🌷 *6) ॐ महा कायाय नमः*
🌷 *7) ॐ सर्व कामार्थ साधकाय नमः*
🌷 *8) ॐ लोहिताय नमः*
🌷 *9) ॐ लोहिताक्षाय नमः*
🌷 *10) ॐ साम गानाम कृपा करे नमः*
🌷 *11) ॐ धरात्मजाय नमः*
🌷 *12) ॐ भुजाय नमः*
🌷 *13) ॐ भौमाय नमः*
🌷 *14) ॐ भुमिजाय नमः*
🌷 *15) ॐ भूमि नन्दनाय नमः*
🌷 *16) ॐ अंगारकाय नमः*
🌷 *17) ॐ यमाय नमः*
🌷 *18) ॐ सर्व रोग प्रहाराकाय नमः*
🌷 *19) ॐ वृष्टि कर्ते नमः*
🌷 *20) ॐ वृष्टि हराते नमः*
🌷 *21) ॐ सर्व कामा फल प्रदाय नमः*
🙏 *ये 21 मन्त्र से भगवान मंगल देव को नमन करें ..फिर धरती पर अर्घ्य देना चाहिए..अर्घ्य देते समय ये मन्त्र बोले :-*
🌷 *भूमि पुत्रो महा तेजा*
🌷 *कुमारो रक्त वस्त्रका*
🌷 *ग्रहणअर्घ्यं मया दत्तम*
🌷 *ऋणम शांतिम प्रयाक्ष्मे*
🙏 *हे भूमि पुत्र!..महा क्यातेजस्वी, रक्त वस्त्र धारण करने वाले देव मेरा अर्घ्य स्वीकार करो और मुझे ऋण से शांति प्राप्त कराओ..*
पंचक शुरू- 10 अगस्त 2025, रविवार को रात 02:11 बजे
पंचक खत्म- 14 अगस्त 2025, बृहस्पतिवार को सुबह 09:06 बजे
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🙏🍀🌷🌻🌺🌸🌹🍁🌷🙏 जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
दिनांक 10 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 1 होगा। आप राजसी प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं। आपको अपने ऊपर किसी का शासन पसंद नहीं है। आप साहसी और जिज्ञासु हैं। आपका मूलांक सूर्य ग्रह के द्वारा संचालित होता है।
आप सौन्दर्यप्रेमी हैं। आपमें सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाला आपका आत्मविश्वास है। इसकी वजह से आप सहज ही महफिलों में छा जाते हैं। आप अत्यंत महत्वाकांक्षी हैं। आपकी मानसिक शक्ति प्रबल है। आपको समझ पाना बेहद मुश्किल है। आप आशावादी होने के कारण हर स्थिति का सामना करने में सक्षम होते हैं।
शुभ दिनांक : 1, 10, 20, 28
शुभ अंक : 1, 10, 20, 28, 37, 46, 55, 64, 73, 82
शुभ वर्ष : 2026, 2044, 2053, 2062
ईष्टदेव : सूर्य उपासना तथा मां गायत्री
शुभ रंग : लाल, केसरिया, क्रीम,
जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल :
स्वास्थ्य की दृष्टि से यह वर्ष उत्तम रहेगा। पारिवारिक मामलों में महत्वपूर्ण कार्य होंगे। अविवाहितों के लिए सुखद स्थिति बन रही है। विवाह के योग बनेंगे। नौकरीपेशा के लिए समय उत्तम हैं। पदोन्नति के योग हैं। बेरोजगारों के लिए भी खुशखबर है इस वर्ष आपकी मनोकामना पूरी होगी। यह वर्ष आपके लिए अत्यंत सुखद रहेगा। अधूरे कार्यों में सफलता मिलेगी।
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज के दिन आपको सामाजिक एवं सरकारी कार्यो से लाभ मिलेगा लेकिन आलस्य भी आज अधिक रहेगा सातः ही कार्य मे विघ्न डालने वाले भी अधिक ही रहेंगे जिससे विलम्ब अथवा कार्य हानि भी हो सकती है। भागीदारी के व्यवसाय में अधिक लाभ की संभावना रहेगी साथ ही शेयर आदि कार्यो में निवेश निकट भविष्य के लिए लाभदायी रहेगा। कार्यभार अधिक होने से थकान अथवा शरीर के अंगों में दर्द की शिकायत होगी। पारिवारिकजन किसी लंबी यात्रा की योजना बनाएंगे लेकिन अभी इसमे कुछ व्यवधान जरूर आएगा। खर्च अधिक रहेंगे।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज का दिन आपके लिये लाभदायक रहेगा। कार्य व्यवसाय अच्छा चलने से धन की लाभ के कई अवसर मिलेंगे परन्तु आज अकस्मात किसी कारण से क्रोध भी आ सकता है जिससे आस-पास का वातावरण कुछ समय के लिए अशांत बनेगा। कार्य क्षेत्र पर प्रतिस्पर्धा अधिक रहेगी लेकिन अपनी व्यवहार कुशलता से इस पर विजय पा लेंगे। किसी के द्वारा आपको भ्रमित किया जा सकता है सतर्क रहें। मध्यान के बाद का समय अत्यधिक व्यस्त रहेगा धन की आमद भी इसी समय बढ़ेगी। बाहर घूमने की योजना बनेगी घर मे थोड़ी बहुत खींचतान हो सकती है।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज के दिन आप मांगलिक कार्यो में उपस्थिति देंगे धार्मिक पूजा पाठ के साथ ही तंत्र मंत्र में रुचि रहेगी। आज परिस्थिति चाहे कैसी भी हो आप स्वयं को उसके अनुसार ढाल लेंगे फिर भी हित शत्रुओ से सावधान रहें बेवजह परेशान करने वाले आज अधिक मिलेंगे। व्यवसाय में आरंभिक मंदी के बाद मध्यान से गति आएगी धन लाभ आवश्यकता अनुसार हो जाएगा। कुछ दिनों से लटकी मनोकामना की पूर्ति जल्द ही कर सकेंगे। घर मे सुख के साधनों की खरीददारी की योजना बनेगी। आज किसी बाहरी व्यक्ति के कारण घर मे कहा सुनी हो सकती है।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज का दिन उठापटक वाला रहेगा। सेहत में भी उतार चढ़ाव लगा रहेगा जिससे कार्य करने का उत्साह नही बनेगा। कार्य क्षेत्र पर आज घरवालों अथवा मित्रो की सहायता लेनी पड़ सकती है। धन लाभ तो होगा परन्तु व्यर्थ के खर्च भी अधिक होने से तुरंत चला भी जाएगा। आज दवाइयों पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ेगा। किसी सामाजिक आयोजन में जाने की योजना बनेगी जिसे टालने की कोशिश वातावरण अशांत करेगी। गृहस्थ में आज बाहर की अपेक्षा अधिक आराम महसूस करेंगे। आस-पड़ोसियों से आज किसी सदस्य के कारण विवाद होने की संभावना है। यात्रा अंत समय पर टलेगी।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज के दिन आप अपनी व्यवहार कुशलता से कार्य क्षेत्र पर लाभ की स्थिति बनाएंगे। आज आप किसी भी हालत में हाथ आये कार्य को बिना लाभ कमाए जाने नही देंगे। सहकर्मी आपसे किसी कारण से परेशान हो सकते है फिर इसकारण भी कार्यो को प्रभावित नही होने देंगे। आज उधारी को लेकर किसी से तकरार हो सकती है धैर्य धारण करें अन्यथा बाद में ग्लानि होगी। आज बाहर के लोगो को आकर्षित करना जितना आसान रहेगा इसके विपरीत घर के सदस्यों को खुश रखना उतना ही कठिन रहेगा। घर के बुजुर्ग किसी कार्य मे रोड़ा डालेंगे जिससे बहस की स्थिति बनेगी।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज का दिन आपकी आशाओ पर खरा उतरेगा आय एक से अधिक साधनों से होगी। धन कमाने के लिए आज आप गलत साधन अपनाने से भी नही चूकेंगे लेकिन फिर भी सफ़लता अवश्य मिलेगी। मध्यान तक थोड़ा परिश्रम अधिक करना पड़ेगा इसके बाद इसका फल मिलना शुरू हो जाएगा रात्रि तक रुक रुक कर धन की आमद होती रहेगी आज काम काज की लेकर शरीर की भी चिंता नही रहेगी। मित्र परिजनों के साथ बाहर घूमने भोजन आदि के प्रसंग बनेंगे लंबी यात्रा की योजना बनेगी। रात्रि के समय सेहत गड़बड़ हो सकती है।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज के दिन आप सहयोगी अथवा किसी परिजन के रूखे व्यवहार से दुखी रहेंगे। जिस कार्य को करने की जल्दी होगी उसी में विलंब होगा कार्य क्षेत्र पर अव्यवस्था रहने से उचित लाभ से वंचित रह सकते है फिर भी आवश्यकता अनुसार धन लाभ हो ही जायेगा। नौकरी पेशा जातक आज कार्यो को जल्दी पूर्ण कर लेंगे आप आज फिजूल खर्च से बचें अन्यथा धन संबंधित परेशानी बनेगी। व्यवसायी वर्ग संध्या के आस पास अच्छा लाभ कमा सकेंगे शेष दिन कार्य मंदा रहेगा। घरेलू वातावरण में थोड़ी गरमा गर्मी हो सकती है फिर भी स्थिति ज्यादा खराब नही होगी।
स्वास्थ्य की दृष्टि से यह वर्ष उत्तम रहेगा। पारिवारिक मामलों में महत्वपूर्ण कार्य होंगे। अविवाहितों के लिए सुखद स्थिति बन रही है। विवाह के योग बनेंगे। नौकरीपेशा के लिए समय उत्तम हैं। पदोन्नति के योग हैं। बेरोजगारों के लिए भी खुशखबर है इस वर्ष आपकी मनोकामना पूरी होगी। यह वर्ष आपके लिए अत्यंत सुखद रहेगा। अधूरे कार्यों में सफलता मिलेगी।
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज के दिन आपको सामाजिक एवं सरकारी कार्यो से लाभ मिलेगा लेकिन आलस्य भी आज अधिक रहेगा सातः ही कार्य मे विघ्न डालने वाले भी अधिक ही रहेंगे जिससे विलम्ब अथवा कार्य हानि भी हो सकती है। भागीदारी के व्यवसाय में अधिक लाभ की संभावना रहेगी साथ ही शेयर आदि कार्यो में निवेश निकट भविष्य के लिए लाभदायी रहेगा। कार्यभार अधिक होने से थकान अथवा शरीर के अंगों में दर्द की शिकायत होगी। पारिवारिकजन किसी लंबी यात्रा की योजना बनाएंगे लेकिन अभी इसमे कुछ व्यवधान जरूर आएगा। खर्च अधिक रहेंगे।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज का दिन आपके लिये लाभदायक रहेगा। कार्य व्यवसाय अच्छा चलने से धन की लाभ के कई अवसर मिलेंगे परन्तु आज अकस्मात किसी कारण से क्रोध भी आ सकता है जिससे आस-पास का वातावरण कुछ समय के लिए अशांत बनेगा। कार्य क्षेत्र पर प्रतिस्पर्धा अधिक रहेगी लेकिन अपनी व्यवहार कुशलता से इस पर विजय पा लेंगे। किसी के द्वारा आपको भ्रमित किया जा सकता है सतर्क रहें। मध्यान के बाद का समय अत्यधिक व्यस्त रहेगा धन की आमद भी इसी समय बढ़ेगी। बाहर घूमने की योजना बनेगी घर मे थोड़ी बहुत खींचतान हो सकती है।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज के दिन आप मांगलिक कार्यो में उपस्थिति देंगे धार्मिक पूजा पाठ के साथ ही तंत्र मंत्र में रुचि रहेगी। आज परिस्थिति चाहे कैसी भी हो आप स्वयं को उसके अनुसार ढाल लेंगे फिर भी हित शत्रुओ से सावधान रहें बेवजह परेशान करने वाले आज अधिक मिलेंगे। व्यवसाय में आरंभिक मंदी के बाद मध्यान से गति आएगी धन लाभ आवश्यकता अनुसार हो जाएगा। कुछ दिनों से लटकी मनोकामना की पूर्ति जल्द ही कर सकेंगे। घर मे सुख के साधनों की खरीददारी की योजना बनेगी। आज किसी बाहरी व्यक्ति के कारण घर मे कहा सुनी हो सकती है।