बदलते भारत की छवी
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भारत में जो वर्तमान समय कि स्थिति प्रस्थिति हैं उसने बाहर निकलना है

काले अंग्रेजों से मातृ भूमि के मुक्त और गौ हत्या का विरोध करना है
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. * 🕉️ *
*🌞 सुप्रभातम 🌞*
*आज का पञ्चांग*

*दिनाँक:-24/09/2925,बुधवार*
*तृतीया, शुक्ल पक्ष,*
*आश्विन*
(समाप्ति काल)

तिथि-------------- तृतीया अहोरात्र. तक
पक्ष-------------------------- शुक्ल
नक्षत्र------------- चित्रा 16:15:45
योग--------------- ऐन्द्र 21:01:37
करण------------- तैतुल 17:56:18
वार------------------------- बुधवार
माह----------------------- आश्विन
चन्द्र राशि-------------------- तुला
सूर्य राशि------------------ कन्या
रितु--------------------------- शरद
आयन------------------ दक्षिणायण
संवत्सर------------------- विश्वावसु
संवत्सर (उत्तर) --------------सिद्धार्थी
विक्रम संवत---------------- 2082
गुजराती संवत-------------- 2081
शक संवत------------------ 1947
कलि संवत------------------ 5126
सूर्योदय---------------- 06:09:43
सूर्यास्त----------------- 18:12:11
दिन काल-------------- 12:02:28
रात्री काल---------------11:57:59
चंद्रोदय----------------- 08:09:48
चंद्रास्त----------------- 19:26:31
लग्न ---- कन्या 7°1' , 157°1
सूर्य नक्षत्र----------- उत्तराफाल्गुनी
चन्द्र नक्षत्र-------------------- चित्रा
नक्षत्र पाया------------------- रजत

*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*

रा---- चित्रा 09:34:54

री---- चित्रा 16:15:45

रू---- स्वाति 22:57:34

रे---- स्वाति 29:40:15

*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= कन्या 07°49 , उoफाo 4 पी
चन्द्र= तुला 01°30 , चित्रा 3 रा
बुध = कन्या 15°52 ' हस्त 2 ष
शु क्र= सिंह 11°05, मघा , 4 मे
मंगल= तुला 06°30 ' स्वाति 1 रू
गुरु=मिथुन 27°30 पुनर्वसु, 3 हा
शनि=मीन 04°08 ' उ o भा o , 1 दू
राहू=(व) कुम्भ 23°15 पू o भा o, 2 सो
केतु= (व) सिंह 23°15 पूoफा o 4 टू
============================

*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

राहू काल 12:11 - 13:41 अशुभ
यम घंटा 07:40 - 09:10 अशुभ
गुली काल 10:41 - 12:11 अशुभ
अभिजित 11:47 - 12:35 अशुभ
दूर मुहूर्त 11:47 - 12:35 अशुभ
वर्ज्यम 22:31 - 24:18* अशुभ
प्रदोष 18:12 - 20:38 शुभ

💮चोघडिया, दिन

लाभ 06:10 - 07:40 शुभ
अमृत 07:40 - 09:10 शुभ
काल 09:10 10:41 अशुभ
शुभ 10:41 12:11 शुभ
रोग 12:11 - 13:41 अशुभ
उद्वेग 13:41 - 15:12 अशुभ
चर 15:12 16:42 शुभ
लाभ 16:42 18:12 शुभ

🚩चोघडिया, रात

उद्वेग 18:12 - 19:42 अशुभ
शुभ 19:42 - 21:12 शुभ
अमृत 21:12 22:41 शुभ
चर 22:41 - 24:11* शुभ
रोग 24:11* - 25:41* अशुभ
काल 25:41*27:11* अशुभ
लाभ 27:11* - 28:40* शुभ
उद्वेग 28:40* - 30:10* अशुभ

💮होरा, दिन

बुध 06:10- 07:10
चन्द्र 07:10 -08:10
शनि 08:10- 09:10
बृहस्पति 09:10- 10:11
मंगल 10:11-11 :11
सूर्य 11:11- 12:11
शुक्र 12:11- 13:11
बुध 13:11 14:11
चन्द्र 14:11- 15:12
शनि 15:12 -16:12
बृहस्पति 16:12 -17:12
मंगल 17:12 -18:12

