#Source__Bare_act.
#__Article_13
⚡️अनुच्छेद 13:-
मूल अधिकारों का अल्पीकरण करने वाली विधियां।
⚡️अनुच्छेद 13(1):-
इस संविधान के आरंभ से ठीक पहले भारत के राज्य क्षेत्र में प्रवृत्त सभी विधियां ,उस मात्र तक शून्य होगी जिस तक वे उस भाग के उपबंधों से असंगत है।
⚡️सरल भाषा में कहे तो ,संविधान बनने से पहले की विधियां अगर 26 जनवरी1950 के बाद बने संविधान की विधि/ अनुच्छेद का उल्लंघन करेगी,तो उसे उस मात्रा तक शून्य कर दिया जायेगा, जिस भाग तक वो उल्लंघन करती हो।
⚡️अनुच्छेद:-13(2)
राज्य ऐसी कोई विधि नहीं बनाएगा, जो इस भाग द्वारा प्रदत अधिकारों को छीनती या न्यून करती है ,और इस भाग के उल्लंघन में बनाई गई प्रत्येक विधि उल्लंघन की मात्रा तक शून्य होगी।
⚡️अनुच्छेद:13(3)A:-
इसमें विधि की परिभाषा है- विधि के अंतर्गत अध्यादेश, आदेश ,नियम विनियम ,उपविधि ,अधिसूचना, रूढ़ी या प्रथा को शामिल किया जाता है।
पर्सनल लॉ(हिंदू लॉ,मुस्लिम लॉ,क्रिश्चियन लॉ विधि की परिभाषा में नहीं)
⚡️अनुच्छेद:13(4)
अनुच्छेद13(3) में जो विधि शब्द को परिभाषित किया गया है,उसके अंतर्गत अनुच्छेद 368 की प्रक्रिया के तहत होने वाले संविधान संशोधन शामिल नहीं है।
#__Article_13
⚡️अनुच्छेद 13:-
मूल अधिकारों का अल्पीकरण करने वाली विधियां।
⚡️अनुच्छेद 13(1):-
इस संविधान के आरंभ से ठीक पहले भारत के राज्य क्षेत्र में प्रवृत्त सभी विधियां ,उस मात्र तक शून्य होगी जिस तक वे उस भाग के उपबंधों से असंगत है।
⚡️सरल भाषा में कहे तो ,संविधान बनने से पहले की विधियां अगर 26 जनवरी1950 के बाद बने संविधान की विधि/ अनुच्छेद का उल्लंघन करेगी,तो उसे उस मात्रा तक शून्य कर दिया जायेगा, जिस भाग तक वो उल्लंघन करती हो।
⚡️अनुच्छेद:-13(2)
राज्य ऐसी कोई विधि नहीं बनाएगा, जो इस भाग द्वारा प्रदत अधिकारों को छीनती या न्यून करती है ,और इस भाग के उल्लंघन में बनाई गई प्रत्येक विधि उल्लंघन की मात्रा तक शून्य होगी।
⚡️अनुच्छेद:13(3)A:-
इसमें विधि की परिभाषा है- विधि के अंतर्गत अध्यादेश, आदेश ,नियम विनियम ,उपविधि ,अधिसूचना, रूढ़ी या प्रथा को शामिल किया जाता है।
पर्सनल लॉ(हिंदू लॉ,मुस्लिम लॉ,क्रिश्चियन लॉ विधि की परिभाषा में नहीं)
⚡️अनुच्छेद:13(4)
अनुच्छेद13(3) में जो विधि शब्द को परिभाषित किया गया है,उसके अंतर्गत अनुच्छेद 368 की प्रक्रिया के तहत होने वाले संविधान संशोधन शामिल नहीं है।
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