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज का दिन उठापटक वाला रहेगा। सेहत में भी उतार चढ़ाव लगा रहेगा जिससे कार्य करने का उत्साह नही बनेगा। कार्य क्षेत्र पर आज घरवालों अथवा मित्रो की सहायता लेनी पड़ सकती है। धन लाभ तो होगा परन्तु व्यर्थ के खर्च भी अधिक होने से तुरंत चला भी जाएगा। आज दवाइयों पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ेगा। किसी सामाजिक आयोजन में जाने की योजना बनेगी जिसे टालने की कोशिश वातावरण अशांत करेगी। गृहस्थ में आज बाहर की अपेक्षा अधिक आराम महसूस करेंगे। आस-पड़ोसियों से आज किसी सदस्य के कारण विवाद होने की संभावना है। यात्रा अंत समय पर टलेगी।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज के दिन आप अपनी व्यवहार कुशलता से कार्य क्षेत्र पर लाभ की स्थिति बनाएंगे। आज आप किसी भी हालत में हाथ आये कार्य को बिना लाभ कमाए जाने नही देंगे। सहकर्मी आपसे किसी कारण से परेशान हो सकते है फिर इसकारण भी कार्यो को प्रभावित नही होने देंगे। आज उधारी को लेकर किसी से तकरार हो सकती है धैर्य धारण करें अन्यथा बाद में ग्लानि होगी। आज बाहर के लोगो को आकर्षित करना जितना आसान रहेगा इसके विपरीत घर के सदस्यों को खुश रखना उतना ही कठिन रहेगा। घर के बुजुर्ग किसी कार्य मे रोड़ा डालेंगे जिससे बहस की स्थिति बनेगी।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज का दिन आपकी आशाओ पर खरा उतरेगा आय एक से अधिक साधनों से होगी। धन कमाने के लिए आज आप गलत साधन अपनाने से भी नही चूकेंगे लेकिन फिर भी सफ़लता अवश्य मिलेगी। मध्यान तक थोड़ा परिश्रम अधिक करना पड़ेगा इसके बाद इसका फल मिलना शुरू हो जाएगा रात्रि तक रुक रुक कर धन की आमद होती रहेगी आज काम काज की लेकर शरीर की भी चिंता नही रहेगी। मित्र परिजनों के साथ बाहर घूमने भोजन आदि के प्रसंग बनेंगे लंबी यात्रा की योजना बनेगी। रात्रि के समय सेहत गड़बड़ हो सकती है।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज के दिन आप सहयोगी अथवा किसी परिजन के रूखे व्यवहार से दुखी रहेंगे। जिस कार्य को करने की जल्दी होगी उसी में विलंब होगा कार्य क्षेत्र पर अव्यवस्था रहने से उचित लाभ से वंचित रह सकते है फिर भी आवश्यकता अनुसार धन लाभ हो ही जायेगा। नौकरी पेशा जातक आज कार्यो को जल्दी पूर्ण कर लेंगे आप आज फिजूल खर्च से बचें अन्यथा धन संबंधित परेशानी बनेगी। व्यवसायी वर्ग संध्या के आस पास अच्छा लाभ कमा सकेंगे शेष दिन कार्य मंदा रहेगा। घरेलू वातावरण में थोड़ी गरमा गर्मी हो सकती है फिर भी स्थिति ज्यादा खराब नही होगी।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज का दिन आपके लिए कुछ ना कुछ परेशानी खड़ी करेगा। बचते बचते बेवजह कलह होने से मन अशांत रहेगा। व्यवहार में रूखापन आज कुछ ज्यादा ही रहेगा जिससे आस पास के लोग आपसे दूरी बनाना चाहेंगे लेकिन आज आपकी सहायता की आवश्यकता किसी को अवश्य पड़ेगी स्वार्थ से ही सही लोग आपके आस पास चक्कर लगाते रहेंगे जब तक स्वार्थ पूर्ति ना हो इसके बाद कोई नही पूछेगा। सेहत में भी आज खराबी रहेगी सर अथवा दांत सम्बंधित व्याधि से कष्ट होगा। घर मे मौन रहने का प्रयास करें बाहर भी आवश्यकता पड़ने पर भी बोले शांति बनी रहेगी।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज का दिन कुछ घरेलू छोटी मोटी बातो को छोड़ उत्तम ही रहेगा। कार्य व्यवसाय में आरम्भ में निर्णय लेने में दुविधा होगी परन्तु बाद में नतीजे आपके पक्ष में ही रहेंगे सहकर्मियों का पूर्ण सहयोग नही मिलेगा फिर भी अपने दम पर किसी भी कार्य को पूर्ण करने का सामर्थ्य रखेंगे। धन लाभ आशाजनक रहने से आवश्यकताओं की पूर्ति भी आसानी से कर सकेंगे। मध्यान पश्चात सेहत अकस्मात बिगड़ सकती है लेकिन व्यस्तता के कारण इसकी अनदेखी बाद में ज्यादा परेशान करेगी। परिवार में इच्छा पूर्ति ना करने पर नाराजगी रहेगी। भाई बंधुओ से मतभेद बढ़ने की संभावना है।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज दिन के आरंभिक भाग में लाभ की संभावना बनेगी परन्तु दिन चढ़ते अधिकांश संभावनाएं निराशा में बदल जाएगी कार्य क्षेत्र पर आप अथवा किसी सहकर्मी से कोई त्रुटि होने के कारण हानि हो सकती है। एक बार स्थिति बिगड़ने पर कारोबार चाह कर भी नही संभाल सकेंगे। फिर भी खर्च निकालने लायक आय संध्या के आस-पास हो जाएगी। आज आपका मन अनैतिक कार्यो की ओर ज्यादा भटकेगा सतर्क रहें मान हानि हो सकती है। परिवार में भी आज किसी भी प्रकार से नुकसान होने की संभावना है। मामूली बातो की तूल ना दे आज वैसे ही परिजनों का दिमाग खराब रहेगा।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज के दिन वैसे तो स्थिति में सुधार आएगा फिर भी मानसिक रूप से आज चंचलता अधिक रहने से बने बनाये कार्य की स्वयं की गलती से बिगाड़ लेंगे बाद में इसका पछतावा भी रहेगा। धन लाभ आज किसी ना किसी तरह हो ही जायेगा। प्रलोभन में आकर आज कुछ अनैतिक कार्य भी कर सकते है शीघ्र इससे लाभ होता दिखेगा लेकिन बाद में कोई उलझन अवश्य छोड़ कर जाएगा। दोपहर बाद व्यावसायिक स्थिति बेहतर होगी बिक्री बढ़ने से आय भी बढ़ेगी। आज आय के नवीन साधन भी विकसित होंगे। घर मे किसी से बिगाड़ होने की संभावना है कम बोले।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आपके लिए आज दिन का आरंभ थोड़ी प्रतिकूलता वाला रहेगा किसी प्रियजन के कारण मानसिक दुख पहुचेगा मामूली झड़प भी हो सकती है। इसके बाद स्थिति में सुधार आने लगेगा विवेक से काम करेंगे। व्यवसाय में आज का दिन आशानुकूल नही रहेगा सोची हुई योजनाओ में आशा से कम लाभ मिलेगा कुछ कार्य विलम्ब होने पर आगे के लिए टलेंगे। अधिकांश समय आप विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य बनाये रखेंगे लेकिन कुछ एक मामलों में धैर्य टूटने पर अशांति फैल सकती है। घर का वातावरण स्वार्थ से भरा रहेगा फिर भी संध्या के समय थोड़ी शांति रहेगी।
आज का दिन आपके लिए कुछ ना कुछ परेशानी खड़ी करेगा। बचते बचते बेवजह कलह होने से मन अशांत रहेगा। व्यवहार में रूखापन आज कुछ ज्यादा ही रहेगा जिससे आस पास के लोग आपसे दूरी बनाना चाहेंगे लेकिन आज आपकी सहायता की आवश्यकता किसी को अवश्य पड़ेगी स्वार्थ से ही सही लोग आपके आस पास चक्कर लगाते रहेंगे जब तक स्वार्थ पूर्ति ना हो इसके बाद कोई नही पूछेगा। सेहत में भी आज खराबी रहेगी सर अथवा दांत सम्बंधित व्याधि से कष्ट होगा। घर मे मौन रहने का प्रयास करें बाहर भी आवश्यकता पड़ने पर भी बोले शांति बनी रहेगी।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज का दिन कुछ घरेलू छोटी मोटी बातो को छोड़ उत्तम ही रहेगा। कार्य व्यवसाय में आरम्भ में निर्णय लेने में दुविधा होगी परन्तु बाद में नतीजे आपके पक्ष में ही रहेंगे सहकर्मियों का पूर्ण सहयोग नही मिलेगा फिर भी अपने दम पर किसी भी कार्य को पूर्ण करने का सामर्थ्य रखेंगे। धन लाभ आशाजनक रहने से आवश्यकताओं की पूर्ति भी आसानी से कर सकेंगे। मध्यान पश्चात सेहत अकस्मात बिगड़ सकती है लेकिन व्यस्तता के कारण इसकी अनदेखी बाद में ज्यादा परेशान करेगी। परिवार में इच्छा पूर्ति ना करने पर नाराजगी रहेगी। भाई बंधुओ से मतभेद बढ़ने की संभावना है।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज दिन के आरंभिक भाग में लाभ की संभावना बनेगी परन्तु दिन चढ़ते अधिकांश संभावनाएं निराशा में बदल जाएगी कार्य क्षेत्र पर आप अथवा किसी सहकर्मी से कोई त्रुटि होने के कारण हानि हो सकती है। एक बार स्थिति बिगड़ने पर कारोबार चाह कर भी नही संभाल सकेंगे। फिर भी खर्च निकालने लायक आय संध्या के आस-पास हो जाएगी। आज आपका मन अनैतिक कार्यो की ओर ज्यादा भटकेगा सतर्क रहें मान हानि हो सकती है। परिवार में भी आज किसी भी प्रकार से नुकसान होने की संभावना है। मामूली बातो की तूल ना दे आज वैसे ही परिजनों का दिमाग खराब रहेगा।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज के दिन वैसे तो स्थिति में सुधार आएगा फिर भी मानसिक रूप से आज चंचलता अधिक रहने से बने बनाये कार्य की स्वयं की गलती से बिगाड़ लेंगे बाद में इसका पछतावा भी रहेगा। धन लाभ आज किसी ना किसी तरह हो ही जायेगा। प्रलोभन में आकर आज कुछ अनैतिक कार्य भी कर सकते है शीघ्र इससे लाभ होता दिखेगा लेकिन बाद में कोई उलझन अवश्य छोड़ कर जाएगा। दोपहर बाद व्यावसायिक स्थिति बेहतर होगी बिक्री बढ़ने से आय भी बढ़ेगी। आज आय के नवीन साधन भी विकसित होंगे। घर मे किसी से बिगाड़ होने की संभावना है कम बोले।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आपके लिए आज दिन का आरंभ थोड़ी प्रतिकूलता वाला रहेगा किसी प्रियजन के कारण मानसिक दुख पहुचेगा मामूली झड़प भी हो सकती है। इसके बाद स्थिति में सुधार आने लगेगा विवेक से काम करेंगे। व्यवसाय में आज का दिन आशानुकूल नही रहेगा सोची हुई योजनाओ में आशा से कम लाभ मिलेगा कुछ कार्य विलम्ब होने पर आगे के लिए टलेंगे। अधिकांश समय आप विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य बनाये रखेंगे लेकिन कुछ एक मामलों में धैर्य टूटने पर अशांति फैल सकती है। घर का वातावरण स्वार्थ से भरा रहेगा फिर भी संध्या के समय थोड़ी शांति रहेगी।