🚩होरा, रात

सूर्य 18:12- 19:12
शुक्र 19:12 -20:12
बुध 20:12 -21:12
चन्द्र 21:12- 22:12
शनि 22:12- 23:11
बृहस्पति 23:11- 24:11
मंगल 24:11-25:11
सूर्य 25:11-26:11
शुक्र 26:11'27:11
बुध 27:11-28:11
चन्द्र 28:11-29:10
शनि 29:10-30:10

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*

कन्या > 05:42 से 07:58 तक
तुला > 07:58 से 10:14 तक
वृश्चिक > 10:14 से 12:30 तक
धनु > 12:30 से 14:38 तक
मकर > 14:38 से 16:18 तक
कुम्भ > 16:18 से 17:50 तक
मीन > 17:50 से 19:20 तक
मेष > 19:20 से 20:50 तक
वृषभ > 20:50 से 22:44 तक
मिथुन > 22:44 से 01:12 तक
कर्क > 01:12 से 03: 26 तक
सिंह > 03:26 से 06:40 तक
=======================

*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान------------- उत्तर*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो पान अथवा पिस्ता खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

3 + 4 + 1 = 8 ÷ 4 = 0 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

सूर्य ग्रह मुखहुति

*💮 शिव वास एवं फल -:*

3 + 3 + 5 = 11 ÷ 7 = 4 शेष

सभायां = सन्ताप कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

*नवरात्रि तृतीय दिवस चंद्रघंटा पूजन*


*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*

बह्वाशी स्वल्पसन्तुष्टः सनिद्रो लघुचेतनः ।
स्वामिभक्तश्च शूरश्च षडेतो श्वानतोगुणाः ।।
।।चाo नीo।।

कुत्ते से ये बाते सीखे १. बहुत भूख हो पर खाने को कुछ ना मिले या कम मिले तो भी संतोष करे. २. गाढ़ी नींद में हो तो भी क्षण में उठ जाए. ३. अपने स्वामी के प्रति बेहिचक इमानदारी रखे ४.

*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*

गीता -: सांख्ययोग - अo-2

मात्रास्पर्शास्तु कौन्तेय शीतोष्णसुखदुःखदाः।
आगमापायिनोऽनित्यास्तांस्तितिक्षस्व भारत॥

हे कुंतीपुत्र! सर्दी-गर्मी और सुख-दुःख को देने वाले इन्द्रिय और विषयों के संयोग तो उत्पत्ति-विनाशशील और अनित्य हैं, इसलिए हे भारत! उनको तू सहन कर
॥14॥

*💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮*

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
पुराने संगी-साथी व रिश्तेदारों से मुलाकात होगी। नए मित्र बनेंगे। अच्‍छी खबर मिलेगी। प्रसन्नता रहेगी। कार्यों में गति आएगी। विवेक का प्रयोग करें। लाभ में वृद्धि होगी। मित्रों के सहयोग से किसी बड़ी समस्या का हल मिलेगा। व्यापार ठीक चलेगा। घर-बाहर सुख-शांति रहेगी।

🐂वृष
मेहनत सफल रहेगी। बिगड़े काम बनेंगे। कार्यसिद्धि से प्रसन्नता रहेगी। आय में वृद्धि होगी। सामाजिक कार्य करने के अवसर मिलेंगे। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। समय की अनुकूलता का लाभ लें। धनार्जन होगा।

👫मिथुन
लेन-देन में सावधानी रखें। किसी भी अपरिचित व्यक्ति पर अंधविश्वास न करें। शोक संदेश मिल सकता है। विवाद को बढ़ावा न दें। किसी के उकसाने में न आएं। व्यस्तता रहेगी। थकान व कमजोरी रहेगी। काम में मन नहीं लगेगा। आय में निश्चितता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा।

🦀कर्क
मेहनत का फल पूरा नहीं मिलेगा। स्वास्थ्य खराब हो सकता है। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन मिल सकता है। यात्रा मनोरंजक रहेगी। पारिवारिक मांगलिक कार्य हो सकता है। नौकरी में अधिकार बढ़ सकते हैं। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे।

