CGPSC & CgVyapam
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At just 23 years old, Charu Pandey from Tilda-Neora in Chhattisgarh has achieved an extraordinary feat by clearing 19 competitive examinations across multiple sectors. Her success includes prestigious exams such as SSC CGL, CHSL, MTS, GD, CPO, SBI PO, SBI Clerk, IBPS PO, IBPS Clerk, along with several railway and state-level recruitments, reflecting exceptional dedication and preparation.

Charu began her journey while still in college and balanced her studies by tutoring school students, an experience she credits for strengthening her understanding of key concepts. Her story highlights how consistency, discipline, and focused preparation can pave the way to success, inspiring countless aspirants across the country.

#CharuPandey #SuccessStory
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भारत में ब्रिटिश सत्ता के विस्तार की कहानी 1757 के Battle of Plassey से जुड़ी मानी जाती है। इस युद्ध में Robert Clive की सफलता ने भारत में East India Company के राजनीतिक प्रभाव को मजबूत आधार दिया।

हालांकि यह कहना पूरी तरह सही नहीं होगा कि रॉबर्ट क्लाइव भारत का पहला आधिकारिक ब्रिटिश शासक था। ब्रिटिश प्रशासनिक व्यवस्था को औपचारिक रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बाद में उठाए गए, जब कंपनी का प्रभाव लगातार बढ़ता गया।

1773 में पारित Regulating Act 1773 के बाद Warren Hastings को बंगाल का पहला गवर्नर-जनरल नियुक्त किया गया। उन्होंने राजस्व, न्याय और प्रशासन से जुड़े कई सुधार लागू किए, जिनसे ब्रिटिश शासन की संस्थागत संरचना मजबूत हुई।

हेस्टिंग्स के कार्यकाल में प्रशासनिक व्यवस्था अधिक संगठित हुई और कंपनी का नियंत्रण भारतीय क्षेत्रों पर बढ़ता गया। यही ढांचा बाद के ब्रिटिश अधिकारियों द्वारा और विस्तारित किया गया, जिसने औपनिवेशिक शासन को लंबे समय तक टिकाए रखने में मदद की।

इस प्रकार, रॉबर्ट क्लाइव को भारत में ब्रिटिश राजनीतिक प्रभुत्व की नींव रखने वालों में गिना जाता है, जबकि वॉरेन हेस्टिंग्स को उस प्रशासनिक प्रणाली का प्रमुख वास्तुकार माना जाता है जिसने ब्रिटिश शासन को अधिक संगठित और स्थायी रूप प्रदान किया।
🏔️👑 दुनिया की सबसे ऊंची चोटी को 11 बार जीतने वाली महिला... लेकिन उनकी सबसे बड़ी जीत एवरेस्ट नहीं, बल्कि जिंदगी से लड़ाई थी। ❤️

नेपाल की ल्हाकपा शेर्पा ने 17 मई 2026 को 11वीं बार माउंट एवरेस्ट फतह कर अपना ही विश्व रिकॉर्ड तोड़ दिया। आज पूरी दुनिया उन्हें "माउंटेन क्वीन" के नाम से जानती है।

लेकिन उनकी कहानी सिर्फ एक रिकॉर्ड की कहानी नहीं है।

नेपाल के एक दूरदराज़ गांव में जन्मी ल्हाकपा को बचपन में पढ़ाई का मौका तक नहीं मिला। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी और उन्होंने पर्वतारोहियों का सामान ढोकर अपनी यात्रा शुरू की।

साल 2000 में वह एवरेस्ट फतह करने वाली पहली नेपाली महिला बनीं जो सुरक्षित वापस लौटीं। बाद में अमेरिका में उन्होंने सुपरमार्केट में सफाई जैसे साधारण काम किए, लेकिन अपने सपनों को कभी मरने नहीं दिया।

✨ यह कहानी हमें सिखाती है कि इंसान की ऊंचाई उसके हालात नहीं, उसके हौसले तय करते हैं।

आज ल्हाकपा शेर्पा सिर्फ एक पर्वतारोही नहीं, बल्कि दुनिया भर की करोड़ों महिलाओं के लिए उम्मीद, संघर्ष और आत्मविश्वास की पहचान बन चुकी हैं। 🌍❤️

कुछ लोग पहाड़ों पर चढ़ते हैं... और कुछ लोग पूरी दुनिया की सोच को ऊंचा उठा देते हैं। 🏔️🇳🇵
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NEET की परीक्षा के कारण भारत में 22 जून तक टेलीग्राम को ब्लॉक किए जाने पर कंपनी के सीईओ और फाउंडर पावेल ड्यूरोव की पहली प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने कहा है कि ऐसा करना भारत में 15 करोड़ टेलीग्राम यूजर्स को सजा देना है, ना कि उन लोगों को जिन्होंने परीक्षा का मटीरियल लीक किया था। उन्होंने इस अस्थायी रोक को बड़ी भूल बताते हुए लिखा कि कुछ नहीं रुका है। चीजें दूसरे ऐप्स पर शिफ्ट हो गई हैं।
KG से PG तक शिक्षा मुफ्त!

ओडिशा सरकार ने राज्य के सभी सरकारी संस्थानों में किंडरगार्टन (KG) से लेकर पोस्ट-ग्रेजुएशन (PG) तक पूरी तरह मुफ्त शिक्षा की ऐतिहासिक घोषणा की है, जिससे 10 लाख से अधिक छात्रों को लाभ होगा। सरकार की घोषित इस नीति के तहत प्रवेश, ट्यूशन और परीक्षा शुल्क सब माफ किए जाएंगे, साथ ही शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए 45,000 शिक्षकों की भर्ती की जाएगी।
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