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🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️ *दिनांक - 11 अगस्त 2025*
🌤️ *दिन - सोमवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास - भाद्रपद ( गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार श्रावण)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - द्वितीया सुबह 10:33 तक तत्पश्चात तृतीया*
🌤️ *नक्षत्र - शतभिषा दोपहर 01:00 तक तत्पश्चात पूर्वभाद्रपद*
🌤️ *योग - अतिगण्ड रात्रि 09:34 तक तत्पश्चात सुकर्मा*
🌤️ *राहुकाल - सुबह 07:53 से सुबह 09:30 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:17*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:10*
👉 *दिशाशूल - पूर्व दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण - पंचक*
💥 *विशेष - *द्वितीया को बृहती (छोटा बैगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌞~*वैदिक पंचांग* ~🌞
🌷 *बहुला चतुर्थी* 🌷
🙏🏻 *भाद्रपद महिने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार श्रावण मास) को बहुला चतुर्थी व बहुला चौथ के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान श्रीगणेश के निमित्त व्रत किया जाता है। इस बार यह चतुर्थी 12 अगस्त, मंगलवार को है।*
🌷 *ऐसे करें व्रत* 🌷
👩🏻 *महिलाएं इस दिन सुबह स्नान कर पवित्रता के साथ भगवान गणेशजी की आराधना आरंभ करें। भगवान गणेशजी की प्रतिमा के सामने व्रत का संकल्प लें। धूप, दीप, गंध, पुष्प, प्रसाद आदि सोलह उपचारों से श्रीगणेशजी का पूजन संपन्न करें। चंद्र उदय होने से पहले जितना हो सके कम बोलें।*
👉🏻 *शाम होने पर फिर से स्नान कर इसी पूजा विधि से भगवान श्रीगणेशजी की उपासना करें। इसके बाद चन्द्रमा के उदय होने पर शंख में दूध, दूर्वा, सुपारी, गंध, अक्षत से भगवान श्रीगणेशजी का पूजन करें और चतुर्थी तिथि को चंद्र्देव को अर्घ दें। इस प्रकार बहुला चतुर्थी व्रत के पालन से सभी मनोकामनाएं पूरी होने के साथ ही व्रती (व्रत करने वाला) के व्यावहारिक व मानसिक जीवन से जुड़े सभी संकट, विघ्न और बाधाएं समूल नष्ट हो जाते हैं। यह व्रत संतान दाता तथा धन को बढ़ाने वाला है।*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *कजरी तीज* 🌷
🙏🏻 *भाद्रपद मास के तीसरे दिन यानी भाद्रपद कृष्ण तृतीया तिथि (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार श्रावण मास तृतीया तिथि) इस बार (12 अगस्त, मंगलवार) विशेष फलदायी होती है, क्योंकि यह तिथि माता पार्वती को समर्पित है। इस दिन भगवान शंकर तथा माता पार्वती के मंदिर में जाकर उन्हें भोग लगाने तथा विधि-विधान पूर्वक पूजा करने से सभी सुखों की प्राप्ति होती है। इस दिन कजरी तीज का उत्सव भी मनाया जाता है। कजरी तीज को सतवा तीज भी कहते हैं। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण को फूल-पत्तों से सजे झूले में झुलाया जाता है। चारों तरफ लोक गीतों की गूंज सुनाई देती है।*
🙏🏻 *कई जगह झूले बांधे जाते हैं और मेले लगाए जाते हैं। नवविवाहिताएं जब विवाह के बाद पहली बार पिता के घर आती हैं तो तीन बातों के तजने (त्यागने) का प्रण लेती है- पति से छल कपट, झूठ और दुर्व्यवहार और दूसरे की निंदा। मान्यता है कि विरहाग्नि में तप कर गौरी इसी दिन शिव से मिली थी। इस दिन पार्वती की सवारी निकालने की भी परम्परा है। व्रत में 16 सूत का धागा बना कर उसमें 16 गांठ लगा कर उसके बीच मिट्टी से गौरी की प्रतिमा बना कर स्थापित की जाती है तथा विधि-विधान से पूजा की जाती है।*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *मंगलवारी चतुर्थी* 🌷
➡️ *12 अगस्त 2025 मंगलवार को सुबह 08:40 से 13 अगस्त सूर्योदय तक मंगलवारी चतुर्थी है ।*
🌷 *मंत्र जप व शुभ संकल्प की सिद्धि के लिए विशेष योग*
🙏🏻 *मंगलवारी चतुर्थी को किये गए जप-संकल्प, मौन व यज्ञ का फल अक्षय होता है ।*
👉🏻 *मंगलवार चतुर्थी को सब काम छोड़ कर जप-ध्यान करना ... जप, ध्यान, तप सूर्य-ग्रहण जितना फलदायी है...*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *कोई कष्ट हो तो* 🌷
➡ *12 अगस्त 2025 मंगलवार को संकष्ट चतुर्थी चन्द्रोदय रात्रि (09:06)*
🙏🏻 *हमारे जीवन में बहुत समस्याएँ आती रहती हैं, मिटती नहीं हैं ।, कभी कोई कष्ट, कभी कोई समस्या | ऐसे लोग शिवपुराण में बताया हुआ एक प्रयोग कर सकते हैं कि, कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (मतलब पुर्णिमा के बाद की चतुर्थी ) आती है | उस दिन सुबह छः मंत्र बोलते हुये गणपतिजी को प्रणाम करें कि हमारे घर में ये बार-बार कष्ट और समस्याएं आ रही हैं वो नष्ट हों |*
👉🏻 *छः मंत्र इस प्रकार हैं –*
🌷 *ॐ सुमुखाय नम: : सुंदर मुख वाले; हमारे मुख पर भी सच्ची भक्ति प्रदान सुंदरता रहे ।*
🌤️ *दिनांक - 11 अगस्त 2025*
🌤️ *दिन - सोमवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास - भाद्रपद ( गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार श्रावण)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - द्वितीया सुबह 10:33 तक तत्पश्चात तृतीया*
🌤️ *नक्षत्र - शतभिषा दोपहर 01:00 तक तत्पश्चात पूर्वभाद्रपद*
🌤️ *योग - अतिगण्ड रात्रि 09:34 तक तत्पश्चात सुकर्मा*
🌤️ *राहुकाल - सुबह 07:53 से सुबह 09:30 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:17*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:10*
👉 *दिशाशूल - पूर्व दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण - पंचक*
💥 *विशेष - *द्वितीया को बृहती (छोटा बैगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌞~*वैदिक पंचांग* ~🌞
🌷 *बहुला चतुर्थी* 🌷
🙏🏻 *भाद्रपद महिने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार श्रावण मास) को बहुला चतुर्थी व बहुला चौथ के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान श्रीगणेश के निमित्त व्रत किया जाता है। इस बार यह चतुर्थी 12 अगस्त, मंगलवार को है।*
🌷 *ऐसे करें व्रत* 🌷
👩🏻 *महिलाएं इस दिन सुबह स्नान कर पवित्रता के साथ भगवान गणेशजी की आराधना आरंभ करें। भगवान गणेशजी की प्रतिमा के सामने व्रत का संकल्प लें। धूप, दीप, गंध, पुष्प, प्रसाद आदि सोलह उपचारों से श्रीगणेशजी का पूजन संपन्न करें। चंद्र उदय होने से पहले जितना हो सके कम बोलें।*
👉🏻 *शाम होने पर फिर से स्नान कर इसी पूजा विधि से भगवान श्रीगणेशजी की उपासना करें। इसके बाद चन्द्रमा के उदय होने पर शंख में दूध, दूर्वा, सुपारी, गंध, अक्षत से भगवान श्रीगणेशजी का पूजन करें और चतुर्थी तिथि को चंद्र्देव को अर्घ दें। इस प्रकार बहुला चतुर्थी व्रत के पालन से सभी मनोकामनाएं पूरी होने के साथ ही व्रती (व्रत करने वाला) के व्यावहारिक व मानसिक जीवन से जुड़े सभी संकट, विघ्न और बाधाएं समूल नष्ट हो जाते हैं। यह व्रत संतान दाता तथा धन को बढ़ाने वाला है।*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *कजरी तीज* 🌷
🙏🏻 *भाद्रपद मास के तीसरे दिन यानी भाद्रपद कृष्ण तृतीया तिथि (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार श्रावण मास तृतीया तिथि) इस बार (12 अगस्त, मंगलवार) विशेष फलदायी होती है, क्योंकि यह तिथि माता पार्वती को समर्पित है। इस दिन भगवान शंकर तथा माता पार्वती के मंदिर में जाकर उन्हें भोग लगाने तथा विधि-विधान पूर्वक पूजा करने से सभी सुखों की प्राप्ति होती है। इस दिन कजरी तीज का उत्सव भी मनाया जाता है। कजरी तीज को सतवा तीज भी कहते हैं। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण को फूल-पत्तों से सजे झूले में झुलाया जाता है। चारों तरफ लोक गीतों की गूंज सुनाई देती है।*
🙏🏻 *कई जगह झूले बांधे जाते हैं और मेले लगाए जाते हैं। नवविवाहिताएं जब विवाह के बाद पहली बार पिता के घर आती हैं तो तीन बातों के तजने (त्यागने) का प्रण लेती है- पति से छल कपट, झूठ और दुर्व्यवहार और दूसरे की निंदा। मान्यता है कि विरहाग्नि में तप कर गौरी इसी दिन शिव से मिली थी। इस दिन पार्वती की सवारी निकालने की भी परम्परा है। व्रत में 16 सूत का धागा बना कर उसमें 16 गांठ लगा कर उसके बीच मिट्टी से गौरी की प्रतिमा बना कर स्थापित की जाती है तथा विधि-विधान से पूजा की जाती है।*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *मंगलवारी चतुर्थी* 🌷
➡️ *12 अगस्त 2025 मंगलवार को सुबह 08:40 से 13 अगस्त सूर्योदय तक मंगलवारी चतुर्थी है ।*
🌷 *मंत्र जप व शुभ संकल्प की सिद्धि के लिए विशेष योग*