🐅सिंह
संपत्ति के बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। प्रॉपर्टी ब्रोकर्स के लिए सुनहरा मौका साबित हो सकता है। भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। रोजगार में वृद्धि के योग हैं। स्वास्थ्‍य कमजोर रहेगा। आय में वृद्धि होगी। व्यस्तता रहेगी। मित्रों की सहायता कर पाएंगे।

🙍‍♀️कन्या
शत्रुओं का पराभव होगा। राजकीय सहयोग प्राप्त होगा। वैवाहिक प्रस्ताव प्राप्त हो सकता है। कारोबार से लाभ होगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। कोई बड़ा कार्य करने की योजना बन सकती है। कार्यसिद्धि होगी। सुख के साधनों पर व्यय होगा। प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें।

⚖️तुला
वाहन, मशीनरी व अग्नि आदि के प्रयोग से हानि की आशंका है, सावधानी रखें। दूसरों के झगड़ों में हस्तक्षेप न करें। आवश्यक वस्तु समय पर नहीं मिलने से क्षोभ होगा। फालतू की बातों पर ध्यान न दें। व्यापार ठीक चलेगा। जोखिम व जमानत के कार्य बिलकुल न करें।
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🦂वृश्चिक
तीर्थदर्शन हो सकता है। सत्संग का लाभ मिलेगा। राजकीय सहयोग से कार्य पूर्ण व लाभदायक रहेंगे। कारोबार मनोनुकूल रहेगा। शेयर मार्केट में जोखिम न लें। नौकरी में चैन रहेगा। घर-बाहर प्रसन्नता बनी रहेगी। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। ध्यान रखें।

🏹धनु
आर्थिक उन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। कोई बड़ा कार्य कर पाएंगे। व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा। कार्य पूर्ण होंगे। प्रसन्नता रहेगी। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। जोखिम न लें। भाइयों का सहयोग मिलेगा। आय में वृद्धि होगी।

🐊मकर
बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। लंबी यात्रा हो सकती है। लाभ होगा। नए अनुबंध हो सकते हैं। रोजगार में वृद्धि होगी। रुके कार्य पूर्ण होंगे। प्रसन्नता रहेगी। नौकरी में उच्चाधिकारी की प्रसन्नता प्राप्त होगी। प्रशंसा मिलेगी। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। प्रमाद न करें।

🍯कुंभ
व्ययवृद्धि से तनाव रहेगा। किसी व्यक्ति के उकसावे में न आएं। विवाद से बचें। पारिवारिक चिंता बनी रहेगी। काम में मन नहीं लगेगा। व्यापार ठीक चलेगा। आय होगी। विवेक का प्रयोग करें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा।

🐟मीन
रोजगार में वृद्धि होगी। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। नवीन वस्त्राभूषण की प्राप्ति होगी। कोई बड़ा कार्य हो जाने से प्रसन्नता रहेगी। निवेश लाभदायक रहेगा। भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। विवाद से बचें। आवश्यक वस्तु गुम हो सकती है।

*🚩आपका दिन मंगलमय हो🚩*
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आप तथा आपके परिवार को बुधवार सुबह एवं नवरात्रि के तृतीय दिन की हार्दिक शुभकामनाएँ||

इस बार पंचांग के अनुसार ऐसा अद्भुत संयोग बन रहा है जब माँ चंद्रघंटा की पूजा लगातार दो दिनों तक की जाएगी। आमतौर पर नवरात्रि का तीसरा दिन माँ चंद्रघंटा को समर्पित होता है, लेकिन इस बार तिथि और नक्षत्रों के विशेष संयोग के कारण भक्तों को 24 और 25 सितंबर दोनों दिन माँ चंद्रघंंटा की आराधना का अवसर मिलेगा।