🙏🏻 *मंगलवारी चतुर्थी को किये गए जप-संकल्प, मौन व यज्ञ का फल अक्षय होता है ।*
👉🏻 *मंगलवार चतुर्थी को सब काम छोड़ कर जप-ध्यान करना ... जप, ध्यान, तप सूर्य-ग्रहण जितना फलदायी है...*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *कोई कष्ट हो तो* 🌷
➡ *12 अगस्त 2025 मंगलवार को संकष्ट चतुर्थी चन्द्रोदय रात्रि (09:06)*
🙏🏻 *हमारे जीवन में बहुत समस्याएँ आती रहती हैं, मिटती नहीं हैं ।, कभी कोई कष्ट, कभी कोई समस्या | ऐसे लोग शिवपुराण में बताया हुआ एक प्रयोग कर सकते हैं कि, कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (मतलब पुर्णिमा के बाद की चतुर्थी ) आती है | उस दिन सुबह छः मंत्र बोलते हुये गणपतिजी को प्रणाम करें कि हमारे घर में ये बार-बार कष्ट और समस्याएं आ रही हैं वो नष्ट हों |*
👉🏻 *छः मंत्र इस प्रकार हैं –*
🌷 *ॐ सुमुखाय नम: : सुंदर मुख वाले; हमारे मुख पर भी सच्ची भक्ति प्रदान सुंदरता रहे ।*
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🌷 *ॐ दुर्मुखाय नम: : मतलब भक्त को जब कोई आसुरी प्रवृत्ति वाला सताता है तो… भैरव देख दुष्ट घबराये ।*
🌷 *ॐ मोदाय नम: : मुदित रहने वाले, प्रसन्न रहने वाले । उनका सुमिरन करने वाले भी प्रसन्न हो जायें ।*
🌷 *ॐ प्रमोदाय नम: : प्रमोदाय; दूसरों को भी आनंदित करते हैं । भक्त भी प्रमोदी होता है और अभक्त प्रमादी होता है, आलसी । आलसी आदमी को लक्ष्मी छोड़ कर चली जाती है । और जो प्रमादी न हो, लक्ष्मी स्थायी होती है ।*
🌷 *ॐ अविघ्नाय नम:*
🌷 *ॐ विघ्नकरत्र्येय नम:*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🙏🏻🌷🌸🌼💐☘🌹🌻🌺🙏🏻
🌷 *ॐ मोदाय नम: : मुदित रहने वाले, प्रसन्न रहने वाले । उनका सुमिरन करने वाले भी प्रसन्न हो जायें ।*
🌷 *ॐ प्रमोदाय नम: : प्रमोदाय; दूसरों को भी आनंदित करते हैं । भक्त भी प्रमोदी होता है और अभक्त प्रमादी होता है, आलसी । आलसी आदमी को लक्ष्मी छोड़ कर चली जाती है । और जो प्रमादी न हो, लक्ष्मी स्थायी होती है ।*
🌷 *ॐ अविघ्नाय नम:*
🌷 *ॐ विघ्नकरत्र्येय नम:*
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🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌤️ *दिनांक - 13 अगस्त 2025*
🌤️ *दिन - बुधवार*
🌤️ *विक्रम संवत - 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत - 1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ऋतु*
🌤️ *मास - भाद्रपद ( गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार श्रावण)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - चतुर्थी सुबह 06:35 तक तत्पश्चात पंचमी*
🌤️ *नक्षत्र - उत्तरभाद्रपद सुबह 10:32 तक तत्पश्चात रेवती*
🌤️ *योग - धृति शाम 04:05 तक तत्पश्चात शूल*
🌤️ *राहुकाल - दोपहर 12:43 से दोपहर 02:20 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:17*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:09*
👉 *दिशाशूल - उत्तर दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण - पंचक, पंचमी क्षय तिथि*
💥 *विशेष - चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
🕉️~*वैदिक पंचांग* ~🕉️
🌷 *जन्माष्टमी* 🌷
➡ *15 अगस्त 2025 शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (स्मार्त) एवं 16 अगस्त 2025 शनिवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (भागवत)*
🙏🏻 *ज्योतिष के अनुसार, अगर इस दिन भगवान श्रीकृष्ण को प्रसन्न करने के लिए विशेष उपाय किए जाएं तो माता लक्ष्मी भी प्रसन्न हो जाती हैं और भक्तों पर कृपा बरसाती हैं। ये उपाय करने से मनोकामना की पूर्ति व धन प्राप्ति के योग भी बन सकते हैं।*
➡ *ये हैं जन्माष्टमी के अचूक 12 उपाय, 1 भी करेंगे तो होगा फायदा*
1⃣ *आमदनी नहीं बढ़ रही है या नौकरी में प्रमोशन नहीं हो रहा है तो जन्माष्टमी पर 7 कन्याओं को घर बुलाकर खीर या सफेद मिठाई खिलाएं। इसके बाद लगातार पांच शुक्रवार तक सात कन्याओं को खीर या सफेद मिठाई बांटें।*
2⃣ *जन्माष्टमी से शुरु कर 27 दिन लगातार नारियल व बादाम किसी कृष्ण मंदिर में चढ़ाने से सभी इच्छाएं पूरी हो सकती है।*
3⃣ *यदि पैसे की समस्या चल रही हो तो जन्माष्टमी पर सुबह स्नान आदि करने के बाद राधाकृष्ण मंदिर जाकर दर्शन करें व पीले फूलों की माला अर्पित करें। इससे आपकी परेशानी कम हो सकती है।*
4⃣ *सुख-समृद्धि पाने के लिए जन्माष्टमी पर पीले चंदन या केसर से गुलाब जल मिलाकर माथे पर टीका अथवा बिंदी लगाएं। ऐसा रोज करें। इस उपाय से मन को शांति प्राप्ति होगी और जीवन में सुख-समृद्धि आने के योग बनेंगे।*
5⃣ *लक्ष्मी कृपा पाने के लिए जन्माष्टमी पर कहीं केले के पौधे लगा दें। बाद में उनकी नियमित देखभाल करते रहे। जब पौधे फल देने लगे तो इसका दान करें, स्वयं न खाएं।*
6⃣ *जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण को पान का पत्ता भेंट करें और उसके बाद इस पत्ते पर रोली (कुमकुम) से श्री यंत्र लिखकर तिजोरी में रख लें। इस उपाय से धन वृद्धि के योग बन सकते हैं।*
7⃣ *जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण को सफेद मिठाई या खीर का भोग लगाएं।इसमें तुलसी के पत्ते अवश्य डालें। इससे भगवान श्रीकृष्ण जल्दी ही प्रसन्न हो जाते हैं।*
8⃣ *जन्माष्टमी पर दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर भगवान श्रीकृष्ण का अभिषेक करें। इस उपाय से मां लक्ष्मी भी प्रसन्न होती हैं। ये उपाय करने वाले की हर इच्छा पूरी हो सकती है।*
9⃣ *कृष्ण मंदिर जाकर तुलसी की माला से नीचे लिखे मंत्र की 11 माला जप करें। इस उपाय से आपकी हर समस्या का समाधान हो सकताहै।*
*मंत्र- क्लीं कृष्णाय वासुदेवाय हरि:परमात्मने* *प्रणत:क्लेशनाशाय गोविंदय नमो नम:*
🔟 *भगवान श्रीकृष्ण को पीतांबर धारी भी कहते हैं, जिसका अर्थ है पीले रंग के कपड़े पहनने वाला। जन्माष्टमी पर पीले रंग के कपड़े, पीले फल व पीला अनाज दान करने से भगवान श्रीकृष्ण व माता लक्ष्मी दोनों प्रसन्न होते हैं।*
1⃣1⃣ *जन्माष्टमी की रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का केसर मिश्रित दूध से अभिषेक करें तो जीवन में सुख-समृद्धि आने के योग बनाते हैं।*
1⃣2⃣ *जन्माष्टमी को शाम के समय तुलसी को गाय के घी का दीपक लगाएं और ॐ वासुदेवाय नम: मंत्र बोलते हुए तुलसी की 11 परिक्रमा करें।*
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️पंचक शुरू- 10 अगस्त 2025, रविवार को रात 02:11 बजे
पंचक खत्म- 14 अगस्त 2025, बृहस्पतिवार को सुबह 09:06 बजे
🙏🍀🌷🌻🌺🌸🌹🍁🌷🙏 जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
दिनांक 13 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 4 होगा। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति जिद्दी, कुशाग्र बुद्धि वाले, साहसी होते हैं। आपका जीवन संघर्षशील होता है। इनमें अभिमान भी होता है। ऐसे व्यक्ति को जीवन में अनेक परिवर्तनों का सामना करना पड़ता है। जैसे तेज स्पीड से आती गाड़ी को अचानक ब्रेक लग जाए ऐसा उनका भाग्य होगा। लेकिन यह भी निश्चित है कि इस अंक वाले अधिकांश लोग कुलदीपक होते हैं। ये लोग दिल के कोमल होते हैं किन्तु बाहर से कठोर दिखाई पड़ते हैं। इनकी नेतृत्त्व क्षमता के
🌤️ *दिनांक - 13 अगस्त 2025*
🌤️ *दिन - बुधवार*
🌤️ *विक्रम संवत - 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत - 1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ऋतु*
🌤️ *मास - भाद्रपद ( गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार श्रावण)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - चतुर्थी सुबह 06:35 तक तत्पश्चात पंचमी*
🌤️ *नक्षत्र - उत्तरभाद्रपद सुबह 10:32 तक तत्पश्चात रेवती*
🌤️ *योग - धृति शाम 04:05 तक तत्पश्चात शूल*
🌤️ *राहुकाल - दोपहर 12:43 से दोपहर 02:20 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:17*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:09*
👉 *दिशाशूल - उत्तर दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण - पंचक, पंचमी क्षय तिथि*
💥 *विशेष - चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
🕉️~*वैदिक पंचांग* ~🕉️
🌷 *जन्माष्टमी* 🌷
➡ *15 अगस्त 2025 शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (स्मार्त) एवं 16 अगस्त 2025 शनिवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (भागवत)*
🙏🏻 *ज्योतिष के अनुसार, अगर इस दिन भगवान श्रीकृष्ण को प्रसन्न करने के लिए विशेष उपाय किए जाएं तो माता लक्ष्मी भी प्रसन्न हो जाती हैं और भक्तों पर कृपा बरसाती हैं। ये उपाय करने से मनोकामना की पूर्ति व धन प्राप्ति के योग भी बन सकते हैं।*
➡ *ये हैं जन्माष्टमी के अचूक 12 उपाय, 1 भी करेंगे तो होगा फायदा*
1⃣ *आमदनी नहीं बढ़ रही है या नौकरी में प्रमोशन नहीं हो रहा है तो जन्माष्टमी पर 7 कन्याओं को घर बुलाकर खीर या सफेद मिठाई खिलाएं। इसके बाद लगातार पांच शुक्रवार तक सात कन्याओं को खीर या सफेद मिठाई बांटें।*
2⃣ *जन्माष्टमी से शुरु कर 27 दिन लगातार नारियल व बादाम किसी कृष्ण मंदिर में चढ़ाने से सभी इच्छाएं पूरी हो सकती है।*