संयोग का कारण
2025 में नवरात्रि का तीसरा दिन तृतीया तिथि और चतुर्थी तिथि के संयोग में आ रहा है।
तिथि परिवर्तन की स्थिति के कारण श्रद्धालु 24 सितंबर को भी और 25 सितंबर को भी माँ चंद्रघंटा की पूजा कर सकेंगे।
यह संयोग अत्यंत दुर्लभ माना गया है और इसे शुभ फलदायी भी बताया गया है।
माँ चंद्रघंटा की महिमा
माँ चंद्रघंटा,माँ दुर्गा का तीसरा स्वरूप हैं।
इनके मस्तक पर अर्धचंद्र के आकार की घंटा सुशोभित है, जिससे इनका नाम चंद्रघंटा पड़ा।
यह रूप शौर्य, पराक्रम और शांति का प्रतीक है।
मान्यता है कि इनकी पूजा से भय और शत्रुओं का नाश होता है तथा जीवन में साहस और सफलता मिलती है।

पूजा विधि (24 और 25 सितंबर को)
प्रातः स्नान कर स्वच्छ पीले या सुनहरे वस्त्र धारण करें।
पूजन स्थल पर माँ चंद्रघंटा की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
धूप, दीप, पुष्प और अक्षत अर्पित करें।
शहद और दूध से बने भोग को माँ को अर्पित करना विशेष फलदायी है।
“#ॐ_देवी_चंद्रघंटायै_नमः”
मंत्र का जाप कम से कम 108 बार करें।
पूजन के अंत में आरती कर प्रसाद वितरण करें।
विशेष भोग
माँ चंद्रघंटा को शहद और दूध का भोग प्रिय है।
इसे अर्पित करने से जीवन में मधुरता, सुख और समृद्धि आती है।
पूजा के नियम
पूजा में सात्त्विकता और पूर्ण श्रद्धा का पालन करें।
पूजा के दौरान क्रोध, अपवित्र विचार और नकारात्मक ऊर्जा से दूर रहें।
इस दिन गरीब और जरूरतमंदों को दान देने से देवी की विशेष कृपा प्राप्त होती है॥
माँ चन्द्रघंटा वीज मंत्र
ऐं श्रीं शक्तयै नमः

प्रार्थना मंत्र
पिण्डज प्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकैर्युता
प्रसादं तनुते मह्यम् चन्द्रघण्टेति विश्रुता॥

स्तुति मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु माँ चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

[] माता चन्द्रघंटा एवं प्रभु गणेश जी की कृपा आप और आपके परिवार पर सदैव बनी रहे[]
॥ इस नवरात्रि माता रानी आपकी सभी समस्याओं को दूर कर आपको खुशियाँ प्रदान करें॥
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🌸 *नवरात्रि साधना से आत्मा और जीवन का शुद्धिकरण*

नवरात्रि केवल पूजा-पाठ का समय नहीं, बल्कि *साधना और आत्मशुद्धि का अवसर* है। इन नौ दिनों में व्यक्ति उपवास, जप, ध्यान और संयम से अपने मन और शरीर को अनुशासित करता है। साधना से *नकारात्मक विचार और अशुद्ध भावनाएँ* दूर होती हैं, और भीतर शांति, विश्वास व ऊर्जा का संचार होता है। देवी के नौ रूपों की आराधना से जीवन में *धैर्य, शक्ति, करुणा और विवेक* जैसे गुण विकसित होते हैं। साधना के ये दिन हमें याद दिलाते हैं कि *आंतरिक विजय ही बाहरी सफलता की कुंजी* है।

🌿 *नवरात्रि साधना आत्मिक उन्नति और जीवन संतुलन का माध्यम है*
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🌸 *नवरात्रि और स्त्री शक्ति का महत्व*

नवरात्रि केवल देवी की आराधना नहीं, बल्कि *स्त्री शक्ति के सम्मान और पहचान* का पर्व है। यह हमें याद दिलाती है कि सृष्टि का संतुलन तभी संभव है जब स्त्री का योगदान स्वीकारा और सराहा जाए। देवी दुर्गा के नौ रूप जीवन के अलग-अलग पहलुओं में *धैर्य, साहस, करुणा और विवेक* का संदेश देते हैं। यह पर्व हमें सिखाता है कि *स्त्री केवल परिवार की नहीं, बल्कि समाज और संस्कृति की धुरी है*। नवरात्रि मनाकर हम न केवल देवी का पूजन करते हैं, बल्कि स्त्री शक्ति का आदर भी करते हैं।