3⃣ *यदि पैसे की समस्या चल रही हो तो जन्माष्टमी पर सुबह स्नान आदि करने के बाद राधाकृष्ण मंदिर जाकर दर्शन करें व पीले फूलों की माला अर्पित करें। इससे आपकी परेशानी कम हो सकती है।*
4⃣ *सुख-समृद्धि पाने के लिए जन्माष्टमी पर पीले चंदन या केसर से गुलाब जल मिलाकर माथे पर टीका अथवा बिंदी लगाएं। ऐसा रोज करें। इस उपाय से मन को शांति प्राप्ति होगी और जीवन में सुख-समृद्धि आने के योग बनेंगे।*
5⃣ *लक्ष्मी कृपा पाने के लिए जन्माष्टमी पर कहीं केले के पौधे लगा दें। बाद में उनकी नियमित देखभाल करते रहे। जब पौधे फल देने लगे तो इसका दान करें, स्वयं न खाएं।*
6⃣ *जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण को पान का पत्ता भेंट करें और उसके बाद इस पत्ते पर रोली (कुमकुम) से श्री यंत्र लिखकर तिजोरी में रख लें। इस उपाय से धन वृद्धि के योग बन सकते हैं।*
7⃣ *जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण को सफेद मिठाई या खीर का भोग लगाएं।इसमें तुलसी के पत्ते अवश्य डालें। इससे भगवान श्रीकृष्ण जल्दी ही प्रसन्न हो जाते हैं।*
8⃣ *जन्माष्टमी पर दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर भगवान श्रीकृष्ण का अभिषेक करें। इस उपाय से मां लक्ष्मी भी प्रसन्न होती हैं। ये उपाय करने वाले की हर इच्छा पूरी हो सकती है।*
9⃣ *कृष्ण मंदिर जाकर तुलसी की माला से नीचे लिखे मंत्र की 11 माला जप करें। इस उपाय से आपकी हर समस्या का समाधान हो सकताहै।*
*मंत्र- क्लीं कृष्णाय वासुदेवाय हरि:परमात्मने* *प्रणत:क्लेशनाशाय गोविंदय नमो नम:*
🔟 *भगवान श्रीकृष्ण को पीतांबर धारी भी कहते हैं, जिसका अर्थ है पीले रंग के कपड़े पहनने वाला। जन्माष्टमी पर पीले रंग के कपड़े, पीले फल व पीला अनाज दान करने से भगवान श्रीकृष्ण व माता लक्ष्मी दोनों प्रसन्न होते हैं।*
1⃣1⃣ *जन्माष्टमी की रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का केसर मिश्रित दूध से अभिषेक करें तो जीवन में सुख-समृद्धि आने के योग बनाते हैं।*
1⃣2⃣ *जन्माष्टमी को शाम के समय तुलसी को गाय के घी का दीपक लगाएं और ॐ वासुदेवाय नम: मंत्र बोलते हुए तुलसी की 11 परिक्रमा करें।*
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️पंचक शुरू- 10 अगस्त 2025, रविवार को रात 02:11 बजे
पंचक खत्म- 14 अगस्त 2025, बृहस्पतिवार को सुबह 09:06 बजे
🙏🍀🌷🌻🌺🌸🌹🍁🌷🙏 जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
दिनांक 13 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 4 होगा। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति जिद्दी, कुशाग्र बुद्धि वाले, साहसी होते हैं। आपका जीवन संघर्षशील होता है। इनमें अभिमान भी होता है। ऐसे व्यक्ति को जीवन में अनेक परिवर्तनों का सामना करना पड़ता है। जैसे तेज स्पीड से आती गाड़ी को अचानक ब्रेक लग जाए ऐसा उनका भाग्य होगा। लेकिन यह भी निश्चित है कि इस अंक वाले अधिकांश लोग कुलदीपक होते हैं। ये लोग दिल के कोमल होते हैं किन्तु बाहर से कठोर दिखाई पड़ते हैं। इनकी नेतृत्त्व क्षमता के
लोग कायल होते हैं।
शुभ दिनांक : 4, 8, 13, 22, 26, 31,
शुभ अंक : 4, 8,18, 22, 45, 57,
शुभ वर्ष : 2031, 2040, 2060
ईष्टदेव : श्री गणेश, श्री हनुमान
शुभ रंग : नीला, काला, भूरा
जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल :
मान-सम्मान में वृद्धि होगी, वहीं मित्र वर्ग का सहयोग मिलेगा। नवीन व्यापार की योजना प्रभावी होने तक गुप्त ही रखें। यह वर्ष पिछले वर्ष के दुष्प्रभावों को दूर करने में सक्षम है। आपको सजग रहकर कार्य करना होगा। शत्रु पक्ष पर प्रभावपूर्ण सफलता मिलेगी। नौकरीपेशा प्रयास करें तो उन्नति के चांस भी है। विवाह के मामलों में आश्चर्यजनक परिणाम आ सकते हैं। परिवारिक मामलों में सहयोग के द्वारा सफलता मिलेगी।
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज का दिन भी कुछ ना कुछ हानि कराएगा अथवा पूर्व में हुई हानि की भरपाई में ही बीतेगा। दिन के आरंभ से मध्यान तक परिश्रम में कमी नही रखेंगे फिर भी कुछ लाभ ना मिलने पर क्रोध आएगा। जिससे सहयोग की उम्मीद रखेंगे वही अंत समय में टालमटोल करेगा। किसी अन्य के ऊपर निर्भर ना रहे अन्यथा निराश ही होना पड़ेगा। कार्य व्यवसाय की स्थिति डांवाडोल रहेगी। लाभ के सौदे हाथ लगेंगे लेकिन किसी ना किसी कमी के कारण आज इनका फायदा नही उठा सकेंगे। पारिवारिक वातावरण भी अस्त व्यस्त रहेगा। महिलाए सारा बोझ अपने ऊपर आने से चिड़चिड़ी रहेंगी
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज का दिन विविध समस्याए खड़ी होंगी। जिस कार्य को सुधारने पर जोर देंगे उसे छोड़ अन्य बिगड़ेगा इसी आपाधापी में मानसिक संतुलन खराब रहेगा। कार्य क्षेत्र पर व्यवसाय मंदा रहेगा मध्यान एवं संध्या का समय ही थोड़ा बहुत लाभ दिलायेगा इसके अतिरिक्त समय मे खाली दिमाग रहने के कारण उलजुलूल विचार आएंगे। पैतृक करणो से कोई न कोई समस्या लगी रहेगी अथवा पैतृक संसाधनों की कमी के कारण भाग्य को कोसेंगे। धर्म कर्म में निष्ठा कल की तुलना में कम रहेगी। परिजनों से भी बात बात पर टोका टाकी के कारण नाराजगी होगी। संध्या बाद राहत भरे समाचार मिलेंगे।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज का दिन बीते कल की तुलना में थोड़ा अस्त व्यस्त फिर भी लाभदायक ही रहेगा। दिन के आरंभ में जिस काम मे जुट जाएंगे उसे मध्यान तक पूर्ण करके ही दम लेंगे। भाग्य का साथ भी अन्य दिनों की तुलना में अधिक रहने से ज्यादा मशक्कत नही करनी पड़ेगी। लेकिन सभी सोचे कार्य भी पूर्ण करना सम्भव नही होगा एक आध में ही पूर्ण सफलता मिल सकेगी। धर्म कार्य परोपकार की भावना रहेगी लेकिन इसके लिये समय मुश्किल से ही निकलेगा। परिवार में आकस्मिक खर्च बढ़ने से असुविधा होगी फिर भी तालमेल बना लेंगे।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज का दिन दामपत्य जीवन एवं व्यावसायिक उलझनों की कठिनायों को लेकर परेशान रहेंगे। दिन का आरंभ किसी अशुभ समाचार अथवा कहासुनी से होगा इसका असर मध्यान तक बेचैन रखेगा। कार्य व्यवसाय में भी आज नियमितता नही रहेगी धन लाभ के लिये बाजार का मुह ताकना पड़ेगा लेदेकर जो होगा वही भी ना काफी। पिता के सहयोग से बिगड़े काम बन सकते है लेकिन किसी ना किसी कारण से पैतृक सुख की कमी रहेगी। परिवार में बीमारी के कारण उदासीनता आएगी। संध्या तक धर्य से काम लें इसके बाद स्थिति में सुधार आने लगेगा।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज का दिन मानसिक बेचैनी में बीतेगा। दिन के आरंभ से मध्यान तक मजबूरी में कहा सुनी के बाद ही काम के लिये तैयार होंगे बाद में जिस कार्य को करने लगेंगे उसी में तल्लीन हो जाएंगे। आज आप अन्य लोगो के सामने संतोषी होंने का दिखावा करेंगे लेकिन मन मे कुछ और ही लगा रहेगा। आर्थिक कारणों से मनकी इच्छा अधूरी रहेंगी। कार्य व्यवसाय में भी विचारे कार्य धनाभाव के चलते अधूरे रहेंगे। परिश्रम मध्यान तक व्यर्थ होता दिखेगा लेकिन संध्या बाद अकस्मात धन लाभ होने से राहत मिलेगी। आरोग्य मानसिक चिन्ता को छोड़ ठीक ही रहेगा।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज का दिन भी आशानुकूल रहेगा आज आपको पुराने कार्यो अथवा पुराने परिचितों के मार्गदर्शन से लाभ होगा। कार्य क्षेत्र अथवा प्रतियोगिता में उतारचढ़ाव के बाद भी अन्य प्रतिस्पर्धी की तुलना में आपको अधिक सफलता मिलेगी। धन लाभ के लिये अनैतिक मार्ग भी अपना सकते है। सरकार संबंधित कार्य खर्च करने के बाद ही पूर्ण होंगे। परिजन एवं बाहरी लोग आपकी व्यवहारिकता से प्रसन्न रहेंगे लेकिन अकस्मात क्रोध आने पर आस पास का वातावरण कुछ समय के लिये खराब भी होगा। संध्या बाद आत्म संतोष रहेगा।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
शुभ दिनांक : 4, 8, 13, 22, 26, 31,
शुभ अंक : 4, 8,18, 22, 45, 57,
शुभ वर्ष : 2031, 2040, 2060
ईष्टदेव : श्री गणेश, श्री हनुमान
शुभ रंग : नीला, काला, भूरा
जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल :
मान-सम्मान में वृद्धि होगी, वहीं मित्र वर्ग का सहयोग मिलेगा। नवीन व्यापार की योजना प्रभावी होने तक गुप्त ही रखें। यह वर्ष पिछले वर्ष के दुष्प्रभावों को दूर करने में सक्षम है। आपको सजग रहकर कार्य करना होगा। शत्रु पक्ष पर प्रभावपूर्ण सफलता मिलेगी। नौकरीपेशा प्रयास करें तो उन्नति के चांस भी है। विवाह के मामलों में आश्चर्यजनक परिणाम आ सकते हैं। परिवारिक मामलों में सहयोग के द्वारा सफलता मिलेगी।
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज का दिन भी कुछ ना कुछ हानि कराएगा अथवा पूर्व में हुई हानि की भरपाई में ही बीतेगा। दिन के आरंभ से मध्यान तक परिश्रम में कमी नही रखेंगे फिर भी कुछ लाभ ना मिलने पर क्रोध आएगा। जिससे सहयोग की उम्मीद रखेंगे वही अंत समय में टालमटोल करेगा। किसी अन्य के ऊपर निर्भर ना रहे अन्यथा निराश ही होना पड़ेगा। कार्य व्यवसाय की स्थिति डांवाडोल रहेगी। लाभ के सौदे हाथ लगेंगे लेकिन किसी ना किसी कमी के कारण आज इनका फायदा नही उठा सकेंगे। पारिवारिक वातावरण भी अस्त व्यस्त रहेगा। महिलाए सारा बोझ अपने ऊपर आने से चिड़चिड़ी रहेंगी