🌿 *नवरात्रि हमें स्त्री शक्ति के महत्व को जीने की प्रेरणा देती है*
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🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️ *दिनांक - 24 सितम्बर 2025*
🌤️ *दिन - बुधवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - शरद ॠतु*
🌤️ *मास - आश्विन*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - तृतीया पूर्ण रात्रि तक*
🌤️ *नक्षत्र - चित्रा शाम 04:16 तक तत्पश्चात स्वाती*
🌤️ *योग - इन्द्र रात्रि 09:03 तक तत्पश्चात वैधृति*
🌤️ *राहुकाल - दोपहर 12:30 से दोपहर 02:01 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:29*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:31*
👉 *दिशाशूल - उत्तर दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण - तृतीया वृद्धि तिथि*
💥 *विशेष - तृतीया को पर्वल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌞~*वैदिक पंचांग* ~🌞
🌷 *शारदीय नवरात्रि* 🌷
🙏🏻 *कष्टों से मुक्ति दिलाती हैं मां चंद्रघंटा*
*नवरात्रि की तृतीया तिथि यानी तीसरा दिन माता चंद्रघंटा को समर्पित है। यह शक्ति माता का शिवदूती स्वरूप है । इनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र है, इसी कारण इन्हें चंद्रघंटा देवी कहा जाता है। असुरों के साथ युद्ध में देवी चंद्रघंटा ने घंटे की टंकार से असुरों का नाश किया था। नवरात्रि के तृतीय दिन इनका पूजन किया जाता है। इनके पूजन से साधक को मणिपुर चक्र के जाग्रत होने वाली सिद्धियां स्वत: प्राप्त हो जाती हैं तथा सांसारिक कष्टों से मुक्ति मिलती है।*
🌷 *रोग, शोक दूर करती हैं मां कूष्मांडा* 🌷
*नवरात्रि की चतुर्थी तिथि की प्रमुख देवी मां कूष्मांडा हैं। देवी कूष्मांडा रोगों को तुरंत नष्ट करने वाली हैं। इनकी भक्ति करने वाले श्रद्धालु को धन-धान्य और संपदा के साथ-साथ अच्छा स्वास्थ्य भी प्राप्त होता है। मां दुर्गा के इस चतुर्थ रूप कूष्मांडा ने अपने उदर से अंड अर्थात ब्रह्मांड को उत्पन्न किया। इसी वजह से दुर्गा के इस स्वरूप का नाम कूष्मांडा पड़ा।*
🙏🏻 *मां कूष्मांडा के पूजन से हमारे शरीर का अनाहत चक्रजागृत होता है। इनकी उपासना से हमारे समस्त रोग व शोक दूर हो जाते हैं। साथ ही, भक्तों को आयु, यश, बल और आरोग्य के साथ-साथ सभी भौतिक और आध्यात्मिक सुख भी प्राप्त होते हैं।*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞

🌷 *शारदीय नवरात्रि* 🌷
*तृतीया तिथि यानी की तीसरे दिन को माता दुर्गा को दूध का भोग लगाएं ।इससे दुखों से मुक्ति मिलती है ।*
🙏🏻 *नवरात्रि के चौथे दिन यानी चतुर्थी तिथि को माता दुर्गा को मालपुआ का भोग लगाएं ।इससे समस्याओं का अंत होता है ।*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞

🌷 *नवरात्रि के दिनों में जप करने का मंत्र* 🌷
👉🏻 *नवरात्रि के दिनों में ' ॐ श्रीं ॐ ' का जप करें ।*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞

🌷 *विद्यार्थी के लिए* 🌷
🔥 *नवरात्रि के दिनों में खीर की २१ या ५१ आहुति गायत्री मंत्र बोलते हुए दें । इससे विद्यार्थी को बड़ा लाभ होगा।*
📒 *वैदिक पंचांग प्रकाशित स्थल ~ (गुजरात)*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻
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Forwarded from कैलाश के निवासी (Meett Meett)
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📸 श्री कुबेरेश्वर महादेव कुबेर भंडारी करनाली धाम
🌸 प्रातः श्रृंगार दर्शन
🌒 आश्विन शुक्ल तृतीया
🙏 नवरात्रि – विनायक चतुर्थी विशेष
📿 गुरुवार, 25 सितंबर 2025
🔱 कुबेरदादा के दिव्य श्रृंगार दर्शन से जीवन में सुख-समृद्धि और मंगल की प्राप्ति हो 🙏✨
ये हैं सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस "रोहिंटन नरीमन" इनके पूर्वज मुसलमानों से प्रताड़ित होकर ईरान से भागकर भारत में शरण लेने आए थे...