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज का दिन विविध समस्याए खड़ी होंगी। जिस कार्य को सुधारने पर जोर देंगे उसे छोड़ अन्य बिगड़ेगा इसी आपाधापी में मानसिक संतुलन खराब रहेगा। कार्य क्षेत्र पर व्यवसाय मंदा रहेगा मध्यान एवं संध्या का समय ही थोड़ा बहुत लाभ दिलायेगा इसके अतिरिक्त समय मे खाली दिमाग रहने के कारण उलजुलूल विचार आएंगे। पैतृक करणो से कोई न कोई समस्या लगी रहेगी अथवा पैतृक संसाधनों की कमी के कारण भाग्य को कोसेंगे। धर्म कर्म में निष्ठा कल की तुलना में कम रहेगी। परिजनों से भी बात बात पर टोका टाकी के कारण नाराजगी होगी। संध्या बाद राहत भरे समाचार मिलेंगे।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज का दिन बीते कल की तुलना में थोड़ा अस्त व्यस्त फिर भी लाभदायक ही रहेगा। दिन के आरंभ में जिस काम मे जुट जाएंगे उसे मध्यान तक पूर्ण करके ही दम लेंगे। भाग्य का साथ भी अन्य दिनों की तुलना में अधिक रहने से ज्यादा मशक्कत नही करनी पड़ेगी। लेकिन सभी सोचे कार्य भी पूर्ण करना सम्भव नही होगा एक आध में ही पूर्ण सफलता मिल सकेगी। धर्म कार्य परोपकार की भावना रहेगी लेकिन इसके लिये समय मुश्किल से ही निकलेगा। परिवार में आकस्मिक खर्च बढ़ने से असुविधा होगी फिर भी तालमेल बना लेंगे।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज का दिन दामपत्य जीवन एवं व्यावसायिक उलझनों की कठिनायों को लेकर परेशान रहेंगे। दिन का आरंभ किसी अशुभ समाचार अथवा कहासुनी से होगा इसका असर मध्यान तक बेचैन रखेगा। कार्य व्यवसाय में भी आज नियमितता नही रहेगी धन लाभ के लिये बाजार का मुह ताकना पड़ेगा लेदेकर जो होगा वही भी ना काफी। पिता के सहयोग से बिगड़े काम बन सकते है लेकिन किसी ना किसी कारण से पैतृक सुख की कमी रहेगी। परिवार में बीमारी के कारण उदासीनता आएगी। संध्या तक धर्य से काम लें इसके बाद स्थिति में सुधार आने लगेगा।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज का दिन मानसिक बेचैनी में बीतेगा। दिन के आरंभ से मध्यान तक मजबूरी में कहा सुनी के बाद ही काम के लिये तैयार होंगे बाद में जिस कार्य को करने लगेंगे उसी में तल्लीन हो जाएंगे। आज आप अन्य लोगो के सामने संतोषी होंने का दिखावा करेंगे लेकिन मन मे कुछ और ही लगा रहेगा। आर्थिक कारणों से मनकी इच्छा अधूरी रहेंगी। कार्य व्यवसाय में भी विचारे कार्य धनाभाव के चलते अधूरे रहेंगे। परिश्रम मध्यान तक व्यर्थ होता दिखेगा लेकिन संध्या बाद अकस्मात धन लाभ होने से राहत मिलेगी। आरोग्य मानसिक चिन्ता को छोड़ ठीक ही रहेगा।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज का दिन भी आशानुकूल रहेगा आज आपको पुराने कार्यो अथवा पुराने परिचितों के मार्गदर्शन से लाभ होगा। कार्य क्षेत्र अथवा प्रतियोगिता में उतारचढ़ाव के बाद भी अन्य प्रतिस्पर्धी की तुलना में आपको अधिक सफलता मिलेगी। धन लाभ के लिये अनैतिक मार्ग भी अपना सकते है। सरकार संबंधित कार्य खर्च करने के बाद ही पूर्ण होंगे। परिजन एवं बाहरी लोग आपकी व्यवहारिकता से प्रसन्न रहेंगे लेकिन अकस्मात क्रोध आने पर आस पास का वातावरण कुछ समय के लिये खराब भी होगा। संध्या बाद आत्म संतोष रहेगा।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज आपका मन व्यर्थ के कार्यो में रहने के कारण अपने उद्देश्य से भटक सकते है। बुद्धि विवेक रहने के बाद भी स्वार्थ सिद्धि के लिये निषेधात्मक कार्य करने से भी परहेज नही करेगे। व्यावसायिक क्षेत्र पर अधूरे कार्यो को पूर्ण करने में मध्यान निकल जायेगा धन लाभ के लिये जल्दबाजी करेंगे लेकिन होगा संध्या के आस-पास ही संध्या बाद अनुकूलता आने लगेगी अकस्मात धन लाभ होगा अथवा होनी की संभावना पक्की होगी। महिलाएं पैतृक बातों को बढ़ा चढ़ाकर पेश करेंगी। सर्दी जुखाम से सेहत नरम बनेगी।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज के दिन से आपको मिला जुला फल मिलेगा। दिन के आरंभ में चुस्ती रहेगी लेकिन कार्य केवल अपने स्वार्थ वाले ही करेंगे या अपनी पसंद के ही। कार्य व्यवसाय में आज अन्य दिनों की तुलना में अधिक परिश्रम करना पड़ेगा परन्तु लाभ आशा से कम मिलने की संभावना है धन लाभ व्यवहारिकता के बल पर ही काम चलाऊ होगा इसलिए जिद्दी स्वभाव से बचे। घर के सदस्य आपके व्यवहार से परेशान होंगे। सरकारी अथवा कागजी कार्य अधूरे रहेंगे व्यर्थ में समय बर्बाद ना करें। सेहत कुछ समय के लिये खराब होगी।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज का दिन भी प्रतिकूल फलदायी रहेगा। महिलाओं को आज बर्ताव में विशेष सावधान रहने की आवश्यकता है ईर्ष्यालु स्वभाव के कारण अन्य लोगो से दूरी बढ़ेगी। आज आपको राहदिखाने वाले भी नाराज होंगे। कार्य क्षेत्र पर धन संबंधित लेन देन के कारण कहासुनी होने की सम्भावना है। विरोधी प्रबल रहेंगे किसी परिजन से भी व्यवसाय संबंधित बात ना बताये अन्यथा नई मुसीबत खड़ी होगी। मध्यान बाद तक का समय व्यर्थ भागदौड़ में बीतेगा संध्या बाद विवेक जाग्रत होने पर थोड़ी राहत मिलेगी। धन लाभ की संभावना बहुत कम है।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज का दिन धन लाभ वाला है दिन के आरंभ से ही इसके प्राप्ती के लिये योजनाए बनाएंगे होगा अवश्य लेकिन थोड़े विलम्ब से एवं रोकना भी असंभव ही रहेगा आते ही जाने के रास्ते बना लेगा। कार्य व्यवसाय से कुछ समय के लिये ही लाभ मिल सकेगा अधिकांश समय खाली जाएगा। नौकरी वालो को भागदौड़ का आशाजनक परिणाम मिल सकेगा। विरोधी वर्ग शांत रहेंगे लेकिन सांध्य के आसपास किसी ना किसी से व्यर्थ की बातों पर तकरार होने की संभावना है। घर के बुजुर्ग एवं बच्चे एक मत रहेंगे। कामना पूर्ति ना होने पर क्रोध में अनाप शनाप बोलेंगे।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज का दिन मध्यम फलदायी रहेगा दिन के आरंभिक भाग में घरेलू व्यस्तता के चलते अन्य कामो में फेर बदल करना पड़ेगा। आज मध्यान तक का समय लगभग व्यर्थ में ही खराब होगा इसके बाद से संध्या तक कार्य व्यवसाय में अकस्मात तेजी आएगी। जोखिम वाले कार्यो अथवा जिन कमो को करने से डरेंगे उन्ही से लाभ की संभावना अधिक रहेगी। धन लाभ असमय होने पर अधिक महत्त्व नही रखेगा। विद्यार्थियो को अध्ययन अथवा प्रतियोगी परीक्षा में परेशानी आएगी। सेहत छोटी मोटी बातो को छोड़ सामान्य रहेगी।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज आपके ऊपर चंचलता हावी रहेगी। बोलने से पहले विचार करें अन्यथा अवश्य ही किसी न किसी से बिना बात का झगड़ा मोल लेंगे। कार्य क्षेत्र पर आज लाभ हानि की परवाह किये बिना जल्दबाजी एवं मनमर्जी से निर्णय लेंगे फिर भी आज धन लाभ अवश्य ही होगा लेकिन सहकर्मियों को परेशान करने के बाद ही। नौकरी वाले लोग भाग दौड़ के पक्ष में नही रहेंगे इस कारण अधिकारियो से कहा सुनी हो सकती है। परिजन आपके बिगड़े कार्यो को सुधारने में सहयोग करेंगे। ठंडी वस्तुओ से परहेज करें।
गिरिजापति एस्ट्रो पोइंट
ज्योतिष आचार्या मीत महाकाल महादेव
संपर्क सूत्र 7575091399
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज के दिन से आपको मिला जुला फल मिलेगा। दिन के आरंभ में चुस्ती रहेगी लेकिन कार्य केवल अपने स्वार्थ वाले ही करेंगे या अपनी पसंद के ही। कार्य व्यवसाय में आज अन्य दिनों की तुलना में अधिक परिश्रम करना पड़ेगा परन्तु लाभ आशा से कम मिलने की संभावना है धन लाभ व्यवहारिकता के बल पर ही काम चलाऊ होगा इसलिए जिद्दी स्वभाव से बचे। घर के सदस्य आपके व्यवहार से परेशान होंगे। सरकारी अथवा कागजी कार्य अधूरे रहेंगे व्यर्थ में समय बर्बाद ना करें। सेहत कुछ समय के लिये खराब होगी।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज का दिन भी प्रतिकूल फलदायी रहेगा। महिलाओं को आज बर्ताव में विशेष सावधान रहने की आवश्यकता है ईर्ष्यालु स्वभाव के कारण अन्य लोगो से दूरी बढ़ेगी। आज आपको राहदिखाने वाले भी नाराज होंगे। कार्य क्षेत्र पर धन संबंधित लेन देन के कारण कहासुनी होने की सम्भावना है। विरोधी प्रबल रहेंगे किसी परिजन से भी व्यवसाय संबंधित बात ना बताये अन्यथा नई मुसीबत खड़ी होगी। मध्यान बाद तक का समय व्यर्थ भागदौड़ में बीतेगा संध्या बाद विवेक जाग्रत होने पर थोड़ी राहत मिलेगी। धन लाभ की संभावना बहुत कम है।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज का दिन धन लाभ वाला है दिन के आरंभ से ही इसके प्राप्ती के लिये योजनाए बनाएंगे होगा अवश्य लेकिन थोड़े विलम्ब से एवं रोकना भी असंभव ही रहेगा आते ही जाने के रास्ते बना लेगा। कार्य व्यवसाय से कुछ समय के लिये ही लाभ मिल सकेगा अधिकांश समय खाली जाएगा। नौकरी वालो को भागदौड़ का आशाजनक परिणाम मिल सकेगा। विरोधी वर्ग शांत रहेंगे लेकिन सांध्य के आसपास किसी ना किसी से व्यर्थ की बातों पर तकरार होने की संभावना है। घर के बुजुर्ग एवं बच्चे एक मत रहेंगे। कामना पूर्ति ना होने पर क्रोध में अनाप शनाप बोलेंगे।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज का दिन मध्यम फलदायी रहेगा दिन के आरंभिक भाग में घरेलू व्यस्तता के चलते अन्य कामो में फेर बदल करना पड़ेगा। आज मध्यान तक का समय लगभग व्यर्थ में ही खराब होगा इसके बाद से संध्या तक कार्य व्यवसाय में अकस्मात तेजी आएगी। जोखिम वाले कार्यो अथवा जिन कमो को करने से डरेंगे उन्ही से लाभ की संभावना अधिक रहेगी। धन लाभ असमय होने पर अधिक महत्त्व नही रखेगा। विद्यार्थियो को अध्ययन अथवा प्रतियोगी परीक्षा में परेशानी आएगी। सेहत छोटी मोटी बातो को छोड़ सामान्य रहेगी।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज आपके ऊपर चंचलता हावी रहेगी। बोलने से पहले विचार करें अन्यथा अवश्य ही किसी न किसी से बिना बात का झगड़ा मोल लेंगे। कार्य क्षेत्र पर आज लाभ हानि की परवाह किये बिना जल्दबाजी एवं मनमर्जी से निर्णय लेंगे फिर भी आज धन लाभ अवश्य ही होगा लेकिन सहकर्मियों को परेशान करने के बाद ही। नौकरी वाले लोग भाग दौड़ के पक्ष में नही रहेंगे इस कारण अधिकारियो से कहा सुनी हो सकती है। परिजन आपके बिगड़े कार्यो को सुधारने में सहयोग करेंगे। ठंडी वस्तुओ से परहेज करें।