"रोहिंटन नरीमन" के पूर्वज ईरान के मूलनिवासी थे फारसी थे...

फिर जब ईरान में आतंकवादी मजहब ईस्लाम आया तब पारसियों पर इतना अत्याचार हुआ कि बहुत से भागकर अन्यत्र चले गए उन्ही में से नरिमन के परिवार व अन्य एक छोटी सी बोट कुछ पारसीयों के साथ बैठकर अपनी पवित्र अग्नि लेकर एक अनजान सफर पर निकल गए...

उन्हें पता ही नहीं था कि हम अनजान सफर पर कहाँ जा रहे हैं...

समुद्र की लहरों ने उनकी नाव को गुजरात के वलसाड जिले के सँजाण तट पर लाकर लगा दिया...

जिनमें कुल 22 पुरुष करीब 20 बच्चे और कुछ पारसी महिलाएं थी...

संजान के राजा अपने राज्य में इन्हें शरण नहीं देना चाहते थे क्योंकि उन्हें नहीं पता था कि यह लोग किस देश से आए हैं उनकी संस्कृति क्या है

लेकिन राजा ने सीधे मना नहीं कर सकते थे तो उन्होंने इनके मुखिया के पास दूध से भरा हुआ गिलास भेजा

फिर पारसी मुखिया ने उस दूध के गिलास में एक चम्मच चीनी डालकर राजा के पास भेज दिया यानी कि एक चम्मच चीनी डालने से दूध बाहर भी नहीं छलका और वह चीनी उस दूध में घुल मिल गया

यानी पारसी मुखिया ने यह संदेश दिया कि आप हमें इजाजत दीजिए हम यहां घुल मिलकर रहेंगे फिर राजा ने इन्हें न सिर्फ जगह दिया बल्कि उन्हें नवसारी वलसाड में काफी जमीन में भी दिया उसके बाद से पारसी समुदाय भारत में निर्बाध फला फूला

बड़े-बड़े व्यापारिक घराने "बिजनेस हाउस" इनका है टाटा, गोदरेज, वाडिया ये सब पारसी ही है

हिंदुओं ने पारसियों को न सिर्फ पूरी मदद की बल्कि उनको सहयोग भी दिया..

लेकिन इन ज़नाब रोहिंटन नरीमन ने कहा कि मैंने एक बच्चे की इतिहास की किताब देखी तो दंग रह गया...

उस किताब में अकबर को सिर्फ एक क्रूर तानाशाह और बड़े पैमाने पर लोगों को कत्ल कराने वाला बताया गया है। अकबर और मुगल वंश का क्या योगदान है, उसके बारे में सारी चीजें मिटा दी गई हैं। अब इतिहास की किताबों में उनके बारे में कोई जगह नहीं है।

उन्हें ये भी पता होना चाहिए कि ईरान के इतिहास में पारसियों का क्या योगदान रहा है...

और आज मौजूदा ईरान के इतिहास में पारसियों का कोई चैप्टर नहीं है कोई नाम लेवा भी शायद ही कोई है...

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श्री महाकाली माताजी कुबेर भंडारी करनाली धाम
🌺 प्रातः दर्शन
🌒 आश्विन शुक्ल तृतीया
🙏 नवरात्रि – विनायक चतुर्थी विशेष
📿 गुरुवार, 25 सितंबर 2025
✨ माँ महाकाली के दिव्य आशीर्वाद से जीवन में शक्ति, सुख और समृद्धि प्राप्त हो 🙏🌸
🚩🐅 शारदीय नवरात्र चतुर्थ दिवस 🐅🙏🏻
👣🐅 *जय माँ कुष्मांडा* 🐅👣

🙏🏻या देवी सर्वभूतेषु कुष्मांडा रुपेण संस्थिता।🌹
🙏🏻 नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ।।🌹