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🌞 *~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🌤️ *दिनांक - 14 अगस्त 2025*
🌤️ *दिन - गुरूवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास - भाद्रपद ( गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार श्रावण)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - षष्ठी 15 अगस्त रात्रि 02:07 तक तत्पश्चात सप्तमी*
🌤️ *नक्षत्र - रेवती सुबह 09:06 तक तत्पश्चात अश्वनी*
🌤️ *योग - शूल दोपहर 01:12 तक तत्पश्चात गण्ड*
🌤️ *राहुकाल - दोपहर 02:20 से शाम 03:56 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:18*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:08*
👉 *दिशाशूल - दक्षिण दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण - रांधन षष्ठी,पंचक (समाप्त : सुबह 09:06 तक*
💥 *विशेष - *षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
🌞~*वैदिक हिन्दू पंचांग* ~🌞
🌷 *कृष्ण नाम के उच्चारण का फल* 🌷
➡ *15 अगस्त 2025 शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (स्मार्त) एवं 16 अगस्त 2025 शनिवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (भागवत)*
🙏🏻 *ब्रह्मवैवर्तपुराण के अनुसार*
*नाम्नां सहस्रं दिव्यानां त्रिरावृत्त्या चयत्फलम् ।।*
*एकावृत्त्या तु कृष्णस्य तत्फलं लभते नरः । कृष्णनाम्नः परं नाम न भूतं न भविष्यति ।।*
*सर्वेभ्यश्च परं नाम कृष्णेति वैदिका विदुः । कृष्ण कृष्णोति हे गोपि यस्तं स्मरति नित्यशः ।।*
*जलं भित्त्वा यथा पद्मं नरकादुद्धरेच्च सः । कृष्णेति मङ्गलं नाम यस्य वाचि प्रवर्तते ।।*
*भस्मीभवन्ति सद्यस्तु महापातककोटयः ।* *अश्वमेधसहस्रेभ्यः फलं कृष्णजपस्य च ।।*
*वरं तेभ्यः पुनर्जन्म नातो भक्तपुनर्भवः । सर्वेषामपि यज्ञानां लक्षाणि च व्रतानि च ।।*
*तीर्थस्नानानि सर्वाणि तपांस्यनशनानि च ।* *वेदपाठसहस्राणि प्रादक्षिण्यं भुवः शतम् ।।*
*कृष्णनामजपस्यास्य कलां नार्हन्ति षोडशीम् । (ब्रह्मवैवर्तपुराणम्, अध्यायः-१११)*
🙏🏻 *विष्णुजी के सहस्र दिव्य नामों की तीन आवृत्ति करने से जो फल प्राप्त होता है; वह फल ‘कृष्ण’ नाम की एक आवृत्ति से ही मनुष्य को सुलभ हो जाता है। वैदिकों का कथन है कि ‘कृष्ण’ नाम से बढ़कर दूसरा नाम न हुआ है, न होगा। ‘कृष्ण’ नाम सभी नामों से परे है। हे गोपी! जो मनुष्य ‘कृष्ण-कृष्ण’ यों कहते हुए नित्य उनका स्मरण करता है; उसका उसी प्रकार नरक से उद्धार हो जाता है, जैसे कमल जल का भेदन करके ऊपर निकल आता है। ‘कृष्ण’ ऐसा मंगल नाम जिसकी वाणी में वर्तमान रहता है, उसके करोड़ों महापातक तुरंत ही भस्म हो जाते हैं। ‘कृष्ण’ नाम-जप का फल सहस्रों अश्वमेघ-यज्ञों के फल से भी श्रेष्ठ है; क्योंकि उनसे पुनर्जन्म की प्राप्ति होती है; परंतु नाम-जप से भक्त आवागमन से मुक्त हो जाता है। समस्त यज्ञ, लाखों व्रत तीर्थस्नान, सभी प्रकार के तप, उपवास, सहस्रों वेदपाठ, सैकड़ों बार पृथ्वी की प्रदक्षिणा- ये सभी इस ‘कृष्णनाम’- जप की सोलहवीं कला की समानता नहीं कर सकते*
🌷 *ब्रह्माण्डपुराण, मध्यम भाग, अध्याय 36 में कहा गया है :*
*महस्रनाम्नां पुण्यानां त्रिरावृत्त्या तु यत्फलम् ।*
*एकावृत्त्या तु कृष्णस्य नामैकं तत्प्रयच्छति ॥१९॥*
🙏🏻 *विष्णु के तीन हजार पवित्र नाम (विष्णुसहस्त्रनाम) जप के द्वारा प्राप्त परिणाम ( पुण्य ), केवलएक बार कृष्ण के पवित्र नाम जप के द्वारा प्राप्त किया जा सकता है ।*
गिरिजापति एस्ट्रो पोइंट
ज्योतिष आचार्या मीत महाकाल महादेव
संपर्क सूत्र 7575091399
🌞~*वैदिक हिन्दू पंचांग* ~🌞
🌤️ *दिनांक - 14 अगस्त 2025*
🌤️ *दिन - गुरूवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास - भाद्रपद ( गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार श्रावण)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - षष्ठी 15 अगस्त रात्रि 02:07 तक तत्पश्चात सप्तमी*
🌤️ *नक्षत्र - रेवती सुबह 09:06 तक तत्पश्चात अश्वनी*
🌤️ *योग - शूल दोपहर 01:12 तक तत्पश्चात गण्ड*
🌤️ *राहुकाल - दोपहर 02:20 से शाम 03:56 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:18*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:08*
👉 *दिशाशूल - दक्षिण दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण - रांधन षष्ठी,पंचक (समाप्त : सुबह 09:06 तक*
💥 *विशेष - *षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
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🌷 *कृष्ण नाम के उच्चारण का फल* 🌷
➡ *15 अगस्त 2025 शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (स्मार्त) एवं 16 अगस्त 2025 शनिवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (भागवत)*
🙏🏻 *ब्रह्मवैवर्तपुराण के अनुसार*
*नाम्नां सहस्रं दिव्यानां त्रिरावृत्त्या चयत्फलम् ।।*
*एकावृत्त्या तु कृष्णस्य तत्फलं लभते नरः । कृष्णनाम्नः परं नाम न भूतं न भविष्यति ।।*
*सर्वेभ्यश्च परं नाम कृष्णेति वैदिका विदुः । कृष्ण कृष्णोति हे गोपि यस्तं स्मरति नित्यशः ।।*
*जलं भित्त्वा यथा पद्मं नरकादुद्धरेच्च सः । कृष्णेति मङ्गलं नाम यस्य वाचि प्रवर्तते ।।*
*भस्मीभवन्ति सद्यस्तु महापातककोटयः ।* *अश्वमेधसहस्रेभ्यः फलं कृष्णजपस्य च ।।*
*वरं तेभ्यः पुनर्जन्म नातो भक्तपुनर्भवः । सर्वेषामपि यज्ञानां लक्षाणि च व्रतानि च ।।*
*तीर्थस्नानानि सर्वाणि तपांस्यनशनानि च ।* *वेदपाठसहस्राणि प्रादक्षिण्यं भुवः शतम् ।।*
*कृष्णनामजपस्यास्य कलां नार्हन्ति षोडशीम् । (ब्रह्मवैवर्तपुराणम्, अध्यायः-१११)*
🙏🏻 *विष्णुजी के सहस्र दिव्य नामों की तीन आवृत्ति करने से जो फल प्राप्त होता है; वह फल ‘कृष्ण’ नाम की एक आवृत्ति से ही मनुष्य को सुलभ हो जाता है। वैदिकों का कथन है कि ‘कृष्ण’ नाम से बढ़कर दूसरा नाम न हुआ है, न होगा। ‘कृष्ण’ नाम सभी नामों से परे है। हे गोपी! जो मनुष्य ‘कृष्ण-कृष्ण’ यों कहते हुए नित्य उनका स्मरण करता है; उसका उसी प्रकार नरक से उद्धार हो जाता है, जैसे कमल जल का भेदन करके ऊपर निकल आता है। ‘कृष्ण’ ऐसा मंगल नाम जिसकी वाणी में वर्तमान रहता है, उसके करोड़ों महापातक तुरंत ही भस्म हो जाते हैं। ‘कृष्ण’ नाम-जप का फल सहस्रों अश्वमेघ-यज्ञों के फल से भी श्रेष्ठ है; क्योंकि उनसे पुनर्जन्म की प्राप्ति होती है; परंतु नाम-जप से भक्त आवागमन से मुक्त हो जाता है। समस्त यज्ञ, लाखों व्रत तीर्थस्नान, सभी प्रकार के तप, उपवास, सहस्रों वेदपाठ, सैकड़ों बार पृथ्वी की प्रदक्षिणा- ये सभी इस ‘कृष्णनाम’- जप की सोलहवीं कला की समानता नहीं कर सकते*
🌷 *ब्रह्माण्डपुराण, मध्यम भाग, अध्याय 36 में कहा गया है :*
*महस्रनाम्नां पुण्यानां त्रिरावृत्त्या तु यत्फलम् ।*
*एकावृत्त्या तु कृष्णस्य नामैकं तत्प्रयच्छति ॥१९॥*
🙏🏻 *विष्णु के तीन हजार पवित्र नाम (विष्णुसहस्त्रनाम) जप के द्वारा प्राप्त परिणाम ( पुण्य ), केवलएक बार कृष्ण के पवित्र नाम जप के द्वारा प्राप्त किया जा सकता है ।*
गिरिजापति एस्ट्रो पोइंट
ज्योतिष आचार्या मीत महाकाल महादेव
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🌞~*वैदिक हिन्दू पंचांग* ~🌞