नवरात्रि के चौथे दिन माँ दुर्गा के चौथे स्वरूप देवी कुष्माण्डा की पूजा होती है। माँ के समस्त रूपों की तरह ये अवतार भी अति मनमोहक और सभी सुख प्रदान करने वाला है।

🙏🏻 सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च ।🌷👣
🙏🏻दधाना हस्तपद्याभ्यां कुष्मांडा शुभदास्तु में।।👣

देवी कुष्मांडा ही सृष्टि की आदि-स्वरूपा, आदि शक्ति हैं। जब सृष्टि का अस्तित्व नहीं था, तब इन्हीं देवी ने ब्रह्मांड की रचना की थी। शब्द कुष्माण्डा का संधि विच्छेद कुछ इस प्रकार है- कुसुम का अर्थ है फूलों के समान हंसी (मुस्कान) और आण्ड का अर्थ है ब्रह्माण्ड अर्थात वो देवी जिन्होंने अपनी मंद (फूलों) सी मुस्कान से सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड को अपने गर्भ से उत्पन्न किया है।

इनका निवास सूर्यमंडल के भीतर के लोक में है। वहाँ निवास कर सकने की क्षमता और शक्ति केवल इन्हीं में है। इनके शरीर की कांति और प्रभा भी सूर्य के समान ही दैदीप्यमान हैं।

इनके तेज और प्रकाश से दसों दिशाएँ प्रकाशित हो रही हैं। ब्रह्माण्ड की सभी वस्तुओं और प्राणियों में अवस्थित तेज इन्हीं की छाया है।

माँ कुष्माण्डा की उपासना से भक्तों के समस्त रोग-शोक मिट जाते हैं। इनकी आराधना करने से भक्तों को तेज, ज्ञान, प्रेम, उर्जा, वर्चस्व, आयु, यश, बल, आरोग्य प्राप्त होता है। इनको साधने से भक्तों के सभी प्रकार के रोग, शोक, पीड़ा, व्याधि शारीरिक कष्ट समाप्त होते हैं।

नवरात्र पूजन के चौथे दिन माँ कूष्माण्डा के पूजन, मंत्र जाप, ध्यान, स्तोत्र, कवच पाठ करने से सूर्य ग्रह से जुड़ी समस्त पीड़ाएं दूर हो जाती है। जिससे समस्त रोग नष्ट हो जाते हैं आयु, यश, बल और आरोग्य की वृद्धि होती है।मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा, लक्ष्मी की प्राप्ति होती है।

🚩माँ का स्वरूप...‼️

देवी कुष्मांडा की आठ भुजाएं हैं। इनके सात हाथों में क्रमशः कमण्डल, धनुष बाण, कमल-पुष्प, अमृतपूर्ण कलश, चक्र तथा गदा है। आठवें हाथ में सभी सिद्धियों और निधियों को देने वाली जपमाला है। ये बाघ की सवारी करती हुई अष्टभुजाधारी मस्तक पर रत्नजड़ित स्वर्ण मुकुट पहने उज्जवल स्वरूप दुर्गा हैं।

🚩ध्यान...‼️

वन्दे वांछित कामर्थे चन्द्रार्घकृत शेखराम्।
सिंहरूढा अष्टभुजा कुष्माण्डा यशस्वनीम्।।

भास्वर भानु निभां अनाहत स्थितां चतुर्थ दुर्गा त्रिनेत्राम्।
कमण्डलु चाप, बाण, पदमसुधाकलश चक्र गदा जपवटीधराम्।।

पटाम्बर परिधानां कमनीया कृदुहगस्या नानालंकार भूषिताम्।
मंजीर हार केयूर किंकिण रत्नकुण्डल मण्डिताम्।।

प्रफुल्ल वदनां नारू चिकुकां कांत कपोलां तुंग कूचाम्।
कोलांगी स्मेरमुखीं क्षीणकटि निम्ननाभि नितम्बनीम् ।।

🚩स्तोत्र......