तलाक होने के बाद पति कोर्ट से निकल कर ऑटो मे बैठा तो तलाकसुदा पत्नी रौनक भी उसी ऑटो मे बैठ गई। उदास पति ने एक कातर दृष्टि से दस साल साथ रही पत्नी रौनक की तरफ देखा " वह बुझी मुस्कान के साथ बोली " बस अड्डे तक आखरी सफर आपके साथ करना चाहती हूँ।" पति बोला " एलिमनी की रकम दो से तीन महीने मे दे दूंगा। घर बेच दूंगा। तेरे लिए बनाया था। तु ही जिंदगी मे नही रही तो घर का क्या करूँगा। "रौनक जल्दबाजी मे बोली " घर मत बेचना। मुझे पैसे नही चाहिए। प्राइवेट जॉब करने लगी हूँ मेरा और मुन्ने का गुजारा हो जाता है। " अचानक ऑटो वाले ने ब्रेक मारे तो पत्नी रौनक का मुँह सामने की रेलिंग से टकराने वाला था कि पति ने झटके से उसकी बांह पकड़ कर रोक लिया। वह पति की आँखों मे देखते हुए भरी आँखों से बोली " अलग हो गए मगर परवाह करने की आदत नही गई आपकी। " वह कुछ नही बोला। मगर वह रोने लगी। रोते रोते बोली " एक बात पूछूँ? " वह नजर उठा कर बोला "क्या? " वह धीरे से बोली " दो साल हो गए अलग रहते हुए " मेरी याद आती थी क्या? " वह बोला " अब बताने से भी क्या फायदा? अब तो सब कुछ खत्म हो गया न? तलाक हो चुका है।" रौनक बोली " दो सालों मुझे वो एक बार भी वो नींद नही आई जो आपके हाथ का तकिया बना कर सोने से आती थी। कह कर वह फफक पड़ी। बस अड्डा आ गया था। दोनों ऑटो से उतरे तो पति ने उसका हाथ पकड़ लिया। काफी दिनों बाद पति का स्पर्स कलाई पर महसूस हुआ तो वह भावुक हो गई। पति बोला " चलो अपने घर चलते हैं। " इतना सुनते ही रौनक बोली " तलाक के कागजों का क्या होगा? " पति बोला " फाड़ देंगे। इतना सुनते ही वह दहाड़ मार कर पति के गले से चिपट गई। पीछे पीछे दूसरे ऑटो मे आ रहे पति पत्नी के रिश्तेदार उनको इस हालत मे देखकर चुपचाप बस मे बैठकर चले गए।💯😊🙏✍️
रिश्तों को रिश्तेदारो पर मत छोड़ो, खुद निर्णय लेओ, आपस मे बात करो, अपनी गलती हो तो स्वीकार करो।
रिश्तों को रिश्तेदारो पर मत छोड़ो, खुद निर्णय लेओ, आपस मे बात करो, अपनी गलती हो तो स्वीकार करो।
❤4
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️ *दिनांक - 15 अगस्त 2025*
🌤️ *दिन - शुक्रवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास - भाद्रपद ( गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार श्रावण)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - सप्तमी रात्रि 11:49 तक तत्पश्चात अष्टमी*
🌤️ *नक्षत्र - अश्विनी सुबह 07:36 तक तत्पश्चात भरणी*
🌤️ *योग - गण्ड सुबह 10:17 तक तत्पश्चात वृद्धि*
🌤️ *राहुकाल - सुबह 11:07 से दोपहर 12:43 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:18*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:07*
👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण - शीतला सप्तमी,,स्वतंत्रता दिवस*
💥 *विशेष - सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है तथा शरीर का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
🌞~*वैदिक पंचांग* ~🌞
👉🏻 *श्रीकृष्ण जन्माष्टमी विशेष*
🌷 *जन्माष्टमी व्रत की महिमा* 🌷
➡ * श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (स्मार्त) एवं 16 अगस्त 2025 शनिवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (भागवत)*
➡ *१] भगवान श्रीकृष्ण युधिष्ठिरजी को कहते हैं : “२० करोड़ एकादशी व्रतों के समान अकेला श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व्रत हैं |”*
➡ *२] धर्मराज सावित्री से कहते हैं : “ भारतवर्ष में रहनेवाला जो प्राणी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का व्रत करता है वह १०० जन्मों के पापों से मुक्त हो जाता है |”*🙏🏻
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *चार रात्रियाँ विशेष पुण्य प्रदान करनेवाली हैं*
🙏 *१ )दिवाली की रात २) महाशिवरात्रि की रात ३) होली की रात और ४) कृष्ण जन्माष्टमी की रात इन विशेष रात्रियों का जप, तप , जागरण बहुत बहुत पुण्य प्रदायक है |*
🙏 *श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की रात्रि को मोहरात्रि कहा जाता है। इस रात में योगेश्वर श्रीकृष्ण का ध्यान,नाम अथवा मन्त्र जपते हुए जागने से संसार की मोह-माया से मुक्ति मिलती है। जन्माष्टमी का व्रत व्रतराज है। इस व्रत का पालन करना चाहिए।*
🙏 *(शिवपुराण, कोटिरूद्र संहिता अ. 37)*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *जन्माष्टमी व्रत-उपवास की महिमा* 🌷
🙏🏻 *जन्माष्टमी का व्रत रखना चाहिए, बड़ा लाभ होता है ।इससे सात जन्मों के पाप-ताप मिटते हैं ।*
🙏🏻 *जन्माष्टमी एक तो उत्सव है, दूसरा महान पर्व है, तीसरा महान व्रत-उपवास और पावन दिन भी है।*
🙏🏻 *‘वायु पुराण’ में और कई ग्रंथों में जन्माष्टमी के दिन की महिमा लिखी है। ‘जो जन्माष्टमी की रात्रि को उत्सव के पहले अन्न खाता है, भोजन कर लेता है वह नराधम है’ - ऐसा भी लिखा है, और जो उपवास करता है, जप-ध्यान करके उत्सव मना के फिर खाता है, वह अपने कुल की 21 पीढ़ियाँ तार लेता है और वह मनुष्य परमात्मा को साकार रूप में अथवा निराकार तत्त्व में पाने में सक्षमता की तरफ बहुत आगे बढ़ जाता है । इसका मतलब यह नहीं कि व्रत की महिमा सुनकर मधुमेह वाले या कमजोर लोग भी पूरा व्रत रखें ।*
💥 *बालक, अति कमजोर तथा बूढ़े लोग अनुकूलता के अनुसार थोड़ा फल आदि खायें ।*
🙏🏻 *जन्माष्टमी के दिन किया हुआ जप अनंत गुना फल देता है ।*
🙏🏻 *उसमें भी जन्माष्टमी की पूरी रात जागरण करके जप-ध्यान का विशेष महत्त्व है। जिसको क्लीं कृष्णाय नमः मंत्र का और अपने गुरु मंत्र का थोड़ा जप करने को भी मिल जाय, उसके त्रिताप नष्ट होने में देर नहीं लगती ।*
🙏🏻 *‘भविष्य पुराण’ के अनुसार जन्माष्टमी का व्रत संसार में सुख-शांति और प्राणीवर्ग को रोगरहित जीवन देनेवाला, अकाल मृत्यु को टालनेवाला, गर्भपात के कष्टों से बचानेवाला तथा दुर्भाग्य और कलह को दूर भगानेवाला होता है।*
📒 *वैदिक पंचांग प्रकाशित स्थल ~ (गुजरात)*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🙏🍀🌷🌻🌺🌸🌹🍁🙏
🌤️ *दिनांक - 15 अगस्त 2025*
🌤️ *दिन - शुक्रवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास - भाद्रपद ( गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार श्रावण)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - सप्तमी रात्रि 11:49 तक तत्पश्चात अष्टमी*
🌤️ *नक्षत्र - अश्विनी सुबह 07:36 तक तत्पश्चात भरणी*
🌤️ *योग - गण्ड सुबह 10:17 तक तत्पश्चात वृद्धि*
🌤️ *राहुकाल - सुबह 11:07 से दोपहर 12:43 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:18*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:07*
👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण - शीतला सप्तमी,,स्वतंत्रता दिवस*
💥 *विशेष - सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है तथा शरीर का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
🌞~*वैदिक पंचांग* ~🌞
👉🏻 *श्रीकृष्ण जन्माष्टमी विशेष*
🌷 *जन्माष्टमी व्रत की महिमा* 🌷
➡ * श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (स्मार्त) एवं 16 अगस्त 2025 शनिवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (भागवत)*
➡ *१] भगवान श्रीकृष्ण युधिष्ठिरजी को कहते हैं : “२० करोड़ एकादशी व्रतों के समान अकेला श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व्रत हैं |”*
➡ *२] धर्मराज सावित्री से कहते हैं : “ भारतवर्ष में रहनेवाला जो प्राणी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का व्रत करता है वह १०० जन्मों के पापों से मुक्त हो जाता है |”*🙏🏻
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *चार रात्रियाँ विशेष पुण्य प्रदान करनेवाली हैं*
🙏 *१ )दिवाली की रात २) महाशिवरात्रि की रात ३) होली की रात और ४) कृष्ण जन्माष्टमी की रात इन विशेष रात्रियों का जप, तप , जागरण बहुत बहुत पुण्य प्रदायक है |*
🙏 *श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की रात्रि को मोहरात्रि कहा जाता है। इस रात में योगेश्वर श्रीकृष्ण का ध्यान,नाम अथवा मन्त्र जपते हुए जागने से संसार की मोह-माया से मुक्ति मिलती है। जन्माष्टमी का व्रत व्रतराज है। इस व्रत का पालन करना चाहिए।*
🙏 *(शिवपुराण, कोटिरूद्र संहिता अ. 37)*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *जन्माष्टमी व्रत-उपवास की महिमा* 🌷
🙏🏻 *जन्माष्टमी का व्रत रखना चाहिए, बड़ा लाभ होता है ।इससे सात जन्मों के पाप-ताप मिटते हैं ।*
🙏🏻 *जन्माष्टमी एक तो उत्सव है, दूसरा महान पर्व है, तीसरा महान व्रत-उपवास और पावन दिन भी है।*
🙏🏻 *‘वायु पुराण’ में और कई ग्रंथों में जन्माष्टमी के दिन की महिमा लिखी है। ‘जो जन्माष्टमी की रात्रि को उत्सव के पहले अन्न खाता है, भोजन कर लेता है वह नराधम है’ - ऐसा भी लिखा है, और जो उपवास करता है, जप-ध्यान करके उत्सव मना के फिर खाता है, वह अपने कुल की 21 पीढ़ियाँ तार लेता है और वह मनुष्य परमात्मा को साकार रूप में अथवा निराकार तत्त्व में पाने में सक्षमता की तरफ बहुत आगे बढ़ जाता है । इसका मतलब यह नहीं कि व्रत की महिमा सुनकर मधुमेह वाले या कमजोर लोग भी पूरा व्रत रखें ।*
💥 *बालक, अति कमजोर तथा बूढ़े लोग अनुकूलता के अनुसार थोड़ा फल आदि खायें ।*
🙏🏻 *जन्माष्टमी के दिन किया हुआ जप अनंत गुना फल देता है ।*
🙏🏻 *उसमें भी जन्माष्टमी की पूरी रात जागरण करके जप-ध्यान का विशेष महत्त्व है। जिसको क्लीं कृष्णाय नमः मंत्र का और अपने गुरु मंत्र का थोड़ा जप करने को भी मिल जाय, उसके त्रिताप नष्ट होने में देर नहीं लगती ।*
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