दुर्गतिनाशिनी त्वंहि दारिद्रादि विनाशिनीम्।
जयंदा धनदां कूष्माण्डे प्रणमाम्यहम्।।

जगन्माता जगतकत्री जगदाधार रूपणीम्।
चराचरेश्वरी कूष्माण्डे प्रणमाम्यहम्।।

त्रैलोक्यसुंदरी त्वंहि दुरूख शोक निवारिणाम्।
परमानंदमयी कूष्माण्डे प्रणमाम्यहम्।।

🚩कवच.......

हसरै मे शिर: पातु कूष्माण्डे भवनाशिनीम्।
हसलकरीं नेत्रथ, हसरौश्च ललाटकम्।।

कौमारी पातु सर्वगात्रे वाराही उत्तरे तथा।
पूर्वे पातु वैष्णवी इन्द्राणी दक्षिणे मम।
दिग्दिध सर्वत्रैव कूं बीजं सर्वदावतु।।

भगवती कूष्माण्डा का ध्यान, स्तोत्र, कवच का पाठ करने से अनाहत चक्र जाग्रत हो जाता है, जिससे समस्त रोग नष्ट हो जाते हैं तथा आयु, यश, बल और आरोग्य की वृद्धि होती है।

🚩उपासना मंत्र...‼️

सुरासम्पूर्णकलशं रूधिराप्लुतमेव च।
दधाना हस्तपद्माभ्यां कुष्मांडा शुभदास्तुमे।।

या देवी सर्वभू‍तेषु माँ कुष्माण्डा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

🚩अर्थ...‼️

हे माँ! सर्वत्र विराजमान और कुष्माण्डा के रूप में प्रसिद्ध अम्बे, आपको मेरा बार-बार प्रणाम है। हे माँ, मुझे सब पापों से मुक्ति प्रदान करें।

प्रत्येक सर्वसाधारण के लिए आराधना योग्य यह मंत्र सरल और स्पष्ट है। माँ जगदम्बे की भक्ति पाने के लिए इसे कंठस्थ कर नवरात्रि में चतुर्थ दिन यथासम्भव इसका जाप करना चाहिए।

माँ कुष्मांडा आपकी सभी मनोकामना पूर्ण करें।👏

👣🐅।।जय माँ आदिशक्ति कुष्मांडा।।🐅👣
*🌞 🚩 । l ॐ l । 🚩 🌞*
🕉 ।। *श्री गणेशाय नमः* ।। 🕉
 *सुप्रभातम् स्नेह वंदनम्* 
🌐 *आज का पंचांग* 🌐

🙏🙏🙏 शारदीय नवरात्र 🙏🙏🙏

⛳ *तिथि*……( ०३ ) तृतीया ⛳️
🙏 विनायक चतुर्थी 🙏
🌺 मानाचतुर्थी ( उड़ीसा- बंगाल ) 🌺
🍀 भद्रा प्रारंभ रात्रि ०८ः१९ से 🍀
2️⃣5️⃣-0️⃣9️⃣-2⃣0⃣2️⃣5️⃣
🔔 *वार*……..गुरुवार 🔔
🦚 *नक्षत्र*…..स्वाति 🦚
🪔 *योग*……..वैधृति 🪔
✳️*करण*…….वणिज ✳️
🌅 *सूर्योदय* :-०६ः३० 🌅
🌌 *सूर्यास्त* :-०६ः३२ 🌌
🌓 *पक्ष*....………शुक्ल 🌓
🌝 *चन्द्र राशि*…. तुला 🌝
⏺️ *ऋतु*.......…..शरद ⏺️
🍀 *अयन*………दक्षिण 🍀
🪷 *मास*.……….आश्विन 🪷
🌻*कलियुगाब्द*….५१२७🌻
🌎 *विक्रम संवत्*.....२०८१ 🌎
⭐️ *शक संवत्*...... १९४७ ⭐️
🪻अभिजीत …..मध्याह्न १२ः१२ से १२ः५० तक 🪻
🌚 राहुकाल …..दोपहर ०२ः०१ से ०३ः३१ तक 🌚

💐*।। आपका दिन मंगलमय हो ।।* 💐

🌺🌺 कल २६-०९-२५ शुक्रवार 🌺🌺

🙏 ललिता पंचमी 🙏

🙏 🌹 *जय श्री कृष्ण* 🌹🙏
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